On the issue of 'One Rank One Pension', the Congress kept the bravehearts of this place in trouble for decades, misled them, made them suffer a lot: PM Modi in Taranagar
Congress in Rajasthan is like a cricket team in which batsmen are working to run out each other, PM Modi slams Congress leaders at a public rally in Taranagar
If you choose BJP, we will throw out the team of corrupt people from Rajasthan, says PM Modi in a public meeting at Taranagar

भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की...
सालासर बालाजी महाराज की जय! जाहरवीर गोगा जी महाराज की...वीर तेजाजी महाराज की...गुरु गोरखनाथ जी की...बाबा रामदेव जी की... कियाँ हो आप सगळा, आप सगळा नै देखर चैखो लाग्यों !

मेरे परिवारजनों,
श्याम पांड्य जी, खिराज भगत की इस पावन धरती, गुरु द्रोण की तपोभूमि, वीर शिरोमणि राव कांधल जी की कर्मभूमि और इस भूमि पर आए आप सभी का मैं आदरपूर्वक नमन करता हूं। नमन करता हूं।

साथियों,
इस भूमि के कण-कण में भक्ति का रस है तो शक्ति का सामंजस्य भी है। यहां की मिट्टी में साहस के बीज हैं तो शौर्य यहां के पानी की तासीर है। लेकिन इस भूमि को कांग्रेस ने नजर लगा दी है। ये वीरधरा है जहां के बेटों का शौर्य पूरे देश को सुरक्षित रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। ऐसी भूमि की संतानों को भी कांग्रेस ने छलने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। यहां के वीरों को वन रैंक वन पेंशन के मुद्दे पर कांग्रेस ने दशकों तक अटकाया, भटकाया, लटकाया और खूब तरसाया। ये भूमि गुरु खेमचंद प्रकाश जी की जन्मभूमि और गुरुनानक देवजी की तपोभूमि है। लेकिन कांग्रेस के राज में इस भूमि पर ईश्वर का नाम लेना भी मुश्किल हो गया है। एक तरफ भाजपा है जो करतारपुर साहिब कॉरिडोर बनवाती है...एक तरफ भाजपा है जो अफगानिस्तान से गुरू ग्रंथ साहिब के स्वरूपों को सम्मान के साथ भारत लाती है... वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस है जो अपने राज में यहां शोभायात्राएं तक निकलने नहीं देती। कांग्रेस, देवी-देवताओं की यात्राओं पर तो रोक लगा ही देती हैं लेकिन आतंकी संगठन पीएफआई की रैलियों को बढ़ावा देती है। राजस्थान की संस्कृति की रक्षा के लिए, यहां से कांग्रेस सरकार को हटाना बहुत जरूरी है। हटाओगे? पक्का हटाओगे? चुन-चुन कर के साफ करोगे? पूरी ताकत से बताओ तो पता चले, करोगे साफ? देखिये अभी अभी दीवाली गई है। हमारी माताएं बहनें चौबीसों घंटे घर में मेहनत करके घर को साफ सुथरा रखती है। रखती है न? रखती है न? लेकिन दिवाली के दिनों में वो घर के हर कोने को साफ करती है। किसी कोने में भी बारीक जगह होगी, उसकी भी सफाई करती है। क्यों? क्योंकि दिवाली आई है? ये चुनाव भी ऐसी दिवाली है कि हमें हर कोने से कांग्रेस को साफ करना है। जैसे माताएं-बहनें दिवाली में घर साफ करती है ना, वैसे हमारे सभी क्षेत्रों में से कांग्रेस की सफाई किए बिना चारा नहीं है भाई। और ये मिज़ाज जो है, आप सफाई करोगे पक्की? हर पोलिंग बूथ में सफाई करोगे? हर कोने से सफाई होगी? और इसी के कारण राजस्थान के जन-जन की है यही पुकार......आ रही भाजपा सरकार।

आजकल पूरा देश, क्रिकेट के जोश से भरा हुआ है। क्रिकेट में बैट्समैन आता है और अपनी टीम के लिए रन बनाता है। लेकिन कांग्रेस वालों में ऐसा झगड़ा है, कि रन बनाना तो दूर....ये लोग एक दूसरे को रन आउट करने में लगे हैं। कांग्रेस सरकार के 5 साल एक दूसरे को रन आउट करने में बीत गए। जो बचे हैं, वो महिलाओं और अन्य मुद्दों पर गलत बयान देकर हिट विकेट किए जा रहे हैं हिट विकेट हुए जा रहे हैं। और बाकी जो हैं, वो पैसे लेकर, रिश्वत लेकर मैच फिक्सिंग कर लेते हैं और कुछ काम नहीं करते। जब इनकी टीम ही इतनी खराब है, तो ये क्या रन बनाएंगे और आपका क्या काम करेंगे। भाइयों-बहनों, हमें तो हर पोलिंग बूथ पर 5-5—7-7 सेंचुरी लगानी है। लगाओगे ना हर पोलिंग बूथ पर 5-5—7-7 सेंचुरी, वादा, ये आप की गारंटी है? अच्छा, आज क्रिकेट का इतना बड़ा जलसा हो रहा है। पूरी दुनिया की नजर हमारी तरफ है। आप एक काम करोगे? करोगे? आपका मोबाइल फ़ोन निकालिए उसकी फ्लैश्लाइट चालू कीजिए और भारत की टीम को शुभकामनाएं दीजिए। भारत माता की... आपने फ्लैश्लाइट चलाइये सब लोग। भारत माता की... भारत माता की... हरेक के मोबाइल की फ्लैशलाइट हमारे देश की टीम को विजेता बनाने के लिए शुभकामनाएं। भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की... बहुत बहुत धन्यवाद।

साथियों,
अब आप हाथ नीचे रखिए, हिंदुस्तान जीतेगा आप हाथ नीचे रखिए। आप बीजेपी को चुनेंगे, तो हम, ये जो राजस्थान में भ्रष्टाचारियों की टीम है ना, ये सभी भ्रष्टाचारियों को आउट कर देंगे। और बीजेपी विकास का स्कोर तेजी से बनाएगी। और जीत किसकी होगी? जीत राजस्थान की ही होगी। जीत राजस्थान के भविष्य की होगी, जीत राजस्थान के माताओं, बहनों, किसानों और जवानों की होगी।


मेरे परिवारजनों,
आज भारत एक नई बुलंदी की तरफ जा रहा है। भारत हर मैदान में नए रिकॉर्ड, नई उपलब्धियां लेकर के आगे बढ़ रहा है। बहुत ही जल्द भारत दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनने जा रहा है। और इसका यश आपका है। आपके एक फैसले का है। आपके एक वोट का है। वो कांग्रेस, जिसने अपने 10 सालों में सिर्फ घोटाले किए, भारत को पूरी दुनिया में बदनाम किया, उसको आपने 2014 में अपने वोट से बाहर किया। आज भारत के हर नौजवान को पता है कि देश की सरकार उसके साथ खड़ी है। इसलिए वो हर फील्ड में शानदार प्रदर्शन कर रहा है। कर रहा है कि नहीं कर रहा है? देश का नौजवान आगे बढ़ रहा है कि नहीं बढ़ रहा है?

भारत के नौजवानों ने 10 वर्षों में लगभग 1 लाख नए स्टार्ट अप बनाए हैं।
मेड इन इंडिया का लोहा पूरी दुनिया मान रही है।
डिजिटल इंडिया अभियान से जो सिस्टम भारत में बना है, वैसा सिस्टम दुनिया में कहीं भी नहीं है।
भारत के चंद्रयान से कमाल कर के दुनिया को चकित कर दिया है।
भारत ने जितना भव्य G-20 का आयोजन किया, वैसा इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ।
भारत ने कोरोना का टीका बनाकर दुनिया के करोड़ों लोगों की जान बचाई।
हमारे वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए नैनो यूरिया बनाया है। एक बोरी यूरिया का काम सिर्फ एक बोतल नैनो यूरिया करेगी। कोई भी क्षेत्र लीजिए, भारत कमाल कर रहा है। चारों तरफ उत्साह है, आत्मविश्वास है कि साल 2047 तक हम भारत को विकसित राष्ट्र बनाकर रहेंगे।

यही विश्वास मैं यहां राजस्थान के कोने-कोने में भी देख रहा हूं।
पूरा राजस्थान, भारत के भविष्य के लिए, अपने भविष्य के लिए वोट डालने जा रहा है। इसलिए, आपको याद रखना है, इतिहास के इतने अहम मोड़ पर, कांग्रेस सरकार से जितना बच कर रहें, राजस्थान को उससे जितना दूर रखें उतना ही आपका भविष्य सुनिश्चित है। कांग्रेस और विकास, एक दूसरे के दुश्मन थे और दुश्मन रहेंगे।

मेरे परिजनों,
कांग्रेस के होने का मतलब क्या है, ये राजस्थान से बेहतर कौन जानता है। व्यापारी-दुकानदार को चाहिए कि रोज़ दुकान खुले। लोग शांति से आए जाए, खरीदारी करे। मजदूर को चाहिए, कि उसे हर दिन काम मिलता रहे। किसान को चाहिए उसे खाद-पानी मिलता रहे।
घर-परिवार को चाहिए कि उसके बेटा-बेटी कहीं गए हैं, तो सुरक्षित लौट के आ जाएं। बहन-बेटियां पूरे सम्मान और सुरक्षा के साथ जब चाहें, बाहर निकल सकें। लेकिन अफसोस, इन सबमें कांग्रेस की सरकार बुरी तरह से फेल रही है। गुंडागर्दी, दंगे और महिलाओं-दलितों पर अत्याचार में, राजस्थान को कांग्रेस ने देश में अग्रणी बना दिया है। ऊपर से कांग्रेस की मानसिकता देखिए। एक मंत्री जो बहनों-बेटियों पर हुए अत्याचार को ये कहकर सरेआम जायज़ ठहराता है, कि ये मर्दों का प्रदेश है। मुझे बताइए। ये राजस्थान के मर्दों का अपमान है कि नहीं है? यह राजस्थान की मर्दानगी का अपमान है कि नहीं है? वीर पुत्रों को जन्म देने वाली वीर माताओं का अपमान है कि नहीं है? क्या दुनिया में कोई भी ऐसे पाप अत्याचार करने वालों को मर्द कहेगा क्या? ये कांग्रेस के मंत्री बेशर्मी के साथ कहे कि महिलाओं पर बलात्कार इसलिए हो रहा है कि ये तो मर्दों का प्रदेश है। अरे मर्द कभी ये पाप नहीं करते, वो तो बेटियों के चरित्र की रक्षा के लिए अपना सर कटवा देते। मर्द जीवन खपा देते है। आप मुझे बताइये ये मर्दों का अपमान करने वाली कांग्रेस सरकार को जाना चाहिए कि नहीं जाना चाहिए? वीर माताओं को अपमानित करने वाली कांग्रेस जानी चाहिए कि नहीं जानी चाहिए? हर गली मोहल्ले से साफ होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए? कायदे से तो। उसको उसी दिन मंत्रिमंडल से बाहर कर देना चाहिए था। लेकिन उसका मंत्री पद भी सुरक्षित रहा और बड़ी बेशर्मी के साथ उसे टिकट भी दे दिया गया। इसका मतलब ये दिल्लीवालों की कुछ ऐसी खबर इसके पास है कि पूरा दिल्ली भी उससे डरता है। राजस्थान कांग्रेस भी डरती है और इसलिए वो कहे ऐसे नाचो दिल्ली के कांग्रेस के नेताओं को भी वो नाचता रहता है। और इसलिए इतनी बड़ी गन्दी बात बोलने के बावजूद भी वो टिकट लेकर के आया। और आज चुनाव लड़ रहा है।

मेरे परिवारजनों,
कांग्रेस के लूट के लाइसेंस की पूरी कहानी, लाल डायरी में दर्ज है। और अब धीरे-धीरे, हल्के-हल्के लाल डायरी के पन्ने खुलने लगे हैं। इधर लाल डायरी का पन्ना खुलता है, गहलोत जी का फ्जूय उड़ जाता है। जादूगर की जादूगरी लाल डायरी में दिखने लगी है। मेरे प्यारे राजस्थान के भाइयों-बहनों आपने खूब मेहनत करके, बच्चों को पढ़ाया। युवाओं ने भी खूब मेहनत की, परीक्षा दी। लेकिन कांग्रेस के पेपर लीक माफिया ने लाखों रुपए में युवाओं का भविष्य बेच दिया। आप मुझे बताइए, राजस्थान के बेटे-बेटियों का भविष्य बाजार में अगर बिकता है, तो ऐसी कांग्रेस को सजा देना जरूरी है कि नहीं है? ऐसी कांग्रेस को सजा दोगे क्या? पूरी ताकत से सजा दोगे क्या?

साथियों,
कांग्रेस ने हमारे किसानों तक को नहीं छोड़ा। पहले कोरोना और फिर रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण, दुनिया में खाद में कमी आई, यूरिया की कीमतें, फर्टिलाइजर की कीमतें कई गुणा बढ़ गईं, बेइंतहा बढ़ गई। लेकिन भारत के किसानों को हमने खाद की कमी नहीं आने दी।
यही नहीं, यूरिया की जो बोरी, यहां मैं आंकड़ा बोलता हूं याद रखोगे आप? ज़रा आप बताइए याद रखोगे? एक आंकड़ा बताता हूं याद रखोगे? ये आंकड़ा हर किसान को बताओगे? इतना काम करोगे आप? पूरी दुनिया में यूरिया की एक बोरी, एक बोरा जो भी आप कहते हो, वो करीब-करीब 3000 रुपये में बिकता है कितने में? ज़रा ज़ोर से बोलिए कितने में? कितने में भी दिखता है? वही यूरिया, उतना ही यूरिया, हम हिंदुस्तान में किसानों को 300 रुपये से भी कम कीमत में दे रहे हैं। दुनिया को कितने में मिलता है? दुनिया को कितने में मिलता है? हम कितने में देते हैं? इतना सारा बोझ सरकार उठाती है, ताकि मेरे किसानों पर कोई बोझ न पड़े। लेकिन यहाँ की कांग्रेस सरकार ने इसमें भी आपको लूट लिया। आपके फर्टिलाइजर में भी कांग्रेस ने घोटाला किया? और किसान खाद के दाने दाने के लिए तरसते रहे।

साथियों,
कांग्रेस किसानों को भी लूट रही है, वहीं राजस्थान भाजपा ने पीएम किसान सम्मान निधि को डबल करने का संकल्प लिया है। यानि 3 दिसंबर के बाद भाजपा सरकार बनते ही, राजस्थान के 80 लाख किसानों के बैंक खाते में हर वर्ष 12 हज़ार रुपए जमा होंगे। केंद्र की भाजपा सरकार ने हाल में ही गेहूं का MSP, 150 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाया। अब राजस्थान भाजपा ने MSP पर बोनस देने की भी गारंटी दी है।

साथियों,
नेक नीयत और कांग्रेस का वही रिश्ता है जो उजाले और अंधेरे का होता है। मुझे बताइए, जो सरकार पीने के पानी का पैसा तक खा जाए, उसकी नीयत कैसी होगी? 6 दशक तक कांग्रेस को देश में सरकार चलाने का अवसर मिला। लेकिन 2014 तक भारत के गांवों में 100 में से, आप चौंक जाएंगे सुनकर के, 2014 तक सौ घरों में से 13 या 14 घरों में ही नल से जल जाता था। आपने मुझे सेवा करने का अवसर दिया, आज हर 100 में से 70 परिवारों तक पाइप से पानी पहुंचता है- सेवन जीरो। हरियाणा जैसे अनेक राज्यों में तो शत-प्रतिशत घरों तक पानी पहुंच गया है। लेकिन राजस्थान में भरसक प्रयास के बावजूद, करीब-करीब 50 प्रतिशत आबादी ही कवर हो पाई है। इसका कारण यहां की कांग्रेस सरकार के रोड़े अटकाने के तरीके हैं। दिल्ली से मैंने यहां की बहनों को नल से जल देने के लिए जो पैसा भेजा, वो भ्रष्ट कांग्रेसियों ने अपनी तिजोरी में भर दिया। आज-कल तो आप अखबार पढ़ते रहते हैं। चुनाव में कभी कभी लोग ज्योतिषी लोग मैदान में आ जाते है, और भविष्यवाणी करते हैं और कहते हैं आपका लक जोरदार हैं, आप चुनाव जीत जाओगे। आपके स्टार बहुत अच्छे हैं, आपक लक बहुत अच्छा है ऐसा कहते है न? कांग्रेस वाले आज-कल ज्योतिषी जब कहता है न कि तुम्हारा लक अच्छा है तो वो कहता है कि अरे लक की बात छोड़ो, लॉकर तो नहीं खुलेगा ना? ये जो लॉकर खुल रहे हैं, लॉकरों से नोटों के ढेर निकल रहे हैं, सोने की ईंटे निकल रही है ईंटें। ये सोना कहां से आया है भाई? ये आलू में से निकला है क्या? ये आपके पैसों की चोरी करके उन्होंने सोना जमा किया है, ये नोटें जमा की है। ये बेईमानी की कमाई है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं...राजस्थान के मेरे भाइयों-बहनों। राजस्थान में भाजपा सरकार बनने के बाद, इन सब का हिसाब चुकता किया जाएगा। जिन्होंने राजस्थान को लूटा है, उनको लौटाना ही पड़ेगा। मेरी माताओं बहनों, मैंने गारंटी दी है हर घर तक नल से जल, कांग्रेस ने रोक कर रखा है। मोदी की गारंटी है हर घर नल से जल होके रहेगा। राजस्थान में अटकी पड़ी सिंचाई परियोजनाओं को भी जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा।

मेरे परिवारजनों,
गरीब परिवार, दिहाड़ीदार मजदूर के लिए राशन की चिंता, बहुत बड़ी चिंता होती है, ये मैं भलीभांति समझता हूं। इसलिए मैंने गरीब कल्याण अन्न योजना शुरू की थी। मुफ्त राशन की ये योजना, ये दिसंबर में पूरी होने वाली थी, लेकिन, आपका ये बेटा आपकी चिंता करता है। और मोदी ने संकल्प लिया है कि गरीब की मुफ्त राशन की योजना को मैं पांच सा और बढ़ा दूंगा।

मेरे परिवारजनों,
कांग्रेस के कुशासन के कारण यहां महंगाई और बेरोजगारी भी बेलगाम हो गई है। आप मुझे बताइए, चूरू में पेट्रोल का रेट क्या है?
109 रुपए के आसपास रहता है न? और बगल में हरियाणा में क्या है? पड़ोस में हरियाणा है। हरियाणा में भाजपा सरकार है। आप हरियाणा जाते हैं, तो वहां पेट्रोल का दाम, 96-97 रुपए होता है। आप जो 10-12 रुपए एक्स्ट्रा दे रहे हैं, ये किसकी तिजोरी में जा रहे हैं भाई? आपका बस किराया महंगा है, स्कूटर-बाइक चलाना मुश्किल है, ये कांग्रेस की लूट के कारण हो रहा है। केंद्र की भाजपा सरकार ने तो पूरे देश के लिए पेट्रोल सस्ता किया है। जिन-जिन राज्यों में भाजपा सरकारें हैं, वहां-वहां जनता को डबल लाभ दिया गया है। लेकिन कांग्रेस की भ्रष्ट सरकारों ने ये लाभ आपको नहीं दिया। उन्होंने स लाभ को लूट लिया। 3 दिसंबर के बाद जैसे ही, राजस्थान में भाजपा सरकार आती है, तो बाकी राज्यों की तरह ही, राजस्थान में भी पेट्रोल के रेट की समीक्षा की जाएगी।

मेरे परिवारजनों,
जीवन हो या फिर व्यापार कारोबार, ये तभी बेहतर होते हैं, जब इंफ्रास्ट्रक्चर बनता है, इस पर निवेश होता है। अच्छी सड़कें, अच्छी रेल कनेक्टिविटी, सिंचाई की सुविधाएं, बिजली की व्यवस्था, ये सुविधा और समृद्धि दोनों लाती हैं। लेकिन अस्थिर और भ्रष्ट कांग्रेस सरकार, ये काम नहीं कर सकतीं। आप तो इन समस्याओं को खुद अनुभव कर रहे हैं। केंद्र की भाजपा सरकार, राजस्थान में सड़कों के लिए बहुत पैसा भेज रही है। लेकिन यहां ज़मीन पर उतना काम नहीं दिखता जितना दिखना चाहिए। पूरे देश में रेलवे को लेकर अभूतपूर्व काम हुआ है। लेकिन कांग्रेस हर वर्ष जितना पैसा राजस्थान में रेलवे के लिए देती थी, उसका 14 गुणा अधिक पैसा आज केंद्र सरकार राजस्थान को रेलवे के लिए देती है। लेकिन यहां की कांग्रेस सरकार हर प्रोजेक्ट में कोई न कोई अड़ंगा लगाती है। इसलिए इस क्षेत्र में बेहतर सड़कों और रेल कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए भाजपा सरकार होना बहुत ज़रूरी है। हमारा ये चुरू का ताल छापर तो काले हिरण का प्रसिद्ध अभ्यारण्य है। काले हिरण का मुकाबला करने में चीते को भी पसीने आ जाते हैं। गुरू जंभेश्वर जी की प्रेरणा से हम काले हिरणों का संरक्षण भी करेंगे और तेजी से राजस्थान को भी आगे बढ़ाएंगे।

मेरे परिवारजनों,
आज हम जो कुछ भी कर रहे हैं, उसके पीछे राष्ट्र निर्माण का विराट मिशन है। ये मिशन, 2027 (2047) तक भारत को विकसित बनाने का है। और इसके लिए राजस्थान में डबल इंजन सरकार जरूरी है। घर-घर जाकर के काम करोगे ना? सभा तो बहुत बड़ी कर दी है। लेकिन अब ऐसा तो नहीं, कि अब तो जीत गए, चलो सो जाओ, ऐसा तो नहीं करोगे ना? देखिए, मैं यहां कार्यकर्ताओं को भी लाख लाख अभिनन्दन देता हूं। क्योंकि मैं संगठन का काम करता था। ये राजनीति का खेल तो बाद में आया। और मैं जब संगठन का काम करता था और चुनावी सभा के लिए मुझे अगर सुबह 11:00 बजे का कोई टाइम देता था, तो मैं कहता था भाई, कितना ही बड़ा नेता हो मेहरबानी करके 11:00 बजे मत आओ, मुझे तो 1-2 बजे का टाइम दो। 11:00 बजे सवा नहीं कर सकता हूं क्योंकि मुझे मालूम है, मैं हैरान हूं, अभी खाना पकाने का समय है, राजस्थान बनाने के लिए मेरी माता किचन छोड़ करके इतनी बड़ी मात्रा में यहां आ गईं। ये छोटी बात नहीं है जी। 11:00 बजे इतनी बड़ी तादाद में आपका आना, मैं भाजपा के एक-एक कार्यकर्ताओं को लाख-लाख बधाई देता हूं। और साथ-साथ मैं जनता-जनार्दन को कोटि-कोटि नमन करता हूँ कि इतनी सुबह अपना काम छोड़ कर के आना.. ये बहुत बड़ी बात है। और माताओं-बहनों का इतनी बड़ी तादाद में आकर के आशीर्वाद देना... ये बहुत बड़ी बात है। अच्छा मेरा एक काम करोगे? चुनाव वाला काम नहीं है, मेरा प्राइवेट काम है करोगे? आवाज यार दब जाती है, ऐसे थोड़े ही चलता है। चुनावी काम नहीं है, मेरा काम करोगे? हाथ ऊपर करके बताइए, करोगे? जो दूर दूर है वो भी बताएंगे, जो ट्रकों पर चढे़ हैं वो भी बताएं करेंगे? देखिए, घर-घर जाना, और कहना कि अपने मोदी जी? अपने चूरू जिले में आए। क्या कहेंगे? अपने मोदी जी आए थे। और मोदी जी ने आपको प्रणाम भेजा है। इतना कहेंगे? इतना कहेंगे? मेरा प्रणाम पहुंचाएंगे? जब मेरा प्रणाम हर घर को पहुंचाएंगे ना, हर परिवार से मुझे आशीर्वाद मिलेगा। वो आशीर्वाद मेरे लिए बहुत बड़ी औषथि है, वो आशीर्वाद मेरे लिए बहुत बड़ी जड़ी-बूटी है, वो आशीर्वाद है, मुझे ऊर्जा देते है, वो आशीर्वाद है जो मुझे आप के लिए दौड़ने की ताकत देते है। वो आशीर्वाद है, जिससे मैं दिन-रात आपके लिए काम करने के लिए दौड़ता रहता हूं। इसलिए, हर घर जाएंगे? मेरे प्रणाम पहुंचाएंगे? मेरे राम-राम कहेंगे?

भाइयो, बहनो,
इन दिनों पूरे राजस्थान में चारों तरफ एक ही गूंज चल रहा है, एक ही नारा सुन रहा हूं। पूरा राजस्थान कह रहा है कमल चुनेगा राजस्थान। क्या कह रहा है? कमल चुनेगा राजस्थान क्या कह रहा है? क्या कहता है? अच्छा, तो मैं एक नारा बुलवाता हूं। दोनों हाथ ऊपर करके मुट्ठी बंद करके मेरे साथ बोलोगे? आपको बोलना है कमल चुनेगा राजस्थान.. बोलेंगे? मैं एक वाक्य बोलूं, आपको बोलना है कमल चुनेगा राजस्थान
सशक्त महिला खुशहाल किसान.... कमल चुनेगा राजस्थान
आत्मनिर्भरता से बढ़ेगी शान......... कमल चुनेगा राजस्थान
श्री अन्न की सशक्त पहचान........ कमल चुनेगा राजस्थान
चुरू के वीर, देश की शान............ कमल चुनेगा राजस्थान
भ्रष्टाचार का मिटे निशान........ कमल चुनेगा राजस्थान
जेलें हो दुराचारियों का स्थान........ कमल चुनेगा राजस्थान
पेपर लीक का खत्म हो काम....... कमल चुनेगा राजस्थान
हर समस्या का हो समाधान...... कमल चुनेगा राजस्थान
बोलिए भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की...

बहुत बहुत आभार

 

 

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Shri Ram Nath Kovind’s autobiography will become a treasure for Indian democracy and Indian society: PM Modi
August 12, 2026
Today, we have the opportunity to release the autobiography of Shri Ram Nath Kovind ji; I am happy to be a part of this program: PM
His journey reflects a life dedicated to public service and the progress of our nation:PM
My prolonged acquaintance with Kovind Ji and his special affection and warmth towards me have been my greatest assets: PM
Mahatma Gandhi, Babasaheb Ambedkar, Jyotiba Phule, and Savitribai Phule dreamed of a new India where the poorest and the most disadvantaged could reach the top: PM
Individuals like Kovind Ji have transformed their own lives and also played a pivotal role in bringing their dream and vision for India to fruition: PM
Even after retiring as President; he is working on 'One Nation, One Election'; Its resolution can start a new chapter in Democracy: PM


हमारे पूर्व राष्ट्रपति श्रीमान रामनाथ कोविंद जी, लोकसभा के अध्यक्ष आदरणीय ओम बिरला जी, श्रीमती सविता कोविंद जी, सभाग्रह में सभी वरिष्ठ जन बैठे हैं, सबका उल्लेख नहीं कर पाऊंगा, लेकिन मेरे लिए बहुत आनंद है कि एक पारिवारिक कार्यक्रम लग रहा है।

भाइयों-बहनों,

आज हमें श्री रामनाथ कोविंद जी की आत्मकथा के विमोचन का अवसर मिला है। मुझे खुशी है कि मुझे भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने का सौभाग्य मिला है। कोविंद जी से मेरा बहुत लंबा परिचय रहा है, उन्हें करीब से जानने का भी अवसर मिला और राष्ट्रपति के रूप में उनका मार्गदर्शन और इस सबके साथ-साथ उनका मेरे प्रति विशेष स्नेह, उनकी आत्मीयता, ये मेरी बहुत बड़ी पूंजी रही है। मैंने उनके जीवन को जितना समझा है, उनकी कार्यक्षमताओं को जितना जाना है, मैं पूरे विश्वास से कह सकता हूं कि श्री रामनाथ कोविंद जी की ऑटो-बायोग्राफ़ी अपने आप में भारतीय लोकतंत्र और भारतीय समाज के लिए एक धरोहर बनेगी। कोविंद जी की जीवन यात्रा, समाज और राष्ट्र के लिए उनका योगदान, ऐसा कितना कुछ है जिसके बारे में मैं विस्तार से बात कर सकता हूं, लेकिन बुक रिलीज़ में केवल ‘कर्टन रेज़र’ ही होना चाहिए। आप सब किताब का पूरा लाभ पढ़कर ही लें, तो ही ज्यादा अच्छा है।

साथियों,

कोविंद जी की जीवन यात्रा को आप उनके शब्दों में जानें, उनकी लेखनी को, उनके अनुभवों को देश की नई पीढ़ी पढ़े, इससे हर किसी को काफी कुछ सीखने को मिलेगा। मैं रामनाथ कोविंद जी को इस आत्मकथा के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

कोविंद जी ने अपनी इस पुस्तक को बहुत ही सटीक नाम दिया है- “Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles” कहने का भाव ये कि जीवन और जीवन के संघर्ष उनके व्यक्तिगत हैं, लेकिन उन संघर्षों के परिणामस्वरूप मिली जीत, भारत के गणतंत्र की है, भारत के लोकतंत्र की है।

साथियों,

हम सब अक्सर अनुभव करते हैं कि इंसान का एक स्वभाव होता है, लोग अपनी सफलता का श्रेय खुद को देते हैं और जीवन की मुश्किलों के लिए, कठिनाइयों के लिए समाज को जिम्मेदार ठहराते हैं। लेकिन, जब हृदय उदार हो, भारतीय संस्कार हों, तब व्यक्ति समाज की कमियाँ निकालने में समय नहीं गँवाता, वो उसके सकारात्मक पक्ष पर फोकस करता है, वो अपनी सफलता में समाज को बराबर का भागीदार मानता है। कोविंद जी की आत्मकथा और उसका शीर्षक इसके उदाहरण हैं। आप उनका जीवन देखिए, एक बेहद सामान्य परिवार में, कानपुर देहात में उनका जन्म हुआ। कोविंद जी ने अभी भी कुछ वर्णन किया और अपनी किताब में भी लिखा है, कैसे गर्मी के मौसम में एक दिन उनके घर में आग लग गई, उनकी माँ अपनी चिंता छोड़कर घर की चीजों को बचा रही थीं। आखिर, एक सामान्य परिवार में, माँ के लिए एक-एक चीज बच्चों के पालन-पोषण का जरिया होती है। उसी कोशिश में, आग में फंसकर उनकी माता जी की मृत्यु हो गई। आप कल्पना कर सकते हैं, छोटी सी उम्र में इस तरह की घटना, माँ को इस तरह खो देना, ये कितना दर्दनाक रहा होगा। मैं तो भाग्यशाली रहा हूं, मेरी मां 100 साल से भी अधिक जीवित रही और मुझे आशीर्वाद देती रही। उसके बावजूद भी, आज भी मैं मां की कमी महसूस करता हूं।

साथियों,

उनके जीवन का एक ऐसा दर्दनाक ये घटनाक्रम था, कोई भी इससे टूट सकता था, लेकिन कोविंद जी को उन मुश्किलों ने मजबूत किया। पड़ोस की एक माता जी ने उनके पालन-पोषण में मदद की। इससे उन्होंने समाज की एकता और सौहार्द की ताकत को समझा। इस घटना के बाद कोविंद जी के जीवन में उनके पिता की भूमिका और बड़ी हो गई और जिस तरह से उन्होंने अपने परिवार को संभाला, बच्चों को संस्कार दिये, इसीलिए, कोविंद जी अपने पिता को अपना हीरो मानते हैं।

साथियों,

बचपन के इन संघर्षों के बीच, कोविंद जी ने शिक्षा को, अपने सामर्थ्य को बढ़ाने का मार्ग बनाया। उन्होंने मेहनत की, उन्होंने संसाधनों की कमी को कमजोरी नहीं बनने दिया। और, एक ऐसे मुकाम तक पहुंचे, जिसकी कल्पना भी तब लोगों ने नहीं की थी। वो भारत जैसे विशाल देश के राष्ट्रपति बने।

साथियों,

इतने बड़े पद पर पहुंचने के बाद भी कोविंद जी का विनम्र व्यक्तित्व, उनकी सादगी ऐसे ही कायम रही। मुझे याद है प्रधानमंत्री के तौर पर मैं राष्ट्रपति भवन में उनसे मिलने जाता था। प्रोटोकॉल के हिसाब से जो बातें नहीं हो सकती हैं, वो बातें वो करते थे। वो प्रधानमंत्री को छोड़ने के लिए गाड़ी के दरवाजे तक आते थे। मैं शुरू में उनको प्रार्थना करता रहता था, प्लीज आप ऐसा मत कीजिए, लेकिन उन्होंने जीवन के आखिर तक अपनी उस विनम्रता को कभी छोड़ा नहीं। राष्ट्रपति बनने के बाद जब वे अपने गांव परौंख गए, तो उन्होंने वहाँ अपने गुरुओं के पैर छूकर उन्हें प्रणाम किया। गाँव की मिट्टी को नमन करके उन्होंने गाँव के सामान्य लोगों का धन्यवाद किया। पूरे देश ने वो भावुक दृश्य देखा था। उनके इस आचरण ने दुनिया के सामने भारत के संस्कारों की ऐसी तस्वीर सामने रखी, जिस पर हर भारतवासी गर्व करता है।

साथियों,

गुलामी के सैकड़ों साल में हमारे देश ने आर्थिक और सामाजिक रूप से बहुत कुछ खोया था। हमारे पूर्वजों ने सदियों तक संघर्ष किया। महात्मा गांधी, बाबा साहब अंबेडकर, ज्योतिबा फुले, सावित्रबाई फुले, ऐसी कितनी ही महान विभूतियों ने भारत के नवनिर्माण का सपना देखा था। एक ऐसा भारत जहां गरीब से गरीब, वंचित से वंचित को शिखर तक पहुँचने का अवसर मिल सके। कोविंद जी जैसे व्यक्तित्वों ने अपने श्रम और काबिलियत से केवल खुद का जीवन ही बदला, इतना नहीं है, उन्होंने सदियों के उस स्वप्न को, उस विज़न को भी साकार करने में अपनी अहम भूमिका निभाई है। और इस दिशा में हम सबके प्रयास अभी भी जारी हैं। हमें भविष्य में कोविंद जी जैसे अनेकों युवा चाहिए, जो परेशानियों से परास्त न हों, जो मुश्किलों के सामने मायूस न हों, बल्कि अपनी मेहनत से हर मंजिल को आसान बनाने का हौसला रखें। इसी बदलाव से सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प पूरा होगा। यहीं से आत्मनिर्भर और विकसित भारत का रास्ता बनेगा।

साथियों,

ऐसे युवाशक्ति के निर्माण के लिए जो प्रेरणा चाहिए, कोविंद जी की ऑटोबायोग्राफ़ी उसका अहम स्रोत बन सकती है।

साथियों,

कोविंद जी ने अपनी जीवनी में मोरारजी भाई देसाई के साथ अनुभवों के बारे में भी इसमें विस्तार से बताया है। कोविंद जी के भीतर देशसेवा की जो भावना थी, मोरारजी भाई के साथ काम करके उन्हें जो सीखने को मिला, जो रास्ता मिला। कोविंद जी ने राजनीति और समाजसेवा को अपना मार्ग बनाया। वो अपने कर्तव्यों के लिए समर्पित रहे। सेवा को उन्होंने अपना लक्ष्य बनाकर काम किया। संसद में उनका कार्यकाल गवाह है। राज्यपाल के रूप में भी उन्होंने एक उदाहरण प्रस्तुत किया। राष्ट्रपति के रूप में भी हमें उनकी यही कर्तव्यनिष्ठा दिखाई देती रही। यहाँ तक कि राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद से सेवामुक्त होने के बाद भी उन्होंने विश्राम नहीं लिया है। वो अभी भी ‘एक देश, एक चुनाव’ One Nation, One Election जैसे महत्वपूर्ण विषय पर काम कर रहे हैं। देश को जगा रहे हैं। ये एक ऐसा विषय है, जिसका समाधान देश के लोकतंत्र का नया अध्याय शुरू कर सकता है। मैं मानता हूँ, कोविंद जी की इस कर्तव्यनिष्ठा और सेवाभाव से देश के लोग बहुत कुछ सीख सकते हैं।

साथियों,

सामाजिक जीवन में सक्रिय रहते हुये ऑटोबायोग्राफ़ी के लिए समय निकाल पाना बहुत मुश्किल होता है। कोविंद जी ने ये काम हम सबके लिए किया है, क्योंकि उनके जीवन में ऐसा कितना कुछ है, जिसमें गरीब वंचित तबके से आए तमाम लोग अपने जीवन की परछाई देख सकते हैं। कैसे एक साधारण परिवार मुश्किल हालातों में भी जीवन की शुचिता और ईमानदारी से समझौता नहीं करता, कैसे वही आदर्श आगे चलकर हमारे जीवन का आधार बनते हैं, हमारे कठिन समय के मूल्य किस तरह जीवनभर हमें रोशनी देते हैं, कैसे इस पवित्रता से हमें राष्ट्र सेवा की शक्ति मिलती है। अलग-अलग पदों का दायित्व निभाते हुए, कोविंद जी ने समाज को निरंतर इसकी प्रेरणा दी है।

साथियों,

मुझे विश्वास है, कोविंद जी की ऑटोबायोग्राफ़ी, इसमें उनके जीवन की ही नहीं, बल्कि हमारे लोकतंत्र की भी अहम स्मृतियाँ सुरक्षित होंगी। मैं एक बार फिर उन्हें उनकी आत्मकथा के लिए शुभकामनाएं देता हूं। और मैं खास करके युवा पीढ़ी से आग्रह करूंगा, रील का जमाना है, सोशल मीडिया में इनफ्लुएंसर आपको खींच के कहीं-कहीं ले जाते हैं। इस शॉर्टकट के युग में भी एक बात हम जरूर याद रखें, रेलवे स्टेशन पर लिखा हुआ होता है, कुछ लोगों को पटरी पर कूद कर के जाने की आदत होती है, ब्रिज पर नहीं जाते। तो वहां लिखा होता है, शॉर्टकट विल कट यू शॉर्ट। और अगर शॉर्टकट के रास्ते से भी कहीं बाहर निकलना है, तो मैं नौजवानों को कहूंगा आपको जिसका भी पसंद हो ऑटोबायोग्राफी जरूर पढ़ें। ऑटोबायोग्राफी उस कालखंड की इतिहास की घटनाओं को अलग तरीके से समझने का अवसर देती है। इतिहास से काफी निकट होता है वो कालखंड बायोग्राफी का और इसलिए मैं जरूर चाहूंगा कि कोविंद जी की जो मेहनत है, वो आने वाली पीढ़ियों को काम आए, युवा पीढ़ी को विशेष रूप से काम आए। बहुत-बहुत शुभकामनाएं। बहुत-बहुत धन्यवाद।