RJD-Congress alliance continues to insult faith and oppose development, even showing discomfort with the grand Ram Temple in Ayodhya: PM
Narendra & Nitish committed to fulfilling your dreams: PM Modi addresses rally in Bihar's Chhapra
Today, Bihar is regaining its industrial pride - with trains abroad now running on engines made in Madhepura and Marhowrah: PM Modi

भारत माता की... भारत माता की...

मां गंगा, माता अम्बिका भवानी... आ बाबा हरिहरनाथ के इ पवित्र भूमि के हम प्रणाम करत बानी! देशरत्न डा. राजेंद्र प्रसाद, लोकनायक जयप्रकाश नारायण, भिखारी ठाकुर के इ गौरवशाली भूमि पर रौरा सबके अभिनंदन करत बानी ! वीर कुंवर सिंह जी की इस पावन धरती पर... आप सभी जनता-जनार्दन के दर्शन का आज मुझे सौभाग्य मिला है। इतनी विशाल संख्या में यहां हमारी बहनें-बेटियां आज हमें आशीर्वाद देने आई हैं। नौजवान का उत्साह तो देखते ही बनता है।

बिहार के मेरे भाई बहनों

खासकर के बिहार के मेरे नौजवानों मैं आपको आज एक गारंटी देता हूं, बिहार के नौजवानों आज आपको मैं एक गारंटी देता हूं। आपका सपना ही... आपका सपना ही मेरा संकल्प है। नरेंद्र और नीतीश...आपके सपनों को पूरा करने में जुटे हैं। बिहार में, सुशासन से समृद्धि की यात्रा अनवरत चलती रहे...इसके लिए मैं भाजपा-NDA के इन सभी साथियों को विधानसभा जाना ज़रूरी है। इसलिए मैं आज इऩ सबके लिए आपके आशीर्वाद मांगने के लिए आपके पास आया हूं।

मेरे पुराने साथी, मेरे मित्र राजीव प्रताप मुझे अभी बता रहे थे कि कई लंबे, 48 घंटों से बारिश की धुम चल रही थी। एक तरफ दिवाली गई, छठ पूजा का इतना पवित्र महत्वपूर्ण त्योहार और इतनी सारी बारिश इसके बावजूद भी छपरा का जो माहौल मैं देख रहा हूं... वो यही कह रहा है...

फिर एक बार...एनडीए सरकार !

फिर एक बार... फिर एक बार... फिर एक बार...

बिहार में फिर से...सुशासन सरकार !

भाइयों और बहनों,

छपरा आना, अनेक प्रेरणाओं से जुड़ने जैसा है। यह धरती आस्था की भी है… आंदोलन की भी है… और कला की भी है। इस मिट्टी में जादू है…जो शब्दों को भी जीवंत बना देती है। भिखारी ठाकुर जी ने इसी मिट्टी की महक, समाज के संघर्ष और लोकजीवन की पीड़ा को गीतों में पिरोया था...भोजपुरी और समाज की जो सेवा उन्होंने की, वो आने वाली हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।

साथियों,

मैं भी पूर्वांचल का सांसद हूं। बनारसी बोलत बोलत. अब हमरा के भोजपुरी में कोनो दिक्कत ना हो ला काफी कुछ अब समझ में आई गईल बा। इसलिए साथियों, जब मैं भोजपुरी का सम्मान देश-दुनिया में देखता हूं... तो गर्व से सिर ऊंचा हो जाता है। अभी कुछ महीने पहले ही मैं त्रिनिदाद और टोबैगो गया था। बहुत दूर है ये देश। जब मैं वहां एयरपोर्ट पर जब उतरा, तो लगा जैसे बनारस या छपरा के घाट पर हूं। वहां के लोगों ने भोजपुरी चौताल से सबका स्वागत किया। बिहार और भोजपुरी से जुड़ा होने का गौरव अद्भुत होता है। लेकिन साथियों, मैं आपको ये भी याद दिलाना चाहता हूं कि लालटेन वाले हों, पंजे वाले हों या उनके इंडी गठबंधन के साथी... ये लोग कैसे बिहार और बिहारियों का अपमान करते हैं। कांग्रेस के पंजाब के एक मुख्यमंत्री थे... उन्होंने एक रैली में खुला ऐलान किया.. ये जरा सुनिए.. पंजाब के एक मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए ऐसा खुला ऐलान किया कि बिहार के लोगों को वो अपने राज्य पंजाब में घुसने नहीं देंगे। कांग्रेस के मुख्यमंत्री ने पंजाब में भाषण किया और उस समय मंच पर, उन्होंने तो भाषण किया, उस समय मंच पर गांधी परिवार की एक बेटी, वो आज-कल पार्लियामेंट में बैठती है। वो जब बोल रहे थे कि पंजाब के लोग बिहार के लोगों को पंजाब में घुसने नहीं देंगे और ये कांग्रेस के इतने बड़े परिवार की बेटी खुश होकर के तालियां बजा रही थीं। उधर तेलंगाना और कर्नाटक में कांग्रेस के नेता बिहारियों को गालियां देते रहते हैं। तमिलनाडु में DMK के लोग बिहार के मेहनतकश लोगों को प्रताड़ित करते हैं। और बिहार में RJD क्या करती है... इतना सारा हो रहा है, लेकिन आरजेडी को सांप सूंघ जाता है। और इस बार तो इस चुनाव में इन लोगों ने सारी हदें पार कर दीं है। जिन लोगों ने अपने राज्यों में बिहारियों को गालियां दीं... उन लोगों को कांग्रेस ने बिहार में चुनाव प्रचार में बुला लिया।

साथियों,

ये सब अचानक ऐसे ही नहीं हुआ है। ये बिहार चुनाव में कांग्रेस की सोची-समझी साजिश के तहत हुआ है। कांग्रेस चाहती है कि RJD का ज्यादा से ज्यादा नुकसान हो... और इसलिए कांग्रेस बिहार विरोधियों को बिहार में चुनाव प्रचार में ला रही है। ये एक उदाहरण है कि RJD-कांग्रेस की लड़ाई कितनी बड़ी होती जा रही है।

साथियों,

हमारी संस्कृति, हमारी आस्था, हमारी धरोहर… यही बिहार की आत्मा है।

(इन बच्चों ने जो फोटो लाए हैं उनसे ये फोटो ले लीजिए ये कब से हाथ ऊपर कर के हैं ये थक जाएंगे। जरा ले लीजिए)

NDA सरकार विकास भी, विरासत भी.. इस मंत्र पर काम कर रही है।

(जरा एसपीजी के लोग इसे कलेक्ट कर लें भाई... )

हम धरोहर को रोजगार से जोड़ रहे हैं। आप काशी विश्वनाथ धाम या अयोध्या धाम जाइए…वहां हुए विकास के बाद श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे रिक्शा वाले, टैक्सी वाले, नाव वाले, होटल वाले, खिलौने बेचने वाले, साड़ी बेचने वाले..कपड़े बेचने वाले सब की कमाई बढ़ी है। अब यही काम हमारी सरकार यहां छपरा और आसपास के इलाकों में दोहरा रही है। भाजपा-NDA सरकार यहां हरिहरनाथ कॉरिडोर बना रही है… गंगा घाटों का सुंदरीकरण कर रही है। आने वाले सालों में यहां श्रद्धालुओं के लिए अद्भुत सुविधाएं होंगी, और साथ ही…और पर्यटन आधारित रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।

साथियों,

हमारी सरकार बिहार की धरोहर को कैसे रोजगार से जोड़ रही है... इसका एक उदाहरण गंगा विलास क्रूज़ है। भाई आपका प्यार हमें मंजूर है.. लेकिन मुझे बोलने तो दीजिए.. आपका उत्साह मेरे सर आंखों पर.. लेकिन मेरी बात आपको घर-घर पहुंचानी है...और इसलिए आप जितना ध्यान से सुनेंगे... आप जब बूथ में जाएंगे तो लोगों को बता पाएंगे... साथियों, एक क्रूज चलती है, गंगा जी पर चलने वाला ये क्रूज़ बनारस से बिहार होते हुए बंगाल तक जाता है...आज-कल ये क्रूज अभी मुंगेर के आसपास के इलाके में है। गंगा की लहरों के साथ चलने वाला ये जहाज...बक्सर से विक्रमशिला तक, बिहार का गौरव दुनिया को दिखा रहा है। नदी के तट पर हमारी संस्कृति कैसे पली बढ़ी उसके दर्शन होते हैं।

साथियों,

हमारी डबल इंजन सरकार बिहार के तीर्थों और धरोहरों की भव्यता को...आधुनिक सुविधाओं से जोड़ रही है। लेकिन आप ये भी याद रखिए...आस्था विरोधी, विकास विरोधी, वोट बैंक की राजनीति और तुष्टिकरण में डूबे RJD-कांग्रेस के लोग... घुसपैठियों को बचाने के सिवाय कोई काम नहीं कर सकते। घुसपैठिये ही उनके माय-बाप बन गए हैं। उन्होंने अपनी पूरी राजनीतिक ताकत घुसपैठिये को बचाने में लगाई हुई है।

भाइयों-बहनों

अयोध्या में इतना भव्य राम मंदिर बना.. 500 साल के बाद, 500 साल का इंतजार, अविरत संघर्ष और तब जाकर के राम मंदिर बना। और आप तो गर्व से कह सकते हैं कि छपरा की एक बेटी स्वाति के भजन से दुनिया झूम उठी थी.. मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे...राम आएंगे...कितने सुंदर बोल हैं...मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे...राम आएंगे...और प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए लाखों-लाख लोग अयोध्या चल पड़े। लेकिन साथियों, RJD-कांग्रेस के नेताओं को राम मंदिर के निर्माण से भी परेशानी है।
(अरे बेटे जरा रखो आप लाए हो अच्छी बात है कोई ले लेगा देख लिया बेटा बैठो आप जरा वो किताब ले लीजिए वो बच्ची किताब ले के आई है वो किताब ले लीजिए.. पहुंचा दीजिए, थैंक्यू बेटा थैंक्यू )

आपने कभी ये आरजेडी वालों को कांग्रेस वालों को राम मंदिर जाते देखा है अयोध्या में? नहीं, क्योंकि उन्हें डर है कि अगर वे अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन कर लेंगे... तो उनकी वोट बैंक नाराज हो जाएगी, तुष्टिकरण का गणित बिगड़ जाएगा। ये घुसपैठिये उनके माथे पर चढ़ जाएंगे।

साथियों,

पिछले साल जनवरी में प्राण प्रतिष्ठा के बाद से राम मंदिर के दर्शन के लिए छह करोड़ पैंसठ लाख से ज्यादा लोग अयोध्या जा चुके हैं। यानि करीब-करीब पौने दो करोड़ लोग अयोध्या गए हैं। देश-विदेश के लोग वहां पहुंचे हैं। देश के कोने-कोने से गरीब, दलित, पिछड़े...हर कोई रामलला के दर्शन के लिए गया है। अब तो रामलला के दर्शन के लिए जाते हैं ना तो निशादराज के दर्शन होते हैं, वाल्मीकि जी के दर्शन होते हैं, सबरी माता के दर्शन होते हैं। लेकिन भाइयों और बहनों... RJD-कांग्रेस के इन लोगों को विदेश घूमने की फुर्सत है... लेकिन 500 साल के इंतजार के बाद जो भव्य मंदिर बना...उसे देखने की इनकी इच्छा नहीं होती है। जो लोग आपकी आस्था का सम्मान नहीं कर सकते...वो कभी भी यहां आस्था के स्थलों का विकास नहीं कर सकते। और आप लोगों ने कल ही देखा है...कैसे RJD-कांग्रेस के लोगों ने छठी मैया का अपमान किया है।


साथियों,

बिहार का ये चुनाव यहां के नौजवान बेटे-बेटियों के भविष्य के लिए...
जो पहली बार वोट देने जा रहे हैं... उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। मैं सभी नौजवानों से कहना चाहता हूं। सभी मतदाताओं से कहना चाहता हूं। आपको अपने वोट की ताकत पहचाननी है। मेरे नौजवान साथियों आपके माता-पिता का ही एक वोट की ताकत क्या थी मैं आज आपको बताना चाहता हूं। आपके माता-पिता के एक वोट ने.. वो वोट की ताकत ऐसी थी कि बिहार को जंगलराज से मुक्ति दिलाई। और बिहार को जंगलराज बदल कर के सुशासन की ओर ले गए। ये आपके पिताजी के वोट की ताकत थी। आपके माता जी के वोट की ताकत थी। अब बारी आपकी है। अब बिहार के नौजवानों का एक वोट...सुशासन को समृद्धि में बदलने का अवसर है। और इसलिए मेरे साथियों आपके माता-पिता ने जंगलराज से मुक्ति के लिए वोट दिया था, नौजवानों ने अब सुशासन से आगे निकलकर के समृद्धि के लिए वोट करना है। विकसित बिहार के लिए वोट करना है।

साथियों,

बिहार में शायद ही कोई ऐसा परिवार होगा...जिसकी आंखों में जंगलराज की कोई न कोई भयावह तस्वीर ना छपी हो। जंगलराज के सबसे बड़े शिकार...महिलाएं रही हैं, बच्चे रहे हैं। आजकल के युवा जब दलित IAS अफसर की पत्नी के साथ जो हुआ था...वो जानेंगे तो सिहर उठेंगे। मैं बिहार की बात कर रहा हूं, जंगलराज के समय की बात कर रहा हूं, आईएएस अधिकारी की बात और ये 1998 की बात है। उस दलित IAS अधिकारी की पत्नी ने राज्यपाल को गवर्नर को चिट्ठी लिखकर खुलासा किया था कि RJD के गुंडों ने कई दिनों तक उनसे बलात्कार किया था। RJD गुंडों ने परिवार की अन्य महिलाओं को भी नहीं बख्शा था…उन्हें भी प्रताड़ित किया था।

साथियों,

RJD की सरकार में...मुख्यमंत्री कार्यालय भी माफियाओं का कार्यालय बन गया था। सरकार चलाने वाले तक जंगलराज में सुरक्षित नहीं थे... जो खेतों में काम करने वाली माताएं-बहनें थीं...स्कूल-कॉलेज जाने वाली बेटियां थीं...उनके साथ हुए बलात्कार के अधिकांश मामले तो, RJD की सरकार ने दर्ज तक नहीं होने दिए। गरीबों, दलितों-महादलितों, अति-पिछड़ों के लिए तो...न्याय के हर दरवाज़े बंद थे। आज-कल बिहार में RJD के समर्थक जिस तरह अपने गानों में धमकियां दे रहे हैं...उनमें भी आपको जंगलराज की झलक मिलेगी। साथियों, ये RJD-कांग्रेस-लेफ्ट वाले आजकल, उद्योग और फैक्ट्री को लेकर झूठ पर झूठ बोल रहे हैं। लेकिन इनकी सच्चाई भी आज के युवाओं को जानना जरूरी है।

साथियों,

एक समय था...जब मढ़ौरा बिहार का फलता-फूलता औद्योगिक केंद्र था। ये गुलामी के कालखंड से ही ओद्योगिक सेंटर था। और यहां बनता..लेमनचूस! ये नई पीढ़ी को पता नहीं होगा। ये लेमनचूस, पुराने सभी को याद होगा… मुझे भी याद है.. मैं जब बच्चा था मेरे स्कूल में खेलने जाते थे ना तो हमारे टीचर लेमनचूस की एक गोली देते थे, वो लेने के लिए हम इंतजार करते थे कि हमें भी गोली मिलेगी। वो यहां बनती थी.. ये बिहार ही नहीं...देशभर के बच्चों की पसंदीदा टॉफी होती थी। मढ़ौरा की लेमनचूस, यहां की चॉकलेट...देशभर में सप्लाई होती थी।लेकिन फिर जंगलराज आ गया...रंगदारी, फिरौती, प्रोटेक्शन मनी... RJD के ऐसे भांति-भांति के गुंडा टैक्स लगते गए। लालझंडा गैंग ने काम बंद करवा दिए...और अंग्रेज़ों के जमाने में बनी... लेमनचूस बनाने वाली, मॉर्टन फैक्ट्री बंद हो गई। ये सिर्फ एक फैक्ट्री का उदाहरण है... ऐसी कई मिलें और फैक्ट्रियां...जंगलराज ने बंद कर दीं। और देखते ही देखते...यहां काम कर रहे...हज़ारों लोग बेरोज़गार हो गए। उनको पलायन होने के लिए मजबूर होना पड़ा। आपको भूलना नहीं है...आज भी जब उद्योगों से जुड़े लोग, निवेश करने वाले लोग...RJD और लालझंडा जैसे शब्द सुनते हैं...तो आने से पहले पचास बार सोचते हैं और दूसरे राज्य चले जाते हैं।

साथियों,

NDA सरकार, मढ़ौरा के उस गौरव को फिर से लौटाने में जुटी है। मढौरा की रेल फैक्ट्री इसका उदाहरण है। NDA की डबल इंजन सरकार के कारण, आज मढौरा में बने इंजन, विदेशों में निर्यात हो रहे हैं...अफ्रीका के देशों की ट्रेनें...हमारे मढोरा में बना इंजन चला रहा है, बिहार में बना इंजन आज दुनिया में काम आ रहा है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं...हमारा मढ़ौरा, हमारा सारण, हमारा बिहार...फिर से मेड इन इंडिया की शान बनने वाला है। आने वाले सालों में यहां उद्योगों का नया विस्तार होगा। बिहार के युवा को बिहार में ही काम मिलेगा।

लेकिन साथियों,

आपको ध्यान रखना है...जंगलराज वाले शिकारी आपको लगातार भ्रमित कर रहे हैं...लालच दे रहे हैं। RJD-कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र ये कोई घोषणापत्र नहीं है उन्होंने अपनी रेटलिस्ट जारी की है। इनकी हर घोषणा के पीछे का असली मकसद...रंगदारी, फिरौती, लूट-खसूट, भ्रष्टाचार...यही सब है। इसलिए मेरे साथ इस संकल्प को दोहराइए... जंगलराज से दूर रहेगा बिहार..मेरे साथ दोहराएंगे... मेरे साथ दोहराएंगे.. सब के सब दोहराएंगे... मैं कहूंगा जंगलराज से दूर रहेगा बिहार... आप कहेंगे .फिर से NDA सरकार।
जंगलराज से दूर रहेगा बिहार...
जंगलराज से दूर रहेगा बिहार...
जंगलराज से दूर रहेगा बिहार..

साथियों,

मैं देख रहा हूं... यहां इतनी बड़ी संख्या में हमारी माताएं-बहनें आई हैं। बिहार के विकास में यहां की बहनों-बेटियों की बहुत बड़ी भूमिका है। हमारी बेटियां, आत्मनिर्भर बनें... वे अपने परिवार का भविष्य समृद्ध करें...इसके लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। ड्रोन दीदी..जीविका दीदी...बैंक सखी..लखपति दीदी अनगिनत अभियान...ऐसे कितने ही प्रयासों ने बिहार में बहनों-बेटियों को नई ताकत दी है। बिहार की बहनें...मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से भी बहुत खुश हैं... एक करोड़ 30 लाख बहनों के खाते में 10-10 हज़ार रुपए पहुंच चुके हैं। इस पैसे से वे अपना काम शुरु कर रही हैं...और मैं आपको एक और बात कहूंगा...जब यहां फिर NDA सरकार बनेगी...तो मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत और भी अधिक मदद दी जाएगी।

साथियों,

बिहार के नौजवानों को रोजगार के लिए भी हमारी सरकार लगातार काम कर रही है। बिहार में भी करीब दो करोड़ मुद्रा खाते हैं...और आप जानते हैं ये मुद्रा योजना के तहत बिहार के नौजवानों को कितना पैसा मिला है? ये राशि है, अकेले बिहार की बात मैं बताता हूं.. ये राशि है 2 लाख 80 हजार करोड़ रुपए... मतलब करीब-करीब तीन लाख करोड़ रुपया, ये पैसे बिहार के नौजवानों को मुद्रा लोन से मिले हैं। दलित, महादलित, पिछड़े-अति-पिछड़े परिवारों को इससे बहुत फायदा हुआ है।

साथियों,

जिसको किसी से नहीं पूछा...मोदी उनको पूजता है। (अब आप इजाजत दे तो मैं बोलूं)
आपका प्यार इतना है और आपका उत्साह भी बड़ा जोरदार है कि मेरी आवाज भी दब जाती है।

साथियों,

हमारे विश्वकर्मा साथी...जो पारंपरिक काम करते हैं...हाथ के हुनर से काम करते हैं... जो बढ़ई हैं, लोहार हैं, सुनार हैं, सुतार हैं, दर्जी हैं, कपड़े धोने वाले हैं, जूता बनाने वाले हैं, मालाकार हैं... नाई है, ऐसे अनेकों साथियों की सुध भी किसी ने नहीं ली थी। इसमें भी बहुत सारे काम हमारी बहनें करती हैं... आज़ाद भारत में पहली बार...ये हमारी सरकार है जिसने पीएम विश्वकर्मा योजना बनाई है। इसके तहत इन साथियों को सरकार, आधुनिक ट्रेनिंग दे रही है...ट्रेनिंग के दौरान पैसा भी दे रही है। इन्हें आधुनिक औज़ार खरीदने के लिए देशभर के विश्वकर्मा भाइयों को हजारो हजार रुपये दिए गए हैं। इनको बैंकों से, बहुत कम ब्याज़ पर लाखों रुपए ऋण दिया जा रहा है। ताकि वे कच्चा माल खरीद पाएं, नई मशीनें खरीद पाएं। इसके तहत अभी तक...देश के लाखों विश्वकर्मा साथियों को करीब-करीब चालीस हज़ार करोड़ रुपए से अधिक की मदद स्वीकृत हो चुकी है। आने वाले 5 साल में बिहार के विश्वकर्मा साथियों को इन योजना से बहुत अधिक लाभ होने वाला है।

साथियों,

NDA की डबल इंजन सरकार...वंचितों को वरीयता देती है। आप नक्सलवाद की समस्या को ही लीजिए... इसने वंचितों को, दलितों, पिछड़ों-अतिपिछड़ों को हिंसा के रास्ते पर भटकाया...इनके टोलों को सड़क, स्कूल, अस्पताल...हर चीज़ से वंचित रखा। NDA, बिहार को माओवादी आतंक से मुक्त कर रही है।

साथियों,

NDA की डबल इंजन सरकार, सामाजिक सुरक्षा का दायरा भी निरंतर बढ़ा रही है। बीमा हो, बढ़ी हुई पेंशन हो, मुफ्त इलाज हो, मुफ्त अनाज हो... ये सब कुछ आपका बेटा दे रहा है NDA सरकार दे रही है।

साथियों,

आज बिहार में औसतन हर महीने, ये आंकड़ा भी बिहार के लोगों को याद रखना चाहिए। आज बिहार में औसतन, एवरेज, हर महीने 15 हज़ार से अधिक गरीबों के लिए पक्के घर बनते हैं। गांव-टोले तक सड़कें पहुंची हैं, बिजली-पानी पहुंचा है... यहां नई गैस पाइपलाइन पहुंची है... बहनों की रसोई तक सस्ती गैस पहुंच रही है। हमारा प्रयास यही है- आपके जीवन से चिंता कम हो...आपका जीवन आसान हो।

साथियों,

अब बिहार रुकेगा नहीं... अब बिहार रुकेगा नहीं, इतना ही नहीं है अब बिहार नई रफ्तार से आगे आगे बढ़ेगा। अब मतदान के दिन...6 नवंबर के लिए ज्यादा समय नहीं है। आपको याद है आपके यहां मतदान किस तारीख को है। मतदान की तारीख कौन सी है? मतदान की तारीख कौन सी है? मतदान की तारीख कौन सी है? मतदान के दिन अपना गांव छोड़ के कोई जाओगे तो नहीं ना.. शादी-ब्याह होगी तब भी नहीं जाओगे ना... कोई भी काम आ पडा नहीं जाओगे ना... गांव में ही रहोगे ना...मतदान कर के ही रहोगे ना... गांव के सब लोगों से मतदान करा के रहोगे ना... कब करना है मतदान.. कब करना है मतदान... कब करना है मतदान...

देखिए,

अभी छठ पूजा की वजह से बाहर से जो साथी गांव आए हैं... उनसे भी जरा मेरा संदेश पहुंचाना.. मेरा संदेश पहुंचाओगे? जो लोग बाहर से छठ पूजा मनाने के लिए अपने गांव आए हैं ना उनको मेरा एक संदेश पहुंचाओगे? पहुंचाओगे? उनको कहना कि मोदी जी ने आपके लिए खास कहा है कि आप छठ पूजा के लिए आए हो, परिवार के साथ सबसे मिल रहे हो तो छह नवंबर को अगर आपका यहां वोट है तो वोट देकर के ही जाना। कह दोगे? लेकिन उन्हें ये भी कहना कि जाने की जल्दी मत करना। छह नवंबर को वोट देकर के भागना मत उसके बाद एनडीए सरकार का जब शपथ समारोह होगा ना उसमें भी आना है। क्योंकि इस बार का मुख्यमंत्रा का जो शपथ समारोह होने वाला है ना एनडीए के मुख्यमंत्री का शपथ समारोह बहुत खास है। क्योंकि ये शपथ समारोह मुख्यमंत्री और मंत्रियों को बैठाने का शपथ समारोह नहीं है। ये शपथ समारोह तो विकसित बिहार बनाने का शिलान्यास है।... ये चुनाव..विकसित के महान अभियान को गति देने वाला है। इसलिए इस महायज्ञ में बाहर से जो लोग आए है उनका योगदान भी बहुत जरूरी है।

भाइयों-बहनों,

हम सबका काम है लोकतंत्र में हम सबकी जिम्मेवारी है खुद तो वोट करे और औरों से भी वोट करवाएं। ज्यादा से ज्यादा मतदान होना चाहिए, सुबह-सुबह मतदान केंद्रों पर पहुंचना चाहिए और भाजपा के, जेडीयू के, लोजपा के, हम पार्टी के, RLSP पार्टी के...जिस भी पार्टी के उम्मीदवार हमारे यहां से आपके यहां हो उन सबको भारी बहुमत से विजयी बनाना है। मै मेरे उम्मीदवार से जो चुनाव लड़ रहे हैं उनसे आग्रह करूंगा कि जरा आए आ जाएं... जो उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं वो जरा आगे आ जाएं..आप सब इतनी बड़ी संख्या में मेरे इन साथियों को आशीर्वाद देने आए हैं.. आप मेरे इऩ साथियों की जितनी ताकत बढ़ाओगे इतनी मोदी-नीतीश की ताकत बढ़ेगी। और इसलिए मोदी-नीतीश की ताकत को बढ़ाने के लिए मेरे इन सभी शाथियों को आपको वोट देकर के ताकत देनी है। आपको आशीर्वाद देने हैं। मेरे साथ बोलिए

भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की...

अब मैं इन लोगों के बीच में जाऊंगा, हमारे रूढी जी भी रहेंगे, हमारे चिराग जी भी रहेंगे और हम एक फोटो इन सारे उम्मीदवारों के साथ कराएंगे, लेकिन आपसे मेरी अपेक्षा है। आपके आशीर्वाद मजबूती के साथ मिले। एक-एक वोट इन लोगों को मिले.. बोलिए
भारत माता की...

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India-Australia Roadmap for Sports Collaboration
July 10, 2026

Sports is a powerful bridge between India and Australia, bringing communities together and opening new pathways for collaboration.

Building on the 2023 MoU on Cooperation in Sports, the India-Australia Roadmap for Sports Collaboration sets out practical, future-focused priorities and opportunities to strengthen this cornerstone of our bilateral relationship.

Recognising the decade of opportunity ahead — including the 2030 Commonwealth Games in Ahmedabad, the Brisbane 2032 Olympic and Paralympic Games, and India’s ambition to host a future Olympic and Paralympic Games — this Roadmap identifies targeted areas of cooperation aligned to shared priorities, capabilities and resources.

Respecting differences in the governance of sport and the development of sport ecosystems in Australia and India, and recognising the leadership role of sporting bodies, businesses, state–level governments, universities and community groups in promoting elite and community sports, we are committed to facilitating engagement and supporting collaborative ways of working between relevant institutions, to encourage stronger sports partnerships at all levels that benefits both countries.

Implementation will be pragmatic and outcomes-focused, with activities prioritised in line with available resources and major event timelines.

Cooperation will be delivered through established partnerships, supported by flexible, demand-led arrangements, whereby responsibility for resourcing activities will be negotiated on a case-by-case basis. This approach ensures practical, sustainable and mutually beneficial outcomes.

In this context, the following have been identified as focus areas for collaboration under this Roadmap:

A. Capacity Building:

o Collaborate for sharing best practice in establishing and operating High-Performance Sports Centres in India in priority sports.

o Identify Para sport as a key priority and opportunity for collaboration, including Australian expertise in Para classification, coaching and performance support, with potential links between Indian and Australian universities where appropriate.

o Drawing on Australia’s coach development models, facilitate two-way exchanges that bring Indian coach and coach educators to Australia and Australian coaches and coach educators to India, using a Train the Trainer approach where appropriate.

o A physical education exchange programme between India and Australia may be introduced to facilitate mutual learning, sharing of best practices, and collaboration in areas such as school sports, sports science, and community participation in physical education.

o Recognising the physical and mental health benefits of yoga and the World Yogasana, the federation for yogasana sports based in India, identify opportunities to share knowledge, foster collaboration and encourage participation in yoga in Australia.

o Work with the Australian Sports Commission to build the capability of select Indian coaches as part of the India Australia High Performance Coach Development program.

o Explore opportunities through relevant non-government stakeholders such as sporting organisations and universities to support talented young Indian sportspersons as part of high-performance programs in Australia through student scholarships funded by Government of India.

B. Collaborative Sports Science and Technology Research:

o Encourage joint research and development projects between universities in India and Australia on athlete performance analytics, injury prevention, sports nutrition, wearable performance technology, recovery techniques and Para sport.

o Encourage partnerships between Indian and Australian universities to co-develop sports curriculums.

o Sport Integrity Australia and National Anti-Doping Agency India contribute to international anti-doping efforts by supporting World Anti-Doping Agency (WADA)-led capacity building programs through engagement with the WADA Asia/Oceania Office, and through representation on the UNESCO International Convention against Doping in Sport (Convention) Groups.

C. Major Sporting Events:

o Collaborate with Australian States and Territories, and National Sporting Organisations to exchange best practices for hosting large events.

o Explore opportunities to host exhibition matches and youth events in both countries to promote sports of mutual interest (such as Kabaddi and Kho Kho in Australia, and Australian Football League and basketball in India).

o Leverage the build-up to major sporting events such as Olympic, Paralympic and Commonwealth Games to establish formal, reciprocal arrangements between Indian and Australian sporting bodies for shared facilities, competitions and support networks during and in the build-up to major sporting events.

o Welcoming the inaugural Big Bash League match to be played in India in Chennai in December 2026, encourage Cricket Australia and the Board of Control for Cricket in India to work towards a commitment to host annual BBL matches in India.

D. Sports Industry and Investment Platform:

o Build on the Australia-funded Sports Industry Summit in Mumbai in December 2026 to promote collaboration between Indian and Australian companies on sports equipment manufacturing, sports media and broadcasting, event management, and sports start-ups.

o Facilitate Australian sports sector businesses in the Indian sports market through information sessions and vice-versa.

o Expand India’s export of high quality, competitively priced sports goods to Australia.

o Expand the export of Australian expertise in high performance sports, including coaching, coach development, strength and conditioning, athlete wellbeing, nutrition and psychology.

E. Women in Sports Partnership:

o Launch joint initiatives promoting women’s leadership, health, high performance and participation in sport, including bilateral tournaments for women athletes, drawing on the Australian Sports Commission’s flagship programs, recognising that sport is a powerful pathway for women’s economic empowerment, leadership, health and social inclusion.