During his election rally in Bettiah, PM Narendra Modi raises the slogan of "Nahi chahiye Katta sarkar, Phir ek bar NDA sarkar"
The top family of RJD is Bihar’s most corrupt family and the royal family of Congress is the country’s most corrupt family: PM Modi in Bettiah

भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की...

महर्षि वाल्मीकि के करमभूमि.. माता सीता के शरणभूमि के हम प्रणाम कर तानी ।

साथियों,

चंपारण की इस धरती ने हर युग में इतिहास को नई दिशा दी है। यहां की मिट्टी में जन्मे राजकुमार शुक्ल और प्रजापति मिश्र का स्वतंत्रता आंदोलन में बहुत बड़ा योगदान है। यहीं पर गांधीजी को महात्मा की उपाधि मिली थी। साथियों, चंपारण सत्याग्रह की धरती है, ये संकल्प की धरती है, आज जब हम विकसित बिहार का संकल्प लेकर चले हैं.. तब फिर से चंपारण की भूमिका बहुत अहम है। और बेतिया का ये जनसैलाब...चंपारण का मूड बता रहा है। मैं सबसे पहले आप सबसे क्षमा मांगना चाहता हूं। आपसे माफी मांगना चाहता हूं। क्योंकि हम सभी एनडीए के लोगों ने ये जो पंडाल बनाया, सोचा था कि इतना तो भर ही जाएगा, लेकिन आज ये पंडाल छोटा पड़ गया। और पंडाल में जितने बैठे है उससे ज्यादा तीन-चार गुना लोग बाहर धूप में तप रहे हैं। जो लोग धूप में तप रहे हैं मैं उनसे क्षमा मांगता हूं कि हमारी व्यवस्था कम पड़ गई, हमारा पंडाल छोटा पड़ गया। और उस कमी के लिए मैं माफी मांगता हूं। लेकिन मैं ये जो धूप में तप रहे हैं ना उनको आज वादा करता हूं कि मैं आपकी तपस्या बेकार नहीं जाने दूंगा। और मैं सवाया (सवैया) विकास कर के आपकी तपस्या को मैं लौटाऊंगा। ये मोदी की गारंटी है।

साथियों

इतनी तादाद में जब आप हमारे सब साथियों को आशीर्वाद देने आए हैं तो मेरे साथ सब एक बार बोलेंगे? आप सब बोलेंगे? ये जो आगे बैठे महाशय है क्या वो भी हिम्मत करेंगे? यहां से भी आवाज आएगी? वहां भी बोलेंगे? नहीं चाहिए कट्टा सरकार... नहीं चाहिए... नहीं चाहिए... नहीं चाहिए...कट्टा सरकार, फिर एक बार... फिर एक बार... फिर एक बार... नहीं चाहिए कट्टा सरकार फिर एक बार सुशासन की सरकार !

साथियों,

बिहार में, इस विधानसभा चुनाव के चुनाव अभियान की एक प्रकार से मेरी समापन रैली है। मैंने भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की जन्मस्थली से, उस पवित्र भूमि से आशीर्वाद लेकर के आपके पास आशीर्वाद मांगने के लिए चुनाव अभियान शुरू किया था। और आज यहां...पूज्य बाबू के सत्याग्रह की भूमि चंपारण में इस चुनाव अभियान के ये मेरी आखिरी सभा है, मेरा ये अभियान यहां संपन्न हो रहा है। मेरा अभियान भले ही आज संपन्न होता हो, लेकिन चुनाव प्रचार कल शाम तक चलने वाला है। कल शाम के बाद खत्म होने वाला है। लेकिन यहां बिहार के नौजवानों ने, बिहार की महिलाओं ने, बिहार के मध्यम वर्ग ने, बिहार के किसानों ने... गांव में रहनेवालों या शहर में रहने वाले हो सबने कंधे से कंधा मिलाकर के एक ही सपने को लेकर NDA के समर्थन में चुनाव प्रचार खुद संभाल लिया है। मैं कह सकता हूं ये चुनाव हम नहीं लड़ रहे हैं, कोई एनडीए का नेता नहीं लड़ रहा है। ना मोदी लड़ रहा है ना नीतीश कुमार लड़ रहे हैं। ये चुनाव बिहार की जनता लड़ रही है।

साथियों,

मैंने जब भी बेतिया से, चंपारण से आशीर्वाद मांगा है... तो आपने कोई कमी नहीं छोड़ी। इस बार मेरी उम्मीदें आप सभी से..और ज्यादा बढ़ गई हैं... जो देता है उसी से तो मांगने का मन करता है।11 नवंबर को दूसरे चरण में.. मुझे सिर्फ सीटें जीतनी है ऐसा नहीं है। मुझे तो यहां इस बार हर बूथ में जीतना है हर बूथ में जीतना है। जीताओगे? बूथ में जिताने की ताकत आपकी है। एक भी बूथ हमें हारना नहीं है दोस्तों। ये मिजाज होना चाहिए, हम हर बूथ पर NDA के इन सभी उम्मीदवारों को विजयी बनाएंगे। और मैं आपको वादा करता हू जितनी बड़ी जीत मिलेगी... बिहार में NDA की विजय विकास में बहुत बड़ी ताकत बनने वाली है।

साथियों,

अपने पूरे चुनावी अभियान के दौरान... मैंने देखा है एक रैली दूसरी रैली का रिकॉर्ड तोड़ देती थी, एक के बाद एक रिकॉर्ड टूटते जा रहे थे। और पहले चरण के मतदान में भी सारे रिकॉर्ड आपने तोड़ दिए हैं। देश आजाद हुआ है तब से लेकर आज तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मैंने बिहार के सपनों और संकल्पों को लेकर के इस चुनाव अभियान में व्यापक चर्चा की है। NDA की डबल इंजन सरकार ने क्या किया है... और आगे क्या करने जा रही है... अपना काम और भविष्य का रोडमैप.... ये दोनों हमने बिहार की जनता के सामने रखा है। आज बेतिया से मैं बिहार के हर माता-पिता... बिहार की हर बहन-बेटी. बिहार के हर नौजवान से कहूंगा... वो दिन दूर नहीं.. जब बिहार की पहचान... फूड प्रोसेसिंग के पावरहाउस के रूप में होगी। जब बिहार की पहचान... टूरिज्म से होगी, बिहार की पहचान टेक्स्टाइल से होगी, बिहार की पहचान टेक्नॉलॉजी से होगी। आज बिहार की पहचान मेक इन इंडिया के एक बड़े सेंटर के रूप में होने की दिश में कदम बढ़ रहे हैं। बिहार ने सामाजिक न्याय की परिभाषा देश को दी है... अब बिहार...समृद्ध भारत का, विकसित भारत का...नया उदाहरण बनेगा। इसके लिए.. मैं आज बेतिया का, चंपारण का, आप सबका मेरे साथियों के लिए आशीर्वाद मांगने के लिए आया हूं।

साथियों,

बेतिया ने, चंपारण ने RJD-कांग्रेस के जंगलराज का सबसे डरावना रूप देखा है। जंगलराज वालों ने सत्याग्रह की इस पुण्य भूमि को लठैतों और डकैतों का गढ़ बना दिया था। आए दिन यहां हत्याकांड होते थे, बहनों-बेटियों का घर से बाहर निकलना मुश्किल था। साथियों, ये सारी बातें मैं आपको इसलिए याद दिला रहा हूं... क्योंकि जहां कानून का राज खत्म होता है। वहां सबसे पहले गरीब, वंचित, पीड़ित बेहाल होता है। जहां कट्टे और रंगदारी का राज चलता है, वहां नौजवानों के सपने दम तोड़ देते हैं। जहां गुंडाराज होता है... वहां दुकानदारी चौपट हो जाती है... व्यापार-कारोबार ठप्प पड़ जाता है।

साथियों,

आपने नीतीश जी के नेतृत्व में NDA का सुशासन देखा है। आपने शांति देखी है, बिहार के लोगों ने सुकून पाया है। लेकिन इसको जंगलराज से बचाए रखना ये हम सबकी जिम्मेदारी है। बिहार को तो अभी विकास की नई-नई ऊंचाइयों पर हमें पहुंचाना है। और इसलिए मेरे उत्साही नौजवानों, मेरे जोश से भरे नौजवानों मेरे साथ बोलिए, एक साथ बोलिए.. नही चाहिए कट्टा सरकार... नही चाहिए कट्टा सरकार... नही चाहिए कट्टा सरकार... फिर एक बार एनडीए सरकार। फिर एक बार एनडीए सरकार।

साथियों,

आप RJD के नेताओं के इरादे देख रहे हैं। मैं आरजेडी की रैली का एक वीडियो देख रहा था... उसमें मीडिया वाले एक बच्चे से सवाल पूछते हैं, और उस बच्चे को पूछा कि बेटा तुम लालटेन वालों की रैली में क्यों आया है? छोटा सा बच्चा लालटेन वालों की रैली में आया है... और जब पत्रकार उसको पूछते हैं, तो छोटा सा बच्चा भी माथा ऊंचा कर के कह रहा है कि RJD सरकार रंगदार बनाती है। और वो बच्चा कहता है वो खुद रंगदार बनना चाहता हूं। भाइयों-बहनों ये 15-20 साल पहले की बात नहीं है। ये इसी चुनाव की वीडियों की मैं बात कर रहा हूं। हम यहां ITI बना रहे हैं... इंजीनियरिंग कॉलेज खोल रहे हैं... मेडिकल कॉलेज बना रहे हैं... और आरजेडी-कांग्रेस वाले बिहार के बच्चों को रंगदारी के लिए प्रेरित कर रहे हैं। साथियों, ये चुनाव सिर्फ RJD-कांग्रेस की पराजय तक सीमित नहीं रहने चाहिए... आपको उस मानसिकता को हराना है... जो बिहार के बच्चों में ज़हर का बीज बो रही है।

साथियों,

बिहार तभी आगे बढ़ेगा... जब यहां के युवाओं के सपनों को... उनकी आकांक्षाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। ये काम...NDA की डबल इंजन सरकार कर रही है। NDA सरकार बचत भी बढ़ाती है और विकास भी करती है। हमारी सरकार ने, ऐसे निर्णय लिए हैं, ऐसी नीतियां बनाई हैं, जिससे हर परिवार को बचत होती है। 2014 से पहले जब दिल्ली में... RJD के समर्थन से कांग्रेस सरकार चलती थी... तब महंगाई चरम पर थी। वो समय याद कीजिए.. जो 30, 35, 40 साल के लोग हैं उनको तो जरूर याद आएगा। आपको याद है? उस समय कौन से गाने चलते थे? महंगाई इतनी थी कि गाने चलते थे कि महंगाई डायन खाय जात है... महंगाई डायन खाय जात है... ऐसे गाने तब कितने मशहूर हुए थे। आज आप देखिए, देश में GST बचत उत्सव चल रहा है। रोजमर्रा की ज़रूरतों की जितनी भी चीज़ें हैं... उनपर GST या तो ज़ीरो हो गया है, या बहुत कम रह गया है। इससे, खाने-पीने का सामान...साबुन-तेल-दंतमंजन...जूते-कपड़े.. ये सब पहले से कहीं ज्यादा सस्ते हो गए हैं। बिहार में भी आप लोगों को...स्कूटर, मोटरसाइकिल, पंखा, टीवी, फ्रिज...वाशिंग मशीन इन सारी चीज़ों की खऱीद पर हज़ारों रुपए की बचत हुई है। अगर मैं पिछले साल से तुलना करूं इस साल, अक्तूबर में... यानि पिछले साल का अक्टूबर महीना और इस साल का अक्टूबर महीना अगर मैं तुलना करूं तो बिहार में पहले से तीन गुणा ज्यादा मोटरसाइकिल की बिकी हुई है। आप कल्पना कर सकते हैं- तीन गुना ज्यादा मोटरसायकिल अकेले बिहार में बिकी है। साथियों, यही किस्सा मोबाइल फोन का भी है। पिछले वर्ष, अक्टूबर में बिहार में करीब 6 लाख मोबाइल फोन बिके थे। इस वर्ष अक्टूबर में पिछले साल के मुकाबले करीब-करीब दोगुने, यानि लगभग 11 लाख मोबाइल फोन अकेले बिहार में एक महीने में बिके हैं। यानि बिहार के युवा, बहनें-बेटियां...GST बचत उत्सव का पूरा फायदा उठा रहे हैं।

साथियों,

ये जंगलराज वाले... आपकी बचत लूटने में जुटे रहते थे... ये लोग अपनी तिजोरी भरते थे... लेकिन ये हमारी सरकार है... जो आपके पैसे बचाने वाले ऐसे कार्यक्रमों की रचना करती है, ऐसे फैसले लेती है। हमारी सरकार के दौरान मोबाइल फोन तो सस्ते हुए ही हैं... फोन पर बात करना भी बहुत सस्ता हो गया है। अगर RJD-कांग्रेस की सरकार होती... तो आप लोग वीडियो कॉल कर ही नहीं सकते थे... क्योंकि आपका बिल ही हजारों-लाखों में आता... ये मोदी है.. जिसने मोबाइल का डेटा इतना सस्ता कर दिया है... कि आपको अब ज्यादा पैसा नहीं खर्च करना पड़ता। साथियों, पहले गरीब की कमाई का एक बड़ा हिस्सा... अनाज और इलाज के इंतज़ाम में ही चला जाता था। मैं तो आपकी तरह गरीबी से निकला हूं...मैंने गरीबी को जिया है। गरीबी क्या है वो मुझे किताबों में नहीं पढ़ना पड़ता है, टीवी में नहीं देखना होता है। गरीबी को मैं जीकर के आया हूं और इसलिए मैं गरीब की चिंता भलीभांति समझता हूं... इसलिए हमारी सरकार ने...ज़रूरतमंद के लिए अनाज मुफ्त कर दिया। और गरीबों के लिए... बुजुर्गों के लिए इलाज भी मुफ्त कर दिया।

साथियों,

आयुष्मान भारत योजना से... देश के गरीब परिवारों को सवा लाख करोड़ रुपए की बचत हुई है। पीएम जनऔषधि केंद्रों में 80 परसेंट डिस्काउंट पर दवाएं मिलती हैं। इनसे लोगों को करीब 40 हज़ार करोड़ रुपए की बचत हुई है। साथियों, हमारी सरकार कर्मचारियों को... व्यापार करने वालों को... यानि हर टैक्सपेयर को भी फायदा देती है। इसी साल 12 लाख रुपए की इनकम पर टैक्स ज़ीरो कर दिया गया है। अगर मैं इनकम टैक्स और GST को जोड़कर बताऊं... तो देश के लोगों को एक साल में... करीब ढाई लाख करोड़ रुपए की बचत होनी तय हुई है। और इसमें बिहार का भी हर परिवार शामिल है।

साथियों,

एक तरफ हमारी सरकार हर परिवार की बचत करा रही है... दूसरी तरफ, विकास पर भी ज्यादा खर्च करती है। इसका प्रमाण यहां बेतिया में दिखता है, चंपारण में दिखता है। यहां, हज़ारों करोड़ रुपए के तीन नए हाइवे प्रोजेक्ट्स मंजूर हुए हैं। मणिकापुर से दीघा तक 6-लेन हाइवे पुल का निर्माण हो रहा है। जब यह पूरा हो जाएगा तो पटना से बेतिया की दूरी सिर्फ डेढ़ घंटे की रहेगी। गंडक पर नया पुल भी प्रस्तावित है... इससे उत्तर प्रदेश के साथ कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। पटना से गोरखपुर तक वंदे भारत एक्सप्रेस अब बेतिया से होकर चलती है। यहां रेलवे स्टेशन आधुनिक हो रहा है... रक्सौल में एयरपोर्ट बन रहा है। साथियों, ऐसी शानदार कनेक्टिविटी से... यहां किसानों और पशुपालकों को भी फायदा हो रहा है... और यहां नए उद्योगों को भी बढ़ावा मिल रहा है। पश्चिम चंपारण का कुमारबाग भी... एक बड़ा औद्योगिक केंद्र बन रहा है। इससे भी यहां विकास और तेज होगा। साथियों, विकास तभी होता है, जब भ्रष्टाचार नहीं होता...जब घोटाले नहीं होते। लेकिन आरजेडी और कांग्रेस के नेताओं का तो यही एक काम आता है और कोई काम आता भी नहीं है। ये लोग तो राजनीति में आते ही इसलिए हैं...ताकि आपको लूट सकें। आरजेडी का जो शीर्ष परिवार है...वो बिहार का सबसे भ्रष्ट परिवार है। कांग्रेस का जो शाही परिवार है...वो देश का सबसे भ्रष्ट परिवार है। और ये जो नामदार यहां घूम रहे हैं... ये दोनों नामदार हज़ारों करोड़ रुपए के घोटालों के आरोप में जमानत पर चल रहे हैं, जमानत पर। ऐसे भ्रष्टाचारी...बिहार को सिर्फ बर्बादी की राह पर ही ले जा सकते हैं।

साथियों,

जब सुशासन आता है...तो सबसे अधिक फायदा बहनों-बेटियों को होता है। हमने तो वो दिन देखे हैं... जब गरीब परिवारों की माताएं-बहनें पानी के लिए तरसती थीं। धुएं में खाना बनाती थीं। शौचालय के अभाव में पीड़ा सहती थीं... हमारी सरकार ने...घर-घर तक ये सुविधाएं पहुंचाई हैं। साथियों, सुविधा ही नहीं...हमारी सरकार बहनों-बेटियों को सम्मान भी दे रही है... रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी दे रही है। बिहार में, NDA सरकार ने पंचायतों में पचास प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को दिया। लोकसभा और विधानसभाओं में...तैंतीस परसेंट महिला आरक्षण की व्यवस्था भी हमारी सरकार ने की है। यहां बेटियों को नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण भी नीतीश जी की सरकार ने दिया है। साथियों, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना...भी मातृशक्ति को सशक्त करने का एक और बड़ा प्रयास है। अभी तक बिहार की एक करोड़ चालीस लाख बहनों के खाते में, दस-दस हज़ार रुपए पहुंच चुके हैं। ये योजना ऐसी नहीं है कि एक बार मदद मिल गई हो गया। NDA सरकार...इस योजना के माध्यम से आगे भी बिहार की सभी बहनों को आगे बढ़ाने वाली है ये मैं आपसे वादा करता हूं।

साथियों,

मैं बेतिया से...एक नए विश्वास के साथ लौट रहा हूं। मैं आप सभी से आग्रह करुंगा...जरा मेरे सामने जो भी बाहर खड़े हैं, यहां बैठे हैं सभी से आग्रह करूंगा। मेरी चुनाव का यह आखिरी सभा है। और इसलिए मेरा विशेष आग्रह है। जरा अपना मोबाइल फोन बाहर निकालिए. सब लोग अपना मोबाइल फोन बाहर निकालिए। ऊपर वाले भी अगर मोबाइल फोन लेकर के बैठे हैं तो बाहर निकालें। सबका मोबाइल फोन बाहर निकालकर के उसकी जो लाइट हैं न उसे जलाइये जरा। सब के सब लोग लाइट जलाइए... ये जो प्रकाश आपके हाथ में है... ये जो प्रकाश आपके हाथ में है. ये विकसित बिहार का रास्ता दिखा रहा है। ये वो संकल्प है...जो बिहार में लालटेन के अंधकार को कभी लौटने नहीं देगा। मैं बेतिया से पूरे चंपारण से, पूरे बिहार से कहूंगा... अब मैं आज जब आपसे विदाई ले रहा हूं, आपके आशीर्वाद लेकर के जा रहा हूं, विजय के पूरे विश्वास के साथ जा रहा हूं। अभूतपूर्व विजये के पूरे वातावरण को मैंने पाया है, देखा है और इसलिए मैं आज आपको वादा करता हूं... मैं आज जा रहा हूं। आप 11 को वोट डालेंगे, 14 को गिनती होगी और मैं फिर से एक बार NDA सरकार के शपथग्रहण में फिर से पटना आऊंगा। मैं इस छोटी बीटिया के हाथ में लाइट देख रहा हूं यहां मुझे बिहार का भविष्य दिख रहा है। और यहां...आपको मेरी बात याद रखनी है। 11 नवंबर को जहां-जहां वोटिंग है...वहां पहले चरण के मतदान के रिकॉर्ड भी टूटने चाहिए। ये पहले चरण वालों ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए अब आपका काम है पहले चरण वालों का रिकॉर्ड तोड़ना। तोड़ेंगे? तोड़ेंगे? हर बूथ में तोड़ेंगे रिकॉर्ड? रिकॉर्ड तोड़ने के लिए मेहनत लगती है... करनी पड़ेगी... करोगे? माताओं-बहनों...नौजवान साथियों...आपको विशेष रूप से नेतृत्व करना है। इसी आग्रह के साथ मैं आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं।
पूरी ताकत से मेरे साथ बोलिए...
भारत माता की... जय!
भारत माता की... जय!
भारत माता की... जय!
वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे.. वंदे...

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Text of Prime Minister's Opening Remarks during the 18th BRICS Summit Session: Inclusive Global Governance and Strengthening
September 12, 2026

Your Highness,
Excellencies,
नमस्कार!

भारत में आप सभी का स्वागत और अभिनंदन करते हुए मुझे अत्यंत खुशी हो रही है।

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता people-centric और humanity first approach पर आधारित है। Resilience, Innovation, Cooperation और Sustainability हमारी प्राथमिकताएं रही हैं। इन प्राथमिकताओं के साथ, हमने BRICS सहयोग को सामान्य जन से जोड़ने पर विशेष बल दिया है।

इसी सोच के साथ साढ़े तीन सौ से अधिक बैठकों का आयोजन किया गया। लगभग तीस शहरों में आपकी टीम्स का स्वागत करने का हमें अवसर मिला। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता को सफल बनाने में सक्रिय योगदान और समर्थन के लिए मैं आप सभी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

इस वर्ष की ब्रिक्स Summit एक ऐतिहासिक पड़ाव है। हम ब्रिक्स की बीसवीं वर्षगांठ मना रहे हैं। मानव जीवन में बीस वर्ष की आयु, maturity और responsibility के नए चरण का आरंभ होती है। यह वह अवस्था होती है, जब सपनों के साथ जिम्मेदारियाँ जुड़ती हैं, सामर्थ्य को नई दिशा मिलती है।

आज ब्रिक्स भी अपने ‘coming of age’ के क्षण में है। पिछले बीस वर्षों में ब्रिक्स ने वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। हम एक-दूसरे के दृष्टिकोण का सम्मान करते हैं और consensus से आगे बढ़ते हैं। हम किसी के विरुद्ध नहीं, बल्कि सबको साथ लेकर चलने की सोच के साथ आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं।

अब समय है, कि हम ब्रिक्स में हमारी एकता और सहमति को वैश्विक मंच पर ठोस परिणामों में बदलें। अगले बीस वर्षों के लिए हमें एक नए और ambitious agenda पर काम करना होगा। इसकी शुरुआत हमें अपने खुद के वर्किंग सिस्टम से करनी होगी।

ब्रिक्स की अध्यक्षता हर वर्ष बदलती है, किन्तु इसकी वजह से हमारा institutional momentum नहीं रुकना चाहिए। मैं BRICS Continuity and Implementation Mechanism का प्रस्ताव रखता हूँ। इसके तहत Troika के माध्यम से सभी initiatives और outcomes का follow up हो सकेगा।

हम एक secure digital repository बना सकते हैं। इसमें हर निर्णय के साथ nodal point, समय-सीमा और implementation status दर्ज किया जा सकता है।

Friends,

ब्रिक्स को मजबूत करते हुए, हमें global reform की दिशा भी तय करनी होगी। Global Governance का वर्तमान structure, एक pyramid जैसा दिखाई देता है। इसके ऊपरी भाग में power और decision making केंद्रित हैं, और निचले भाग में वे देश हैं जो इन decisions से प्रभावित तो होते हैं, लेकिन उन्हें आकार नहीं दे पाते।

Global South आज वैश्विक संकटों की front row में है, लेकिन decision-making की back row में। हमें इस “pyramid of privilege” को “platform of partnership” में बदलना है, जहां हर देश की आवाज़ हो, हर सदस्य का stake हो और हर प्रयास के केंद्र में मानवता का विकास हो।

इस उद्देश्य से मैं प्रस्ताव रखता हूँ कि हम मिलकर global governance reform के दस proposals तैयार करें, जिसे हम अगली Summit तक एक BRICS Reform Roadmap का रूप देने का प्रयास कर सकते हैं।

इस roadmap को बनाने में हमें तीन मुख्य पहलुओं- Representation, Responsiveness and Rule-making का ध्यान रखना होगा।

पहला, Representation के संबंध में मैं कहना चाहूंगा, UN Security Council में reform अब और टाला नहीं जा सकता। इस विषय पर text-based negotiations को निश्चित समय-सीमा और स्पष्ट परिणाम से जोड़ना होगा।

उसी तरह, financial institutions में voting power, leadership positions और policy priorities आज की इकोनॉमिक रियेलिटीज़ के अनुसार होनी चाहिए। जो देश global economic growth को गति देते हैं, उन्हें global economic governance को दिशा देने में भी उचित भूमिका मिलनी चाहिए।

दूसरा, Responsiveness। वैश्विक संस्थानों में मानवता का विश्वास तभी बनेगा जब वे समस्याओं का प्रभावी समाधान करने में सक्षम होंगे। हमें collective response के speed, scale और last mile impact पर ध्यान देना होगा।

Seafarers का वैश्विक व्यापार में बहुत बड़ा योगदान है, किन्तु अक्सर मुश्किल समय में उन्हें सहारे की कमी महसूस होती है। मेरा प्रस्ताव है कि क्या हम Seafarers Emergency Support Network बना सकते हैं? इसके माध्यम से संबंधित देशों की Maritime authorities और missions को जोड़ा जाएगा। इससे distress alerts, medical assistance, परिवारों को सूचना तथा evacuation में सहयोग दिया जा सकता है।

और तीसरी मैं कहना चाहता हूँ Rule Making के संबंध में। भविष्य के global rules तय करने में समान भागीदारी सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

AI, cyberspace, outer space, biotechnology और critical technologies, भविष्य के अवसरों के साथ भविष्य के नियम भी तय कर रहे हैं।

हमें ग्लोबल साउथ को rule-taker से rule-shaper बनाने के लिए प्रयास करने होंगे। ब्रिक्स के माध्यम से हम ग्लोबल साउथ के देशों के युवा diplomats और policymakers को negotiations skills, practical training और legal expertise प्रदान कर सकते हैं।

सुखद संयोग से आज United Nations Day for South-South Cooperation है। Global South को समर्पित इस दिन पर ऐसा निर्णय लिया जाना विशेष महत्व रखता है। भारत इस विषय में lead लेने के लिए तैयार है।

Friends,

भारत में आयोजित इस ब्रिक्स समिट का संदेश स्पष्ट होना चाहिए: यदि हमारा भविष्य साझा है, तो उसके निर्माण का अधिकार भी साझा होना चाहिए।

From voice to impact. From privilege to partnership.

यही ब्रिक्स at 20 का संकल्प हो।

बहुत-बहुत धन्यवाद।