Factories run on trust, not fear: PM Modi’s sharp words in Purulia rally

भारत माता की... भारत माता की... भारत मता की...
मैं देख रहा हूं... बहुत सारे मेरे बाल मित्र, मेरे कलाकार मित्र, हमारी बेटियां बहुत बढ़िया-बढ़िया चित्र बनाकर के ले आए हैं। मैं मेरे एसपीजी के साथियों को कहता हूं कि वो सारे चित्र कलेक्ट कर लें। आप जो लाएं हैं वो मुझे मिल जाएंगे.. अगर पीछे आपने अपना एड्रेस लिखा है तो मैं आपको धन्यवाद की चिट्ठी भेजूंगा। जो पीछे हैं वो भी आगे भेज दीजिए, ताकि और काम मैं शुरू कर सकूं। पीछे एक बेटी खड़ी है... भेज दीजिए आगे जरा स्थानीय पुलिस के लोग भी मदद कीजिए इनको। मैं आप सबका बहुत-बहुत आभारी हूं। इतने शानदार चित्र बनाकर के ले आए हैं। अब आप बैठिए आराम से। इस छोटी गुड़िया को मेरा थैंक्यू... थैंक्यू बेटा... कितने बढ़िया कपड़े पहन के आई हो आज... शाबाश.. बैठो बेटा बैठो...आप लोग बैठिए... भारत माती की... भारत माती की... भारत माती की... उधर कोई राम बनकर के आए हैं...वाह... शाबाश... क्या उत्साह है... क्या शानदार वातावरण है। उस बच्चे को ज्यादा परेशान मत करो भाई... जो इस चुनाव में कैंडिडेट हैं, उनसे मेरा आग्रह है कि आगे आ जाएं... जो उम्मीदवार है वो आगे आ जाएं... मैं एक मिनट इस सभी उम्मीदवारों को मिलकर के आता हूं उसके बाद हम सभा शुरू करते हैं। मेरे साथ बोलिए भारत माता की... जॉय मां छिन्नोमोस्तिका, जोहार पुरुलिया अपनारा शोबाई भालो आछेन? मैं यहाँ से…बाबा गोरखनाथ धाम…माँ बोरोकाली…और अन्य सभी तीर्थों को श्रद्धापूर्वक प्रणाम करता हूं।

साथियों,
मुझे पहले भी कई बार पुरुलिया आने का अवसर मिला है। लेकिन ये जनसभा का उत्साह पहले के सभी रिकॉर्ड तोड़ने वाला है। मैं तो हैरान हूं। जहां हेलीपैड पर मैं उतरा वहां भी बड़ा अद्भुत जनसैलाव था, फिर हेलीपैड से यहां आया पूरा रोड-शो अद्भुत था। और जब यहां पहुंचा तो मेरी आंखें जहां भी देख सकती है वहां तक लोग ही लोग नजर आ रहे हैं। यानि एक कार्यक्रम में दो रोड-शो और इतनी बड़ी जनसभा.. कल्पना नहीं कर सकता हूं। इसका मतलब है...4 मई को यहां 'भाबरा भाजा' और 'पिठा' की दावत होने वाली है। पुरुलिया, पूरा पुरुलिया कह रहा है- पालटानों दोरकार... पालटानों दोरकार... पूरी ताकत से बोलिए.. पालटानों दोरकार...

साथियों,
यहां टीएमसी की निर्मम सरकार 15 साल से है। और केंद्र में भाजपा की सरकार 11 साल से है। 15 साल में, TMC की दुर्नीति, भय और भ्रष्टाचार ने...बंगाल के हर परिवार को भयभीत कर रखा है। लेकिन इस दौरान, बीजेपी के सुशासन के प्रति जनता का विश्वास बढ़ता ही गया है। हमारे बगल में त्रिपुरा में दशकों तक, लेफ्ट का राज था। वहां भी जनता ने बीजेपी पर भरोसा किया। असम में कई सालों तक कांग्रेस का राज था...जनता ने असम में भी बीजेपी पर ही भरोसा किया। यानि जहां भी भय और भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच जाता है... वहां लोग बीजेपी पर भरोसा करते हैं...बीजेपी को चुनते हैं। और यही आज हम बंगाल में होते देख रहे हैं। बंगाल के लोगों ने भी ठान लिया है- भोय OUT, भरोसा IN.. भय... भय... भरोसा... भरोसा... बीजेपी के वोट दीन... बिजेपी के... बीजेपी के..

साथियों,
मैं आमतौर पर चुनाव में कभी आगाही नहीं करता हूं, क्या नतीजा आएगा मैं कभी बोलता नहीं हूं। में सालों से चुनाव लड़ रहा हूं, लेकिन मैं उन बातों को टालता हूं। लेकिन इस बार जो भी मिलता है। छोटा सा व्यक्ति मिल जाए काम करने वाला व्यक्ति मिल जाए सब के मुंह में एक ही बात कि एक बार बीजेपी की सरकार पक्की. सब लोग यही कह रहे हैं। ये सब देखने के बाद, ये सब सुनने के बाद और मैं मेरे राजनीतिक अनुभव के आधार पर कह रहा हूं। इस बार बीजेपी बहुत भारी बहुमत से सरकार बनाने जा रही है। और मैं जब भारी बहुमत से कह रहा हूं मतलब पक्के विश्वास से कह रहा हूं। इस बार सरकार भारी बहुमत से बीजेपी की सरकार बनने वाली

साथियों,
ये बीजेपी सरकार है...जिसने आदिवासियों के लिए अलग मंत्रालय, अलग बजट बनाया था। और बीते 11 वर्षों में आदिवासियों के लिए बजट भी करीब-करीब तीन गुणा बढ़ाया है। साथियों, ये बीजेपी ही है...जिसने भगवान बिरसा मुंडा के जन्म-दिवस को जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया। ये बीजेपी है...जिसने आदिवासी समाज से इतने सारे मुख्यमंत्री बनाए हैं। ओड़िशा में मेरी पहली बार सरकार बनी.. हमारा पहला मुख्यमंत्री आदिवासी बना... असम में जब हमारी पहली बार सरकार बनी, हमारा पहला मुख्यमंत्री आदिवासी बना। और छत्तीसगढ़ का भी हमारा मुख्यमंत्री एक आदिवासी है। एक आदिवासी बेटी को राष्ट्रपति बनाने का सौभाग्य भी, बीजेपी को ही मिला है।

साथियों,
बीजेपी आदिवासी समाज के लिए ऐसे अनेक काम कर रही है। लेकिन TMC क्या कर रही है?..‘बेटी आप थक जाओगी, बेटी चित्र लेकर आई है प्लीज कलेक्ट कर लीजिए भाई, बेटी थक जाओगी आप, कब से आप हाथ ऊपर करके खड़ी हो.. मुझे यहां से दिखता भी नहीं है कि बेटी है कि बेटा है, इतनी छोटी बालिका है। थैंक्यू बेटा थैंक्यू, थैंक्स ए लॉट मैं आपका बहुत आभारी हूं बेटा आप तो मेरी मां का चित्र लेकर आए आप मुझे भावुक बना देते हैं’ TMC के महा-जंगलराज में आदिवासी जिले पिछड़ रहे हैं। सड़क, बिजली, पानी, स्कूल-अस्पताल सबकुछ बेहाल हैं। आदिवासियों की जमीन पर आदिवासियों का कब्जा नहीं है, आदिवासियों की जमीन पर TMC का सिंडिकेट कब्जा करके बैठ गया है। अवैध खनन का काला बाज़ार चरम पर है।

साथियों,
यहां अजोध्या पहाड़ है, सीता कुंड है। आज भी सीताकुंड की जलधारा, कई लोगों के लिए जीवनधारा बनी हुई है। लेकिन साथियों, सीताकुंड की इस धरती को TMC ने पानी के लिए तरसा दिया है। धान किसान बहुत परेशान हैं। साथियों, यहां कई सारी सिंचाई परियोजनाएं रुकी पड़ी हैं...आप सुवर्णरेखा प्रोजेक्ट की ही हालत देखिए... दशकों बीत गए लेकिन नहरों में पानी नहीं आया। किसानों की आंखों में से पानी सूखता नहीं है।ये निर्मम सरकार सिर्फ लूट में जुटी है...लूट में और लुटेरों को बचाने में ही ये निर्मम सरकार लगी हुई है।मैं आज आपको भरोसा देता हूं...बीजेपी सरकार, टीएमसी की इस लूट को बंद करेगी...और आपके खेत तक पानी पहुंचाएगी।

साथियों,
तृणमूल ने, बंगाल के किसानों को कदम-कदम पर धोखा दिया है। आलू किसानों की क्या स्थिति है, ये हम सभी देख रहे हैं। मंडियों पर, कोल्ड स्टोरेज पर टीएमसी के सिंडिकेट का कब्जा है। बीजेपी, सिंडिकेट के इस कब्जे को जमीन से उखाड़ के फेंक देगी। चुन-चुन कर इनको खाली करवाएगी। मैं आपको इस प्यार के लिए सर झुकाकर के धन्यवाद करता हूं साथियों। साथियों, किसानों को डबल इंजन सरकार का डबल फायदा मिलेगा। ये मोदी की गारंटी है। बंगाल बीजेपी ने धान का समर्थन मूल्य 3100 रुपए करने की घोषणा की है। साथ ही, बंगाल बीजेपी सरकार पीएम किसान निधि के रूप में...यहां के किसानों को छह हज़ार की जगह नौ हज़ार रुपए देगी। मैं आपको भरोसा देता हूं...
किसान हित में केंद्र सरकार की हर योजना यहां बीजेपी सरकार बनने के बाद...और तेज़ी से लागू हो जाएगी। आपको सोलर पंप देने वाली बिजली का कोई खर्चा ही नहीं, सोलर पंप बाली कुसुम योजना का लाभ मिलेगा। आपको फसल बीमा योजना का लाभ मिलेगा।

साथियों,
टीएमसी की निर्मम सरकार, जंगलमहल के लिए सिर्फ समस्याएं ही दे रही है। समस्याओं के सिवाय आपको कुछ नहीं दिया। 15 साल के निर्मम राज में...पश्चिम बंगाल में बेरोजगारी भयानक दौर में पहुंच गई है। लाखों-लाख बेरोजगार युवाओं की लिस्ट तो खुद टीएमसी सरकार के रिकॉर्ड में है। ये बहुत बड़ा संकट है...जिसका कारण TMC का महा-जंगलराज है। TMC के मंत्रियों ने शिक्षकों की भर्ती लूट ली...हज़ारों युवाओं के साथ धोखा किया। टीएमसी के महा-जंगलराज में बिना कटमनी कोई काम होता ही नहीं है। और जब कटमनी लगेगा तो इंडस्ट्री कहां से लगेगी। इसलिए, यहां इंडस्ट्री भी बेहाल है। साथियों, यहां पुरुलिया में रघुनाथपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का सपना बेचा गया था। बेचा गया था ना... सपना बेचा गया था ना... उसका क्या हुआ? क्या हुआ.. वो सपना भी, ये सिंडिकेट की लूट में डूब गया... डूब गया...

साथियों,
फैक्ट्रियां, भय से नहीं आती है अरे भय से तो फैक्ट्रियां भाग जाती हैं। अगर फैक्ट्रियां आती हैं तो भरोसे से आती हैं...फैक्ट्रियां चलती है तो भरोसे से चलती है। चलती है। निवेश, भय से नहीं आता, निवेश भरोसे से आता है। जहां सड़कें बेहाल हों...बिजली का ठिकाना न हो,...वहां कारखाने आ ही नहीं सकते। इसलिए ही मैं कहता हूं... इसलिए मैं कहता हूं। आर काटमानीर खेला चोलबे ना, आर काटमानीर खेला... आर काटमानीर खेला... माफिया-देर मेला... माफिया-देर मेला... पूरी ताकत से बोलिए माफिया-देर मेला...

साथियों,
तृणमूल की उन्नोयन विरोधी सरकार...यहां रेल और रोड के काम में भी रुकावट डाल रही है। आज भी, हज़ारों करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स यहां लटके हुए हैं। इसलिए साथियों, तृणमूल को हटाना ही होगा। हटाओगे... पूरी ताकत से बताओ हटाओगे... हर बूथ से, ज्यादा से ज्यादा मतदान कारओगे... हर बूथ से टीएमसी को पराजित करोगे... ये सिंडिकेट को उखाड़ के फेंक दोगे... कटमनी को मिटाओगे... आपने बीजेपी का MP बनाया...अब BJP के इन सभी साथियों को, MLA बनाना भी बहुत ज़रूरी है। बनाएंगे... बनाएंगे... आपने मुझे PM पद की जिम्मेदारी दी...अब यहां बीजेपी का सीएम बनाना भी उतना ही आवश्यक है। और आज में विश्वास से कहता हूं, मेरे राजनीतिक अनुभव से कहता हूं। चार मई के बाद बिजेपी का सीएम बनना तय है। जब पीएम और सीएम, दोनों बीजेपी के होंगे... तो पुरुलिया का विकास डबल इंजन की रफ्तार से दौड़ेगा। पीएम-सीएम, एक शाथे… पीएम-सीएम, एक शाथे… उन्नोयोन होबे दिने-राते! उन्नोयोन होबे दिने-राते!

साथियों,
हम सभी लाबन्या प्रभा घोष जी जैसे नेतृत्व से प्रेरणा लेते हैं। लेकिन ये बहुत बड़ा दुर्भाग्य है...कि टीएमसी आज बंगाल की बेटियों में भय पैदा कर रही है। कोई बेटी डॉक्टर बनना चाहे, कोई वकील बनना चाहे..कोई टीचर बनना चाहे...ये टीएमसी वाले... ये टीएमसी की निर्मम सरकार बेटियों के सपने कुचले जा रहे हैं। स्कूल और कॉलेज में बलात्कार हो रहे हैं रेप हो रहे हैं, हत्याएं हो रही हैं... मर्डर हो रहे हैं और टीएमसी की निर्मम सरकार, दोषियों को ही सुरक्षा दे रही है।

साथियों,
अभी टीएमसी की एक और दुर्नीति सामने आई है। पूरा देश चाहता था कि महिलाओं को संसद और विधानसभा में तैंतीस परसेंट आरक्षण का कानून लागू हो। इस पर संसद में बहस हुई। लेकिन TMC नहीं चाहती थी कि अगली बार विधानसभा में ज्यादा महिला विधायक चुनकर जाएं। क्योंकि ऐसा होगा, तो वो महिलाओं के हक में आवाज़ उठाएंगी। इसलिए टीएमसी ने महिलाओं को आरक्षण का विरोध किया है। मतदान के समय... आपको टीएमसी को इस अपराध की भी सजा देनी है। सजा दोगे... टीएमसी को सजा दोगे...दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से सभी ओर से आवाज आनी चाहिए... टीएमसी को सजा दोगे... टीएमसी को भगाओगे... टीएमसी के गुंडों को जेल में भेजोगे... टीएमसी को खत्म करके रहोगे...

साथियों,

बीजेपी सरकार देश में जहां भी है... वहां बहनों को कमाई और बचत का भरोसा मिला है। यही भरोसा हम यहां बंगाल की बहनों को देने जा रहे हैं। इसी सोच के साथ बंगाल बीजेपी...मातृशक्ति भोरशा कार्ड लेकर आई है। इसके तहत बंगाल की बहनों को.. ये याद रखिए लोगों को बताना होगा.. बताएंगे... बताएंगे... बताएंगे... बंगाल की बहनों को हर साल, 36 हज़ार रुपए सीधे मिलेंगे। कितने... कितने... पूरी ताकत से बताइए 36 हजार रुपये.. जरा जोर से बोलिए कितने... कितने.. इसके अलावा बंगाल बीजेपी ने आपकी छोटी-छोटी जरूरतों का खयाल रखा है। गर्भावस्था के दौरान बहनों को 21 हज़ार रुपए तक की सहायता देगी। बंगाल की बेटियां शिक्षित हों, इसके लिए बंगाल की बीजेपी सरकार बेटियों 50 हज़ार रुपए देगी। बंगाल की 75 लाख बहनों की आय एक लाख रुपए से अधिक हो...वो लखपति दीदी बनें...इसके लिए बीजेपी सरकार मदद देगी। स्वरोजगार के लिए मुद्रा योजना के तहत 20 लाख रुपए तक की मदद मिलेगी। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत एक परिवार को करीब 80 हज़ार रुपए दिए जाएंगे। इससे महंगे बिजली बिल से बहनों को मुक्ति मिलेगी।

साथियों,

बीजेपी जो कहती है, वो करके दिखाती है। जरा मुझे बताइए, मैंने इतनी सारी योजनाएं बताईं... ये सारी योजनाएं याद रखोगे... याद रखोगे... घर-घर जाकर के बताओगे...बहनों के हित में केंद्र सरकार की बहुत सारी योजनाओं का लाभ देश के दूसरे राज्यों की महिलाओं को मिल रहा है। लेकिन यहां की निर्मम सरकार यहां की माताओं-बहनों-बेटियों तक आप तक वो लाभ पहुंचने ही नहीं देती है। जब यहां बीजेपी सरकार बनेगी...ये मोदी की गारंटी लिख लीजिए.. ये मेरी गारंटी है। जब यहां बीजेपी की सरकार बनेगी चार मई के बाद तो बहनों को सीधी आर्थिक मदद के साथ ही आपकी बचत बढ़ाने वाली योजनाओं को भी सही से लागू किया जाएगा। ये मोदी की गारंटी है। आप सभी बहनों का राशन पर खर्च कम हो... इसके लिए आपके हक का पूरा चावल आपको मिलेगा। एक पक्का घर बनाने में लाखों रुपए लग जाते हैं। बीजेपी सरकार, गरीब परिवार की बहनों को पक्के घर के लिए करीब डेढ़ लाख रुपए देगी। आपके खाते में जमा करवाएगी। बीजेपी सरकार, पुरुलिया की बहनों की रसोई में पाइप से सस्ती गैस पहुंचाएगी।

साथियों,

बहनों को कोई बीमारी आती है, तो वो अक्सर छुपाती हैं, ताकि परिवार पर बोझ न पड़े। बीजेपी सरकार, गरीब परिवार की बहनों को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज देगी। आप बताएंगे कितने लाख... जरा जोर से बताइए कितने लाख... ये सब पत्रकारों को सुनाई दे ऐसे जरा जोर से बताइए कितने लाख... कितने लाख... पांच लाख रुपया... इतना ही नहीं जन-औषधि केंद्रों पर 80 परसेंट डिस्काउंट पर दवाएं मिलेगी। सौ रुपये की दबाई 20 रुपये में। हजार रुपये की दवाई दो सौ रुपये में... अगर किडनी से जुड़ी बीमारी है, तो डायलिसिस कराना पड़ता है... बहुत खर्चा होता है। ये मोदी की गारंटी है अहब डायलिसिस मुफ्त में होगा। कोई खर्चा नहीं होगा। यानि बीजेपी सरकार के पास बंगाल की बहनों के लिए बहुत सारी योजनाएं हैं। याद रखिए,,, बंगाल में बीजेपी सरकार मतलब- महिलाओं की खुशहाली। महिलाओं की खुशहाली ये मोदी की गारंटी।

साथियों,

पुरुलिया ने अपनी विरासत को बचाने और उसको आगे बढ़ाने के लिए बहुत तप किया है। भगवान बिरसा मुंडा, सिधु-कानो, रघुनाथ सिंह महतो, गोवर्धन दिगपति जी, पंच शहीद, चुनाराम महतो, गोविंद महतो...ये धरती, ऐसी अनेक महान संतानों से प्रेरित है। ऐसी अनेक प्रेरणा महान संतानों से प्रेरणा लेती है। मैं 'मानभूम भाषा आंदोलन' के महान क्रांतिकारियों को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं।

साथियों,

बीजेपी, विकास और विरासत, दोनों पर बल देने वाली पार्टी है। हम देश की हर भाषा, हर बोली, हर संस्कृति को बल देते हैं। नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी में भी बीजेपी सरकार ने भारतीय भाषाओं में पढ़ाई को महत्व दिया है। ताकि गांव, गरीब, आदिवासी मां का बेटा-बेटी भी डॉक्टर और इंजीनियर बन सके। साथियों, हमारा प्रयास है कि देश का संविधान भी लोग अपनी भाषा में पढ़ सकें। हाल में ही, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी ने...संथाली भाषा में भारतीय संविधान का संस्करण लॉन्च किया है। बंगाल में बनने जा रही बीजेपी सरकार भी...बांग्ला हो, संथाली हो, कुड़माली हो...ऐसी हर भाषा को सशक्त करेगी। साथियों, ये बीजेपी सरकार ही है... जिसने बांग्ला को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया है। बंगाल बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में... राजबंशी और कुड़माली भाषा को लेकर भी बहुत बड़ी घोषणाएं की है।

साथियों,

टीएमसी की निर्मम सरकार...विरासत पर हमला कर रही है। घुसपैठियों के कारण, बंगाल की भाषा और बंगाल की संस्कृति में बहुत बदलाव आ रहे हैं। टीएमसी के निर्मम राज में, बंगाल के हज़ारों स्कूल बिना शिक्षकों के चल रहे हैं। और शिक्षकों की भर्ती, टीएमसी के मंत्रियों ने लूट ली है। ऐसे ही ये बंगाल की स्थानीय भाषाओं के साथ भी निर्ममता कर रहे हैं। संथाली भाषा का सरेआम अपमान किया जाता है। वहीं, मदरसा एजुकेशन के लिए रिकॉर्ड बजट दिया जा रहा है। ये घोर तुष्टिकरण है। इसे रोकने के लिए यहां बीजेपी सरकार जरूरी है। ‘एई शब चोलबे ना’! एई शब... एई शब... एई शब...

साथियों,

आने वाले कुछ घंटों में पड़ने वाला है। टीएमसी के भय को भगाने के लिए वोट पड़ने वाला है। आपका वोट...बीजेपी की सरकार लाने के लिए है। बंगाल के युवाओं की आंखों में जो सपने हैं, उनको देखकर आपको वोट डालना है। इनके जीवन में भय न रहे...इस संकल्प के साथ, हमारे इन सभी साथियों को विजयी बनाना है।

एक बार फिर इतनी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने के लिए आए मैं आपका जितना आभार व्यक्त करूं उतना कम है। अब ताकत बूथ पर लगानी है। अब ताकत एक-एक मतदान करने वाले परिवार पर लगानी है।

मेरे साथ बोलिए...

भारत माता की...

दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बोलिए... भारत माता की..

भारत माता की...

भारत माता की...

वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे...

बहुत-बहुत धन्यवाद...

Explore More
Today, the entire country and entire world is filled with the spirit of Bhagwan Shri Ram: PM Modi at Dhwajarohan Utsav in Ayodhya

Popular Speeches

Today, the entire country and entire world is filled with the spirit of Bhagwan Shri Ram: PM Modi at Dhwajarohan Utsav in Ayodhya
India's pace of economic growth shows that its Viksit Bharat dream is not out of reach

Media Coverage

India's pace of economic growth shows that its Viksit Bharat dream is not out of reach
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
PM chairs valedictory session of National Departmental Summit on Water
September 02, 2026
This marks the first in a series of Summits envisioned by PM to strengthen spirit of Team India and deepen cooperative federalism
PM stresses adoption of a continuous process of review and follow up to act on actionable and time-bound outcomes
Emphasising Jan Bhagidari, PM calls for promoting Jal Utsav to deepen public awareness on water conservation
PM calls for greater adoption of water-saving technologies and learning from global best practices
PM calls for robust water data governance through effective use of AI
PM suggests structured inter-State Study-visits involving public representatives, officials and farmers on water related issues

Prime Minister Shri Narendra Modi today chaired the valedictory session of the two-day National Departmental Summit on Water, organised by the Ministry of Jal Shakti. The Summit is the first in a series of Departmental Summits envisioned by Prime Minister to strengthen the spirit of Team India, deepen cooperative federalism and foster collective ownership of national priorities through closer collaboration between the Centre and the States. It brought together Ministers and senior officials from States and Union Territories for focused deliberations on various dimensions of India’s water security.

Prime Minister appreciated the intensive two-day deliberations and emphasised that the actionable and time-bound action points emerging from the Summit should be pursued through a continuous process of review and learning. He suggested that the Summit should not remain a one-time exercise and called for a continuous process of review and follow-up.

Prime Minister called for sensitising Urban Local Bodies to the challenges arising from urbanisation, including population growth and future water requirements, and suggested organising similar Chintan Shivirs for Urban Local Bodies. He called for greater adoption of water-saving technologies. He also suggested dedicated exhibitions and workshops, including exposure to global best practices, to enable Indian manufacturers and stakeholders to develop and scale efficient solutions.

Emphasising Jan Bhagidari, Prime Minister suggested promoting “Jal Utsav” to create greater awareness among people. Prime Minister called for making de-silting a regular programme and developing clear criteria and SOPs for de-silting. On dam safety, he stressed rigorous preparedness before every monsoon, adherence to prescribed precautions and creating awareness among school students, including through suitable incorporation in educational curricula.

Prime Minister further called for strengthening knowledge and capacity on water management and governance in universities and higher educational institutions. He suggested structured inter-State study-visits involving public representatives, officials and farmers to facilitate practical learning and replication of successful interventions.

Prime Minister called for robust water data governance, with water-sector data brought together, systematically managed, analysed and effectively utilised. He recommended the use of AI for data collection and analysis through a uniform format. He also stressed anticipatory and integrated planning to address water scarcity through suitable utilisation of treated water for agriculture and industrial purposes.

Drawing upon his experience as Chief Minister of Gujarat, Prime Minister noted that instances of water scarcity could be transformed into opportunities through systematic planning, commitment and deployment of adequate resources and capable officers.

Union Minister for Jal Shakti Shri C. R. Patil highlighted four key outcomes of the summit: accelerated completion of water infrastructure projects; strengthening water conservation as a sustained people’s movement; ensuring long-term sustainability of drinking-water sources; and institutionalising effective operation and maintenance of rural drinking-water schemes.