Congress dynastic party has a history of graft and appeasement. It's like rusted iron that will be finished if kept in rain: PM Modi
Nari Shakti Vandan Adhiniyam has created a new history in the country, says PM Modi in Bhopal
Congress and it's 'ghamandia' alliance wants to destroy the Sanatan Dharma: PM Modi
PM Modi says the Congress kept people poor in its interest. Over 13.5 cr people came out of poverty under BJP rule in 5 years
Congress turned rich MP into 'Bimaru' state during its long rule after Independence: PM Modi in Bhopal

भारत माता की… भारत माता की… भारत माता की…
मैं कहूंगा दीनदयाल उपाध्याय.. आप कहिएगा अमर रहे… अमर रहे।
दीनदयाल उपाध्याय.. दीनदयाल उपाध्याय .. दीनदयाल उपाध्याय…

मंच पर विराजमान सभी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेतागण और मेरे परम साथी और विशाल संख्या में पधारे हुए मेरे परिवारजनों,
ये जनसैलाब, ये उमंग, ये उत्साह, ये कार्यकर्ता का महाकुंभ, महासंकल्प ....बहुत कुछ कहता है। ये दिखाता है कि मध्य प्रदेश के मन में क्या है। ये दिखाता है- नई ऊर्जा से भरी हुई भाजपा। ये दिखाता है- भाजपा और भाजपा के हर कार्यकर्ता का बुलंद हौसला।

मेरे परिवारजनों,
मध्य प्रदेश को, देश का दिल कहा जाता है। भाजपा के साथ देश के इस दिल का जुड़ाव कुछ विशेष ही रहा है। जनसंघ के जमाने से लेकर आज तक, भाजपा को MP के लोगों ने हमेशा भरपूर आशीर्वाद दिया है। अटल जी, कुशाभाऊ ठाकरे जी, कैलाश जोशी जी, प्यारेलाल खंडेलवाल जी, राजमाता विजयराजे सिंधिया जी, सुंदरलाल पटवा जी, वीरेंद्र सकलेचा जी, मध्य प्रदेश से निकले ऐसे अनेक महान व्यक्तित्वों ने हमें आज यहां तक पहुंचाया है। ऐसे अनेकों लोगों का तप और त्याग, आज भी भाजपा के हर कार्यकर्ता को प्रेरित करता है। इसलिए मध्य प्रदेश सिर्फ भाजपा के विचार का ही नही, बल्कि विकास के विजन का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। इसलिए आज जब देश अमृतकाल की नई विकास यात्रा पर निकला है, तब मध्य प्रदेश की भूमिका औऱ महत्वपूर्ण हो गई है।

मेरे परिवारजनों,
मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार को लगभग 20 साल पूरे हो चुके हैं। यानि जो युवा इस बार के चुनावों में पहली बार वोट डालेंगे उन्होंने भाजपा की सरकार को ही देखा है। ये युवा सौभाग्यशाली हैं कि इन्होंने MP में कांग्रेस का वो बुरा शासन, वो बुराइयां उन्होंने देखी नहीं है। MP में कांग्रेस के शासन की पहचान थी- कुनीति, कुशासन और करोड़ों का करप्शन। आज़ादी के बाद मध्य प्रदेश में लंबे समय तक कांग्रेस का ही शासन रहा। लेकिन कांग्रेस ने साधन संपन्न मध्य प्रदेश को, समर्थ युवाओं वाले मध्य प्रदेश को, बीमारू बना दिया दोस्तों, बीमारू बना दिया। यहां के युवाओं ने कांग्रेस के जमाने की खराब कानून व्यवस्था नहीं देखी। यहां के युवाओं ने उस दौर की खस्ताहाल सड़कें नहीं देखी। यहां के युवाओं ने अंधेरे में जीने को मजबूर गांव और शहर नहीं देखे। अपने हर कार्यकाल में भाजपा ने MP को नई ऊर्जा के साथ नई ऊंचाई पर ले जाने का प्रयास किया है। इसलिए यहां के युवाओं ने भाजपा का सुशासन ही देखा है। उन्होंने चारों तरफ से विकास करता मध्य प्रदेश ही देखा है। उन्होंने मध्य प्रदेश को देश के अग्रणी गेहूं उत्पादक राज्यों के रूप में देखा है। उन्होंने मध्य प्रदेश को शिक्षा के उभरते केंद्र के रूप में देखा है। और इसलिए आने वाले चुनाव बहुत अहम है। हमें ध्यान रखना है कि विकास का जो रास्ता MP के लोगों ने बनाया है, उस विकास की गाड़ी सड़क से उतरे नहीं, भटके नहीं और अटके भी नहीं। हम अपने आसपास देख रहे हैं कि जब इन्हें राजस्थान में मौका मिला तो कैसे कांग्रेस वहां सिर्फ बर्बादी लाई। हमने महाराष्ट्र में देखा है कि कैसे कांग्रेस ने गठबंधन में शामिल होकर लूट को ही अपना नंबर वन काम बना लिया।

साथियों,
मध्य प्रदेश के विकास के लिए आने वाले कुछ साल बहुत ही महत्वपूर्ण है। आज पूरी दुनिया से भारत में निवेश आ रहा है, अलग-अलग राज्यों में आ रहा है। ये समय, भारत को, मध्य प्रदेश को विकसित बनाने का है, विकसित भारत बनाने का है। इतने महत्वपूर्ण समय में अगर कांग्रेस जैसी परिवारवादी पार्टी, हजारों करोड़ों के घोटाले का इतिहास रचने वाली पार्टी, वोटबैंक का तुष्टिकरण करने वाली पार्टी को ज़रा भी मौका मिल गया, तो मध्य प्रदेश को बहुत बड़ा नुकसान होगा। भाइयों-बहनों मैं जरा एक सवाल पूछता हूं आपको, मैं कहता हूं कि जहां-जहां कांग्रेस गई है उस राज्य को बर्बाद कर दिया है। क्या आपको लगता है कि मध्य प्रदेश का यही हाल करेंगे? मध्य प्रदेश को बचाना चाहिए कि नहीं बचाना चाहिए। कांग्रेस के हाथों नही जाने देना चाहिए ना। लूटने नहीं देना चाहिए ना, तबाही नहीं करनी देनी चाहिए ना। कांग्रेस, एक बार फिर MP को बीमारू बना देगी। मैं आपसे जानना चाहता हूं-क्या आप MP को फिर से बीमारू बनाना चाहते हैं? क्या आप MP के युवाओं के भविष्य को तबाह करना चाहते हैं? क्या आप चाहते हैं कि MP के विकास का पैसा कांग्रेस नेता लूट लें?

मेरे परिवारजनों,
कांग्रेस के पास भविष्य की सोच ही नहीं बची है। कांग्रेस, जंग लगा हुआ वो लोहा है, जो बारिश में रखे-रखे खत्म हो जाता है। अब कांग्रेस में ना देखने का सामर्थ्य बचा है, ना देशहित को समझने का।
इसलिए आप देखेंगे… साथियों आपका उत्साह मेरे सर आंखों पर.. बहुत-बहुत धन्यवाद आपके प्यार के लिए, दोस्तों आपका प्यार ही मेरी ताकत है, बहत धन्यावाद आपके प्यार के लिए.. साथियों कांग्रेस विकसित भारत से जुड़े हर प्रोजेक्ट की आलोचना करती है। आपको याद होगा, कांग्रेस ने डिजिटल इंडिया का भी विरोध किया था। आज भारत के UPI से पूरी दुनिया मंत्रमुग्ध है। भारत में रिकॉर्ड डिजिटल लेनदेन हो रहे हैं। लेकिन कांग्रेस को ये भी पसंद नहीं है।

साथियों,
भाजपा आज आधुनिक सड़कें, आधुनिकतम सड़कें, चौड़े हाईवे-एक्सप्रेसवे बना रही है। लेकिन कांग्रेस इसकी आलोचना करती है। भाजपा आज वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें ला रही है, स्टेशनों का कायाकल्प कर रही है। भोपाल के रानी दुर्गावती रेलवे स्टेशन की प्रशंसा हर कोई कर रहा है। ये भी कांग्रेस को नहीं पच रहा है। भाजपा बुलेट ट्रेन पर काम कर रही है- इसकी भी कांग्रेस आलोचना करती है। भाजपा सरकार ने नया भव्य संसद भवन बनाया। आने वाली सदियों तक देश की सेवा करे ऐसा भारत का अपना संसद भवन बना। पूरा देश इसकी भूरी-भूरी प्रशंसा कर रहा है। लेकिन कांग्रेस ने पहले ही दिन से इसका विरोध करना शुरू कर दिया। अब भी नकारात्मकता फैला रहा है कांग्रेसवाले। भारत कुछ भी नया करे, भारत कोई भी उपलब्धि हासिल करे, कांग्रेस को बिल्कुल पसंद नहीं आता है। मैं जरा मध्य प्रेदश के लोगों से पूछ रहा है क्या जवाब देंगे? एक सवाल पूछ रहा हूं जवाब देंगे… आप जरा बताइए.. देश का नाम रोशन हो तो आपको खुशी होती है कि नहीं होती है.. देश की इज्जात बढ़े तो आपको खुशी होती है कि नहीं होती है.. देश का मान बढ़े तो आपको गौरव होता है कि नहीं होता है। आपको होता है… कांग्रेस वालों को नहीं होता है। क्योंकि कांग्रेस ना खुद बदलना चाहती है और ना ही देश को बदलने देना चाहती है।

साथियों,
देश समृद्धि की तरफ बढ़ने के लिए घोर परिश्रम कर रहा है। लेकिन कांग्रेस देश को 20वीं शताब्दी में ले जाना चाहती है। मैं मध्य प्रदेश के युवा साथियों को, हमारे फर्स्ट टाइम वोटर्स को एक बात ज़रूर बताना चाहता हूं। मेरे नौजवान साथियों मेरी बात गौर से सुनिए और घर जाकर के अपने अपने माता जी, पिता, नाना-नानी, दादा-दादी, जरा मैं जो कह रहा हूं उनसे बात कीजिए, उनसे पूछिए.. मेरे युवा साथियों आपके माता-पिता, आपके दादा-दादी को अभाव में रखने के लिए कांग्रेस ही जिम्मेदार है। उनको मूसीबत में जीने के लिए मजबूर करने वाली एकमात्र पार्टी कांग्रेस पार्टी है। आज दुनिया भारत को लेकर जो कुछ कह रही है, ये सारे गौरवपूर्ण काम पहले भी हो सकता था। लेकिन कांग्रेस सिर्फ एक परिवार का गौरवगान करने में ही जुटी रही। कांग्रेस ने प्रजातंत्र को परिवारतंत्र बना दिया। कांग्रेस ने भारत में भ्रष्ट व्यवस्था को पोषित करने में ही जुटी रही। कांग्रेस की राजनीति अभाव में फलती-फूलती है, गरीबी और मुश्किलों में फलती-फूलती है। इन्होंने ऐसी व्यवस्था बनाई कि गरीब को हमेशा हाथ फैलाना पड़े, हर चीज़ के लिए निर्भर रहना पड़े। गरीब को तरसाकर, कांग्रेस को ये जताने का अवसर मिल जाता था कि उन्होंने गरीब को कुछ दिया है। ये अपनी योजनाओं का लाभ भी उन लोगों को देते थे जिनसे उन्हें वोट मिलते थे। इसलिए कांग्रेस ने जानबूझकर देश को गरीब रखा, देश के लोगों को अभाव में जीने के लिए मजबूर किया। रोटी-कपड़ा-मकान में ही उलझाए रखा।

मेरे युवा साथियों,
जो मुश्किलें… ध्यान से सुनिए दोस्तों.. जो मुश्किलें आपके माता-पिता से पहले की पीढ़ियों ने झेली, वो अब आपको और आपके बच्चों को ना झेलनी पड़े, इसके लिए भाजपा की डबल इंजन सरकार लगातार काम कर रही है। आज हमारे प्रेरणापुंज, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का जन्म दिवस भी है। पंडित जी ने सुशासन को अंत्योदय से जोड़कर देखा, समाज के अंतिम व्यक्ति के विकास को प्राथमिकता दी। अंत्योदय की यही प्रेरणा, सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास… उस मंत्र में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का चिंतन है , वह हमें प्रेरित करती है। बीते 9 वर्षों में हमने जो भी योजनाएं बनाईं उनके मूल में यही भावना है। भाजपा ने गरीबों, महिलाओं, शोषितों-वंचितों- SC-ST-OBC को विकास का सबसे बड़ा लाभार्थी बनाया है। वंचितों को वरीयता की जो गारंटी मोदी ने दी है, उसे हमने एक के बाद एक कदम उठाकर पूरा किया है। हमने गरीब का जीवन बेहतर करने के लिए प्रयास किए, प्रामाणिक प्रयास किए ।

समाज में जो अभाव था, उसको दूर किया। और जानते हैं इसका नतीजा क्या मिला है? मैं आपसे एक बात पूछूं? मैं आपसे एक बात पूछूं? पुछूं? आप जवाब देंगे? पूरी ताकत से जवाब देंगे? वहां के दूर-दूर के लोग भी देंगे? आपको पता है ना कि कांग्रेस ने 50 साल पहले गरीबी हटाओ का नारा दिया था। मैं फिर आपसे पूछूंगा। 50 साल पहले गरीबी हटाओ का नारा किसने दिया था?...किसने दिया था?... किसने दिया था? क्या कांग्रेस ने अपना वायदा पूरा किया?... कांग्रेस ने अपना वायदा पूरा किया? अब मैं आपको एक और आंकड़ा बताना चाहता हूं… बताऊं ? आंकड़ा याद रखोगे… पक्का याद रखोगे?.. सुनिएगा, ये आंकड़ा है, साढ़े 13 करोड़। कितना… ? कितना…? कितना…? जरा जोर से बोलिए कितना…? साढ़े तेरह करोड़! ये मध्य प्रदेश की कुल आबादी से भी ज्यादा है। भाजपा सरकार के 5 साल में ही देश में साढ़े 13 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यह सुनकर के आपको आनंद होता है कि नहीं होता है? आपका उत्साह बढ़ता है कि नहीं बढ़ता है ? गरीबों का कल्याण करना अपना काम है कि नहीं है ? हम अपना काम पूरा कर रहे हैं कि नहीं कर रहे हैं? साथियों, ये जो साढ़े तेरह करोड़ की मैं बात कर रहा हूं ना मतलब कि MP की कुल आबादी से भी ज्यादा लोग, भाजपा सरकार ने देश में गरीबी से बाहर निकाले हैं।

मेरे प्यारे मध्य प्रदेश के भाइयों-बहनो, मेरे प्यारे देश के भाइयों-बहनो
ये मोदी की गारंटी का नतीजा है। और जब मोदी गारंटी देता है, जब भाजपा गारंटी देती है, वो ज़मीन पर उतरती है, घर-घर पहुंचती है । हर लाभार्थी तक पहुंचती है। याद रखिएगा, याद रखेंगे, याद रखेंगे… याद रखिएगा..मोदी यानि हर गारंटी पूरी होने की गारंटी!

मेरे परिवारजनों,
आज यहां बड़ी संख्या में मेरी बहनें और बेटियां आई हुई हैं। मैं मध्य प्रदेश की बहनों को याद दिलाने आया हूं कि मोदी ने आपको जो गारंटी दी थी, वो भी पूरी हो गई है। कुछ दिन पहले ही लोकसभा और राज्यसभा में माताओं-बहनों-बेटियों के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का कानून पारित हुआ है। नारीशक्ति वंदन अधिनियम ने देश में नया इतिहास रच दिया है। दशकों-दशक से देश की माताएं-बहनें, इसका इंतज़ार कर रही थीं। बल्कि ये तक कहा जाने लगा.. कि शायद ये कभी हो ही ना पाए। आखिर मोदी है तो… मोदी है.. तो.. हर गारंटी पूरी होने की गारंटी है। लेकिन भाइयों और बहनों, आज मैं मध्य प्रदेश सहित पूरे देश की बहनों को सावधान भी करना चाहता हूं। कांग्रेस और उसके नए-नए घमंडिया गठबंधन ने इस बिल का समर्थन बहुत खट्टे मन से किया है, बहुत बेमन से किया है।ये खट्टापन, उनके बहानों में दिखाई देता है। और आप देखिए.. इनके गठबंधन में जितने लोग है, वही लोग है जिन्होंने तीस साल तक इस कानून को पारित नहीं होने दिया। पार्लियामेंट में हुड़दंग किया, बिल फाड़ दिए, स्पीकर पर हमले बोल दिए, और जब मजबूरी में उंगली उठानी पड़ी है, उनको तो लगता है कि अब देश की माताएं-बहनें उनके चरित्र को जान गई है, तब क्या शुरू किया… ये क्यों नहीं है, वो क्यों नहीं है, ऐसा क्यों है, वैसा क्यों नहीं है। उनको नारीशक्ति वंदन अधिनियम का मजबूरी में समर्थन इसलिए करना पड़ा क्योंकि मेरी माताए-बहनें जग गई हैं.. मेरी माताऔ-बहनों का हौसला बुलंद है। मेरी माताओ-बहनों ने शक्ति का परिचय करवा दिया है और इसलिए ये माताओं और बहनों से डरे हुए हैं। इसलिए निची मुंडी करके हाउस में अनचाहे अनमन से उंगली तो दबा दी। बीते 9 वर्षों में जिस तरह भारत की महिला सशक्त हुई है, उसे देखकर इन दलों की हिम्मत नहीं हुई की नारीशक्ति अधिनियम का विरोध कर पाएं। वरना इन्होंने तो दशकों तक देश में सरकारें चलाईं हैं। भारी बहुमत से सरकारें चलाई हैं। तब क्यों नहीं ये कानून बनाया? जो बहाने ये आज बना रहे हैं, तब क्यों नहीं ये सबकुछ कर दिया? सच्चाई ये है कि इनकी नीयत में खोट है।

इसलिए मौका मिलते ही… मेरी माताए-बहने मेरे ये शब्द याद रखना… मौका मिलते ही ये घमंडिया गठबंधन के लोग माताओ-बहनों को धोखा देने का तय कर के बैठे हैं तैयार बैठे हैं। कांग्रेस के घमंडिया साथी, वही हैं जिन्होंने इस कानून को रोकने के लिए हर मर्यादा तोड़ी है। इनकी वो सोच आज भी नहीं बदली है। आपको मैं एक और बात कहना चाहता हूं। ये लोग बहुत बौखलाए बुए हैं। ये अब नया खेल खेलेंगे.. पक्का मानिए, और ना क्या खेल खेलेंगे? ये नारीशक्ति को बांटने की पूरी कोशिश करेंगे। नारीशक्ति एक न हो इसलिए भांति-भांति की अफवाहें फैलाएंगे इसलिए देश की हर माता-बहन-बेटी को सावधान रहना होगा, सतर्क रहना होगा, और एकजुट रहना ही होगा। माताएं-बहने एकजुट रहोगे ना… एकजुट रहोगे ना? आप याद रखिए। ये वही लोग हैं, जिन्होंने देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति, द्रौपदी मुर्मू जी को राष्ट्रपति बनने से रोकने का भरसक प्रयास किया। ये लोग बार-बार उनको अपमानित करने का प्रयास करते हैं। ये वही लोग हैं, जिन्होंने देश की सेनाओं के अग्रिम मोर्चों में बेटियों की एंट्री को रोककर रखा था। अगर इनकी नीयत ठीक होती, तो क्या मोदी को करोड़ों बहनों के नाम पक्के घर करने देते, और मुझे ये काम करना पड़ता? उनकी नीयत ठीक नहीं थी, इसलिए आज वो काम मुझे करना पड़ रहा है। आजादी के इतने सालों बाद करना पड़ रहा है। इनको नहीं दिखता था कि सबकुछ पुरुष के नाम पर है, महिलाओं के नाम पर कुछ नहीं? अगर इनकी नीयत महिला हित की होती, तो क्या मोदी को आकर के करोड़ों टॉयलेट बनाने पड़ते? क्या टॉयलेट नहीं बना सकते थे ये लोग.. वो काम भी मुझे ही करना पड़ा… उनकी नीयत में ही खोट थी। अंधेरे का इंतज़ार करती माताओं-बहनों को देखकर इनकी आंखों में क्यों पानी नहीं आता था? इनकी नीयत ठीक होती तो, बहनों को धुएं में जीने को मजबूर होना न पड़ता। करोड़ों बहनों तक गैस सिलेंडर पहुंचाने की मेहनत मोदी को क्यों करनी पड़ी? ये महिलाओं के हितैषी होते तो, महिलाओं को पानी की बूंद-बूंद के लिए दशकों तक तरसा कर ना रखते।

साथियों,
ये महिलाओं के हित में काम करते तो मोदी को आकर आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज की व्यवस्था ना करनी पड़ती। ये अगर महिला हितैषी होते तो हमें बेटियों को बचाने और उन्हें पढ़ाने के लिए आवाज़ ना उठानी पड़ती। इन्होंने तो महिलाओं को बैंकों से भी दूर रखा। देश की करोड़ों बहनों के जनधन खाते आपके इस सेवक को खुलवाने पड़े। हमारी कोशिश यही थी कि बहनों की समृद्धि का रास्ता खुले, बेटियां अपने पैरों पर खड़ी हो सके। इसलिए मैं देश की हर माता-बहन-बेटी से कहूंगा कि कोई कितनी भी कोशिश कर ले, आपको भ्रमित नहीं होना है। हमने एक कठिन रास्ता पार किया है। ये महिलाओं की भागीदारी के विस्तार की शुरुआत है। ये एक सार्थक बदलाव का शुभारंभ है।

मेरे परिवारजनों,
कांग्रेस आज भी उसी पुराने ढर्रे, उसी पुरानी मानसिकता पर चल रही है। चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए इनके नेताओं के लिए गरीब का जीवन मायने नहीं रखता है। कांग्रेस के नेताओं के लिए गरीब का जीवन एक एंडवेचर टूरिज्म है। कांग्रेस के नेताओं के लिए गरीब की बस्ती, पिकनिक मनाने, वीडियो शूटिंग कराने का लोकेशन बन गई है। कांग्रेस के लिए गरीब किसान का खेत, फोटो सेशन का मैदान बन गया है। इन्होंने अतीत में भी यही काम किया, देश-विदेश के अपने दोस्तों में इन्होंने भारत की गरीबी का माखौल उड़ाया और आज भी यही कर रहे हैं। जबकि भाजपा की सरकार भारत को भव्य भी बना रही है और यही भव्य तस्वीर दुनिया के सामने सीना तान कर के दिखा भी रहे हैं। कांग्रेस और भाजपा के बीच का यही अंतर हमें बूथ-बूथ में, हर वोटर को बताना है, हर मतदाता को समझाना है। समझाओगे? जरा दोनों हाथ ऊपर करके बताओ कि समझाओगे? पोलिंग बूथ में हर घर जाओगे… हर किसी को बताओगे.. एक-एक बात बताओगे?



साथियों,
मोदी का मिजाज भी अलग है, मेहनत भी अलग है और मिशन भी अलग है। मेरे लिए देश से बड़ा, देशवासियों से बड़ा कुछ भी नहीं है। मैं अभावों में रहा हूं लेकिन अपने देश को अभावों में नहीं रहने दे सकता। मुफ्त राशन और मुफ्त इलाज, गरीब की चिंता दूर करने का अवसर कांग्रेस के पास भी था। लेकिन नीयत और इच्छाशक्ति नहीं थी। बेईमानी और भ्रष्टाचार की नीयत, ऐसा करने से उन्हें रोकती थी। पहले समाज के जिन वर्गों को छोटा समझा गया, उनके जीवन में बड़े परिवर्तन का प्रयास हमने किया है। गरीब से गरीब को गुणवत्ता का जीवन मिले, आज देश में इसके लिए काम किया जा रहा है। कुछ दिन पहले ही, पीएम विश्वकर्मा योजना शुरु हुई। देशभर में हमारे विश्वकर्मा साथी कोने-कोने में फैले हुए हैं। कोई ऐसा गांव नहीं होगा जहां कोई ना कोई विश्वकर्मा परिवार रहता ना हो। अपनी परंपरा, अपनी कला, अपनी उपयोगिता के लिए जाने-जाने वाले ये साथी हर समाज में हैं। लेकिन कांग्रेस ने उन्हें क्या दिया? कांग्रेस ने उन्हें अपने हाल पर छोड़ दिया था। आपने एक वोट देकर इस सेवक को आपकी सेवा करने का अवसर दिया। आज हमारे कुम्हार भाई-बहन, लोहार भाई-बहन, सुनार भाई-बहन, सुतार भाई-बहन, जूते बनाने वाले, राजमिस्त्री, दर्ज़ी, ऐसे दर्जनों साथियों के लिए राष्ट्रीय विश्वकर्मा योजना बनी है। इनकी ट्रेनिंग का इंतज़ाम हुआ है। लाखों रुपए के लोन की व्यवस्था हुई है। और विश्वकर्मा साथियों के लिए जो ये कम ब्याज का लोन मिलेगा, उसकी गारंटी मोदी ने ली है, सरकार ने ली है।

साथियों,
हमने रेहड़ी, पटरी, ठेले पर छोटा-मोटा कारोबार करने वाले साथियों के लिए भी बैंकों के दरवाज़े खोले हैं। पीएम स्वनिधि योजना के तहत इनकी मदद की गारंटी भी मोदी ने ली है। गांव में, कस्बों में हमारे साथी, अपनी दुकान, ढाबा, गेस्ट हाउस, ऐसे व्यवसाय कर सकें, ये पहले बहुत मुश्किल था।उनके पास गारंटी नहीं होती थी, इसलिए बैंक से उन्हें मदद मिलना मुश्किल था। मोदी ने ऐसे साथियों की गारंटी भी ली। मुद्रा योजना के तहत लाखों का बिना गारंटी का पैसा उन्हें मिल रहा है। इस योजना की सबसे बड़ी लाभार्थी हमारी बहनें हैं, हमारे दलित भाई-बहन हैं, पिछड़े परिवार है, हमारे आदिवासी साथी हैं। हमारे छोटे किसानों, पशुपालकों और मछुआरों की तो सरकारी नीतियों में पूछ ही बहुत कम होती थी। कांग्रेस की सरकारें वोट पाने के लिए किसानों को लोन माफी की झूठी गारंटी देती रही हैं।

लेकिन छोटे किसानों, पशुपालकों के लिए तो बैंक से लोन लेना असंभव था। वे तो छोटी-छोटी ज़रूरतों के लिए बाज़ार से महंगा ब्याज लेते थे। महंगे ब्याज पर पैसे लेते थे। इसलिए आपके इस सेवक ने पीएम किसान सम्मान निधि के तहत, छोटे किसानों की भी गारंटी ली। जब पीएम किसान योजना हमने शुरु की थी, तब कांग्रेस ने इसको लेकर कितना झूठ फैलाया था। कहा जाता था कि चुनाव होने के बाद मोदी ये पैसे वापस ले लेगा। लेकिन पीएम किसान सम्मान निधि 5 साल से निरंतर चल रही है। कोरोना काल में जब सबकुछ रुक गया था, तब भी ये नहीं रुकी। क्योंकि हमारी सरकार ने डायरेक्ट आपके खाते में पैसा भेजने का प्रावधान किया है। अभी तक ढाई लाख करोड़ रुपए से अधिक देशभर के किसानों को मिल चुके हैं। इसमें मध्य प्रदेश के हर किसान के बैंक खाते में करीब 30 हजार रुपए तक पहुंचे हैं। भाजपा सरकार ने छोटे किसानों के साथ ही पशुपालकों और मछुआरों को भी किसान क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधाएं दी हैं।

मेरे परिवारजनों,
मध्य प्रदेश में हमारी धरोहर के दर्शन होते हैं। देवी अहिल्याबाई और रानी दुर्गावती, सहित हमारे अनेक पूर्वजों ने भारत की विरासत को समृद्ध करने में भूमिका निभाई है। लेकिन कांग्रेस और उसका घमंडिया गठबंधन हमारी इस विरासत को, सनातन को, समाप्त करना चाहता है। इसलिए भी ऐसे दलों से मध्य प्रदेश को बहुत सावधान रहना होगा। साथियों, आज मैं देश के लोगों को, मध्य प्रदेश के लोगों को एक और बात बताना चाहता हूं। कांग्रेस ने अपनी सारी इच्छाशक्ति खो दी है। हम देखते हैं कि कुछ समय से कांग्रेस के जमीन से जुड़े नेता चुपचाप मुंह पर ताला लगाकर बैठ गए हैं। कांग्रेस पहले बर्बाद हुई, अब बैंकरप्ट हुई और अब कांग्रेस ने अपना ठेका दूसरों को दे दिया है। कांग्रेस को अब कांग्रेस के नेता नहीं चला रहे। अब कांग्रेस एक ऐसी कंपनी बन गई है, नारों से लेकर नीतियां तक हर चीज़ आउटसोर्स कर रही है। और ये ठेका किसके पास है...जानते हैं? कांग्रेस का ठेका अब कुछ अर्बन नक्सलियों के पास है। कांग्रेस में अब अर्बन नक्सलियों की ही चल रही है। ये ग्राउंड पर कांग्रेस का हर कार्यकर्ता महसूस कर रहा है। इसलिए कांग्रेस, ज़मीन पर भी लगातार खोखली हो रही है।

मेरे परिवारजनों,
आज भारत एक बहुत ही महत्वपूर्ण कालखंड में प्रवेश कर चुका है। पूरा विश्व कह रहा है कि ये भारत का कालखंड है। हर देश भारत से मित्रता करना चाहता है। हर निवेशक भारत में अवसर देख रहा है। हमारे चंद्रयान का गौरवगान पूरा विश्व कर रहा है। कुछ दिन पहले हुए जी 20 सम्मेलन में भारत की भूमिका और सशक्त हुई है। ये इसलिए हो रहा है क्योंकि आपने देश में एक स्थिर और मज़बूत सरकार चुनी। आपने ऐसी सरकार चुनी जो चुनौतियों को चुनौती दे सकती है। हजार वर्ष की गुलामी के कालखंड में हमने जो आत्मविश्वास खोया, आज भारत उस आत्मविश्वास को जी रहा है। आज हम जो फैसले लेंगे, वो आने वाले हज़ार साल की हमारी यात्रा को तय करने वाले हैं। ये सबकुछ मध्य प्रदेश की भागीदारी के बिना संभव नहीं है। विकसित भारत के लिए मध्य प्रदेश का विकसित होना बहुत आवश्यक है। ऐसा विकसित मध्य प्रदेश जहां हर व्यक्ति, हर परिवार का जीवन वैसा ही हो, जैसा विकसित देशों में हमने देखा है। हमें ऐसे मध्य प्रदेश का निर्माण करना है, जो छोटी-छोटी ज़रूरतों का मोहताज ना रहे। हमें मध्य प्रदेश को नए अवसरों की धरती बनाना है। इसके लिए ये ज़रूरी है कि आने वाले 5 वर्ष के लिए यहां फिर से भाजपा सरकार बने, पूर्ण बहुमत की स्थिर भाजपा सरकार बने। भाजपा के पास रोडमैप भी है और उसे ज़मीन पर उतारने की इच्छाशक्ति भी है। इसलिए मध्य प्रदेश के हर कार्यकर्ता की जिम्मेदारी बहुत बड़ी है। हमें विधानसभा ही नहीं, बल्कि हर बूथ जीतना है, हर बूथ पर लोगों का दिल जीतना है। बूथ का हर कार्यकर्ता हमारा उम्मीदवार है। क्योंकि उसकी पहचान कमल है, उसकी शान कमल है, उसका निशान कमल है। इसलिए हर कार्यकर्ता को जी-जान से जुटना है। मुझे आप सभी के सामर्थ्य पर पूरा भरोसा है।

साथियों,
आज मैं एक और आग्रह भी करना चाहूगा। आने वाले 2 अक्टूबर को पूज्य बापू की जन्म जयंति है। इससे पहले एक अक्टूबर को स्वच्छता से जुड़ा बहुत बड़ा कार्यक्रम पूरे देश में होने वाला है। मेरा मध्य प्रदेश के हर परिजन से आग्रह रहेगा कि आप सभी उत्साह और उमंग के साथ स्वच्छता के कार्यक्रम से जुड़िए। अब आप सभी त्यौहारों की भी तैयारी कर रहे हैं। हमें वोकल फॉर लोकल याद रखना है। हमें खादी के वस्त्र खरीदने हैं। जो भी गिफ्ट हम खरीदें, वो लोकल हो, जो भारत में बना हो, ये बात हमें कभी भी भूलनी नहीं है। मेरे प्यारे भाइयों-बहनों, आप इतनी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने के लिए आए। मैं आपका हृदय से बहुत-बहुत आभार व्यक्त कर रहा हूं। मेरे साथ बोलिए... भारत माता की… भारत माता की…

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How India is changing the approach from reactive treatment to proactive detection
May 24, 2026

India’s health system is undergoing a stable and decisive transformation under Prime Minister Narendra Modi. For decades, the system was built largely around treatment after illness had already advanced.
Today, it is increasingly structured around prevention, early detection, and timely intervention. This shift matters because India’s heaviest disease burden such as Tuberculiosis, anaemia and other communicable and non communicable diseases , has always fallen on those least able to absorb it, that is, the poor, the undernourished, and those who reach care too late.
Through large-scale screening programmes, nutrition support, and more accessible treatment pathways, the government is ensuring that the disease is detected earlier, treated sooner, and prevented from becoming a greater social and economic burden.

Holistic approach to TB

In 2014, India accounted for more TB cases and deaths than any other country in the world, with an incidence rate of 237 per lakh, with an estimated 15 lakh patients missing entirely from the system. By 2024, that rate had fallen to 187 per lakh.
According to the WHO’s Global Tuberculosis Report 2025, this represents a 21% decline, the steepest among high-burden countries, and nearly double the global average reduction of 12%, with treatment coverage rising from 53% to 92% in the same decade.
What drove this was not only better medicines but mass detection. Under TB Mukt Bharat Abhiyan (2024), 20 crore people were screened, 28 lakh active TB patients were identified, and 9 lakh asymptomatic cases were found who were carrying the disease without knowing it, undetected and untreated. The act of finding them was itself a public health intervention.
This identification led to a better intervention. The BPaLM regimen further reduced drug-resistant TB treatment from 20 months to 6 months, with treatment success rates among MDR-TB patients reaching 87%, as documented in a 2025 Science Direct study on India’s TB Elimination Programme.
Yet the clinical evidence is emphatic about one point: medicines alone are not sufficient. A 2025 study published in PLOS Global Public Health by Cornell University found that TB patients carry a “metabolic scar” with disrupted metabolic patterns persisting after the infection clears and that nutritional care must be integral to TB management, not supplementary.
Under PM Modi’s initiative, Ni-Kshay Poshan Yojana operationalises this challenge directly. The government doubled the monthly nutritional support for TB patients from Rs. 500 to Rs. 1,000, disbursing nearly Rs. 4,500 crores to 1.38 crore patients through Direct Benefit Transfer since 2018.
These interventions resulted in over 46 thousand Gram Panchayats being certified TB-free, a community-level confirmation that a combined medical and nutritional approach is producing results beyond facility walls.

Anaemia

Anaemia presents a different scale of burden. NFHS-5 (2019-21) data show that 57% of women aged 15-49, 67% of children under five, 52.2% of pregnant women, and 59.1% of adolescent girls are anaemic.
Its consequences extend far beyond fatigue, presenting as developmental impairment in children, poor pregnancy outcomes, and long-term reductions in cognitive and physical productivity, which are all well-documented downstream effects.
To address this disease burden, the PM Modi government started the Anaemia Mukt Bharat (AMB) programme, which includes deworming and iron-folic acid (IFA) supplements as interventions. And under Pradhan Mantri Poshan Shakti Nirman, fortified rice has been mandated through the PDS, midday meal programmes, and ICDS.
This has shown a profound impact on anaemia reduction. A landmark study published in The Lancet Global Health, conducted across India, found that IFA supplementation cured approximately 85% of children with mild anaemia and 75% with moderate anaemia within 90 days, making combined IFA the most efficient single intervention for India’s profile.
Adding rice fortification addresses what supplementation programmes alone cannot reach, where populations that will not consistently attend health facilities.
A 2024 GiveWell meta-analysis in India, drawing on six controlled trials, found that iron-fortified rice reduced the prevalence of anaemia by 29%.
Together, these measures have shown that sustained intervention against anaemia, focusing on prevention, nutrition, and delivery systems that reach people before the condition becomes severe.

Screening: Prevention as Policy

Non-communicable diseases (NCD) share TB and anaemia’s central problem: they cause the most harm before producing symptoms. In 2025, the Ministry of Health launched an Intensified NCD Screening Campaign to achieve 100% coverage for all individuals aged 30 and above, delivered through nearly 1.85 lakh Ayushman Arogya Mandirs (AAM).
Cumulatively, more than 55.50 crore people have been screened for hypertension, and 48.5 for diabetes, 57.74 crore screened for oral cancer, breast cancer and cervical cancer in AAM reducing the burden of NCDs through early management, reaching nearly 90% of its target by the end of 2025.
Taken together, these initiatives show how, under Prime Minister Modi, India is becoming a healthier nation through a balanced mix of preventive, diagnostic, and curative solutions.
The significance lies not only in the scale of the programmes but also in the way they reach citizens at the community level and change health outcomes before disease becomes irreversible.
The same community infrastructure, through grassroots intervention by ASHA workers, Ayushman Arogya Mandirs, the Ni-Kshay platform, is simultaneously addressing TB, anaemia, and other chronic diseases.
This is the larger reform of the public health system, moving from isolated interventions to a more integrated model of care, steadily strengthening the nation’s health map.