Arunachal Pradesh is India's pride: PM Narendra Modi in Itanagar

Published By : Admin | February 9, 2019 | 12:21 IST
In an effort to connect all the capitals of North East states, Itanagar has also been connected with the Railways: PM
Not just airports, the lives of people in Arunachal Pradesh will improve vastly with new and improved rail and road facilities: PM Modi
Arunachal Pradesh is India's pride. It is India's gateway, Centre will not only ensure its safety and security, but also fast-track development in the region: PM

मेरे प्‍यारे भाईयों और बहनों।

उगता हुआ सूरज ऊर्जा, उम्‍मीद और आकांक्षाओं का प्रतीक होता है। अरूणाचल का तो नाम ही सूर्य का ही नाम है। यह उगते हुए सूरज की भूमि है। इस वजह से यह भूमि पूरे देश के विश्‍वास का प्रतीक भी है। अरूणाचल हमारे विश्‍वास को ताकत देता है, हमारे संकल्‍प को और समर्थ बनाता है। बीते 55 महीने में अनेक बार मैं आप सभी के बीच आया हूं। उसका एक कारण आप सभी के आशीर्वाद की इच्‍छा तो है ही साथ में देश के लिए निरंतर नई ऊर्जा और ताजगी से काम करने की प्रेरणा मिले इसके लिए भी अरूणाचल प्रदेश आना मुझे बहुत सुखद लगता है। और हर नागरिक जब मिलता है, जय हिंद बोल करके greet करता है। ऐसा मन को आनंद मिलता है, इतनी ऊर्जा मिलती है और यह जयहिंद को जिंदगी का हिस्‍सा बनाने वाली धरती को मैं आज फिर एक बार नमन करता हूं।

साथियों, बीते 55 महीनों से केंद्र की एनडीए सरकार और यहां पर हमारे मित्र खांडू जी की अगुवाई में चल रही बीजेपी की सरकार अरूणाचल को सशक्‍त करने के लिए आप सभी लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए पूरी निष्‍ठासे, पूरी ईमानदारी से जुटी हुई है। आज भी मुझे अरूणाचल प्रदेश को मजबूती देने वाली 4 हजार करोड़ रुपये से भी ज्‍यादा रुपये की परियोजनाओं का शिलान्‍यास और लोकार्पण करने का अवसर मिला है।

इन परियोजनाओं के अलावा आपके प्रदेश में करीब 13 हजार करोड़ की परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। आज की परियोजनाओं से अरूणाचल प्रदेश की connectivity तो सुधरेगी ही राज्‍य के Power Sector को भी मजबूती मिलेगी। इन परियोजनाओं से जहां, एक राज्य की स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं की सेहत बेहतर होगी, तो वहीं दूसरी तरफ अरूणाचल की संस्‍कृति को भी बढ़ावा मिलेगा। इन सभी परियोजनाओं के लिए आप सभी को बहुत-बहुत बधाई है।

भाईयों और बहनों, आज आजादी के बाद एक ही पार्टी के 55 सालों को एक तरफ रखिए और दूसरी तरफ केंद्र में हमारे बीते 55 महीनों को रखकर तुलना कीजिए। अरूणाचल और पूरे नॉर्थ ईस्‍ट के लिए क्‍या काम हुए हैं, इसकी तस्‍वीर आपके सामने साफ हो जाएगी।

अरूणाचल के पास तो समृद्ध जल संपदा है। यहां बिजली पैदा करने की अभूतपूर्व क्षमता है, लेकिन विकास उस गति से नहीं हो पा रहा था, जैसा होना चाहिए था। यह देश की सुरक्षा से जुड़ा एक महत्‍वपूर्ण क्षेत्र रहा है। strategic लिहाज से अहम क्षेत्र रहा है। फिर भी यहां आवश्‍यक सुविधाओं का निर्माण नहीं हुआ है। स्थिति यह थी कि न तो यहां के नौजवानों की परवाह की गईऔर न ही सीमा पर डटे जवानों की।

साथियों, पहले की सरकारों ने इस बात पर कम ही ध्‍यान दिया कि इस क्षेत्र को नजर अंदाज करने से यहां के लोगों को कितनी परेशानाी और तकलीफ होती है। देश को.... और आप देखते हुए दशकों से मांग हो रही थी कि अरूणाचल प्रदेश समेत यहां के तमाम क्षेत्रों में आधुनिक Infrastructure की जरूरत है, लेकिन पहले वालों ने इसकी भी परवाह नही की। साथियों, इस सरकार द्वारा इस स्थिति को बदलने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। मैं बार-बार कहता आया हूं कि New India तभी अपनी पूरी शक्ति से विकसित हो पाएगा जब पूर्वी भारत North East का तेज गति से विकास होगा। यह विकास संसाधनों का भी है और संस्‍कृति के गौरव का भी है। यह विकास अलग-अलग क्षेत्रों को जोड़ने का भी है और जन-जन को भी जोड़ने का है।

भाईयों और बहनों, सबका साथ, सबका विकास इस मंत्र पर चलते हुए बीते 55 महीनों में अरूणाचल और उत्‍तर पूर्व के विकास के लिए न तो कभी फंड की कमी आने दी गई और न ही इच्‍छा शक्ति की कमी आई है। बीते वर्षों में राज्‍यों को 44 हजार करोड़ रुपयों का फंड दिया गया, जो पिछली सरकार की तुलना में लगभग डबल है डबल। इसके अलावा केंद्र सरकार यहां हजारों करोड़ के अन्‍य प्रोजेक्‍ट पर भी काम कर रही है। विकास की इसी कड़ी में आज अरूणाचल में एक साथ दो एयरपोर्ट का उद्घाटन और शिलान्‍यास हो रहा है। संभवत: यह प‍हली बार है कि भारत में किसी भी राज्‍य में एक एयरपोर्ट पर काम पूरा हुआ हो और दूसरे पर काम शुरू हुआ हो। अरूणाचल प्रदेश के लिए तो यह और भी अहम अवसर है क्‍योंकि आजादी के इतने वर्षों तक यहां एक भी ऐसा एयरपोर्ट नहीं था जहां नियमित रूप से बड़े यात्री जहाज उतर पाए। गुवाहाटी तक एयरपोर्ट की connectivity थीऔर वहां से या तो सड़क के रास्‍ते आपको आना-जाना होता था, या फिर मजबूरी में, या emergency में हेलीकॉप्‍टर का सहारा लेना पड़ता था।

साथियों, आज से तेजू एयरपोर्ट सामान्‍य जनता से जुड़ी यात्री सेवाएं देने के लिए तैयार है। तेजू हवाई अड्डे को लगभग 50 साल पहले बनाया गया थाऔर उसके बाद किसी ने यह नहीं सोचा कि इसका इस्‍तेमाल यहां के लोगों को देश से जोड़ने के लिए भी किया जा सकात है। हमारी सरकार ने इस छोटे एयरपोर्ट का करीब सवा सौ करोड़ रुपया खर्च करके विस्‍तार किया। यहां की आधुनिक सुविधाएं जुटाई। अब इसके बाद अरूणाचल प्रदेश की air connectivity गुवाहाटी, जोरहार्ट और वालोंग से हो जाएगी। और यह भी मैं बताऊं, अरूणाचल प्रदेश प्राकृतिक रूप से इतना बड़ा समृद्ध है अगर दिल्‍ली और बड़े शहर के लोगों को यहां के भिन्‍न-भिन्‍न colour के पुष्‍प, ताजे फूल अगर देखने को भी मिल जाए न तो भी शायद दिनभर वो वही देखते रहेंगे।

अब यह हवाई अड्डे बनने से हम कुछ ही घंटों में यहां से फल-फूल हिन्‍दुस्‍तान बड़े मार्केटों में ले जा सकते हैं, मेरा किसान कमाई कर सकता है।

साथियों, कुछ महीनें पहले ही अरूणाचल के लिए commercial flight शुरू की गई थी। अब इस एयरपोर्ट के विस्‍तार से आपको दोहरा लाभ होने वाला है। सरकार का प्रयास है कि उड़ान योजना के तहत बहुत ही सस्‍ती हवाई यात्रा का और अधिक फायदा अरूणाचल प्रदेश के आप सभी को मिल सके। साथियों, करीब एक हजार करोड़ रुपये की लागत से Hollongigreenfield airportका शिलान्‍यास भी आज हुआ है। कुछ महीने पहले ही देश के 100वें और North East के पहले greenfield पाक्योंग airportका लोकार्पण करने सौभाग्‍य मुझे मिला था। मैं आपको आश्‍वस्‍त करता हूं कि North East के इस दूसरे greenfield airportका उद्घाटन भी समय से ही करने का प्रयास किया जाएगा। और आप जानते हैं कि जिसका शिलान्‍यास हम करते हैंउद्घाटन भी हम ही करते हैं।

साथियों, के एयरवे के साथ-साथ रोड वे और रेलवे से भी अरूणाचल की भारत से connectivity मजबूत की जा रही है। लगभग सात करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली --- सुरंग को भी जल्‍द से जल्‍द तैयार करने का प्रयास किया जाएगा। जब यह सुरंग बन जाएगी तो बालीपाड़ा से तवांग तक पहुंचना आसान हो जाएगा। साल भर हर मौसम में आपके आने-जाने की समस्‍या का सामाधान हो सकेग। हाल ही में ब्रह्मपुत्र, परदेश के सबसे बड़े रेल रोड ब्रिज बोगीबिल पुल का भी लोकार्पण किया जा चुका है। इससे भी अरूणाचल प्रदेश के अनेक क्षेत्रों को बहुत लाभ मिल रहा है।

भाईयों और बहनों, अरूणाचल प्रदेश में connectivity चाहे गांव की हो, शहर की हो या फिर देश के दूसरे हिस्‍सों से केंद्र सरकार हजारों, करोड़ रुपये के प्रोजेक्‍ट्स पर आज काम कर रही है। इसमें लगभग 50 हजार करोड़ रुपये खर्च करके नये National Highway तो बनाए ही जा रहे हैं, बीते दो वर्षों में ही लगभग एक हजार गांवों को भी सड़कों से जोड़ा गया है। लगभग 4 हजार करोड़ रुपये की लागत से बन रहे ट्रांस अरूणाचल हाईवे उस पर भी बहुत तेजी से काम चल रहा है।

साथियों, सड़क संपर्क के अलावा रेलवे को लेकर भी अभूतपूर्व काम अरूणाचल प्रदेश में किया जा रहा है। North East के हर राज्‍य की राजधानी को रेलवे से जोड़ने के अभियान के तहत ईंटानगर भी रेलवे से जुड़ चुका है। नाहरलांगुन और दिल्‍ली के बीच चलने वाली अरूणाचल AC express अब हफ्ते में दो बार चलती है। इसके अलावा पूरे अरूणाचल प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का विस्‍तार करने के लिए सात जगहों पर सर्वे का काम चालू किया गया है। इसमें से तीन जगह पर सर्वे का काम पूरा भी हो चुका है। तवांग को भी रेल नेटवर्क से जोड़ने की बड़ी योजना पर तेजी से काम चल रहा है।

भाईयों और बहनों, हाईवे, रेलवे, एयरवे के साथ-साथ बिजली की connectivity भी अहम है। आज में अरूणाचल प्रदेश को सौभाग्‍य योजना के तहत करीब-करीब हर परिवार तक बिजली पहुंचाने वाला राज्‍य बनने के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं, मुख्‍यमंत्री जी को बधाई देता हूं, उनकी पूरी टीम को बधाई देता हूं। आज अरूणाचल ने जो हासिल किया है वो बहुत ही जल्‍द पूरे देश में भी हासिल होने वाला है। सौभाग्‍य योजना के तहत बीते एक-डेढ़ साल में ही देश में करीब ढ़ाई करोड़ परिवारों के घरों, उन घरों से अंधेरों को मिटाया गया है, दूर किया जा चुका है। मुफ्त में बिजली का कनेक्शन दिया जा चुका है।

साथियों, हर घर तक बिजली पहुंचाने के साथ-साथ पर्याप्‍त बिजली भी पहुंचे इसके लिए भी हमारी सरकार power generation पर भी बल दे रही है। आज एक 110 MW Pare Hydroelectric Plant का उद्घाटन किया है, इससे अरूणाचल को तो बिजली मिलेगी ही, North East के दूसरे राज्‍यों को भी लाभ मिलेगा। वहीं, यहां transmission system को सुधारने के लिए लगभग तीन हजार करोड़ रुपये का काम भी आज से शुरू हुआ है। इससे राज्‍य के दूर-दराज इलाकों को बिजली मिल सकेगी। साथ ही, एक और बड़ा काम यह होगा कि यहां की बिजली व्‍यवस्‍था ग्रिड से जुड़ जाएगी। साथियों, connectivity और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं जब किसी राज्‍य में बनती है तो वहां सामान्‍य मानव का तो जीवन सुगम होता ही है, पर्यटन को भी बल मिलता है। पर्यटन तो एक ऐसा सेक्‍टर है, जहां हर कोई कमाता है। गाइड कमाता है, होटल वाला कमाता है, टैक्‍सी वाला कमाता है, दुकानदार कमाता है, खिलौने वाल कमाता है, फूल वाला कमाता है और चाय वाला भी कमाता है।

कल मैंने एक ट्वीट किया था North Eastके सौंदर्य के संदर्भ में, North Eastके टूरिज्‍म के संभावनाओं के संदर्भ में, और मैंने लोगों से request की थी कि आप अगर North Eastगए हो तो वहां के अनुभव की एक फोटो शेयर कीजिए। मैं हैरान हूं कुछ ही सेकेंड में हजारों लोगों ने ट्वीट पर कि वो North Eastगए थे क्‍या अनुभव हुआ, अपनी फोटो ट्वीट कर दी। टूरिज्‍म को प्रोमोशन को कैसे बढ़ाया जा सकता है और जिस प्रकार से देशवासियों ने यानी विदेशों से भी, विदेशों से भी लोगों ने ट्वीट किया। आप भी अगर उस हेश टेग पर जा करके देखेंगे, आप भी हैरान हो जाएंगे कि कैसे देश और दुनिया आपके प्रति गर्व का अनुभव करती है।

अरूणाचल के लिए न तो प्रकृति ने कोई कमी छोड़ी है और न ही अध्‍यात्‍म और आस्‍था से जुड़े स्‍थानों की यहां कमी है। नई एयरपोर्ट बनने से, नई रेल लाइन बिछने से यहां देश-विदेश के टूरिस्‍टों की संख्‍या भी बढ़ेगी। इससे यहां के युवाओं के लिए रोजगार के अनेक नये अवसर बनेंगे और अरूणाचल की अर्थव्‍यवस्‍था को भी ताकत मिलेगी।

भाईयों और बहनों, केंद्र सरकार देश के हर क्षेत्र की संस्‍कृति, भाषा, खान-पान, रहन-सहन को सुरक्षित और संरक्षित करने उनको और विकास करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह विविधता यह भारत का अनमोल खजाना है, यह हमारा गौरव है और भाजपा की तो विचारधारा में ही भारत की संस्‍कृति के प्रति हमारा मजबूत आग्रह है। यही कारण है कि हमारी सरकार ने अरूणाचल की संस्‍कृति को ताकत देने के लिए यहां के अपने 24 घंटे के टीवी चैनल अरूण प्रभा को launch किया गया है। आपके इस चैनल के लिए यहां सारी आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई गई है। इस चैनल की वजह से अब राज्‍य के दूर-दराज वाले इलाकों की खबरें भी आप तक और जल्‍दी पहुंचा करेगी। मुझे उम्‍मीद है कि चैनल यहां की संस्‍कृति, यहां की परंपरा का एक शानदार वाहक बनेगा। पूरे देश के लोगों को अरूणाचल की सुदंरता से परिचय कराएगा। इसी तरह जोटे में बनने वाले film and television institute से यहां के युवाओं को नए अवसर मिलेंगे हीयहां की संस्‍कृति को एक बेहतर अभिव्‍यक्ति भी मिलेगी।

भाईयों और बहनों, हमारी सरकार विकास की पंचधारा यानी बच्‍चों की पढ़ाई, युवा का कमाई, बुजुर्गों को दवाई, किसान को सिंचाई और जन-जन की सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है। विशेष तौर पर खेल सेक्‍टर में देश के हर व्‍यक्ति तक सस्‍ती और उत्‍तम स्‍वास्‍थ्‍य सेवा पहुंचाने के लिए देश में ऐतिहासिक काम हो रहा है। आयुष्‍मान भारत योजना के तहत Health and wellness centresबनाए जा रहे हैं और गंभीर बीमारियों के लिए बड़े अस्‍पतालों में गरीबों को मुफ्त ईलाज सुनिश्चित किया जा रहा है।

साथियों, आज यहां जो 50 Health and wellness centresका उद्घाटन हुआ है उससे दूरदराज के क्षेत्रों में अच्‍छी स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं तो मिल ही पाएगी साथ में गंभीर बीमारियों की पहचान शुरूआती दौर में ही हो पाएगी। विशेषतौर पर गर्भवती महिलाओं और emergency जैसी स्थितियों के लिए यह Health and wellness centreबहुत काम आने वाला है।

साथियों, अरूणाचल प्रदेश के गरीब परिवारों को भी बाकी देश की तरह ही आयुष्‍मान भारत PMJAY यानी Modicareका लाभ मिल पा रहा है। इस योजना के तहत गंभीर बीमारियों की स्थिति में गरीब परिवारों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त ईलाज उपलब्‍ध कराया जा रहा है। अभी इस योजना को डेढ़ सौ दिन भी नहीं हुए हैं। लगभग 11 लाख लोगों को देशभर में ईलाज का लाभ मिल चुका है। मुझे जानकारी दी गई है कि PemaKhanduजी की सरकार के इन प्रयासों को और विस्‍तार देने में जुटी हुई है।

साथियों, सामान्‍य मानव की सेहत के साथ-साथ देश के किसान के स्‍वास्‍थ्‍य को आर्थिक ताकत देने के लिए भी इस साल के बजट में किसानों के लिएबहुत बड़ी योजना लाई गई है। पीएम किसान सम्‍मान निधि। इस पीएम किसान सम्‍मान निधि के तहत हर उस किसान परिवार को जिसके पास पांच एकड़ या उससे कम जमीन है हर वर्ष उसके बैंक खाते में छह हजार रुपया दिल्‍ली से केंद्र सरकार उसके खाते में सीधी जमा कराएगी। और यह हर वर्ष होगा। साल में तीन बार दो-दो हजार रुपया पहुंचाए जाएंगे, ताकि खेती के साथ उसका जोड़ा जा सके। इससे अरूणाचल प्रदेश के भी अनेक किसानों को लाभ मिलेगा।

भाईयों और बहनों, खेती को तो हम शक्ति देने का प्रयास कर ही रहे हैं, साथ में organic खेती को भी बढ़ावा दे रहे हैं। मुझे बताया गया है कि यहां की सरकार इस दिशा में बहुत तेजी से काम कर रही है। और मैं आपको आश्‍वस्‍त करता हूं कि केंद्र की तरफ से जो भी मदद आपको चाहिए वो मदद पूरी तरह उपलब्‍ध कराई जाएगी।

भाईयों और बहनों, अरूणाचल प्रदेश देश का अभिमान है, यह भारत के विकास का, भारत की सुरक्षा का Gate way भी है। इस Gate wayको शक्ति देने का काम भाजपा की सरकारें करती रहेगी। आप सभी के आशीर्वाद से आपका यह प्रधान सेवक अरूणाचल सहित इस पूरे क्षेत्र को विकास का अंचल बनाने में जुटा है। एक बार फिर आज शुरू हुई परियोजनाओं के लिए मैं सभी अरूणाचल के मेरे प्‍यारे भाईयों-बहनों को बहुत बधाई देता हूं। जय हिंद का नारा जिनकी जुबां पर हर पल रहता है ऐसे मेरे अरूणाचलवासी मेरे साथ बोलिये –

जय हिंद.... जय हिंद....

जय हिंद.... जय हिंद....

जय हिंद... जय हिंद....

बहुत-बहुत धन्‍यवाद।

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Cabinet approves increase in the Judge strength of the Supreme Court of India by Four to 37 from 33
May 05, 2026

The Union Cabinet chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi today has approved the proposal for introducing The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 in Parliament to amend The Supreme Court (Number of Judges) Act, 1956 for increasing the number of Judges of the Supreme Court of India by 4 from the present 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Point-wise details:

Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 provides for increasing the number of Judges of the Supreme Court by 04 i.e. from 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Major Impact:

The increase in the number of Judges will allow Supreme Court to function more efficiently and effectively ensuring speedy justice.

Expenditure:

The expenditure on salary of Judges and supporting staff and other facilities will be met from the Consolidated Fund of India.

Background:

Article 124 (1) in Constitution of India inter-alia provided “There shall be a Supreme Court of India consisting of a Chief Justice of India and, until Parliament by law prescribes a larger number, of not more than seven other Judges…”.

An act to increase the Judge strength of the Supreme Court of India was enacted in 1956 vide The Supreme Court (Number of Judges) Act 1956. Section 2 of the Act provided for the maximum number of Judges (excluding the Chief Justice of India) to be 10.

The Judge strength of the Supreme Court of India was increased to 13 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1960, and to 17 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1977. The working strength of the Supreme Court of India was, however, restricted to 15 Judges by the Cabinet, excluding the Chief Justice of India, till the end of 1979, when the restriction was withdrawn at the request of the Chief Justice of India.

The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1986 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India, excluding the Chief Justice of India, from 17 to 25. Subsequently, The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2008 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India from 25 to 30.

The Judge strength of the Supreme Court of India was last increased from 30 to 33 (excluding the Chief Justice of India) by further amending the original act vide The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2019.