Guru Gobind Singh ji is an embodiment of sacrifice: PM Modi

Published By : Admin | January 5, 2017 | 17:07 IST
Guru Gobind Singh ji has inspired several people: PM Modi
Guru Gobind Singh ji put knowledge at the core of his teachings and inspired so many people through his thoughts and ideals: PM
Guru Gobind Singh ji did not believe in any form of social discrimination and he treated everyone equally: PM Modi
Bihar will play a major role in the development of the nation: PM Modi

श्री पटना साहिब, गुरू दी नगरी विखे दशमेश पिता साहिब श्री गुरू गोविंद सिंह जी महाराज दे जन्‍म दिहाड़े ते गुरू साहिबान दी बख्‍शीश लेन आई साध-संगत, तुहाणु मैं जी आईयां आखदां हां। इस पवित्र दिहाड़े ते मैं तुहाणु सारियां नू नवे साल दी लख-लख बधाईयां भी दिंदा हां।

आज हम पटना साहिब की इस पवित्र धरती पर इस प्रकाश-पर्व को मनाने में भाग्‍यशाली हुए हैं। लेकिन आज पूरे विश्‍व में जहां-जहां भारतीय रहते हैं, सिख समुदाय रहता है, दुनिया के सभी देशों में भारत सरकार ने हमारी एम्‍बेसीज के माध्‍यम से इस प्रकाश-पर्व मनाने के लिए योजना बनाई है ताकि न सिर्फ हिन्‍दुस्‍तान में लेकिन पूरे विश्‍व को इस बात का अहसास हो कि गुरू गोविंद सिंह महाराज साढ़े तीन सौ साल (350) पूर्व एक ऐसा दिव्‍यात्‍मा का जन्‍म हुआ, जिसने मानवता को कितनी बड़ी प्रेरणा दी। ये विश्‍व को भी परिचय हो उस दिशा में भारत सरकार ने भरपूर प्रयास किया है।

मैं श्रीमान नीतीश जी को, सरकार को, उनके सभी सा‍थियों को और बिहार की जनता को विशेष रूप से अभिनंदन देता हूं क्‍योंकि पटना साहिब में ये प्रकाश-पर्व एक विशेष अहमियत रखता है। हिन्‍दुस्‍तान की एकता, अखंडता, भाईचारा, सामाजिक समरसता, सर्वपंत समभाव इसका बहुत ही मजबूत संदेश देने की ताकत ये पटना साहिब में प्रकाश-पर्व को मनाने में है और इसलिए नीतीश जी ने जिस मेहनत के साथ स्‍वयं, मुझे बताया जाता था, कि स्‍वयं गांधी मैदान आ करके, हर चीज की बारीकी से चिंता करके इतने बड़े भव्‍य समारोह की योजना की है।

कार्यक्रम का स्‍थल भले पटना साहिब में हो, लेकिन प्रेरणा पूरे हिन्‍दुस्‍तान को है; प्रेरणा पूरे विश्‍व को है। और इसलिए ये प्रकाश-पर्व हमें भी मानवता के लिए किस रास्‍ते पर चलना है, हमारे संस्‍कार क्‍या हैं, हमारे मूल्‍य क्‍या हैं, हम मानव जाति को क्‍या दे सकते हैं, इसके लिए एक पुन: स्‍मरण करके नए उमंग, उत्‍साह और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का यह अवसर है।

गुरू गोविंद सिंह जी महाराज एक त्‍याग की प्रतिमूर्ति थे। हम कल्‍पना कर सकते हैं कि आंखों के सामने अपने पूज्‍य पिता का बलिदान देखें और अपनी ही मौजूदगी में अपनी संतानों को भी आदर्शों के लिए, मूल्‍यों के लिए, मानवता के लिए बलि चढ़ते देखें, और उसके बाद भी त्‍याग की पराकाष्‍ठा देखें; गुरू गोविंद सिंह जी महाराज भी इस गुरू परम्‍परा को आगे बढ़ा सकते थे, लेकिन इनकी दीर्घ-दृष्टि थी कि उन्‍होंने ज्ञान को केंद्र में रखते हुए गुरू ग्रंथ साहिब के हर शब्‍द को जीवन-मंत्र मानते हुए हम सबके लिए आखिर में यही कहा; अब गुरू ग्रंथ साहिब ही, उसका हर शब्‍द, उसका हर पन्‍ना आने वाले युगों तक हमें प्रेरणा देता रहेगा। ये भी, ये भी उनके त्‍याग की मिसाल का अंश था; उससे भी आगे जब पंच प्‍यारे और खालसा पंथ की रचना, उसमें भी पूरे भारत को जोड़ने का उनका प्रयास था।

जब लोग आदि शंकराचार्य की चर्चा करते हैं तो कहते हैं कि आदि शंकर ने हिन्‍दुस्‍तान के चारों कोनों में मठ का निर्माण करके भारत की एकता को बल देने का प्रयास किया था। गुरू गोविंद सिंह महाराज साहब ने भी हिन्‍दुस्‍तान के अलग-अलग कोने से उन पंच-प्‍यारे की पसंद करके समग्र हिन्‍दुस्‍तान को खालसा परम्‍परा के द्वारा एकता के सूत्र में बांधने का उस जमाने में अद्भुत प्रयास किया था, जो आज भी हमारी विरासत है। और मैं हमेशा हृदय से अनुभव करता हूं कि मेरा कुछ खून का रिश्‍ता है क्‍योंकि जो पहले पंच-प्‍यारे थे उन पंच-प्‍यारों को उनको ये नहीं कहा गया था आपको ये मिलेगा, आपको ये पद मिलेगा, आप आगे आइए। नहीं, गुरू गोविंद सिंह महाराज साहिब का कसौटी का मानदंड भी बड़ा ऊंचा रहता था। उन्‍होंने तो सर कटवाने के लिए निमंत्रण दिया था; आइए, आपका सर काट दिया जाएगा और इस त्‍याग के आधार पर तय होगा आगे कैसे बढ़ना है। और अपना सर देने के लिए देश के अलग-अलग कोने से लोग आगे आए, उसमें एक गुजरात के द्वारिका का दर्जी समाज का बेटा, वो भी आगे आया और पंच-प्‍यारों में उसने जगह पाई। गुरू गोविंद सिंह महाराज साहब ने उसको गले लगाया और पंच-प्‍यारे खालसा परम्‍परा निर्माण तो किया था गुरू गोविंद सिंह महाराज साहब ने, वे चाहते उस दिशा में ये परम्‍परा चल सकती थी, लेकिन ये उनका त्‍याग, उनकी ऊंचाई थी कि गुरू गोविंद सिंह महाराज साहब ने स्‍वयं को भी उस बंधनों में बांध दिया, और उन्‍होंने कहा कि ये जो पंच-प्‍यारे हैं, ये जो खालसा परम्‍परा बनी है; मेरे लिए भी क्‍या करना, न करना; कब करना, कैसे करना; ये जो निर्णय करेंगे मैं उसका पालन करूंगा।

मैं समझता हूं कि गुरू गोविंद सिंह जी महाराज साहब का इससे बड़ा त्‍याग की कल्‍पना कोई कर नहीं सकता कि जिस व्‍यवस्‍था वो खुद को खड़ी की, खुद की प्रेरणा से जो व्‍यवस्‍था खड़ी हुई, लेकिन उस व्‍यवस्‍था को उन्‍होंने अपने सर पर बिठाया और स्‍वयं को उस व्‍यवस्‍था को समर्पित कर दिया और उस महानता का परिणाम है आज साढ़े तीन सौ (350) साल का प्रकाश-पर्व मनाते हैं तब दुनिया के किसी भी कोने में जाएं, सिख परम्‍परा से जुड़ा हुआ कोई भी व्‍यक्ति होगा वो वहां नतमस्‍तक होता है, अपने-आप को समर्पित करता है। गु्रू गोविंद सिंह जी महाराज साहब ने जो परम्‍परा रखी थी उस परम्‍परा का पालन करता है।

तो ऐसी एक महान प्रेरणा गुरू गोविंद सिंह जी महाराज को जब याद करते हैं तो कुछ इतिहासकार शौर्य और वीरता के पहलू को ही प्रकट करते हैं। लेकिन उनकी वीरता के साथ उनकी जो धीरता थी, धैर्य था, वो अद्भुत था। वे संघर्ष करते थे लेकिन त्‍याग की पराकाष्‍ठा अभूतपूर्व थी। वे समाज में बुराइयों के खिलाफ लड़ते थे। ऊंच-नीच का भाव, जातिवाद का जहर, उसके खिलाफ भी लड़ाई लड़के समाज को एकता के सूत्र में बांधना, सबको समानता, इसमें कोई ऊंच-नीच का भेद न हो, उसके लिए जीवन-पर्यन्‍त अपनों के बीच भी वो आग्रहपूर्वक बातों को मनावाने में अपना जीवन खपाते रहे थे।

समाज-सुधारक हो, वीरता की प्रेरणा हो, त्‍याग और तपस्‍या की तपोभूमि में अपने आपको तपाने वाला व्‍यक्तित्‍व हो, सब गुण सम्‍पन्‍न, ऐसा गुरू गोविंद सिंह जी महाराज साहब का जीवन आने वाली पीढि़यों को प्रेरणा देता रहे। हम भी सर्वपंत समभाव के साथ समाज का हर वर्ग बराबर है, न कोई ऊंच है न कोई नीच है, न कोई अपना है न कोई पराया है; इन महान मंत्रों को ले करके हम भी देश में सब दूर उन आदर्शों को प्रस्‍थापित करेंगे।

देश की एकता मजबूत बनेगी, देश की ताकत बढ़ेगी, देश प्रगति की नई ऊंचाईयों को प्राप्‍त करेगा। हमें वीरता भी चाहिए, हमें धीरता भी चाहिए; हमें शौर्य भी चाहिए, हमें पराक्रम भी चाहिए; हमें त्‍याग और तपस्‍या भी चाहिए। ये संतुलित समाज व्‍यवस्‍था, ये गुरू गोविंद सिंह जी महाराज साहब के हर शब्‍द में, जीवन के हर काम में हमें प्रेरणा देने वाली रही है और इसलिए आज इस महान पवित्र आत्‍मा के चरणों में सर झुकाने का सौभाग्‍य मिला है।

आज गुरू गोविंद जी महाराज साहब के उसी स्‍थान पर आ करके गुरू ग्रंथ साहिब को भी नमन करने का सौभाग्‍य मिला है, मुझे विश्‍वास है कि ये हमें प्रेरणा देता रहेगा। यहां नीतीश जी ने एक बहुत महत्‍वपूर्ण बात को स्‍पर्श किया। महात्‍मा गांधी चम्‍पारण सत्‍याग्रह की शताब्‍दी, लेकिन मैं नीतीश जी को हृदय से एक बात के लिए अभिनंदन करता हूं। समाज परिवर्तन का काम बड़ा कठिन होता है, बहुत मुश्किल काम होता है। उसको हाथ लगाने की हिम्‍मत करना भी बड़ा मुश्किल काम होता है। लेकिन उसके बावजूद भी नशा-मुक्ति का जिस प्रकार से उन्‍होंने अभियान चलाया है। आने वाली पीढि़यों को बचाने के लिए उन्‍होंने जो बीड़ा उठाया है, मैं उनकी बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं, बधाई देता हूं।

और मैं भी पूरे बिहार-वासियों से, सभी राजनीतिक दलों से, सभी सामाजिक जीवन में काम करने वालों से यही गुजारिश करूंगा, ये काम सिर्फ सरकार का नहीं है, ये काम सिर्फ नीतीश कुमार का नहीं है, ये काम सिर्फ किसी राजनीतिक दल का नहीं है; ये जन-जन का काम है। उसको सफल बनाएंगे तो बिहार देश की प्रेरणा बन जाएगा। और मुझे विश्‍वास है कि जो बीड़ा नीतीश जी ने उठाया है वो जरूर सफल होंगे और हमारी आने वाली पीढ़ी को बचाने के काम में गुरू गोविंद सिंह जी महाराज का ये प्रकाश-पर्व भी उनको आशीर्वाद देगा, उनको एक नई ताकत देगा। और मुझे विश्‍वास है कि बिहार देश की एक बहुत बड़ी अनमोल शक्ति बनेगा, देश को आगे बढ़ाने में बिहार बहुत बड़ा योगदान करेगा। क्‍योंकि ये बिहार की धरती है जिसने गुरू गोविंद सिंह जी महाराज साहब से अब तक अनेक महापुरुष हमें दिए हैं। राजेन्‍द्र बाबू की याद करें। चम्‍पारण सत्‍याग्रह, सत्‍याग्रह की कल्‍पना की भूमि है ये है। जयप्रकाश नारायण, कर्पूरी ठाकुर; अनगिनत, अनगिनत नर-रत्‍न इस धरती ने मां भारती की सेवा में दिए हैं। ऐसे भूमि पर गुरू गोविंद सिंह जी महाराज वो प्रेरणा हम सबके लिए एक नया आदर्श, नई प्रेरणा, नई शक्ति देती है। इसी एक अवसर को, प्रकाश-पर्व को, ज्ञान के प्रकाश को जीवनभर अपने अंदर ले जाने के संकल्‍प के साथ हम इस प्रकाश-पर्व को मनाएं।

विश्‍वभर में जो भी भारत सरकार के अलग-अलग मिशन्‍स के द्वारा, एम्‍बेसीज के द्वारा ये प्रकाश-पर्व मनाया जा रहा है। मैं विश्‍वभर में फैले हुए गुरू गोविंद सिंह जी महाराज साहब का स्‍मरण करनेवाले सभी जनों को अंत:करण पूर्वक बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं, बहुत-बहुत बधाई देता हूं। भारत सरकार ने इस प्रकाश-पर्व को बहुत व्‍यापक रूप से हिन्‍दुस्‍तान और हिन्‍दुस्‍तान के बाहर मनाने की योजना बनाई है, समिति बनाई है।

सौ करोड़ रुपया उस काम के‍ लगाया है। रेलवे ने अलग से करीब 40 करोड़ रुपया लगा करके स्‍थाई व्‍यवस्‍थाएं इस प्रकाश-पर्व के नि‍मित्‍त खड़ी की हैं। भारत सरकार के सांस्‍कृतिक विभाग ने भी करीब 40 करोड़ रुपया लगा करके अनेक विद् योजनाओं को साकार करने की दिशा में काम किया है ताकि ये हमेशा-हमेशा आने वाली पीढि़यों को प्रेरणा देने वाला काम बने, उस दिशा में हम काम कर रहे हैं और आगे भी इस काम को आगे बढ़ाते जाएंगे। मैं फिर एक बार इस अवसर पर, इस पवित्र अवसर पर, सहभागी बनने का मुझे सौभाग्‍य मिला, अपने जीवन को धन्‍य मानता हूं।

आप सबसे प्रणाम करते हुए जो बोले सो निहाल, सत् श्री अकाल।

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मां महामाया माई की जय!

मां महामाया माई की जय!

हमर बहिनी, भाई, दद्दा अउ जम्मो संगवारी मन ला, मोर जय जोहार। 

भाजपा ने जब मुझे पीएम पद का उम्मीदवार बनाया था, तब अंबिकापुर में ही आपने लाल किला बनाया था। और जो कांग्रेस का इकोसिस्टम है आए दिन मोदी पर हमला करने के लिए जगह ढ़ूंढते रहते हैं। उस पूरी टोली ने उस समय मुझपर बहुत हमला बोल दिया था। ये लाल किला कैसे बनाया जा सकता है, अभी तो प्रधानमंत्री का चुनाव बाकि है, अभी ये लाल किले का दृश्य बना के वहां से सभा कर रहे हैं, कैसे कर रहे हैं। यानि तूफान मचा दिया था और बात का बवंडर बना दिया था। लेकिन आप की सोच थी वही  मोदी लाल किले में पहुंचा और राष्ट्र के नाम संदेश दिया। आज अंबिकापुर, ये क्षेत्र फिर वही आशीर्वाद दे रहा है- फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार !

साथियों, 

कुछ महीने पहले मैंने आपसे छत्तीसगढ़ से कांग्रेस का भ्रष्टाचारी पंजा हटाने के लिए आशीर्वाद मांगा था। आपने मेरी बात का मान रखा। और इस भ्रष्टाचारी पंजे को साफ कर दिया। आज देखिए, आप सबके आशीर्वाद से सरगुजा की संतान, आदिवासी समाज की संतान, आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में छत्तीसगढ़ के सपनों को साकार कर रहा है। और मेरा अनन्य साथी भाई विष्णु जी, विकास के लिए बहुत तेजी से काम कर रहे हैं। आप देखिए, अभी समय ही कितना हुआ है। लेकिन इन्होंने इतने कम समय में रॉकेट की गति से सरकार चलाई है। इन्होंने धान किसानों को दी गारंटी पूरी कर दी। अब तेंदु पत्ता संग्राहकों को भी ज्यादा पैसा मिल रहा है, तेंदू पत्ता की खरीद भी तेज़ी से हो रही है। यहां की माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना से भी लाभ हुआ है। छत्तीसगढ़ में जिस तरह कांग्रेस के घोटालेबाज़ों पर एक्शन हो रहा है, वो पूरा देश देख रहा है।

साथियों, 

मैं आज आपसे विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ के लिए आशीर्वाद मांगने के लिए आया हूं। जब मैं विकसित भारत कहता हूं, तो कांग्रेस वालों का और दुनिया में बैठी कुछ ताकतों का माथा गरम हो जाता है। अगर भारत शक्तिशाली हो गया, तो कुछ ताकतों का खेल बिगड़ जाएगा। आज अगर भारत आत्मनिर्भर बन गया, तो कुछ ताकतों की दुकान बंद हो जाएगी। इसलिए वो भारत में कांग्रेस और इंडी-गठबंधन की कमज़ोर सरकार चाहते हैं। ऐसी कांग्रेस सरकार जो आपस में लड़ती रहे, जो घोटाले करती रहे। 

साथियों,

कांग्रेस का इतिहास सत्ता के लालच में देश को तबाह करने का रहा है। देश में आतंकवाद फैला किसके कारण फैला? किसके कारण फैला? किसके कारण फैला? कांग्रेस की नीतियों के कारण फैला। देश में नक्सलवाद कैसे बढ़ा? किसके कारण बढ़ा? किसके कारण बढ़ा? कांग्रेस का कुशासन और लापरवाही यही कारण है कि देश बर्बाद होता गया। आज भाजपा सरकार, आतंकवाद और नक्सलवाद के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कर रही है। लेकिन कांग्रेस क्या कर रही है? कांग्रेस, हिंसा फैलाने वालों का समर्थन कर रही है, जो निर्दोषों को मारते हैं, जीना हराम कर देते हैं, पुलिस पर हमला करते हैं, सुरक्षा बलों पर हमला करते हैं। अगर वे मारे जाएं, तो कांग्रेस वाले उन्हें शहीद कहते हैं। अगर आप उन्हें शहीद कहते हो तो शहीदों का अपमान करते हो। इसी कांग्रेस की सबसे बड़ी नेता, आतंकवादियों के मारे जाने पर आंसू बहाती हैं। ऐसी ही करतूतों के कारण कांग्रेस देश का भरोसा खो चुकी है।

भाइयों और बहनों, 

आज जब मैं सरगुजा आया हूं, तो कांग्रेस की मुस्लिम लीगी सोच को देश के सामने रखना चाहता हूं। जब उनका मेनिफेस्टो आया उसी दिन मैंने कह दिया था। उसी दिन मैंने कहा था कि कांग्रेस के मोनिफेस्टो पर मुस्लिम लीग की छाप है। 

साथियों, 

जब संविधान बन रहा था, काफी चर्चा विचार के बाद, देश के बुद्धिमान लोगों के चिंतन मनन के बाद, बाबासाहेब अम्बेडकर के नेतृत्व में तय किया गया था कि भारत में धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होगा। आरक्षण होगा तो मेरे दलित और आदिवासी भाई-बहनों के नाम पर होगा। लेकिन धर्म के नाम पर आरक्षण नहीं होगा। लेकिन वोट बैंक की भूखी कांग्रेस ने कभी इन महापुरुषों की परवाह नहीं की। संविधान की पवित्रता की परवाह नहीं की, बाबासाहेब अम्बेडकर के शब्दों की परवाह नहीं की। कांग्रेस ने बरसों पहले आंध्र प्रदेश में धर्म के आधार पर आरक्षण देने का प्रयास किया था। फिर कांग्रेस ने इसको पूरे देश में लागू करने की योजना बनाई। इन लोग ने धर्म के आधार पर 15 प्रतिशत आरक्षण की बात कही। ये भी कहा कि SC/ST/OBC का जो कोटा है उसी में से कम करके, उसी में से चोरी करके, धर्म के आधार पर कुछ लोगों को आरक्षण दिया जाए। 2009 के अपने घोषणापत्र में कांग्रेस ने यही इरादा जताया। 2014 के घोषणापत्र में भी इन्होंने साफ-साफ कहा था कि वो इस मामले को कभी भी छोड़ेंगे नहीं। मतलब धर्म के आधार पर आरक्षण देंगे, दलितों का, आदिवासियों का आरक्षण कट करना पड़े तो करेंगे। कई साल पहले कांग्रेस ने कर्नाटका में धर्म के आधार पर आरक्षण लागू भी कर दिया था। जब वहां बीजेपी सरकार आई तो हमने संविधान के विरुद्ध, बाबासाहेब अम्बेडर की भावना के विरुद्ध कांग्रेस ने जो निर्णय किया था, उसको उखाड़ करके फेंक दिया और दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को उनका अधिकार वापस दिया। लेकिन कर्नाटक की कांग्रेस सरकार उसने एक और पाप किया मुस्लिम समुदाय की सभी जातियों को ओबीसी कोटा में शामिल कर दिया है। और ओबीसी बना दिया। यानि हमारे ओबीसी समाज को जो लाभ मिलता था, उसका बड़ा हिस्सा कट गया और वो भी वहां चला गया, यानि कांग्रेस ने समाजिक न्याय का अपमान किया, समाजिक न्याय की हत्या की। कांग्रेस ने भारत के सेक्युलरिज्म की हत्या की। कर्नाटक अपना यही मॉडल पूरे देश में लागू करना चाहती है। कांग्रेस संविधान बदलकर, SC/ST/OBC का हक अपने वोट बैंक को देना चाहती है।

भाइयों और बहनों,

ये सिर्फ आपके आरक्षण को ही लूटना नहीं चाहते, उनके तो और बहुत कारनामे हैं इसलिए हमारे दलित, आदिवासी और ओबीसी भाई-बहनों  को कहना चाहता हूं कि कांग्रेस के इरादे नेक नहीं है, संविधान और सामाजिक न्याय के अनुरूप नहीं है , भारत की बिन सांप्रदायिकता के अनुरूप नहीं है। अगर आपके आरक्षण की कोई रक्षा कर सकता है, तो सिर्फ और सिर्फ भारतीय जनता पार्टी कर सकती है। इसलिए आप भारतीय जनता पार्टी को भारी समर्थन दीजिए। ताकि कांग्रेस की एक न चले, किसी राज्य में भी वह कोई हरकत ना कर सके। इतनी ताकत आप मुझे दीजिए। ताकि मैं आपकी रक्षा कर सकूं। 

साथियों!

कांग्रेस की नजर! सिर्फ आपके आरक्षण पर ही है ऐसा नहीं है। बल्कि कांग्रेस की नज़र आपकी कमाई पर, आपके मकान-दुकान, खेत-खलिहान पर भी है। कांग्रेस के शहज़ादे का कहना है कि ये देश के हर घर, हर अलमारी, हर परिवार की संपत्ति का एक्स-रे करेंगे। हमारी माताओं-बहनों के पास जो थोड़े बहुत गहने-ज़ेवर होते हैं, कांग्रेस उनकी भी जांच कराएगी। यहां सरगुजा में तो हमारी आदिवासी बहनें, चंदवा पहनती हैं, हंसुली पहनती हैं, हमारी बहनें मंगलसूत्र पहनती हैं। कांग्रेस ये सब आपसे छीनकर, वे कहते हैं कि बराबर-बराबर डिस्ट्रिब्यूट कर देंगे। वो आपको मालूम हैं ना कि वे किसको देंगे। आपसे लूटकर के किसको देंगे मालूम है ना, मुझे कहने की जरूरत है क्या। क्या ये पाप करने देंगे आप और कहती है कांग्रेस सत्ता में आने के बाद वे ऐसे क्रांतिकारी कदम उठाएगी। अरे ये सपने मन देखो देश की जनता आपको ये मौका नहीं देगी। 

साथियों, 

कांग्रेस पार्टी के खतरनाक इरादे एक के बाद एक खुलकर सामने आ रहे हैं। शाही परिवार के शहजादे के सलाहकार, शाही परिवार के शहजादे के पिताजी के भी सलाहकार, उन्होंने  ने कुछ समय पहले कहा था और ये परिवार उन्हीं की बात मानता है कि उन्होंने कहा था कि हमारे देश का मिडिल क्लास यानि मध्यम वर्गीय लोग जो हैं, जो मेहनत करके कमाते हैं। उन्होंने कहा कि उनपर ज्यादा टैक्स लगाना चाहिए। इन्होंने पब्लिकली कहा है। अब ये लोग इससे भी एक कदम और आगे बढ़ गए हैं। अब कांग्रेस का कहना है कि वो Inheritance Tax लगाएगी, माता-पिता से मिलने वाली विरासत पर भी टैक्स लगाएगी। आप जो अपनी मेहनत से संपत्ति जुटाते हैं, वो आपके बच्चों को नहीं मिलेगी, बल्कि कांग्रेस सरकार का पंजा उसे भी आपसे छीन लेगा। यानि कांग्रेस का मंत्र है- कांग्रेस की लूट जिंदगी के साथ भी और जिंदगी के बाद भी। जब तक आप जीवित रहेंगे, कांग्रेस आपको ज्यादा टैक्स से मारेगी। और जब आप जीवित नहीं रहेंगे, तो वो आप पर Inheritance Tax का बोझ लाद देगी। जिन लोगों ने पूरी कांग्रेस पार्टी को पैतृक संपत्ति मानकर अपने बच्चों को दे दी, वो लोग नहीं चाहते कि एक सामान्य भारतीय अपने बच्चों को अपनी संपत्ति दे। 

भाईयों-बहनों, 

हमारा देश संस्कारों से संस्कृति से उपभोक्तावादी देश नहीं है। हम संचय करने में विश्वास करते हैं। संवर्धन करने में विश्वास करते हैं। संरक्षित करने में विश्वास करते हैं। आज अगर हमारी प्रकृति बची है, पर्यावरण बचा है। तो हमारे इन संस्कारों के कारण बचा है। हमारे घर में बूढ़े मां बाप होंगे, दादा-दादी होंगे। उनके पास से छोटा सा भी गहना होगा ना? अच्छी एक चीज होगी। तो संभाल करके रखेगी खुद भी पहनेगी नहीं, वो सोचती है कि जब मेरी पोती की शादी होगी तो मैं उसको यह दूंगी। मेरी नाती की शादी होगी, तो मैं उसको दूंगी। यानि तीन पीढ़ी का सोच करके वह खुद अपना हक भी नहीं भोगती,  बचा के रखती है, ताकि अपने नाती, नातिन को भी दे सके। यह मेरे देश का स्वभाव है। मेरे देश के लोग कर्ज कर करके जिंदगी जीने के शौकीन लोग नहीं हैं। मेहनत करके जरूरत के हिसाब से खर्च करते हैं। और बचाने के स्वभाव के हैं। भारत के मूलभूत चिंतन पर, भारत के मूलभूत संस्कार पर कांग्रेस पार्टी कड़ा प्रहार करने जा रही है। और उन्होंने कल यह बयान क्यों दिया है उसका एक कारण है। यह उनकी सोच बहुत पुरानी है। और जब आप पुरानी चीज खोजोगे ना? और ये जो फैक्ट चेक करने वाले हैं ना मोदी की बाल की खाल उधेड़ने में लगे रहते हैं, कांग्रेस की हर चीज देखिए। आपको हर चीज में ये बू आएगी। मोदी की बाल की खाल उधेड़ने में टाइम मत खराब करो। लेकिन मैं कहना चाहता हूं। यह कल तूफान उनके यहां क्यों मच गया,  जब मैंने कहा कि अर्बन नक्सल शहरी माओवादियों ने कांग्रेस पर कब्जा कर लिया तो उनको लगा कि कुछ अमेरिका को भी खुश करने के लिए करना चाहिए कि मोदी ने इतना बड़ा आरोप लगाया, तो बैलेंस करने के लिए वह उधर की तरफ बढ़ने का नाटक कर रहे हैं। लेकिन वह आपकी संपत्ति को लूटना चाहते हैं। आपके संतानों का हक आज ही लूट लेना चाहते हैं। क्या आपको यह मंजूर है कि आपको मंजूर है जरा पूरी ताकत से बताइए उनके कान में भी सुनाई दे। यह मंजूर है। देश ये चलने देगा। आपको लूटने देगा। आपके बच्चों की संपत्ति लूटने देगा।

साथियों,

जितने साल देश में कांग्रेस की सरकार रही, आपके हक का पैसा लूटा जाता रहा। लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद अब आपके हक का पैसा आप लोगों पर खर्च हो रहा है। इस पैसे से छत्तीसगढ़ के करीब 13 लाख परिवारों को पक्के घर मिले। इसी पैसे से, यहां लाखों परिवारों को मुफ्त राशन मिल रहा है। इसी पैसे से 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है। मोदी ने ये भी गारंटी दी है कि 4 जून के बाद छत्तीसगढ़ के हर परिवार में जो बुजुर्ग माता-पिता हैं, जिनकी आयु 70 साल हो गई है। आज आप बीमार होते हैं तो आपकी बेटे और बेटी को खर्च करना पड़ता है। अगर 70 साल की उम्र हो गई है और आप किसी पर बोझ नहीं बनना चाहते तो ये मोदी आपका बेटा है। आपका इलाज मोदी करेगा। आपके इलाज का खर्च मोदी करेगा। सरगुजा के ही करीब 1 लाख किसानों के बैंक खाते में किसान निधि के सवा 2 सौ करोड़ रुपए जमा हो चुके हैं और ये आगे भी होते रहेंगे।

साथियों, 

सरगुजा में करीब 400 बसाहटें ऐसी हैं जहां पहाड़ी कोरवा परिवार रहते हैं। पण्डो, माझी-मझवार जैसी अनेक अति पिछड़ी जनजातियां यहां रहती हैं, छत्तीसगढ़ और दूसरे राज्यों में रहती हैं। हमने पहली बार ऐसी सभी जनजातियों के लिए, 24 हज़ार करोड़ रुपए की पीएम-जनमन योजना भी बनाई है। इस योजना के तहत पक्के घर, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, ऐसी सभी सुविधाएं पिछड़ी जनजातियों के गांव पहुंचेंगी। 

साथियों, 

10 वर्षों में भांति-भांति की चुनौतियों के बावजूद, यहां रेल, सड़क, अस्तपताल, मोबाइल टावर, ऐसे अनेक काम हुए हैं। यहां एयरपोर्ट की बरसों पुरानी मांग पूरी की गई है। आपने देखा है, अंबिकापुर से दिल्ली के ट्रेन चली तो कितनी सुविधा हुई है।

साथियों,

10 साल में हमने गरीब कल्याण, आदिवासी कल्याण के लिए इतना कुछ किया। लेकिन ये तो सिर्फ ट्रेलर है। आने वाले 5 साल में बहुत कुछ करना है। सरगुजा तो ही स्वर्गजा यानि स्वर्ग की बेटी है। यहां प्राकृतिक सौंदर्य भी है, कला-संस्कृति भी है, बड़े मंदिर भी हैं। हमें इस क्षेत्र को बहुत आगे लेकर जाना है। इसलिए, आपको हर बूथ पर कमल खिलाना है। 24 के इस चुनाव में आप का ये सेवक नरेन्द्र मोदी को आपका आशीर्वाद चाहिए, मैं आपसे आशीर्वाद मांगने आया हूं। आपको केवल एक सांसद ही नहीं चुनना, बल्कि देश का उज्ज्वल भविष्य भी चुनना है। अपनी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य चुनना है। इसलिए राष्ट्र निर्माण का मौका बिल्कुल ना गंवाएं। सर्दी हो शादी ब्याह का मौसम हो, खेत में कोई काम निकला हो। रिश्तेदार के यहां जाने की जरूरत पड़ गई हो, इन सबके बावजूद भी कुछ समय आपके सेवक मोदी के लिए निकालिए। भारत के लोकतंत्र और उज्ज्वल भविष्य के लिए निकालिए। आपके बच्चों की गारंटी के लिए निकालिए और मतदान अवश्य करें। अपने बूथ में सारे रिकॉर्ड तोड़नेवाला मतदान हो। इसके लिए मैं आपसे प्रार्थना करता हूं। और आग्राह है पहले जलपान फिर मतदान। हर बूथ में मतदान का उत्सव होना चाहिए, लोकतंत्र का उत्सव होना चाहिए। गाजे-बाजे के साथ लोकतंत्र जिंदाबाद, लोकतंत्र जिंदाबाद करते करते मतदान करना चाहिए। और मैं आप को वादा करता हूं। 

भाइयों-बहनों  

मेरे लिए आपका एक-एक वोट, वोट नहीं है, ईश्वर रूपी जनता जनार्दन का आर्शीवाद है। ये आशीर्वाद परमात्मा से कम नहीं है। ये आशीर्वाद ईश्वर से कम नहीं है। इसलिए भारतीय जनता पार्टी को दिया गया एक-एक वोट, कमल के फूल को दिया गया एक-एक वोट, विकसित भारत बनाएगा ये मोदी की गारंटी है। कमल के निशान पर आप बटन दबाएंगे, कमल के फूल पर आप वोट देंगे तो वो सीधा मोदी के खाते में जाएगा। वो सीधा मोदी को मिलेगा।      

भाइयों और बहनों, 

7 मई को चिंतामणि महाराज जी को भारी मतों से जिताना है। मेरा एक और आग्रह है। आप घर-घर जाइएगा और कहिएगा मोदी जी ने जोहार कहा है, कहेंगे। मेरे साथ बोलिए...  भारत माता की जय! 

भारत माता की जय! 

भारत माता की जय!