For Congress, EVM, Army, Courts, are wrong, only they are right: PM Modi

Published By : Admin | May 9, 2018 | 12:06 IST
Congress culture, Communalism, Casteism, Crime, Corruption and Contractor system- 6 Cs which Congress party stand for: PM Modi
In the NDA Government, our remote control and the high command are the 125 crore people of India: PM Modi
PM takes a dig at Congress President’s “I am going to be PM” remark, attacks Congress for its arrogance
Congress party is heavily involved in deal-making, alleges PM Modi
Our aim is India First. Congress aim is Family First: PM Modi in Belagavi
Why does the Congress need fake voter IDs? What is the Congress trying to do in Karnataka, asks the PM
A raid was conducted in the resort in which the Karnataka chief minister was staying. Lakhs of rupees were found there, says PM Modi
The 21st century is about embracing technology, we have used technology in the working of the government, which has helped bring transparency: PM
Congress party is shrinking, it has been removed from every corner from India, says the Prime Minister

भारत माता की जय। भारत माता की जय।

मैं हैलीपेड से यहां आया। पूरे रास्तेभर जिस प्रकार से लोग स्वागत करने के लिए, आशीर्वाद देने के लिए खड़े थे। और यहां भी, ये जो जनसागर देख रहा हूं।

भाइयो बहनो।

चुनाव हारने के बाद जो लोग ईवीएम को गालियां देते हैं, ईवीएम को बदनाम करते हैं, वे जरा चिकमंगलुर आकरके नजारा ...।

मेरे चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन है। चुनाव प्रचार तो कल तक चलेगा लेकिन इतने दिन के अनुभव से मैं कहता हूं कि 12 मई को यहां के मतदाता कमल के फूल पर बटन दबा करके कांग्रेस पार्टी का खात्मा करा देंगे।  

भाइयो बहनो।

जब कांग्रेस पार्टी का चुनाव हारना तय हो जाता है, जब ये पक्का हो जाता है कि कांग्रेस पार्टी बच नहीं सकती है तो उनके गाजे-बाजे बजाने वाले, उनका इको-सिस्टम, उनके गीत गाने वाले, उनके झूठ में हां में हां मिलाने वाले तुरंत मैदान में आ जाते हैं। इस चुनाव में किसी को बहुमत नहीं मिलेगा, हंग एसेंबली आएगी। कर्नाटक में कोई सरकार बना नहीं सकता है। ऐसे भांति-भांति के झूठ हर चुनाव में चलाते हैं। यहां भी शुरू कर दिया है। इसका मतलब भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है।

बंधु भगनी।

ये आदिशंकर की तपोभूमि है। ये वेदों की धरती है। और यहीं से वैदिक ज्ञान की धारा, अद्वैत का सिद्धांत सारी दुनिया में फैला था।

शारदा पीठ, रंभापुरी मठ। ऐसे महान संस्थान, ये पुरातन ज्ञान का प्रचार प्रसार करने में आज भी जी जान से जुटे हुए हैं।

जिस भूमि से अद्वैत का सिद्धांत मिला, जिस भूमि से एकता का सिद्धांत मिला, जिस भूमि से समता और समरसता का सिद्धांत मिला।  उसी धरती पर कर्नाटक की सरकार भाई-भाई के बीच में दीवार पैदा करने में लगी है, जाति-जाति के बीच झगड़ा करा रही है, संप्रदायों के बीच तनाव पैदा कर रही है। जाति के नाम पर, भाषा के नाम पर, संप्रदाय के नाम पर बांटने का पाप, ये कांग्रेस की सरकार कर रही है।

बंधु भगिनी।

कांग्रेस सिर्फ बंटवारा करना, तोड़ने का ही काम कर रही है, ऐसा नहीं है। ये कांग्रेस सरकार आस्था के स्थानों को, समाज सेवा में जुटे हजारों इन महान संस्थानों पर भी कब्जा करने की साजिश कर रही है। जो फैसला लिया गया, उससे वो आगे तो नहीं बढ़ पाए। लेकिन हाईकोर्ट ने उनको लाल-लाल आंख दिखाई। लेकिन कर्नाटक के भाइयो बहनो। जरा चौकन्ने रहना। इनके इरादे नेक नहीं हैं अगर गलती से दोबारा जब भी मौका मिल गया तो ये कब्जा किए बिना रहने वाले नहीं हैं।

सदियों का इतिहास है। यहां के धर्मस्थलों ने कोई भेदभाव किए बिना कर्नाटक के लोग हों या कर्नाटक के बाहर के लोग हैं, हर किसी को मानव के रूप में देखा। और हर किसी के कल्याण के लिए काम किया। ऐसे धर्मस्थलों के बीच भी भेदभाव करना, उनके अंदर आपसी झगड़े कराना, ये पाप भी कांग्रेस के नेताओं ने कराया है।

कांग्रेस के जहन में जो धमनी और शिरा, दो वेन होती है। एक वेन सत्ता भूख की है और दूसरी वेन सत्ता सुख की है।

और इसलिए भाइयो बहनो।

1978 में ...। 1978 में आपने देखा होगा। जब उत्तर भारत में से कांग्रेस पार्टी का सफाया हो गया तो मैडम इंदिरा जी यहां दौड़के आ गईं। और कैसे-कैसे वादे किए थे। कैसे-कैसे जनता की आंख में धूल झोंक करके दिल्ली पहुंचने के लिए आपका उपयोग किया था। आपके वोट लेकरके गए। फिर कभी भी चिकमंगलूर में पैर रखा था क्या ...। रखा था क्या ...। ऐसे परिवार पर पार्टी पर भरोसा करोगे ...। पार्टी पर भरोसा करोगे ...। ऐसे नेता पर भरोसा करोगे ...। उनकी बहू, वो भी मुसीबतों में फंसी तो फिर कर्नाटक के भले-भोले अच्छे लोगों के पास जाकरके आंसू बहाए। बेल्लारी पहुंच गईं। बेल्लारी का भला किया ...। बेल्लारी का भला किया क्या ...। जोर से बताइए। भला किया गया क्या ...। अरे 3 हजार करोड़ का पैकेज दिया था। यहां उनकी सरकार बनी। ये 3000 करोड़ रुपए का पैकेज कौन खा गया, पता ही नहीं चला।

 

ये नामदार ...। ये नामदार 2004 से अमेठी से एमपी है। जरा अमेठी का हाल जाकर देखो। जो थी उससे भी बुरा हाल करके छोड़ा है। ऊपर से जमीन हथियाने का काम जोरों से चला है। कांग्रेस में उनका प्रमोशन कुछ भी न करें तो भी होता रहता है क्योंकि वो नामदार हैं। और इसलिए 2007 में उन्हें महासचिव बनाया। बड़े ढोल पीटे गए। नई दुनिया, नया नेता, नया लोग, नई सोच, ऐसे-ऐसे लोग। हिन्दुस्तान के कोने-कोने में गाजे-बाजे ढोल पीट रहे थे। 2007 में उन्होंने कहा था कि वे कांग्रेस में युवा नेतृत्व लाएंगे। युवा नीति बदल देंगे। आज 11 साल हो गए। सारा वहीं का वहीं ठप पड़ा है।

न उनको कांग्रेस की चिंता है, न उनको सवा सौ साल पूरी कांग्रेस की परंपरा की चिंता है। न उनको कांग्रेस के बुजुर्ग, बड़े, सीनियर नेताओं की परवाह है। न उन्हें देश की परवाह है। सुबह शाम, सोते समय, जागते समय, खाते समय, नहाते समय, आते समय, जाते समय, हर वक्त दिमाग में यही चल रहा है प्रधानमंत्री की कुर्सी, प्रधानमंत्री की कुर्सी, प्रधानमंत्री की कुर्सी। उनको लगता है। ये प्रधानमंत्री पद की कुर्सी इस एक परिवार के लिए रिजर्व है, आरक्षित है। उसमें कोई आकरके बैठ नहीं सकता है, ये तो उनका पैतृक हक है।

पार्लियामेंट में 40 सीट मुश्किल से आई है। हिन्दुस्तान के सभी राज्यों में पिछले 4 साल में सफाया हो गया। कांग्रेस पार्टी लगातार 25-30 चुनाव हार चुकी है। एक के एक राज्य उसके हाथ से गए हैं लेकिन उनका अहंकार देखो। ये नामदार का अहंकार, सांतवे आसमान पर है कि वो यहां पर आकरके पीएम बन जाउंगा 2019 में ये अहंकार नहीं तो क्या है। इस परिवार में तो दूर-दूर तक भी लोकतंत्र से कोई लेना-देना नहीं है। और इसलिए लोकतंत्र की हर बात को नकारने के, इनकार करने के वो मौके ढूंढते रहते हैं।

आपने देखा होगा। पिछले कई चुनावों से कांग्रेस लगातार हार रही है। और चुनाव के पराजय के बाद तुरंत कांग्रेस लोकतंत्र को स्वीकर करने के बजाए ईवीएम को ..., ईवीएम को दोषी ठहराने के लिए जोर जोर से झूठ बोलती है। इलेक्शन कमीशन जैसी महान संस्था, भारत के इलेक्शन कमीशन का आज सारी दुनिया के लोकतांत्रिक देशों में गुणगान होता है, जय जयकार होता है। उनकी निष्पक्षता की गौरव गाथा होती है। किसी की भी सरकार रही हो, हमारे देश के इलेक्शन कमीशन की तारीफ हुई है। लेकिन जब से कांग्रेस हार रही है, वो इलेक्शन कमीशन को भी बदनाम करने में भी जुटी हुई है। इनके लिए तो ईवीएम रोंग, कांग्रेस राइट। इलेक्शन कमीशन रोंग, कांग्रेस राइट। जब सीएजी घोटालों को एक्सपोज करता है तो ये कांग्रेस का पूरा इको सिस्टम हमारे देश के सीएजी को बदनाम करने के लिए मैदान में आता है। सीएजी रोंग, कांग्रेस राइट। कांग्रेस जब खुद फंस जाती है। कानून का शिकंजा आता है तो शुरू कर देती है सीबीआई गलत, एनआईए गलत, ईडी गलत, अकेली कांग्रेस राइट।

जब हिन्दुस्तान की आर्मी कांग्रेस सरकारों के कुकर्मों में साथ देने से मना करती है तो ये कांग्रेस वाले बेशर्मी के साथ आर्मी के खिलाफ, आर्मी चीफ के खिलाफ उसको डिस्क्रेडिट करने में लगे रहते हैं, बोफोर्स के जमाने से सुनते आए हैं। जब भारत की सेना सर्जिकल स्ट्राइक करती है। तब ये कांग्रेस बेशर्मी से आर्मी रोंग, कांग्रेस राइट। ये बोलने का दुस्साहस करती है।

इस देश में चुने हुए उपराष्ट्रपति अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाते हैं। और कांग्रेस के गलत कामों में अपने आपको नहीं जोड़ते हैं तो अब वो उपराष्ट्रपति को भी गालियां देने लगे हैं।

अब हमारे सुरक्षा बल, हमारी पुलिस, हमारी सुरक्षा बल के जवान अगर आतंकियों को मारते हैं, माओवादियों को मारते हैं, देश के दुश्मनों को मारते हैं तो ये कांग्रेस वाले हमारे सुरक्षाबलों को मनोबल तोड़ने के लिए उन पर भी सवालिया निशान पैदा करते हैं।

कांग्रेस सरकारों के जमाने में रिजर्व बैंक के साथ जो खिलवाड़  होता था वो बंद हो गया तो ये कांग्रेस के लोग रिजर्व बैंक को भी बदनाम करने में लगे हैं।

जब वर्ल्ड बैंक ...। जब वर्ल्ड बैंक ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भारत की इज्जत का, भारत के काम का गौरव गान करती है, भारत के 42 अंक सुधर जाती है। तो कांग्रेस वाले वर्ल्ड बैंक को भी कटघरे में खड़ा करके, उस पर भी शक करते हैं। और जब क्रेडिट रेटिंग एजेंसी वर्ल्ड बैंक हो, आईएमएफ हो, मूडीज हो, दुनिया की कोई भी क्रेडिट एजेंसी हो, भारत की नहीं, भारत के बाहर की एजेंसी हो और वे भी भारत के लिए अच्छी बात बताएं तो ये बेशर्मी से कह देते हैं कि मोदी ने दुनिया की सारी एजेंसियों को खरीद लिया है।

 

भाइयो बहनो।

कांग्रेस एक खतरनाक खेल खेल रही है। मैं देश के नागरिकों को बताना चाहता हूं, सजग करना चाहता हूं।  मैं ...। कांग्रेस जो खतरनाक खेल रही है। उसके प्रति देश को जगाना चाहता हूं। आपको पता होगा। कांग्रेस के भूतपूर्व प्रमुख ...। मां और बेटा जब से 5 हजार करोड़ के घोटाले में जमानत पर छूटे हैं। तब से उन्होंने देश की न्यायपालिका पर हमला बोल दिया है। इनको लगता है। हम तो नामदार है। पीएम पद तो हमारे लिए आरक्षित है। ये ज्यूडिसरी क्या होती है, जो हमें कोर्ट में बुलाए। और हमें कोर्ट में खड़ा करे। हमारे खिलाफ वारंट निकाले, जमानत के लिए मजबूर करे। और इसलिए जो सबसे सर्वोच्च न्यायाधीश हैं। उन्हीं पर महाभियोग लगा दो ताकि नीचे के सारे जज डर जाए और उन पर कोई आंच न आए। और इसलिए ये खेल खेला जा रहा है।

कर्नाटक की जनता ने ये कांग्रेस को बाजे गाजे के साथ विदा करना तय कर लिया है। अब पराजय सामने दिख रहा है। जनता जाग गई है। और इसलिए उनका झूठ नहीं चला, उनका जातिवाद नहीं चला, उनके धन के भंडर नहीं चले। और इसलिए उन्होंने एक नया खेल शुरू किया है। मैं पूरे कर्नाटक की जनता को आने वाली 12 तारीख तक ...। जागते रहो ...। जागते रहो ...। जागते रहो ...।

चुनाव लोकतंत्र का उत्सव होता है। चुनाव एक पवित्रता का माहौल होता है। सवा सौ करोड़ देशवासियों के भाग्य के लेख चुनाव में लिखे जाते हैं। एक-एक मतदाता अत्यंत पवित्रतापूर्वक, पवित्र भाव से सारे काम छोड़ करके वोट डालने जाता है। लेकिन पानी में, पानी के बिना जब मछली छटपटाती है। ये कांग्रेस पार्टी पराजय को देख करके छटपटा रही है। और अलोकतांत्रिक हथकंडे अपनाने के लिए बेशर्मी से कांड कर रही है।

कल रात से मीडिया में जो खबरें चल रही है। वो खबरें आपने देखी होगी। आपने देखा होगा कि किस प्रकार से फर्जी वोटर आई कार्ड बनाए गए हैं। किस प्रकार से फर्जी वोटरों के नाम लिखे गए हैं। हजारों की तादात में कल ये आईकार्ड पकड़े गए। इतना ही नहीं उसके छोटे-छोटे बंडल बनाए हैं। ये किसको देना है, उसकी योजना बनाई गई है। कंप्यूटर पकड़ा गया है। प्रिंटिंग मशीन पकड़ी गई है।

भाइयो बहनो।

हजारों की तादात में फर्जी आई कार्ड बनाकरके कांग्रेस का चुनाव जीतने का ये तरीका ...। कर्नाटक की जनता को कांग्रेस को कभी माफ नहीं करना चाहिए। दो बड़े स्टील बक्शे मिले हैं। उसमें एक लाख वोटरों के लिए काम आने वाली पर्चियां मिली हैं। चार लाख वोटरों वाली सीट में से उसमें एक लाख फर्जी पर्चियां ...। कैसा कांग्रेस पराजय से डरते हुए कैसे पाप कर रही है। इसकी कल्पना कर सकते हैं। ये तो एक पकड़ा गया है। पता नहीं और क्या-क्या पाप किए होंगे। और इसलिए कहता हूं 12 तारीख तक जागते रहो।

भाइयो बहनो।

इसके बाद एक और संकट देख रहा हूं। जिन एड्रेस पर फर्जी वोटर कार्ड बनाए गए हैं। अब चुनाव के बाद। ये फर्जी नाम वाले उन घरों पर कब्जा करने के लिए क्लेम करेंगे। उसका हक बताएंगे और प्रूफ के रूप में ये फर्जी वोटर कार्ड दिखाएंगे। कितने परिवारों के मकानों पर ये कब्जा कर लेंगे। आप कल्पना कर सकते हो।

भाइयो बहनो।

पिछले कुछ महीनों से कर्नाटक में और देश में बादामी का नाम गूंज रहा है। बादामी सबको पता है बादामी।

भाइयो बहनो।

वहां जो उम्मीदवार गए हैं।उन्होंने शानदार बदामी को भी बदनामी देने का काम शुरू किया है।

भाइयो बहनो।

आपने देखा होगा। कल इनकम टैक्स की एक रेड हुई। बादामी के एक होटल में और ये होटल वो है, जहां कुछ समय पहले ही मुख्यमंत्री जी उसमें गए थे और फिर वहां निकले थे। और जब इनकम टैक्स ने रेड की तो करोड़ों रुपए के कारोबार के कागज हाथ लगे, लाखों रुपये हाथ लगे। जरा ये उम्मीदवार, वहां क्या खेल खेल रहे थे। क्या ये चुनाव, ये लोकतंत्र का पवित्र उत्सव। क्या सत्ता पाने के लिए ये खेल खेले जाएंगे। मैं कर्नाटक के स्थानीय मीडिया को अंतकरणपूर्वक अभिनंदन करता हूं क्योंकि कर्नाटक के स्थायी मीडिया ने इनकी इतनी दादागिरी के बावजूद भी सत्य लोगों तक पहुंचाने की हिम्मत दिखाई है। इसलिए मैं कर्नाटक की मीडिया को ह्रदय से अभिनंदन करता हूं।

 

भाइयो बहनो।

चुनाव घोषित होने के बाद मीडिया ने रिपोर्ट किया है कि 130 करोड़ से ज्यादा रुपये जब्त किए गए हैं। इतना ही नहीं सोना भी पकड़ा गया है। ये पाप ये  सरकार करवा रही है। हजारों फर्जी आईकार्ड, लाखों पर्चियां, ये लाखों रुपये, ये करोड़ों रुपए का कारोबार, ये 130 करोड़ रुपए से ज्यादा का कैश, ये गोल्ड क्वाइन। ये सब क्या है। अरे सीधा रुपैया, सीधा रुपैया ...। ये 10 पर्सेंट ...।

भाइयो बहनो।

ये कांग्रेस का परिवार। ये परिवार के लिए ही सरकारें बनती है। ये परिवार के लिए ही सरकारें टूटती है। ये परिवार के लिए ही सरकारों को चूसते हैं। ये परिवार के लिए ही विपक्षी सरकारें चुभती हैं।

भाइयो बहनो।

कॉफी। यहां की कॉफी अच्छे-अच्छों की थकान उतार देती है, नई चेतना भर देती है। लेकिन ये कॉफी बोर्ड अब तक राजकीय खेल का मैदान बना था। पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद हमने कॉफी बोर्ड का चेयरमैन एक किसान को बनाया है ताकि वो किसान का दर्द ...।

भाइयो बहनो।

ये हमारा क्षेत्र। 5 नदियां निकलती हैं, 5। लेकिन उसके बाद भी खेत सूखा है। लोग पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। अरे मुख्यमंत्री जी, आप ट्विटर पर तो बैठे रहते हो, अरे 5 साल उनके लिए भी कुछ करना चाहिए था। ये अपर भदरा प्रोजेक्ट। ये अपर भदरा प्रोजेक्ट, भारतीय जनता पार्टी येदुरप्पा की सरकार ने शुरू किया था। कांग्रेस ने आकर के ठंडे बस्ते में ...।

भाइयो बहनो।

हमारे यहां सुपारी की खेती होती है। पूरे देश में जितनी सुपारी होती है, आधी सुपारी अकेले कर्नाटक में होती है। मेरे यहां के किसानों का जीवन-मरण सुपारी की खेती पर निर्भर है। लेकिन यूपीए की कांग्रेस की सरकार, ये नामदार लोगों ने, ये सोनिया बेन की सरकार ने कोर्ट में एफीडेविट किया कि सुपारी आरोग्य के लिए हानि करता है। उसको बंद करना चाहिए।

और येदुरप्पा जी ने महाकाव्य नहीं लिखा है। वो कवियों का काम होता है। सरकार को तो वचन देना होता है, वादा करना होता है, वादा निभाना होता है। कविताएं लिखने के लिए तो साहित्य परिषद में जाना होता है।

येदुरप्पा जी ने भारतीय जनता पार्टी के मेनिफेस्टों में वादा किया है कि कॉफी वाले किसान हो, सुपारी पैदा करने वाले किसान हो, गन्ना पैदा करने वाले किसान हो, मसाला पैदा करने वाले किसान हो, धान पैदा करने वाले किसान हो, हर किसान के कल्याण के लिए स्वयं के सीएम ऑफिस में एक रायता विभाग शुरू करेंगे और उनकी चिंताओं को दूर करेंगे।

भाइयो बहनो।

समुद्री तट का विकास। सागरमाला प्रोजेक्ट। फिशरमैन के लिए नए हार्बर, ब्लू इकोनामी का रिवोल्यूशन। ये हमारे भारत सरकार के एजेंडा में भी है। और येदुरप्पा जी 15 तारीख के बाद सरकार बनाएंगे, उन्होंने भी वादा किया है। कर्नाटक के कोस्टल इलाके में 8 पोर्ट का कैपेसिटी एक्सपेंशन, करीब 3 हजार करोड़ रुपये की लागत और 300 लाख टन की क्षमता का निर्माण करने की दिशा में हम काम कर रहे हैं। बेलीकेरी में एक नया पोर्ट बनाने का भी हमारा फैसला है।

भाइयो बहनो।

कर्नाटक का संपूर्ण विकास हो। इस दिशा में, हम वचन लेकरके आए हैं, वादे लेकरके आए हैं। और समय सीमा में उन्हें पूरा करेंगे, ये मैं आपको विश्वास दिलाता हूं।

भाइयो बहनो।

आज तो ऐसी सरकार यहां चल रही है। वो 5 साल में पिछले 4 साल दिल्ली सरकार से मुकाबला करने में उसने टाइम खराब किया। उनको कर्नाटक में इंटरेस्ट नहीं था, राजनीतिक वायुमंडल खराब करने में इंटरेस्ट था। आप मुझे बताइए। अगर कर्नाटक को येदुरप्पा का इंजन लग जाए और दिल्ली में मोदी का इंजन उसके साथ जुड़ जाए। और अगर डबल इंजन मिल जाए ...।

भाइयो बहनो।

मैं आपसे कुछ सवाल पूछना चाहता हूं। हिंदी में पूछूंगा तो आप जवाब दोगे ...। सब जवाब दोगे ...। आप घर-घर जाएंगे ...। घर-घर जाएंगे ...। मतदाताओं को मिलेंगे ...। मत करवाएंगे ...। भारी मतदान करवाएंगे ...। ज्यादा से ज्यादा मतदान करवाएंगे ...। हर बूथ में बीजेपी को जिताएंगे ...। आप पूरी ताकत बूथ में लगाएंगे। 12 तारीख को जो आप मेहनत करेंगे। 15 तारीख को उसके नतीजे आएंगे। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी।

और इसलिए मेरे प्यारे भाइयो बहनो।

स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित कर्नाटक निर्मिष सोना, बन्नी एल्लरू कै जोड़ि सी। सरकार बदली सी, बीजेपी गेल्ली सी। सरकार बदली सी, बीजेपी गेल्ली सी। सरकार बदली सी, बीजेपी गेल्ली सी। दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बोलिए। सरकारा बदली सी, बीजेपी गेल्ली सी। सरकारा बदली सी, बीजेपी गेल्ली सी। सब अपनी मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाइए। सरकार बदली सी, बीजेपी गेल्ली सी। सरकार बदली सी, बीजेपी गेल्ली सी। सरकार बदली सी, बीजेपी गेल्ली सी। बहुत-बहुत धन्यवाद।

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"India of 21st century does not think small...": PM Modi
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India is the Future: PM Modi
February 27, 2024
“If today the world thinks India is ready to take a big leap, it has a powerful launchpad of 10 years behind it”
“Today 21st century India has stopped thinking small. What we do today is the best and biggest”
“Trust in government and system is increasing in India”
“Government offices are no longer a problem but are becoming allies of the countrymen”
“Our government created infrastructure keeping the villages in mind”
“By curbing corruption, we have ensured that the benefits of development are distributed equally to every region of India”
“We believe in Governance of Saturation, not Politics of Scarcity”
“Our government is moving ahead keeping the principle of Nation First paramount”
“We have to prepare 21st century India for its coming decades today itself”
“India is the Future”

मेरे यहां पुराने जमाने में युद्ध में जाने से पहले बहुत जोरो की डुगडुगी बजाई जाती थी, बड़े बिगुल बजाए जाते थे ताकि जाने वाला जरा जोश में जाए, थैंक्यू दास! TV Nine के सभी दर्शकों को मेरा नमस्कार और यहां उपस्थित आप सबको भी… मैं अक्सर भारत की डायवर्सिटी की चर्चा करता रहता हूं। इस डाइवर्सिटी को TV Nine का न्यूजरूम, आपकी रिपोर्टिंग टीम में बखूबी वो नजर आता है, ये रिप्रेजेंट करता है। TV Nine के अनेक भारतीय भाषाओं में मीडिया प्लेटफॉर्म्स हैं। आप भारत की वाइब्रेंट डेमोक्रेसी, उसके प्रतिनिधि भी हैं। मैं अलग-अलग राज्यों में, अलग-अलग भाषाओं में, TV Nine में काम करने वाले सभी पत्रकार साथियों का, आपकी टेक्निकल टीम का बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज TV Nine की टीम ने इस समिट के लिए बड़ा Interesting Topic चुना है। India: Poised For The Next Big लीप. और Big लीप तो हम तभी ले सकते हैं, जब हम जोश में हों, ऊर्जा से भरे हुए हों। कोई हताश-निराश देश हो या व्यक्ति Big लीप के बारे में सोच ही नहीं सकता है। ये थीम ही अपने आप में ये बताने के लिए काफी है कि आज के भारत का आत्मविश्वास किस ऊंचाई पर है, आकांक्षा क्या है? अगर आज दुनिया को लगता है कि भारत एक बड़ा लीप लेने के लिए तैयार है, तो उसके पीछे 10 साल का एक पावरफुल लॉन्चपैड है। तो 10 वर्ष में ऐसा क्या बदला, कि आज हम यहां पहुंचे हैं? ये बदलाव Mindset का है। ये बदलाव Self-Confidence और Trust का है। ये बदलाव Good Governance का, सुशासन का।

साथियों,

एक बहुत पुरानी कहावत है- मन के हारे हार है, मन के जीते जीत। अभी दास का मैं quote सुन रहा था लेकिन मैं उसमें थोड़ा differ करता हूं। उन्होंने कहा कि इतिहास एक प्रकार से बडे महानुभावों की बायोग्राफी होती है। ये हो सकता है पश्चिम की सोच हो, हिन्‍दुस्‍तान में सामान्य मानवीय की बायोग्राफी, वही इतिहास होती है। वही देश का सच्चा सामर्थ्य होता है और इसलिए बड़े लोग आए, चले गए… देश अजर-अमर रहता है।

साथियों,

हारे हुए मन से विजय मिलनी बहुत मुश्किल होती है। इसलिए पिछले 10 साल में Mindset में जो बदलाव आया है, जो लीप हमने लिया है, वो वाकई अद्भुत है। आज के बाद दशकों तक जिन्होंने सरकार चलाई, उनका भारतीयता के सामर्थ्य पर ही विश्वास नहीं था। उन्होंने भारतीयों को Underestimate किया, उनके सामर्थ्य को कम करके आंका। तब लाल किले से कहा जाता था कि हम भारतीय निराशावादी हैं, पराजय भावना को अपनाने वाले हैं। लाल किले से ही भारतीयों को आलसी कहा गया, मेहनत से जी चुराने वाला कहा गया। जब देश का नेतृत्व ही निराशा से भरा हुआ हो, तो फिर देश में आशा का संचार कैसे होता? इसलिए देश के अधिकांश लोगों ने भी ये मान लिया था कि देश तो अब ऐसे ही चलेगा! ऊपर से करप्शन, हजारों करोड़ के घोटाले, पॉलिसी पैरालिसिस, परिवारवाद, इन सबने देश की नींव को तबाह करके रख दिया था।

पिछले 10 वर्षों में हम उस भयावह स्थिति से देश को निकालकर यहां लाए हैं। सिर्फ 10 साल में भारत, दुनिया की टॉप फाइव अर्थव्यवस्थाओं में आ गया है। आज देश में जरूरी नीतियां भी तेजी से बनती हैं और निर्णय भी उतनी ही तेजी से लिए जाते हैं। Mindset में बदलाव ने कमाल करके दिखा दिया है। 21वीं सदी के भारत ने छोटा सोचना छोड़ दिया है। आज हम जो करते हैं, वो Best और Biggest करते हैं। आज भारत की उपलब्धियां देखकर दुनिया हैरान है। दुनिया, भारत के साथ चलने में अपना फायदा देख रही है। अरे, भारत ने ये भी कर लिया- ये रिएक्शन, अच्छा भारत ने ये कर लिया? भारत में ये हो गया? ये रिएक्‍शन, आज की दुनिया का न्यू नॉर्मल है। बढ़ती विश्वसनीयता, आज भारत की सबसे बड़ी पहचान है। आप 10 साल पहले के और आज के FDI के आंकड़े देखिए। पिछली सरकार के 10 साल में 300 बिलियन डॉलर की FDI भारत में आई। हमारी सरकार के 10 साल में 640 बिलियन डॉलर की FDI भारत में आई। 10 साल में जो डिजिटल क्रांति आई है, कोरोना के समय में वैक्सीन पर जो भरोसा बैठा है, आज टैक्स देने वालों की बढ़ती हुई संख्या हो, ये चीजें बता रही हैं, कि भारत के लोगों का सरकार और व्यवस्था पर भरोसा बढ़ रहा है।

मैं आपको एक और आकंड़ा देता हूं। यहां इस हॉल में ज्यादातर लोग ऐसे होंगे जो म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करते होंगे। साल 2014 में देश में लोगों ने करीब 9 लाख करोड़ रुपए म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट कर के रखे थे। अगर मैं साल 2024 की बात करूं तो आज देश के लोगों ने 52 लाख करोड़ रुपए उससे भी ज्यादा म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट कर रखा है। ये इसलिए हुआ है क्योंकि हर भारतीय को ये विश्वास है कि देश मजबूती से आगे बढ़ रहा है। और जितना विश्वास उसे देश पर है, उतना ही खुद पर भी है। हर भारतीय ये सोच रहा है– मैं कुछ भी कर सकता हूं, मेरे लिए कुछ भी असंभव नहीं है। और ये बात TV Nine के दर्शक भी नोट करते होंगे कि अनेक लोगों का प्रिडिक्शन जहां अटक जाता है, उससे भी कहीं ज्यादा बेहतर परफॉर्म करके हमने दिखाया है।

साथियों,

आज इस Mindset और Trust में परिवर्तन का सबसे बड़ा कारण, हमारी सरकार का Work-Culture है, गवर्नेंस है। वही अफसर हैं, वही ऑफिस हैं, वही व्यवस्थाएं हैं, वही फाइलें हैं, लेकिन नतीजे कुछ और आ रहे हैं। सरकार के दफ्तर आज समस्या नहीं, देशवासियों के सहयोगी बन रहे हैं। ये व्यवस्था आने वाले समय के लिए गवर्नेंस के नए आदर्श स्थापित कर रही है।

साथियों,

भारत के विकास को गति देने के लिए, Big लीप लेने के लिए ये बहुत जरूरी था कि जिस गीयर पर पहले भारत चल रहा था, उस गीयर को बदला जाए। पहले की सरकारों में भारत किस तरह रिवर्स गीयर में था, मैं आपको कुछ उदाहरण देता हूं। यूपी में 80 के दशक में सरयू नहर परियोजना का शिलान्यास हुआ था। ये परियोजना चार दशक तक अटकी रही। 2014 में सरकार बनने के बाद हमने इस परियोजना को तेजी से पूरा किया। सरदार सरोवर परियोजना, उस परियोजना का शिलान्यास तो पंडित नेहरू ने 60 के दशक में किया था। 60 साल तक सरदार सरोवर डैम का काम ऐसे ही लटका रहा। सरकार बनने के बाद 2017 में हमने इस डैम का काम पूरा करके इसका लोकार्पण किया। महाराष्ट्र की कृष्णा कोयना परियोजना भी 80 के दशक में प्रारंभ हुई थी। साल 2014 तक ये भी ऐसे ही लटकी हुई थी। इस डैम का काम भी हमारी ही सरकार ने पूरा करवाया।

साथियों,

बीते कुछ दिनों में आपने अटल टनल के आसपास बर्फबारी की बहुत शानदार तस्वीरें देखी हैं। अटल टनल का शिलान्यास हुआ था 2002 में। 2014 तक ये टनल भी अधूरी लटकी हुई रही। इसका काम भी पूरा कराया हमारी सरकार ने और इसका 2020 में लोकार्पण किया गया। असम का बोगीबील ब्रिज भी आपको याद होगा। ये ब्रिज भी 1998 में स्वीकृत हुआ। सरकार में आने के बाद हमने इसे तेजी से पूरा कराया और 20 साल बाद साल 2018 में इसका लोकार्पण किया। Eastern Dedicated Fright Corridor, साल 2008 में स्वीकृत किया गया। ये प्रोजेक्ट भी लटकता रहा और 15 साल बाद, 2023 में हमने इसे पूरा कराया। मैं आपको ऐसे कम से कम 500 प्रोजेक्ट गिना सकता हूं। ऐसे सैकड़ों प्रोजेक्ट्स को 2014 में हमारी सरकार आने के बाद तेजी से पूरा कराया गया।

प्रधानमंत्री कार्यालय में टेक्नोलॉजी की मदद से हमने एक आधुनिक व्यवस्था विकसित की है- प्रगति के नाम से। हर महीने मैं खुद एक-एक प्रोजेक्ट की फाइल लेकर बैठता हूं, सारा डेटा लेकर बैठता हूं, दशकों से अटके हुए प्रोजेक्ट्स की समीक्षा करता हूं और मेरे सामने ऑनलाइन, सभी राज्‍यों के मुख्‍य सचिव और भारत सरकार के सभी सचिव पूरा समय मेरे सामने होते हैं। एक-एक चीज का वहां analysis होता है। मैं पिछले 10 साल में... 17 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स की समीक्षा कर चुका हूं। 17 लाख करोड़ रुपया… तब जाकर ये प्रोजेक्ट पूरे हुए हैं।

आप मुझे बताइए, जिस देश में पहले की सरकारें, उस स्पीड से काम करती रही हों, तो देश Big लीप कैसे लगा पाता? आज हमारी सरकार ने लटकाने-भटकाने वाली उस पुरानी अप्रोच को पीछे छोड़ दिया है। मैं आपको हमारी सरकार के कुछ उदाहरण दूंगा। मुंबई का अटल सेतु, देश का सबसे बड़ा ब्रिज, सी ब्रिज। इसका शिलान्यास साल 2016 में हुआ। हमने कुछ सप्ताह पहले इसका लोकार्पण भी कर दिया। संसद की नई बिल्डिंग। इसका शिलान्यास साल 2020 में किया। पिछले ही साल इसका लोकार्पण हो गया। जम्मू एम्स का शिलान्यास साल 2019 में हुआ था। पिछले सप्ताह 20 फरवरी को इसका लोकार्पण भी हो गया है। राजकोट एम्स का शिलान्यास साल 2020 में हुआ था। अभी कल ही इसका भी लोकार्पण हो गया है। इसी तरह, IIM संभलपुर का शिलान्यास साल 2021 में हुआ...और... साल 2024 में लोकार्पण हो गया। त्रिचि एयरपोर्ट के नये टर्मिनल का शिलान्यास 2019 में हुआ और कुछ सप्ताह पहले इसका लोकार्पण भी हो गया। IIT भिलाई का शिलान्यास साल 2018 में हुआ और कुछ दिन पहले हमने इसका भी लोकार्पण कर दिया है। गोवा के नए एयरपोर्ट का शिलान्यास 2016 में हुआ और 2022 में इसका लोकार्पण भी हो गया। लक्षद्वीप तक समुद्र के नीचे ऑप्टिकल फाइबर बिछाना बहुत चैलेंजिंग माना जाता था। इस काम को हमने साल 2020 में शुरू करवाया और कुछ सप्ताह पहले इसे पूरा भी कर दिया।

बनारस की बनास डेयरी का शिलान्यास साल 2021 में हुआ और कुछ दिन पहले इसका लोकार्पण हुआ। कल ही आपने द्वारका में सुदर्शन ब्रिज की शानदार तस्वीरें देखी हैं। हिंदुस्तान का सबसे लंबा केबल ब्रिज, देश की शान बढ़ा रहा है। इसका भी शिलान्यास हमारी सरकार ने साल 2017 में किया था। मैं जो मोदी की गारंटी की बात करता हूं ना, उसका एक पहलू ये भी है। जब ये स्पीड होती है, तेजी से काम करने की इच्छा शक्ति होती है... जब टैक्सपेयर्स के पैसे का सम्मान होता है... तब देश आगे बढ़ता है, तब देश Big लीप के लिए तैयार होता है।

साथियों,

भारत आज जिस स्केल पर काम कर रहा है, वो अप्रत्याशित, कल्पना से परे है। मैं आपको सिर्फ बीते एक सप्ताह के कुछ उदाहरण और देना चाहता हूं… एक week के… 20 फरवरी को मैंने जम्मू से एक साथ देश के दर्जनों IIT-IIM, ट्रिपल IT जैसे Higher Education Institutes का लोकार्पण किया। 24 फरवरी को मैंने राजकोट से देश के 5 एम्स का एक साथ लोकार्पण किया। आज सुबह मैंने देश के 27 राज्यों के 500 से ज्यादा रेलवे स्टेशन्स के री-डेवलपमेंट का शिलान्यास किया। आज के उसी कार्यक्रम में देश में डेढ़ हजार से ज्यादा ओवरब्रिज और अंडरपास पर एक साथ काम शुरू हुआ। अभी मैंने इस कार्यक्रम में आने से पहले ही सोशल मीडिया साइट- एक्स पर एक थ्रेड शेयर किया है। इसमें मैंने अपने आने वाले 2 दिनों के कार्यक्रमों के बारे में बताया है। मैं कल सुबह केरला, तमिलनाडु और महाराष्ट्र जाने वाला हूं। वहां स्पेस के कार्यक्रम हैं... MSME के कार्यक्रम हैं, पोर्ट से जुड़े कार्यक्रम हैं, ग्रीन हाईड्रोजन से जुड़े कार्यक्रम हैं... किसानों से जुड़े कार्यक्रम हैं... भारत ऐसी स्केल पर काम करके ही Big लीप लगा सकता है। हम पहली, दूसरी, तीसरी औद्योगिक क्रांति में पीछे रह गए। अब हमें चौथी औद्योगिक क्रांति में दुनिया का नेतृत्व करना है। और इसके लिए भारत में हर रोज हो रहे विकास कार्यों से, देश की रफ्तार को ऊर्जा मिल रही है।

भारत में हर दिन, आप एक के बाद एक दिमाग जरा अलर्ट रखिए… भारत में हर दिन दो नए कॉलेज खुले हैं, हर हफ्ते एक यूनिवर्सिटी खुली है। भारत में हर दिन 55 पेटेंट्स और 600 ट्रेडमार्क रजिस्टर किए गए हैं। भारत में हर दिन करीब डेढ़ लाख मुद्रा लोन बांटे गए हैं। भारत में हर दिन सैंतीस नए स्टार्टअप बने हैं। भारत में हर दिन सोलह हजार करोड़ रुपए के यूपीआई ट्रांजैक्शन हुए हैं। भारत में हर दिन 3 नए जन औषधि केंद्रों की शुरुआत हुई है। भारत में हर दिन चौदह किलोमीटर रेलवे ट्रैक का निर्माण हुआ है। भारत में हर दिन 50 हजार से अधिक एलपीजी कनेक्शन दिए गए हैं। भारत में हर सेकंड, हर सेकंड… एक नल से जल का कनेक्शन दिया गया है। भारत में हर दिन 75 हजार लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। हमने तो हमेशा से ही गरीबी हटाओ के सिर्फ नारे सुने थे। किसने सोचा था कि 10 साल में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकल आएंगे। लेकिन ये हुआ है और हमारी ही सरकार में हुआ है।

साथियों,

भारत में consumption को लेकर हाल ही में एक रिपोर्ट आई है, जिससे नए ट्रेंड का पता चलता है। भारत में गरीबी अब तक के सबसे कम स्तर... यानि single digit में पहुंच गई है। इस डेटा के मुताबिक, पिछले एक दशक की तुलना में Consumption ढाई गुना बढ़ गया है। यानी भारत के लोगों की विभिन्न सेवाओं और सुविधाओं पर खर्च करने की क्षमता और बढ़ गई है। ये भी सामने आया है कि पिछले 10 साल में, गांवों में consumption शहरों की तुलना में कहीं ज्यादा तेज गति से बढ़ा है। यानी गांव के लोगों का आर्थिक सामर्थ्य बढ़ रहा है, उनके पास खर्च करने के लिए ज्यादा पैसे हो रहे हैं। ये ऐसे ही नहीं हुआ, ये हमारे उन प्रयासों का परिणाम है, जिनका फोकस गांव, गरीब और किसान है। 2014 के बाद से हमारी सरकार ने गांवों को ध्यान में रखकर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया। गांव और शहर के बीच कनेक्टिविटी बेहतर हुई, रोजगार के नए अवसर तैयार किए गए, महिलाओं की आय बढ़ाने के साधन विकसित किए गए। विकास के इस मॉडल से ग्रामीण भारत सशक्त हुआ है। मैं आपको एक और आंकड़ा दूंगा। भारत में पहली बार, कुल खर्च में भोजन पर होने वाला खर्च 50 परसेंट से भी कम हो गया है। यानी, पहले जिस परिवार की सारी शक्ति भोजन जुटाने में खर्च हो जाती थी, आज उसके सदस्य सारी चीजों पर पैसे खर्च कर पा रहे हैं।

साथियों,

पहले की सरकारों की एक और सोच ये थी कि वो देश की जनता को अभाव में रखना पसंद करती थीं। अभाव में रह रही जनता को ये लोग चुनाव के समय थोड़ा-बहुत देकर, अपना स्वार्थ सिद्ध कर लेते थे। इसके चलते ही देश में एक वोट बैंक पॉलिटिक्स का जन्म हुआ। यानी सरकार केवल उसके लिए काम करती थी जो उन्हें वोट देता था।

लेकिन साथियों,

बीते 10 वर्षों में, भारत इस Scarcity Mindset को पीछे छोड़कर आगे बढ़ चला है। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाकर हमने ये सुनिश्चित किया है कि विकास का लाभ भारत के हर क्षेत्र को समान रूप से दिया जाए। हम Politics of Scarcity नहीं, Governance of Saturation पर विश्वास करते हैं। हमने तुष्टिकरण ना करके, देशवासियों के संतुष्टिकरण का रास्ता चुना है। बीते 10 वर्षों में यही हमारा एकमात्र मंत्र है, यही हमारी सोच है। यही सबका साथ-सबका विकास है। हमने वोटबैंक पॉलिटिक्स को पॉलिटिक्स ऑफ परफॉर्मेंस में बदला है। जब अभाव होता है तो करप्शन होता है, भेदभाव होता है। जब सैचुरेशन होता है तो संतुष्टि होती है, सद्भाव होता है।

आज सरकार अपनी तरफ से, घर-घर जाकर लाभार्थियों को सुविधाएं दे रही है। आपने बीते समय में मोदी की गारंटी वाली गाड़ी के बारे में जरूर सुना होगा। देश में पहले कभी ऐसा नहीं हुआ कि सरकार के अफसर गाड़ी लेकर गांव-गांव जाएं और पूछे कि सरकार की इन योजनाओं का लाभ आपको मिला या नहीं मिला? आज हमारी सरकार खुद लोगों के दरवाजे पर जाकर कह रही है कि सरकारी योजनाओं का लाभ उठाइए। इसलिए मैं कहता हूं, जब सैचुरेशन एक मिशन बन जाए, तो हर प्रकार के भेदभाव की गुंजाइश खत्म हो जाती है। इसलिए मैं कहता हूं कि हम राजनीति नहीं राष्ट्रनीति पर विश्वास करने वाले लोग हैं।

साथियों,

हमारी सरकार Nation First के सिद्धांत को सर्वोपरि रखते हुए आगे बढ़ रही है। पहले की सरकारों के लिए कोई काम नहीं करना… ये सबसे बड़ा आसान काम बन गया था। लेकिन इस वर्क-कल्चर से ना देश बन सकता है और ना देश आगे बढ़ सकता है। इसलिए हमने देशहित में निर्णय लिए, पुरानी चुनौतियों का समाधान किया। आर्टिकल 370 की समाप्ति से लेकर… मैं Movie के बात नहीं कर रहा हूं। आर्टिकल 370 की समाप्ति से लेकर राम मंदिर निर्माण तक, ट्रिपल तलाक के अंत से लेकर महिला आरक्षण तक, वन रैंक वन पेंशन से लेकर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ पद तक, सरकार ने Nation First की सोच के साथ ऐसे हर अधूरे काम पूरे किए।

साथियों,

21वीं सदी के भारत को अपने आने वाले दशकों के लिए भी हमें आज ही तैयार करना होगा। इसलिए आज भारत भविष्य की योजनाओं में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। स्पेस से सेमीकंडक्टर तक डिजिटल से ड्रोन तक AI से क्लीन एनर्जी तक 5G से Fintech तक भारत आज दुनिया की अगली कतार में पहुंच गया है। भारत आज, ग्लोबल वर्ल्ड में डिजिटल पेमेंट्स की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। भारत आज, Fintech Adoption Rate में सबसे तेजी से बढ़ता देश है। भारत आज, चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला देश है। भारत आज, Solar Installed Capacity में दुनिया के अग्रणी देशों में से है। भारत आज, 5 जी नेटवर्क के विस्तार में यूरोप को भी पीछे छोड़ चुका है। भारत आज, सेमीकंडक्टर सेक्टर में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत आज, ग्रीन हाइड्रोजन जैसे फ्यूचर के फ्यूल पर तेज़ी से काम कर रहा है।

आज भारत अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत कर रहा है। भारत Futuristic है। और इसलिए आज सब लोग कहने लगे हैं- India is the Future. आने वाला समय और महत्वपूर्ण है, आने वाले 5 साल बहुत महत्वपूर्ण हैं। और मैं ये सब जो audience यहां बैठा है और बड़ी जिम्मेदारी के साथ कहता हूं- हमारे तीसरे कार्यकाल में… हमारे तीसरे कार्यकाल में हमें भारत के सामर्थ्य को नई ऊंचाई तक पहुंचाना है। विकसित भारत की संकल्प यात्रा में आने वाले पांच वर्ष हमारे देश की प्रगति और प्रशस्ति के वर्ष हैं। इसी कामना के साथ और पूरे विश्वास के साथ ये सेमिनार होता या न होता, Big लीप जरूर होता। इतना फायदा जरूर हुआ कि आपने Big लीप का कार्यक्रम रखा, तो मुझे भी अपने लिप खोलने का मौका मिल गया। इस कार्यक्रम के लिए आपको ढेर सारी शुभकामनाएं! आप लोग सुबह से बैठ करके Brainstorming करते होंगे तो कुछ हंसी-खुशी की शाम भी हो गई।

बहुत बहुत धन्यवाद!