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This election is about making Uttar Pradesh, Uttam Pradesh: Shri Modi
What have the UP government done to improve the law and order situation, questions PM Modi
BJP Government is committed to ensure employment opportunities for youth of Uttar Pradesh: Shri Modi
Our Government eliminated interview process for class III and IV jobs. This has drastically reduced corruption: PM
BJP would ensure protection of interests of small and medium traders in Uttar Pradesh: Shri Modi
BJP Government would also ensure CAG audit of all municipal corporations in the state and ensure transparency: PM
We’ve passed the Real Estate Bill that ensures protection of buyers: Shri Narendra Modi

भारत माता की जय। भारत माता की जय। मंच पर विराजमान मंत्री परिषद के साथी और यहां के लोकप्रिय सांसद श्रीमान वीके सिंह, केंद्र में मेरे मंत्री परिषद के साथी डा. महेशचंद्र जी शर्मा, भारतीय जनता पार्टी के महासचिव स्वतंत्र देव  सिंह जी, श्रीमान भूपेंद्र सिंह, श्रीमान चंद्रशेखर जी, श्रीमान आशू वर्मा जी, श्री सतेंद्र सिसोदिया जी, देवेंद्र सिंह, अजय शर्मा जी, बसंत त्यागी जी, धौलाना से उम्मीदवार रमेशचंद्र जी तोमर, साहिबाबाद से श्रीमान सुनील शर्मा, गाजियाबाद से श्रीमान अतुल गर्ग, लोनी से श्रीमान नंदकिशोर गुर्जर, मुरादनगर से श्रीमान अजित पाल त्यागी, मंच पर विराजमान श्रीमान राजा वर्मा जी, श्री अनिल खेरा जी, अजीत पाल जी, बलदेव राज शर्मा जी, मनोज गुप्ता जी, मनोज धामा जी, दिनेश गोयल जी संजय कश्यप जी, श्रीमान प्रसाद जी, श्रीमान केके शुक्ला जी, श्री मयंक गोयल जी, श्रीमति आशा शर्मा जी और विशाल संख्या में पधारे हुए गाजियाबाद के मेरे भाइयों और बहनों ।

मैं सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी की तरफ से आप सबसे क्षमा मांगना चाहता हूं। मैं देख रहा हूं कि मैदान के बाहर ये टीवी वालों के कारोबार के भी पीछे इतनी बड़ी संख्या में लोग खड़े हैं। मैदान छोटा पड़ गया। आप लोग अंदर आ नहीं पाए, इसलिए मैं सबसे पहले, आपको जो असुविधा हुई है, इसके लिए मैं, पार्टी की तरफ से क्षमा मांगता हूं। लेकिन साथ-साथ मैं ह्रदय से आपका अभिनंदन करता हूं। आपके इस हौसले का, आपके इस अनुशासन का, मैं तहेदिल से आप सबका, मैं देख रहा हूं, हजारों की तादात में लोग, वहां खड़े हैं, शायद वहां सुनाई देता है कि नहीं देता है, मैं जानता नहीं हूं, तो भी आप इतनी बड़ी संख्या में आशीर्वाद देने के लिए आए। मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूं। बहुत-बहुत आभारी हूं।

भाइयों बहनों।

ये चुनाव कौन विधायक बने कौन न बने, इसका निर्णय करने के लिए सिर्फ नहीं है। ये चुनाव किस दल की सरकार बने कि किस दल की न बने, सिर्फ उसका फैसला करने के लिए भी नहीं है। ये चुनाव 14 साल से उत्तर प्रदेश में जो विकास का वनवास है। उस विकास के वनवास को समाप्त करके, 14 साल के बाद फिर उत्तर प्रदेश में विकास की धारा बहाने का चुनाव है।

भाइयों बहनों।

ये चुनाव उत्तर प्रदेश का है कि नहीं है ...। ये चुनाव उत्तर प्रदेश का है कि नहीं है ...। ये चुनाव मुख्यमंत्री तय करने के लिए है कि नहीं है ...। ये उत्तर प्रदेश की सरकार बनाने के लिए है कि नहीं है ...। आप मुझे बताइए। यहां जितने भी लोग चुनाव प्रचार कर रहे हैं। उनलोगों ने अपने चुनाव प्रचार में, जो लोग सरकार में हैं, उनलोगों को 5 साल के काम का हिसाब देना चाहिए कि नहीं देना चाहिए ...। सपा वालों ने 5 सालों में क्या किया। इसका उत्तर देना चाहिए कि नहीं देना चाहिए ...। उत्तर प्रदेश में उत्तर नहीं देते हैं तो उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश कैसे बनाएंगे। ... उनकी जिम्मेदारी है। श्रीमान अखिलेश जी। आपने पिताजी का क्या किया? चाचाजी का क्या किया? बहुओं का, भतीजों का, भाइयों का क्या-क्या किया? वो तो उत्तर प्रदेश की जनता भलीभांति जानती है। समय की मांग की है। कि आप पिछले 5 वर्ष में उत्तर प्रदेश की जनता ने जिस आशा अरमान के साथ आपको लखनऊ में गद्दी पर बिठाया था। आप लोगों के बीच जाकरके हिसाब दीजिए। उत्तर दीजिए की जनता को जरा उत्तर दीजिए। लेकिन ये नहीं कर रहे हैं। ये जितने भी लोग यहां से आए हैं या बाहर से आएं हों। मोदी ने क्या-क्या किया? दिल्ली सरकार क्या कर रही है? मोदी ने ऐसा किया, मोदी ने वैसा किया। अरे जब 2019 का चुनाव आएगा तो मोदी सामने से आकरके हिसाब देगा, सामने से आकरके हिसाब देगा। अभी तो जिम्मेदारी आपकी है। आपने उत्तर प्रदेश की भलाई के लिए क्या काम किया?

भाइयों बहनों।

जब अखिलेश जी मुख्यमंत्री बने। मैं मुलायम सिंह जी का आदर करने वाला व्यक्ति रहा हूं। राम मनोहर लोहिया जी के विचारों का हम जैसे गरीब लोगों के मन पर एक प्रभाव रहा है। अखिलेश जी चुनकर के आए। हमें लगता था कि ये नौजवान है, कुछ पढ़ा-लिखा है। जरूर उत्तर प्रदेश में कुछ अच्छा करने का कोशिश करेगा। पांच साल के भीतर-भीतर आपने निराश करके रख दिया, उत्तर प्रदेश का विनाश करके रख दिया। यहां के लोग मुझे बताइए। आज उत्तर प्रदेश में सुरज ढलने के बाद कोई बहन-बेटी अकेली रास्ते पर निकल सकती है क्या ...। जरा खुलकर बताइए। निकल सकती है क्या ...। अगर कोई बहन-बेटी शाम को घर आने में देर हो गई तो मां-बाप परेशान हो जाते हैं कि नहीं हो जाते हैं ...। भाई को बाहर भेजते हैं कि नहीं भेजते हैं ...। देखो बेटा, बहन आनी बाकी है, चिंता करते हैं कि नहीं करते हैं ...। जिस राज्य में आपके रहते हुए, आपके परिवार में, इतनी महिलाओं को आपने नेता बनाया है। उसके बावजूद भी, क्या कारण है कि उत्तर प्रदेश की मां-बेटी सलामत नहीं है? शाम को अकेली घर से बाहर निकल नहीं पाती है। क्या कारण है? आठवी-नौवीं की बच्चियां इस बात के लिए परेशान हैं। स्कूल जाती हैं, सिरफिरे लड़के रास्ते में ऐसी भद्दी टोका टोकी करते हैं, बच्चियां स्कूल जाने से डरती हैं। ये हालात उत्तर प्रदेश के सामान्य जीवन में आपने पैदा किए हैं। और दुर्भाग्य ये है कि ये सामाजिक बुराई से ज्यादा, इस बुराई को आपकी पार्टी के नेताओं ने आश्रय देकर रखा है। गुंडों का पाल करके रखा है। उसी का कारण है कि उत्तर प्रदेश का ये हाल करके रखा है।

भाइयों बहनों।

अगर हिम्मत हो, नेक इरादे हो, तो आप उत्तर प्रदेश में अच्छी कानून व्यवस्था कर सकते हो। यही तो सरकार थी। यही तो मुलाजिम थे। यही तो दफ्तर थे। यही तो पुलिस वाले थे। लेकिन जब कल्याण सिंह को सेवा करने का मौका मिला, राजनाथ सिंह जी को सेवा करने का मौका मिला, भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्रियों को सेवा करने का अवसर मिला। ये सारे गुंडागर्दी करने वाले लोग या तो जेल में थे या तो सीधी लाइनों में चलने को मजबूर हो गए थे।

 

भाइयों बहनों।

उत्तर प्रदेश में सिर्फ आर्म्स एक्ट, हथियारों के गुनाहगारी में 40 हजार शिकायतें दर्ज हैं, 40 हजार। अगर आर्म्स एक्ट में 40 हजार शिकायत दर्ज हो। हर दिन बलात्कार, हत्या, बेहिसाब। मैंने अलीगढ़ की सभा में विस्तार से उसका ब्यौरा दिया।

... लेकिन भाइयों बहनों।

इनको कानून व्यवस्था में सुधार के लिए न चिंता है और न इनको जिम्मेदारी लगती है। कारण इसलिए है कि ये बदमाशी-बेईमानी करने में, उन्होंने अपने पार्टी के नेताओं को इलाके देकर के रखे हैं। उस इलाके का राजा, जो करना है, करते रहो। थाने वाले को मैंने बोल दिया है, तुम्हें कुछ करेगा नहीं। इसी का ये नतीजा है।

भाइयों बहनों।

आप मुझे बताइए। उत्तर प्रदेश में कोई भी नौजवान कितना ही तेज रहा हो, कितने ही अच्छे मार्क्स लाया हो, टॉप रहा हो, खेलकूद में अच्छा भी हो, उसको नौकरी मिलेगी, उसकी गारंटी है क्या ...? नौकरी मिलेगी, उसकी गारंटी है क्या ...? उसका कारण क्या ...? क्यों नौकरी नहीं दी जाती है? योग्यता होने के बाद भी क्यों नौकरी नहीं दी जाती है? उसका हक है तो भी नौकरी क्यों नहीं दी जाती है? उसका कारण है। उन्होंने राजनीति को, सरकार को, शासन को, गवर्नेंस को, जातिवाद के जहर से भर दिया है। उसके कारण उत्तर प्रदेश के नौजवान, जिनका हक है वो हक छीन लिया गया है। मैं आज यहां गाजियाबाद की धरती से पूरे उत्तर प्रदेश के नौजवानों को एक विश्वास देना चाहता हूं, आश्वासन देना चाहता हूं। उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में घोषणा की है। ... और भारतीय जनता पार्टी का घोषणा पत्र नहीं होता है, वो संकल्प पत्र होता है संकल्प पत्र।

भारतीय जनता पार्टी ने अपने संकल्प पत्र में कहा है कि उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार बनने के बाद तुरंत नौकरियों में जो घोटाले हुए हैं, हकदार के साथ जो अन्याय हुआ है, उसकी जांच की जाएगी। ... और जिसका हक बनता है, उनको नौकरी पर लगाया जाएगा। ये हमने कहा है।

भाइयों बहनों।

आपने मुझे प्रधानमंत्री बनाया है। उत्तर प्रदेश ने मुझे संसद में भेजा है। उत्तर प्रदेश के नौजवानों को न्याय दिलाने के लिए जैसे ही भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी। मैं नौजवानों के हित में काम कराके रहूंगा। ये मेरा वादा आपको है।

भाइयों बहनों।

आपको जानकरके खुशी होगी जब केंद्र में आपने मुझे जिम्मेदारी दी। प्रधानमंत्री के रूप में आपने मुझे काम दिया। और मैंने देखा कि इस देश को किसी ने जो सबसे ज्यादा बर्बाद किया है तो वो भ्रष्टाचार ने दीमक की तरह देश को तबाह कर दिया है। इस भ्रष्टाचार से देश को मुक्ति दिलानी चाहिए कि नहीं दिलानी चाहिए ...। ये भ्रष्टाचार जाना चाहिए कि नहीं जाना चाहिए। किसी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना चाहिए कि नहीं लड़ना चाहिए ...। आप मुझे बताइए। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार चालू रहेगा और मैं दिल्ली में बैठकरके भ्रष्टाचार हटाना चाहूंगा तो भ्रष्टाचार जाएगा क्या ...। जाएगा क्या ...। तो उत्तर प्रदेश से भी भ्रष्टाचार हटाना पड़ेगा ना ...। तो जिनके कारण भ्रष्टाचार आता है, उनको भी तो हटाना पड़ेगा कि नहीं हटाना पड़ेगा ...। तो ये सरकार को हटाओगे कि नहीं हटाओगे ...।

भाइयों बहनों।

जब तक ऐसी सरकारों को सजा नहीं दोगे। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई पूरी नहीं होगी। और इसलिए भ्रष्टाचार के खिलाफ जो मेरी लड़ाई है, उसमें मुझे उत्तर प्रदेश का साथ चाहिए। उत्तर प्रदेश का आशीर्वाद चाहिए।

केंद्र में जब मैंने प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी ली। मैंने देखा कि सरकार में सबसे ज्यादा नौकरी करने वाले लोग वर्ग तीन और चार के होते हैं। मध्यम वर्ग परिवार से होते हैं। गरीब परिवार से होते हैं। दलित समाज से होते हैं। पिछड़े समाज से होते हैं। महिलाएं होती है।  

लेकिन भाइयों बहनों।

उसके ऊपर तो बहुत कम लोग होते हैं नौकरी में। सबसे ज्यादा वर्ग तीन और चार में होते हैं। लाखों की तादात में होते हैं। उनकी 100 लोगों की जगह के लिए अगर विज्ञापन आता है तो हजारों लोग आवेदन करते हैं। लिखित एक्जाम में हजारों लोग पास हो जाते हैं। फिर इंटरव्यू चलता है। इंटरव्यू कैसे चलता है? जैसे भेड़ बकरियों को धक्का मार मारके निकालते हैं ना। एक आया, इंटरव्यू वाले बैठे, चेहरा देखा, अच्छा आगे जाओ। नाम पूछ लिया, आगे जाओ। गांव पूछ लिया, आगे जाओ। ...30 सेकेंड। एक नौजवान को 30 सेकेंड मिलता है। अभी तक मुझे समझ नहीं आता है। दुनिया में ऐसा कौन सा विज्ञान है, ऐसा कौन सा तीसरी नजर है कि 30 सेकेंड में पता चल जाता है कि ये नौकरी में रखने जैसा है कि नहीं रखने जैसा है ...। ये पोलपपोल था कि नहीं था ...। ये भ्रष्टाचार का खजाना खोलने का रास्ता था कि नहीं था ...। ये बेईमानी थी कि नहीं थी ...। जो इंटरव्यू देने जाता था। उसको जब इंटरव्यू कॉल आता था तो वो घूमता था कि यार किसी नेता जी से पहचान करा दो ताकि मेरा काम हो जाए। पहचान ढूंढता था, पहचान। पहचान पहचान नहीं होती थी, वो काले धन का कारोबार होता था। भ्रष्टाचार होता था। 50 हजार लाओगे तो ये दूंगा, 20 हजार लाओगे तो ये दूंगा, दो लाख दोगे तो ये दूंगा। ये चलता था कि नहीं चलता था ...।

भाइयों बहनों।

गरीब मां अपने गहने बेचकरके बेटे को नौकरी दिलवाने के लिए भ्रष्टाचार में पैसे देने के लिए मजबूर होती थी। गरीब किसान अपने बेटे को पट्टे वाली नौकरी मिल जाए, ड्राइवर की नौकरी मिल जाए। इसलिए खेती जमीन गिरवी रखकर के भ्रष्टाचार के लिए पैसे देता था ताकि एकाध बच्चे को सरकार में जगह मिल जाए। हमने आकरके निर्णय लिया कि लिखित परीक्षा में जो पास होंगे, उनका एक्जाम कंप्यूटर लेगा। कंप्यूटर तय करेगा कि ज्यादा मार्क्स वाले कौन लोग है। कोई इंटरव्यू नहीं लेगा, किसी को बुलाया नहीं जाएगा। किसी की पहचान की जरूरत नहीं पड़ेगी। कंप्यूटर तय करेगा, पहले जो सौ होंगे, उनको नौकरी मिल जाएगी। उसके घर चिट्ठी चली जाएगी। भ्रष्टाचार गया कि नहीं गया ...। भ्रष्टाचार जा सकता है कि नहीं जा सकता है ...। हमने हिन्दुस्तान के सभी राज्यों को लिखा कि जो काम हमने किया है, आप भी राज्य में लागू करो। आज मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि उत्तर प्रदेश का मैं सांसद हूं। उत्तर प्रदेश ने मुझे प्रधानमंत्री बनाया। लेकिन उत्तर प्रदेश की सरकार ने मेरी बात मानी नहीं। वो कागज को फाइल में बंद करके रख दिया क्योंकि अगर इंटरव्यू बंद हो जाएंगे तो अपने पराए का खेल नहीं होगा। नोटों के थप्पे नहीं आएंगे। बेईमानों को संभालने की व्यवस्था नहीं होगी।

और इसलिए भाइयों बहनों।

आप मुझे बताइए। भ्रष्टाचार को रोकने के अनेक तरीके हैं। लेकिन आंख मूंद करके उत्तर प्रदेश की सरकार बैठी हुई है। इसलिए मैं कहने आया हूं भाइयों बहनों। उत्तर प्रदेश हिन्दुस्तान का उत्तम प्रदेश बन सकता है। अगर सही सरकार चुनी जाए तो ...। इनसे उत्तर मांगा जाए। मैं लगातार उनके भाषण सुन रहा हूं।

भाइयों बहनों।

दिल्ली सरकार को गालियां देकरके, मोदी पर जितनी गालियां दे सकते हो तो देते रहो। अगर 10 मिनट मुझे गाली देते हो, दे दो। लेकिन 5 मिनट तो अपना हिसाब दे दो भई। इतना तो कर दो। मैं आपको हिसाब देने को तैयार हूं। हम कैसे काम कर रहे हैं भाइयों। हमने कहा था। गरीब माताओं को मुफ्त में गैस चूल्हा देंगे। कहा था कि नहीं कहा था ...।

भाइयों बहनों। अभी तो मेरी सरकार को आधा टाइम अभी अभी हुआ है। अब तक 1 करोड़ 80 लाख गरीब परिवारों में गैस का चूल्हा कनेक्शन पहुंच गया। कौन कहता है कि काम नहीं होता है?

भाइयों बहनों।

आप मुझे बताइए। पूरे उत्तर प्रदेश में छोट-छोटे जो व्यापारी हैं, उनको किसी न किसी केस में फंसाया जाता है कि नहीं फंसाया जाता है ...। उनको दबाने के लिए पुलिस का डंडा चलाया जाता है कि नहीं है ...। छोटे व्यापारियों का क्या गुनाह है? मैं इन छोटे व्यापारियों को कहना चाहता हूं, आपकी सुरक्षा हमारी सरकार बनते ही, सामान्य मानविकी सुरक्षा में, आपको भी उतना ही हक मिलेगा। ये मैं वादा करने आया हूं।

भाइयों बहनों।

ये गाजियाबाद, इस ऑथरिटी का ऑडिट होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए ...। आप मुझे बताइए। क्या खर्चा हुआ? कहां हुआ? किसने किया? ये उत्तर प्रदेश सरकार है। राज्यपाल ने चिट्ठियां लिखी। भारत सरकार ने कहा। उसके बाद भी उत्तर प्रदेश सरकार कहती हैं कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का हम सीएजी से ऑडिट नहीं करवाएंगे। दाल में कुछ काला है, जमीनों का घोटाला है, गंदा कारोबार है, बेईमानी पूर बहार है। और इसीलिए...। इसीलिए सीएजी से ऑडिट कराना नहीं चाहते।

गाजियाबाद के मेरे भाइयों बहनों आप हमें बताइए।

आपका हक है कि नहीं है कि आपके पैसे का हिसाब हो ...। आपका हक है कि नहीं है कि आपके पैसे का ऑडिट हो ...। आपको पता होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए ...। क्या हुआ? क्या नहीं हुआ? उन्होंने सीएजी से ऑडिट कराने से इनकार कर दिया है। मैं आज आपको कहने आया हूं।उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार बनने के बाद के तुरंत बाद, उत्तर प्रदेश में जितनी डवलपमेंट ऑथरिटी है, गाजियाबाद समेत उनका सीएजी से ऑडिट करवाने का कानून पास करेंगे और उसको करवा के रहेंगे।

आप मुझे बताइए।

एक मायावती के बड़े प्रिय अफसर थे। बड़े प्रिय अफसर थे। किस कारण प्रिय थे? हमें मालूम नहीं। और मुलायम सिंह जी अखिलेश जी चुनाव में उनके खिलाफ भाषण देते थे। जैसे ही उनकी सरकार बनी। उनको उनसे प्रेम हो गया और यहीं बिठा दिया। ये सीबीआई है, मोदी है। आज वो जेल में सड़ रहे हैं। ऐसे जितने चोर लुटेरे हैं। वो जेलों में जाने चाहिए कि नहीं चाहिए ...। आप मुझे बताइए। जाने चाहिए कि नहीं चाहिए ...।

भाइयों बहनों।

अगर ये करना है तो मुझे आपका आशीर्वाद चाहिए कि नहीं चाहिए ...। उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार चाहिए कि नहीं चाहिए ...। और इसलिए सारे उत्तर प्रदेश से मैं कहना चाहता हूं। विकास से वनवास से मुक्ति पानी है और विकास की यात्रा पर आगे बढ़ना है। और इसलिए भारतीय जनता पार्टी को भारी बहुमत से विजय बनाना है। सपा हो या बसपा। ...और कांग्रेस ने तो पूरे देश को डुबोया भाइयों। पूरे देश को डुबोया। ...और वो भी डूब गए। ये अखिलेश इतने डरे हुए हैं, इतने डरे हुए हैं कि जो मिले, उसको गले लगा लेते हैं वर्ना कोई डूबती नाव में पैर रखता है क्या ...? डूबती नाव में कोई पैर रखता है क्या ...? उनको वो भी पसंद आ गई। कहीं बच जाएं। लेकिन मेहरबान आपने पांच साल ऐसा कारोबार किया है कि उत्तर प्रदेश की जनता आपको बचने नहीं देगी। उत्तर प्रदेश माताएं बहनें आपका हिसाब लेकर रहेगी। उत्तर प्रदेश का नौजवान अपना भविष्य खुद तय करेगा। आपके भरोसे रहने के लिए तैयार नहीं है।

और इसलिए भाइयो बहनों।

मैं आपसे कहने आया हूं। इन्होंने कैसा कारोबार चलाया है। मेरे किसान भाइयों बहनों। ये गाजियाबाद के अगल-बगल के गांवों में मेरे किसान भाई बहन रहते हैं। किसान भाइयों बहनों को, उनको आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। बेईमान लोग उनकी जमीन छीन लेते हैं। किसानों की जमीन के लुटेरे राजनीतिक दल के नेता बनकर बैठे हुए हैं। ये किसानों के जमीनों के ठेकेदारों को, लुटने वालों को जेलों में भेजना चाहिए कि नहीं भेजना चाहिए ...। जिन-जिन किसानों की, गरीब आदमी की जमीन हड़प कर गए हैं। वो जमीन वापस लौटानी चाहिए कि नहीं लौटानी चाहिए ...। हमने तय किया है। ये जमीन माफिया के लिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही उनके खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स बनाया जाएगा। स्पेशल पुलिस का यूनिट बनाया जाएगा। और जमीन लूटने वालों से जमीन लेकरके, जिन गरीबों की, मध्यम वर्ग की जमीन लूट ली गई है, उनको वापस दिलाया जाएगा।

भाइयों बहनों।

ये हमारा गाजियाबाद, दिल्ली के पास में है। दूर नहीं है। आप मुझे कहिए कि बड़े शहर जैसा इसका विकास संभव था कि नहीं था ...। था कि नहीं था ...। दिल्ली में जिनको घर चाहिए वो बेचारा गाजियाबाद नोएडा की तरफ आता है। बिल्डरों ने क्या करके रखा है? पैसा ले लो, दो साल चार साल, मकान बन रहा है, बन रहा है, बन रहा है। मकान मिल ही नहीं रहा है। और बन गया तो किसी और बेच दिया अगर ज्यादा पैसा मिल गया। सामान्य मानवी, जिंदगीभर की कमाई बचाकर के एक छोटा सा फ्लैट खरीदना चाहता है, अपना घर बनाना चाहता है। लेकिन ये लॉबी जिनको राज्यों के अठंग राजनेताओं की मदद मिलती है। तो ये बिल्डर, मध्यम वर्गीय लोग जो पेट काटकर मकान बनाना चाहते हैं, उनको लूट लेते हैं। उनके हक के पैसे नहीं देते हैं। मकान नहीं देते हैं, जिस प्रकार का नक्शा कागज दिखाया, वैसा मकान बनाते नहीं है, उससे भी छोटा बनाकरके दे देते हैं। हर प्रकार से बेईमानी करते हैं।

भाइयों बहनों।

ये पीड़ा कोई आज की नहीं है। तीन चार दशक से समस्या है। ये दिल्ली में बैठी हुई केंद्र सरकार की जिम्मेदारी थी, वो कानून बनाए। कानून बनाकरके मध्यम वर्गीय लोग जो मकान बनाना चाहते हैं, ये बिल्डर लोग लूटते हैं, उनसे रक्षा दी जाए। आज मैं उत्तर प्रदेश की जनता को हिसाब दे रहा हूं। हमने वो कानून बना दिया। रियल स्टेट का कानून बना दिया। और आज किसी भी सामान्य नागरिक को इस प्रकार की धोखाधड़ी करने वाले बिल्डर हैं। मकान के नाम पर लूट नहीं सकते हैं। जो करार की गई है, वैसा मकान देना पड़ेगा। और नहीं देगा तो अगर शिकायत करेगा तो उसकी जिंदगी जेल में जाएगी भाइयों। ये काम हम करते हैं।

आप मुझे बताइए।

भारत सरकार ने फसल बीमा योजना लाई। दिल्ली में हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लाए। आप कल्पना कर सकते हैं। अगर बारिश हुई नहीं और जब आपको बुआई करनी थी, मौसम ने मदद नहीं की। बुआई नहीं हो पाई।  अगर बुआई नहीं हो पाई तो भी आपकी कितनी एकड़ जमीन है, और कितनी पैदावार हो सकती है, उसका हिसाब किताब लगाकरके, बुआई नहीं की है तो भी फसल बीमा का पैसा दिया जाएगा, ऐसा बीमा लाएं हैं। फसल काटने के बाद, फसल मानो अच्छी हो गई। ... और फसल काटने के बाद, खेत में फसल आपने खड़ी करके रखी है। ट्रैक्टर या ट्रक आने वाला है, बाजार में ले जाने की तैयारी है। ... और अचानक ओले गिर गए, बारिश आ गई। फसल खराब हो गई तो भी बीमा का पैसा मिलेगा। ऐसा बीमा देने का काम हमने किया है।

भाइयों बहनों।

ये फसल बीमा में हमने 2 प्रतिशत और 1.5 प्रतिशत का ही खर्चा किसान के जिम्मे लगाया है। और 98 प्रतिशत इसका भुगतान सरकार करेगी। किसान को 2 प्रतिशत या 1.5 प्रतिशत देना है। उसके बावजूद भी ये किसानों की दुश्मन उत्तर प्रदेश की सरकार अभी तक उत्तर प्रदेश में सिर्फ 14 प्रतिशत किसानों तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना उन्होंने पहुंचाई। सिर्फ 14 प्रतिशत, अब भी 85 प्रतिशत किसान अभी भी उससे वंचित रखे गए हैं। जहां भारतीय जनता पार्टी की सरकार है राजस्थान में 53 प्रतिशत किसानों का बीमा हो गया, महाराष्ट्र में करीब-करीब 50 प्रतिशत का हो गया, मध्य प्रदेश करीब-करीब 50 प्रतिशत हो गया है। ये उत्तर प्रदेश की सरकार देखिए किसानों के साथ कैसा अन्याय कर रही है। सिर्फ 14 फीसदी लोगों का उन्होंने बीमा लिया है।

भाइयों बहनों।

आप मुझे बताइए। मेरे गन्ना किसान 2014 के चुनाव में मैंने कहा था कि गन्ना किसानों का बकाया दिया जाएगा। 22 हजार करोड़ रुपए था। हमने आकर के सारी गतिविधि की। किसानों के खाते में सीधा बेनिफीट ट्रांसफर कर दिया। और 32 लाख किसानों को सीधा पैसा दिया। 98 प्रतिशत भुगतान हमने करवा दिया था। क्या कारण है कि उत्तर प्रदेश की सरकार आज भी जिन किसानों का भुगतान बाकी रहा है, इतनी जिम्मेदारी उठाने को तैयार नहीं है। मैं उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को बधाई देता हूं। दो महत्वपूर्ण संकल्प किए उन्होंने। मेरे किसान भाई, इसको समझे। ये उत्तर प्रदेश के भारतीय जनता पार्टी का संकल्प है। मैं भी उत्तर प्रदेश का एमपी हूं। जैसे ही बीजेपी की सरकार बनेगी, पहले ही दिन, ये काम मैं करवा लूंगा। ये मैं आपको वादा करता हूं। एक काम उन्होंने कहा है कि जो छोटे किसान हैं, उन किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा। जैसे ही उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी। पहला काम, ये जिम्मेदारी मैं लेता हूं। जैसे ही सरकार बनेगी, पहला काम मैं उनसे करवा के रहूंगा। ये मैं आपको कहता हूं। ...और दूसरा काम, फसल बीमा के काम के लिए गांव-गांव लोग जाएंगे। सालभर के भीतर अधिक से अधिक किसान फसल बीमा लेकरके सुरक्षा कवच महसूस करे, इसका काम हम करेंगे।  

भाइयों बहनों।

मैं हैरान हूं। ये क्या समाजवाद है। मैं तो हैरान हूं जी।

...भाइयों बहनों।

ना मुझे उनकी समझवाद समझ आती है और न मुझे उनकी समाजवाद समझ में आती है। भारत सरकार गरीबों को दो टाइम अन्न मिले। इसके लिए पूरी तिजौरी खाली कर देती है। आपकी थाली में रुपए दो रुपए में गेहूं चावल मिले।

इसके लिए भारत सरकार एक-एक समय खाने के लिए गरीबों के लिए 25-25, 30-30 रुपए एक-एक व्यक्ति के पीछे भारत सरकार देती है ताकि गरीब भूखा सो ना जाए।

भाइयों बहनों।

उत्तर प्रदेश सरकार को, गरीबों को अनाज के लिए हमने कहा कि सूची दो। हम आपको 750 करोड़ अतिरिक्त देना चाहते हैं। ये सूची दे नहीं पाए। सूची दे नहीं पाए। क्योंकि वो जरा बैठते हैं कि वोट दिया था कि नहीं दिया था। अगर वोट दिया है तो सूची में नाम देंगे। अगर वोट देने वाले जाति का नहीं है तो सूची में नाम नहीं देंगे। ये खेल खेला गया भाइयों बहनों। ये पैसे पड़े हुए हैं। भारत सरकार पैसे देने को तैयार है लेकिन स्वार्थी राजनीति के कारण गरीब को दो टाइम खाना भी न मिले। उसके बाद भी उत्तर प्रदेश की सरकार को रत्तीभर तकलीफ नहीं हो रही है।

 

भाइयों बहनों।

व्यापारियों को आज मैं एक और विश्वास दिलाना चाहता हूं। पूरे हिन्दुस्तान के व्यापारियों को विश्वास दिलाना चाहता हूं। उत्तर प्रदेश के व्यापारियों को विश्वास दिलाना चाहता हूं। इस गाजियाबाद के व्यापारियों को विश्वास दिलाना चाहता हूं। कालेधन के खिलाफ मेरी लड़ाई है। लेकिन ये लड़ाई बड़े-बड़े लोगों के खिलाफ मेरी लड़ाई है। ये बड़े-बड़े बाबूओं ने जो जमा किया है ना, वो मुझे निकालना है। बड़े-बड़े पदों पर बैठकरके लूटा है, उसको निकालना है। ये गरीब व्यापारी, उसके खिलाफ मेरी सरकार का कोई एजेंडा नहीं है। निश्चित रहिए।

इसलिए भाइयों बहनों।

लेकिन बड़े-बड़े लोग जो बैठे हैं खा पीकरके उनसे तो निकलवा करके रहूंगा भाइयों। कितना ही बड़ा बाबू क्यों न हो, कितना बड़ा राजनेता क्यों न हो, कितना बड़ा मंत्री क्यों न हो? आपने देखा होगा। कर्नाटक में कांग्रेस के एक मंत्री के यहां से 150 करोड़ रुपए निकाल दिया 150 करोड़। बारी-बारी से और इसलिए ये व्यापारियों को गुमराह करने का जो खेल चल रहा है। आप चिंतामुक्त हो जाइए। हमने बताया कोई इनकम टैक्स अफसर को। कोई इनकम टैक्स अफसर जाएगा नहीं। अगर आपके मन में कोई शंका है। आप एसएमएस भेज दो, ईमेल भेज दो। वो रूबरू नहीं आएगा, वो ईमेल से जवाब देगा। और भी कुछ जानना है तो फिर से ईमेल लिखो। किसी को बुलाओगे नहीं। सौदा नहीं करोगे, कारोबार नहीं करोगे। ये काम किया है हमने जी। सामान्य मानवी को रक्षा देने के लिए मेरा काम हो रहा है।

इसलिए भाइयों बहनों।

आप मुझे बताइए। हमारा उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा गेहूं पैदा करता है। उत्तर प्रदेश का किसान देश का पेट भरने का काम करता है। गंगा यमुना की ये धरती, ऊपजाऊ धरती है। सबसे ज्यादा ऊपजाऊ धरती वाला प्रदेश है। लेकिन ये सरकार किसानों को न्याय देने के लिए तैयार नहीं है। सरकार को निर्धारित मूल्य पर अगर किसानों से गेहूं खरीदते हैं तो भारत सरकार वो खरीदने के लिए तैयार रहती है। राज्य सरकार को केवल व्यवस्था करनी होती है। पैसे भारत सरकार लगाती है। आज मुझे दुख के साथ कहना पड़ता है कि जो उत्तर प्रदेश का किसान सबसे ज्यादा गेहूं पैदा करता है। लेकिन यहां की सोई हुई राज्य सरकार, उत्तर प्रदेश का विनाश करने पर तुली हुई सरकार, भाई-भतीजेवाद में फंसी सरकार, जातिवाद- सम्प्रदाय में फंसी सरकार, वोट बैंक की राजनीति करने वाली सरकार, उसको उत्तर प्रदेश के किसानों की परवाह नहीं है। गेहूं सरकार को खरीदना चाहिए। पैसा भारत सरकार लगाने को तैयार है। आपको जानकर के हैरानी होगी। उत्तर प्रदेश सरकार उत्पादन का सिर्फ 3 प्रतिशत, 3 प्रतिशत खरीदती है। बाकी किसानों को उनके नसीब पर छोड़ दिया जाता है। सस्ते दाम पर अपनी मेहनत का गेहूं बेचकरके लौटना पड़ता है। बगल में हरियाणा 60 फीसदी तक खरीदी करता है। मध्य प्रदेश आधा गेहूं जो पैदा होता है, वो खरीद लेता है।

भाइयों बहनों।

भारतीय जनता पार्टी की सरकारें अगर खरीद सकती है तो आप सिर्फ केवल 3 प्रतिशत क्यों खरीदती है। क्योंकि उनको किसानों के भाग्य की चिंता नहीं है।

... और इसलिए भाइयों बहनों।

मैं आज ये भी वादा करने आया हूं। सरकार किसानों को सस्ते में उसका माल बेचने को मजबूर होने नहीं देगी। हमने e-NAM की योजना बनाई है। आज हिन्दुस्तान का कोई भी किसान अपने मोबाइल फोन से, टेक्नोलॉजी से, हिन्दुस्तान के किसी भी बाजार में अपना गेहूं बेच सकता है, अपना पैदावार बेच सकता है, जहां ज्यादा मिले, वहां बेच सकता है। पूरे देश में 500 मंडियां टेक्नोलॉजी के द्वारा बनाने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। आधे से अधिक बना चुके हैं। आधी बाकी है। थोड़े समय में बनने वाली है। मेरे किसान का भाग्य बदलना, मेरे किसान को लाभ देना, उस दिशा में हम करना चाहते हैं।

भाइयों बहनों।

उत्तर प्रदेश हिन्दुस्तान का भाग्य बदलने की सबसे ताकत रखने वाला प्रदेश है। उत्तर प्रदेश की सेवा करने का हमें अवसर दीजिए। आप देखिए। कालेधन के खिलाफ जो मैंने लड़ाई छेड़ी है, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई छेड़ी है। कैसे-कैसे लोग परेशान हैं। इतने दिन हो गए, अभी भी देखो, जहां भी जाएं, वही बोलते रहते हैं। इनका कितना नुकसान हुआ होगा? आप अंदाज कर सकते हैं।

भाइयों बहनों।

गरीबों से जो लूटा हुआ है वो गरीबों को लौटाने का संकल्प लेकरके बैठा हुआ हूं। मैं किसी को छोड़ने वाला नहीं हूं। ये पैसा गरीबों का है। ये देश के सामान्य मानवी का है, ईमानदार नागरिक का है, मध्यम वर्गीय नागरिका का है, इस देश के भविष्य का है, ये रुपए मैं निकाल के रहूंगा। और गरीबों के काम आए, मध्यम वर्ग के काम आए, ईमानदार नागरिकों के काम आए। इसके लिए मै करने वाला हूं। इसके लिए मुझे आपके आशीर्वाद चाहिए।

भाइयों बहनों।

ये लड़ाई विकास और विनाश के बीच की लड़ाई है। उनलोगों का रास्ता आपने पांच साल देख लिए, विनाश का रास्ता है। हमारी सरकारें हिन्दुस्तानभर में देख लीजिए। हमारा विकास का रास्ता है। उत्तर प्रदेश के नौजवान चुने, उत्तर प्रदेश की माताएं बहनें चुने, उत्तर प्रदेश का किसान चुने। उत्तर प्रदेश का भाग्य बदलने के लिए चुनिए। ...और हमारा संकल्प है। किसान को सिंचाई की व्यवस्था मिले, बच्चों को पढ़ाई की व्यवस्था मिले, बुजुर्गों को दवाई की व्यवस्था मिले। नौजवानों को कमाई की व्यवस्था मिले। किसान को सिंचाई, बच्चों को पढ़ाई, युवा को कमाई, बुजुर्गों को दवाई, ये पूरा करने के लिए भारतीय जनता पार्टी को आप साथ दीजिए, सहयोग दीजिए। भारतीय जनता पार्टी को विजयी बनाइए।

... और भाइयों बहनों।

शहरी इलाका है, वर्किंग डे है। और ये जो हुजुम देख रहा हूं। बाहर खड़े लोग जो हिलने का नाम नहीं ले रहे हैं। एक बार जो बाहर खड़े हैं, जरा जोर से भारत माता की जय बोलिए। भारत माता की जय। भारत माता की जय। भाइयों बहनों। मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूं। भारी मतदान कीजिए। भारतीय जनता पार्टी को विजय बनाइए। धन्यवाद।

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Text of PM’s remarks on Union Budget 2023
February 01, 2023
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“First budget of the Amrit Kaal lays a strong foundation for the aspirations and resolutions of a developed India”
“This Budget gives priority to the deprived”
“PM Vishwakarma Kaushal Samman i.e. PM Vikas will bring a big change in the lives of crores of Vishwakarmas”
“This Budget will make cooperatives a fulcrum of development of the rural economy”
“We have to replicate the success of digital payments in the agriculture sector”
“This budget will give an unprecedented expansion to Green Growth, Green Economy, Green Infrastructure, and Green Jobs for Sustainable Future”
“Unprecedented investment of ten lakh crores on infrastructure that will give new energy and speed to India's development”
“The middle class is a huge force to achieve the dreams of 2047. Our government has always stood with the middle class”

अमृतकाल का ये पहला बजट विकसित भारत के विराट संकल्प को पूरा करने के लिए एक मजबूत नींव का निर्माण करेगा। ये बजट वंचितों को वरीयता देता है। ये बजट आज की Aspirational Society- गांव-गरीब, किसान, मध्यम वर्ग, सभी के सपनों को पूरा करेगा।

मैं वित्त मंत्री निर्मला जी औऱ उनकी टीम को इस ऐतिहासिक बजट के लिए बधाई देता हूं।

साथियों,

परंपरागत रूप से, अपने हाथ से, औज़ारों और टूल्स से कड़ी मेहनत कर कुछ न कुछ सृजन करने वाले करोड़ों विश्वकर्मा इस देश के निर्माता हैं। लोहार, सुनार, कुम्हार, सुथार, मूर्तिकार, कारीगर, मिस्त्री अनगिनत लोगों की बहुत बड़ी लिस्ट है। इन सभी विश्वकर्माओं की मेहनत और सृजन के लिए देश इस बजट में पहली बार अनेक प्रोत्साहन योजना लेकर आया है। ऐसे लोगों के लिए ट्रेनिंग, टेक्नॉलॉजी, क्रेडिट और मार्केट सपोर्ट की व्यवस्था की गई है। पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान यानि पीएम विकास, करोड़ों विश्वकर्माओं के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव लायेगा।

साथियों,

शहरी महिलाओं से लेकर गांव में रहने वाली महिलायें हों, कारोबार रोजगार में व्यस्त महिलायें हों, या घर के काम में व्यस्त महिलायें हों, उनके जीवन को आसान बनाने के लिए बीते वर्षों में सरकार ने अनेक कदम उठाएँ हैं। जल जीवन मिशन हो, उज्जवला योजना हो, पीएम-आवास योजना हो, ऐसे अनेक कदम इन सबको बहुत बड़ी ताकत के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। उसके साथ-साथ महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप, एक बहुत बड़ा सामर्थ्यवान क्षेत्र आज भारत में बहुत बड़ी जगह aquire कर चुका है, उनको अगर थोड़ा सा बल मिल जाए तो वो miracle कर सकते हैं। और इसलिए women self help group, उनके सर्वांगीण विकास के लिए नई पहल इस बजट में एक नया आयाम जोड़ेगी। महिलाओं के लिए एक विशेष बचत योजना भी शुरू की जा रही है। और जन धन अकाउंट के बाद ये विशेष बचत योजना सामान्य परिवार की गृहिणी माताओं-बहनों को बहुत बड़ी ताकत देने वाली है।

ये बजट, सहकारिता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास की धुरी बनाएगा। सरकार ने को-ऑपरेटिव सेक्टर में दुनिया की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना बनाई है-स्टोरेज कपेसिटी। बजट में नए प्राइमरी को-ऑपरेटिव्स बनाने की एक महत्वाकांक्षी योजना का भी ऐलान हुआ है। इससे खेती के साथ-साथ दूध और मछली उत्पादन के क्षेत्र का विस्तार होगा, किसानों, पशुपालकों और मछुआरों को अपने उत्पाद की बेहतर कीमत मिलेगी।

साथियों,

अब हमें डिजिटल पेमेंट्स की सफलता को एग्रीकल्चर सेक्टर में दोहराना है। इसलिए इस बजट में हम डिजिटल एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर की एक बहुत बड़ी योजना लेकर आए हैं। आज दुनिया इंटरनेशनल मिलेट ईयर मना रही है। भारत में मिलेट्स के अनेक प्रकार हैं, अनेक नाम हैं। आज जब मिलेट्स, घर-घर में पहुंच रहा है, पूरी दुनिया में पॉपुलर हो रहा है, तो उसका सर्वाधिक लाभ भारत के छोटे किसानों के नसीब में है, और इसलिए आवश्यकता है कि एक नए तरीके से उसको आगे ले जाया जाए। इसकी एक नई पहचान, विशेष पहचान आवश्यक है। इसलिए अब इस सुपर-फूड को श्री-अन्न की नई पहचान दी गई है, इसके प्रोत्साहन के लिए भी अनेक योजनाएँ बनाई गई हैं। श्री-अन्न को दी गई प्राथमिकता से देश के छोटे किसानों, हमारे आदिवासी भाई-बहन जो किसानी करते हैं, उनको आर्थिक सम्बल मिलेगा और देशवासियों को एक स्वस्थ जीवन मिलेगा।

साथियों,

ये बजट Sustainable Future के लिए, Green Growth, Green Economy, Green Energy, Green Infrastructure, और Green Jobs को एक अभूतपूर्व विस्तार देगा। बजट में हमने टेक्नॉलॉजी और न्यू इकॉनॉमी पर बहुत अधिक बल दिया है। Aspirational भारत, आज रोड, रेल, मेट्रो, पोर्ट, water ways, हर क्षेत्र में आधुनिक इंफ़्रास्ट्रक्चर चाहता है, Next Generation Infrastructure चाहिए। 2014 की तुलना में इंफ़्रास्ट्रक्चर में निवेश पर 400 परसेंट से ज्यादा की वृद्धि की गई है। इस बार इंफ़्रास्ट्रक्चर पर दस लाख करोड़ का अभूतपूर्व investment, भारत के विकास को नई ऊर्जा और तेज गति देगा। ये निवेश, युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर पैदा करेगा, एक बहुत बड़ी आबादी को आय के नए अवसर उपलब्ध कराएगा। इस बजट में Ease of Doing Business के साथ-साथ हमारे उद्योगों के लिए क्रेडिट सपोर्ट और रिफॉर्मस् के अभियान को आगे बढ़ाया गया है। MSMEs के लिए 2 लाख करोड़ रुपए के अतिरिक्त ऋण की गारंटी की व्यवस्था की गई है। अब presumptive tax की लिमिट बढ़ने से MSMEs को grow करने में मदद मिलेगी। बड़ी कंपनियों द्वारा MSMEs को समय पर पेमेंट मिले, इसके लिए नई व्यवस्था बनाई गई है।

साथियों,

बहुत तेजी से बदलते भारत में मध्यम वर्ग, विकास हो या व्यवस्था हो, साहस हो या संकल्प लेने का सामर्थ्य को जीवन के हर क्षेत्र में आज भारत का माध्यम वर्ग एक प्रमुख धारा बना हुआ है। समृद्ध और विकसित भारत के सपनों को पूरा करने के लिए मध्यम वर्ग एक बहुत बड़ी ताकत है। जैसे भारत की युवा शक्ति ये भारत का विशेष सामर्थ्य है, वैसे ही बढ़ता हुआ भारत का माध्यम वर्ग भी एक बहुत बड़ी शक्ति है। मध्यम वर्ग को सशक्त बनाने के लिए हमारी सरकार ने बीते वर्षों में अनेकों निर्णय लिए और Ease of Living को सुनिश्चित किया है। हमने टैक्स रेट को कम किया है, साथ ही प्रॉसेस को simplify, transparent और फ़ास्ट किया है। हमेशा मध्यम वर्ग के साथ खड़ी रहने वाली हमारी सरकार ने मध्यम वर्ग को टैक्स में बड़ी राहत दी है। इस सर्व-स्पर्शी और विकसित भारत के निर्माण को गति देने वाले बजट के लिए मैं फिर एक बार निर्मला जी और उनकी पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई देता हूं और देशवासियों को भी बहुत बधाई के साथ-साथ मैं आहवाहन करता हूँ, आइए अब नया बजट आपके सामने है, नए संकल्पों को लेकर के चल पड़ें। 2047 में समृद्ध भारत, समर्थ भारत, हर प्रकार से सम्पन्न भारत हम बनाकर रहेंगे। आइए इस यात्रा को हम आगे बढ़ाएँ। बहुत-बहुत धन्यवाद।