Kerala is determined to enable BJP win double-digit seats in the 2024 Lok Sabha elections
The BJP never views any individual through the lens of a vote-bank and aims to empower all
On one hand when the BJP government is prioritizing the people of Kerala on the other hand the track record of Congress-Communist alliance is mired by family rule
Where on one hand, Kerala’s identity was associated with tourism and talent, under the Congress-Communist it has become Corruption & Anarchy

केरलातिले एनडे सहोदरी-सहोदरनमारे एल्ला-वरक्कुम,
एनडे नमस्कारम!
Friends,
I bow to Sri Anantha Padmanabhaswamy. I seek his blessings for the progress of the nation and its 140 crore people. It is always a pleasure to come to Thiruvananthapuram. This city is full of warm and affectionate people. I remember, when I was here last year, thousands of people had gathered along the roads to bless me. I get so much love from the people of Kerala. his also motivates me to repay their faith with more hard work.

साथियों,
केरला के लोगों में इस बार एक अलग ही उत्साह है। 2019 में केरला में बीजेपी को लेकर जो आशा जगी थी, वो 2024 में विश्वास में बदलती नज़र आ रही है। 2019 में केरला ने बीजेपी-एनडीए को डबल डिजिट में वोट दिया था। 2024 में केरला डबल डिजिट में सीट देने का मन बना रहा है। मैं केरला से इसी आशीर्वाद की अपेक्षा भी करता हूँ। क्योंकि, केरला भविष्य को जीने वाला, भविष्य को जानने वाला राज्य है। और 2024 में, कुछ महीनों बाद क्या होने वाला है, ये भविष्य अब किसी से छुपा नहीं है। 2019 में देश नारा दे रहा था- फिर एक बार, मोदी सरकार! 2024 में हर कोई कह रहा है- अबकी बार, 400 पार!

साथियों,
2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष अपनी हार मान चुका है। अपनी हार तय देखकर वो बौखलाया हुआ है, उसके पास देश के विकास का रोडमैप नहीं है। इसलिए उसने एक ही एजेंडा बनाया है- मोदी को गाली दो। मैं केरला के प्रतिभावान लोगों को जानता हूं। केरला, कभी ऐसी नकारात्मक सोच रखने वालों के साथ कभी भी खड़ा नहीं होगा। केरला इस बार राष्ट्र निर्माण के लिए बीजेपी को, एनडीए को आशीर्वाद देगा। यहां बीजेपी जिस तरह पदयात्रा निकाल रही है, जिस तरह सुरेंद्रन जी के साथ लोग सड़कों पर कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं, वो अपने आप में बहुत बड़ा संदेश है। केरला का ये मिजाज ही भाजपा के लिए 370 सीटों के लक्ष्य को आसान बनाएगा। मैं आपको ये विश्वास दिलाने आया हूँ कि आपकी आकांक्षाओं को, केरला के सपनों को साकार करने में मोदी कोई कमी नहीं छोड़ेगा। और ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,
बीजेपी ने कभी केरला को, या देश के किसी और राज्य को वोट के चश्मे से नहीं देखा है। जब बीजेपी यहाँ कमजोर थी, तब भी हमने केरला को मजबूत बनाने के लिए काम किया। इन 10 वर्षों में देश का जो विकास हुआ, जो बड़े फैसले लिए गए, उनका उतना ही लाभ केरला को भी मिला, जितना बीजेपी शासित प्रदेशों को! केरला की जागरूक जनता ये सब जानती है। और, यहाँ के लोग तो पूरी दुनिया में हैं। आज विश्व में भारत का बढ़ता हुआ कद, उसने केरला के लोगों में एक नया आत्मविश्वास भरा है। गल्फ के देशों में रहने वाले मेरे भाइ बहनों ने अभी हाल ही में अनुभव किया है कि तब के भारत और आज के भारत में कितना फर्क है। 2024 का चुनाव इस नए भारत को और आगे लेकर जाने का चुनाव है।

साथियों,
आज देश में मोदी के तीसरे कार्यकाल को लेकर हर तरफ चर्चा हो रही है। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनेगा... इदाणु मोदियुडे गारण्टी। हमारे तीसरे कार्यकाल में भ्रष्टाचार से हमारी लड़ाई और तेज होगी। भ्रष्ट लोग कोई भी गलत काम करने से पहले 100 बार सोचेंगे.. इदाणु मोदियुडे गारण्टी। हमने पहले ही 25 करोड़ से ज्यादा लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है और अब तीसरे कार्यकाल में कई करोड़ भारतवासी गरीबी से बाहर आने वाले हैं... इदाणु मोदियुडे गारण्टी।

साथियों,
केरला में सबको ये पता है कि एलडीएफ और यूडीएफ दोनों ने केरला में शिक्षा व्यवस्था की क्या हालत की है। सबको पता है कि केरला के मेरे गरीब और मिडिल क्लास परिवारों के बच्चों को हायर एजुकेशन में कितनी दिक्कत आती है। हमारा तीसरा कार्यकाल, केरला में शिक्षण संस्थानों की स्थिति को और अच्छा करने पर केंद्रित होगा। इससे हमारे सामान्य परिवारों के बच्चों के लिए नए रास्ते बनेंगे...
इदाणु मोदियुडे गारण्टी। हमारा तीसरा कार्यकाल, सेमीकंडक्टर से ग्रीन हाइड्रोजन तक तरक्की के नए क्षेत्र खोलने का कार्यकाल होगा। इससे केरला के नौजवानों के लिए नौकरियों और रोजगार के लाखों अवसर बनेंगे... इदाणु मोदियुडे गारण्टी।

साथियों,
केरला की राज्य सरकार के लगातार असहयोग मिलने के बावजूद भी केरला, भारत सरकार के लिए प्राथमिकता पर रहा है। भाजपा सरकार ने ही ये तय किया कि केंद्र सरकार की सारी नौकरियों की परीक्षा मलयालम समेत सारी स्थानीय भाषाओं में भी कराई जाए। भाजपा सरकार ने ही भारत की पारंपरिक चिकित्सा, आयुर्वेद और योग के लिए पूरी दुनिया को देश से जोड़ा है। आज केरला के डेढ़ करोड़ से ज्यादा लोग भाजपा सरकार की फ्री राशन योजना का लाभ उठा रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना के जरिए यहां के लोगों को करीब साढ़े 5 हजार करोड़ रुपये का मुफ्त इलाज मिला है। केरला के 36 लाख से अधिक घरों को जल जीवन मिशन के तहत नल से जल की सुविधा मिली है। केरला के 40 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि के रूप में सीधी आर्थिक मदद मिली है। केरला के युवा रोजगार देने वाले उद्यमी बनें, इसके लिए राज्य में 50 लाख से अधिक मुद्रा लोन बांटे गए हैं। इसमें ज्यादातर लाभार्थी हमारी बेटियां हैं। वंदे भारत से हाइवे प्रोजेक्ट्स तक, केरला में आज न्यू जेनरेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर खूब काम किया जा रहा है।

साथियों,
केरला में बीजेपी कभी सरकार में नहीं रही, लेकिन फिर भी हमने केरला के विकास का पूरा प्रयास किया है। मैंने अपना ट्रैक रिकॉर्ड आपके सामने रख दिया है। लेकिन कांग्रेस और कम्युनिस्टों के नए गठबंधन का हाल क्या है! उनका एक ही ट्रैक रेकॉर्ड है, एक ही उपलब्धि है- कैसे उन्होंने पूरे देश को दशकों तक एक ही परिवार के कब्जे में रखा। उनके लिए परिवार का हित देश के करोड़ों परिवारों से ऊपर रहा है। कांग्रेस का यही रंग अब कम्युनिस्टों पर भी छा चुका है। केरला में उनकी भी सरकार इसी मॉडल पर चल रही है। क्योंकि, ये लोग केरला में तो एक दूसरे के दुश्मन हैं। लेकिन, केरला के बाहर बाकी देश में ये एक दूसरे के BFF यानी बेस्ट फ्रेंड फॉर-एवर है। आप देखिए, केरला में ये लोग एक दूसरे पर हत्या का आरोप लगाते हैं, एक दूसरे के कार्यकर्ताओं का जीवन संकट में डालते हैं। कांग्रेस ने तो कम्युनिस्ट सीएम पर घोटालों के आरोप भी लगाए और उन्हें फासीवादी तक बता डाला। जवाब में, कम्युनिस्ट सरकार ने कांग्रेस के लोगों पर लाठीचार्ज कराया। कम्यूनिस्ट अब कांग्रेस की पिछली सरकारों को घोटालों का जिम्मेदार बता रहे हैं। ये लोग कांग्रेस के युवराज को केरला से बाहर रहने की नसीहत भी दे रहे हैं। लेकिन, केरला के बाहर ये इंडी गठबंधन की बैठक में कम्युनिस्ट और कांग्रेस साथ-साथ बैठते हैं, अगल-बगल में बैठते हैं, समोसा खाते हैं, बिस्किट खाते हैं, चाय पीते हैं। यानी, तिरुवनंतपुरम में कुछ और भाषा, दिल्ली में कुछ और बोली, इस धोखाधड़ी का जवाब केरल के मेरे भाइयों-बहनों आने वाले चुनाव में हर केरला का नागरिक देने वाला है।

साथियों,
केरला की पहचान है- टूरिज्म से, टैलेंट से। लेकिन काँग्रेस और कम्युनिस्टों ने इसे घोटालों और अराजकता की पहचान देने की कोशिश की है। केरला के लोग हर किसी के लिए अपने आतिथ्य भाव के लिए जाने जाते हैं। लेकिन कांग्रेस और कम्युनिस्ट, इनका एक ही एजेंडा रहता है- कैसे लोगों को लड़वाकर वोट बटोरे जाएं। केरला के लोग शताब्दियों से उद्योग और व्यापार के लिए जाने जाते हैं। लेकिन कांग्रेस और कम्युनिस्ट सरकारों ने ऐसी स्थितियां बना दीं कि यहां नई इंडस्ट्रीज आने से डरने लगी हैं। इसी का असर है कि यहां के लोगों के लिए नौकरी ढूंढ पाना मुश्किल होता जा रहा है। एक बार काँग्रेस, फिर कम्युनिस्ट, एक बार म्युनिस्ट फिर काँग्रेस, केरला में बस सरकार बदलती है, हालात नहीं बदलते! अबकी बार ये लोकसभा चुनाव केरला के हालात बदलने का मौका है। पहली बार केरला के पास नई राजनीति के उदय का मौका है।

साथियों,
बीजेपी का एक ही मंत्र है- सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास। हमारे लिए, हर समुदाय, हर जाति और हर क्षेत्र महत्वपूर्ण है। हमने हर वर्ग को सम्मान और स्वाभिमान से जोड़ने की कोशिश की है। हमने देश के हर नागरिक की उन्नति के लिए काम किया है। युद्ध क्षेत्रों से नर्सेज को, हर धर्म के लोगों को निकालना हो, या ट्रिपल तलाक का कानून पास करना हो, हमारी सरकार ने ‘सबकी सरकार’ और ‘सबके लिए सरकार’ के मंत्र पर काम किया है। हम तीसरे कार्यकाल में भी इसी भावना के साथ आपकी सेवा करते रहेंगे और काम करने वाले हैं। इसी विश्वास के साथ, आप सभी को एक बार फिर नमस्कारम
धन्यवाद!
मेरे साथ बोलिए भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की...

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

उद्धघाटन हो गया? उद्धघाटन हो गया? नहीं, अभी आधा काम हुआ है। मैंने सिर्फ वो पर्दा हटाया है, लेकिन मैं आज चाहता हूं इस एयरपोर्ट का उद्धघाटन यहां जो भी उपस्थित हैं, आप सब करें, और इसलिए आप अपना मोबाइल फोन निकालिये, अपने मोबाइल फोन का फ्लैश लाईट कीजिए और आपका इसका उद्धघाटन कर रहे हैं। आप दीया जलाकर के यहां उपस्थित हर व्यक्ति, आज इस एयरपोर्ट का उद्धघाटन कर रहा है। ये आपकी अमानत है, ये आपका भविष्य है, ये आपका पुरूषार्थ है और इसलिए इसका उद्धघाटन भी आपके हाथों से हो रहा है, आप अपने भारत माता की जय बोलकर के, हाथ ऊपर करके, फ्लैश लाईट पूरी तरह से दिखाइये। भारत माता जी जय। भारत माता जी जय। भारत माता जी जय। बहुत-बहुत धन्यवाद। अब उद्धघाटन हो गया।

उत्तरप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, यहां के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या, ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी श्री राममोहन नायडू जी, पंकज चौधरी जी, ज्यूरिक एयरपोर्ट के चेयरमैन जोसेफ फेल्डर जी, अन्य मंत्रिगण, सांसद, विधायक, अन्य महानुभाव और मेरे प्यारे भाइयों और बहनों।

मैं देख रहा हूं, आज जहां भी मेरी नजर पड़ रही है, सारे युवा मुझे नजर आ रहे हैं, उत्साह से भरे युवा हैं, जोश से भरे हुए युवा हैं, क्योंकि इन युवाओं को पता है, ये जो काम हो रहा है ना, ये नौजवानों के भविष्य को नई उड़ान देने वाला काम हो रहा है। आज हम विकसित यूपी-विकसित भारत अभियान का एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं। देश का सबसे बड़ा प्रदेश, आज देश के सबसे अधिक इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स वाले राज्यों में से एक हो गया है। और आज मेरे लिए गर्व और प्रसन्नता के दो कारण हैं। एक तो ये है कि इस एयरपोर्ट का शिलान्यास भी करने का सौभाग्य आप सबने मुझे दिया था और आप सबने इस एयरपोर्ट के उद्धघाटन का सौभाग्य भी मुझे दिया, लेकिन मैंने उस सौभाग्य को आपके साथ बांट दिया और आपके हाथों से उद्धघाटन करवा दिया। दूसरा, जिस उत्तर प्रदेश ने मुझे अपना प्रतिनिधि चुना, जिस उत्तर प्रदेश ने मुझे सांसद बनाया, उसकी पहचान के साथ, उस उत्तर प्रदेश की पहचान के साथ इस भव्य एयरपोर्ट का नाम भी जुड़ गया है।

साथियों,

नोएडा का ये एयरपोर्ट, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ, इटावा, बुलंदशहर, फरीदाबाद, इस पूरे क्षेत्र को बहुत बड़ा लाभ होने वाला है। हिन्दुस्तान को और उत्तर प्रदेश को तो होना ही होना है। ये एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों, छोटे और लघु उद्योगों, यहां के नौजवानों के लिए, अनेक नए अवसर लेकर आने वाला है। यहां से दुनिया के लिए विमान तो उड़ेंगे ही, साथ ही, ये विकसित उत्तर प्रदेश की उड़ान का भी प्रतीक बनेगा। मैं उत्तर प्रदेश को, विशेष रूप से पश्चिम उत्तर प्रदेश की जनता को इस भव्य एयरपोर्ट के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज का ये कार्यक्रम, भारत के नए मिज़ाज का प्रतीक है। आप सभी देख रहे हैं कि आज पूरा विश्व कितना चिंतित है। पश्चिम एशिया में एक महीने से युद्ध चल रहा है। युद्ध की वजह से कई सारे देशों में खाने-पीने के सामान, पेट्रोल-डीज़ल-गैस, खाद, ऐसी कई ज़रूरी चीज़ों का चारो तरफ संकट पैदा हो गया है। हर देश इस संकट का सामना करने के लिए कुछ न कुछ कोशिश कर रहा है, प्रयास कर रहा है। और हमारा भारत भी इस संकट का पूरी शक्ति से मुकाबला कर रहा है, देशवासियों की ताकत के भरोसे कर रहा है। भारत तो बहुत बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस, ये जहां युद्ध चल रह है ना, इस युद्ध से प्रभावित इलाके से मंगाता रहा है। इसलिए सरकार हर वो कदम उठा रही है, जिससे सामान्य परिवारों पर, हमारे किसान भाई-बहनों पर, इस संकट का बोझ न पड़े।

साथियों,

संकट के इस समय में भी, भारत ने अपने तेज़ विकास को निरंतर जारी रखा है। मैं सिर्फ पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ही बात करुं, तो पिछले कुछ सप्ताह में ही, ये चौथा बड़ा प्रोजेक्ट है, जिसका शिलान्यास या लोकार्पण हुआ है। इन कुछ ही सप्ताह में, इस दौरान नोएडा में बहुत बड़ी सेमीकंडक्टर फैक्ट्री का शिलान्यास हुआ, इसी कालखड में देश की पहली दिल्ली-मेरठ नमो-भारत ट्रेन ने गति पकड़ी, इसी कालखंड में मेरठ मेट्रो का विस्तार किया गया, और इतने कम समय में आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का आप सबके हाथों से उद्धघाटन भी हो गया।

साथियों,

ये सारे प्रोजेक्ट्स, यूपी के विकास के लिए, डबल इंजन सरकार के प्रयासों का शानदार उदाहरण हैं। सेमीकंडक्टर फैक्ट्री, भारत को टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बना रही है। मेरठ मेट्रो और नमो भारत रेल, तेज और स्मार्ट कनेक्टिविटी दे रही है। और ये हमारा जेवर एयरपोर्ट, पूरे उत्तर भारत को दुनिया से जोड़ रहा है। और आपने अभी वीडियो में देखा, ये ऐसा एयरपोर्ट बन रहा है, हर दो मिनट में एक जहाज उड़ेगा, हर दो मिनट में एक जहाज उड़ेगा। पहले सपा वालों ने नोएडा को अपनी लूट का ATM बना लिया था। लेकिन आज भाजपा सरकार में वही नोएडा, यूपी के विकास का सशक्त इंजन बन रहा है।

साथियों,

जेवर का ये एयरपोर्ट, डबल इंजन सरकार की कार्यसंस्कृति का भी बहुत अच्छा उदाहरण है। अब आप सोचिये, इस एयरपोर्ट को अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार ने 2003 में ही फाइल में मंजूरी दे दी थी। 2003 में, आपमें से बहुत होंगे जिसका जन्म नहीं हुआ होगा, बहुत वो लोग होंगे जो उस समय 25-30 साल के 35 साल के हुए होंगे और आज रिटायर भी हो गए, लेकिन एयरपोर्ट नहीं बना। लेकिन केंद्र में कांग्रेस और यहां की पहले की सरकारों ने सालों तक इस एयरपोर्ट की नींव तक नहीं पड़ने दी। 2004 से 2014 तक ये एयरपोर्ट फाइलों में ही दबा रहा। जब हमारी सरकार बनी तो यूपी में सपा की सरकार थी। शुरु के दो-तीन सालों में सपा वालों ने इस पर काम नहीं होने दिया। लेकिन जैसे ही यहां भाजपा-NDA की सरकार बनी, दिल्ली में भाजपा-एनडीए की सरकार बनी, तो जेवर एयरपोर्ट की नींव भी पड़ी, निर्माण भी हुआ और अब ये शुरु भी हो गया है।

साथियों,

एयरपोर्ट के अलावा ये क्षेत्र देश के दो बड़े फ्रेट कॉरिडोर्स का भी हब बन रहा है। ये फ्रेट कॉरिडोर मालगाड़ियों के लिए बिछाई गई स्पेशल पटरियां हैं। इससे उत्तर भारत की बंगाल और गुजरात के समंदर से कनेक्टिविटी बेहतर हो गई है। और दादरी वो स्थान है जहां ये दोनों कॉरिडोर्स आपस में मिलते हैं। यानी यहां किसान जो उगाते हैं, यहां उद्योग जो कुछ बनाते हैं, वो जमीन से, हवाई मार्ग से, दुनिया के कोने-कोने तक तेज़ी से जा पाएगा। ऐसी मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी के कारण, यूपी दुनियाभर के निवेशकों के लिए बहुत बड़ा आकर्षण बन रहा है।

साथियों,

जिस नोएडा को पहले अंधविश्वास के कारण अपने हाल पर छोड़ दिया गया था, कुर्सी जाने के डर से पहले के सत्ताधारी यहां आने से डरते थे, मुझे याद है यहां की सपा सरकार थी और मैंने नोएडा आने का कार्यक्रम बनाया, तो मुख्यमंत्री इतने डरे हुए थे कि वो उस कार्यक्रम में नहीं आए और मुझे भी डराने की लोगों ने कोशिश की, कि नोएडा मत जाओ मोदी जी, अभी-अभी प्रधानमंत्री बने हो। मैंने कहा इस धरती का आशीर्वाद लेने जा रहा हूं, जो मुझे लंबे अर्से तक सेवा करने का मौका देगा। अब वही इलाका पूरी दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार है। ये पूरा क्षेत्र, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त कर रहा है।

साथियों,

इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में, खेती-किसानी का बहुत महत्व है। मैं आज उन मेरे किसान भाई-बहनों का विशेष रूप से आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट को साकार करने के लिए अपनी जमीनें दी है। उन किसानों के लिए जोरदार तालियां बजाइये दोस्तों, मेरे किसान भाई-बहनों के लिए जोरदार तालियां बजाइये। मेरे किसान भाई-बहन, आपके इस योगदान से ही, इस पूरे क्षेत्र में विकास का एक नया दौर शुरु होने जा रहा है। आधुनिक कनेक्टिविटी का जो विस्तार यहां हो रहा है, उससे पश्चिमी यूपी में फूड प्रोसेसिंग की संभावनाओं को और बल मिलेगा। अब यहां के कृषि उत्पाद दुनिया के बाज़ारों में और बेहतर तरीके से जा पाएंगे।

साथियों,

यहां मैं अपने किसान साथियों का एक और बात के लिए भी आभार व्यक्त करना चाहता हूं। आपके गन्ने से जो इथेनॉल बनाया गया है, उससे कच्चे तेल, कच्चे तेल पर देश की निर्भरता कम हुई है। अगर इथेनॉल का उत्पादन ना बढ़ता, पेट्रोल में उसकी ब्लेंडिंग ना बढ़ती, तो देश को हर वर्ष साढ़े चार करोड़ बैरल, साढ़े चार करोड़ बैरल यानी लगभग 700 करोड़ लीटर कच्चा तेल विदेशों से मंगवाना पड़ता। किसानों के परिश्रम ने देश को इस संकट के समय में इतनी बड़ी राहत दी है।

साथियों,

इथेनॉल से देश को तो फायदा हुआ ही है, किसानों को भी बहुत बड़ा लाभ हुआ है। इससे करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा बची है। यानी इथेनॉल न बनाते तो ये पैसा विदेश जाना जय था। बीते वर्षों में इतना सारा पैसा, देश के किसानों को मिला है, गन्ना किसानों को मिला है।

साथियों,

यहां के गन्ना किसानों ने तो पहले के वो दिन भी देखे हैं, जब कई-कई सालों तक गन्ने का बकाया लटका रहता था। लेकिन आज भाजपा की डबल इंजन सरकार के प्रयासों से गन्ना किसानों की स्थिति बेहतर हुई है।

साथियों,

किसी भी देश में एयरपोर्ट सिर्फ एक सामान्य सुविधा नहीं होता। ये एयरपोर्ट प्रगति को भी उड़ान देते हैं। साल 2014 से पहले, देश में सिर्फ 74 एयरपोर्ट थे। आज 160 से अधिक एयरपोर्ट्स देश में हैं। अब महानगरों के अलावा, देश के छोटे-छोटे शहरों में भी हवाई कनेक्टिविटी पहुंच रही है। पहले जो सरकारें रही हैं, वे मानती थीं कि हवाई यात्रा सिर्फ अमीरों के लिए ही होनी चाहिए। लेकिन भाजपा सरकार ने, सामान्य भारतीय के लिए हवाई यात्रा को आसान बना दिया है। हमारी सरकार ने उत्तर प्रदेश में हवाई अड्डों के नेटवर्क का तेज़ी से विस्तार करते हुए उनकी संख्या बढ़ाकर सत्रह कर दी है।

साथियों,

भाजपा सरकार का निंरतर प्रयास रहा है कि एयरपोर्ट भी बने और किराया-भाड़ा भी सामान्य परिवारों की पहुंच में रहे। इसलिए, हमने उड़ान योजना शुरु की थी। इस स्कीम के कारण, बीते कुछ सालों में एक करोड़ साठ लाख से अधिक देशवासियों ने उड़ान योजना से टिकट लेकर सस्ती दरों पर हवाई यात्रा की है। और मैं आपको एक और जानकारी देना चाहता हूं। हाल में ही केंद्र सरकार ने उड़ान योजना को और विस्तार दिया है। इसके लिए लगभग 29 हज़ार करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। आने वाले वर्षों में इसके तहत, छोटे-छोटे शहरों में 100 नए एयरपोर्ट और 200 नए हेलीपैड बनाने की योजना है। यूपी को भी इससे बहुत अधिक लाभ होगा।

साथियों,

भारत का एविएशन सेक्टर, बहुत तेज़ से गति और विकास कर रहा है। जैसे-जैसे भारत में नए-नए एयरपोर्ट बन रहे हैं, वैसे-वैसे नए हवाई जहाज़ों की ज़रूरत भी बढ़ती जा रही है। इसलिए देश की अलग-अलग एयरलाइन्स ने सैकड़ों नए जहाजों के ऑर्डर दिए हैं। ये जो नई सुविधाएं हैं, नए जहाज आ रहे हैं, इनको उड़ाने वाले, इनमें सर्विस देने वाले, मेंटनेस से जुड़े, ऐसे हर काम के लिए बहुत बड़ी संख्या में वर्कफोर्स की ज़रूरत रहेगी। ये युवाओं के लिए बहुत बड़ा अवसर है। इसलिए हमारी सरकार, एविएशन सेक्टर में ट्रेनिंग की सुविधाओं का भी विस्तार कर रही है।

साथियों,

आप जब अपनी कोई गाड़ी खरीदते हैं, तो ये जरूर देखते हैं कि उस गाड़ी बनाने वाली कंपनी का सर्विसिंग सेंटर आसपास है या नहीं है। आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि हमारे देश में हवाई जहाजों की सर्विसिंग, यानी उनके मैंटनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल की पुख्ता व्यवस्थाएं ही नहीं थीं। भारत के 85 एयरपोर्ट, 85 परसेंट हवाई जहाजों को आज भी मैंटनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल यानी MRO के लिए, इस काम के लिए विदेश भेजना पड़ता है। इसलिए हमारी सरकार ने ठाना है कि MRO सेक्टर में भी भारत को आत्मनिर्भर बनाएंगे। अब भारत में ही, बहुत बड़े पैमाने पर MRO सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। आज यहां जेवर में भी MRO सुविधा का शिलान्यास हुआ है। ये सुविधा जब तैयार हो जाएगी, तो ये देश-विदेश के विमानों को सेवा देगी। इससे देश को कमाई भी होगी, हमारा पैसा भी देश में ही रहेगा, और युवाओं को अनेक रोजगार भी मिलेंगे।

साथियों,

आज हमारी सरकार की प्राथमिकता देश के नागरिकों की सुविधा है। देश के नागरिक का समय बचे और उसकी जेब पर ज्यादा बोझ भी न पड़े, ये हमारा लक्ष्य है। मेट्रो और वंदे भारत जैसी आधुनिक रेल सेवाओं का इसी भाव से ही विस्तार किया जा रहा है। दिल्ली-मेरठ नमो भारत रेल, इसका कितना फायदा हो रहा है, ये भी हम सब देख रहे हें। अभी तक नमो भारत, ढाई करोड़ से अधिक लोग सफर कर चुके हैं। दिल्ली-मेरठ के जिस सफर में पहले घंटों लग जाते थे, अब वो सफर मिनटों में ही पूरा हो रहा है।

साथियों,

विकसित भारत के विकसित आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमारी सरकार अभूतपूर्व निवेश कर रही है। बीते 11 वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर का बजट छह गुणा से अधिक बढ़ाया गया है। इन वर्षों में 17 लाख करोड़ रुपये हाईवे और एक्सप्रेसवे पर खर्च किए गए हैं, एक लाख किलोमीटर से अधिक के हाईवे का निर्माण किया गया है। 2014 तक रेलवे में सिर्फ 20 हजार किलोमीटर रूट का बिजलीकरण हुआ था। जबकि 2014 के बाद से 40 हजार किलोमीटर से ज्यादा रेलवे ट्रैक का बिजलीकरण किया गया है। आज ब्रॉडगेज नेटवर्क का लगभग शत-प्रतिशत बिजलीकरण हो चुका है। आज कश्मीर घाटी हो या नॉर्थ ईस्ट की राजधानियां, ये पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ रही हैं। पोर्ट यानी बंदरगाहों की क्षमता, बीते दशक में दोगुने से अधिक हुई है। देश में नदी जलमार्गों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। विकसित भारत के निर्माण के लिए जरूरी हर क्षेत्र में भारत तेज़ी से काम कर रहा है।

साथियों,

विकसित भारत बनाने के लिए सबका प्रयास बहुत ज़रूरी है। ये आवश्यक है कि 140 करोड़ देशवासी कड़े से कड़ा परिश्रम करे, और वैश्विक संकटों का एकजुट होकर सामना करें। अभी जो युद्ध चल रहा है, इससे पैदा हुए संकटों का सामना कैसे करना है, इसके बारे में मैंने संसद में भी विस्तार से बताया है। मेरी कल देश के सभी मुख्यमंत्रियों से भी लंबी चर्चा हुई है और बड़ी सकारात्मक चर्चा हुई है। मैं आज आप सभी जनता-जनार्दन से फिर कहूंगा, मैं देशवासियों से फिर से कहूंगा। हमें शांत मन से, धैर्य के साथ, एकजुटता के साथ, मिल जुलकर के, इस संकट का सामना करना है। ये पूरे विश्व में परेशानी पैदा करने वाला संकट है। हमें अपने देश की सबसे ज्यादा चिंता करनी है। और यही हम भारतीयों की सबसे बड़ी ताकत है। मैं यूपी के, देश के सभी राजनीतिक दलों से भी आग्रहपूर्वक कहना चाहता हूं, विनती पूर्वक कहना चाहता हूं, इस प्रकार के संकट में ऐसी बातें करने से बचें, जो देश के लिए नुकसानदायक हैं। जो भारतीयों के हक में है, जो भारत के हित में है, वही भारत सरकार की नीति और रणनीति है। राजनीति के लिए गलत बयानबाज़ी करने वाले, राजनीतिक बहस में तो कुछ नंबर पा लेंगे, लेकिन देश को नुकसान पहुंचाने वाली हरकतों को देश की जनता कभी माफ नहीं करती। कोरोना के महासंकट के दौरान भी, कुछ लोगों ने अफवाहें फैलाईं, वैक्सीन को लेकर झूठ बोले, ताकि सरकार का काम मुश्किल हो, देश को नुकसान हो। परिणाम क्या हुआ? जनता ने चुनावों के दौरान ऐसी राजनीति को नकार दिया, ठुकरा दिया। मुझे पूरा भरोसा है, कि देश के सभी राजनीतिक दल भी इससे सबक सीखेंगे और देश के एकजुट प्रयासों को वो बल देंगे, ताकत देंगे। इसी आग्रह के साथ, एक बार फिर से उत्तर प्रदेश को इस शानदार एयरपोर्ट के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

बहुत-बहुत धन्यवाद।