Today, our President, a daughter from a tribal community, embodies the vision of Modi Ki Guarantee: PM Modi on Women Empowerment
Despite the success of Ujjwala nationwide, over 14 lakh applications for connections remain pending in Bengal due to TMC government's inaction: PM Modi on TMC
Through schemes like Mudra Yojana, over Rs. 1.25 lakh crore has been granted to women entrepreneurs in West Bengal: PM Modi on the success of Central government schemes
Under the influence of appeasement and vested interests, the TMC government fails to ensure the safety of sisters and daughters: PM Modi
Today's massive program underscores BJP's commitment to harnessing the power of women for India's development: PM Modi

भारत माता की, भारत माता की, भारत माता की।
जय मां काली। जय मां काली।
जय मां दुर्गा। जय मां दुर्गा।
बांग्लार माँ-बोनेरा आरो आमार भाई-बोंधू के प्रोणाम जानाई


आज का ये विशाल कार्यक्रम इस बात का साक्षी है कि बीजेपी कैसे नारीशक्ति को विकसित भारत की शक्ति बना रहा है। 9 जनवरी को भाजपा ने देशभर में शक्तिवंदन अभियान शुरू किया था। इस दौरान देशभर में लाखों स्वयं सहायता समूहों से संवाद किया गया। और अब आज यहां पश्चिम बंगाल में, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बहनों का इतना विराट सम्मेलन हो रहा है। इस कार्यक्रम में देशभर से लाखों अन्य बहनें भी टेक्नोलॉजी के माध्यम से आज इस कार्यक्रम में हमारे साथ जुड़ी हुई हैं। जो दूर-दूर अपने गांव में टेक्नोलॉजी के माध्यम से इस कार्यक्रम में भागीदार हुई हैं मैं उन बहनों का भी और आप सभी का भी आपको वंदन करता हूं, आपका अभिनंदन करता हूं। मैं भारतीय जनता पार्टी की महिला मोर्चा की सभी इन बहनों को, आप सभी बहनों को आज बहुत-बहुत बधाई देना चाहता हूं, बहुत धन्यवाद करना चाहता हूं। मैंने सालों तक संगठन में काम किया है और इसीलिए मुझे पता है कि इतना बड़ा राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम आर्गेनाइज करना हो, देशभर में 19-20 हजार स्थानों पर महिला समूह बैठ करके इस कार्यक्रम में जुड़े हों, ये हिंदुस्तान की सार्वजनिक जीवन की सबसे बड़ी घटना है। और इसलिए आप सब, और आप सब भी अनेक-अनेक अभिनंदन के अधिकारी हैं। और आपने परंपराओं को भी तोड़ा है। पुरुषों की मैराथन तो सुना करते थे, लेकिन इस बार गांव-गांव हमारी माताएं-बहनें-बेटियां नारीशक्ति वंदन के लिए दौड़ लगा रही थी। पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही थी। मैं उन…छोटी-छोटी बेटियां दो दिन पहले स्कूटी पर पूरे देश में उन्होंने अपने ताकत का परिचय करा दिया। और इस सबके लिए इतने बड़े भव्य आयोजन के लिए मैं आपको जितनी बधाई दूं, जितना अभिनंदन करूं उतना कम है। मेरे साथ बोलिए…भारत माता की। दोनों हाथ ऊपर करके मुट्ठी बंद करके बोलिए... भारत माता की, भारत माता की, भारत माता की।

साथियों,
यहां आने से पहले मैं कोलकाता में कार्यक्रम में था। वहां मैंने भारत सरकार की अनेक विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। आज एक साथ, कोलकाता मेट्रो, पुणे मेट्रो, कोच्चि मेट्रो, आगरा मेट्रो और नमो भारत ट्रेन से जुड़े नए रूट्स का विस्तार हुआ है। देश के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को आधुनिक बनाना, भारत सरकार की प्राथमिकता है। कोलकाता तो वो शहर है जिसकी मेट्रो को देखकर कितनी ही पीढ़ियां बड़ी हुई हैं। मैं बचपन में जब पहली बार कोलकाता आया तो एक आकर्षण था कि जरा मैं मेट्रो देखूं। लेकिन आज कोलकाता की मेट्रो इस बात की भी गवाह है कि बीजेपी सरकार कितनी तेजी से काम करती है। 2014 से पहले के 40 सालों में कोलकाता मेट्रो का सिर्फ 28 किलोमीटर रूट बना था। आपको आंकड़ा याद रहेगा…मैं जो कह रहा हूं याद रहेगा…जरा आप बताएंगे तो पता चलेगा, याद रहेगा। 40 साल में 28 किलोमीटर…ओनली 28 किलोमीटर। जबकि बीजेपी सरकार के बीते 10 साल में कोलकाता मेट्रो का 31 किलोमीटर और विस्तार हो चुका है। बीते 10 वर्षों में भाजपा ने बंगाल के विकास के लिए, देश के विकास के लिए बहुत ईमानदारी से प्रयास किया है। ऐसे काम को देखते हुए ही, पूरा देश कह रहा है...पश्चिम बंगाल कह रहा है, हर माता-बहन कह रही है-
अबकी बार-400 पार ! अबकी बार-400 पार ! जरा पूरी ताकत से बताइए…अबकी बार-400 पार !
NDA सरकार- 400 पार ! NDA सरकार- 400 पार !
एई बार चार शो पार.. एई बार चार शो पार.. एई बार चार शो पार..
एनडीए शोरकार चार शो पार… एनडीए शोरकार चार शो पार...

मेरी एक प्रार्थना है जो लोग चित्र और पोस्टर लेकर आए हैं, वो जरा नीचे कर दें, पीछे लोगों को परेशानी हो रही है, पीछे लोग देख नहीं पाते। मैंने देख लिया है…मुझे दिखाने में सबको परेशान मत करो। नीचे करो इसको। मैंने देख लिया है जी। आपके हाथ में जो पोस्टर है, जो चित्र है, जो कलात्मक चीजें लेके आए हैं, सब देख लिया है, अब मेरी आपसे प्रार्थना है, अब आप इन सबको नीचे कर दीजिए। ठीक है, शाबाश! माताएं-बहनें हर चीज को मान लेती हैं।


साथियों,
केंद्र सरकार में NDA की वापसी पक्की देखकर, इंडी अलायंस के सारे नेता बौखला गए हैं। उनकी नींद उड़ गई है, उन्होंने संतुलन खो दिया है। अब उन्होंने पूरी ताकत से मोदी को गाली देना शुरू कर दिया है। इंडी गठबंधन के भ्रष्टाचारी लोग आजकल मेरे परिवार के बारे में पूछ रहे हैं। ये लोग कह रहे हैं कि मोदी का खुद का परिवार ही नहीं है, इसलिए मैं परिवारवाद के खिलाफ बात कर करता हूं। ये लोग जानना चाहते हैं- कहां हैं मेरा परिवार? ओरा जानते चाए, मोदीर पोरिवार कोथाए ? इन घोर परिवारवादियों को आज यहां नज़र डालनी चाहिए। मेरे देश की ये बहनें, जो यहां बहुत बड़ी संख्या में आई हैं, जो देश के कोने-कोने से इस कार्यक्रम से जुड़ी हुई हैं- यही तो है मोदी का परिवार। यही तो है मोदी का परिवार। एटाई तो, आमार पोरिवार। बंगाल की हर माताएं-बहनें मेरा परिवार हैं। बांग्लार प्रोत्येक मां-बोनेरा, आमार पोरिवार। मोदी के शरीर का कण-कण और जीवन का पल-पल इसी परिवार के लिए, देश की मातृशक्ति के लिए समर्पित है। जब मोदी को कोई भी कष्ट होता है- तो यही माताएं-यही बहनें-बेटियां कवच बनकर मोदी की रक्षा के लिए खड़ी हो जाती हैं। आमार जोन्नो, बांग्लार मां-बोन, दुर्गार मोतो उठिए दाराए। आज हर देशवासी खुद को मोदी का परिवार कह रहा है। आज देश का हर गरीब, हर किसान, हर नौजवान, हर बहन-बेटी कह रही है-मैं हूं मोदी का परिवार !
मैं हूं मोदी का परिवार ! मैं हूं…मैं हूं …आमी…आमी… आमी मोदीर पोरिवार !

माताएं-बहनें, आज जब इतनी बड़ी तादाद में माताओं-बहनों के बीच आया हूं तो मैं जीवन का एक पहलू जिसके विषय में आमतौर पर मैं नहीं बोलता हूं। लेकिन आज जब माताएं-बहनें बैठी हैं, तो बोलने का मेरा मन कर जाता है। बताऊं…बताऊं…बताऊं…मैं बताऊं…मैं पहले कभी नहीं बताता था लेकिन आज मन कर रहा है बता दूं। कुछ लोगों को लगता होगा कि किसी राजनेता ने मुझे गाली दी, और इसलिए मैं इन सबको मेरे परिवार…मेरे परिवार कह रहा हूं। मैं सच्चाई बताना चाहता हूं। मैं बहुत छोटी आयु में घर छोड़ करके एक झोला लेकरके चल पड़ा था। परिव्राजक की तरह देश के कोने-कोने में भटक रहा था। कुछ खोज रहा था, मेरे जेब में कभी एक पैसा नहीं रहता था…एक पैसा नहीं रहता था। लेकिन आपको जान करके और देशवासियों को जान करके गर्व होगा, मेरा देश कैसा है, मेरे देश की माताएं-बहनें कैसी हैं, मेरे देश का हर परिवार कैसा है। जेब में एक पैसा नहीं होता था। न भाषा जानता था। कंधे पर एक झोला लटकता था और मैं देखता था कोई न कोई परिवार, कोई मां-बाप, कोई बहन पता नहीं क्या कारण... वो मुझे पूछ लेते थे कि भाई, बेटे कुछ खाना-वाना खाए हो कि नहीं खाए हो। और मैं आज देशवासियों को बता रहा हूं सालों तक मैं परिव्राजक रहा हूं। कंधे पर झोला लेके घूमता रहा हूं। जेब में एक पैसा नहीं रहा, लेकिन मैं एक दिन भी भूखा नहीं रहा। और इसीलिए मैं कहता हूं यही मेरा परिवार है। 140 करोड़ देशवासी, ये मेरा परिवार। जब मेरी कोई जान नहीं, पहचान नहीं थी कंधे पर झोला लेके भटकता हुआ एक नौजवान…और समय देश के गरीब से गरीब परिवार ने जहां गया वहां मेरी चिंता की है। और इसलिए आज जब मैं गरीबों के लिए माताओं-बहनों के लिए जीजान से कुछ करने के लिए लगा हुआ हूं, समर्पित भाव से लगा हुआ हूं तो उसका कारण, मैं पूरे देश का वो परिवार-भाव महसूस किया था। आज मैं उसका कर्ज चुका रहा हूं। आपका कर्ज चुका रहा हूं। देश की कोटि-कोटि माताओं-बहनों का कर्ज चुका रहा हूं।

साथियों,
ये बांग्ला भूमि, नारीशक्ति की बहुत बड़ी प्रेरणा केंद्र रही है। यहां से नारीशक्ति ने देश को दिशा दी है। इस धरती ने मां शारदा, रानी रासमणि, भगिनी निवेदिता, सरला देवी, मातंगिनी हाज़रा, कल्पना दत्ता, प्रितिलता, बिना दास, नानीबाला देवी, अनगिनत- अनगिनत ऐसी अनेक शक्ति स्वरुपा देश को दी हैं। लेकिन इसी धरती पर TMC के राज में नारीशक्ति पर अत्याचार का घोर पाप हुआ है। मां-बोने देर शंगे अत्ताचार कोरे, टीएमसी घोर पाप कोरेछे। संदेशखाली में जो कुछ भी हुआ, उससे किसी का भी सिर शर्म से झुक जाएगा। लेकिन यहां की TMC सरकार को, आपके दुख से कोई फर्क नहीं पड़ता। TMC सरकार, बंगाल की महिलाओं के गुनहगार को बचाने के लिए पूरी शक्ति लगा रही है। लेकिन पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट से भी राज्य सरकार को झटका लगा है। गरीब, दलित, वंचित, आदिवासी परिवारों की बहनों-बेटियों के साथ TMC के नेता, जगह-जगह अत्याचार कर रहे हैं। लेकिन TMC सरकार को अपने अत्याचारी नेता पर भरोसा है, बांग्ला बहन-बेटियों पर भरोसा नहीं है। इस व्यवहार से बंगाल की महिलाएं, देश की महिलाएं आक्रोश में हैं। नारीशक्ति के आक्रोश का ये ज्वार संदेशखाली तक ही सीमित नहीं रहने वाला। संपूर्णो बांग्ला ते, संदेशखालीर झड़ उठबे ! मैं देख रहा हूं कि TMC के माफियाराज को ध्वस्त करने के लिए बंगाल की नारीशक्ति निकल चुकी है। संदेशखाली ने दिखाया है कि पश्चिम बंगाल की बहन-बेटियों की बुलंद आवाज़ सिर्फ और सिर्फ भाजपा ही है।

साथियों,
तुष्टिकरण और तोलाबाजों के दबाव में काम करने वाली TMC सरकार कभी भी बहन-बेटियों को सुरक्षा नहीं दे सकती। वहीं दूसरी तरफ केंद्र की भाजपा सरकार है, जिसने बलात्कार, रेप जैसे संगीन अपराध के लिए फांसी की सज़ा तक की व्यवस्था की है। संकट के समय बहनें आसानी से शिकायत कर सकें, इसके लिए महिला हेल्पलाइन बनाई गई है। लेकिन TMC सरकार, इस व्यवस्था को यहां लागू नहीं होने दे रही है। ऐसी महिला विरोधी TMC सरकार, महिलाओं का कभी भला नहीं कर सकती।

साथियों,
भारत की नारीशक्ति, विकसित भारत की एक सशक्त स्तंभ है। भारत की नारीशक्ति की आर्थिक शक्ति बढ़े, इसके लिए बीते 10 वर्षों में बीजेपी सरकार ने लगातार काम किया है। जनधन योजना के तहत करोड़ों बहनों के बैंक खाते खोले हैं, जिनमें से करीब 3 करोड़ लाभार्थी बहनें अकेले हमारे पश्चिम बंगाल से हैं। इन 10 वर्षों में देश में सेल्फ हेल्प ग्रुप्स से जुड़ी महिलाओं की संख्या 10 करोड़ को पार कर गई है। इसमें पश्चिम बंगाल की भी आप जैसी एक करोड़ 25 लाख से ज्यादा बहनें हैं। हमने देश में 10 वर्षों में बहनों के इन समूहों को स्वरोजगार के लिए 8 लाख करोड़ रुपए की मदद बैंकों से दिलवाई है। बंगाल के सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को भी करीब 90 हजार करोड़ रुपए की मदद मिली है। और मैं तो अब जिस प्रकार ये स्वयं सहायता समूह, ये महिला स्वयं सहायता समूह उनकी जो ताकत देख रहा हूं न, तो मैंने तो एक मीटिंग में कहा था ये सिर्फ महिला स्वयं सहायता समूह है ऐसा नहीं है, ये तो राष्ट्र सहायता समूह है। राष्ट्र सहायता समूह है। साथियों, इस राशि से बंगाल की महिलाओं ने कृषि क्षेत्र में, कुटीर उद्योग में, मछलीपालन में, शहद पालन में, हस्तशिल्प में, एक से बढ़कर एक काम किए हैं।

साथियों,
भाजपा सरकार का प्रयास, गांवों में रहने वाली आप जैसी बहनों को लखपति दीदी बनाने का है। हमने देश में 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। आप कल्पना कर सकते हैं, जब गांव-गांव में अनेकों लखपति दीदी होगी तो उस गांव की तस्वीर और तकदीर कैसे बदल जाएगी। अभी तक देशभर में 1 करोड़ से ज्यादा लखपति दीदी बनाने में हम सफल हो चुके हैं। और मुझे खुशी है कि भारत सरकार के इन प्रयत्नों से बंगाल में भी 16 लाख से अधिक महिलाएं... लखपति दीदी बन चुकी हैं।

साथियों,
मुद्रा योजना से बिना गारंटी का ऋण लेकर अपना बिजनेस शुरू करने वाले लाभार्थियों में भी सबसे अधिक हमारी माताएं-बहनें बेटियां हैं। इस योजना के तहत, सवा लाख करोड़ रुपए से अधिक सिर्फ पश्चिम बंगाल की बहनों को मिले हैं। मैं देशभर की बात नहीं कर रहा हूं। सिर्फ पश्चिम बंगाल में। पीएम किसान सम्मान निधि से भी देश की लगभग 3 करोड़ महिला किसानों को पहली बार पैसा मिला है। यहां बहुत बड़ी संख्या में हमारी बहनें, कारीगर हैं, हस्तकला से जुड़ी हैं। जूट की टोकरी बनाने वालीं...मछली का जाल बुनने वालीं, कपड़े की सिलाई, कपड़े की धुलाई, खिलौने-मालाएं ये बनाने वालीं, ऐसे अनेक कामों से जुड़ी बहनों के लिए हम पीएम विश्वकर्मा योजना लाए हैं। इस योजना पर भी 13 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जा रहे हैं।

साथियों,
बीजेपी सरकार महिलाओं के लिए एक और बहुत बड़ी योजना लेकर आई है। मोदी ने गांव की बहनों के लिए नमो ड्रोन दीदी योजना शुरू की है। इससे बहनों को ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग दी जा रही है। इन बहनों को भाजपा सरकार ड्रोन देगी, जो खेती के काम आएंगे। इससे खेती भी आधुनिक होगी और बहनों को इससे अतिरिक्त कमाई भी होगी।

साथियों,
भाजपा के इन प्रयासों के बीच, इंडी अलायंस क्या कर रहा है, ये भी देश को जानना जरूरी है। केंद्र की भाजपा सरकार बहन-बेटियों के हित में जो भी प्रोग्राम बनाती है, इंडी गठबंधन की राज्य सरकारें उस पर ब्रेक लगा देती हैं। हमने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान चलाया, तो देश में लाखों बेटियों का जीवन बचा। लेकिन यहां TMC सरकार ने कभी बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को बंगाल में लागू नहीं होने दिया। हमने देश में 10 करोड़ बहनों को उज्जवला के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन दिया, हम सस्ते सिलेंडर दे रहे हैं। लेकिन बंगाल में आज भी उज्जवला कनेक्शन के लिए 14 लाख से ज्यादा एप्लीकेशन्स TMC सरकार के पास पेंडिंग पड़ी हैं। मोदी, हर घर तक नल से जल पहुंचाने में जुटा है। लेकिन जहां-जहां इंडी गठबंधन की सरकारें हैं, वहां ये लोग उस काम में भी रोड़े अटका रहे हैं, गति धीमी कर रहे हैं।

साथियों,
भाजपा सरकार, बहन-बेटियों की छोटी-छोटी समस्याओं को दूर करने में जुटी है। हमने जीवन चक्र के हर पड़ाव को ध्यान में रखते हुए नारी हित के लिए योजनाएं बनाई हैं, अभियान चलाए हैं। हमने गांव-गरीब परिवार की बहन-बेटियों को पहली बार सस्ते सेनिटेरी पैड्स देने की योजना बनाई। पहले गर्भ के दौरान माता और शिशु की मृत्यु बहुत बड़ी चिंता थी। बीजेपी ने मुफ्त टीकाकरण और गर्भ के समय 5 हज़ार रुपए की मदद गर्भवती महिलाओं को देने की योजना बनाई। हमने आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज देने का फैसला लिया। पहले टॉयलेट के अभाव में आप बहनों-बेटियों को कितनी पीड़ा और अपमान सहना पड़ता था। भाजपा सरकार ने घर हो या स्कूल, हर जगह बेटियों के लिए टॉयलेट्स का निर्माण किया। गरीबों को जो पक्के घर दिए जा रहे हैं, उनकी रजिस्ट्री भी बहनों के नाम की जा रही है। यहां बंगाल में भी पीएम आवास योजना के लगभग 24 लाख घर, महिलाओं के भी नाम पर है। आज ऐसे हर घर की कीमत कई-कई लाख रुपए है।

साथियों,
महिलाओं की सुरक्षा, सुविधा और सशक्तिकरण - ये मोदी की गारंटी है। मोहिला सुरोक्खा, शुविदा आरो शोशोक्तिकरण, एटा मोदीर गारंटी ! आज देश की पहली नागरिक, हमारी राष्ट्रपति जी, आदिवासी समाज में पैदा हुई एक बेटी है। मोदी ने बहन-बेटियों को लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण की गारंटी दी थी। वो पूरी हो चुकी है। मोदी ने मुस्लिम बहनों को, तीन तलाक की कुरीति से मुक्ति की गारंटी भी दी थी। ये गारंटी भी आपके आशीर्वाद से मोदी ने पूरी की। और याद करिए, तब टीएमसी, लेफ्ट और कांग्रेस का रुख क्या था? इंडी गठबंधन के ये लोग तब भी कट्टरपंथियों के साथ खड़े थे और आज भी उनके साथ हैं।

साथियों,
भारत को विकसित बनाने के लिए नारीशक्ति को ज्यादा से ज्यादा अवसर देना भी उतना ही जरूरी है। भाजपा सरकार के प्रयास से आज देश के हर सेक्टर में महिलाओं के लिए नए रास्ते बन रहे हैं। लेकिन आपको याद रखना है। जहां-जहां इंडी गठबंधन के सहयोगियों की सरकार है, वहां पर महिलाओं पर उतना ही अत्याचार है। बंगाल पर TMC नाम का जो ग्रहण लगा हुआ है, वो इस राज्य के विकास को आगे नहीं बढ़ने दे रहा है। इसलिए आप सभी बहनों को इंडी गठबंधन को हराना है, देश के कोने-कोने में कमल खिलाना है। नारी वंदन का इतना बड़ा भव्य समारोह, नारी के सम्मान में, कमल के सम्मान में मेरी सब माताओं-बहनों से आग्रह है, आपसे भी आग्रह है अपना मोबाइल फोन निकालिए। अपने मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट चालू कीजिए। जिस-जिस के पास मोबाइल फोन है सब अपना मोबाइल फोन निकाल करके फ्लैश लाइट चालू कीजिए। शाबाश! सबके मोबाइल की फ्लैश लाइट चालू हो, सबके मोबाइल की फ्लैश लाइट। ये नारी सम्मान में है, ये नारी सम्मान में है। ये नारी वंदन के लिए है, ये नारीशक्ति के उज्ज्वल भविष्य के लिए है। ये मां भारती के उज्ज्वल भविष्य के लिए है। ये देश की नारीशक्ति के सामर्थ्य का परिचय है। और इसीलिए आज नारीशक्ति पूरे देश को अपने सामर्थ्य का परिचय दे रही है।
मेरे साथ बोलिए…भारत माता की…पूरी ताकत से हाथ ऊपर करके बोलिए… भारत माता की, भारत माता की, भारत माता की, भारत माता की, भारत माता की। वंदे, वंदे, वंदे, वंदे, वंदे, वंदे, वंदे, वंदे। बहुत-बहुत धन्यवाद

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PM Modi's Interview to Navbharat Times
May 23, 2024

प्रश्न: वोटिंग में मत प्रतिशत उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। क्या, कम वोट पड़ने पर भी बीजेपी 400 पार सीटें जीत सकती है? ये कौन से वोटर हैं, जो घर से नहीं निकल रहे?

उत्तर: किसी भी लोकतंत्र के लिए ये बहुत आवश्यक है कि लोग मतदान में बढ़चढ कर हिस्सा लें। ये पार्टियों की जीत-हार से बड़ा विषय है। मैं तो देशभर में जहां भी रैली कर रहा हूं, वहां लोगों से मतदान करने की अपील कर रहा हूं। इस समय उत्तर भारत में बहुत कड़ी धूप है, गर्मी है। मैं आपके माध्यम से भी लोगों से आग्रह करूंगा कि लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भूमिका जरूर निभाएं। तपती धूप में लोग ऑफिस तो जा ही रहे हैं, हर व्यक्ति अपने काम के लिए घर से बाहर निकल रहा है, ऐसे में वोटिंग को भी दायित्व समझकर जरूर पूरा करें। चार चरणों के चुनाव के बाद बीजेपी ने बहुमत का आंकड़ा पा लिया है, आगे की लड़ाई 400 पार के लिए ही हो रही है। चुनाव विशेषज्ञ विश्लेषण करने में जुटे हैं, ये उनका काम है, लेकिन अगर वो मतदाताओं और बीजेपी की केमिस्ट्री देख पाएं तो समझ जाएंगे कि 400 पार का नारा हकीकत बनने जा रहा है। मैं जहां भी जा रहा हूं, बीजेपी के प्रति लोगों के अटूट विश्वास को महसूस रहा हूं। एनडीए को 400 सीटों पर जीत दिलाने के लिए लोग उत्साहित हैं।

प्रश्न: लेकिन कश्मीर में वोट प्रतिशत बढ़े। कश्मीर में बढ़ी वोटिंग का संदेश क्या है?

उत्तर: : मेरे लिए इस चुनाव में सबसे सुकून देने वाली घटना यही है कि कश्मीर में वोटिंग प्रतिशत बढ़ी है। वहां मतदान केंद्रों के बाहर कतार में लगे लोगों की तस्वीरें ऊर्जा से भर देने वाली हैं। मुझे इस बात का संतोष है कि जम्मू-कश्मीर के बेहतर भविष्य के लिए हमने जो कदम उठाए हैं, उसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। श्रीनगर के बाद बारामूला में भी बंपर वोटिंग हुई है। आर्टिकल 370 हटने के बाद आए परिवर्तन में हर कश्मीरी राहत महसूस कर रहा है। वहां के लोग समझ गए हैं कि 370 की आड़ में इतने वर्षों तक उनके साथ धोखा हो रहा था। दशकों तक जम्मू-कश्मीर के लोगों को विकास से दूर रखा गया। सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार से वहां के लोग त्रस्त थे, लेकिन उन्हें कोई विकल्प नहीं दिया जा रहा था। परिवारवादी पार्टियों ने वहां की राजनीति को जकड़ कर रखा था। आज वहां के लोग बिना डरे, बिना दबाव में आए विकास के लिए वोट कर रहे हैं।

प्रश्न: 2014 और 2019 के मुकाबले 2024 के चुनाव और प्रचार में आप क्या फर्क महसूस कर रहे हैं?

उत्तर: 2014 में जब मैं लोगों के बीच गया तो मुझे देशभर के लोगों की उम्मीदों को जानने का अवसर मिला। जनता बदलाव चाहती थी। जनता विकास चाहती थी। 2019 में मैंने लोगों की आंखों में विश्वास की चमक देखी। ये विश्वास हमारी सरकार के 5 साल के काम से आया था। मैंने महसूस किया कि उन 5 वर्षों में लोगों की आकांक्षाओं का विस्तार हुआ है। उन्होंने और बड़े सपने देखे हैं। वो सपने उनके परिवार से भी जुड़े थे, और देश से भी जुड़े थे। पिछले 5 साल तेज विकास और बड़े फैसलों के रहे हैं। इसका प्रभाव हर व्यक्ति के जीवन पर पड़ा है। अब 2024 के चुनाव में मैं जब प्रचार कर रहा हूं तो मुझे लोगों की आंखों में एक संकल्प दिख रहा है। ये संकल्प है विकसित भारत का। ये संकल्प है भ्रष्टाचार मुक्त भारत का। ये संकल्प है मजबूत भारत का। 140 करोड़ भारतीयों को भरोसा है कि उनका सपना बीजेपी सरकार में ही पूरा हो सकता है, इसलिए हमारी सरकार की तीसरी पारी को लेकर जनता में अभूतपूर्व उत्साह है।

प्रश्न: 10 साल की सबसे बड़ी उपलब्धि आप किसे मानते हैं और तीसरे कार्यकाल के लिए आप किस तरह खुद को तैयार कर रहे हैं?

उत्तर: पिछले 10 वर्षों में हमारी सरकार ने अर्थव्यवस्था, सामाजिक न्याय, गरीब कल्याण और राष्ट्रहित से जुड़े कई बड़े फैसले लिए हैं। हमारे कार्यों का प्रभाव हर वर्ग, हर समुदाय के लोगों पर पड़ा है। आप अलग-अलग क्षेत्रों का विश्लेषण करेंगे तो हमारी उपलब्धियां और उनसे प्रभावित होने वाले लोगों के बारे में पता चलेगा। मुझे इस बात का बहुत संतोष है कि हम देश के 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर ला पाए। करोड़ों लोगों को घर, शौचालय, बिजली-पानी, गैस कनेक्शन, मुफ्त इलाज की सुविधा दे पाए। इससे उनके जीवन में जो बदलाव आया है, उसकी उन्होंने कल्पना तक नहीं की थी। आप सोचिए, कि अगर करोड़ों लोगों को ये सुविधाएं नहीं मिली होतीं तो वो आज भी गरीबी का जीवन जी रहे होते। इतना ही नहीं, उनकी अगली पीढ़ी भी गरीबी के इस कुचक्र में पिसने के लिए तैयार हो रही होती।

हमने गरीब को सिर्फ घर और सुविधाएं नहीं दी हैं, हमने उसे सम्मान से जीने का अधिकार दिया है। हमने उसे हौसला दिया है कि वो खुद अपने पैरों पर खड़ा हो सके। हमने उसे एक विश्वास दिया कि जो जीवन उसे देखना पड़ा, वो उसके बच्चों को नहीं देखना पड़ेगा। ऐसे परिवार फिर से गरीबी में न चले जाएं, इसके लिए हम हर कदम पर उनके साथ खड़े हैं। इसीलिए, आज देश के 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है, ताकि वो अपनी आय अपनी दूसरी जरूरतों पर खर्च कर सकें। हम कौशल विकास, पीएम विश्वकर्मा और स्वनिधि जैसी योजनाओं के माध्यम से उन्हें आगे बढ़ने में मदद कर रहे हैं। हमने घर की महिला सदस्य को सशक्त बनाने के भी प्रयास किए। लखपति दीदी, ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं। मेरी सरकार के तीसरे कार्यकाल में इन योजनाओं को और विस्तार मिलेगा, जिससे ज्यादा महिलाओं तक इनका लाभ पहुंचेगा।

प्रश्न: हमारे रिपोर्टर्स देशभर में घूमे, एक बात उभर कर आई कि रोजगार और महंगाई पर लोगों ने हर जगह बात की है। जीतने के बाद पहले 100 दिनों में युवाओं के लिए क्या करेंगे? रोजगार के मोर्चे पर युवाओं को कोई भरोसा देना चाहेंगे?

उत्तर: पिछले 10 वर्षों में हम महंगाई दर को काबू रख पाने में सफल रहे हैं। यूपीए के समय महंगाई दर डबल डिजिट में हुआ करती थी। आज दुनिया के अलग-अलग कोनों में युद्ध की स्थिति है। इन परिस्थितियों का असर देश की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर पड़ा है। हमने दुनिया के ताकतवर देशों के सामने अपने देश के लोगों के हित को प्राथमिकता दी, और पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने नहीं दीं। पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़तीं तो हर चीज महंगी हो जाती। हमने महंगाई का बोझ कम करने के लिए हर छोटी से छोटी चीज पर फोकस किया। आज गरीब परिवारों को अच्छे से अच्छे अस्पताल में 5 लाख रुपये तक इलाज मुफ्त मिलता है। जन औषधि केंद्रों की वजह से दवाओं के खर्च में 70 से 80 प्रतिशत तक राहत मिली है। घुटनों की सर्जरी हो या हार्ट ऑपरेशन, सबका खर्च आधे से ज्यादा कम हो गया है। आज देश में लोन की दरें सबसे कम हैं। कार लेनी हो, घर लेना हो तो आसानी से और सस्ता लोन उपलब्ध है। पर्सनल लोन इतना आसान देश में कभी नहीं था। किसान को यूरिया और खाद की बोरी दुनिया के मुकाबले दस गुना कम कीमत पर मिल रही है। पिछले 10 वर्षों में रोजगार के अनेक नए अवसर बने हैं। लाखों युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। प्राइवेट सेक्टर में रोजगार के नए मौके बने हैं। EPFO के मुताबिक पिछले सात साल में 6 करोड़ नए सदस्य इसमें जुड़े हैं।

PLFS का डेटा बताता है कि 2017 में जो बेरोजगारी दर 6% थी, वो अब 3% रह गई है। हमारी माइक्रो फाइनैंस की नीतियां कितनी प्रभावी हैं, इस पर SKOCH ग्रुप की एक रिपोर्ट आई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 10 साल में हर वर्ष 5 करोड़ पर्सन-ईयर रोजगार पैदा हुए हैं। युवाओं के पास अब स्पेस सेक्टर, ड्रोन सेक्टर, गेमिंग सेक्टर में भी आगे बढ़ने के अवसर हैं। देश में डिजिटल क्रांति से भी युवाओं के लिए अवसर बने हैं। आज भारत में डेटा इतना सस्ता है तभी देश की क्रिएटर इकनॉमी बड़ी हो रही है। आज देश में सवा लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स हैं, इनसे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर बन रहे हैं। हमने अपनी सरकार के पहले 100 दिनों का एक्शन प्लान तैयार किया है, उसमें हमने अलग से युवाओं के लिए 25 दिन और जोड़े हैं। हम देशभर से आ रहे युवाओं के सुझाव पर गौर कर रहे हैं, और नतीजों के बाद उस पर तेजी से काम शुरू होगा।

प्रश्न: सोशल मीडिया में एआई और डीपफेक जैसे मसलों पर आपने चिंता जताई है। इस चुनाव में भी इसके दुरुपयोग की मिसाल दिखी हैं। मिसइनफरमेशन का ये टूल न बने, इसके लिए क्या किया जा सकता है? कई एक्टिविस्ट और विपक्ष का कहना रहा है कि इन चीजों पर सख्ती की आड़ में कहीं फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन पर पाबंदी तो नहीं लगेगी? इन सवालों पर कैसे आश्वस्त करेंगे?

उत्तर: तकनीक का इस्तेमाल जीवन में सुगमता लाने के लिए किया जाना चाहिए। आज एआई ने भारत के युवाओँ के लिए अवसरों के नए द्वार खोल दिए हैं। एआई, मशीन लर्निगं और इंटरनेट ऑफ थिंग्स अब हमारे रोज के जीवन की सच्चाई बनती जा रही है। लोगों को सहूलियत देने के लिए कंपनियां अब इन तकनीकों का उपयोग बढ़ा रही हैं। दूसरी तरफ इनके माध्यम से गलत सूचनाएं देने, अफवाह फैलाने और लोगों को भ्रमित करने की घटनाएं भी हो रही हैं। चुनाव में विपक्ष ने अपने झूठे नरैटिव को फैलाने के लिए यही करना शुरू किया था। हमने सख्ती करके इस तरह की कोशिश पर रोक लगाने का प्रयास किया। इस तरह की प्रैक्टिस किसी को भी फायदा नहीं पहुंचाएगी, उल्टे तकनीक का गलत इस्तेमाल उन्हें नुकसान ही पहुंचाएगा। अभिव्यक्ति की आजादी का फेक न्यूज और फेक नरैटिव से कोई लेना-देना नहीं है। मैंने एआई के एक्सपर्ट्स के सामने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर डीप फेक के गलत इस्तेमाल से जुड़े विषयों को गंभीरता से रखा है। डीप फेक को लेकर वर्ल्ड लेवल पर क्या हो सकता है, इस पर मंथन चल रहा है। भारत इस दिशा में गंभीरता से प्रयास कर रहा है। लोगों को जागरूक करने के लिए ही मैंने खुद सोशल मीडिया पर अपना एक डीफ फेक वीडियो शेयर किया था। लोगों के लिए ये जानना आवश्यक है कि ये तकनीक क्या कर सकती है।

प्रश्न:देश के लोगों की सेहत को लेकर आपकी चिंता हम सब जानते हैं। आपने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस शुरू किया, योगा प्रोटोकॉल बनवाया, आपने आयुष्मान योजना शुरू की है। तीसरे कार्यकाल में क्या इन चीज़ों पर भी काम करेंगे, जो हमारी सेहत खराब होने के मूल कारक हैं। जैसे लोगों को साफ हवा, पानी, मिट्टी मिले।

उत्तर: देश 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। इस सपने को शक्ति तभी मिलेगी, जब देश का हर नागरिक स्वस्थ हो। शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत हो। यही वजह है कि हम सेहत को लेकर एक होलिस्टिक अप्रोच अपना रहे हैं। एलोपैथ के साथ ही योग, आयुर्वेद, भारतीय परंपरागत पद्धतियां, होम्योपैथ के जरिए हम लोगों को स्वस्थ रखने की दिशा में काम कर रहे हैं। राजनीति में आने से पहले मैंने लंबा समय देश का भ्रमण करने में बिताया है। उस समय मैंने एक बात अनुभव की थी कि घर की महिला सदस्य अपने खराब स्वास्थ्य के बारे छिपाती है। वो खुद तकलीफ झेलती है, लेकिन नहीं चाहती कि परिवार के लोगों को परेशानी हो। उसे इस बात की भी फिक्र रहती है कि डॉक्टर, दवा में पैसे खर्च हो जाएंगे। जब 2014 में मुझे देश की सेवा करने का अवसर मिला तो सबसे पहले मैंने घर की महिला सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता की। मैंने माताओं-बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया और 10 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए। मैंने बुजुर्गों की सेहत पर भी ध्यान दिया है। हमारी सरकार की तीसरी पारी में 70 साल से ऊपर के सभी बुजुर्गों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलने लगेगा। यानी उनके इलाज का खर्च सरकार उठाएगी। साफ हवा, पानी, मिट्टी के लिए हम काम शुरू कर चुके हैं। सिंगल यूज प्लास्टिक पर हमारा अभियान चल रहा है। जल जीवन मिशन के तहत हम देश के लाखों गांवों तक साफ पानी पहुंचा रहे हैं। सॉयल हेल्थ कार्ड, आर्गेनिक खेती की दिशा में काम हो रहा है। हम मिशन लाइफ को प्राथमिकता दे रहे हैं और इस विचार को आगे बढ़ा रहे हैं कि हर व्यक्ति पर्यावरण के अनुकूल जीवन पद्धति को अपनाए।

प्रश्न: विदेश नीति आपके दोनों कार्यकाल में काफी अहम रही है। इस वक्त दुनिया काफी उतार चढ़ाव से गुजर रही है, चुनाव नतीजों के तुरंत बाद जी7 समिट है। आप नए हालात में भारत के रोल को किस तरह देखते हैं?

उत्तर: शायद ये पहला चुनाव है, जिसमें भारत की विदेश नीति की इतनी चर्चा हो रही है। वो इसलिए कि पिछले 10 साल में दुनियाभर में भारत की साख मजबूत हुई है। जब देश की साख बढ़ती है तो हर भारतीय को गर्व होता है। जी20 समिट में भारत ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज बना, अब जी7 में भारत की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होने वाली है। आज दुनिया का हर देश जानता है कि भारत में एक मजबूत सरकार है और सरकार के पीछे 140 करोड़ देशवासियों का समर्थन है। हमने अपनी विदेश नीति में भारत और भारत के लोगों के हित को सर्वोपरि रखा है। आज जब हम व्यापार समझौते की टेबल पर होते हैं, तो सामने वाले को ये महसूस होता है कि ये पहले वाला भारत नहीं है। आज हर डील में भारतीय लोगों के हित को प्राथमिकता दी जाती है। हमारे इस बदले रूप को देखकर दूसरे देशों को हैरानी हुई, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया। ये नया भारत है, आत्मविश्वास से भरा भारत है। आज भारत संकट में फंसे हर भारतीय की मदद के लिए तत्पर रहता है। पिछले 10 वर्षों में अनेक भारतीयों को संकट से बाहर निकालकर देश में ले आए। हम अपनी सांस्कृतिक धरोहरों को भी देश में वापस ला रहे हैं। युद्ध में आमने-सामने खड़े दोनों देशों को भारत ने बड़ी मजबूती से ये कहा है कि ये युद्ध का समय नहीं है, ये बातचीत से समाधान का समय है। आज दुनिया मानती है कि भारत का आगे बढ़ना पूरी दुनिया और मानवता के लिए अच्छा है।

प्रश्न: अमेरिका भी चुनाव से गुजर रहा है। आपके रिश्ते ट्रम्प और बाइडन दोनों के साथ बहुत अच्छे रहे हैं। आप कैसे देखते हैं अमेरिका के साथ भारतीय रिश्तों को इन संदर्भ में?

उत्तर: हमारी विदेश नीति का मूल मंत्र है इंडिया फर्स्ट। पिछले 10 वर्षों में हमने इसी को ध्यान में रखकर विभिन्न देशों और प्रभावशाली नेताओं से संबंध बनाए हैं। भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूती का आधार 140 करोड़ भारतीय हैं। हमारे लोग हमारी ताकत हैं, और दुनिया हमारी इस शक्ति को बहुत महत्वपूर्ण मानती है। अमेरिका में राष्ट्रपति चाहे ट्रंप रहे हों या बाइडन, हमने उनके साथ मिलकर दोनों देशों के संबंध को और मजबूत बनाने का प्रयास किया है। भारत-अमेरिका के संबंधों पर चुनाव से कोई अंतर नहीं आएगा। वहां जो भी राष्ट्रपति बनेगा, उसके साथ मिलकर नई ऊर्जा के साथ काम करेंगे।

प्रश्न: BJP का पूरा प्रचार आप पर ही केंद्रित है, क्या इससे सांसदों के खुद के काम करने और लोगों के संपर्क में रहने जैसे कामों को तवज्जो कम हो गई है और नेता सिर्फ मोदी मैजिक से ही चुनाव जीतने के भरोसे हैं। आप इसे किस तरह काउंटर करते हैं?

उत्तर: बीजेपी एक टीम की तरह काम करती है। इस टीम का हर सदस्य चुनाव जीतने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहा है। चुनावी अभियान में जितना महत्वपूर्ण पीएम है, उतना ही महत्वपूर्ण कार्यकर्ता है। ये परिवारवादी पार्टियों का फैलाया गया प्रपंच है। उनकी पार्टी में एक परिवार या कोई एक व्यक्ति बहुत अहम होता है। हमारी पार्टी में हर नेता और कार्यकर्ता को एक दायित्व दिया जाता है।

मैं पूछता हूं, क्या हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोज रैली नहीं कर रहे हैं। क्या हमारे मंत्री, मुख्यमंत्री, पार्टी पदाधिकारी रोड शो और रैलियां नहीं कर रहे। मैं पीएम के तौर पर जनता से कनेक्ट करने जरूर जाता हूं, लेकिन लोग एमपी उम्मीदवार के माध्यम से ही हमसे जुड़ते हैं। मैं लोगों के पास नैशनल विजन लेकर जा रहा हूं, उसे पूरा करने की गारंटी दे रहा हूं, तो हमारा एमपी उम्मीदवार स्थानीय आकांक्षाओं को पूरा करने का भरोसा दे रहा है। हमने उन्हीं उम्मीदवारों का चयन किया है, जो हमारे विजन को जनता के बीच पहुंचा सकें। विकसित भारत की सोच से लोगों को जोड़ने के लिए जितनी अहमियत मेरी है, उतनी ही जरूरत हमारे उम्मीदवारों की भी है। हमारी पूरी टीम मिलकर हर सीट पर कमल खिलाने में जुटी है।

प्रश्न: महिला आरक्षण पर आप ने विधेयक पास कराए। क्या नई सरकार में हम इन पर अमल होते हुए देखेंगे?

उत्तर: ये प्रश्न कांग्रेस के शासनकाल के अनुभव से निकला है, तब कानून बना दिए जाते थे लेकिन उसे नोटिफाई करने में वर्षों लग जाते थे। हमने अगले 5 वर्षों का जो रोडमैप तैयार किया है, उसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम की महत्वपूर्ण भूमिका है। हम देश की आधी आबादी को उसका अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इंडी गठबंधन की पार्टियों ने दशकों तक महिलाओं को इस अधिकार से वंचित रखा। सामाजिक न्याय की बात करने वालों ने इसे रोककर रखा था। देश की संसद और विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से महिला सशक्तिकरण का एक नया दौर शुरू होगा। इस परिवर्तन का असर बहुत प्रभावशाली होगा।

प्रश्न: महाराष्ट्र की सियासी हालत इस बार बहुत पेचीदा हो गई है। एनडीए क्या पिछली दो बार का रिकॉर्ड दोहरा पाएगा?

उत्तर: महाराष्ट्र समेत पूरे देश में इस बार बीजेपी और एनडीए को लेकर जबरदस्त उत्साह है। महाराष्ट्र में स्थिति पेचीदा नहीं, बल्कि बहुत सरल हो गई है। लोगों को परिवारवादी पार्टियों और देश के विकास के लिए समर्पित महायुति में से चुनाव करना है। बाला साहेब ठाकरे के विचारों को आगे बढ़ाने वाली शिवसेना हमारे साथ है। लोग देख रहे हैं कि नकली शिवसेना अपने मूल विचारों का त्याग करके कांग्रेस से हाथ मिला चुकी है। इसी तरह एनसीपी महाराष्ट्र और देश के विकास के लिए हमारे साथ जुड़ी है। अब जो महा ‘विनाश’ अघाड़ी की एनसीपी है, वो सिर्फ अपने परिवार को आगे बढ़ाने के लिए वोट मांग रही है। लोग ये भी देख रहे हैं कि इंडी गठबंधन अभी से अपनी हार मान चुका है। अब वो चुनाव के बाद अपना अस्तित्व बचाने के लिए कांग्रेस में विलय की बात कर रहे हैं। ऐसे लोगों को मतदान करना, अपने वोट को बर्बाद करना है। इस बार हम महाराष्ट्र में अपने पिछले रिकॉर्ड को तोड़ने वाले हैं।

प्रश्न: पश्चिम बंगाल में भी बीजेपी ने बहुत प्रयास किए हैं। पिछली बार बीजेपी 18 सीटें जीतने में कामयाब रही थी। बाकी राज्यों की तुलना में यह आपके लिए कितना कठिन राज्य है और इस बार आपको क्या उम्मीद है?

उत्तर: TMC हो, कांग्रेस हो, लेफ्ट हो, इन सबने बंगाल में एक जैसे ही पाप किए हैं। बंगाल में लोग समझ चुके हैं कि इन पार्टियों के पास सिर्फ नारे हैं, विकास का विजन नहीं हैं। कभी दूसरे राज्यों से लोग रोजगार के लिए बंगाल आते थे, आज पूरे बंगाल से लोग पलायन करने को मजबूर हैं। जनता ये भी देख रही है कि बंगाल में जो पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं, दिल्ली में वही एक साथ नजर आ रही हैं। मतदाताओं के साथ इससे बड़ा छल कुछ और नहीं हो सकता। यही वजह है कि इंडी गठबंधन लोगों का भरोसा नहीं जीत पा रहा। बंगाल के लोग लंबे समय से भ्रष्टाचार, हिंसा, अराजकता, माफिया और तुष्टिकरण को बर्दाश्त कर रहे हैं। टीएमसी की पहचान घोटाले वाली सरकार की बन गई है। टीएमसी के नेताओं ने अपनी तिजोरी भरने के लिए युवाओं के सपनों को कुचला है। यहां स्थिति ये है कि सरकारी नौकरी पाने के बाद भी युवाओं को भरोसा नहीं है कि उनकी नौकरी रहेगी या जाएगी। लोग बंगाल की मौजूदा सरकार से पूरी तरह हताश हैं।अब उनके सामने बीजेपी का विकास मॉडल है। मैं बंगाल में जहां भी गया, वहां लोगों में बीजेपी के प्रति अभूतपूर्व विश्वास नजर आया। विशेष रुप से बंगाल में मैंने देखा कि माताओं-बहनों का बहुत स्नेह मुझे मिल रहा है। मैं उनसे जब भी मिलता हूं, वो खुद तो इमोशनल हो ही जाती हैं, मैं भी अपने भावनाओं को रोक नहीं पाता हूं। इस बार बंगाल में हम पहले से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल करेंगे।

प्रश्न: शराब मामले को लेकर अरविंद केजरीवाल को जेल जाना पड़ा है। उनका कहना है कि ईडी ने जबरदस्ती उन्हें इस मामले में घसीटा है जबकि अब तक उनके पास से कोई पैसा बरामद नहीं हुआ?

उत्तर: आपने कभी किसी ऐसे व्यक्ति को सुना है जो आरोपी हो और ये कह रहा हो कि उसने घोटाला किया था। या कह रहा हो कि पुलिस ने उसे सही गिरफ्तार किया है। अगर एजेंसियों ने उन्हें गलत पकड़ा था, तो कोर्ट से उन्हें राहत क्यों नहीं मिली। ईडी और एजेसिंयो पर आरोप लगाने वाला विपक्ष आज तक एक मामले में ये साबित नहीं कर पाया है कि उनके खिलाफ गलत आरोप लगा है। वो कुछ दिन के लिए जमानत पर बाहर आए हैं, लेकिन बाहर आकर वो और एक्सपोज हो गए। वो और उनके लोग गलतियां कर रहे हैं और आरोप बीजेपी पर लगा रहे हैं। लेकिन जनता उनका सच जानती है। उनकी बातों की अब कोई विश्वसनीयता नहीं रह गई है।

प्रश्न: इस बार दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। इससे क्या लगातार दो बार से सातों सीटें जीतने के क्रम में बीजेपी को कुछ दिक्कत हो सकती है? इस बार आपने छह उम्मीदवार बदल दिए

उत्तर: इंडी गठबंधन की पार्टियां दिल्ली में हारी हुई लड़ाई लड़ रहे हैं। उनके सामने अपना अस्तित्व बचाने का संकट है। चुनाव के बाद वैसे भी इंडी गठबंधन नाम की कोई चीज बचेगी नहीं। दिल्ली की जनता ने बहुत पहले कांग्रेस को बाहर कर दिया था, अब दूसरे दलों के साथ मिलकर वो अपनी मौजूदगी दिखाना चाहते हैं। क्या कभी किसी ने सोचा था कि देश पर इतने लंबे समय तक शासन करने वाली कांग्रेस के ये दिन भी आएंगे कि उनके परिवार के नेता अपनी पार्टी के नहीं, बल्कि किसी और उम्मीदवार के लिए वोट डालेंगे।

दिल्ली में इंडी गठबंधन की जो पार्टियां हैं, उनकी पहचान दो चीजों से होती है। एक तो भ्रष्टाचार और दूसरा बेशर्मी के साथ झूठ बोलना। मीडिया के माध्यम से ये जनता की भावनाओं को बरगलाना चाहते हैं। झूठे वादे देकर ये लोगों को गुमराह करना चाहते हैं। ये जनता के नीर-क्षीर विवेक का अपमान है। जनता आज बहुत समझदार है, वो फैसला करेगी। बीजेपी ने लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए अपने उम्मीदवार उतारे हैं। बीजेपी में कोई लोकसभा सीट नेता की जागीर नहीं समझी जाती। जो जनहित में उचित होता है, पार्टी उसी के अनुरूप फैसला लेती है। हमारे लिए राजनीति सेवा का माध्यम है। यही वजह है कि हमारे कार्यकर्ता इस बात से निराश नहीं होते कि टिकट कट गया, बल्कि वो पूरे मनोयोग से जनता की सेवा में जुट जाते हैं।

प्रश्न: विपक्ष का कहना है कि लोकतंत्र खतरे में है और अगर बीजेपी जीतती है तो लोकतंत्र औपचारिक रह जाएगा। आप उनके इन आरोपों को कैसे देखते हैं?

उत्तर: कांग्रेस और उसका इकोसिस्टम झूठ और अफवाह के सहारे चुनाव लड़ने निकला है। पुराने दौर में उनका यह पैंतरा कभी-कभी काम कर जाता था, लेकिन आज सोशल मीडिया के जमाने में उनके हर झूठ का मिनटों में पर्दाफाश हो जाता है।

उन्होंने राफेल पर झूठ बोला, पकड़े गए। एचएएल पर झूठ बोला, पकड़े गए। जनता अब इनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेती है। देश जानता है कि कौन संविधान बदलना चाहता है। आपातकाल के जरिए देश के लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश किसने की थी। कांग्रेस के कार्यकाल में सबसे ज्यादा बार संविधान की मूल प्रति को बदल दिया। कांग्रेस पहले संविधान संसोधन का प्रस्ताव अभिव्यक्ति की आजादी पर पहरा लगाने के लिए लाई थी। 60 वर्षों में उन्होंने बार-बार संविधान की मूल भावना पर चोट की और एक के बाद एक कई राज्य सरकारों को बर्खास्त किया। सबसे ज्यादा बार राष्ट्रपति शासन लगाने का रेकॉर्ड कांग्रेस के नाम है। उनकी जो असल मंशा है, उसके रास्ते में संविधान सबसे बड़ी दीवार है। इसलिए इस दीवार को तोड़ने की कोशिश करते रहते हैं। आप देखिए कि संविधान निर्माताओं ने धर्म के आधार पर आरक्षण का विरोध किया था। लेकिन कांग्रेस अपने वोटबैंक को खुश करने के लिए बार-बार यही करने की कोशिश करती है। अपनी कोई कोशिशों में नाकाम रहने के बाद आखिरकार उन्होंने कर्नाटक में ओबीसी आरक्षण में सेंध लगा ही दी।

कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेता लोकतंत्र की दुहाई देते हैं, लेकिन वास्तविकता ये है कि लोकतंत्र को कुचलने के लिए, जनता की आवाज दबाने के लिए ये पूरी ताकत लगा देते हैं। ये लोग उनके खिलाफ बोलने वालों के पीछे पूरी मशीनरी झोंक देते हैं। इनके एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य में जाकर कार्रवाई कर रही है। इस काम में ये लोग खुलकर एक-दूसरे का साथ दे रहे हैं। जनता ये सब देख रही है, और समझ रही है कि अगर इन लोगों के हाथ में ताकत आ गई तो ये देश का, क्या हाल करेंगे।

प्रश्न: आप एकदम चुस्त-दुरुस्त और फिट दिखते हैं, आपकी सेहत का राज, सुबह से रात तक का रूटीन?

उत्तर: मैं यह मानता हूं कि मुझ पर किसी दैवीय शक्ति की बहुत बड़ी कृपा है, जिसने लोक कल्याण के लिए मुझे माध्यम बनाया है। इतने वर्षों में मेरा यह विश्वास प्रबल हुआ है कि ईश्वर ने मुझे विशेष दायित्व पूरा करने के लिए चुना है। उसे पूरा करने के लिए वही मुझे सामर्थ्य भी दे रहा है। लोगों की सेवा करने की भावना से ही मुझे ऊर्जा मिलती है।

प्रश्न: प्रधानमंत्री जी, आप काशी के सांसद हैं। बीते 10 साल में आप ने काशी को खूब प्रमोट किया है। आज काशी देश में सबसे प्रेफर्ड टूरिज्म डेस्टिनेशमन बन रही है। इसके अलावा आप ने जो इंफ्रास्ट्रक्चर के काम किए हैं, उससे भी बनारस में बहुत बदलाव आया है। इससे बनारस और पूर्वांचल की इकोनॉमी और रोजगार पर जो असर हुआ है, उसे आप कैसे देखते हैं?

उत्तर: काशी एक अद्भूत नगरी है। एक तरफ तो ये दुनिया का सबसे प्राचीन शहर है। इसकी अपनी पौराणिक मान्यता है। दूसरी तरफ ये पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार की आर्थिक धुरी भी है। 10 साल में हमने काशी में धार्मिक पर्यटन का खूब विकास किया। शहर की गलियां, साफ-सफाई, बाजारों में सुविधाएं, ट्रेन और बस के इंतजाम पर फोकस किया। गंगा में सीएनजी बोट चली, शहर में ई-बस और ई-रिक्शा चले। यात्रियों के लिए हमने स्टेशन से लेकर शहर के अलग-अलग स्थानों पर तमाम सुविधाएं बढ़ाई।

इन सब के बाद जब हम बनारस को प्रमोट करने उतरे, तो देशभर के श्रद्धालुओं में नई काशी को देखने का भाव उमड़ आया। यह यहां सालभर पहले से कई गुना ज्यादा पर्यटक आते हैं। इससे पूरे शहर में रोजगार के नए अवसर तैयार हुए।

हमने बनारस में इंडस्ट्री लानी शुरू की है। TCS का नया कैंपस बना है, बनास डेयरी बनी है, ट्रेड फैसिलिटी सेंटर बना है, काशी के बुनकरों को नई मशीनें दी जा रही है, युवाओं को मुद्रा लोन मिले हैं। इससे सिर्फ बनारस ही नहीं, आसपास के कई जिलों की अर्थव्यवस्था को नई गति मिली।

प्रश्न: आपने कहा कि वाराणसी उत्तर प्रदेश की राजनीतिक धुरी जैसा शहर है। बीते 10 वर्षों में पू्र्वांचल में जो विकास हुआ है, उसको कैसे देखते हैं?

उत्तर: देखिए, पूर्वांचल अपार संभावनाओं का क्षेत्र है। पिछले 10 वर्षों में हमने केंद्र की तमाम योजनाओं में इस क्षेत्र को बहुत वरीयता दी है। एक समय था, जब पूर्वांचल विकास में बहुत पिछड़ा था। वाराणसी में ही कई घंटे बिजली कटौती होती थी। पूर्वांचल के गांव-गांव में लालटेन के सहारे लोग गर्मियों के दिन काटते थे। आज बिजली की व्यवस्था में बहुत सुधार हुआ है, और इस भीषण गर्मी में भी कटौती का संकट करीब-करीब खत्म हो चला है। ऐसे ही पूरे पूर्वांचल में सड़कों की हालत बहुत खराब थी। आज यहां के लोगों को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की सुविधा मिली है। गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, चंदौली जैसे टियर थ्री कहे जाने वाले शहरों में हजारों की सड़कें बनी हैं।

आजमगढ़ में अभी कुछ दिन पहले मैंने एयरपोर्ट की शुरुआत की है। महाराजा सुहेलदेव के नाम पर यूनिवर्सिटी बनाई गई है। पूरे पूर्वांचल में नए मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं। बनारस में इनलैंड वाटर-वे का पोर्ट बना है। काशी से ही देश की पहली वंदे भारत ट्रेन चली थी। देश का पहला रोप-वे ट्रांसपोर्ट सिस्टम बन रहा है।

कांग्रेस की सरकार में पूर्वांचल के लोग ऐसी सुविधाएं मिलने के बारे में सोचते तक नहीं थे। क्योंकि लोगों को बिजली-पानी-सड़क जैसी मूलभूत सुविआधाओं में ही उलझाकर रखा गया था। यह स्थिति तब थी जब इनके सीएम तक पूर्वांचल से चुने जाते थे। तब पूर्वांचल में सिर्फ नेताओं के हेलिकॉप्टर उतरते थे, आज जमीन पर विकास उतर आया है।

प्रश्न: आप कहते हैं कि बनारस ने आपको बनारसी बना दिया है। मां गंगा ने आपको बुलाया था, अब आपको अपना लिया है। आप काशी के सांसद हैं, यहां के लोगों से क्या कहेंगे?

उत्तर: मैं एक बात मानता हूं कि काशी में सबकुछ बाबा की कृपा से होता है। मां गंगा के आशीर्वाद से ही यहां हर काम फलीभूत होते हैं! 10 साल पहले मैंने जब ये कहा था कि मां गंगा ने मुझे बुलाया है, तो वो बात भी मैंने इसी भावना से कही थी। जिस नगरी में लोग एक बार आने को तरसते हैं, वहां मुझे दो बार सांसद के रूप में सेवा करने का अवसर मिला। जब पार्टी ने तीसरी बार मुझे काशी की उम्मीदवारी करने को कहा, तभी मेरे मन में यह भाव आया कि मां गंगा ने मुझे गोद ले लिया है। काशी ने मुझे अपार प्रेम दिया है। उनका यह स्नेह और विश्वास मुझ पर एक कर्ज है। मैं जीवनभर काशी की सेवा करके भी इस कर्ज को नहीं उतार पाऊंगा।

Following is the clipping of the interview:

 

 

Source: Navbharat Times