The BJP government at the Centre has continuously supported Bengal’s growth: PM Modi in Kolkata
TMC and Congress have surrendered to appeasement and encourage infiltrators for vote-bank politics: PM Modi exposed the opposition big time in Bengal
For the benefits of central schemes to reach Bengal too, a BJP government in the state is essential: PM’s promise of a double-engine government in Bengal
TMC’s mission is not to help people, but only to block BJP: PM Modi in Bengal rally
“TMC jabe, BJP ashbe!”: PM Modi’s reassurance in Bengal

भारत माता की, भारत माता की।

बोरोरा आमार// प्रोणाम नेबेन// छोटारा भालोबासा। दक्षिणेश्वर काली मंदिर और कालीघाट मंदिर, श्री श्री 108 करुणामयी काली माता मंदिर, दमदम बालाजी हनुमान, रामकृष्ण सेवा मंदिर, इन सभी पावन स्थानों में विराजमान देवी-देवताओं को मैं आस्थापूर्वक नमन करता हूं। आज कौशकी अमावस्या का पावन दिन भी है। मैं आप सभी को शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,
मैं ऐसे समय में कोलकाता आया हूं, जब दुर्गापूजा की तैयारियां शुरु हो गई हैं। कुमरटुली में, माता दुर्गा की प्रतिमा गढ़ी जा रही है। बड़ा बाजार से पार्क स्ट्रीट तक, कोलकाता नए रंग में, नई रौनक के साथ सज रहा है। आस्था और आनंद के पर्व के साथ, जब विकास का पर्व भी जुड़ जाता है, तो खुशी दोगुनी हो जाती है। यहां से कुछ ही दूरी पर मुझे कोलकाता मेट्रो और हाईवे से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण का अवसर मिला है। मैं दमदम के, कोलकाता के आप सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,
पश्चिम बंगाल आबादी के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्यों में से एक है। इसलिए, जबतक पश्चिम बंगाल का सामर्थ्य नहीं बढ़ेगा तबतक विकसित भारत की यात्रा सफल नहीं हो पाएगी। क्योंकि बीजेपी का conviction है, बीजेपी मानती है, बीजेपी की श्रद्धा है... बांग्लार उदोय// तबेई// विकोशितो भारोतेर जॉय! इसलिए बीते 11 वर्षों में केंद्र की बीजेपी सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए लगातार हर प्रकार की मदद दी है। बंगाल में नेशनल हाईवे के निर्माण के लिए जितना पैसा कांग्रेस की यूपीए सरकार ने अपने 10 साल में दिया था, उससे तीन गुना ज्यादा पैसा भारत सरकार ने पश्चिम बंगाल को दिया। रेलवे के लिए भी बंगाल का बजट, पहले की तुलना में तीन गुणा बढ़ाया गया है। लेकिन साथियों, बंगाल में विकास कार्यों के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती भी है। चुनौती ये कि बंगाल के लिए जो पैसा हम राज्य सरकार को सीधे भेजते हैं, उसका ज्यादातर हिस्सा यहां लूट लिया जाता है। जो पैसा भारत सरकार दिल्ली से भेजती है वो पैसा आप पर नहीं खर्च होता, वो पैसा महिलाओं का जीवन आसान बनाने के लिए नहीं खर्च होता, वो पैसा TMC काडर पर खर्च होता है। इसलिए गरीब कल्याण की अनेक योजनाओं में बंगाल देश के दूसरे राज्यों से पिछड़ा हुआ है।

साथियों,
यही स्थिति कुछ साल पहले हमारे पड़ोस में असम की थी, त्रिपुरा की थी। लेकिन जब से असम और त्रिपुरा में भाजपा सरकार बनी है, गरीब कल्याण की योजनाओं का लाभ वहां जनता को मिलने लगा है। आज इन राज्यों में हर घर जल का काम तेजी से चल रहा है। आयुष्मान योजना के तहत 5 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज हर गरीब को मिल रहा है। गरीबों के पक्के घर बन रहे हैं। बंगाल में भी जनता तक सारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए जरूरी है कि यहां पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार होनी चाहिए। ये अब तय है टीएमसी जाबे//बीजेपी आशबे!

भाइयों और बहनों,
ये धरती सतीश चंद्र दासगुप्त, सुरेंद्रनाथ बंद्दोपाध्याय, गोष्ठ पाल और हरिनाथ डे...ऐसी अनेक विभूतियों की धरती है। इस धरती ने, देश को, समाज को समय-समय पर नई चेतना दी है। ये धरती पुनर्जागरण का केंद्र रही है। यहीं वो अमर वाणी गूंजी है, जो कहती है “जागो// ओठो// नबोजीबोनेर गाने नबो आलोक// जालाओ// प्राणे-प्राणे।”

साथियों,
आज पश्चिम बंगाल को सच में नई रोशनी की ज़रूरत है, सच्चे परिवर्तन की ज़रूरत है। पश्चिम बंगाल ने, आज़ादी के बाद पहले कांग्रेस और फिर लेफ्ट का लंबा दौर देखा है। इसके बाद, 15 साल पहले, पश्चिम बंगाल के आप लोगों ने परिवर्तन करने का फैसला किया था। आप लोगों ने मां-माटी-मानुष के नारे पर भरोसा किया था। लेकिन हालात पहले से भी ज्यादा खराब हो गए। भर्ती घोटालों से नौजवानों का भविष्य खराब हो गया। बहनों-बेटियों पर अत्याचार बढ़ गए। क्राइम और करप्शन, ये टीएमसी सरकार की पहचान बन गए। ये पक्का है कि जब तक बंगाल में TMC की सरकार रहेगी, तब तक बंगाल का विकास अवरुद्ध रहेगा, रुका रहेगा। इसलिए आज बंगाल का जन-जन कह रहा है- टीएमसी जाएगी तभी असली बदलाव आएगा। टीएमसी जाबे// तॉबेई,// आशोल // पोरिबोर्तोन //आशबे।

साथियों,
21वीं सदी के 25 साल तो बीत चुके हैं। आने वाले साल देश की तरह ही बंगाल के लिए भी बहुत अहम हैं। हमें ये समय ऐसे ही नहीं निकलने देना है। इसलिए बंगाल को चाहिए--सच्चा परिवर्तन। आशोल पोरिबोर्तोन परिवर्तन, जो नारे में नहीं, काम में दिखे। परिवर्तन, जो उद्योग लगाए, घर के बेटे-बेटी को बंगाल में ही नौकरी दे। परिवर्तन, जो बेटियों को सुरक्षा दे, मकान और दुकान को जलने से बचाए। परिवर्तन, जो किसान को सुविधा दे, सम्मान दे, फसल का सही दाम दे। परिवर्तन, जहां अपराधी और भ्रष्टाचारी, सरकार में नहीं जेल में होंगे। ऐसा परिवर्तन, जहां सुशासन होगा, गरीब से गरीब भी सम्मान का जीवन जीएगा। और ये सच्चा परिवर्तन सिर्फ और सिर्फ भाजपा ही ला सकती है। और इसीलिए बंगाल के घर-घर में हमें एक बात पहुंचानी है। बंगाल के हर कोने से एक ही आवाज आनी चाहिए- बाचते चाई,// बीजेपी ताई। यही बंगाल की असली पुकार है, यही बंगाल का भविष्य है।

साथियों,
ये वर्ष डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जन्म-जयंति का 125वां वर्ष है। भाजपा का तो जन्म ही डॉक्टर मुखर्जी के आशीर्वाद से हुआ है। वे भारत के औद्योगिक विकास के जनक रहे हैं। दुर्भाग्य से कांग्रेस ने कभी उनको इसका श्रेय नहीं दिया। देश के पहले उद्योग मंत्री के रूप में, भारत की पहली इंडस्ट्रियल पॉलिसी उन्होंने ही बनाई थी। उनकी नीतियों में बंगाल की इस धरती की कुशलता थी, यहां से मिला अनुभव था। अगर हम उसी नीति पर चले होते तो देश की तस्वीर कुछ और होती। लेकिन उन नीतियों को भुला दिया गया। फिर ऐसा भटकाव हुआ कि हम पूरी तरह से विदेशों पर निर्भर हो गए। मेरे प्यारे बंगाल के भाइयों-बहनों हमें गर्व है कि हम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सैनिक हैं। हम मां भारती के सेवक हैं। जो सपने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देखे थे। उसके लिए एक सैनिक की तरह हम अपना जीवन खपा रहे हैं। बंगाल की प्रबुद्ध जनता जानती है कि दूसरों पर निर्भरता यानि आत्मसम्मान पर चोट। इस स्थिति से हमें देश को बाहर निकालना है। इसलिए आज देश ने आत्मनिर्भरता का मूलमंत्र लेकर के नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने का फैसला लिया है। मेक इन इंडिया आज एक बड़ी सिद्धि बन रहा है। जिसके लिए हमारा कोलकाता, हमारा बंगाल जाना जाता था। वो गौरवशाली अतीत हमें मिलकर फिर से लौटाना है। इसलिए आज बंगाल में एक ही गूंज है- टीएमसी के// शोराओ, बांग्ला के // बाचाओ !

साथियों,
भाजपा जो संकल्प लेती है, वो सिद्ध करके दिखाती है। इसका ताजा प्रमाण अभी हमने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देखा है। हमारी सेना ने सीमापार आतंकियों और आतंक के आकाओं के अड्डों को खंडहर में बदल दिया। हमारी सेनाओं ने आतंकियों को ऐसा सबक सिखाया कि पाकिस्तान की आज भी नींद उड़ी हुई है। भारत की इस सफलता के पीछे बहुत बड़ी शक्ति, मेड इन इंडिया अस्त्र-शस्त्र की रही है। और मुझे गर्व है कि भारत की सेना को ताकत देने में बंगाल की, इस इलाके की भी बड़ी भूमिका है, बहुत बड़ा योगदान है। इच्छापुर में गुलामी के कालखंड में डिफेंस मैन्युफेक्चरिंग का काम शुरु हुआ था। लेकिन कांग्रेस की सरकारों ने भारत की ऐसी डिफेंस इंडस्ट्री को बर्बाद कर दिया था। हमारी सेना को विदेशों पर निर्भर कर दिया था। अब भाजपा सरकार ने भारत की डिफेंस इंडस्ट्री को नई ऊर्जा दी। इसका लाभ, यहां की फैक्ट्री को भी मिला है। आज ये फैक्ट्री आधुनिक राइफल और अन्य हथियार बना रही है। इससे यहां छोटे-छोटे उद्यमियों के लिए भी नए अवसर बने हैं। इन कारखानों के कारण, दमदम–बैरकपुर क्षेत्र में हज़ारों लोगों को रोज़गार मिल रहा है।

साथियों,
इच्छापुर डिफेंस फैक्ट्री सिर्फ एक उदाहरण है। आप यहां 2026 में भाजपा सरकार बनाइए, हम बंगाल को डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों का बंगाल बनाएंगे। बंद पड़े कारखाने फिर से खुलेंगे, नया निवेश और नए कारखाने लगेंगे और दमदम फिर से इंडस्ट्रियल हब बनेगा। ये भाजपा का संकल्प है। बीकोशितो// बांग्ला, मोदीर गारंटी।

साथियों,
भाजपा के पास पश्चिम बंगाल के विकास का एक ठोस प्लान है, एक रोडमैप है। लेकिन टीएमसी- विकास की दुश्मन है। इसका साक्षी ये दमदम क्षेत्र भी है। ये कोलकाता के सबसे अधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों में से एक है। यहां की स्थिति क्या है, ये आप आए दिन महसूस करते हैं। देश के ऐसे शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए स्मार्ट सिटी मिशन चल रहा है। लेकिन टीएमसी सरकार ने इस मिशन से जुड़ने से भी इनकार कर दिया है। लोगों को असुविधा होती रहे, विकास ठप्प होता रहे, लेकिन टीएमसी का मिशन, जैसे-तैसे बीजेपी को रोकना है, केंद्र की योजनाओं को रोकना है। मैं बंगाल के भद्रलोक से पूछता हूं। क्या ये तरीका सही है? क्या ऐसी पॉलिटिक्स से पश्चिम बंगाल का भला होगा? इसलिए, मुझे आप सभी का आशीर्वाद चाहिए। आप यहां भी भाजपा को एक बार अवसर देकर देखिए।

साथियों,
बंगाल में भाजपा आएगी, तो रेल और मेट्रो का तेज़ी से विस्तार होगा। मैं तो चाहूंगा कि यहीं पर इलेक्ट्रिक वीकल से जुड़ा व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर बने। यहां बहुत बड़ी मात्रा में इन्वेस्टमेंट आए, नौजवानों को रोजगार मिले। ये तभी होगा जब यहां कानून का राज आएगा। जब यहां भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और जब बंगाल में डबल इंजन की भाजपा सरकार होगी।

साथियों,
पश्चिम बंगाल के पास, इतिहास और संस्कृति की भी अनमोल धरोहर है। ये बांग्ला विरासत, विकसित बंगाल बनाने के अभियान को प्रेरणा देगी। बीजेपी सरकार पूरे गर्व के साथ बांग्ला भाषा और बांग्ला संस्कृति को सशक्त करने में जुटी है। ये हमारा सौभाग्य है कि हमें बांग्ला भाषा को, क्लासिकल लैंग्वेज यानि शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने का सौभाग्य मिला। साथियों, यहां बनने वाली भाजपा सरकार हैरिटेज टूरिज्म पर भी बल देगी।

साथियों,
हम गंगा जी पर जो इनलैंड वॉटरवे बना रहे हैं या फिर जो हमारा समंदर है, इसमें क्रूज़ टूरिज्म के लिए बहुत संभावनाएं हैं। ऐसी हर संभावना को भाजपा सरकार बनने के बाद तलाशा जाएगा। ताकि पश्चिम बंगाल के नौजवानों को काम के लिए कहीं और जाने के लिए मजबूर न होना पड़े।

साथियों,
इस बार लाल किले से मैंने देश की एक बहुत बड़ी चिंता की चर्चा की है। ये चिंता घुसपैठ के बढ़ते खतरे की है। कोलकाता के, पश्चिम बंगाल के लोग, समय से आगे की सोचते हैं। इसलिए आपके बीच मैं लगातार इस बहुत बड़ी राष्ट्रीय चुनौती की चर्चा करता रहा हूं। आजकल आप देखते हैं, जिन देशों को विकसित कहा जाता है, जिनके पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है, वहां घुसपैठियों के खिलाफ मुहिम चल रही है। ये देश अब घुसपैठियों को ज्यादा नहीं सह सकता। घुसपैठियों को निकालना चाहिए कि नहीं निकालना चाहिए? घुसपैठिए जाने चाहिए कि नहीं जाने चाहिए? उनको भगाना होगा कि नहीं भगाना होगा? कौन भगा सकता है? कौन भगा सकता है? घुसपैठियों से बंगाल को कौन मुक्त करा सकता है? साथियों, मोदी नहीं, भाजपा नहीं, आपका एक वोट करा सकता है, आपका एक वोट। एक बार वोट दे दीजिए, ये घुसपैठिए भाग जाने लग जाएंगे।

साथियों,
भारत के पास तो संसाधन सीमित हैं। हमें अपने नौजवानों को रोजगार देना है। अपने नागरिकों को सुविधाएं देनी हैं। जो घुसपैठिए, हमारे नौजवानों का रोजगार छीन रहे हैं, जो हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव डाल रहे हैं, जो हमारी बहनों-बेटियों के साथ आत्याचार कर रहे हैं, ऐसे घुसपैठियों को हम भारत में नहीं रहने देंगे। इसलिए भारत सरकार ने घुसपैठियों के खिलाफ इतना बड़ा अभियान चलाया हुआ है। लेकिन साथियों, मुझे हैरानी है कि TMC- कांग्रेस समेत कुछ इंडी अलायंस के राजनीतिक दल, तुष्टिकरण के आगे घुटने टेक चुके हैं। ये राजनीतिक दल, सत्ता की भूख के लिए घुसपैठ को बढ़ावा दे रहे हैं। कुछ जगह पर दिख रहा है, उन्होंने घुसपैठियों की शरण ले ली है।

साथियों,
पश्चिम बंगाल तो सीमावर्ती राज्य है। जिस प्रकार, बॉर्डर के इलाकों में डेमोग्राफी बदली जा रही है। ये पश्चिम बंगाल में सामाजिक संकट भी पैदा कर रहा है। खासतौर पर किसानों से धोखाधड़ी करके उनकी ज़मीन पर कब्जा किया जा रहा है। आदिवासियों को गुमराह करके उनकी जमीन हड़पी जा रही है। देश ये सहन नहीं कर सकता। इसको रोकना ही होगा। इसलिए, इस बार लाल किले से मैंने घुसपैठ के खिलाफ विशेष डेमोग्राफी मिशन की घोषणा की है। जो लोग सिर्फ यहां हमारे लोगों की रोज़ी-रोटी छीनने आए हैं, जो फर्जी तरीके से कागज बनाकर रुक गए हैं, उनको यहां से जाना ही होगा। और ये काम ईमानदारी से हो पूरा हो सके, इसके लिए टीएमसी सरकार को भी यहां से जाना ही होगा।

साथियों,
पिछले 11 साल से देश भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है। अब इसी दिशा में देश ने एक और बड़ा कदम उठाया है। इस बार लोकसभा में भाजपा सरकार एक बहुत बड़ा एंटी करप्शन बिल लेकर आई है। मैं बंगाल के लोगों से इस बिल के बारे में विशेष तौर पर बात करूंगा। साथियों, आप भी जानते हैं... हमारे देश में, अगर एक छोटा सा सरकारी कर्मचारी...चाहे वो कर्मचारी ड्राइवर हो, प्यून हो, सरकार की किसी कैंटीन में काम करता हो, सरकार में कहीं साफ-सफाई का काम करता हो, अगर उस कर्मचारी को किसी पुलिस वाले ने जेल में बंद कर दिया तो करीब-करीब 50 घंटे में अगर उसको जमानत नहीं मिली और 50 घंटे जेल में रह गया, तो ऑटोमेटिक उसकी नौकरी चली जाती है, सस्पेंड हो जाता है। एक छोटा मुलाजिम दो दिन अगर जेल में रहे तो उसकी जिंदगी तबाह करने के कानून है, लेकिन कोई मुख्यमंत्री, कोई मंत्री, प्रधानमंत्री अगर जेल चला जाए तो उसके लिए कोई कानून नहीं है। और हालत तो देखिए, आजकल ये लोग, इतने गिरे हैं, इतने गिरे हैं कि जेल से भी सरकार चलाने की कोशिश कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल ने ये साक्षात देखा है। बार-बार कई बार अनुभव किया है। टीएमसी के एक मंत्री टीचर्स घोटाले में आज तक जेल में हैं। शिक्षक भर्ती का गंभीर घोटाला, घर से नोटों का पहाड़ मिला, लेकिन तब भी वो मंत्री कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं थे। जनता की हर भावना को यहां निर्ममता से कुचला जाता रहा। इसी तरह, टीएमसी के एक और मंत्री पर गरीबों का राशन लूटने का आरोप है। इनकी भी करोड़ों रुपए की संपत्ति ज़ब्त हो चुकी है। ये मंत्री भी जेल जाने के बाद कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं थे। इन्होंने भी जनता की भावना की, संविधान की भावना की कोई परवाह नहीं की।

साथियों,
आप मुझे बताइए, ऐसे लोग जो भ्रष्ट हैं, जो जनता को धोखा दे रहे हैं, क्या उन्हें सरकार में अपने पद पर रहने का हक है? हमने तो ये देखा है कि मुख्यमंत्री तक जेल जाते हैं लेकिन वो जेल से सरकार चलाते हैं। ये संविधान का, लोकतंत्र का सरासर अपमान है। और मोदी संविधान का ये अपमान होते नहीं देख सकता। इसलिए मैंने तय किया कि ये सब नहीं चल सकता। मंत्री और मुख्यमंत्री हो, और इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री को भी इस सख्त कानून के दायरे में ले आया हूं। अगर पीएम भी 30 दिन जेल में रहें और उन्हें जमानत ना मिले तो अगले दिन उनकी कुर्सी चली जाएगी। लेकिन साथियों, टीएमसी के लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ इस कार्रवाई पर भड़क गए हैं। वो इस कानून का विरोध कर रहे हैं। टीएमसी के लोगों ने संसद में इस बिल को फाड़ने की कोशिश की है। ये दिखाता है कि टीएमसी की पूरी राजनीति कैसे भ्रष्टाचार के पहाड़ पर टिकी है। इसलिए ये लोग इतने डरे हुए हैं भ्रष्टाचारियों को बचाने में जुटे हैं।

साथियों,
हर चुनौतियों को परास्त करते हुए पश्चिम बंगाल, फिर से भारत के विकास का पावर हाउस बनकर रहेगा। इस संकल्प को लेकर हमें आगे बढ़ना है। आप याद रखिए और औरों को भी बताइए, हर गली-मोहल्ले में, बंगाल के हर कोने में एक ही मंत्र एक ही नारा गूंजता रहना चाहिए ... बाचते चाई,// बीजेपी ताई। एक बार फिर, आप सभी को इतनी विशाल संख्या में, और इतनी ऊर्जा के साथ इस सभा को सफल बनाने के लिए मैं आपका आभार मानता हूं।

मेरे साथ बोलिए,

भारत माता की जय ! भारत माता की जय ! भारत माता की जय !
वंदे, वंदे, वंदे, वंदे, वंदे, वंदे, वंदे, वंदे, वंदे, वंदे, वंदे, वंदे।

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Text of Prime Minister addressing session on ''Forging New Partnerships and Rebuilding International Solidarity'' at G7 summit in Evian, France
June 16, 2026

राष्ट्रपति मैक्रों,
Your Excellencies,

नमस्कार!

G-7 समिट में हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक inter-connected और inter-dependent है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। Mobility, data, capital, technology, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

ऐसे समय में Partnerships का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो। आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।

विश्वास कि टेक्नॉलजी और supply chains को हथियार के रूप में नहीं, global good के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वास कि विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे। विश्वास कि वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे।

Friends,

पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुज़रना पड़ा। अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी trust ही था।

किन्तु अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि trust और solidarity के दावे कितने खोखले थे।

Today the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust. And the future of our partnerships depends on building this trust.

अमेरिका के राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था: Trust but Verify. यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप trusted rules based order का निर्माण करें।

Friends,

भारत ने सदैव विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। हमारे सभी प्रयास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं।

भारत का अनुभव दिखाता है कि विकास सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का भी आधार है। इसी सोच के साथ भारत ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस, Mission LiFE, और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी वैश्विक पहलों को आगे बढ़ाया है।

संकट के समय भारत ने First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और vaccines उपलब्ध कराईं।

श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोज़ाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव "Humanity First" के सिद्धांत पर कार्य किया है। हमारी विकास साझेदारियाँ भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करती हैं। हमारे प्रयास पार्टनर देशों में capacity building और कौशल विकास पर केन्द्रित रहे हैं।

भारत का मानना है: The true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.

Friends,

आज ग्लोबल साउथ की विश्व समुदाय से बहुत उम्मीदें हैं। किन्तु उनकी अपेक्षा सहारे की नहीं, साथ की है। वे वैश्विक विकास के लाभार्थी नहीं, उसके भागीदार बनना चाहते हैं।

हमें donor–recipient की सोच से आगे बढ़कर, equal पार्टनर्स के रूप में काम करना होगा। उनके पास-पास नहीं, साथ-साथ चलना होगा। साझेदारी को dependency के बजाय, dignity से जोड़ना होगा। इन प्रयासों से हम भावी पीढ़ियों के सतत विकास की मजबूत नींव रख सकेंगे।

Friends,

अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें। भारत का दृढ विश्वास है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान dialogue, diplomacy और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है।

हम west asia में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से west asia में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी। Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।

Friends,

भारत इन विषयों पर सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।