Only one slogan is echoing— "Jammu ki yahi pukar… aa rahi hai BJP Sarkar!": PM Modi
OROP has been revised to provide even greater financial support to military families: PM Modi in Jammu
The BJP aims to empower mothers, sisters, and daughters economically: PM Modi at Jammu rally
Congress, National Conference, and PDP are enemies of the Constitution: PM Modi launched a scathing attack against the opposition

भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
जम्मू दे //
सारें बासिएगी //
मेरी तरफा //
हथ जोड़िये नमस्कार //

डुग्गर के आप सभी शूरवीर और देशभक्त परिवारजनों के बीच आकर मन प्रसन्न हो जाता है एक नई प्रेरणा से भर जाता है। इस धरती ने महाराजा हरि सिंह, मेहरचंद महाजन और पंडित प्रेमनाथ डोगरा जैसे महान लोग, महान लोग देश को दिए हैं। इस धरती ने देश की रक्षा के लिए खुद को न्योछावर कर देने वाली अनेक संतानें दी हैं। मैं महान विरासत की इस धरती को नमन करता हूं। आज शहीद वीर सरदार भगत सिंह की जन्मजयंती भी है। देश के करोड़ों युवाओं की प्रेरणा, भगत सिंह जी को भी मैं श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं।

भाइयों और बहनों,

जम्मू की ये सभा, इस विधानसभा चुनाव की मेरी आखिरी सभा है। मुझे बीते हफ्तों में जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में जाने का अवसर मिला है। जहां भी गया, वहां भाजपा को लेकर अभूतपूर्व उत्साह दिख रहा है। जम्मू-कश्मीर के लोग कांग्रेस-NC और PDP के तीन खानदानों से त्रस्त हैं। लोग, फिर वही निज़ाम नहीं चाहते, जिसमें भ्रष्टाचार हो, नौकरियों में भेदभाव हो। जम्मू कश्मीर के लोग आतंक, अलगाव, खून-खराबा नहीं चाहते। यहां के लोग अमन-शांति चाहते हैं। यहां के लोग अपने बच्चों का बेहतर भविष्य चाहते हैं। औऱ इसलिए जम्मू-कश्मीर के लोग भाजपा सरकार चाहते हैं।

साथियों.

पिछले 2 चरणों में भारी मतदान ने जम्मू-कश्मीर की जनता का मूड बता दिया है। दोनों चरणों में भाजपा के पक्ष में जबरदस्त वोटिंग हुई है। अब यहां भाजपा की पूर्ण बहुमत की पहली सरकार, सुनते हैं न, पूर्ण बहुमत की भाजपा की पहली सरकार बनना तय है। और साथियों, जम्मू क्षेत्र के लोगों से आज कहना चाहूंगा, ये जम्मू क्षेत्र के लोगों के लिए इतिहास में पहले कभी ऐसा मौका नहीं आया है, जो इस चुनाव में आया है। आज पहली बार जम्मू क्षेत्र के लोगों की इच्छा वाली सरकार बनने जा रही है। और ये तो मंदिरों की नगरी है। इस मौके को छोड़ना नहीं है, चूकना नहीं है। भाजपा की जो सरकार यहां बनेगी, वो आपकी हर पीड़ा को दूर करेगी। जम्मू के साथ दशकों से जो भी भेदभाव हुआ है, उसको भाजपा सरकार ही दूर करेगी।

भाइयों और बहनों,

8 अक्टूबर को मां के नवरात्र के दिन नतीजे आएंगे। और हम सब तो माता वैष्णो देवी के साये में पले-बढ़े हैं। और 12 अक्टूबर को विजयादशमी है। इस बार की विजयादशमी, हम सभी के लिए शुभ शुरुआत वाली होगी। जम्मू हो, सांबा हो, कठुआ हो, चारों तरफ एक ही नारा गूंज रहा है- जम्मू की यही पुकार, आ रही है भाजपा सरकार! जम्मू की यही पुकार... ! जम्मू की यही पुकार... ! जम्मू की यही पुकार... !

साथियों,

इस चुनाव में जम्मू-कश्मीर एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। बीते दशकों में यहां सिर्फ कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के नेता और उनके परिवार बस वही फले-फूले। आपके हिस्से सिर्फ और सिर्फ तबाही आई। ये जो हमारी पीढ़ियां बर्बाद हुई हैं, इसकी सबसे बड़ी जिम्मेदार, कांग्रेस पार्टी है। आज़ादी के बाद से ही, कांग्रेस की गलत नीतियों ने, आपको सिर्फ और सिर्फ तबाही दी है। जम्मू का बहुत बड़ा हिस्सा बॉर्डर से सटा है। आप वो दौर याद कीजिए, जब सीमापार से आए दिन गोले बरसते थे। आए दिन मीडिया में ब्रेकिंग न्यूज चलती थी। एक बार फिर सीजफायर का उल्लंघन। उधर से गोलियां चलती थी और कांग्रेस वाले सफेद झंडा दिखाते थे। लेकिन जब भाजपा की सरकार ने, गोली का जवाब गोले से दिया। तो उधर वालों के होश ठिकाने आए।

साथियों,

आपको याद होगा, आज 28 सितंबर है। साल 2016 में आज की रात सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी। भारत ने दुनिया को बता दिया था कि ये नया भारत है। ये घर में घुस कर मारता है। एक वो दिन था और एक आज का दिन है। आतंक के आकाओं को पता है कि अगर कुछ भी हिमाकत की, तो मोदी पाताल में भी उन्हें खोज निकालेगा। लेकिन साथियों, आपको कांग्रेस का रवैया कभी भी नहीं भूलना है। कांग्रेस वो पार्टी है, जिसने हमारी फौज से सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगे थे। कांग्रेस वो पार्टी है, जो आज भी सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर पाकिस्तान की भाषा बोलती है। आप मुझे बताइए क्या कभी भी आप ऐसी कांग्रेस को कभी माफ कर सकते हैं क्या? माफ कर सकते हैं क्या?

साथियों,

देश के लिए मर मिटने वालों का कांग्रेस कभी सम्मान नहीं कर सकती। यही कांग्रेस है, जिसने 4 दशक तक हमारे फौजी परिवारों को वन रैंक वन पेंशन के लिए तरसाया। कांग्रेस ने हमारे फौजियों से झूठ बोला। ये कहते थे कि वन रैंक वन पेंशन OROP से खज़ाने पर बोझ पड़ेगा। लेकिन मोदी ने फौजी परिवारों के हितों के आगे कभी खज़ाने को नहीं देखा है। इसलिए 2014 में सरकार बनने के बाद हमने OROP लागू किया। अभी तक फौजी परिवारों को एक लाख 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक मिल चुका है। हाल में हमने OROP को रिवाइज़ भी किया है, जिससे फौजी परिवारों को और ज्यादा पैसा मिलना तय हुआ है।

साथियों,

आज की जो कांग्रेस है वो पूरी तरह अर्बन नक्सलियों के कब्जे में है। जब विदेशों से घुसपैठिए यहां आते हैं, तो न जाने क्या कारण है कि कांग्रेस को अच्छा लगता है। उनमें इनको अपना वोटबैंक दिखता है। लेकिन अपने ही लोगों की पीड़ा पर ये उनका भद्दे तरीके से मजाक उड़ाते हैं।

साथियों,

कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी, ये संविधान के सबसे बड़े दुश्मन हैं। इन्होंने बाबासाहेब अंबेडकर ने जो संविधान दिया उस संविधान की स्पिरिट का गला-घोंटा है। आप देखिए, यहीं जम्मू में कई-कई पीढ़ियों से रह रहे, अनेक परिवारों को वोट देने तक का हक नहीं था। उन्हें इस हक से किसने वंचित किया? कांग्रेस-NC और पीडीपी ने किया है। अब भाजपा ने बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान की स्पिरिट का सम्मान करते हुए ये अधिकार, अपने इन भाई-बहनों को दिया है। पश्चिम पाकिस्तान और PoK से आए हमारे बहन-भाई, हमारे गोरखा साथी, हमारे वाल्मीकि परिवार, देश के लिए इनका बहुत बड़ा योगदान है। लेकिन अनेक पीढ़ियों से इनको दूसरे दर्जे का नागरिक बनाकर मजबूरन जीने के लिए छोड़ दिया गया। कांग्रेस और उसके साथियों के इस पाप को क्या भुलाया जा सकता है?

साथियों,

भारत के संविधान ने लोकल बॉडीज़ की व्यवस्था बनाई है। लेकिन संविधान के इन दुश्मनों ने जम्मू कश्मीर में पंचायत, BDC और DDC के चुनावों को भी रोक रखा था। संविधान के तहत, शेड्यूल्ड ट्राइब के लिए सीटें आरक्षित होती हैं। लेकिन कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस-पीडीपी ने जम्मू कश्मीर के कमज़ोर तबकों को ये हक नहीं दिया। भाजपा सरकार ने ही संविधान में दर्ज ये हक दिए हैं। आज देखिए, जम्मू रीजन की 6 सीटें ST के लिए रिज़र्व हैं। इससे गुज्जर-बकरवाल, पहाड़ी समुदाय, ऐसे हमारे अनेक समाजों को पॉलिटिकल रिप्रजेंटेशन मिलेगा। जिन साथियों को ये हक मिले हैं, वे अब खुलकर भाजपा को वोट दे रहे हैं। भाजपा पर भरोसे का ये Fixed deposit, हमारी बहुत बड़ी पूंजी है। इस पूंजी की रक्षा में हम कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे।

साथियों,

कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस-पीडीपी के कारण, जिनको भी घाव लगे हैं, उनका मत-मज़हब कोई भी हो, भाजपा, हर घाव पर मरहम लगाने में जुटी है। भाजपा ने कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए टीका लाल टपलू स्कीम की घोषणा की है। विस्थापितों के पुनर्वास के साथ-साथ उन्हें जो आर्थिक सहायता मिलती है, उसको बढ़ाने का भी वायदा भाजपा ने किया है।

साथियों,

आज जम्मू-कश्मीर में आ रहे बदलाव से कांग्रेस-NC और पीडीपी वाले भड़के हुए हैं। इन्हें आपका विकास पसंद नहीं है। ये लोग कह रहे हैं कि उनकी सरकार बनी, तो फिर वो पुराना सिस्टम लाएंगे। ये फिर वो भेदभाव वाला निज़ाम लाएंगे, जिसका सबसे बड़ा शिकार हमारा जम्मू रीजन रहा है। कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस-पीडीपी ने जम्मू के साथ हमेशा अन्याय किया है। ये तुष्टिकरण के लिए कुछ भी कर सकते हैं। आप इनके भाषणों को सुनिए। कैसे डोगरा विरासत पर ये हमला करते हैं। महाराजा हरिसिंह को बदनाम करने के लिए ये कैसे-कैसे लांछन लगाते हैं। देश का सबसे भ्रष्ट परिवार, कांग्रेस का परिवार, डोगरा राज को भ्रष्ट बता रहा है। मैं जरा आपके पूछना चाहता हूं, जम्मू क्षेत्र के लोग मुझे बताइए क्या ये आरोप आपको स्वीकार्य है?

साथियों,

भाजपा, जम्मू के साथ हुए ऐतिहासिक भेदभाव को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। बीते 10 सालों में जम्मू को IIT, IIM और एम्स जैसे बड़े संस्थान मिले हैं। कठुआ और साम्बा ज़िले के कंडी क्षेत्र में भी नई सड़कें बनवाई जा रहीं हैं। चत्तरगला टनल बनने से कठुआ और डोडा की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। कांग्रेस, बॉर्डर के गांवों को आखिरी गांव मानती थी, भाजपा ने इनको पहला गांव बनाया है। अब वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत, सीमा से सटे गांवों का विकास किया जा रहा है। यहां जम्मू रिंग रोड़ पर भी तेजी से काम चल रहा है। इससे यहां जाम की समस्या तो कम होगी ही, आसपास की तहसीलों के दर्जनों गांवों को फायदा होगा।

साथियों,

आज जम्मू की सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसें चलने लगी हैं। जम्मू रेलवे स्टेशन को आधुनिक बनाया जा रहा है। जम्मू एयरपोर्ट का विस्तार किया जा रहा है। भाजपा सरकार ने बाहु किले से महामाया मंदिर तक रोपवे को भी शुरु किया है। जम्मू रीजन में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनेक स्थानों को विकसित किया जा रहा है। घराना वेटलैंड्स, सुरिंसर झील और बीएसएफ चुंगीपोस्ट में हो रहा काम आपके सामने है। यहां जब तवी रिवरफ्रंट बनकर तैयार हो जाएगा। जब तवी के किनारे आरती होगी, तो वो सबके लिए कितना मनोरम दृश्य होगा।

साथियों,

इलाज हो, मेडिकल की, पैरामेडिकल और नर्सिंग की पढ़ाई हो, इसको लेकर तो जम्मू में अभूतपूर्व काम हुए हैं। विजयपुर में एम्स बन चुका है। यहां स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट भी शुरु हो चुका है। हड्डियों से जुड़ी बीमारी के इलाज के लिए इतना बड़ा और आधुनिक अस्पताल यहां बना है। कठुआ में मेडिकल कॉलेज बनने से एक बहुत बड़े इलाके को सुविधा हुई है। यहां बहुत सारे नर्सिंग कॉलेज भी बनाए गए हैं। आने वाले समय में जम्मू के विकास के ये काम और तेज़ होंगे।

साथियों,

मैं यहां के व्यापारी-कारोबारी समाज को, हमारे नौजवानों से भी कहूंगा, कि आने वाला समय आपके लिए भी अवसरों से भरा है। हमारा प्रयास है कि जम्मू में ज्यादा से ज्यादा निवेश आए। यहां नए कारखाने लगें ताकि नौजवानों को यहीं, अपने-अपने जिलों में ही रोजगार मिले। इसके लिए भी जम्मू कश्मीर भाजपा ने अनेक बड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। हमने सरकारी भर्तियों में भी पारदर्शी व्यवस्था बनाई है। पहले सिर्फ उन्हीं को नौकरी मिलती थी, जो कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस या पीडीपी के खास होते थे। अब उस पुराने सिस्टम को फिर से लौटने नहीं देना है। पुराने सिस्टम की बंदिशों को तोड़कर, अब जम्मू-कश्मीर में हर नौजवान को उसका हक और सम्मान मिलेगा।

साथियों,

भाजपा का प्रयास है कि माताओं-बहनों-बेटियों का आर्थिक सशक्तिकरण हो। हमारा प्रयास ये है कि परिवार की कमाई में माताओं-बहनों-बेटियों का योगदान बढ़े। इसलिए हम बहनों के सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को मदद दे रहे हैं। हम जम्मू कश्मीर की बहनों को लखपति दीदी बना रहे हैं। भाजपा ने बहनों को खेती के लिए ड्रोन पायलट बनाने की भी बड़ी योजना शुरु की है। इससे जम्मू की अनेक बहनों को भी ट्रेनिंग मिलेगी और सरकार से ड्रोन भी मिलेंगे। जम्मू कश्मीर भाजपा ने माताओं-बहनों के खाते में भी हर महीने हजारों रुपए जमा करने की घोषणा की है।

साथियों,

इलाज का खर्च जीरो, बिजली का बिल जीरो और अतिरिक्त बिजली से कमाई- भाजपा का संकल्प है। इसलिए यहां हर परिवार को गोल्डन कार्ड की सुविधा मिली है। मैंने सोशल मीडिया पर यहां के एक बुजुर्ग की बातें सुनी हैं। वो बता रहे थे कि गोल्डन कार्ड से उनका तीन बार ऑपरेशन हो चुका है। और उनके बेटे का भी मुफ्त इलाज हुआ है। गोल्डन कार्ड से उनका जीवन भी बच रहा है, जो महंगा इलाज करा ही नहीं पाते थे। मुझे खुशी है कि अब जम्मू कश्मीर भाजपा ने मुफ्त इलाज की रकम को बढ़ाकर, 7 लाख करने का वायदा किया है।

साथियों,

आपका सेहत पर होने वाला खर्च तो बच ही रहा है, हम आपका बिजली का बिल भी ज़ीरो करना चाहते हैं। मुफ्त बिजली ही नहीं, बिजली से कमाई भी हो, ये व्यवस्था हम कर रहे हैं। ये सबकुछ पीएम सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना से होगा। पहले आपको छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए 80 हज़ार तक की मदद सरकार देगी। जिससे बिजली बनेगी, बिजली का बिल जीरो हो जाएगा। इतना ही नहीं, जो अतिरिक्त बिजली बेचेंगे, हर परिवार के औसतन 25-30 हज़ार रुपए बचने वाले हैं।

साथियों,

मैं जानता हूं 60-65 सालों में इस पूरे क्षेत्र की ऐसी बर्बादी की गई है, ऐसी तबाही की गई है, विकास तो छोड़ दीजिए, जीवन के हर क्षेत्र में गड्ढे ही गड्ढे हैं, खाई बन गई है। लेकिन आपको ये बता दूं कि- जीवन के हर क्षेत्र के इन गड्ढों को भरने के लिए मोदी पूरी ईमानदारी से काम कर रहा है। आपकी हर इच्छा, हर ज़रूरत को पूरा करने के लिए मैं कोई कोर-कसर नहीं छोड़ूंगा। जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाने का फैसला, अस्थायी है। जम्मू कश्मीर को भाजपा ही है जो पूर्ण राज्य बनाएगी। आप हमारे इन सभी साथियों को भारी मतों से जिताकर भेजिए। सभी उम्मीदवार आगे आ जाएं। ये सभी आपके प्रतिनिधि बनें, ये सभी आपके सपनों को साकार करें, इसके लिए आपके आशीर्वाद चाहिए। आप इतनी बड़ी संख्या में यहां आए, हमें आशीर्वाद दिया। इसके लिए आप सबका बहुत-बहुत आभार।

मेरे साथ बोलिए,

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

बहुत-बहुत धन्यवाद

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This is the New India that leaves no stone unturned for development: PM Modi
March 23, 2026
Today, India is moving forward with a new confidence; Now India faces challenges head-on: PM
From the Gulf to the Global West and from the Global South to neighbouring countries, India is a trusted partner for all: PM
What gets measured gets improved and ultimately gets transformed: PM
This is the new India, It is leaving no stone unturned for development: PM

नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!