The NTPC Plant will enable a faster industrialization of the state of Telangana: PM Modi
Due to the collective efforts of the women of Telangana, Nari Shakti Vandan Adhiniyam has been passed with a resounding majority in Parliament: PM Modi
Telangana is a state with brimming talent, always contributing to the developmental prospects for India: PM Modi
In a democracy like India, people of the country should be prioritized over ‘Familial Dynastic Politics’: PM Modi
People should beware this unholy BRS-Congress Alliance as they have only promoted misdeeds for Telangana: PM Modi

भारत माता की, भारत माता की,
मैं मेरा भाषण शुरू करने से पहले ये नन्ही सी गुड़िया भारत मां का रूप लेकर आई है। मेरी तरफ से बहुत-बहुत अभिनंदन बेटा। शाबाश।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
आज मुझे तेलंगाना के लोगों को 8 हजार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का उपहार देने का सौभाग्य मिला है। NTPC के आधुनिक पावर प्लांट से तेलंगाना के औद्योगिक विकास को एक नई तेज गति मिलेगी। इस प्लांट में जो बिजली पैदा होगी, उसका ज्यादा हिस्सा तेलंगाना के लोगों को ही मिलेगा, आपको ही मिलेगा और इससे आपकी Ease of Living बढ़ेगी। भाइयों-बहनों, आपको याद होगा इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास करने का सौभाग्य मुझे मिला था। और ये मोदी की गारंटी की ताकत देखिए, आज मोदी ही आकर उसका उद्घाटन कर रहा है। आज ही रेलवे और हेल्थ के भी कई प्रोजेक्ट तेलंगाना के मेरे भाइयों-बहनों के चरणों में आज मुझे समर्पित करने का सौभाग्य मिला है। इनसे तेलंगाना के लोगों को critical care की सुविधा मिलेगी और कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी। तेलंगाना और तेलंगाना के लोगों के कल्याण के प्रति बीजेपी का संकल्प लगातार मजबूत हो रहा है।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
आज, सबसे पहले, मैं निजामाबाद की माताओं-बहनों-बेटियों को धन्यवाद देना चाहूंगा। और आज यहां इतनी बड़ी तादाद में स्वागत करने, आशीर्वाद देने आईं उससे बड़ा जीवन का सौभाग्य क्या होता है। तेलंगाना की मेरी बहनें एक बड़ी क्रांति का हिस्सा बनी हैं, तेलंगाना की मेरी बहनों ने इतिहास बनाया है। कुछ ही दिन पहले, संसद में नारीशक्ति वंदन अधिनियम पास हो गया है। कांग्रेस और उसके इंडी अलायंस ये घमंडिया गठबंधन 30 साल उसे रोककर बैठे थे। उनको किसी की परवाह ही नहीं थी। भांति-भांति की ये चलाकियां करते थे, दिखावा करते थे और खेल दूसरा खेलते थे लेकिन इस बार ये मेरे देश की माताओं-बहनों की ताकत देखिए, नारी शक्ति की संगठित ताकत देखिए कि सारे के सारे घमंडिया लोगों को ये संसद के अंदर नारीशक्ति वंदन अधिनियम को मजबूरी से समर्थन करना पड़ा है। ये इसलिए हो पाया क्योंकि तेलंगाना की महिलाओं ने, मेरे देश की माताओं और बहनों ने साथ मिलकर, वोट की शक्ति से अपने एक-एक वोट से माताओं ने अपने इस बेटे को मजबूत बनाया है। बहनों ने अपने इस भाई को मजबूत बनाया है। और माताएं-बहनें आपने मजबूती दी है इसलिए मजबूती से आपका ये बेटा काम कर पा रहा है।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
तेलंगाना वो राज्य है जिसने देश के विकास में हमेशा अपना योगदान दिया है। आप भारत की प्रगति के आधार हैं। तेलंगाना में चारों तरफ टैलेंट ही टैलेंट है। जब दुनिया में इतनी बड़ी कोरोना महामारी आई, तो तेलंगाना ने भी वैक्सीन बनाकर पूरी दुनिया में भेजी। तेलंगाना के लोगों में विकास की जो Aspiration है, उसे मैं भली भांति समझ सकता हूं। अभी मैं देख रहा था क्या वाइब्रेंसी थी, क्या ऊर्जा थी, क्या जुनून था। मेरे साथियों आपको सौ-सौ सलाम। केंद्र सरकार में रहते हुए हम तेलंगाना के लिए जितना कर सकते हैं, वो हम लगातार कर रहे हैं। आपको याद होगा न, हमलोगों ने निजाम की हुकूमत, देश तो आजाद हुआ था लेकिन हमारा ये हैदराबाद और ये सारा इलाका आजाद नहीं हुआ था। निजाम अडंगे लगाकर बैठा था कि नहीं था। एक गुजराती बेटा सरदार वल्लभभाई पटेल उसने ताकत का परिचय दिया और आपकी आजादी को पक्का कर दिया। आज दूसरा गुजराती बेटा आपकी समृद्धि के लिए आया है, आपके विकास के लिए आया है, आपकी पढाई के लिए आया है। हमने तेलंगाना में नेशनल हाईवेज, नई रेल लाइनों, नए अस्पतालों का निर्माण किया है। भाजपा सरकार ने यहां BRS सरकार को तेलंगाना के विकास के लिए भारी धनराशि भी दी है। लेकिन दुर्भाग्य से, BRS ने तेलंगाना के लोगों के लिए भेजा गया पैसा बीच में ही लूट लिया। लूट सके तो लूट यही उनका मंत्र है।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में प्रजा का महत्व होना चाहिए, परिवारवादियों का नहीं। और इन्होंने तो लोकतंत्र को लूट तंत्र बना दिया है, प्रजा तंत्र को परिवार तंत्र बना दिया है। तेलंगाना के निर्माण के लिए हजारों परिवार संघर्ष करते-करते तबाह हुए, अनेकों नौजवानों ने अपना बलिदान दिया। माताओं-बहनों ने मुसीबतें झेलीं। लेकिन एक परिवार ने सबकुछ कब्जा कर लिया और उन परिवारों को पूछने वाला कोई नहीं है। तेलंगाना में बस एक ही परिवार ने, यहां के लाखों परिवारों के सपनों पर कब्जा कर लिया है। वर्तमान तेलंगाना में या तो केसीआर खुद हैं, उनके बेटे हैं, उनकी बेटी हैं या उनके भतीजे हैं या उनके भांजे हैं या चाहे उनके ससुराल वाले हैं। कोई बचा ही नहीं है, बस यही काम, लूटो। क्या आपने कभी सोचा है कि वो कैसे आपके एक वोट का उपयोग केवल अपने परिवार को अमीर बनाने में कर रहे हैं। इन लोगों ने तेलंगाना में भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
परिवारवाद का सबसे बड़ा नुकसान, देश के युवा को उठाना पड़ता है। जब पूरा सिस्टम एक परिवार की सेवा में लगा रहता है, तब वो परिवार सिस्टम में top से लेकर bottom तक उन्हीं लोगों की भर्ती करता है, जो उनके करीबी हों। तेलंगाना के नौजवानों को वो अवसर नहीं मिलता है। फिर किसी भी महत्वपूर्ण पद पर तेलंगाना के तेजस्वी युवा को मौका नहीं मिल पाता। इन लोगों से अलग, बीजेपी एक ऐसी पार्टी है जो किसी विशेष परिवार के बजाय सामान्य मानवी और उसके परिवार के लिए काम करती है।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
तेलंगाना के लोगों को ये कांग्रेस से भी बहुत सावधान रहना है। ये तो बड़े खिलाड़ी हैं। इनको देश, समाज कुछ लेना देना नहीं है। और पूरा हिंदुस्तान कांग्रेस नकार चुका है। जिस राज्य में कांग्रेस एक बार चली जाती है, वहां फिर उसका सरकार में वापस लौटना मुश्किल होता है। इसलिए कांग्रेस की कोशिश किसी भी तरह वोटों का बंटवारा करने का कांट्रैक्ट लिया है। और बीआरएस कांग्रेस को वोटो बटवाड़ा कराने के लिए तिजोरी खुली करके बैठ गई है। पर्दे के बीच खेल चल रहा है। बैकडोर इंट्री ये बीआरएस और कांग्रेस की भरपूर चल रही है। इसके लिए वो राज्य की अन्य कमजोर पार्टियों को अपना सहारा बना रहे है। आज जब तेलंगाना में BRS की हार तय है BRS का पराजय तय है, BRS का जाना तय है, तो कांग्रेस ने पर्दे के पीछे BRS से गठबंधन कर लिया है। कर्नाटका चुनाव में BRS ने कांग्रेस की जमकर मदद की थी और अब इस चुनाव में कांग्रेस अपना कर्ज उतार रही है, क्योंकि कर्नाटक में भरपूर खजाना ये तेलंगाना की जनता से लूटा हुआ माल कर्नाटक में कांग्रेस को दे दिया गया ताकि वहां कांग्रेस जीत जाए फिर उसको मिलकर तेलंगाना में खेल जाए।

मैं आज पहली बार एक रहस्य खोलने जा रहा हूं। खोल दूं, सच बता दूं, बता दूं भाइयों, पहले कभी नहीं बताया, आज बता देता हूं। और मेरे पत्रकार मित्रों से भी कहता हूं जांच करवा लेना। शत-प्रतिशत सच बताने आया हूं मैं आज। जब हैदराबाद म्युनिसिपल कारपोरेशन का इलेक्शन हुआ भारतीय जनता पार्टी 48 सीटें जीत करके आ गई। किसी को बहुमत नहीं मिला। केसीआर को सपोर्ट की जरूरत थी। और आपने देखा होगा हैदराबाद कारपोरेशन के चुनाव के पहले वो एयरपोर्ट पर पूरी फौज लेकरके मेरा स्वागत करने आते थे। बढिया-बढिया माला पहनाते थे। बहुत सम्मान करते थे। याद है न। फिर क्या हुआ। अचानक बंद हो गए। अचानक इतना गुस्सा क्यों निकल रहा है। इसका कारण ये है कि हैदराबाद चुनाव के बाद, ये भी तारीख चेक कर लें मीडिया वाले। वो दिल्ली मुझे मिलने आए। बहुत बढिया मुझे शॉल ओढाई। बहुत मुझे आदर किया। और इतना प्यार दिखाया, इतना प्यार दिखाया, ये केसीआर के कैरेक्टर में ही नहीं है। और फिर मुझे कहने लगे कि आपके नेतृत्व में देश प्रगति कर रहा है। हम भी एनडीए का हिस्सा बनना चाहते हैं। आप हमें एनडीए में शामिल कर दीजिए। मैंने कहा- आगे क्या। बोले हैदराबाद म्युनिसिपालिटी में हमारी मदद कर दीजिए। मैंने केसीआर से कहा, आपके कारनामे ऐसे हैं कि मोदी आपके साथ जुड़ नहीं सकता। हैदराबाद में हमें विपक्ष में बैठना पड़ेगा तो बैठेंगे, केसीआर सरकार अगर हमारे कार्यकर्ताओं पर जुल्म करेगी तो जुल्म सहेंगे, लेकिन हम तेलंगाना की जनता से दगा नहीं कर सकते हैं। भले तेलंगाना की जनता ने हैदराबाद हमें पूर्ण बहुमत नहीं दिया लेकिन 48 सीट भी तेलंगाना का भाग्य बदलने की शुरुआत है। और मैंने उसने हर प्रकार से मदद करने से इंकार कर दिया। उनको एनडीए में एंट्री देने से इंकार कर दिया। उसके बाद उनका दिमाग फटका। फिर तो वो भांति-भांति से दूर भागने लगे। मैं भ्रष्टाचार के सवाल पूछने लगा। फिर एक बार दोबारा आए, वो मुझे कह रहे कि मोदी जी मैंने बहुत काम कर लिया अब मैं सारा कारोबार केटीआर को दे देना चाहता हूं, मैं एक बार केटीआर को भेजूंगा, आप जरा आशीर्वाद दे देना। ये उन्होंने मुझसे कहा। मैंने कहा कि केसीआर, ये लोकतंत्र है तुम कौन होते हो बेटे को राजगद्दी दे दो, तुम राजा-महाराजा हो क्या। अरे तेलंगाना की जनता तय करेगी किसको बिठाना है किसको नहीं बिठाना है। बस वो दिन आखिरी था। उसके बाद एक बार भी वो मेरे आंखें नहीं मिला पा रहे हैं। मेरा परछाया भी देखने की हिम्मत नहीं बची उनकी। आपने देखा, अभी मैं सरकारी कार्यक्रम करके आया, कोई भी भ्रष्टाचारी मेरे बगल में बैठ करके मेरा ताप सहन नहीं कर सकता है, इसीलिए भाग रहे हैं ये।

मेरे परिवारजनों,
कांग्रेस ने अब एक नई बात शुरू की है। ये तो मैंने केसीआर का पुराण बताया। अब कांग्रेस ने सत्ता भूख के लिए, सत्ता हथियाने के लिए एक नई भाषा बोलना शुरू किया है। नई बातें बोलना शुरू किया है। आजकल क्या कह रहे हैं। जितनी आबादी उतना हक। मैं जरा पूछना चाहता हूं कि जिन्होंने ये वाक्य लिखकर दिया है उन्होंने सोचा है क्या जब तुम कह रहे हो तो कांग्रेस की मूलभूत नीतियों पर ही सवाल खड़ा कर रहे हो। जब आप कहते हो कि जितनी आबादी उतना हक। इसका मतलब ये हुआ कि अब कांग्रेस घोषणा करे, क्या आप अल्पसंख्यकों विरोधी हैं क्या। कांग्रेस स्पष्ट करे, आप दक्षिण भारत के विरोधी है क्या। मैं सिद्ध करता हूं, उनकी ये नई सोच दक्षिण भारत के साथ घोर अन्याय करने वाली सोच है। ये नई सोच माइनारिटी के पीठ में छुरा घोंपने वाली सोच है। आजकल देश में अगले डी-लिमिटेशन की चर्चा हो रही है। आपको मालूम है न। 25 साल के बाद पार्लियामेंट की सीटें कितनी होगी, इसका निर्णय जूडिशियरी करती है। और इसके कारण जहां जनसंख्या कम है उसकी सीटें कम हो जाती है। जहां जनसंख्या ज्यादा है उनकी सीटें बढ़ जाती है। अब हमारे दक्षिण भारत के सभी राज्य ने जनसंख्या वृद्धि को रोकने में देश की बहुत बड़ी मदद की है। अब कांग्रेस का नारा ऐसा है कि जिसकी जितनी आबादी उतना उसका हक। इसका मतलब कांग्रेस अब दक्षिण भारत के संसद सदस्यों की संख्या कम करने का नाटक करने जा रही है। खेल खेलने जा रही है। क्या दक्षिण भारत इसको स्वीकार करेगा। क्या दक्षिण भारत कांग्रेस की इस चाल को स्वीकार करेगा। क्या दक्षिण भारत कांग्रेस को माफ करेगा। इस विषय पर मैं कांग्रेस के नेताओं को साफ कहता हूं देश को मूर्ख मत बनाओ, स्पष्ट करो, क्या कारण है, दक्षिण भारत के राज्यों को अन्याय करने के खेल खेले जा रहे हैं। और इंडी गठबंधन के दूसरे दलों से भी मैं कहूंगा हिम्मत है तो कांग्रेस से पूछिए कि वो किस रास्ते पर जा रही है। मैं दूसरा सवाल पूछता हूं जो कहते हैं, जितनी आबादी उतना हक। मैं कांग्रेस को सवाल पूछता हूं साउथ के अंदर, खासकरके तमिलनाडु में मंदिरों पर सरकार का हक है। सरकार ने कब्जा कर लिया है। मंदिरों की संपत्ति को सरकारी मिलीभगत में हड़प लिया जा रहा है। मंदिरों को तो लूटा जा रहा है, मंदिरों पर तो कब्जा किया गया है लेकिन minorities के पूजा स्थल को हाथ नहीं लगाते हैं। सरकार के नियंत्रण में नहीं लेते हैं।

अब कांग्रेस ने जो नारा दिया है। कांग्रेस ने कहा कि जितनी आबादी उतना हक, अगर यही आपका मंत्र है, यही सिद्धांत है तो क्या minorities के जितने पूजा स्थल हैं उनको ये दक्षिण के आपके सारे साथी जब्त करेंगे क्या। उनका कब्जा करेंगे क्या। उनकी प्रापर्टी को लोगों के काम लाएंगे क्या। नहीं लाएंगे। मैं दूसरे सवाल पूछता हूं कांग्रेस से। ये जो नारा देते हैं तो क्या कांग्रेस और उसके साथी खासकरके तमिलनाडु क्या वो वहां हिंदू मंदिरों को जो कब्जा किया जा रहा है, हस्तक्षेप किया जा रहा है। दक्षिण के अधिकतर राज्यों में यही खेल चलाहै। जब आप कहते हैं जितनी आबादी उतना हक तो क्या ये हक हिंदुओं को आप वापिस देंगे क्या। जवाब दीजिए। ये झूठी बातें मत करिए। लोगों को भ्रमित करने का खेल खेलना बंद कर दीजिए। कांग्रेस को इंडी एलायंस को इस बारे में अपना स्टैंड साफ करना चाहिए। कांग्रेस के साथी जो तमिलनाडु में राज करते हैं, जो केरल में राज करते हैं, जो तेलंगाना में राज करते हैं, जो कर्नाटका में राज करते हैं, ये सारे साथियों को कांग्रेस से बात-जवाब देना पड़ेगा।

साथियों,
आज देश में सबसे बड़ी जरूरतमंद, जिनको डगर-डगर पर मदद की जरूरत है, वो कौन है हमारे देश के गरीब परिवार हैं। अगर आज इस देश की सबसे बड़ी जाति है तो वो जाति गरीब है। और इन गरीबों की सबसे बड़ी जाति उनकी सेवा, उनका कल्याण, उनकी प्रगति, यही सच्चा सामाजिक न्याय है। हमारी सरकार ने पिछले 9 सालों से गरीब कल्याण के लिए दिन रात मेहनत की है। और इसके परिणाम भी सामने आ रहे हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट कहती है कि पिछले पांच वर्षों में साढ़े तेरह करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर लेने का पवित्र काम हमने किया है। और इसीलिए मेरे लिए तो जाति अगर कोई है। देश की सबसे बड़ी जाति कोई है तो गरीब है। और अगर गरीब को गरीबी से बाहर निकालेंगे न तो ये देश समृद्ध होने से कोई रोक नहीं पाएगा। और यही मोदी का सपना है। यही मोदी की गारंटी है। यही मोदी का संकल्प है। यही मोदी की हमारी साधना है। यही मोदी की तपस्या है। और मैं अन्य सभी राजनीतिक दलों से भी आव्हान करता हूं। हाथ जोड़ करके मैं देश के सभी राजनेताओं को, सभी दल के मुखियाओं को, सभी पोलिटिकल पार्टियों को कहता हूं आइए, आजादी 57 साल हो गए, आइए, गरीबों के कल्याण के लिए विचार करें, गरीबों की भलाई के लिए विचार करें, गरीबों की भलाई के लिए योजनाएं बनाएं, गरीबों के उत्थान के लिए काम करें।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
तेलंगाना विरोधी ये लोग चुनाव से पहले जनता को कुछ छोटे लाभ देकर अगले पांच साल तक तेलंगाना को लूटने का आधिकार हासिल कर लेते हैं। हमें तेलंगाना में इस परंपरा को उलट कर देना है, भाइयों-बहनों उसको रोकना है। रोकोगे क्या, रोकोगे क्या। तेलंगाना के भाइयों-बहनों मुझपर पांच साल भरोसा करो, ज्यादा नहीं कह रहा हूं, पांच साल भरोसा करो, इन्होंने जितना लूटा है न, मैं आपके चरणों में लाकर के रख दूंगा। आज भी कांग्रेस और BRS तेलंगाना के लोगों से विश्वासघात कर रही हैं। कई राज्यों में, कांग्रेस ने चुनाव से पहले ऐसे ही बड़े वादे किये थे और अब, उन्हें पूरा करने के लिए 15 अलग-अलग शर्त रख रही है। यहां BRS ने भी बेरोजगार युवाओं को भत्ता देने का झूठा वायदा किया। कांग्रेस और BRS का रवैया बिल्कुल एक समान है। चुनाव से पहले आसमानी वादे करो और चुनाव के बाद सारे वादे भूलकर अपनी तिजोरी भरो।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
बीजेपी का track record अपने वायदे पूरे करने का है। पिछले कुछ महीनों से, आप सब देख रहे हैं कि केंद्र सरकार लाखों युवाओं को नौकरी देने के लिए रोजगार मेले का आयोजन कर रही है। इसकी घोषणा पिछले साल ही हुई थी। इस मेले के जरिए, 6 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। तेलंगाना के युवाओं को भी इसके जरिए लोगों की सेवा का अवसर मिला है। यहां के युवा ये देख रहे हैं कि ये पूरी प्रक्रिया बिना रुकावट और पारदर्शी तरीके से की गई है। तेलंगाना में से एक भी शिकायत नहीं आई है कि नौकरी मिली, लेकिन किसी को मोदी को पैसा पहुंचाना पड़ा, ऐसी एक घटना नहीं आई है। इसलिए BRS के युवा-विरोधी रवैये और इसकी सरकार को यहां के युवा करारा जवाब देने का मन बना चुके हैं। मेरी बात सही है न। मेरी बात सही है न। युवाओं ने तय कर लिया है न, ये जाएगा न, बीआरएस जाएगी न, पक्का जाएगी न। मैं तेलंगाना के युवाओं से भी कहूंगा। हमारे युवाओं को निराश होने की जरूरत नहीं है, मेरे नौजवान साथियों, ये मोदी की गारंटी है, आपको निराश होने की जरूरत नहीं है, भाजपा सरकार आते ही, BRS के पापों को मैं एक-एक खोल करके रख दूंगा। उनकी सारी बुराइयों को निकाल करके रहूंगा। और अभियान के तौर पर करके रहूंगा। क्योंकि मैं अपनी आंखों से देख रहा हूं, कैसे लूट रहे हैं। यहां के युवाओं के लिए, केंद्र सरकार ने दो दिन पहले ही एक Central Tribal University की स्थापना का ऐलान किया है। इस विश्वविद्यालय का नाम आदिवासी देवियों सम्मक्का-सारक्का के नाम पर रखा जाएगा। इस पर करीब 900 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
तेलंगाना के किसान आज उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। BRS government ने उनके साथ किए हर वादे को तोड़ा है। BRS सरकार ने किसानों से कर्जमाफी का वादा किया पर कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया। यहां सिंचाई परियोजनाओं को लेकर बड़ी घोषणाएं की गईं। लेकिन या तो उन्हें पूरा नहीं किया गया या फिर बिना तैयार किए उनका उद्घाटन कर दिया गया। दूसरी तरफ, पिछले कुछ वर्षों में, भाजपा ने ना सिर्फ किसानों की मदद का वादा किया बल्कि 40 लाख किसानों के खातों में करीब 10 हजार करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। हमने MSP बढ़ाने का वादा किया और उसे भी पूरा किया। ये मोदी की गारंटी है, पूरा करके रहता है।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
हर जिले के किसी एक उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए, उसका उत्पादन और एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार One District One Product योजना चला रही है। इस योजना के तहत निजामाबाद में हल्दी को प्रमोट किया जा रहा है। और जब हल्दी की बात आती है न, मैं खास करके तेलंगाना की बहनों को आज शत-शत नमन करना चाहता हूं। मैं तेलंगाना की किसान माताओं के चरण अपने माथा पर लेता हूं। उस चरण रज से मैं अपने आप को एक पवित्र प्रसाद के रूप में ले रहा हूं। क्योंकि सिर्फ तेलंगाना की माताएं-बहनें, हल्दी की खेती में दिवस-रात मेहनत करती है, इतना ही नहीं, वो खेती की पैदावार करती है, ऐसा नहीं, लेकिन कोविड के समय हल्दी ने दुनिया के बहुत लोगों को राहत दी है। पूरी दुनिया में हल्दी पहुंची है। दुनिया को बीमारी से मुक्त रखने का काम ये मेरे तेलंगाना की और मेरे देश की हल्दी पैदा करने वाली माता-बहनों ने की है। और इसीलिए मैं उन्हें नमन करता हूं। और इसीलिए दो दिन पहले महबूबनगर में ही मैंने इससे जुड़ी एक बड़ी घोषणा की है। हमने किसानों से किया एक और वायदा पूरा किया है। हल्दी उगाने वाले किसान भाइयों के लिए, उनके विकास के लिए अब देश में ‘National Turmeric Board’ का गठन किया जाएगा। ये बोर्ड हल्दी की उपज को देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में विस्तार देने में मदद करेगा। इस निर्णय का बड़ा लाभ तेलंगाना के किसानों को भी होगा। मैं एक बार फिर तेलंगाना के किसानों को, निजामाबाद के किसानों को और खास करके हल्दी के खेत में काम करने वाली मेरी लाखों माताओं-बहनों को आज ‘National Turmeric Board’ की बधाई देता हूं।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
आप बीजेपी को एक मौका दीजिए। मुझे आपकी सेवा करने का मौका चाहिए। देंगे, मुझे सेवा करने का मौका देंगे, मुझे आपके दुख दूर करने का मौका देंगे। मुझे आपकी कमाई को पाई-पाई बचाने का मौका देंगे। मुझे आपका भला करने का मौका देंगे। मुझे तेलंगाना के नौजवानों, यूथ का भला करने का मौका देंगे। हम दिखाएंगे कि तेलंगाना कितनी ऊंचाई पर जा सकता है। बीजेपी तेलंगाना के विकास के लिए पूरी ईमानदारी से काम करेगी। तेलंगाना में डबल इंजन की सरकार बन गई तो यहां विकास डबल तेजी से होगा। बीजेपी तेलंगाना की लूट बंद करेगी। बीजेपी तेलंगाना के युवाओं को नए अवसर देगी। बीजेपी तेलंगाना की महिलाओं को मान-सम्मान और सुरक्षा देगी। बीजेपी तेलंगाना में ईमानदार और पारदर्शी शासन लाएगी।

ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
चाहे गरीब हो, युवा हो, महिलाएं हों या किसान हो, भाजपा समाज के हर वर्ग के कल्याण को लेकर प्रतिबद्ध है। मुझे यकीन है कि तेलंगाना के लोग अभूतपूर्व स्नेह और सहयोग का आशीर्वाद हमें देते रहेंगे। मैं भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता से भी कहूंगा- हर बूथ को जीतिए, हर बूथ पर लोगों का दिल जीतिए। कमल घर-घर पहुंचे, कमल हर दिल में पहुंचे। कमल के दिल में तेलंगाना का हर नागरिक और तेलंगाना के हर नागरिक के दिल में कमल। हम मिलकर, तेलंगाना के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करेंगे। इसी विश्वास के साथ, इतनी बड़ी तादाद में आपका आना, यही हवा का रुख बता देता है। बहुत-बहुत धन्यवाद।
मेरे साथ जोर से बोलिए-
भारत माता की, भारत माता की, भारत माता की। बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Prime Minister recalls the courage of those impacted by Partition on Partition Horrors Remembrance Day
August 14, 2026
PM shares Sanskrit Subhashitam highlighting the power of hard work and human endeavor

Prime Minister Shri Narendra Modi today stated that as we mark Partition Horrors Remembrance Day, we recall the courage of all those who were impacted by Partition. He noted that it was a moment in history that tore apart several lives, where families were uprooted, loved ones were lost, and immense suffering was endured.

The Prime Minister highlighted that at the same time, overcoming this, people rebuilt their lives from nothing, turned adversity into achievement, and contributed immensely to our nation’s progress. He observed that their life journeys remind us of the strength of the human spirit. Shri Modi expressed hope that this day may deepen our resolve to preserve harmony and brotherhood in our nation and collectively work towards building a Viksit Bharat.

The Prime Minister offered his heartfelt tributes to all those countrymen who, emerging from that horrific period, made invaluable contributions to the progress of the country. He stated that through their courage and capability, they showed how resolutions are accomplished even in adverse circumstances. Shri Modi called upon everyone to further strengthen the national spirit of goodwill and solidarity.

Sharing a Subhashitam, the Prime Minister emphasized that it is through hard work, enterprise, and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship, and innovations flourish, paving the way for success. He added that therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence, and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.

In a series of posts on X, the Prime Minister wrote:

"Today we mark #PartitionHorrorsRemembranceDay. We recall the courage of all those who were impacted by Partition. It was a moment in history that tore apart several lives…families were uprooted, loved ones were lost and immense suffering was endured.

At the same time, overcoming this, people rebuilt their lives from nothing, turned adversity into achievement and contributed immensely to our nation’s progress. Their life journeys remind us of the strength of the human spirit.

May this day deepen our resolve to preserve harmony and brotherhood in our nation and collectively work towards building a Viksit Bharat."

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.