Udupi region was naturally blessed with coastal plains and yet it had failed to develop under the Congress: PM Modi
Congress' disrespect towards Shri Deve Gowda ji is not acceptable. If such is their mindset, how can they think good for people of Karnataka: PM
Congress played politics over banking schemes for poor, says PM Modi in Udupi
We will leave no stone unturned to fulfill aspirations of people of Karnataka and ensure all round development of the state: PM in Udupi
Love between me and people of Udupi is such that language no barrier between us, says PM Modi
28th April 2018 will always be remembered in the history of India. Due to the efforts of several teams of people, India's villages got electricity: PM
The Congress is led by leaders who have no respect for India's history. I was shocked that they even went to the level of disrespecting 'Vande Mataram': PM Modi
Why did the Congress not think about the 18,000 villages lacking access to electricity: PM Modi
BJP is focussing on the pride of Karnataka, the development of the state. We want a Swachh, Sundar and Surakshit Karnataka: PM Modi
Karnataka Govt did nothing for the farmers in Karnataka. Why did they not ensure proper irrigation facilities to the farmers, asks PM Modi
Congress left behind a chronic ailment of 60 years, and we are working hard to rid the country of it: PM

भारत माता की जय। भारत माता की जय।

मंच पर विराजमान भारतीय जनता पार्टी के सभी वरिष्ठ नेतागण और विशाल संख्या में आए हुए कर्नाटक के मेरे प्यारे भाइयो और बहनो।

आपका ये उमंग, आपका ये उत्साह इस बात का सबूत है कि इस बार कर्नाटक की जनता ने कांग्रेस को सजा देने का निर्णय कर लिया है।

अच्छा …। आपको भाषान्तर नहीं चाहिए। शाबास।

आपका प्यार इतना है मुझ पर कि भाषा हमारे बीच की रुकावट नहीं बन सकती। आपके इस प्यार के लिए मैं सर झुकाकर आपको नमन करता हूं। यहां छोटा से पंडाल बनाया गया। शायद यहां के स्थानीय लोगों को लगा होगा कि इतना पंडाल भर जाएगा, बहुत अच्छा होगा। लेकिन हमारी सारी व्यवस्था कम पड़ गई और विशाल संख्या में जनसागर।

मेरे प्यारे भाइयो बहनो।

आप इस ताप में तपस्या कर रहे हैं। आपकी इस तपस्या को हम बेकार नहीं जाने देंगे। आपने जो प्यार दिया है, मैं इसे सवाया करके लौटाऊंगा और विकास के रूप में लौटाऊंगा।

भाइयो-बहनो।

उडुपी के साथ मेरा एक विशेष नाता भी है। क्योंकि द्वारका की धरती से बालकृष्ण यहां पधारे। उडुपी का नाता द्वारका से अटूट बन गया। और इसलिए मेरा भी स्वाभाविक नाता इस धरती से बन जाता है। और ये प्यार मुझे दिखाता है कि आपके दिल में ...।

भाइयो बहनो।

भक्त कनकदास को वासुदेव का दर्शन हो या फिर मध्वाचार्य यति के बालकृष्ण की मुलाकात हो। उडुपी पर भगवान श्रीकृष्ण की हमेशा छत्रछाया रही है। आज देश और समाज के लिए यहां के मठ, मंदिर, गुरुओं, सृष्टिजनों का योगदान हम सबके लिए प्रेरणा देने वाला है।

भाइयो बहनो।

ये परशुराम की सृष्टि है। ये परशुराम की सृष्टि प्रकृति की रक्षा कैसे करना, प्रकृति का संवर्धन कैसे करना, प्रकृति के साथ सहजीवन कैसे जीना, ये परशुराम की सृष्टि हमें इसका संदेश देती है। यही तो पूरे विश्व को हम कह सकते हैं कि हम वो लोग हैं जो प्रकृति का पोषण जानते हैं। हम प्रकृति का शोषण करना हमारी संस्कृति में नही है, हमारी परंपरा में नहीं है।

मेरे उडुपी के भाइयो बहनो।

मैं आज इस धरती के लिए एक विशेष गौरव की भी अनुभूति करता हूं। इसी धरती का नौजवान। उस नौजवान ने बहुत छोटी आयु में दुनिया के अंदर हिन्दुस्तान का माथा ऊंचा कर दिया है। अभी ऑस्ट्रेलिया में कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के खिलाड़ी गए थे। और इसी धरती का संतान हमारा नौजवान साथी गुरुराज पुजारी, ये कृष्ण की धरती से गुरुराज गया और वेटलिफ्टिंग में हिन्दुस्तान को को मेडल दिलाकर आ गया। मुझे गुरुराज से मिलने का भी अवसर मिला है। मुझे गुरुराज से उसके पराक्रम की बातें सुनने का मौका मिला है।  

भाइयो बहनो।

ये नौजवान ही है जो देश और दुनिया में हिन्दुस्तान का नाम रोशन करते हैं। हम तो राजनीति में भी नहीं थे। हम तो राजनीति में बड़ी देर से आए। लेकिन उडुपी के साथ हमलोग अपनापन कई वर्षों से महसूस करते आए हैं। जब पूरे देश में जनसंघ का झंडा कहीं लहराता नहीं था। उस जमाने में 40 साल पहले ये उडुपी में जनसंघ के लोगों को म्युनिसपिलिटी में लोग चुनकर भेजते थे। और अनेक वर्षों तक उडुपी की जनता ने जनसंघ को यहां विजयी बनाया। और जब हिन्दुस्तान में नगरपालिकाओँ के बीच में स्पर्धा होती थी तो अनेक मानकों में उडुपी जनसंघ शासित उडुपी देश में नंबर एक पर आता रहता था। और इसलिए चाहे स्वच्छता की बात हो, सामान्य मानवी के सुखाकारी की बात हो, उडुपी, जनसंघ और भाजपा का नाता एक सफलता के इतिहास से जुड़ा हुआ है। और इसलिए मैं आज जनसंघ के जमाने से भाजपा तक के लक्षावधि कार्यकर्ताओं को नमन करता हूं जिन्होंने इस महान परंपराओं को आगे बढ़ाया है।

भाइयो बहनो।

ये उडुपी, दक्षिण कन्नड़ का ये इलाका लैंड ऑफ टेंपल के रूप में जाना जाता है। ये लैंड ऑफ टेंपल तो है ही। लेकिन देश को इस बात का भी पता होना चाहिए कि ये धरती भारत के लिए लैंड ऑफ बैंकिंग भी है। वर्षों पूर्व इसी धरती से बैंकिंग के क्षेत्र में देश को नई दिशा मिली, देश को नई ताकत मिली।

भाइयो बहनो।

यही धरती। जहां से श्रीमान सुब्बाराव पाई, श्रीमान पीएमए पाई, श्रीमान हाजी साहेब, श्रीमान एबी शेट्टी। आज भी जब हिन्दुस्तान में बैंकिंग सेक्टर की बात आती है तो गर्व के साथ इस धरती का नाम, इन महानुभावों का नाम देश याद करता है। और जिस धरती ने देश को बैंकिंग के क्षेत्र का महात्म्य बताया, सामर्थ्य दिया। आजादी के बाद भी गरीबों के नाम पर बैंकों के राष्ट्रीयकरण किए गए। सत्ता हथियाने के लिए खेल खेले गए। लेकिन आजादी के बाद भी गरीब को बैंक के दरवाजे तक जाने का कभी अवसर नहीं आया। गरीब सोच भी नहीं सकता था कि बैंक के दरवाजे तक वो जा सकता है। आप लोगों ने हमें दिल्ली में भारत सरकार में बिठाया। देश की सरकार का नेतृत्व करने का सौभाग्य दिया। जिस उडुपी ने देश को बैंकिंग को दिया था। हमने देश के गरीब को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने का सपना लिया और उसे जोड़करके दिया। 31 करोड़ से ज्यादा 40 फीसदी जनसंख्या आजादी के इतने सालों के बाद भी अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा से बाहर थी, बैंकिंग व्यवस्था से बाहर थी। हमने उन्हें बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा। जन-धन योजना के तहत बैंक में उनके खाते खोले। और हमने गरीब को कहा था कि जीरो बैलेंस से बैंक खाता खोला जाएगा। बैंक आपकी है। चिंता मत कीजिए। और मेरे देश के गरीबों की अमीरी देखिए। हमने तो कहा था कि जीरो बैलेंस एकाउंट खोलेंगे लेकिन मेरे देश के गरीबों ने 80 हजार करोड़ रुपया बैंकों में जमा करके अपना सेविंग का क्षेत्र खोल दिया। आप कल्पना कर सकते हैं। इन गरीबों को अगर 40-50 साल पहले यह अवसर मिला होता तो आज वो अर्थव्यवस्था में कहां पहुंचे होते। देश की अर्थव्यवस्था को कितनी ताकत मिली होती। लेकिन मुट्ठीभर लोगों के लिए देश चलाने की आदत वाली कांग्रेस को कभी गरीबों को ताकतवर बनाने का विचार नहीं आया। उनको गरीबों को गरीब रखकरके अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने का ही हमेशा इरादा रहा। उसी परिणाम आया कि देश के कल्याण में काम नहीं आया।

प्यारे भाइयो बहनो।

बैंक के पैसे देश के नौजवान के काम आऩा चाहिए कि नहीं आना चाहिए ...। देश के नौजवान को अगर अपने सपने साकार करने हैं तो जो बैंक में जो पैसा है, वो उसके काम आना चाहिए कि नहीं आना चाहिए ...। लेकिन पहले ऐसी सरकारें थी जो उनके चहेते लोगों को चाहे जितना लूटा देते थे रुपया, बैंकों से जो लूटना है, वो लूटने देते थे। लेकिन देश के नौजवान को अपने पैरों पर खड़ा होना हो, छोटा-मोटा व्यवसाय शुरू करना हो, अपना कारोबार करना चाहता हो, खेती में कोई नई मशीन लाना चाहता हो, कोई छोटा-सा उद्योग खड़ा करना चाहता था। तो बैंकों के दरवाजे हमारे ऐसे नौजवानों के लिए ताले लगे हुए थे, बंद थे। उनसे पूछा जाता था। भई बैंक से लोन लेने आए हो कुछ गिरबी रखने के लिए तुम्हारे पास है क्या? जमीन है। संपत्ति है। गारंटी है। अरे उसके पास होता तो वो तुम्हारे दरवाजे पर दस्तक क्यों देता। अरे उसके पास नहीं है। उसके पास तो जज्बा है, संकल्प है, उसको कुछ कर गुजरने का इरादा है, वो अवसर चाहता है अवसर। कोई उसका हाथ पकड़ ले तो वह खुद चलने को तैयार है।

भाइयो बहनो।

कांग्रेस के शासनकाल में 5-6 दशक तक बैंक का पैसा देश के नौजवानों के काम नहीं आया। हमने इस बैंकिंग व्यवस्था को देश के नौजवानों से जोड़ा है।  आशावान नौजवानों से जोड़ा। होनहार नौजवानों से जोड़ा। संकल्पबद्ध नौजवानों के साथ जोड़ा। अपने पैरों पर खड़े होने का इरादा रखने वालों नौजवानों के साथ जोड़ा। और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना शुरू की। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत इस देश में 12 करोड़ लोन स्वीकृत हो गई और रकम करीब 4 लाख करोड़ से भी ज्यादा। देश के नौजवानों के हाथ में दी। अकेले कर्नाटक में सवा करोड़ लोन स्वीकृत हुए हैं भाइयो बहनो। ये नौजवान आगे आए हैं। और जिन नौजवानों ने अपना कारोबार शुरू किया है। खुद तो अपने पैरों पर खड़ा है लेकिन कहीं वो एक को रोजगार दे रहा है, तो कोई दो तो कोई पांच लोगों को रोजगार दे रहा है। अभी मुझे देशभर के मुद्रा योजना के लाभार्थियों से मिलने का मौका मिला। मैं हैरान था। उन्होंने ऐसे-ऐसे काम करके दिखाए एक साल दो साल के अंदर। ब्रांडेड चीजें बनाने लग गए। बाजार को कैप्चर करने लग गए। मेरे देश की युवा शक्ति, मेरे बैंकिंग व्यवस्था की धन शक्ति और सरकार की संकल्प शक्ति। ये त्रिवेणी संगम है जो हिन्दुस्तान का भाग्य बदलने के लिए आज आगे बढ़ रहा है।

भाइयो बहनो।

मैं आज जरा कर्नाटक की सरकार से पूछना चाहता हूं। मैं कांग्रेस के नेताओं से पूछना चाहता हूं। आप मुझे बताइए भाइयो बहनो। क्या लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान होता है क्या ...? निर्दोषों को मौत के घाट उतारने का हक मिलता है क्या ...? राजनीतिक विचारधारा में कोई दूसरा विचारधारा रखता है तो उसको मार दिया जाता है क्या ...। क्या इस चुनाव में लोकतंत्र के पक्षधर कर्नाटक के लोग कांग्रेस पार्टी से हिसाब मांगेगे ...। पिछले दो साल में दो दर्जन से ज्यादा भाजपा के कार्यकर्ताओं को मौत के घाट दिया गया, कत्लेआम कर दी गई, हिंसा कर दी गई। उनका गुनाह यही था कि वो आपके विचारों को विरोध करते थे। उनका गुनाह यही था कि कर्नाटक के नागरिकों हक के लिए वो आवाज उठाते थे। आपने उनका गला घोंट दिया।

आप मुझे बताइए। कर्नाटक के भाइयो बहनो।

हिंसा की हिंसा की राजनीति करने वाले लोगों को कांग्रेस से विदाई होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए ...। कर्नाटक से विदाई होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए ...। देश से विदाई होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए ...। हिंसा की मानसिकता की विदाई होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए ...। क्या करके रखा है।

भाइयो बहनो। अहंकार की भी ...।

देश को आज ...। दुनिया में भारत ईज ऑफ डूइंग बिजनस में आगे बढ़े। ये हमारा कर्नाटक ...। मैं छोटा था तब से, मैं राजनीति का र भी नहीं जानता था तब से हम कर्नाटक की गौरवगाथा सुनते आए हैं। यहां के लोग, यहां का जीवन, यहां की शांति हर कोई तारीफ करता था। लेकिन उस कर्नाटक की इस विरासत को भी चूर-चूर करने का काम कांग्रेस की सरकार ने किया है। एक तरफ हम ईज ऑफ डूइंग विश्वभर में भारत का ख्याती बढ़े। भारत में विदेश के लोग आएं, पूंजी निवेश करें। भारत के लोगों को हक मिले, इसके लिए काम कर रहे हैं। तो दूसरी तरफ कर्नाटक में कांग्रेस क्या कर रही है। कांग्रेस के शासन में क्या हो रहा है। एक तरफ हिन्दुस्तान ईज ऑफ डुइंग बिजनस के लिए योजनाएं बना रहा है और दुनिया में पहली बार हुआ 45 हाथ आगे निकल गए। हमारी ऊंचाई बढ़ गई है। हमारा नाम बढ़ गया विश्व में। दूसरी तरफ कांग्रेस के शासन में क्या हो रहा है। यहां ईज ऑफ डूइंग में इंटरेस्ट नहीं है। ये दुख की बात है।

राजनीतिक हिंसाओं के प्रति सरकार उदासीन है। ये मैं खुला आरोप लगाना चाहता हूं कि कांग्रेस ने अपने शासन काल में देश तो ईज ऑफ डूइंग बिजनस कर रह है। इन्होंने ईज ऑफ डूइंग मर्डर कर दिया है। ये ईज ऑफ डूइंग मर्डर का कल्चर इन्होंने पैदा किया है। और इसलिए मैं आपसे आग्रह करता चाहता हूं कि यहां से अपराध की राजनीति, अपराधियों के आधार पर राजनीति, अपराधियों की सरकारों में बोलबाला। ये अगर हम खत्म नहीं करेंगे तो कर्नाटक के नौजवानों का भविष्य उज्ज्वल नहीं है। और इसलिए कर्नाटक के उज्ज्वल के भविष्य के लिए ये जो बीमारी कांग्रेस लेकर आई है। उस बीमारी से मुक्ति पाना बहुत जरूरी है। ये चुनाव में वो अवसर मिल रहा है। 12 मई को कमल के निशान पर बटन दबाकरके हम इस भाग्य को बदलने का फैसला आपके हाथ में है। और मुझे विश्वास है।

भाइयो बहनो।

राजनीति में मतभेद होते हैं लेकिन सार्वजनिक जीवन की कुछ मर्यादाएं होती हैं। हर व्यक्ति का अपना ईगो होगा लेकिन समाज जीवन में मान मर्यादाओं का भी मूल्य होता है। हमारे देश के भूतपूर्व प्रधानमंत्री इसी धरती के संतान किसान पुत्र श्रीमान देवेगौड़ा जी जब भी दिल्ली में आए। उन्होंने जब भी मेरा समय मांगा। मैं उन्हें मिला। इतना ही नहीं, जब वो मेरे घर आते हैं तो उनकी गाड़ी का दरवाजा खोलकरके उनका स्वागत करता हूं। और जब जाते हैं तो दरवाजे तक जाकरके उनको गाड़ी में बिठाकरके छोड़ कर आता हूं। राजनीतिक दृष्टि से वो हमारे विरोधी विचार के हैं। वे हमारी जमकरके आलोचना करते हैं। पार्लियामेंट में हमारे खिलाफ वोट करते हैं लेकिन देवेगोड़ा जी हिन्दुस्तान के वरिष्ठ सम्मानजनक नेताओं में से एक हैं। लेकिन मैंने सुना कि कांग्रेस के अध्यक्ष चुनावी सभाओं में आज से 15-20 दिन पहले जिस प्रकार से आदरणीय देवेगौड़ा जी का उल्लेख कर रहे थे। क्या ये आपके संस्कार हैं। क्या ये अहंकार ...। अरे अभी तो आपकी जिंदगी की शुरुआत हो रही है। अरे देवगौड़ा जी तो इस देश के वरिष्ठ नेताओं में से हैं। आप उनको अपमानित करते हो। आप कल्पना कर सकते हो कि जिसका मिजाज ऐसा है। जिसका अहंकार सातवें आसमान पर पहुंचा है। अभी तो जिंदगी की शुरुआत है। वे अगर आज ये कर रहे हैं तो आने वाले दिन कितने बुरे हो सकते हैं। ये आपको उनके कारनामों से पता चलता है। और इसलिए। ऐसी कांग्रेस पार्टी, ऐसे अहंकारी लोग लोकतंत्र के लिए एक बहुत खतरा है। इसलिए मैं कर्नाटक की जनता से आग्रह करता हूं। ये कर्नाटक की जनता का जिम्मा है, महात्मा गांधी के सपने को पूरा करने का। महात्मा गांधी का आखिरी सपना था। उनके जीवन की इच्छा थी कि कांग्रेस को बिखेर दो। देश के जिस-जिस राज्य को मौका मिला, हर राज्य ने गांधी जी के सपनों को पूरा करने का भरसक प्रयास किया। जहां भी लोगों को मौका मिला है पिछले चार साल में ...। कांग्रेस को ...। अब बारी किसकी है ...। अब कर्नाटक की बारी है। ये कर्नाटक को देश की इच्छा पूरी करने का सौभाग्य मिला है। और कर्नाटक में खेल पूरा हो गया तो ...। फिर तो साहब ...। गांधी जी के आशीर्वाद आप ही पर आने वाले हैं।

और इसलिए ...। भाइयो-बहनो।

कांग्रेस पार्टी असहिष्णुता, हिंसा, अत्याचार, कानून व्यवस्था में कोताही। ये उसकी सरकारों की पहचान बनी रही। आज सामान्य मानवी सुरक्षित नहीं है। कर्नाटक के अंदर लोकायुक्त पर हमला हो जाए, कर्नाटक के पुलिस अफसर खुद सरकार को चिट्ठी लिखे, कानून व्यवस्था को लेकरके चिंता व्यक्त करें। इससे अधिक बुरा दिन क्या हो सकता है। हमारी बेटियों की रक्षा करना। जिस प्रकार से कर्नाटक में बेटियों पर जुल्म हुए हैं। मीडिया में वो खबर दिखाई दे या न दिखाई दे, सोशल मीडिया में जिस प्रकार से लोगों ने जानकारियां पहुंचाई है। ये चौकाने वाले हैं।

इसलिए भाइयो बहनो।

मेरे देश की बेटियों को रक्षा देने के लिए, राक्षसी मनोवृत्ति के लोगों को दंडित देने के लिए हमारी सरकार ने बहुत बड़ा फैसला किया है। बलात्कारियों को फांसी के मंच पर चढ़ा दिया जाएगा, फांसी पर लटका दिया जाएगा। और न्याय जल्दी से जल्दी मिले। ये फैसला हमने किया है। ये निर्णय हमने किया है। आप जानते हैं। हम निर्णय करते हैं तो उसको लागू करके ही रहते हैं।

भाइयो बहनो।

आपने माफियाओं की कथाएं तो बहुत सुनी है। और कर्नाटक में तो हर इलाके में माफिया की बिरादरी चली है। अब एक नया खेल चला है। सैंड माफिया। उडुपी वाले बराबर सब जान जाते हैं। हाईकोर्ट को, कर्नाटक के हाईकोर्ट को कठोर टिप्पणी करनी पड़ी, सरकार के खिलाफ। और गरीब आदमी को घर बनाना हो, दो बोरी बालू चाहिए तो उसको ब्लैक में लाने के लिए मजबूर करे। यहां तक सैंड माफिया ने अपने हाथ पैर पसारे हैं।

आप मुझे बताइए।

इन माफियाओं के पीछे सत्ता में बैठे हुए लोगों का सहारा है कि नहीं है ...। उनके आशीर्वाद है कि नहीं है ...। जो बालू भी लूट जाते हैं, वो आपके लिए कुछ बचने देंगे क्या ...। ये लूट करने की सरकार जानी चाहिए कि नहीं चाहिए ...। हमेशा-हमेशा के लिए कर्नाटक को ऐसी वृत्ति-परिवृत्ति से मुक्ति मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए ...।

और इसलिए भाइयो बहनो।

मैं आज आपसे आग्रह करने आया हूं। ऐसी सरकार जो माफिया को पालती है, कानून व्यवस्था को पी जाने की आदत रखने वाले लोग मुखिया बनके बैठे हुए हैं। तो भाइयो बहनो। कर्नाटक की हालत बद से बदतर हालत होती चली जाएगी। यही एक मौका है कर्नाटक को बचाने की।

ये हमारा उडुपी। जब भी कर्नाटक में शिक्षा की चर्चा होती है। 10वीं के एक्जाम हो, 12वी के एक्जाम हो, शानदार, शानदार परिणाम किसका आता है ...। पूरे कर्नाटक में आन-बान-शान किसकी है। उडुपी है कि नहीं है ...। और मजा देखिए। कभी भी उडुपी के छात्र इतने होनहार हैं। शिक्षा में पराक्रम करने वाले लोग हैं। पूरे कर्नाटक में उनका कोई मुकाबला नहीं कर सकता है। लेकिन कभी भी। कभी उडुपी के एक्जाम सिस्टम में गलत हो रहा है। ऐसी एक भी खबर सुनने को नहीं मिली। गर्व होता है। आज के कालखंड में ये उडुपी जैसी पवित्र जगह से हमारे नौजवान इस प्रकार का जीवन जीते हैं। तो देश का हौसला बुलंद होता है, गर्व होता है। उन माताओं-पिताओं को, शिक्षकों को, स्कूलों को उडुपी के नौजवानों को आदरपूर्वक धन्यवाद देता हूं। अभिनंदन करता हूं।

भाइयो बहनों।

लेकिन इतनी पढ़ाई। इतने होनहार परिणाम लेकिन जैसे ही 20-22 साल की उम्र हो जाए। बूढ़े मां-बाप को छोड़करके कहीं बैंगलुरू जाना पड़ता है, कहीं कर्नाटक से बाहर जाना पड़ता है। रोजी रोटी कमाने के लिए कहीं और जाना पड़ता है।क्या उडुपी के आस-पास विकास करके यहां के लोगों को रोजगार नहीं दिया जा सकता। क्या यहां के समुद्र तट की शक्ति, ब्लू रिवोल्यूशन के द्वारा यहां के लोगों के जीवन में रोजगार नहीं दिया जा सकता है।

लेकिन भाइयो बहनो।

ये सरकार ऐसी है। इनके इरादे ऐसे हैं। इनकी आदत ऐसी है कि वे कभी भी इस परिवर्तन के पक्ष में होते नहीं है। उनकी आदत है अटकाना, लटकाना, भटकाना। चीजों को रोके रखना। विकास के अंदर कोई भी चीज आगे न बढ़े। 5 साल में भारत सरकार ने कडूर- चिकमगलूर-सकलेसपुर रेल लाइन का प्रोजेक्ट। 20 साल हो गए लेकिन 90 किलोमीटर की रेल लाइन, 16 साल के बाद कडूर से चिकमंगलुर तक आधा काम पूरा हो पाया है। आप मुझे बताइए। यदि राज्य सरकार जमीन ही न दे तो भारत सरकार कितने ही पैसे लगाए। क्या विकास हो सकता है क्या ...।

ये बरही सिंचाई परियोजना। क्या हुआ। 40 साल हो गए। कितने मुख्यमंत्री आकर गए। कितनी सरकारें आकर गई। जब-जब कांग्रेस सरकारें आई। काम थोड़ा आगे बढ़ा रोक दो, थोड़ा आगे बढ़ा, रोक दो। पानी के संबंध में, ऐसी उदासी सरकार हमने कभी नहीं देखी।

भाइयो बहनो।

कर्नाटक के पास समृद्ध कोस्टल इलाका है, समुद्री तट है। और हम तटीय विकास के पक्ष के हैं। सागरमाला प्रोजेक्ट के द्वारा हम हिन्दुस्तान के समुद्री तट के विकास पर काम के लिए काम करना चाहते हैं। हम हमारे फिशरमैन के लिए नए हार्बर बनाने के लिए काम कर रहे हैं। उडुपी के आस-पास रेल के दो स्टेशन का काम चल रहा है। वह बहुत जल्द पूरा होने वाला है। तटीय कर्नाटक को उडुपी में रेलवे बिजलीकरण का काम आज तेज गति से चल रहा है। और इसलिए इन्फ्रास्ट्रक्चर के द्वारा उडुपी को देश के अन्य भागों से तत्काल जोड़ने का काम, ये हमारी प्राथमिकता रही है। भारत माला प्रोजेक्ट के तहत अगल दो वर्षों में लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश नौजवानों को नए रोजगार के अवसर पैदा करने वाला है।

भाइयो बहनो।

विकास के अनके प्रोजेक्ट लेकरके आज हम मछुआरों की जिंदगी बदलने के लिए काम कर रहे हैं। विकास की नई ऊंचाइयों को पार करने के लिए काम कर रहे हैं। और ऐसे समय, आपका ये उत्साह और उमंग, आने वाले 10-11 दिन आपके पास है। घर-घर जाना है। एक-एक मतदाता से मिलना है। हर मतदाता के भविष्य को कर्नाटक के भविष्य के साथ जोड़ना है। और भारतीय जनता पार्टी के लिए बटन दबाने के लिए बटन दबाने तक ले जाना आपका काम है। पोलिंग बूथ तक ले जाने का आपका काम करना है। और आप सब इस काम को आगे बढ़ाएंगे। और येदुरप्पा जी के मुख्यमंत्री पद में हम कर्नाटक में नई सरकार बनाएंगे। दिल्ली की सरकार कर्नाटक के साथ कंधे से कंधा मिलाकरके चलने के लिए तैयार है। आप दो कदम नहीं चलेंगे तो हम पीछे नहीं रहेंगे। ये हम आपको विश्वास दिलाने आया हूं। कर्नाटक की आशाएं अपेक्षाएं पूर्ण करने के लिए दिल्ली की सरकार ऐड़ी चोटी एक लगा देगी। ये मैं आपको विश्वास दिलाने आया हूं।

भाइयो बहनो।

स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित कर्नाटक निर्मिष सोणा। बन्नी एल्लरू कै जोड़ी सी। सरकार बदली सी, बीजेपी गेल्ली सी। सरकार बदली सी ...। सरकार बदली सी ...। सरकार बदली सी ...। सरकार बदली सी ...। एल्लरीगो नमस्कार करूं। भारत माता की जय।

 

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The days of TMC’s hooliganism are coming to an end: PM Modi in Kolkata, West Bengal
March 14, 2026
The days of TMC’s hooliganism are coming to an end. The countdown for the departure of the TMC government has begun: PM Modi in Kolkata rally
Due to infiltration, Bengal’s ‘roti, beti and mati’ are under threat. Jobs of local people are being snatched away, security of our daughters is at risk and illegal encroachments are taking place: PM Modi
I assure the mothers and sisters of Bengal that under a BJP government, women will be safe and criminals will be behind bars: PM Modi’s promise to West Bengal
First the Congress, then the Communists and now the TMC - they kept coming one after another, filling their pockets while development work in Bengal remained stalled: PM’s concern in West Bengal

भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की...

ये बेटी कब से चित्र लेकर खड़ी है कोई कलेक्ट कर लीजिए ताकि वो बेटी आराम से बैठ सके। जरा एसपीजी के लोग इसे कलेक्ट कर लीजिए। धन्यवाद बेटा... बहुत बढ़िया चित्र बनाया आपने...

भारत माता की... भारत माता की...

आमार प्रियो पोश्चिम बोंगोबाशी, भाई ओ बोनेरा, आमार अंतोरेर अंतोस्थल थेके… आपनादेर शोबाइके सश्रोद्धो प्रोणाम।

बंगाल की ये ऐतिहासिक धरती....ये ब्रिगेड परेड ग्राउंड का ऐतिहासिक मैदान.....और, बांग्ला मानुष का ये ऐतिहासिक जन-सैलाब... जहां जहां मेरी नजर पहुंच रही हो लोग ही लोग नजर आ रहे हैं। ये अद्भुत दृश्य है। ये.आपका उत्साह...ये आपका जोश...बंगाल क्या सोच रहा है....बंगाल के मन में क्या चल रहा है....अगर किसी को ये देखना है, तो जरा ये तस्वीरें देख ले!

ब्रिगेड परेड ग्राउंड का इतिहास साक्षी है....जब-जब बंगाल देश को दिशा देता है...ये ब्रिगेड मैदान बंगाल की आवाज़ बनता है। इस मैदान से अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ उठी आवाज. और वो आवाज हिंदुस्तान में एक क्रांति बन गई थी। और उसका नतीजा क्या हुआ...अंग्रेजों के अत्याचार और लूट का खात्मा हुआ! आज एक बार फिर...ब्रिगेड ग्राउंड से नए बंगाल की क्रांति का बिगुल बज गया है। बंगाल में बदलाव अब दीवारों पर भी लिख चुका है... और बंगाल के लोगों के दिलों में भी छप चुका है। अब बंगाल से निर्मम सरकार का अंत होकर रहेगा... अब बंगाल से महाजंगलराज का खात्मा होगा। इसीलिए, बंगाल के हर कोने से आवाज उठ रही है... चाइ बीजेपी शॉरकार चाइ बीजेपी शॉरकार पाल्टानो दोरकार, चाइ बीजेपी शॉरकार

साथियों,

कल TMC ने इस रैली में आने वाले आप सभी लोगों को चोर कहकर गाली दी है। असली चोर कौन है, ये बंगाल की प्रबुद्ध जनता जानती है। अपनी कुर्सी जाते हुए देखकर... यहां की निर्मम सरकार बौखला गई है।

साथियों,

आज भी इस विशाल सभा को रोकने के लिए निर्मम सरकार ने सारे हथियार निकाल लिए आपलोगों को आने से रोकने के लिए ब्रिज बंद करवा दिए, गाड़ियां रुकवा दी, ट्रैफिक जाम करवाया, भाजपा के झंडे उखड़वा दिए, पोस्टर फड़वा दिए। लेकिन निर्मम सरकार साफ-साफ देख लो आज के जनसैलाब को रोक नहीं पाई हो। बंगाल में महाजंगलराज लाने वालों का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। वो दिन दूर नहीं जब बंगाल में फिर से कानून का राज होगा...जो कानून तोड़ेगा... जो अत्याचार करेगा...TMC के किसी अत्याचारी को छोड़ा नहीं जाएगा। चुन-चुन के हिसाब लिया जाएगा।

भाइयों बहनों,

यहां की निर्मम सरकार चाहे अब जितना जोर लगा ले...परिवर्तन की इस आंधी को अब निर्मम सरकार रोक नहीं पाएगी... भाजपा के साथ...एनडीए के साथ...महिषासुरमर्दिनी का आशीर्वाद है। श्री रामकृष्ण परमहंस...स्वामी विवेकानंद....नेताजी सुभाष चंद्र बोस....ऋषि बंकिम चंद्र, गुरुदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर....ईश्वर चंद विद्यासागर...बाघा जतिन और खुदीराम बोस...डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी.....लोकमाता रानी रॉशमोनी...ऐसी सभी महान विभूतियों ने जिस बंगाल की परिकल्पना की थी....भारतीय जनता पार्टी की सरकार...उस बंगाल का निर्माण करेगी, नवनिर्माण करेगी।

साथियों,

बंगाल का विकास नेक नीयत से होगा, सही नीतियों से होगा। बंगाल में अभी हमारी सरकार नहीं है। लेकिन फिर भी, केंद्र सरकार के जरिए बीजेपी दिन-रात बंगाल के विकास में लगी हुई है। आज भी, मैंने 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया है। अभी-अभी 18 हजार करोड़.. कितना... कितना.. 18 हजार करोड़... कितना... कितना... कितना... चार दिन पहले ही, कैबिनेट ने पश्चिम बंगाल के लिए मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। ये सभी प्रोजेक्ट पश्चिम बंगाल में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएंगे। इसका फायदा यहां के सामान्य मानवी, किसान, व्यापारी और स्टूडेंट्स को मिलेगा।

भाइयो और बहनों,

यहां की निर्मम सरकार ने बंगाल के युवाओं को पलायन का अभिशाप दिया है। आप सब जानते हैं.... बंगाल के युवा प्रतिभा और हुनर में सबसे आगे हैं। बंगाल के युवा मेहनत करने में सबसे आगे हैं। बंगाल एक समय पर पूरे भारत के विकास को गति देता था... बंगाल व्यापार और उद्योगों में सबसे आगे था। लेकिन, आज हालात क्या हैं? यहाँ का युवा ना डिग्री ले पा रहा है... और ना ही उसे रोजगार मिल रहा है! आपके बेटे-बेटियों को काम की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ता है।

साथियों,

पहले कांग्रेस, फिर कम्युनिस्ट और अब TMC…. ये लोग एक के बाद एक आते रहे.... अपनी जेबें भरते रहे.... और बंगाल में विकास के काम ठप्प पड़े रहे। इनफ्रास्ट्रक्चर के मामले में हमारा बंगाल पीछे होता चला गया। उद्योग धंधे बंद होते चले गए। यहाँ टीएमसी सरकार में नौकरियां खुलेआम बेची जा रही हैं। भर्तियों में घोटाले हो रहे हैं। अब समय आ गया है.... अब समय आ गया है.... ये हालात बदलें, बंगाल के युवाओं को बंगाल में काम मिले! ये नौजवान बंगाल के विकास का नेतृत्व करें! एई शोप्नो आपनार, आर एई शोप्नो पूरोन कोरा.... मोदीर गारंटी! मोदीर गारंटी!

साथियों,

TMC सरकार का एक ही एजेंडा है.... ये टीएमसी वाले न खुद काम करेंगे, न करने देंगे! जब तक इनको अपना कटमनी नहीं मिल जाता.... ये किसी भी योजना को गाँव-गरीब तक नहीं पहुँचने देते! इसीलिए, TMC सरकार केंद्र की योजनाओं को रोककर रखती है। आप देखिए.... हम कारीगरों और कामगारों को आगे बढ़ाने के लिए पीएम-विश्वकर्मा योजना चला रहे हैं। हमारे कुम्हार, लोहार, बढ़ई... ऐसे हुनरमंद लोगों को इसका लाभ मिल रहा है। लेकिन, निर्मम सरकार ने बंगाल में योजना पर ब्रेक लगा रखा है। मुझे बताइए भाइयों, मेरे इन विश्वकर्मा भाइयों को भारत सरकार के पैसे पहुंचने चाहिए कि नहीं पहुंचने चाहिए, उनको मदद मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए , उनका भविष्य उज्ज्वल होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए.. केंद्र सरकार पैसे दे रही है, बंगाल को कुछ नहीं करना है लेकिन उसके बावजूद भी ये विश्वकर्मा समाज के छोटे-छोटे भाई-बहनों को उससे वंचित रखा जाता है।

साथियों,

देशवासियों को मुफ्त बिजली देने के लिए हमने पीएम-सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना शुरू की है। केंद्र की भाजपा सरकार इसके लिए हर लाभार्थी को 75 से 80 हजार रुपए देती है। आपको, बंगाल के मेरे भाई-बहनों को, हर परिवार को मोदी सरकार 75 से 80 हजार रुपए रुपये देती है। जो लाभार्थी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जुड़ता है, उसके घर का बिजली बिल जीरो हो जाता है...लेकिन बंगाल सरकार इसे भी लागू नहीं होने दे रही। आप मुझे बताइए आपका बिजली बिल जीरो होना चाहिए कि नहीं। बिजली बिल जीरो करने के लिए मोदी की मदद मिलनी चाहिए कि नहीं चाहिए। जो इसे रोकते हैं वो आपके दुश्मन हैं कि नहीं हैं… बंगाल के दुश्मन हैं कि नहीं हैं… हर परिवार के दुश्मन हैं कि नहीं है।

साथियों,

बंगाल के विकास में चाय बागानों और उनमें काम करने वाले श्रमिकों की बड़ी भूमिका है। लेकिन चाय बागानों के श्रमिकों को PM चाह श्रमिक प्रोत्साहन योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। मुझे बताइए.. चाय बागान के मेरे श्रमिकों को ये लाभ मिलना चाहिए कि नहीं मिलना चाहिए… उनको मदद मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए। केंद्र सरकार की इस योजना में बंगाल सरकार रोड़े अटका रही है।

साथियों,

आप सबने देश भर में पीएम-आवास योजना की सफलता के बारे में सुना है! दुनिया के लोग भी जब सुनते हैं ना तो अचरज करते हैं। जो लोग बंगाल से बाहर रह रहे हैं… ऐसे हर गरीब परिवार को पक्का घर मिल रहा है। लेकिन यहां क्या हुआ? योजना का नाम बदल दिया गया। लाभार्थियों की सूची में गड़बड़ की। और जिन गरीबों को घर मिलना चाहिए था, वे आज भी इंतजार कर रहे हैं। ईमानदारी से, ट्रांसपैरेंसी से बंगाल के गरीबों को पक्का घर मिलना चाहिए कि नहीं मिलना चाहिए….ये टीएमसी सरकार मिलने देगी क्या… ये निर्मम सरकार मिलने देगी क्या… ये सरकार जानी चाहिए कि नहीं जानी चाहिए… गरीबों को घर मिलना चाहिए कि नहीं मिलना चाहिए

साथियों,

इतना ही नहीं, यही हाल जल जीवन मिशन का भी है। बंगाल में लोग पूछ रहे हैं...जब देश के बाकी हिस्सों में हर घर जल पहुंच सकता है, तो बंगाल में क्यों नहीं? भाइयों बहनों, केवल बिजली, पानी, सड़क और घर इसकी ही बात नहीं है....ये टीएमसी की सरकार...अपनी स्वार्थी राजनीति की वजह से आयुष्मान योजना को लागू नहीं कर रही है। देश के करोड़ों लोग इस योजना के तहत पाँच लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज का लाभ उठा रहे हैं। मुझे बताइए, गरीबों को बीमारी में पांच लाख रुपये तक की मदद पहुंचनी चाहिए कि नहीं पहुंचनी चाहिए.. मोदी दे रहा है मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए… ये टीएमसी सरकार बीमार लोगों का दुश्मन है कि नहीं है.. अत्याचारी है कि नहीं है… लेकिन बंगाल के गरीब परिवारों को पांच लाख रुपये वाली आयुष्मान योजना से भी, उस अधिकार से वंचित रखा गया है।

साथियों,

आज बंगाल के किसान की हालत भी किसी से छिपी नहीं है. मुझे बताया गया है कि दो-तीन दिन पहले ही चंद्रकोना में हमारे एक आलू किसान ने खुदकुशी कर ली है। आत्महत्या कर ली है। पश्चिमी मिदनापुर से हुगली और बर्धवान तक....किसानों से झूठ वायदे और सरकारी खरीद में घोटाला ही ये टीएमसी सरकार की पहचान बन गया है। TMC के कट, कमीशन और करप्शन के कारण.... गंदी राजनीति के लिए किसानों की जिंदगी से, गरीबों और मध्यम वर्ग की जिंदगी से माताओं और बहनों की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है। इसीलिए....TMC जाएगी.... तो हर गरीब को पक्का घर मिलेगा। गरीब को पक्का घर मिलना चाहिए कि नहीं मिलना चाहिए… मिलना चाहिए कि नहीं मिलना चाहिए.. ये मोदी की गारंटी है। हर गरीब परिवार को बता देना कि जैसे ही टीएमसी की सरकार जाएगी गरीबों का पक्का घर बनना शुरू हो जाएगा। TMC जाएगी.... तो हर घर साफ जल पहुंचेगा। TMC जाएगी.... तो हर गरीब को मुफ्त इलाज मिलेगा। TMC जाएगी.... तो कारीगरों को नए अवसर मिलेंगे। TMC जाएगी.... तभी बंगाल में सुशासन आएगा।

साथियों,

हमारे बंगाल ने आज़ादी के बाद विभाजन सहा! विभाजन की आग देखी.... मजहबी दंगे देखे.... बाद के दशकों में अस्थिरता देखी.... घुसपैठ का दौर देखा... रक्तपात सहा! इस सबकी सबसे बड़ी भुक्तभोगी अगर कोई थीं, तो बंगाल की माताएं, बहनें, बेटियां, बंगाल की महिलाएं थीं। लेफ्ट की सरकार में अपहरण, हत्या, बलात्कार का वो दौर कोई नहीं भूल सकता। इसलिए बंगाल के आप लोग... लेफ्ट को हटाकर बढ़ी आशा के साथ TMC को लेकर आए! आपने TMC पर भरोसा किया! लेकिन, TMC ने लेफ्ट के गुंडों और माफियाओं को ही अपनी पार्टी में भर्ती कर लिया। आज बंगाल में अपराधियों को खुली छूट है। आए दिन बहन-बेटियों के खिलाफ दिल दहलाने वाले अपराध होते हैं। बंगाल का कोई इलाका ऐसी घटनाओं से अछूता नहीं है। आप याद करिए.... कॉलेज परिसर में दुष्कर्म की घटना.... नाबालिग बेटियों से दुष्कर्म के मामले.... TMC कार्यालय में महिला से बलात्कार.... 7-8 साल की बच्चियों से बलात्कार के खौफनाक कुकृत्य.... कहीं आदिवासी बेटी के साथ दुष्कर्म.... ऐसे ज़्यादातर मामलों में अपराधी कोई न कोई कोई न कोई TMC का नेता होता है... या TMC से जुड़ा होता है!

साथियों,

यहां निर्मम सरकार खुलेआम बलात्कारियों को संरक्षण देती है। अपराधियों को बचाने की पूरी कोशिश की जाती है। आप मुझे बताइए.. अपराधियों को बचाया जाता कि नहीं बचाया जाता… बलात्कारियों को बचाया जाता कि नहीं बचाया जाता.. संदेशखाली की वो तस्वीरें, और TMC सरकार का रवैया...आर.जी. कर अस्पताल की उस बेटी के साथ हुई दरिंदगी...बंगाल के लोग भूले नहीं हैं....TMC कैसे खुलेआम अपराधियों के साथ खड़ी नज़र आती थी।

साथियों,

इसी मानसिकता का परिणाम है... आज महिलाओं के खिलाफ एसिड अटैक… एसिड अटैक जैसे घिनौने अपराध इतने ज्यादा पश्चिम बंगाल में हो रहे हैं। जो बंगाल एक समय देश का सबसे प्रगतिशील राज्य होता था...आज वहाँ शाम होते ही माएं बेटियों को फोन करके कहती हैं....बाड़ी फिरे ऐशो शोन्धे नामार आगे। शक्ति की पूजा करने वाले बंगाल को ऐसे हालात मंजूर नहीं होंगे। मैं बंगाल की मेरी माताओं बहनों को भरोसा दिलाता हूँ....आप भाजपा को बीजेपी को अपना आशीर्वाद दीजिये। बीजेपी सरकार में महिलाएं सुरक्षित होंगी...और अपराधी जेल में होंगे। और ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

TMC सरकार गुंडों और अपराधियों की बैसाखी पर चलती है। रंगबाजी और कटमनी... ये TMC की कमाई का जरिया है। ये लोग जानते हैं.... जिस दिन बंगाल के लोग खुलकर सामने आ गए...TMC की विदाई पक्की है। और मैं ये दृश्य देखकर कह सकता हूं कि अब टीएमसी को बचाने वाला कोई नहीं बचा है इसीलिए, ये बंगाल के आप लोगों को डरा-धमकाकर रखना चाहते हैं। इसके लिए TMC वाले माफिया गिरोहों को पालते हैं। ये कट्टरपंथियों को संरक्षण देते हैं। और ऐसे गिरोहों की ताकत बढ़ाने के लिए घुसपैठियों को बुलाते हैं.... घुसपैठियों को

साथियों,

ये TMC 'माँ, माटी, मानुष' के नारे पे सत्ता में आई थी..... आज वही माँ रो रही है… माटी को लूटा जा रहा है.... और, बंगाली मानुष बंगाल छोड़ने पर मजबूर हो रहा है। घुसपैठियों की वजह से आज बंगाल की ‘रोटी, बेटी, माटी’ उस पर सबसे बड़ा खतरा आ गया है। ये लोग बंगाल के लोगों का रोजगार छीन रहे हैं। हमारी बहन बेटियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। और, बंगाल के लोगों की ज़मीनों पर, बंगाल की माटी पर इन घुसपैठियों को कब्जा दिलवाया जा रहा है। इसका परिणाम आज सबके सामने है। बीते दशकों में बंगाल के ज़्यादातर इलाकों में डेमोग्राफी बदल गई है। बंगाली हिंदुओं को जानबूझकर अल्पसंख्यक बनाया जा रहा है। तुष्टीकरण का ऐसा खुला खेल.... जब शरणार्थी हिंदुओं को नागरिकता देने की बात होती है, तो पूरी TMC उसका विरोध करती है। वो हिन्दू... जिन्होंने कभी विभाजन का समर्थन नहीं किया था! जिन्होंने हमेशा अविभाजित बंगाल को, भारत को अपनी मातृभूमि माना! TMC वाले उन्हें नागरिकता देने का विरोध करते हैं। क्योंकि, उनके लिए उनका वोट बैंक ही सबसे प्रमुख है। वो हिंदुओं को वो अपना वोटबैंक नहीं समझते! उनसे उनके आपराधिक गिरोह नहीं बढ़ते! इसीलिए, ये लोग SIR का भी विरोध करते हैं। ताकि, घुसपैठियों के नाम वोटर लिस्ट से हट ना जाएं...वोटर लिस्ट शुद्ध ना हो जाए! ये तो ऐसे लोग है … जिनकी मृत्यु हो जाए उनके नाम तक निकालने को तैयार नहीं हैं ।

भाइयों बहनों,

डेमोग्राफी के इस खतरनाक बदलाव ने आज बंगाल को असुरक्षित बना दिया है। और अब तो, यहां खुलेआम धमकी दी जा रही है! कहा जा रहा है कि एक खास कम्यूनिटी वाले मिलकर आप लोगों को खत्म कर देंगे! संवैधानिक कुर्सी पर बैठकर ऐसी धमकी !!! करोड़ों बंगाली लोगों को खत्म करने की बात !!!....आपके मुंह में शोभा नहीं देती है मैं पूछना चाहता हूँ…वो कौन लोग हैं, जो TMC सरकार के इशारों पर करोड़ों लोगों को खत्म कर देंगे?

साथियों,

धमकाने-डराने की इस राजनीति को...TMC ने इसे अपना हथियार बना लिया है। चुनाव में वोटरों को धमकी... सरकार के नीतियों के आलोचकों को धमकी... मीडिया को धमकी... विपक्ष को धमकी... ये बंगाल में खौफ का कैसा माहौल बनाकर रखना चाहते हैं... ये पूरे देश को जानना चाहिए... ये लोग कहते हैं... तृणमूल को जिसका वोट नहीं, TMC को जिसका वोट नहीं, तो वो बंगाली नहीं! तृणमूल को वोट नहीं, तो सरकार योजना का लाभ नहीं! तृणमूल को वोट नहीं, तो घरों में बिजली पानी नहीं! TMC सिंडीकेट के जरिए नहीं जाओगे, तो कोई सप्लाइ नहीं! लेकिन साथियों, मैं TMC को याद दिलाना चाहता हूँ... TMC की गुंडागर्दी के दिन अब खत्म होने जा रहे हैं। TMC सरकार के जाने का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। यहां बंगाल में बीजेपी सरकार बनने के बाद एक तरफ हम, सबका साथ, सबका विकास ये मंत्र लेकर चलेंगे, दूसरी तरफ सबका हिसाब लिया जाएगा। टीएमसी के वे गुंडे, TMC के ये गुंडे जो आपको डराते हैं...बीजेपी सरकार में उनके डर भरे दिन शुरू होना तय है। बीजेपी सरकार में खौफ हर अपराधी को होगा... खौफ हर घुसपैठिए को होगा...खौफ तुष्टीकरण की राजनीति करने वालों को होगा...क्योंकि, कानून अपना काम करेगा! कानून का राज आएगा ऐसे लोगों को मुंह छिपाने की जगह नहीं मिलेगी। ऐसे अपराधियों की सिर्फ एक ही जगह होगी- एक ही जगह होगी जेल। जेल। जेल।

साथियों,

बंगाल की निर्मम सरकार में आज सबसे ज्यादा प्रताड़ित यहाँ का दलित, आदिवासी और हमारे गरीब भाई-बहन हैं। आदिवासी समाज के साथ कैसा अन्याय होता है... ये किसी से छिपा नहीं है। लेकिन, अब तो TMC सरकार ने सभी सीमाएं लांघ दी हैं। आप देखिए...अभी कुछ दिन पहले हमारे देश की महामहिम राष्ट्रपति... आदिवासी समाज की बेटी… आदरणीय द्रौपदी मुर्मू जी बंगाल आईं थीं। उन्हें संथाल आदिवासी परंपरा के पावन उत्सव में शामिल होना था। लेकिन अहंकार में डूबी इस निर्मम सरकार ने न केवल उस कार्यक्रम का बहिष्कार किया, बल्कि उसे पूरी तरह बदइंतजामी के हवाले कर दिया। क्योंकि, एक आदिवासी बेटी इतने बड़े पद पर है.... TMC वालों को उनका सम्मान मंजूर नहीं हुआ! द्रौपदी मुर्मू जी, जो हमेशा अपनी सरलता के लिए जानी जाती हैं.... उन्हें खुद बड़े दुखी मन से खेद व्यक्त करना पड़ा! भारत के राष्ट्रपति को अपनी तकलीफ बतानी पड़ी! TMC वालों को ये याद रखना पड़ेगा...उन्होंने केवल द्रौपदी मुर्मू जी का अपमान नहीं किया है। उन्होंने करोड़ों आदिवासियों का अपमान किया है। उन्होंने करोड़ों महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने देश के सर्वोच्च पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। इन्होंने भारत के संविधान का अपमान किया है। इन्होंने बाबा साहेब आंबेडकर का अपमान किया है और इसका जवाब बंगाल के लोगों से टीएमसी को मिलने वाला है। निर्मम सरकार को मिलने वाला है।

साथियों,

TMC सरकार ने बंगाल को पूरी तरह से अराजकता के हवाले कर दिया है। संवैधानिक व्यवस्था पर आए हर दिन हमले करने के वो रास्ते खोजते रहते हैं, हमले करते रहते हैं। पिछले कुछ महीनों में आपने देखा है....जब भी चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाता है, मतदाता सूची की शुद्धि की कोशिश करता है, तब टीएमसी उसके खिलाफ हमला करने लगती है। जो संस्था स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए जिम्मेदार है, उसी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए जाते हैं। ऐसा ही व्यवहार देश की सेना को लेकर दिखाई देता है। जब 2019 में भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में आतंकवादी ठिकानों पर निर्णायक कार्रवाई की, तब TMC ने देश की वायुसेना से कार्रवाई का सबूत मांगा।

साथियों,

यहां राज्य सरकार...पुलिस को स्वतंत्र रूप से जांच करने नहीं देती। जब राष्ट्रीय एजेंसियां TMC सरकार के भ्रष्टाचार या गंभीर अपराधों की जांच करना चाहती हैं, तो उन्हें भी रोकने की कोशिश होती है। अब जरा सोचिए, न्याय के लिए लोग आखिर कहां जाएंगे? साथियों, तृणमूल वाले यही अराजकता दिल्ली तक फैलाने की कोशिश करते हैं। आपने संसद में भी देखा है… सदन के भीतर कैसे कागज फाड़े जाते हैं, कैसे बहस को रोका जाता है, कैसे सदन की कार्यवाही को बाधित किया जाता है। देश...TMC की शर्मनाक हरकतें देखकर हैरान होता है। साथियों,बंगाल के प्रबुद्ध लोग अब इस अराजकतावादी सरकार के खिलाफ संकल्प ले चुके हैं। इस अराजक सरकार को उखाड़ फेंकने का काम इसी धरती के लोग करने वाले हैं।

साथियों,

आज यहां जो जनसैलाब उमड़ा है...ये पश्चिम बंगाल की जागती हुई चेतना है। यह उस बदलाव की आहट है, जिसका इंतजार वर्षों से किया जा रहा है। पश्चिम बंगाल में दार्जिलिंग की पहाड़ियों से लेकर सुंदरबन के द्वीपों तक, उत्तर बंगाल के चाय बागानों से लेकर कोलकाता की गलियों तक, आज हर जगह पर एक ही चर्चा है। बदलाव चाहिए... और ये बदलाव अब होकर रहेगा। साथियों, बंगाल की आत्मा कभी हार मानने वाली नहीं है। बंगाल… का नौजवान कभी हार मानने वाला नहीं है। बंगाल की बेटियां कभी हार मानने वाली नहीं है। बंगाल का किसान कभी हार मानने वाला नहीं है। जब-जब इस भूमि के सामने चुनौतियाँ आई हैं, तब-तब यहाँ की जनता ने साहस के साथ उनका सामना किया है। गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर ने भी हमें यही संदेश दिया है। उन्होंने कहा था...

“बिपोदे मोरे रोक्खा करो ए नोहे मोर प्रार्थना,
बिपोदे आमि ना जेनो कोरि भॉय।”

आज भी वही समय है। कुछ लोग आपको डराने की कोशिश करेंगे। कुछ लोग कहेंगे कि बदलाव संभव नहीं है। लेकिन याद रखिए, और याद जरूर रखें.. जब जनता ठान लेती है, तो कोई भी ताकत उसे रोक नहीं सकती। और बंगाल की जनता ने जब भी ठाना है, इतिहास बदल कर दिखाया है। आज मुझे इस ऐतिहासिक ब्रिगेड मैदान में वही आत्मविश्वास, मेरी आंखों के सामने दिखाई दे रहा है। याद रखिए...इस बार चुनाव सिर्फ सरकार बदलने का नहीं... इस बार चुनाव बंगाल की आत्मा को बचाने का है। इस बार चुनाव व्यवस्था बदलने का है। इस बार चुनाव कट-मनी से छुटकारे का है। इस बार चुनाव डर से मुक्ति का है। मैं आने वाले परिवर्तन के लिए मेरे बंगाल के भाइयों बहनों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

मेरे साथ बोलिए, मेरे साथ पूरी ताकत से बोलिए..

पाल्टानो दोरकार, चाइ बीजेपी शॉरकार!

पाल्टानो दोरकार, चाइ बीजेपी शॉरकार!

पश्चिम बोंगेर जॉनोगोनेर जॉय होक!

जय हिंद।

भारत माता की...जय

भारत माता की...जय

भारत माता की...जय

वंदे.. वंदे... वंदे... वंदे.. मातरम्!