జార్ఖండ్ యొక్క ‘జల్’, ‘జంగిల్’, ‘జమీన్’ ను రక్షించడానికి బిజెపి ప్రభుత్వం: ఖుంతిలో ప్రధాని మోదీ
ఢిల్లీ లో మరియు రాంచీలో పార్టీ అధికారంలో ఉన్నందున జార్ఖండ్ యొక్క డబుల్ ఇంజిన్ వృద్ధి సాధ్యమైంది: ప్రధాని మోదీ
రాంజన్మభూమి: జార్ఖండ్‌లో ప్రధాని మోదీ పై కాంగ్రెస్ రాజకీయాలు ఆడింది
కేంద్రం మరియు రాష్ట్రం రెండింటిలో బిజెపి ప్రభుత్వం ఉన్నప్పుడు, అభివృద్ధి వేగం వేగంగా మారుతుంది: ప్రధాని మోదీ

मंच पर विराजमान भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और मैं आज बड़े गर्व के साथ कह सकता हूं कि जब मैं भारतीय जनता पार्टी में एक कार्यकर्ता के रूप में संगठन का दायित्व संभालता था तो मुझे इस बात को गर्व से कहना चाहिए कि करिया मुंडा जी की उंगली पकड़कर के संगठन शास्त्र को मैंने सीखा था। अनेक वर्षों तक उनके साथ काम करने का मुझे सौभाग्य मिला, हर परिस्थिति में प्रसन्नचित्त करिया मुंडा जा के साथ लोकसंग्रह कैसे किया जाता है, दूर-सुदूर गांवों की ओर देखने का दृष्टिकोण क्या हो सकता है। घंटों तक उनके साथ चर्चा विचार विमर्श करते-करते मुझे सीखने का सौभाग्य मिला और आज मुझे खुशी है कि उनके मार्गदर्शन में हम फिर एक बार झारखंड के भाग्य को संवारने के लिए पूरी ताकत के साथ मेहनत कर रहे हैं। मंच पर विराजमान केंद्र सरकार में मेरे साथी श्रीमान अर्जुन मुंडा जी का अद्भुत और प्रेरक भाषण सुनने के बाद मैं नहीं मानता हूं कि मेरे भाषण की कोई जरूरत है। जिस तर्क के साथ, जिस सहजता के साथ यहां की मिट्टी को गौरव दिलाने वाली भाषा के साथ उन्होंने आज भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने के लिए आह्वाहन किया है, मुझे विश्वास है कि जिस धरती पर ऐसा नेतृत्व हो वहां कमल कभी मुरझा नहीं सकता है। कुछ दिन पहले ही देश ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती मनाई है। आज जब उनकी धरती पर मैं आप सभी के बीच आया हूं तो एक बार फिर भगवान बिरसा मुंडा को नमन करता हूं और मैं दूर-दूर देख रहा हूं टीना भगत परिवार के लोग भी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने आए हैं। महात्मा गांधी को आज भी, महात्मा गांधी के मार्गदर्शन को आज भी गांव, गली जंगलों के अंदर चैतन्य देने का काम टीना भगत परिवार कर रहा है, मैं उनको आदरपूर्वक नमन करता हूं। 

जिस धरती ने भगवान बिरसा मुंडा के रूप में एक प्रेरणापुरुष देश को दिया, वहां पर ऐसा अभिभूत करने वाला स्नेह पाना, इतने आशीर्वाद प्राप्त करना, इतनी बड़ी तादाद में माताओं-बहनों का आना, मेरे लिए जीवन का इससे बड़ा सौभाग्य क्या हो सकता है। आज 3 दिसम्बर परमवीर चक्र अल्बर्ट एक्का को वीरगति को प्राप्त हुए, मैं इस धरती के वीर सपूत को नमन करता हूं। 

साथियो, आपने भाजपा के प्रति, हम सभी के प्रति अपने प्रेम में कभी कमी नहीं आने दी और इसलिए एक प्रधानमंत्री के तौर पर, उसके पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर और उसके पहले भाजपा के संगठन का काम करता था तब भी बार-बार झारखंड मुझे खींच कर ले आता था, बार-बार आने का मन करता था। ये आपका स्नेह, आपका आशीर्वाद ही है जिसके कारण ये भाव मेरे मन में हमेशा बना रहता है। यहां खूंटी में भी प्रधानमंत्री बनने के बाद ये मेरा दूसरा दौरा है। भाइयो-बहनो, पहले चरण में जिस प्रकार झारखंड के लोग वोट डालने मतदान केंद्र पर पहुंचे, भारी मात्रा में मतदान किया, उस प्रथम चरण के मतदान के लिए मैं झारखंड के उन मतदाताओं का भी अभिनंदन करता हूं उनको बहुत-बहुत बधाई देता हूं। पहले चरण के मतदान से तीन बातें स्पष्ट हुई हैं। पहली, लोकतंत्र को मजबूत करने और राष्ट्र निर्माण में अपने योगदान के प्रति झारखंड के लोगों की आस्था अभूतपूर्व है, दूसरी बात जिस प्रकार भाजपा सरकार ने नक्सलवाद की कमर तोड़ी है उसे बहुत ही छोटे इलाके तक समेट दिया है उससे डर का माहौल कम हुआ है, विकास का माहौल बना है हालांकि 30 नवंबर को निराशा में डूबे लोगों ने ऐसे लोगों ने जिन्हें झारखंड की जनता नकार चुकी है पहले चरण के मतदान के समय यहां माहौल खराब करने की बहुत कोशिश की, पूरे देश ने इसे देखा है लेकिन झारखंड के लोगों ने इन कोशिशों को नाकाम कर दिया, आप बधाई के पात्र हैं। भाइयो-बहनो, पहले चरण के मतदान के बाद तीसरी बाद यह भी स्पष्ट हुई है कि झारखंड के लोगों में भाजपा सरकार के प्रति, कमल के फूल के प्रति एक विश्वास की भावना है। ये भाव है कि झारखंड का विकास अगर कोई दल कर सकता है तो वह सिर्फ और सिर्फ भाजपा ही कर सकती है यही भावना मुझे यहां खूंटी में भी दिखाई दे रही है। 

साथियो, आज झारखंड के लोग ये देख रहे हैं कि दिल्ली और रांची में डबल इंजन लगाने से विकास की गति तेज भी होती है और स्थायी भी होती है। अर्जुनमुंडा जी ने सही कहा कि दिल्ली ने राज्य तक, गांव तक विकास को पहुंचाया और रांची की भाजपा सरकार ने उसे घर-घर ले जाने के लिए पूरी जिम्मेवारी के साथ काम किया है। इसलिए यहां की जनता सहज रूप से कह रही है, सहज रूप से नारा बोला जा रहा है, झारखंड पुकारा भाजपा दोबारा। भाइयो-बहनो, झारखंड के विकास के लिए भाजपा की वापसी जरूरी है, आज झारखंड के हर व्यक्ति को केंद्र और राज्य सरकार की किसी ना किसी योजना का सीधा लाभ पहुंच रहा है बिना किसी वर्ग के भेदभाव के, बिना किसी जाति के भेदभाव के, बिना किसी पंथ के भेदभाव के हर झारखंडवासी के विकास के लिए समान भावना से हम काम कर रहे हैं सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास ही हमारा मूलमंत्र है। साथियो, आज उन क्षेत्रों में भी बिजली का तार पहुंचा है जिन गांवों तक पहुंचना मुश्किल है। आज वो क्षेत्र भी सड़क से जुड़ चुके हैं जहां कभी विरोधी दल के नेता झांकते भी नहीं थे। आज उन जनजातीय क्षेत्रों में भी पानी की पाइप पहुंच रही है जिनको कांग्रेस-जेएमएम की सरकार ने अपने हाल पर छोड़ दिया है। आज उन गरीब, पिछड़ों और आदिवासी परिवारों को भी अपना घर मिल पा रहा है जिनको कांग्रेस-जेएमएम की सरकारों ने झोपड़ियों में रहने को मजबूर कर रखा था। 

साथियो, 2015 में जब मैं खूंटी आया, यहां सोलर पॉवर प्लांट का उद्घाटन करने का भी मुझे अवसर मिला था तब तक यहां सौर ऊर्जा से यहां बिजली का उत्पादन अजूबा लगता था सपने जैसी लगती थी वो बात लेकिन पांच वर्ष बाद आज झारखंड में करीब-करीब 40 मेगावॉट सौर ऊर्जा तैयार की जा रही है। इतना ही नहीं छतों पर सौर ऊर्जा के पैनल लगाकर भी सस्ती और अच्छी बिजली आज यहां उपलब्ध हो रही है। अब तो गेतलसूद और धुर्वा डैम पर देश का तैरता सबसे बड़ा सौर पॉवर प्लांट भी बनने जा रहा है। इससे यहां के गांव-गांव तक पर्याप्त और सस्ती बिजली पहुंचाने में मदद मिलेगी। साथियो, सौर ऊर्जा के साथ-साथ यहां खूंटी को उड़ीसा के पारादीप के पाइप लाइन सो जोड़ा गया है, यहां आईओसीअल का टर्मिनल भी तैयार हो चुका है अब दक्षिण झारखंड को यहीं से तेल की सप्लाई होती है। इसी तरह डिफेंस युनिवर्सिटि हो, नॉलेज सिटि हो ऐसे अनेक प्रोजेक्ट्स इस पूरे क्षेत्र में शिक्षा कौशल और रोजगार के नए अवसरों का निर्माण करने वाले हैं। भाइयो-बहनो, दिल्ली और रांची में भाजपा का डबल इंजन किसान और आदिवासियों का जीवन आसान बनाने का काम कर रहा है, यहां के सभी किसान और खेती से जुड़े आदिवासी परिवार के बैंक खाते में पीएम किसान सम्मान निधि के तहत सीधी मदद जमा की जा रही है। इसके साथ-साथ छोटे किसानों के खाते में राज्य सरकार की तरफ से भी पांच हजार से पच्चीस हजार रुपए तक अतिरिक्त दिया जा रहा है वरना आपके पड़ोस में जहां भाजपा की सरकारें नहीं हैं वहां की स्थिति आप देख लीजिए। वहां किसानों के साथ, आदिवासियों के साथ, पिछड़ों के साथ झूठे वादे करके कांग्रेस और उसके साथी दलों ने सरकारें तो बना ली लेकिन अब वादा पूरा करने से दूर भाग रहे हैं उन राज्यों में झूठ बोलकर के कांग्रेस वाले बैठ गए लेकिन एक भी वादा पूरा नहीं कर पा रहे हैं लोगों को सड़कों पर उतरना पड़ा है। 

साथियो, झारखंड ये भली-भांति जानता है कि कांग्रेस-जेएमएम की राजनीति छल और स्वार्थ की राजनीति है जबकि भाजपा कर्म और सेवाभाव से काम करती है। लोकसभा चुनाव के दौरान जब हम आपके बीच आए थे, यहां अर्जुनमुंडा जी आपके पास आए थे तो हमने आपके सामने कुछ संकल्प लिए थे। पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ सभी किसान परिवारों को देने का संकल्प था ये वादा हमने पूरा कर लिया। छोटे किसानों, खेत मजदूरों, छोटे दुकानदारों को 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन की सुविधा देने की बात कही थी ये वादा भी पूरा कर लिया गया बल्कि इन योजनाओं को भी यहीं झारखंड से ही लॉन्च किया गया था। पशुओं को मुंह और खुर की बीमारियों से बचाने के लिए मुफ्त टीकाकरण का अभियान भी शुरू हो चुका है। आदिवासी क्षेत्रों में एकलव्य मॉडल रेसिडेंसियल स्कूल खोलने का राष्ट्रीय अभियान भी यहीं झारखंड से शुरू किया गया है। नक्सली हमलों में शहीद होने वाले पुलीस और केंद्रीय बलों के जवानों के बच्चों को स्कॉलरशिप देने का अहम फैसला भी लिया जा चुका है। इसका लाभ झारखंड में शहीदों के परिवारों को भी मिलने लगा है। ऐसे अनेक मुद्दों के साथ-साथ दशकों से चल रही राष्ट्रीय समस्याओं के समाधान का संकल्प भी सिद्ध हो रहा है। जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 अब हट चुका है, अब केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर को विकास और विश्वास के पथ पर ले जाने की जिम्मेदारी आदिवासी अंचल में ही जन्में, पले-बढ़े उपराज्यपाल जी के कंधों पर है। इसी तरह राम जन्मभूमि को लेकर जिस विवाद को कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों की सरकारों ने लगातार लटकाए रखा वो भी शांतिपूर्ण ढंग से हल हो गए और भगवान राम तो जब अयोध्या से निकले थे तब तो वो राजकुमार थे लेकिन जब अयोध्या वापस आए तो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम बन गए थे। ये कैसे हुआ एक राजकुमार अयोध्या से निकलता है 14 साल वनवास में रहता है और जब वापस लौटता है तो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम बन जाता है क्योंकि 14 साल राजकुमार राम ने आदिवासियों के बीच में बिताए थे, आदिवासियों ने उनको संस्कारित किया, ये देन है आदिवासियों की, ये योगदान है आदिवासियों का। 

भाइयो-बहनो, इतने लंबे काल से अटकी हुई चीजें, जिसे अटकाने के लिए राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित लोगों ने अड़ंगे डाले लेकिन हमने देश में शांति, एकता, सद्भाव के लिए समस्याओं का समाधान खोजने का काम प्रारंभ किया और सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे अनेक वादे जो हमने आपसे किए थे वो आज जमीन पर उतर चुके हैंयही कारण है कि आज झारखंड को भाजपा पर भरोसा है, कमल के फूल पर भरोसा है। भाइयो-बहनो, भाजपा की केंद्र की सरकार और झारखंड की सरकार ने यहां के गांवों में जनजातीय अंचलों में हमारी बहनों को सशक्त करने पर बल दिया है और इतनी बड़ी तादाद में माताएं-बहने आशीर्वाद देने के लिए आई हैं ये उसी का तो सुबूत है। अनेक बहनें यहां मौजूद हैं जो सखीमंडल से जुड़ी हैं या फिर जिनको मुद्रा योजना के तहत अपना व्यापार कारोबार करने में सहायता मिली है, किसी बहन को गाय खरीदने के लिए मदद मिली है, किसी को कपड़े सिलाने का कारोबार करने में मदद मिली है तो किसी को दूसरे हस्तशिल्प के लिए सहायता दी गई है। यहां खूंटी में विधानसभा में ही तीन हजार से अधिक सखी मंडल बनाए गए हैं जिनके तहत 40 हजार से अधिक परिवार जुड़े हैं। यहां की हजारों बहनें आज इसके माध्यम से आजीविका कमा रही हैं, आने वाले वर्षों में भाजपा सरकार की कोशिश है कि हर घर से एक महिला सदस्य इस आंदोलन का हिस्सा बने ताकी वो अपने परिवार के आय के साधन भी बढ़ा सके और देश के विकास में भी भागीदार बन सके। स्वच्छ भारत अभियान के तहत यहां घर-घर शौचालय तो बने ही हैं साथ ही यहां की बहनों ने रानी मिस्त्री के रूप में भी नाम कमाया है। और जब मैं रानी मिस्त्री की बात दुनिया में कहीं कहता हूं तो लोगों को बड़ा अचरज होता है, मुझे पूछते हैं आज पूरे देश में इसकी बड़ी चर्चा है। 

साथियो, झारखंड देश के उन राज्यों में है जहां बहनों को केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ तेजी से भी मिला है और डबल लाभ भी मिला है। जैसे उज्ज्वला योजना के तहत बाकी देश में एक मुफ्त सिलेंडर मिला वहीं झारखंड में दो सिलेंडर दिए गए। यहां की भाजपा सरकार ने आपको डबल बेनिफिट दिया है इससे आपको धुएं से भी मुक्ति मिल रही है, आपका समय भी बच रहा है और आपका वातावरण भी प्रदूषण से बच रहा है। साथियो, भाजपा सरकार आदिवासी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रही है क्योंकि आदिवासी हितों की रक्षा में भाजपा का ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। ये अटल जी की ही भाजपा सरकार थी जिसने जनजातीय समुदाय के लिए अलग झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्यों का गठन किया। भगवान बिरसा मुंडा को सच्ची श्रद्धांजलि 2000 में अटल बिहारी बाजपेयी जी ने झारखंड को जन्म देकर के झारखंड को नई सरकार देकर के बनाया है। ये अटल जी की ही भाजपा सरकार थी जिसने आजादी के बाद पहली बार जनजातीय समुदाय के लिए अलग से मंत्रालय बनाया और आज अर्जुनमुंडा उसके मंत्री हैं। भाइयो-बहनो, और अब झारखंड की उम्र 19 साल हो गई है। दुनिया के अंदर टीनेज की चर्चा होती है, अब जब घर में भी बच्चों की उम्र 19 साल हो जाती है ना तो मां-बाप जरा सजग हो जाते हैं और मां-बाप सोचते हैं कि अब महत्वपूर्ण समय जिंदगी का शुरू हुआ है। अब वो लड़कपन, हंसी-मजाक, खेलना सब हो गया, अब गंभीरतापूर्वक बेटे या बेटी को उनके भविष्य के लिए मां-बाप सोचने लगते हैं। झारखंड की जनता के लिए भी अब जब झारखंड 19 साल का हो चुका है तो अब झारखंड के नागरिकों की जिम्मेदारी जितनी है उतनी ही जिम्मेदारी मेरी भी है। आओ हम मिलकर के, हम दोनों मिलकर के, आप और मैं 19 साल का झारखंड जब 25 साल का हो जाएगा कि इतना ताकतवर बन जाए, इतना समृद्ध बन जाए, इतना सशक्त बन जाए कि कभी पीछे मुड़कर के देखना ना पड़े इसलिए ये पांच साल 19 साल की उम्र के झारखंड के लिए बड़े महत्वपूर्ण हैं। घर में 19 साल के बेटे-बेटी के लिए जो समय महत्वपूर्ण होता है वैसा ही महत्वपूर्ण समय 19 साल की उम्र के झारखंड का भी है, मौका मत गंवाइये, मैं आपके लिए हमेशा तैयार हूं बस आप मेरा साथ दीजिए। बीतें पांच वर्षों से ही भाजपा की ही सरकार ने आदिवासी समुदाय के विकास के लिए रिकॉर्ड बजट का प्रावधान किया। 

साथियो, ये भाजपा की सरकार ने जिसने पहली बार आदिवासी क्षेत्रों में डिस्ट्रिक्ट मिनिरल फंड की व्यवस्था की, जिसके तहत अब यहां से निकलने वाले खनिज का एक हिस्सा यहीं के विकास में लगाना पड़ता है। 70 साल में अधिकतर केंद्र में कांग्रेस की सरकारें रही हैं, जेएमएम सहयोगी के रूप में रही है लेकिन ऐसी व्यवस्था करने की याद उनको कभी नहीं आई। झारखंड को भी इस डिस्ट्रिक्ट मिनिरल फंड के तहत करीब पांच हजार करोड़ रुपए मिले हैं। इस फंड से अब आप के बच्चों के लिए स्कूल, अस्पताल या फिर रोजगार निर्माण से जुड़ी दूसरी सुविधाएं तैयार करने में मदद मिल रही है, आदिवासी हितों के प्रति भाजपा की यही प्रतिबद्धता है जिसके आधार पर आज झारखंड को भरोसा मिला है कि जल, जंगल और जमीन के आपके अधिकारों पर कोई आंच नहीं आएगी और ना ही कोई आंच आने दी जाएगी। यहां की भाजपा सरकार ने 60 हजार से अधिक पट्टे दे दिए हैं बाकी के 30-40 हजार पर भी सरकार बनने के बाद तेजी से कार्रवाई की जाएगी। साथियो, भाजपा आदिवासी हितों की रक्षा करने, आदिवासी गौरव को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। भाजपा ने भारत की आजादी में आदिवासियों के योगदान को पूरे देश में प्रसारित और प्रचारित करने का काम किया है। रांची में बिरसामुंडा संग्रहालय पर काम चल रहा है, पूरे देश में आदिवासी इतिहास, कला और संस्कृति को संजोने के लिए अनेक स्मारक और संग्रहालय बनाए जा रहे हैं। भाजपा ने हर संभव प्रयास किया है कि झारखंड की सुंदरता, यहां के शांतिप्रिय और मेहनतकश लोगों के बारे में देश और दुनिया जाने, समझे। हम प्रयास कर रहे हैं कि यहां देश और दुनिया के लोग घूमने-फिरने आएं, यहां की कला-संस्कृति, यहां के हस्तशिल्प से परिचित हों, यहां का पर्यटन बढ़े, यहां उद्योग लगें, युवाओं को यहीं पर रोजगार के अवसर मिलें। इसलिए आप सभी को कांग्रेस और उसके साथियों से सावधान रहने की जरूरत है, उनका इतिहास आपको पता है, उनके कारनामे आपको याद हैं, उनकी नजर सिर्फ और सिर्फ यहां की प्राकृतिक संपदा पर है और अगर वो आए तो फिर से झारखंड को लूटना यही उनका एजेंडा है। ये लोग सत्ता में वापसी के लिए इतना छटपटा रहे हैं कि आपके बीच झूठ फैला रहे हैं, डर और भ्रम फैला रहे हैं। ये नहीं चाहते कि यहां उद्योग लगे, यहां पर्यटन समृद्ध हो, उनको पता है कि अगर ऐसा हुआ तो गरीबों के पास पैसा आने लगेगा, जिससे कांग्रेस-जेएमएम नेताओं की कोई पूछ और कीमत नहीं रहने वाली। मुझे विश्वास है कि आप सभी कांग्रेस के झूठ की सारी बातें यहां जा जाकर के लोगों तक पहुंचाएं। इतना ही नहीं आप मतदान के दिन भारी संख्या में मतदान केंद्र पर जाकर के मतदान करके इस कांग्रेस-जेएमएम का पर्दाफाश कर देंगे, उनके झूठ को बेनकाब कर देंगे और कमल के निशान पर बटन दबाकर के फिर एक बार 19 साल के झारखंड को नई ताकत देंगे ये मेरा विश्वास है। याद रखिएगा ये चुनाव झारखंड के विकास के लिए है, ये चुनाव दिल्ली और रांची में चल रहे विकास के डबल इंजन को बनाए रखने के लिए है। इसलिए सिर्फ और सिर्फ कमल निशान आपको याद रखना है। एक बार फिर इतनी बड़ी तादाद में आप सभी आशीर्वाद देने के लिए आए, हमारे सभी साथियों को आशीर्वाद देने के लिए आए इसके लिए मैं आपका बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। मेरे साथ हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बोलिए, भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय, बहुत-बहुत धन्यवाद।

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PM Modi's interview to Prabhat Khabar
May 19, 2024

प्रश्न- भाजपा का नारा है-‘अबकी बार 400 पार’, चार चरणों का चुनाव हो चुका है, अब आप भाजपा को कहां पाते हैं?

उत्तर- चार चरणों के चुनाव में भाजपा और एनडीए की सरकार को लेकर लोगों ने जो उत्साह दिखाया है, उसके आधार पर मैं कह सकता हूं कि हम 270 सीटें जीत चुके हैं. अब बाकी के तीन चरणों में हम 400 का आंकड़ा पार करने वाले हैं. 400 पार का नारा, भारत के 140 करोड़ लोगों की भावना है, जो इस रूप में व्यक्त हो रही है. दशकों तक जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 को देश ने सहन किया. लोगों के मन में यह स्वाभाविक प्रश्न था कि एक देश में दो विधान कैसे चल सकता है. जब हमें अवसर मिला, हमने आर्टिकल 370 को खत्म कर जम्मू-कश्मीर में भारत का संविधान लागू किया. इससे देश में एक अभूतपूर्व उत्साह का प्रवाह हुआ. लोगों ने तय किया कि जिस पार्टी ने आर्टिकल 370 को खत्म किया, उसे 370 सीटें देंगे. इस तरह भाजपा को 370 सीट और एनडीए को 400 सीट देने का लोगों का इरादा पक्का हुआ. मैं पूरे देश में जा रहा हूं. उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम मैंने लोगों में 400 पार नारे को सच कर दिखाने की प्रतिबद्धता देखी है. मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूं कि इस बार जनता 400 से ज्यादा सीटों पर हमारी जीत सुनिश्चित करेगी.

प्रश्न- लोग कहते हैं कि हम मोदी को वोट कर रहे हैं, प्रत्याशी के नाम पर नहीं. लोगों का इतना भरोसा है, इस भरोसे को कैसे पूरा करेंगे?

उत्तर- देश की जनता का यह विश्वास मेरी पूंजी है. यह विश्वास मुझे शक्ति देता है. यही शक्ति मुझे दिन रात काम करने को प्रेरित करती है. मेरी सरकार लगातार एक ही मंत्र पर काम कर रही है, वंचितों को वरीयता. जिन्हें किसी ने नहीं पूछा, मोदी उनको पूजता है. इसी भाव से मैं अपने आदिवासी भाई-बहनों, दलित, पिछड़े, गरीब, युवा, महिला, किसान सभी की सेवा कर रहा हूं. जनता का भरोसा मेरे लिए एक ड्राइविंग फोर्स की तरह काम करता है.

देखिए, जो संसदीय व्यवस्था है, उसमें पीएम पद का एक चेहरा होता है, लेकिन जनता सरकार बनाने के लिए एमपी को चुनती है. इस चुनाव में चाहे भाजपा का पीएम उम्मीदवार हो या एमपी उम्मीदवार, दोनों एक ही संदेश लेकर जनता के पास जा रहे हैं. विकसित भारत का संदेश. पीएम उम्मीदवार नेशनल विजन की गारंटी है, तो हमारा एमपी उम्मीदवार स्थानीय आकांक्षाओं को पूरा करने की गारंटी है.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक टीम की तरह काम करती है और इस टीम के लिए उम्मीदवारों के चयन में हमने बहुत ऊर्जा और समय खर्च किया है. हमने उम्मीदवारों के चयन का तरीका बदल दिया है. हमने किसी सीट पर उम्मीदवार के चयन में कोई समझौता नहीं किया, न ही किसी तरह के दबाव को महत्व दिया. जिसमें योग्यता है, जिसमें जनता की उम्मीदों को पूरा करने का जज्बा है, उसका चयन किया गया है. हमें मिल कर हर सीट पर कमल खिलाना है. भाजपा और एनडीए की यह टीम 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हमेशा समर्पित रहेगी.

प्रश्न- आपने 370 को हटाया, राम मंदिर बनवा दिया. अब तीसरी बार आपकी सरकार अगर लौटती है, तो कौन से वे बड़े काम हैं, जिन्हें आप पहले पूरा करना चाहेंगे?

उत्तर- जब आप चुनाव जीत कर आते हैं, तो आपके साथ जनता-जनार्दन का आशीर्वाद होता है. देश के करोड़ों लोगों की ऊर्जा होती है. जनता में उत्साह होता है. इससे आपके काम करने की गति स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है. 2024 के चुनाव में जिस तरीके से भाजपा को समर्थन मिल रहा है, ऐसे में ज्यादातर लोगों के मन में यह सवाल आ रहा है कि तीसरी बार सरकार में आने के बाद क्या बड़े काम होने वाले हैं.

यह चर्चा इसलिए भी हो रही है, क्योंकि 2014 और 2019 में चुनाव जीतने के बाद ही सरकार एक्शन मोड में आ गयी थी. 2019 में हमने पहले 100 दिन में ही आर्टिकल 370 और तीन तलाक से जुड़े फैसले लिये थे. बैंकों के विलय जैसा महत्वपूर्ण फैसला भी सरकार बनने के कुछ ही समय बाद ले लिया गया था. हालांकि इन फैसलों के लिए आधार बहुत पहले से तैयार कर लिया गया था.

इस बार भी हमारे पास अगले 100 दिनों का एक्शन प्लान है, अगले पांच वर्षों का रोडमैप है और अगले 25 वर्षों का विजन है. मुझे देशभर के युवाओं ने बहुत अच्छे सुझाव भेजे हैं. युवाओं के उत्साह को ध्यान में रखते हुए हमने 100 दिनों के एक्शन प्लान में 25 दिन और जोड़ दिये हैं. 125 में से 25 दिन भारत के युवाओं से जुड़े निर्णय के होंगे. हम आज जो भी कदम उठा रहे हैं, उसमें इस बात का ध्यान रख रहे हैं कि इससे विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करने में कैसे मदद मिल सकती है.

प्रश्न- दक्षिण पर आपने काफी ध्यान दिया है. लोकप्रियता भी बढ़ी है. वोट प्रतिशत भी बढ़ेगा, लेकिन क्या सीट जीतने लायक स्थिति साउथ में बनी है?

उत्तर- देखिए, दक्षिण भारत में बीजेपी अब भी सबसे बड़ी पार्टी है. पुद्दुचेरी में हमारी सरकार है. कर्नाटक में हम सरकार में रह चुके हैं. 2024 के चुनाव में मैंने दक्षिण के कई जिलों में रैलियां और रोड शो किये हैं. मैंने लोगों की आंखों में बीजेपी के लिए जो स्नेह और विश्वास देखा है, वह अभूतपूर्व है. इस बार दक्षिण भारत के नतीजे चौंकाने वाले होंगे.

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में हम सबसे ज्यादा सीटें जीतेंगे. लोगों ने आंध्र विधानसभा में एनडीए की सरकार बनाने के लिए वोट किया है. कर्नाटक में भाजपा एक बार फिर सभी सीटों पर जीत हासिल करेगी. मैं आपको पूरे विश्वास से कह रहा हूं कि तमिलनाडु में इस बार के परिणाम बहुत ही अप्रत्याशित होंगे और भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में होंगे.

प्रश्न- ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भाजपा को बहुत उम्मीदें हैं. भाजपा कितनी सीटें जीतने की उम्मीद करती है?

उत्तर- मैं ओडिशा और पश्चिम बंगाल में जहां भी जा रहा हूं, मुझे दो बातें हर जगह देखने को मिल रही हैं. एक तो भाजपा पर लोगों का भरोसा और दूसरा दोनों ही राज्यों में वहां की सरकार से भारी नाराजगी. लोगों की आकांक्षाओं को मार कर राज करने को सरकार चलाना नहीं कह सकते. ओडिशा और पश्चिम बंगाल में लोगों की आकांक्षाओं, भविष्य और सम्मान को कुचला गया है. पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार भ्रष्टाचार, गुंडागर्दी का दूसरा नाम बन गयी है. लोग देख रहे हैं कि कैसे वहां की सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को ताक पर रख दिया है.

संदेशखाली की पीड़ितों की आवाज दबाने की कोशिश की गयी. लोगों को अपने त्योहार मनाने से रोका जा रहा है. टीएमसी सरकार लोगों तक केंद्र की योजनाओं का फायदा नहीं पहुंचने दे रही. इसका जवाब वहां के लोग अपने वोट से देंगे. पश्चिम बंगाल के लोग भाजपा को एक उम्मीद के तौर पर देख रहे हैं. बंगाल में इस बार हम बड़ी संख्या में सीटें हासिल करेंगे. मैं ओडिशा के लोगों से कहना चाहता हूं कि उनकी तकलीफें जल्द खत्म होने वाली हैं. चुनाव नतीजों में हम ना सिर्फ लोकसभा की ज्यादा सीटें जीतेंगे, बल्कि विधानसभा में भी भाजपा की सरकार बनेगी.

पहली बार ओडिशा के लोगों को डबल इंजन की सरकार के फायदे मिलेंगे. बीजेडी की सरकार हमारी जिन योजनाओं को ओडिशा में लागू नहीं होने दे रही, हमारी सरकार बनते ही उनका फायदा लोगों तक पहुंचने लगेगा. बीजेडी ने अपने कार्यकाल में सबसे ज्यादा नुकसान उड़िया संस्कृति और भाषा का किया है. मैंने ओडिशा को भरोसा दिया है कि राज्य का अगला सीएम भाजपा का होगा, और वह व्यक्ति होगा, जो ओडिशा की मिट्टी से निकला हो, जो ओडिशा की संस्कृति, परंपरा और उड़िया लोगों की भावनाओं को समझता हो.

ये मेरी गारंटी है कि 10 जून को ओडिशा का बेटा सीएम पद की शपथ लेगा. राज्य के लोग अब एक ऐसी सरकार चाहते हैं, जो उनकी उड़िया पहचान को विश्व पटल पर ले जाए, इसलिए उनका भरोसा सिर्फ भाजपा पर है.

प्रश्न- बिहार और झारखंड में पार्टी का प्रदर्शन कैसा रहेगा, आप क्या उम्मीद करते हैं?

उत्तर- मेरा विश्वास है कि इस बार बिहार और झारखंड में भाजपा को सभी सीटों पर जीत हासिल होगी. दोनों राज्यों के लोग एक बात स्पष्ट रूप से समझ गये हैं कि इंडी गठबंधन में शामिल पार्टियों को जब भी मौका मिलेगा, तो वे भ्रष्टाचार ही करेंगे. इंडी ब्लॉक में शामिल पार्टियां परिवारवाद से आगे निकल कर देश और राज्य के विकास के बारे में सोच ही नहीं सकतीं.

झारखंड में नेताओं और उनके संबंधियों के घर से नोटों के बंडल बाहर निकल रहे हैं. यह किसका पैसा है? ये गरीब के हक का पैसा है. ये पैसा किसी गरीब का अधिकार छीन कर इकट्ठा किया गया है. अगर वहां भ्रष्टाचार पर रोक रहती, तो यह पैसा कई लोगों तक पहुंचता. उस पैसे से हजारों-लाखों लोगों का जीवन बदल सकता था, लेकिन जनता का वोट लेकर ये नेता गरीबों का ही पैसा लूटने लगे. दूसरी तरफ जनता के सामने केंद्र की भाजपा सरकार है, जिस पर 10 साल में भ्रष्टाचार का एक भी दाग नहीं लगा.

आज झारखंड में जिहादी मानसिकता वाले घुसपैठिये झुंड बना कर हमला करते हैं और झारखंड सरकार उन्हें समर्थन देती है. इन घुसपैठियों ने राज्य में हमारी बहनों-बेटियों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है. वहीं अगर बिहार की बात करें, तो जो पुराने लोग हैं, उन्हें जंगलराज याद है. जो युवा हैं, उन्होंने इसका ट्रेलर कुछ दिन पहले देखा है.

आज राजद और इंडी गठबंधन बिहार में अपने नहीं, नीतीश जी के काम पर वोट मांग रहा है. इंडी गठबंधन के नेता तुष्टीकरण में इतने डूब चुके हैं एससी-एसटी-ओबीसी का पूरा का पूरा आरक्षण मुस्लिम समाज को देना चाहते हैं. जनता इस साजिश को समझ रही है. इसलिए, भाजपा को वोट देकर इसका जवाब देगी.

प्रश्न- संपत्ति का पुनर्वितरण इन दिनों बहस का मुद्दा बना हुआ है. इस पर आपकी क्या राय है?

उत्तर- शहजादे और उनके सलाहकारों को पता है कि वे सत्ता में नहीं आने वाले. इसीलिए ऐसी बात कर रहे हैं. यह माओवादी सोच है, जो सिर्फ अराजकता को जन्म देगी. इंडी गठबंधन की परेशानी यह है कि वे तुष्टीकरण से आगे कुछ भी सोच नहीं पा रहे. वे किसी तरह एक समुदाय का वोट पाना चाहते हैं, इसलिए अनाप-शनाप बातें कर रहे हैं. लूट-खसोट की यह सोच कभी भी भारत की संस्कृति का हिस्सा नहीं रही. वे एक्सरे कराने की बात कर रहे हैं, उनका प्लान है कि एक-एक घर में जाकर लोगों की बचत, उनकी जमीन, संपत्ति और गहनों का हिसाब लिया जायेगा. कोई भी इस तरह की व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेगा. पिछले 10 वर्षों में हमारा विकास मॉडल लोगों को अपने पैरों पर खड़ा करने का है. इसके लिए हम लोगों तक वे मूलभूत सुविधाएं पहुंचा रहे हैं, जो दशकों पहले उन्हें मिल जाना चाहिए था. हम रोजगार के नये अवसर तैयार कर रहे हैं, ताकि लोग सम्मान के साथ जी सकें.

प्रश्न- भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है. भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है. आम आदमी को इसका लाभ कैसे मिलेगा?

उत्तर- यह बहुत ही अच्छा सवाल है आपका. तीसरे कार्यकाल में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगी. जब मैं यह कहता हूं कि तो इसका मतलब सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है. दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था सम्मान के साथ देशवासियों के लिए समृद्धि भी लाने वाला है. दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का मतलब है बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी का विस्तार, ज्यादा निवेश और ज्यादा अवसर. आज सरकार की योजनाओं का लाभ जितने लोगों तक पहुंच रहा है, उसका दायरा और बढ़ जायेगा.

भाजपा ने तीसरे टर्म में आयुष्मान भारत योजना का लाभ 70 वर्ष से ऊपर के सभी बुजुर्गों को देने की गारंटी दी है. हमने गरीबों के लिए तीन करोड़ और पक्के मकान बनाने का संकल्प लिया है. तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने की बात कही है. जब अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, तो हमारी योजनाओं का और विस्तार होगा और ज्यादा लोग लाभार्थी बनेंगे.

प्रश्न- आप लोकतंत्र में विपक्ष को कितना जरूरी मानते हैं और उसकी क्या भूमिका होनी चाहिए?

उत्तर- लोकतंत्र में सकारात्मक विपक्ष बहुत महत्वपूर्ण है. विपक्ष का मजबूत होना लोकतंत्र के मजबूत होने की निशानी है. इसे दुर्भाग्य ही कहेंगे कि पिछले 10 वर्षों में विपक्ष व्यक्तिगत विरोध करते-करते देश का विरोध करने लगा. विपक्ष या सत्ता पक्ष लोकतंत्र के दो पहलू हैं, आज कोई पार्टी सत्ता में है, कभी कोई और रही होगी, लेकिन आज विपक्ष सरकार के विरोध के नाम पर कभी देश की सेना को बदनाम कर रहा है, कभी सेना के प्रमुख को अपशब्द कह रहा है. कभी सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाता है, तो कभी एयरस्ट्राइक पर संदेह जताता है. सेना के सामर्थ्य पर उंगली उठा कर वे देश को कमजोर करना चाहते हैं.

आप देखिए, विपक्ष कैसे पाकिस्तान की भाषा बोलने लगा है. जिस भाषा में वहां के नेता भारत को धमकी देते थे, वही आज कांग्रेस के नेता बोलने लगे हैं. मैं इतना कह सकता हूं कि विपक्ष अपनी इस भूमिका में भी नाकाम हो गया है. वे देश के लोगों का विश्वास नहीं जीत पा रहे, इसलिए देश के खिलाफ बोल रहे हैं.

प्रश्न- झारखंड में बड़े पैमाने पर नोट पकड़े गये, भ्रष्टाचार से इस देश को कैसे मुक्ति मिलेगी?

उत्तर- देखिए, जब कोई सरकार तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के दलदल में फंस जाती है तो इस तरह की चीजें देखने को मिलती हैं. मैं आपको एक आंकड़ा देता हूं. 2014 से पहले, कांग्रेस के 10 साल के शासन में ईडी ने छापे मार कर सिर्फ 35 लाख रुपये बरामद किये थे. पिछले 10 वर्ष में इडी के छापे में 2200 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए हैं. यह अंतर बताता है कि जांच एजेंसियां अब ज्यादा सक्रियता से काम कर रही हैं.

आज देश के करोड़ों लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से सीधे खाते में पैसे भेजे जा रहे हैं. कांग्रेस के एक प्रधानमंत्री ने कहा था कि दिल्ली से भेजे गये 100 पैसे में से लाभार्थी को सिर्फ 15 पैसे मिलते हैं. बीच में 85 पैसे कांग्रेस के भ्रष्टाचार तंत्र की भेंट चढ़ जाते थे. हमने जनधन खाते खोले, उन्हें आधार और मोबाइल नंबर से लिंक किया, इसके द्वारा भ्रष्टाचार पर चोट की. डीबीटी के माध्यम से हमने लाभार्थियों तक 36 लाख करोड़ रुपये पहुंचाये हैं. अगर यह व्यवस्था नहीं होती, तो 30 लाख करोड़ रुपये बिचौलियों की जेब में चले जाते. मैंने संकल्प लिया है कि मैं देश से भ्रष्टाचार को खत्म करके रहूंगा. जो भी भ्रष्टाचारी होगा, उस पर कार्रवाई जरूर होगी. मेरे तीसरे टर्म ये कार्रवाई और तेज होगी.

प्रश्न- विपक्ष सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों- इडी और सीबीआइ के दुरुपयोग का आरोप लगा रहा है. इस पर आपका क्या कहना है?

उत्तर- आपको यूपीए का कार्यकाल याद होगा, तब भ्रष्टाचार और घोटाले की खबरें आती रहती थीं. उस स्थिति से बाहर निकलने के लिए लोगों ने भाजपा को अपना आशीर्वाद दिया, लेकिन आज इंडी गठबंधन में शामिल दलों की जहां सरकार है, वहां यही सिलसिला जारी है. फिर जब जांच एजेंसियां इन पर कार्रवाई करती हैं तो पूरा विपक्ष एकजुट होकर शोर मचाने लगता है. एक घर से अगर करोड़ों रुपये बरामद हुए हैं, तो स्पष्ट है कि वो पैसा भ्रष्टाचार करके जमा किया गया है. इस पर कार्रवाई होने से विपक्ष को दर्द क्यों हो रहा है? क्या विपक्ष अपने लिए छूट चाहता है कि वे चाहे जनता का पैसा लूटते रहें, लेकिन एजेंसियां उन पर कार्रवाई न करें.

मैं विपक्ष और उन लोगों को चुनौती देना चाहता हूं, जो कहते हैं कि सरकार किसी भी एजेंसी का दुरुपयोग कर रही है. एक भी ऐसा केस नहीं हैं जहां पर कोर्ट ने एजेंसियों की कार्रवाई को गलत ठहराया हो. भ्रष्टाचार में फंसे लोगों के लिए जमानत पाना मुश्किल हो रहा है. जो जमानत पर बाहर हैं, उन्हें फिर वापस जाना है. मैं डंके की चोट पर कहता हूं कि एजेंसियों ने सिर्फ भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्यवाही की है.

प्रश्न- विपक्ष हमेशा इवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है, आपकी क्या राय है?

उत्तर- विपक्ष को अब यह स्पष्ट हो चुका है कि उसकी हार तय है. यह भी तय हो चुका है कि जनता ने उन्हें तीसरी बार भी बुरी तरह नकार दिया है. ये लोग इवीएम के मुद्दे पर अभी-अभी सुप्रीम कोर्ट से हार कर आये हैं. ये हारी हुई मानसिकता से चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए पहले से बहाने ढूंढ कर रखा है. इनकी मजबूरी है कि ये हार के लिए शहजादे को दोष नहीं दे सकते. आप इनका पैटर्न देखिए, चुनाव शुरू होने से पहले ये इवीएम पर आरोप लगाते हैं. उससे बात नहीं तो इन्होंने मतदान प्रतिशत के आंकड़ों का मुद्दा उठाना शुरू किया है. जब मतगणना होगी तो गड़बड़ी का आरोप लगायेंगे और जब शपथ ग्रहण होगा, तो कहेंगे कि लोकतंत्र खतरे में है. चुनाव आयोग ने पत्र लिख कर खड़गे जी को जवाब दिया है, उससे इनकी बौखलाहट और बढ़ गयी है. ये लोग चाहे कितना भी शोर मचा लें, चाहे संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठा लें, जनता इनकी बहानेबाजी को समझती है. जनता को पता है कि इसी इवीएम से जीत मिलने पर कैसे उनके नरेटिव बदल जाते हैं. इवीएम पर आरोप को जनता गंभीरता से नहीं लेती.

प्रश्न- आपने आदिवासियों के विकास के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं. आप पहले प्रधानमंत्री हैं, जो भगवान बिरसा की जन्मस्थली उलिहातू भी गये. आदिवासी समाज के विकास को लेकर आपका विजन क्या है?

उत्तर- इस देश का दुर्भाग्य रहा है कि आजादी के बाद छह दशक तक जिन्हें सत्ता मिली, उन लोगों ने सिर्फ एक परिवार को ही देश की हर बात का श्रेय दिया. उनकी चले, तो वे यह भी कह दें कि आजादी की लड़ाई भी अकेले एक परिवार ने ही लड़ी थी. हमारे आदिवासी भाई-बहनों का इस देश की आजादी में, इस देश के समाज निर्माण में जो योगदान रहा, उसे भुला दिया गया. भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को ना याद करना कितना बड़ा पाप है. देश भर में ऐसे कितने ही क्रांतिकारी हैं जिन्हें इस परिवार ने भुला दिया.

जिन आदिवासी इलाकों तक कोई देखने तक नहीं जाता था, हमने वहां तक विकास पहुंचाया है. हम आदिवासी समाज के लिए लगातार काम कर रहे हैं. जनजातियों में भी जो सबसे पिछड़े हैं, उनके लिए विशेष अभियान चला कर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है. इसके लिए सरकार ने 24 हजार करोड़ रुपये की योजना बनायी है.

भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस को भाजपा सरकार ने जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया. एकलव्य विद्यालय से लेकर वन उपज तक, सिकेल सेल एनीमिया उन्मूलन से लेकर जनजातीय गौरव संग्रहालय तक, हर स्तर पर विकास कर रहे हैं. एनडीए के सहयोग से पहली बार एक आदिवासी बेटी देश की राष्ट्रपति बनी है.अगले वर्ष भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती है. भाजपा ने संकल्प लिया है कि 2025 को जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में मनाया जायेगा.

प्रश्न- देश के मुसलमानों और ईसाइयों के मन में भाजपा को लेकर एक अविश्वास का भाव है. इसे कैसे दूर करेंगे?

उत्तर- हमारी सरकार ने पिछले 10 वर्षों में एक काम भी ऐसा नहीं किया है, जिसमें कोई भेदभाव हुआ हो. पीएम आवास का घर मिला है, तो सबको बिना भेदभाव के मिला है. उज्ज्वला का गैस कनेक्शन मिला है, तो सबको मिला है. बिजली पहुंची है, तो सबके घर पहुंची है. नल से जल का कनेक्शन देने की बात आयी, तो बिना जाति, धर्म पूछे हर किसी को दी गयी. हम 100 प्रतिशत सैचुरेशन की बात करते हैं. इसका मतलब है कि सरकार की योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे, हर परिवार तक पहुंचे. यही तो सच्चा सामाजिक न्याय है.

इसके अलावा मुद्रा लोन, जनधन खाते, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, स्टार्ट अप- ये सारे काम सबके लिए हो रहे हैं. हमारी सरकार सबका साथ सबका विकास के विजन पर काम करती है. दूसरी तरफ, जब कांग्रेस को मौका मिला, तो उसने समाज में विभाजन की नीति अपनायी. दशकों तक वोटबैंक की राजनीति करके सत्ता पाती रही, लेकिन अब जनता इनकी सच्चाई समझ चुकी है.

भाजपा को लेकर अल्पसंख्यकों में अविश्वास की बातें कांग्रेसी इकोसिस्टम का गढ़ा हुआ है. कभी कहा गया कि बीजेपी शहरों की पार्टी है. फिर कहा गया कि बीजेपी ऐसी जगहों में नहीं जीत सकती, जहां पर अल्पसंख्यक अधिक हैं. आज नागालैंड सहित नॉर्थ ईस्ट के दूसरे राज्यों में हमारी सरकार है, जहां क्रिश्चियन समुदाय बहुत बड़ा है. गोवा में बार-बार भाजपा को चुना जाता है. ऐसे में अविश्वास की बात कहीं टिकती नहीं.

प्रश्न- झारखंड और बिहार के कई इलाकों में घुसपैठ बढ़ी है, यहां तक कि डेमोग्रेफी भी बदल गयी है. इस पर कैसे अंकुश लगेगा?

उत्तर- झारखंड को एक नयी समस्या का सामना करना पड़ रहा है. जेएमएम सरकार की तुष्टीकरण की नीति से वहां घुसपैठ को जम कर बढ़ावा मिल रहा है. बांग्लादेशी घुसपैठियों की वजह से वहां की आदिवासी संस्कृति को खतरा पैदा हो गया है, कई इलाकों की डेमोग्राफी तेजी से बदल रही है. बिहार के बॉर्डर इलाकों में भी यही समस्या है. झारखंड में आदिवासी समाज की महिलाओं और बेटियों को टारगेट करके लैंड जिहाद किया जा रहा है. आदिवासियों की जमीन पर कब्जे की एक खतरनाक साजिश चल रही है.

ऐसी खबरें मेरे संज्ञान में आयी हैं कि कई आदिवासी बहनें इन घुसपैठियों का शिकार बनी हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है. बच्चियों को जिंदा जलाया जा रहा है. उनकी जघन्य हत्या हो रही है. पीएफआइ सदस्यों ने संताल परगना में आदिवासी बच्चियों से शादी कर हजारों एकड़ जमीन को अपने कब्जे में ले लिया है. आदिवासियों की जमीन की सुरक्षा के लिए, आदिवासी बेटी की रक्षा के लिए, आदिवासी संस्कृति को बनाये रखने के लिए भाजपा प्रतिबद्ध है.

Following is the clipping of the interview:

 

 Source: Prabhat Khabar