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Chief Minister Shri Narendra Modi, on Monday, observed that the Social-Harmony is playing a very crucial role in maintaining the integrity and unity of our nation; it integrates our country from Kashmir to Kanyakumari and from Atak to Katak.

When Gujarat celebrates its Golden-Jubilee, he called upon the citizens to act as a soldier, defending social harmony. Revolutionary Saint, Swami Sachchidanandji, today, released a book- Samajik Samrasata (Social-Harmony) - which embodies C.M’s speeches and Essays .The book is edited by Shri Kishor Makwana, and published by Image Publication.

Chief Minister said, “The issue of social harmony is not at all limited up to untouchability. But, Dr. Baba Saheb Aambedkar has shown us the path, inspires us to have love and respect for the down -trodden and under-privileged classes, untouchability is a stigma on society. “He cited some of the key observations made by Dr. Aambedkar and Shri Ramanujacharya. He spoke highly about the need for Social-harmony.

Shri Narendra Modi made it very clear that the thoughts portrayed in book, is the humble endeavor to present plight and sufferings of Dalits. It is also an effort to awaken the spirit of social harmony, society would heed to my call as personal one, he added.

Swami Sachchidanandji showered his blessings. According to him, during the last six-seven years, Gujarat has made remarkable progress in various sectors. Credit goes to Shri Modiji. Swamiji also underlined the need for social harmony.

Eminent poet, Shri Suresh Dalal showered fulsome praises on Modiji. According to him, Shri Narendrabhai has been compassionate towards the down-trodden since his childhood. In his writing, we can experience his devotion; he is always keen to do something great for the cause of society.

In his impulsive address, Shri Kishor Makwana said, “The book depicts eternal flow of emotions. Chief Minister has an inner-drive to do something, every page reflects his empathy. Fortunately, the preface of the book is written by Shri Sudershanji, who is ‘former Sar -Sangh -Sanchalak’. “

Chairman, Image Publication, Shri Navin Dave delivered welcome address. Poet Shri Ankit Trivedi conducted the Book-Release function.

Cabinet Colleagues, MLAs, eminent leasers were among others who attended the function.

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टीका उत्सव पर देशवासियों से आग्रह
April 11, 2021
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मेरे प्यारे देशवासियों,

आज 11 अप्रैल यानि ज्योतिबा फुले जयंती से हम देशवासी ‘टीका उत्सव’ की शुरुआत कर रहे हैं। ये ‘टीका उत्सव’ 14 अप्रैल यानि बाबा साहेब आंबेडकर जयंती तक चलेगा।

ये उत्सव, एक प्रकार से कोरोना के खिलाफ दूसरी बड़ी जंग की शुरुआत है। इसमें हमें Personal Hygiene के साथ ही Social Hygiene पर विशेष बल देना है।

हमें ये चार बातें, जरूर याद रखनी है।

Each One- Vaccinate One, यानि जो लोग कम पढ़े-लिखे हैं, बुजुर्ग हैं, जो स्वयं जाकर टीका नहीं लगवा सकते, उनकी मदद करें।

Each One- Treat One, यानि जिन लोगों के पास उतने साधन नहीं हैं, जिन्हें जानकारी भी कम है, उनकी कोरोना के इलाज में सहायता करें।

Each One- Save One, यानि मैं स्वयं भी मास्क पहनूं और इस तरह स्वयं को भी Save करूं और दूसरों को भी Save करूं, इस पर बल देना है।

और चौथी अहम बात, किसी को कोरोना होने की स्थिति में, ‘माइक्रो कन्टेनमेंट जोन’ बनाने का नेतृत्व समाज के लोग करें। जहां पर एक भी कोरोना का पॉजिटिव केस आया है, वहां परिवार के लोग, समाज के लोग ‘माइक्रो कन्टेनमेंट जोन’ बनाएं।

भारत जैसे सघन जनसंख्या वाले हमारे देश में कोरोना के खिलाफ लड़ाई का एक महत्वपूर्ण तरीका ‘माइक्रो कन्टेनमेंट जोन’ भी है।

एक भी पॉजिटिव केस आने पर हम सभी का जागरूक रहना, बाकी लोगों की भी टेस्टिंग कराना बहुत आवश्यक है।

इसके साथ ही जो टीका लगवाने का अधिकारी है, उसे टीका लगे, इसका पूरा प्रयास समाज को भी करना है और प्रशासन को भी।

एक भी वैक्सीन का नुकसान ना हो, हमें ये सुनिश्चित करना है। हमें जीरो वैक्सीन वेस्ट की तरफ बढ़ना है।

इस दौरान हमें देश की वैक्सीनेशन क्षमता के ऑप्टिमम यूटिलाइजेशन की तरफ बढ़ना है। ये भी हमारी कपैसिटी बढ़ाने का ही एक तरीका है।

हमारी सफलता इस बात से तय होगी कि ‘माइक्रो कन्टेनमेंट जोन’ के प्रति कितनी जागरूकता हम लोगों में है।

हमारी सफलता इस बात से तय होगी कि जब जरूरत न हो, तब हम घर से बाहर न निकलें।

हमारी सफलता इस बात पर तय होगी कि जो टीका लगवाने का अधिकारी है, उसे टीका लगे।

हमारी सफलता इस बात पर तय होगी कि हम मास्क पहनने और अन्य नियमों का किस तरह पालन करते हैं।

साथियों,

इन चार दिनो में व्यक्तिगत स्तर पर, समाज के स्तर पर और प्रशासन के स्तर पर हमें अपने-अपने लक्ष्य बनाने हैं, उन्हें प्राप्त करने के लिए पूरा प्रयास करना है।
मुझे पूरा विश्वास है, इसी तरह जनभागीदारी से, जागरूक रहते हुए, अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए, हम एक बार फिर कोरोना को नियंत्रित करने में सफल होंगे।
याद रखिए- दवाई भी, कड़ाई भी।

धन्यवाद !

आपका,

नरेन्द्र मोदी।