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मेरे प्‍यारे देशवासियो,

दुनिया भर के वैज्ञानिक जगत की fraternity आज MOM का मंगल से मिलन हो गया। आज मंगल को MOM मिल गई है। जिस समय इस मिशन का नाम, उसका Short form जब MOM बन गया तो मुझे पूरा विश्‍वास था कि MOM कभी निराश नहीं करती है। India has successfully reached Mars. आप सबको बधाई, देशवासियों को बधाई। और विश्‍व में भारत देश, और ये हमारे भारत के वैज्ञानिक वो पहले प्रयास में सफल होने वाला हिंदुस्‍तान, हिंदुस्‍तान के वैज्ञानिक, ये सफलता प्राप्‍त कर रहे हैं।

History has been created today. We have dared to reach out into the unknown. And have achieved the near impossible. I congratulate all ISRO scientists, as well as all my fellow Indians, on this historic occasion.

और मैंने पहले ही कहा कि साधन बहुत कम, अनेक मर्यादाएं और उसके बावजूद भी इतनी बड़ी सिद्धि प्राप्‍त होती है, वो वैज्ञानिकों के विश्‍वास के कारण उनके पुरूषार्थ के कारण, उनकी प्रतिबद्धता के कारण और इसलिए, हमारे देश के वैज्ञानिक अनके-अनेक अभिनंदन के अधिकारी हैं। और आज मुझे इनके बीच आ करके अभिनंदन देने का अवसर मिला है और अब देखिए इसकी, क्‍या कमाल है?

Travelling a mind-boggling distance of more than 650 million, or 65 crore kilometres.

यानी कि करीब-करीब 65 करोड़ किलोमीटर की यात्रा।

we have gone beyond the boundaries of human enterprise and imagination. We have, accurately navigated our spacecraft, through a route known to very few.

And, we have done so, from a distance so large; that it took even a command signal from Earth, more time to reach it, than it takes sunlight to reach us.

यानी कि सूरज की किरण को हमारे पास पहुंचने में जितना समय लगता है, उससे भी ज्‍यादा समय, यहां से हमारे वैज्ञानिक, उसे कुछ कहते हैं कि करो, उससे भी ज्‍यादा समय लग जाता है। यानी कि कितनी धीरज के साथ कमांड देने के 12-15 मिनट तक इंतजार करना पड़ता है कि गया, कि ठीक, नहीं गया है। कुछ हुआ कि नहीं हुआ। ये बड़ा कठिन होता है। अरे हम, भोजन की थाली पर बैठते हैं, खाना परोसने में देरी होती है, तो भी इधर उधर हो जाते हैं। तो इतने आप में इतना distance, उसके बावजूद भी, जिस धैर्य के साथ

The odds were stacked against us. Of the 51 missions attempted across the world so far, a mere 21 had succeeded.

But we have prevailed!

दुनिया में सबको सफलता नहीं मिली। बहुत कम मिली। और पहली बार में तो किसी देश को नहीं मिली। भारत के वैज्ञानिकों को, भारत को ये पहली बार सफलता मिली है।

With today’s spectacular success, ISRO joins an elite group of only three other agencies worldwide, to have successfully reached the red planet.

India, in fact, is the only country to have succeeded in its very first attempt. We put together the spacecraft in record time, within a mere 3 years of first studying its feasibility.

सिर्फ तीन साल में,यह छोटी बात नहीं है। हर हिंदुस्‍तानी आप लोगों के लिए गर्व करता है। नाज होता है। वैज्ञानिक के लिए नाज होता है।

Built it indigenously, in a pan-Indian effort stretching from Bangalore to Bhubhaneshwar, and Faridabad to Rajkot.

हमारे यहां के गवर्नर Vajubhai vala राजकोट के हैं। और इस Mars का एक instrument राजकोट में बना था और मैं अहमदाबाद इसरों में बार-बार जाता था। बड़ा मन करता था, क्‍या कर रहे हैं वैज्ञानिक बेचारे, एक लैब से बाहर नहीं निकलते हैं, तो कोई तो जाए मिलने के लिए। तो मैं जाता था और तब मुझे पता चला कि मिथेन गैस का sensor वहां बन रहा था और दूसरा, वहां कैमरा बन रहा था और शायद वह दोनों काम, उस समय मुझे बताया गया था, और शायद दुनिया में मिथेन गैस की जानकारी देने का पहला काम ये आपके प्रयत्‍नों से होगा। तो मैं जब ये, अहमदाबाद के इसरो में देखने के लिए जाता था, तो मुझे वहां के वैज्ञानिक हमारे गोस्‍वामी जी यहां है, मुझे सब समझते थे। क्‍या हो रहा है, कैसे हो रहा है।

Used a smaller rocket and payload to reduce the cost, even while increasing the complexity of an already challenging mission. मैंने पिछली बार जब गया था, श्रीहरिकोटा में, तब मैंने कहा था कि अमेरिका के हालीवुड में, जो फिल्‍में बनती हैं, मूवी, उससे भी कम खर्चे में हमारे वैज्ञानिकों ने काम किया है। यानी कि इससे ज्‍यादा खर्चा तो हालीवुड की मूवी बनाने में होता है। यानी कि कितनी बारीकि से Indigenes चीजों जोड़कर के छोटे-छोटे लोगों की मदद ले करके इतना बड़ा मिशन पार किया गया।

And launched it on our very own PSLV launch vehicle. These are all accomplishments that will go down as landmarks in history. Uncertainty is a part of the journey of every explorer who seeks to push boundaries.

The hunger of exploration and the thrill of discovery are not for the faint-hearted.

मेरे सामने दो प्रस्‍ताव थे। मैं आज ये रहस्‍य खोल दूं। जब ये आज सुबह मैं कहां रहूं? तो मुझे बताया गया, सब साइंटिस्‍टों ने कहा कि साहब, दुनिया में ये बहुत कठिन काम है। सफल होंगे, नहीं होंगे। आपको बुलाना, नहीं बुलाना, हमें दुविधा है। मैंने कहा, चिंता मत कीजिए। अगर विफलता आती है तो मेरी पहली जिम्‍मेवारी बनती है, इन वैज्ञानिकों के बीच आने की। और यश तो लेने के लिए सब आते हैं। लेकिन काम भी तो मंगल था। और जब काम मंगल होता है, इरादे मंगल होते हैं, तो मंगल की यात्रा भी तो मंगल होती है।

मुझे पहले कविताएं लिखने का शौक भी था, और समय भी मिलता था। तो मैंने एक बार लिखा था। वैसे लिखा तो गुजराती में है। लेकिन थोड़ा बहुत हिन्‍दी में बता देता हूं । मैंने लिखा था – कि अगर विफल होते हैं, तो आलोचना के शिकार होते हैं। और सफल होते हैं तो ईष्‍या के शिकार होते हैं।

आज हम सफल हुए हैं और इसलिए सफलता के साथ नई challenges भी आती है और वितवाद में, भारत के वैज्ञानिक में, भारत के यूथ में, भारत के talent में, कि हर चुनौतियों को चुनौती देने की ताकत, इन हमारी फौज में है। इन वैज्ञानिकों में है।

Innovation, after all, by its very nature involves risk; as you are trying to do something which has not been done before. It`s a leap into the dark. Humanity would not have progressed, if we had not taken such leaps into the unknown. And space is indeed the biggest unknown out there.

कभी कभी लोग सोचते हैं, risk क्‍यों लें, पानी में गए बिना तैरना सीखते हैं क्‍या, risk तो लेना ही पड़ता है। और सफलता बड़ी ताकत होती है, Risk लेने के निर्णय की moment क्‍योंकि एक अंधेरे में पैर रखना होता है और वो निर्णय करने का सामर्थ्‍य और मुझे तो अटल जी ने जब कहा था, हमें चन्‍द्र पर जाना है, ये हिम्‍मत होती है और तब जाकर लोग लग जाते हैं।

No one represents this zeal for exploring the unknown more, than our space scientists here at ISRO.

Through your brilliance and hard work, you have made it a habit of achieving the impossible.

अब मेरे इसरो के वैज्ञानिकों को impossible को possible करने की जैसे आदत ही लग गई है।

You have developed self-reliance across critical domains, often in the face of hostile circumstances.

Every generation of your scientists, has groomed the next home-grown lot

मुझे सबसे बड़ी खुशी इस बात की होती है, मैं जितनी बार आप लोगों के बीच आया हूं, हर पीढ़ी एक नई पीढ़ी को तैयार करती है। यह अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है।

मैं देख रहा हूं, कितने यंग साइंटिस्‍ट मेरे सामने खड़े हैं। पुरानी पीढ़ी ने इनको तैयार किया है और ये नई पीढ़ी को तैयार करेंगे। यही परंपरा, गुरू शिष्‍य परंपरा एक प्रकार से हमारे देश की विशेषता रही है, जो मुझे आज ISRO में महसूस होती है। इन सीनियर मोस्‍ट वैज्ञानिकों ने जो परंपरा बनाई है, 50-60 साल में, वो आज भी आगे बढ़ रही है। इस कल्‍चर के लिए भी, इस परंपरा के लिए भी, आप सभी वैज्ञानिक बहुत-बहुत, इस उत्‍तम परंपरा को निर्मित करने के लिए अभिनंदन के अधिकारी हैं।

Through your achievements, you have honoured our fore-fathers, and inspired our future generations! You truly deserve all the love and respect you get from a grateful nation!

We Indians are a proud people!

Despite our many limitations, we aspire for the best.

The success of our space program is a shining example of what we are capable of as a nation.

Our space program has been an example of achievement, which inspires the rest of us to strive for excellence ourselves.

Moreover, space exploration requires cutting-edge expertise across diverse disciplines. A successful space program thus generates applications across multiple domains.

Our efforts in particular, have historically focussed on the ultimate objective of nation-building. Of translating space technology into space applications.

मैं जब गुजरात का मुख्‍यमंत्री था, मेरा अनुभव है। आप वैज्ञानिकों ने जो काम किया है, उसको अगर हम रोजमर्रा की जिंदगी में application करें, उसको apply करें, तो हम जीवन बदल सकते हैं। पूरा गवर्नेंस बदल सकते हैं। पूरी व्‍यवस्‍था बदल सकते हैं। पूरी व्‍यवस्‍था बदल सकते हैं। हमारी गति बदल सकते हैं। इतना बड़ा contribution स्‍पेस टेक्‍नोलोजी के द्वारा हो रहा है। space science के द्वारा हो रहा है और इसलिए मैं मानता हूं कि हमारे प्रयास, हमारे देश की क्‍वालिटी आफ गवर्नेंस, क्‍वालिटी ऑफ लाइफ, स्‍पीड ऑफ अचीवमेंट्स इन सबमें एक बहुत बड़ा बदलाव लाने का सामर्थ्‍य रखते हैं।

Delivering the fruits of this farthest frontier to the remotest corners of the country. Deepening our governance, strengthening our economy, and improving our lives.

We also have a great legacy and responsibility to live up to. Our ancestors had helped the world understand the mysteries of the heavens.

Grasp the idea of Shunya or nothingness.

Map spatial knowledge; such as the rotation of the Earth, motion of planets and occurrence of eclipses.

सदियों पहले आर्यभट्ट जैसे अनेक महापुरूषों ने हमें शास्‍त्र का ज्ञान दिया। हमें शून्‍य दिया। सारे जगत को आज, यही तो शून्‍य है, जो गति देने का कारण बन गया है। विज्ञान की खोज का अवसर, आधार बन गया है। यानी कोई ऐसा विषय नहीं, जिसे हमारे पूर्वजों ने रास्ता बनाकर न रखा हो।

एक प्रकार से ये प्रयास हमारे उन महान ऋषियों को, जो एक वैज्ञानिक थे, उनको एक बहुत बड़ी, उनके सम्मान में दी गई ये भेंट-सौगात है। और ये काम हजारों साल के बाद इस पीढ़ी ने दी है। इसलिए इस परंपरा को निभाने के लिए हम स्वंय अपने आप को गौरवान्वित महसूस करते हैं। ये महान काम लैब में बैठे हुए दिन-रात अपने सुख छोड़कर के, कुछ कर दिखाने की तमन्ना वाले वैज्ञानिकों के द्वारा होता है।

Modern India must continue playing this leading role of ‘Jagad-guru Bharat’.

स्वामी विवेकानंद ने कहा था – मैं देख रहां हूं, मेरी भारत माता फिर एक बार विश्व-गुरू का स्थान प्राप्त करेगी। ये कैसे करेगी, आप ही के लोगों के पुरुषार्थ से तो यह होने वाला है। हमारे देश की युवा पीढ़ी के पुरुषार्थ से होने वाला है। चाहे खेत में काम करने वाला किसान हो, चाहे मजदूरी करने वाला गरीब व्यक्ति हो या वैज्ञानिक इतना लैब में बैठकर के तपस्या करने वाला ऋषितुल्य जीवन हो, यही तो है जो भारत माता को जगत गुरू के स्थान पर विराजमान करेगी।

My dear friends!

Let me conclude by saying that in contrast with the linear nature of Western philosophy; there is no absolute ‘beginning’ or ‘end’ in our Eastern understanding of the cosmos.

There is only a continuous, unending cycle of dispassionate, detached perseverance.

Atal ji’s vision had inspired us to reach for the moon.

The successful Chandrayan mission, in turn led to the Mars Orbiter Mission.

This too, must become but a base for challenging the next frontier - of an inter-planetary mission.

Let today’s success, only drive us with even greater vigour and conviction. Let’s set ourselves even more challenging goals. And strive even harder to achieve them.

Let us push our boundaries. And then, push some more!

यही मिजाज, इसी उमंग के साथ हम आगे बढ़ें। गुरूदेव रविंद्रनाथ टैगोर ने जो कहा था-

“Where the mind is led forward by thee into ever-widening thought and action ... Into that heaven of freedom, my Father, let my country awake.”

मैं फिर एक बार रविंद्र टैगोर की इस वाणी को श्रद्धा करते हुए, भारत जगेगा, भारत जगाएगा और हम सब इस जागरुक भारत को अपनी आंखों से देख पाएंगे। इसी विश्वास के साथ आप सब वैज्ञानिकों को आपके पुरुषार्थ और परिश्रम के लिए, आपकी प्रतिबद्धता के लिए, बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। मेरे प्यारे देशवासियों, हम सब गर्व करें, हमारे इन वैज्ञानिकों की सिद्धी के लिए, हमारी क्रिकेट टीम अगर एक टूर्नामेंट जीत कर आती है, पूरा देश नाच उठता है।

ये वैज्ञानिकों की सिद्धि उससे भी हजारों गुणा बहुत बड़ी है। सालों की तपस्या के बाद पाई हुई सिद्धि है। सवा सौ करोड़ देशवासियों के आशीर्वाद से जुड़ी हुई, ये सिद्धि है। आइए, मेरे देशवासी, कल से नवरात्री का प्रारंभ हो रहा है, शुभ शुरूआत हो रही है। मंगल, मंगल, मंगल होना तय है और जब मंगल, मंगल, मंगल होना तय है, तो इस मंगल की यात्रा हमें और मंगल करने की प्रेरणा देती रहेगी। आज पूरा हिंदुस्तान उन वैज्ञानिकों के सम्मान में आनंद उत्सव मनाएं। हर स्कूल, कॉलेज के अंदर पांच मिनट भी इकट्ठे होकर, तालियों के नाद के साथ, हमारे इन वैज्ञानिकों को याद करें, उनका गौरव करें। सवा सौ करोड़ देशवासी इस सिद्धि को अपनी बनाएं, आनंद उत्सव मनाएं। मंगलमय वातावरण बनाएं। यही एक अपेक्षा के साथ फिर एक बार आप सबको बहुत-बहुत शुभकामना। बहुत-बहुत बधाई। धन्यवाद

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5G will bring positive changes in governance, ease of living and ease of doing busines: PM Modi
May 17, 2022
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“Self-made 5G Test-Bed is an important step toward self-reliance in critical and modern technology in the telecom sector”
“Connectivity will determine the pace of progress in 21st century India”
“5G technology is going to bring positive changes in the governance of the country, ease of living and ease of doing business”
“Coming out of the despair, frustration, corruption and policy paralysis of the 2G era, the country has moved rapidly from 3G to 4G and now 5G and 6G”
“In the last 8 years, new energy has been infused into the telecom sector with the ‘Panchamrita’ of Reach, Reform, Regulate, Respond and Revolutionise”
“Mobile manufacturing units increased from 2 to more than 200 bringing mobile phone within reach of the poorest of poor families”
“Today everyone is experiencing the need for collaborative regulation. For this it is necessary that all the regulators come together, develop common platforms and find solutions for better coordination”

नमस्कार, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगी श्री अश्विनी वैष्णव जी, श्री देवुसिंह चौहान जी, डॉक्टर एल मुरुगन जी, टेलिकॉम और ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर से जुड़े सभी लीडर्स, देवियों और सज्जनों!

Telecom Regulatory Authority of India - TRAI इससे जुड़े सभी साथियों को सिल्वर जुबली की बहुत बहुत बधाई। ये सुखद संयोग है कि आज आपकी संस्था ने 25 साल पूरे किए हैं, तब देश आज़ादी के अमृतकाल में अगले 25 वर्षों के रोडमैप पर काम कर रहा है, नए लक्ष्य तय कर रहा है। थोड़ी देर पहले मुझे देश को अपना, खुद से निर्मित 5G Test-bed राष्ट्र को समर्पित करने का अवसर मिला है। ये टेलिकॉम सेक्टर में क्रिटिकल और आधुनिक टेक्नॉलॉजी की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अहम कदम है। मैं इस प्रोजेक्ट से जुड़े सभी साथियों को, हमारे IITs को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। साथ ही मैं देश के युवा साथियों को, researchers और companies को आमंत्रित करता हूं कि वो इस टेस्टिंग फैसिलिटी का उपयोग 5G टेक्नॉलॉजी के निर्माण के लिए करें। विशेष रूप से हमारे स्टार्ट अप्स के लिए अपने प्रोडक्ट टेस्ट करने का ये बहुत बड़ा अवसर है। यही नहीं, 5Gi के रूप में जो देश का अपना 5G standard बनाया गया है, वो देश के लिए बहुत गर्व की बात है। ये देश के गांवों में 5G टेक्नॉलॉजी पहुंचाने और उस काम में बड़ी भूमिका निभाएगा।

साथियों,

21वीं सदी के भारत में कनेक्टिविटी, देश की प्रगति की गति को निर्धारित करेगी। इसलिए हर स्तर पर कनेक्टिविटी को आधुनिक बनाना ही होगा। और इसकी बुनियाद का काम करेंगे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण, आधुनिक टेक्नोलॉजी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल। 5G टेक्नोलॉजी भी, देश की गवर्नेंस में, ease of living, ease of doing business इन अनेक विषयों में सकारात्मक बदलाव लाने वाली है। इससे खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और logistics, हर सेक्टर में ग्रोथ को बल मिलेगा। इससे सुविधा भी बढ़ेगी और रोज़गार के भी नए अवसर बनेंगे। अनुमान है कि आने वाले डेढ़ दशक में 5G से भारत की अर्थव्यवस्था में 450 बिलियन डॉलर का योगदान होने वाला है। यानि ये सिर्फ इंटरनेट की गति ही नहीं, बल्कि प्रगति और Employment Generation की गति को भी बढ़ाने वाला है। इसलिए, 5G तेज़ी से rollout हो, इसके लिए सरकार और इंडस्ट्री, दोनों को collective efforts की ज़रूरत है। इस दशक के अंत तक हम 6G सर्विस भी लॉन्च कर पाएं, इसके लिए भी हमारी टास्क फोर्स काम करना शुरु कर चुकी है।

साथियों,

हमारा प्रयास है कि टेलीकॉम सेक्टर और 5G टेक्नोलॉजी में हमारे स्टार्ट अप्स तेज़ी से तैयार हों, ग्लोबल चैंपियन बनें। हम अनेक सेक्टर्स में दुनिया के एक बड़े डिज़ायन पावर हाउस हैं। Telecom equipment मार्केट में भी भारत के डिज़ायन चैंपियन्स का सामर्थ्य हम सभी जानते हैं। अब इसके लिए ज़रूरी R&D इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर हमारा विशेष फोकस है। और इसमें आप सबकी भी बहुत बड़ी भूमिका है।

साथियों,

आत्मनिर्भरता और स्वस्थ स्पर्धा कैसे समाज में, अर्थव्यवस्था में multiplier effect पैदा करती है, इसका एक बेहतरीन उदाहरण हम सब गर्व से कह सकते हैं, हमारा टेलिकॉम सेक्टर है। हम जरा पुरानी तरफ नजर करें 2G का काल, 2G का काल यानि निराशा, हताशा, करप्शन, पॉलिसी पैरालिसिस और आज उस कालखंड से बाहर निकलकर देश ने 3G से 4G और अब 5G और 6G की तरफ तेज़ी से कदम बढ़ाए हैं। ये transition बहुत smoothly, बहुत transparency के साथ हो रहा है और इसमें TRAI की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रही है। Retrospective taxation हो, या AGR जैसे मुद्दे, जब भी इंडस्ट्री के सामने चुनौतियां आई हैं, तो हमने उतनी ही गति से respond करने का प्रयास किया है और जहां-जहां जरूरत पड़ी हमने reform भी किया है। ऐसे ही प्रयासों ने एक नया विश्वास पैदा किया। इसी का परिणाम है कि 2014 से पहले एक दशक से ज्यादा समय में जितना FDI टेलिकॉम सेक्टर में आया है, उससे डेढ़ गुणा से अधिक सिर्फ इन 8 सालों में आया है। भारत के potential पर investors के इसी sentiment को मज़बूत करने की ज़िम्मेदारी हम सभी पर है।

साथियों,

बीते वर्षों में सरकार जिस तरह नई सोच और अप्रोच के साथ काम कर रही है, उससे आप सभी भली-भांति परिचित हैं। Silos वाली सोच से आगे निकलकर अब देश whole of the government approach के साथ आगे बढ़ रहा है। आज हम देश में tele-density (टेली-डेंसिटी) और internet users के मामले में दुनिया में सबसे तेज़ी से expand हो रहे हैं तो उसमें टेलीकॉम समेत कई सेक्टर्स की भूमिका रही है। सबसे बड़ी भूमिका internet की है।2014 में जब हम आए तो हमने सबका साथ, सबका विकास और इसके लिए टेक्नॉलॉजी के व्यापक उपयोग को अपनी प्राथमिकता बनाया। इसके लिए सबसे ज़रूरी ये था कि देश के करोड़ों लोग आपस में जुड़ें, सरकार से भी जुड़ें, सरकार की भी सभी इकाइयां चाहे केंद्र हो, राज्य हो, स्थानीय स्वराज संस्थाएं हों, वे भी एक प्रकार से एक आर्गेनिक इकाई बनकर के आगे बढ़े। आसानी से कम से कम खर्च में जुड़ें, बिना करप्शन के सरकारी सेवाओं का लाभ ले सकें। इसलिए हमने जनधन, आधार, मोबाइल की ट्रिनिटी को डायरेक्ट गवर्नेंस का माध्यम बनाना तय किया। मोबाइल गरीब से गरीब परिवार की भी पहुंच में हो, इसके लिए हमने देश में ही मोबाइल फोन की मैन्युफेक्चरिंग पर बल दिया। परिणाम ये हुआ कि मोबाइल मैन्युफेक्चरिंग यूनिट्स 2 से बढ़कर 200 से अधिक हो गईं। आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल फोन मैन्युफेक्चरर है, और जहां हम अपनी ज़रूरत के लिए फोन इंपोर्ट करते थे, आज हम मोबाइल फोन एक्सपोर्ट के नए रिकॉर्ड बना रहे हैं।

साथियों,

मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए जरूरी था कि कॉल और डेटा महंगा ना हो। इसलिए टेलिकॉम मार्केट में healthy competition को हमने प्रोत्साहन किया। इसी का परिणाम है कि आज हम दुनिया के सबसे सस्ता डेटा प्रोवाइडर्स में से एक हैं। आज भारत देश के हर गांव तक ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ने में जुटा है। आपको भी पता है कि 2014 से पहले भारत में सौ ग्राम पंचायतें भी ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी से नहीं जुड़ी थीं। आज हम करीब-करीब पौने दो लाख ग्राम पंचायतों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचा चुके हैं। कुछ समय पहले ही सरकार ने देश के नक्सल प्रभावित अनेक जनजातीय जिलों में भी 4G कनेक्टिविटी पहुंचाने की बहुत बड़ी योजना को स्वीकृत किया है। ये 5G और 6G टेक्नॉलॉजी के लिए भी अहम है और मोबाइल और इंटरनेट के दायरे का भी इससे विस्तार होगा।

साथियों,

फोन और इंटरनेट तक ज्यादा से ज्यादा भारतीयों की पहुंच ने भारत के एक बहुत बड़े potential को खोल लिया है। इसने देश में एक सशक्त डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की नींव रखी है। इसने देश में सर्विस की एक बहुत बड़ी डिमांड पैदा की है। इसका एक उदाहरण, देश के कोने-कोने में बनाए गए 4 लाख कॉमन सर्विस सेंटर्स हैं। इन कॉमन सर्विस सेंटर्स से आज सरकार की सैकड़ों सर्विसेस, गांव के लोगों तक पहुंच रही है। ये कॉमन सर्विस सेंटर्स लाखों युवाओं को रोजगार का भी माध्यम बने हैं। मैं पिछले दिनों गुजरात में एक कार्यक्रम में गया था। वहां दाहोड जिला जो जनजाति एक क्षेत्र है आदिवासी विस्तार है। वहां का एक दिव्यांग कपल मिला मुझे। वो कॉमन सर्विस सेंटर चलाते हैं। उन्होंने कहा मैं दिव्यांग था तो मुझे ये थोड़ी मदद मिल गई और मेने शुरू किया, और आज वो 28-30 हजार रुपया आदिवासी क्षेत्र के दूर दराज गांव में कॉमन सर्विस सेंटर से कमा रहे हैं। मतलब ये हुआ कि आदिवासी क्षेत्र के नागरिक भी ये सेवाएं क्या हैं, ये सेवाएं कैसे ली जाती हैं, ये सेवा कितनी सार्थक है इसको भी जानते हैं और एक दिव्यांग कपल वहां छोटे से गांव में लोगों की सेवा भी करता है, रोजी रोटी भी कमाता है। ये digital technology किस प्रकार से बदलाव ला रही है।

 

साथियों,

हमारी सरकार टेक्नोलॉजी को निरंतर अपग्रेड करने के साथ-साथ देश के डिलिवरी सिस्टम को भी लगातार सुधार रही है। इसने देश में सर्विस और मैन्युफेक्चरिंग, दोनों से जुड़े स्टार्ट अप इकोसिस्टम को बल दिया है। ये भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट अप इकोसिस्टम बनाने के पीछे एक अहम कारण है।

साथियों,

ये whole of the government Approach हमारे TRAI जैसे तमाम regulators के लिए भी वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए अहम है। आज regulation सिर्फ एक sector की सीमाओं तक सीमित नहीं है। टेक्नॉलॉजी अलग-अलग सेक्टर्स को inter-connect कर रही है। इसलिए आज collaborative regulation की ज़रूरत हर कोई स्वाभाविक रूप से अनुभव कर रहा है। इसके लिए ज़रूरी है कि तमाम रेगुलेटर्स साथ आएं, common platforms तैयार करें और बेहतर तालमेल के साथ समाधान निकालें। मुझे पूरा विश्वास है कि इस कॉन्फ्रेंस से इस दिशा में महत्वपूर्ण समाधान निकलकर आएगा। आपको देश के टेलीकॉम कंज्यूमर्स के Interests की भी सुरक्षा करनी है और दुनिया के सबसे आकर्षक टेलिकॉम मार्केट की ग्रोथ को भी प्रोत्साहित करना है। TRAI की सिल्वर जुबली कॉन्फ्रेंस, हमारी आज़ादी के अमृतकाल की ग्रोथ को गति देने वाली हो, उर्जा देने वाली हो, नया विश्वास पैदा करनी वाली हो, एक नई छलांग मारने के सपने देखने वाली हो और साकार करने के संकल्प वाली हो, इसी कामना के साथ आप सभी का बहुत-बहुत आभार! आप सबको अनेक – अनेक शुभकामनाएं बहुत–बहुत धन्यवाद !