Yoga is not about what one will get, it is about what one can give up: PM

Published By : Admin | June 21, 2016 | 06:53 IST
PM Modi addresses a program on 2nd International Yoga Day in Chandigarh
International Yoga Day has become a people's mass movement: PM
Yoga is not about what one will get, it is about what one can give up: PM
It is Important to integrate Yoga with our lives. Do not wait, make Yoga a part of one's life: PM
Let's make Yoga more popular globally. Let India produce good Yoga teachers: PM

 इस समय देश के हर कोने में इस योग के कार्यक्रम से लोग जुड़े हुए हैं और विश्‍व के सभी देश अपने-अपने समय की सुविधा से इस कार्यक्रम के साथ जुड़े हुए हैं। यूनाइटेड नेशन्स द्वारा पूरे विश्‍व में अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। भारत के अनुरोध पर गत वर्ष इसका प्रारंभ हुआ। 21 जून की तारीख इसलिए पसंद की गई कि एक प्रकार से विश्‍व के एक बहुत बड़े हिस्‍से में आज का दिवस सबसे लंबा दिवस होता है और एक प्रकार से सूर्य से निकट नाते का यह पर्व होता है और उसे ध्‍यान में रखते हुए 21 जून को अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस के रूप में पसंद किया गया है। पूरे विश्‍व का समर्थन मिला, विकसित देश हो, विकासमान देश हो, समाज के हर तबके का समर्थन मिला।

वैसे यूनाइटेड नेशन्‍स के द्वारा कई ऐसे अंतर्राष्‍ट्रीय दिवस मनाए जाते हैं। मैं सबका उल्‍लेख नहीं करता हूं लेकिन शायद यूनाइटेड नेशन्‍स द्वारा मनाए गए इतने सारे दिवसों में कोई दिवस जन आंदोलन बन गया हो... विश्‍व के हर कोने में उसको समर्थन और स्‍वीकृति प्राप्‍त होती हो, शायद अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस की बराबरी कोई और दिवस नहीं कर पा रहा है वह भी एक साल के भीतर-भीतर|

अंतर्राष्‍ट्रीय अनेक कार्यक्रम होते हैं। UN के द्वारा World Cancer Day होता है, World Health होता है, World Mental Health Day होता है, World Age Day होता है, अनेक और भी कई होते हैं । Health को लेकर के भी अनेक, दिन दिवस UN के द्वारा मनाए जाते हैं। लेकिन यही है जिसका सीधा संबंध Health के साथ तो है, शारीरिक-मानसिक-सामाजिक तंदुरूस्‍ती के साथ संबंध है, वो योग आज इतने बड़े पैमाने पर जन सामान्‍य का आंदोलन बना है और मैं समझता हूं कि ये हमारे पूर्वजों ने, हमें जो विरासत दी है, इस विरासत की ताकत क्‍या है? इस विरासत की पहचान क्‍या है? इसका परिचय करवाते हैं।

कभी-कभी तो मैं कहता हूं कि योगासन एक प्रकार से जीवन अनुशासन का भी अभिष्‍ठान बन जाता है। कभी-कभी लोग इसको समझने में उनकी क्षमता की कमी के कारण पूरी तरह समझ नहीं पाते हैं। कभी-कभी लोगों को लगता है कि योगा से क्‍या मिलेगा? ये पूरा विज्ञान लेने-पाने के लिए है ही नहीं। योग, क्‍या मिलेगा, इसके लिए नहीं है। योग, मैं क्‍या छोड़ पाऊंगा, मैं क्‍या दे पाऊंगा, मैं किन-किन चीजों से मुक्‍त हो पाऊंगा, ये मुक्‍ति का मार्ग है, पाने का मार्ग नहीं है।

सभी संप्रदाय, धर्म, भक्‍ति, पूजा-पाठ, वो इस बात पर बल देते है कि मृत्‍यु के बाद इहलोक से निकलकर के जब परलोक में जाएंगे तो आपको क्‍या प्राप्‍त होगा। आप अगर इस प्रकार से पूजा-पद्धति करेंगे, ईश्‍वर की साधना-अराधना करेंगे तो आपको परलोक में ये मिलेगा। योग परलोक के लिए नहीं है। मृत्‍यु के बाद क्‍या मिलेगा, इसका रास्‍ता योग नहीं दिखाता है और इसलिए ये धार्मिक कर्मकांड नहीं है। योग इहलोक में तुम्‍हारे मन को शान्‍ति कैसे मिलेगी, शरीर को स्‍वस्‍थता कैसे मिलेगी, समाज में एकसूत्रता कैसे बनी रहेगी, उसकी ताकत देता है। ये परलोक का विज्ञान नहीं है, इसी इहलोक का विज्ञान है। इसी जन्‍म में क्‍या मिलेगा, उसकी का विज्ञान है।

योग के संबंध में शरीर, मन, बुद्धि, आत्‍मा ये synchronized way में काम करे, इसकी एक ट्रेनिंग योग के द्वारा होती है। हम अपनी तरफ देखे तो हमने देखा होगा कि हम चले या न चले, हम स्‍फूर्तीले हो या आलसी हो, थके हुए हो या ऊर्जावान हो, हमारा शरीर कुछ भी हो सकता है, ढीला-ढाला, ऐसे ही। चलो छोड़ो यार, कहां जाएगा वहां, बैठो। लेकिन मन, मन कभी स्‍थिर नहीं रहता। वो तो चारों तरफ चक्‍कर मारता है, यहां बैठे हो और आपको अमृतसर याद आ जाए तो वहां चले जाएंगे। आनंदपुर साहब याद आएगा तो वहां चले जाएंगे, मुंबई याद आएगा तो वहां चले जाएंगे। कोई दोस्‍त याद आया तो उसके पास मन चला जाएगा। मन अस्‍थिर होता है, शरीर स्‍थिर होता है। ये योग है जो हमें सिखाता है, मन को स्‍थिर कैसे करना और शरीर को गतिवान कैसे बनाना। यानी हमारी मूलभूत प्रकृति में परिवर्तन लाने का काम योग के द्वारा होता है जिससे मन की स्‍थिरता की ट्रेनिंग हो और शरीर को गतिशीलता की ट्रेनिंग मिले और अगर ये balance हो जाता है तो जीवन में ईश्‍वर प्रदत्‍त, ये जो हमारा शरीर है वो हमारे सभी संकल्‍पों की पूर्ति के लिए उत्‍तम माध्‍यम बन सकता है।

इस अर्थ में योग आस्‍तिक के लिए भी है, योग नास्‍तिक के लिए भी है। जीरो बजट से दुनिया में कहीं पर भीhealth insurance नहीं होता है, लेकिन योग ऐसा है जो जीरो बजट से health assurance देता है। योग को अमीर-गरीब का भेद नहीं है। विद्वान-अनपढ़ का भेद नहीं है। गरीब से गरीब व्‍यक्‍ति भी, अमीर से अमीर व्‍यक्‍ति भी योग आसानी से कर सकता है। किसी चीज की जरूरत नहीं है। एक हाथ फैलाने के लिए कहीं जगह मिल जाए, वो अपना योग कर सकता है और अपने तन-मन को तंदुरूस्‍त रख सकता है। भारत जैसे गरीब देश, दुनिया के गरीब देश, developing countries, उनका health का बजट अगर preventive health care पर बल दिया जाए तो काफी बचाया भी जा सकता है और सही काम में उपयोग भी लाया जा सकता है और इसलिएpreventive health care के जितने उपाय है, उसमें योग एक सरल, सस्‍ता और हर किसी को उपलब्‍ध, ऐसा मार्ग है।

योग को जीवन से जोड़ना जरूरी है। बहुत लोग होंगे, अगर आज जल्‍दी उठ गए होंगे तो हो सकता है कि टीवी पर देखते हो या दिनभर में टीवी पर उनको ये कार्यक्रम देखने का अवसर मिले। मैं विश्‍वभर के लोगों से प्रार्थना करता हूं, आप खुद के लिए, खुद से जुड़ने के लिए, खुद को जानने के लिए, खुद की क्षमता बढ़ाने के लिए मैं आपसे आग्रह कर रहा हूं, इंतजार मत कीजिए। इस जीवन में योग को जीवन का हिस्‍सा बना दीजिए। जिस प्रकार से आज मोबाइल फोन आपके जीवन का हिस्‍सा बन गया, उतनी ही सहजता से आप योग को अपने जीवन का हिस्‍सा बना सकते हैं। कोई कठिन काम नहीं है, उसको सरलता की ओर ले जाने की जरूरत है।

कभी-कभी हम लोग योग के संबंध में जब चर्चा करते है, तब ब्राजील में एक धर्म मित्र योगी हो गए। उनका दावा था कि योग के 1008 आसन होते हैं, 1008 और उन्‍होंने प्रयत्‍न करके 908 आसनों की तो फोटोग्राफी की थी, उस क्रियाओं की। ब्राजील में जन्‍मे थे, योग को समर्पित थे। दुनिया के हर भू-भाग में आज योग प्रतिष्‍ठा का विषय बना हुआ है और जब योग का आकर्षण हो, योग की प्रतिष्‍ठा हो; तब जिस महापुरुषों ने, ऋषियों ने, मुनियों ने, हमें ये विज्ञान दिया है, हमारी जिम्‍मेवारी बनती है कि इसको सही स्‍वरूप में हम विश्‍व तक पहुंचाए। हम अपनी capacity building करे। भारत से उत्‍तम से उत्‍तम योग टीचर तैयार हो।

अभी भारत सरकार ने गुणवत्‍ता के लिए जो council होती है, quality council. उसने योग की ट्रेनिंग कैसी हो, योग के ट्रेनर कैसे हो, उसके कुछ norms तय करने की दिशा में काम किया है। भारत सरकार ने WHO के साथ मिलकर के पूरे विश्‍व में योग के प्रोटोकॉल क्‍या हो, वैज्ञानिक तरीके क्‍या हो, उस पर काम प्रारंभ किया है। देशभर में योग को प्रोत्‍साहन देने के लिए व्‍यवस्‍था कैसे हो, विश्‍व में योग का सही रूप कैसे पहुंचे और उसकी जो शुद्धता है, उसको बरकरार रखने की दिशा में क्‍या काम हो? उस पर काम हो रहा है। नए-नए संसाधनों  की भी आवश्‍यकता है।

आपने देखा होगा, आजकल बड़े-बड़े शहरों में, जो Gynaecologist doctor होते है वो pregnant women कोpregnancy  के दरमियान योगा के लिए आग्रह करते हैं, योगा ट्रेनर के पास भेजते हैं  ताकि प्रसूति काल में उसको वो सबसे ज्‍यादा मदद रूप होता है, योगिक क्रियाएं। कहने का तात्‍पर्य यह है कि जैसे-जैसे समय बीतता है, जैसी आवश्‍यकताएं होती हैं, संशोधन करते हुए उसमें बदलाव लाने के लिए यह आवश्‍यक होता है।

हम बहुत व्‍यस्‍त हो गए हैं। खुद के साथ, अपने को न जोड़ पाते हैं, न हम खुद के साथ जी पाते हैं। हम अपने आप से cut-off  हो चुके हैं। योग और किसी से जोड़े या न जोड़े, अपने आप से जोड़ता है इसलिए योग हमारे लिए शारीरिक, आध्‍यात्‍मिक और सामाजिक चेतना का केन्‍द्र बिन्‍दु बन गया है। शारीरिक स्‍वस्‍थता देता है, आध्‍यात्‍मिक अनुभूति के लिए मार्ग बना सकता है और समाज के साथ संतुलित व्‍यवहार करने की हमें शिक्षा देता है इसलिए मैं चाहूंगा कि इस योग को विवादों में डाले बिना, जनसामान्‍य की भलाई के लिए और इहलोक की सेवा के लिए, परलोक की सेवा के लिए नहीं है। परलोक के लिए संप्रदाय है, धर्म है, परंपरा है, गुरु महाराज है, बहुत कुछ है। योग इहलोक के लिए, क्षमता बढ़ाने के लिए है इसलिए हम अपने आप को योग से जोड़े, सब लोग अपने आप को योग को समर्पित नहीं कर सकते। लेकिन खुद से जुड़ने के लिए योग से जुड़ना एक उत्‍तम मार्ग है। मुझे विश्‍वास है कि हम इस दिशा में आगे बढ़ेंगे ।

आज योग विश्‍व में एक बहुत बड़ा आर्थिक कारोबार भी बनता जा रहा है। पूरे विश्‍व में एक बहुत बड़ेprofession के रूप में विकसित हो रहा है। योग के ट्रेनर की बहुत बड़ी मांग बढ़ रही है दुनिया में। दुनिया के हर देश में मांग बढ़ रही है। नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्‍ध कराने की संभावनाएं हो रही हैं। अरबों-खरबों का कारोबार आज योग नाम की व्‍यवस्‍था के साथ विकसित होता जा रहा है। दुनिया में कई देश ऐसे है कि जहां टीवी चैनल 100% योग के लिए ही समर्पित हो, ऐसे टीवी चैनल चलते हैं। एक बहुत बड़े कारोबार के रूप में भी ये विकसित हो रहा है।

आज हम हर प्रकार से योग करते हैं। मैं योग से जुड़े हुए सभी महानुभावों से आज इस सार्वजनिक मंच से एक प्रार्थना करना चाहता हूं। ये मेरी request है। क्‍या अगले साल जब हम योग दिवस मनाएंगे, ये जो एक वर्ष है, एक वर्ष के दरमियान हम योग के लिए; जो भी करते हैं करें  लेकिन एक विषय पर हम फोकस कर सकते हैं क्‍या? और वो मेरा विषय है मधुमेह, Diabetes. Diabetes और योग। सभी योग की दुनिया के लोग, जो भी ज्ञान उनके पास है, तरीके उनके पास है; साल भर योग की बाकी चीजें तो चलेंगी लेकिन ये प्रमुख होगा। भारत में Diabetes की संख्‍या बढ़ रही है। योग के द्वारा Diabetes से मुक्‍ति मिले या न मिले लेकिन उसकोcontrol तो किया जा सकता है। हम सामान्‍य व्‍यक्‍ति को Diabetes की स्‍थिति में कौन से योगिक उपाय है, ये सिखाने का जन आंदोलन खड़ा कर सकते हैं क्‍या? देश में Diabetes के कारण होने वाली परेशानियों से हम कुछ percent लोगों को भी मुक्‍ति दिलाएंगे तो योग इस वर्ष के achievement में, अगले साल कोई और बीमारी लेंगे। लेकिन मैं चाहता हूं कि इस उत्‍तम स्‍वास्‍थ्‍य के लिए कहीं पर किसी बीमारी को भी address करें हम और एक वर्ष के लिए एक बीमारी पकड़कर के आंदोलन चलाए।

दूसरा, योग। ये बीमारी से ही मुक्‍ति का मार्ग नहीं है। योग, ये wellness की गारंटी है। ये सिर्फ fitness की नहीं, ये wellness की गारंटी है इसलिए हमने wellness पर भी। अगर जीवन को एक Holistic development की ओर ले जाना है, ये उसका उत्‍तम मार्ग है।

आज जब अंतर्राष्‍ट्रीय योग का दूसरा वर्ष है। भारत ने विश्‍व को ये अनमोल विरासत दी है। विश्‍व ने आज अपने-अपने तरीके से उसको स्‍वीकार किया है। ऐसे समय भारत सरकार की तरफ से मैं आज दो अवार्ड घोषित करने जा रहा हूं। अगले वर्ष जब 21 जून को अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा, तब भारत की तरफ से यह दो अवार्ड के लिए चयन होगा। उनको अवार्ड उसी समारोह में दिया जाएगा। एक अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर योग के लिए उत्‍तम काम हो रहा हो, उनके लिए अवार्ड। दूसरा, भारत में हिन्‍दुस्‍तान के भीतर, योग के लिए जो उत्‍तम काम होता होगा, उनके लिए अवार्ड। एक अंतर्राष्ट्रीय योग अवार्ड, एक राष्‍ट्रीय योग अवार्ड।

व्‍यक्‍ति, संस्‍था, हर कोई इसमें जुड़ सकते हैं। उसकी जो expert committee होगी, वो उसके नियम बनाएगी, उसके तौर-तरीके बनाएगी, Jury तय करेगी लेकिन विश्‍व भर में जिस प्रकार से अनेक-अनेक ग्‍लोबल अवार्ड की वाहवाही होती है, याद होती है, उसका महात्म्य माना जाता है। हिन्‍दुस्‍तान चाहता है कि भारत, विश्‍व के लोग जो योग से जुड़े हैं उनको सम्‍मानित करे। हिन्‍दुस्‍तान में जो योग के लिए काम कर रहे हैं उनको सम्‍मानित करे और ये परंपरा हम आगे बढ़ाए। धीरे-धीरे इसको राज्‍य और district स्‍तर तक भी हम ले जा सकते हैं तो उस दिशा में हम काम करने के लिए प्रयास कर रहे हैं।

मैं फिर एक बार पूरे विश्‍व का, भारत की इस महान विरासत को सम्‍मानित करने के लिए, स्‍वीकार करने के लिए भारत की इस महान परंपरा के साथ जुड़ने के लिए मैं हृदय से विश्‍व का आभार व्‍यक्‍त करता हूं, मैं UNका आभार व्‍यक्‍त करता हूं, मैं देशवासियों का आभार व्‍यक्‍त करता हूं, मैं योग गुरुओं का आभार व्‍यक्‍त करता हूं। मैं योग के साथ समर्पित सभी पीढ़ी के लोगों का आभार व्‍यक्‍त करता हूं जिन्‍होंने इस परंपरा को बनाए रखा है और आज भी पूर्ण समर्पण भाव से योग की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं और जैसा मैंने कहा जीरो बजट वाला ये health assurance, इसको हम एक नई ताकत दे, नई ऊर्जा दे, नई प्रेरणा दे।

 मैं सभी योग से जुड़े हुए, आज इस चंडीगढ की धरती पर, मैं अभी बादल साहब को पूछ रहा था कि इस परिसर का इतना उत्‍तम उपयोग इसके पहले कभी हुआ है क्‍या? मैं यहां बहुत पहले आया करता था, मैं चंडीगढ में रहता था, करीब पांच साल मैं यहां रहा हूं तो मैं भली-भांति इन चीजों से परिचित था, तो जब चंडीगढ में ये कार्यक्रम बनाने की बात आई। मैंने कहा था कि इससे अच्‍छी जगह, उत्‍तम कोई परिसर नहीं हो सकता है और आज इस परिसर का उत्‍तम उपयोग देख करके मन को बहुत ही आनंद हो रहा है कि हजारों की तादाद में योग के साथ जुड़े लोगों को देखकर के मन को बड़ी प्रसन्‍नता होती है और विश्‍व पूरा जुड़ रहा है, ये अपने आप में एक गर्व की बात है। मैं फिर एक बार इस महान परंपरा को प्रणाम करते हुए, उज्‍ज्‍वल भविष्‍य की कामना करते हुए, बहुत-बहुत धन्‍यवाद करता हूँ।

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नीमागेल्ला नन्ना नमस्कारागलु।

आज चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर मुझे ताई चामुंडेश्वरी के आशीर्वाद लेने का अवसर मिल रहा है। मैं ताई चामुंडेश्वरी, ताई भुवनेश्वरी और ताई कावेरी के चरणों में प्रणाम करता हूँ। मैं सबसे पहले आदरणीय देवगौड़ा जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। आज भारत के राजनीति पटल पर सबसे सीनियर मोस्ट राजनेता हैं। और उनके आशीर्वाद प्राप्त करना ये भी एक बहुत बड़ा सौभाग्य है। उन्होंने आज जो बातें बताईं, काफी कुछ मैं समझ पाता था, लेकिन हृदय में उनका बहुत आभारी हूं। 

साथियों

मैसुरु और कर्नाटका की धरती पर शक्ति का आशीर्वाद मिलना यानि पूरे कर्नाटका का आशीर्वाद मिलना। इतनी बड़ी संख्या में आपकी उपस्थिति, कर्नाटका की मेरी माताओं-बहनों की उपस्थिति ये साफ बता रही है कि कर्नाटका के मन में क्या है! पूरा कर्नाटका कह रहा है- फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार!

साथियों,

आज का दिन इस लोकसभा चुनाव और अगले five years के लिए एक बहुत अहम दिन है। आज ही बीजेपी ने अपना ‘संकल्प-पत्र’ जारी किया है। ये संकल्प-पत्र, मोदी की गारंटी है। और देवगौड़ा जी ने अभी उल्लेख किया है। ये मोदी की गारंटी है कि हर गरीब को अपना घर देने के लिए Three crore नए घर बनाएंगे। ये मोदी की गारंटी है कि हर गरीब को अगले Five year तक फ्री राशन मिलता रहेगा। ये मोदी की गारंटी है कि- Seventy Year की आयु के ऊपर के हर senior citizen को आयुष्मान योजना के तहत फ्री चिकित्सा मिलेगी। ये मोदी की गारंटी है कि हम Three crore महिलाओं को लखपति दीदी बनाएँगे। ये गारंटी कर्नाटका के हर व्यक्ति का, हर गरीब का जीवन बेहतर बनाएँगी।

साथियों,

आज जब हम Ten Year पहले के समय को याद करते हैं, तो हमें लगता है कि हम कितना आगे आ गए। डिजिटल इंडिया ने हमारे जीवन को तेजी से बदला है। बीजेपी का संकल्प-पत्र, अब भविष्य के और बड़े परिवर्तनों की तस्वीर है। ये नए भारत की तस्वीर है। पहले भारत खस्ताहाल सड़कों के लिए जाना जाता था। अब एक्सप्रेसवेज़ भारत की पहचान हैं। आने वाले समय में भारत एक्सप्रेसवेज, वॉटरवेज और एयरवेज के वर्ल्ड क्लास नेटवर्क के निर्माण से विश्व को हैरान करेगा। 10 साल पहले भारत टेक्नालजी के लिए दूसरे देशों की ओर देखता था। आज भारत चंद्रयान भी भेज रहा है, और सेमीकंडक्टर भी बनाने जा रहा है। अब भारत विश्व का बड़ा Innovation Hub बनकर उभरेगा। यानी हम पूरे विश्व के लिए सस्ती मेडिसिन्स, सस्ती टेक्नोलॉजी और सस्ती गाडियां बनाएंगे। भारत वर्ल्ड का research and development, R&D हब बनेगा। और इसमें वैज्ञानिक रिसर्च के लिए एक लाख करोड़ रुपये के फंड की भी बड़ी भूमिका होगी। कर्नाटका देश का IT और technology hub है। यहाँ के युवाओं को इसका बहुत बड़ा लाभ मिलेगा।

साथियों,

हमने संकल्प-पत्र में स्थानीय भाषाओं को प्रमोट करने की बात कही है। हमारी कन्नड़ा देश की इतनी समृद्ध भाषा है। बीजेपी के इस मिशन से कन्नड़ा का विस्तार होगा और उसे बड़ी पहचान मिलेगी। साथ ही हमने विरासत के विकास की गारंटी भी दी है। हमारे कर्नाटका के मैसुरु, हम्पी और बादामी जैसी जो हेरिटेज साइट्स हैं, हम उनको वर्ल्ड टूरिज़्म मैप पर प्रमोट करेंगे। इससे कर्नाटका में टूरिज्म और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

साथियों,

इन सारे लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए भाजपा जरूरी है, NDA जरूरी है। NDA जो कहता है वो करके दिखाता है। आर्टिकल-370 हो, तीन तलाक के खिलाफ कानून हो, महिलाओं के लिए आरक्षण हो या राम मंदिर का भव्य निर्माण, भाजपा का संकल्प, मोदी की गारंटी होता है। और मोदी की गारंटी को सबसे बड़ी ताकत कहां से मिलती है? सबसे बड़ी ताकत आपके एक वोट से मिलती है। आपका हर वोट मोदी की ताकत बढ़ाता है। आपका हर एक वोट मोदी की ऊर्जा बढ़ाता है।

साथियों,

कर्नाटका में तो NDA के पास एचडी देवेगौड़ा जी जैसे वरिष्ठ नेता का मार्गदर्शन है। हमारे पास येदुरप्पा जी जैसे समर्पित और अनुभवी नेता हैं। हमारे HD कुमारास्वामी जी का सक्रिय सहयोग है। इनका ये अनुभव कर्नाटका के विकास के लिए बहुत काम आएगा।

साथियों,

कर्नाटका उस महान परंपरा का वाहक है, जो देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सब कुछ बलिदान करना सिखाता है। यहाँ सुत्तुरू मठ के संतों की परंपरा है। राष्ट्रकवि कुवेम्पु के एकता के स्वर हैं। फील्ड मार्शल करियप्पा का गौरव है। और मैसुरु के राजा कृष्णराज वोडेयर के द्वारा किए गए विकास कार्य आज भी देश के लिए एक प्रेरणा हैं। ये वो धरती है जहां कोडगु की माताएं अपने बच्चों को राष्ट्रसेवा के लिए सेना में भेजने के सपना देखती है। लेकिन दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी भी है। कांग्रेस पार्टी आज टुकड़े-टुकड़े गैंग की सुल्तान बनकर घूम रही है। देश को बांटने, तोड़ने और कमजोर करने के काँग्रेस पार्टी के खतरनाक इरादे आज भी वैसे ही हैं। आर्टिकल 370 के सवाल पर काँग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि कश्मीर का दूसरे राज्यों से क्या संबंध? और, अब तो काँग्रेस देश से घृणा की सारी सीमाएं पार कर चुकी है। कर्नाटका की जनता साक्षी है कि जो भारत के खिलाफ बोलता है, कांग्रेस उसे पुरस्कार में चुनाव का टिकट दे देती है। और आपने हाल में एक और दृश्य देखा होगा, काँग्रेस की चुनावी रैली में एक व्यक्ति ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगवाए। इसके लिए उसे मंच पर बैठे नेताओं से परमीशन लेनी पड़ी। क्या भारत माता की जय बोलने के लिए परमीशन लेनी पड़े। क्या ऐसी कांग्रेस को देश माफ करेगा। ऐसी कांग्रेस को कर्नाटका माफ करेगा। ऐसी कांग्रेस को मैसुरू माफ करेगा। पहले वंदेमातरम् का विरोध, और अब ‘भारत माता की जय’ कहने तक से चिढ़!  ये काँग्रेस के पतन की पराकाष्ठा है।

साथियों,

आज काँग्रेस पार्टी सत्ता के लिए आग का खेल खेल रही है। आज आप देश की दिशा देखिए, और काँग्रेस की भाषा देखिए! आज विश्व में भारत का कद और सम्मान बढ़ रहा है। बढ़ रहा है कि नहीं बढ़ रहा है। दुनिया में भारत का नाम हो रहा है कि नहीं हो रहा है। भारत का गौरव बढ़ रहा है कि नहीं बढ़ रहा है। हर भारतीय को दुनिया गर्व से देखती है कि नहीं देखती है। तो काँग्रेस के नेता विदेशों में जाकर देश को नीचा दिखाने के कोई मौके छोड़ते नहीं हैं। देश अपने दुश्मनों को अब मुंहतोड़ जवाब देता है, तो काँग्रेस सेना से सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगती है। आतंकी गतिविधियों में शामिल जिस संगठन पर बैन लगता है। काँग्रेस उसी के पॉलिटिकल विंग के साथ काम कर रहा है। कर्नाटका में तुष्टीकरण का खुला खेल चल रहा है। पर्व-त्योहारों पर रोक लगाने की कोशिश हो रही है। धार्मिक झंडे उतरवाए जा रहे हैं। आप मुझे बताइये, क्या वोटबैंक का यही खेल खेलने वालों के हाथ में देश की बागडोर दी जा सकती है। दी जा सकती है।

साथियों, 

हमारा मैसुरु तो कर्नाटका की कल्चरल कैपिटल है। मैसुरु का दशहरा तो पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। 22 जनवरी को अयोध्या में 500 का सपना पूरा हुआ। पूरा देश इस अवसर पर एक हो गया। लेकिन, काँग्रेस के लोगों ने, उनके साथी दलों ने राममंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा जैसे पवित्र समारोह तक पर विषवमन किया! निमंत्रण को ठुकरा दिया। जितना हो सका, इन्होंने हमारी आस्था का अपमान किया। कांग्रेस और इंडी अलायंस ने राममंदिर प्राण-प्रतिष्ठा का बॉयकॉट कर दिया। इंडी अलांयस के लोग सनातन को समाप्त करना चाहते हैं। हिन्दू धर्म की शक्ति का विनाश करना चाहते हैं। लेकिन, जब तक मोदी है, जब तक मोदी के साथ आपके आशीर्वाद हैं, ये नफरती ताक़तें कभी भी सफल नहीं होंगी, ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

Twenty twenty-four का लोकसभा चुनाव अगले five years नहीं, बल्कि twenty forty-seven के विकसित भारत का भविष्य तय करेगा। इसीलिए, मोदी देश के विकास के लिए अपना हर पल लगा रहा है। पल-पल आपके नाम। पल-पल देख के नाम। twenty-four बाय seven, twenty-four बाय seven for Twenty Forty-Seven.  मेरा ten years का रिपोर्ट कार्ड भी आपके सामने है। मैं कर्नाटका की बात करूं तो कर्नाटका के चार करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है। Four lakh fifty thousand गरीब परिवारों को कर्नाटका में पीएम आवास मिले हैं। One crore fifty lakh से ज्यादा गरीबों को मुफ्त इलाज की गारंटी मिली है। नेशनल हाइवे के नेटवर्क का भी यहाँ बड़ा विस्तार किया गया है। मैसुरु से बेंगलुरु के बीच एक्सप्रेसवे ने इस क्षेत्र को नई गति दी है। आज देश के साथ-साथ कर्नाटका में भी वंदेभारत ट्रेनें दौड़ रही हैं। जल जीवन मिशन के तहत Eight Thousand से अधिक गांवों में लोगों को नल से जल मिलने लगा है। ये नतीजे बताते हैं कि अगर नीयत सही, तो नतीजे भी सही! आने वाले Five Years में विकास के काम, गरीब कल्याण की ये योजनाएँ शत प्रतिशत लोगों तक पहुंचेगी, ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

मोदी ने अपने Ten year साल का हिसाब देना अपना कर्तव्य माना है। क्या आपने कभी काँग्रेस को उसके sixty years का हिसाब देते देखा है? नहीं न? क्योंकि, काँग्रेस केवल समस्याएँ पैदा करना जानती है, धोखा देना जानती है। कर्नाटका के लोग इसी पीड़ा में फंसे हुये हैं। कर्नाटका काँग्रेस पार्टी की लूट का ATM स्टेट बन चुका है। खाली लूट के कारण सरकारी खजाना खाली हो चुका है। विकास और गरीब कल्याण की योजनाओं को बंद किया जा रहा है। वादा किसानों को मुफ्त बिजली का था, लेकिन किसानों को पंपसेट चलाने तक की बिजली नहीं मिल रही। युवाओं की, छात्रों की स्कॉलर्शिप तक में कटौती हो रही है। किसानों को किसान सम्मान निधि में राज्य सरकार की ओर से मिल रहे four thousands रुपए बंद कर दिये गए हैं। देश का IT hub बेंगलुरु पानी के घनघोर संकट से जूझ रहा है। पानी के टैंकर की कालाबाजारी हो रही है। इन सबके बीच, काँग्रेस पार्टी को चुनाव लड़वाने के लिए hundreds of crores रुपये ब्लैक मनी कर्नाटका से देशभर में भेजा जा रहा है। ये काँग्रेस के शासन का मॉडल है। जो अपराध इन्होंने कर्नाटका के साथ किया है, इसकी सजा उन्हें Twenty Six  अप्रैल को देनी है। 26 अप्रैल को देनी है।

साथियों,

मैसूरु से NDA के उम्मीदवार श्री यदुवीर कृष्णदत्त चामराज वोडेयर, चामराजनागर से श्री एस बालाराज, हासन लोकसभा से एनडीए के श्री प्रज्जवल रेवन्ना और मंड्या से मेरे मित्र श्री एच डी कुमार स्वामी,  आने वाली 26 अप्रैल को इनके लिए आपका हर वोट मोदी को मजबूती देगा। देश का भविष्य तय करेगा। मैसुरु की धरती से मेरी आप सभी से एक और अपील है। मेरा एक काम करोगे। जरा हाथ ऊपर बताकर के बताइये, करोगे। कर्नाटका के घर-घर जाना, हर किसी को मिलना और मोदी जी का प्रणाम जरूर पहुंचा देना। पहुंचा देंगे। पहुंचा देंगे।

मेरे साथ बोलिए

भारत माता की जय

भारत माता की जय

भारत माता की जय

बहुत बहुत धन्यवाद।