PM condemns terror attack in Pathankot

Published By : Admin | January 2, 2016 | 22:14 IST
PM Narendra Modi strongly condemns the terror attack in Pathankot
Enemies of humanity who cannot see the nation succeed, attempted to cause harm to the Indian Armed Forces: PM
PM Modi appreciates the Armed Forces for successfully defeating the the terrorists
PM Modi pays homage to the jawans martyred in the Pathankot terror attack

The Prime Minister Shri Narendra Modi has strongly condemned the terror attack in Pathankot and has said that enemies of humanity who cannot see the nation succeed, had attempted to cause harm to the Indian Armed Forces. He saluted the Armed Forces for successfully defeating the designs of the terrorists, and paid homage to the jawans who were martyred during the operation. The Prime Minister said this while speaking at a public meeting for the inauguration of the Centenary Celebrations of His Holiness Jagadguru Dr. Sri Shivarathri Rajendra Mahaswamiji of Sri Suttur Math at Maharaja College ground in Mysuru. Following is the excerpt from the PM's speech:

"आज जब में इस पवित्र कार्यक्रम में आया हूं, मैं देश के जवानों का गर्व करना चाहता हूं, देश के सुरक्षा बलों का गर्व करना चाहता हूं, उनका अभिनंदन करना चाहता हूं। जब युद्ध होते हैं तो दुश्मन देश, अपने सामने वाले देश की सैन्य शक्ति पर घात करने के प्रयास करता है। आज मानवता के दुश्मनों ने जो भारतीय प्रगति को देखने की उनको परेशानी हो रही है, ऐसे तत्वों ने ऐसी ताकतों ने पठानकोट में हिंदुस्तान की सैन्य शक्ति का अंग Airbase देने का प्रयास किया है। मैं देश के सुरक्षा बलों को बधाई देता हूं कि दुश्मनों के उन इरादों को उन्होंने खाक में मिला दिया। उनको सफल नहीं होने दिया और जिन जवानों ने शहादत दी है, उनकी शहादत को मैं नमन करता हूं और देशवासियों को मैं विश्वास दिलाता हूं कि हमारे सुरक्षा बलों में वो सामर्थ्य है कि दुश्मनों की कोई भी नापाक इरादों को उठते ही वो खत्म करने की ताकत रखते हैं और देश को सुरक्षा प्रदान करते हैं। उन जांबाज जवानों को बधाई देता हूं, उन सुरक्षा बलों को अभिनंदन करता हूं और ऐसे समय राष्ट्र का आत्मविश्वास, राष्ट्र का धैर्य और राष्ट्रीय एकता एक स्वर में राष्ट्र जब बोलता है तो दुश्मन के घर नष्ट हो जाते हैं। उस संकल्प लेकर के आगे बढ़ें। "

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New India is finishing tasks at a rapid pace: PM Modi
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Dedicates five AIIMS at Rajkot, Bathinda, Raebareli, Kalyani and Mangalagiri
Lays foundation stone and dedicates to nation more than 200 Health Care Infrastructure Projects worth more than Rs 11,500 crore across 23 States /UTs
Inaugurates National Institute of Naturopathy named ‘Nisarg Gram’ in Pune
Inaugurates and dedicates to nation 21 projects of the Employees’ State Insurance Corporation worth around Rs 2280 crores
Lays foundation stone for various renewable energy projects
Lays foundation stone for New Mundra-Panipat pipeline project worth over Rs 9000 crores
“We are taking the government out of Delhi and trend of holding important national events outside Delhi is on the rise”
“New India is finishing tasks at rapid pace”
“I can see that generations have changed but affection for Modi is beyond any age limit”
“With Darshan of the submerged Dwarka, my resolve for Vikas and Virasat has gained new strength; divine faith has been added to my goal of a Viksit Bharat”
“In 7 decades 7 AIIMS were approved, some of them never completed. In last 10 days, inauguration or foundation stone laying of 7 AIIMS have taken place”
“When Modi guarantees to make India the world’s third largest economic superpower, the goal is health for all and prosperity for all”

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

मंच पर उपस्थित गुजरात के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्रीमान भूपेंद्र भाई पटेल, केंद्र में मंत्रिपरिषद के मेरे सहयोगी मनसुख मांडविया, गुजरात प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष और संसद में मेरे साथी सी आर पाटिल, मंच पर विराजमान अन्य सभी वरिष्ठ महानुभाव, और राजकोट के मेरे भाइयों और बहनों, नमस्कार।

आज के इस कार्यक्रम से देश के अनेक राज्यों से बहुत बड़ी संख्या में अन्य लोग भी जुड़े हैं। कई राज्यों के माननीय मुख्यमंत्री, माननीय गवर्नर श्री, विधायकगण, सांसदगण, केंद्र के मंत्रीगण, ये सब इस कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंसिंग से हमारे साथ जुड़े हैं। मैं उन सभी का भी हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

एक समय था, जब देश के सारे प्रमुख कार्यक्रम दिल्ली में ही होकर रह जाते थे। मैंने भारत सरकार को दिल्ली से बाहर निकालकर देश के कोने-कोने तक पहुंचा दिया है और आज राजकोट पहुंच गए। आज का ये कार्यक्रम भी इसी बात का गवाह है। आज इस एक कार्यक्रम से देश के अनेकों शहरों में विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास होना, एक नई परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। कुछ दिन पहले ही मैं जम्मू कश्मीर में था। वहां से मैंने IIT भिलाई, IIT तिरुपति, ट्रिपल आईटी DM कुरनूल, IIM बोध गया, IIM जम्मू, IIM विशाखापट्टनम और IIS कानपुर के कैंपस का एक साथ जम्‍मू से लोकार्पण किया था। और अब आज यहां राजकोट से- एम्स राजकोट, एम्स रायबरेली, एम्स मंगलगिरी, एम्स भटिंडा, एम्स कल्याणी का लोकार्पण हुआ है। पांच एम्स, विकसित होता भारत, ऐसे ही तेज गति से काम कर रहा है, काम पूरे कर रहा है।

साथियों,

आज मैं राजकोट आया हूं, तो बहुत कुछ पुराना भी याद आ रहा है। मेरे जीवन का कल एक विशेष दिन था। मेरी चुनावी यात्रा की शुरुआत में राजकोट की बड़ी भूमिका है। 22 साल पहले 24 फरवरी को ही राजकोट ने मुझे पहली बार आशीर्वाद दिया था, अपना MLA चुना था। और आज 25 फरवरी के दिन मैंने पहली बार राजकोट के विधायक के तौर पर गांधीनगर विधानसभा में शपथ ली थी, जिंदगी में पहली बार। आपने तब मुझे अपने प्यार, अपने विश्वास का कर्जदार बना दिया था। लेकिन आज 22 साल बाद मैं राजकोट के एक-एक परिजन को गर्व के साथ कह सकता हूं कि मैंने आपके भरोसे पर खरा उतरने की पूरी कोशिश की है।

आज पूरा देश इतना प्यार दे रहा है, इतने आशीर्वाद दे रहा है, तो इसके यश का हकदार ये राजकोट भी है। आज जब पूरा देश, तीसरी बार-NDA सरकार को आशीर्वाद दे रहा है, आज जब पूरा देश, अबकी बार-400 पार का विश्वास, 400 पार का विश्वास कर रहा है। तब मैं पुन: राजकोट के एक-एक परिजन को सिर झुकाकर नमन करता हूं। मैं देख रहा हूं, पीढ़ियां बदल गई हैं, लेकिन मोदी के लिए स्नेह हर आयु सीमा से परे है। ये जो आपका कर्ज है, इसको मैं ब्याज के साथ, विकास करके चुकाने का प्रयास करता हूं।

साथियों,

मैं आप सबकी भी क्षमा चाहता हूं, और सभी अलग-अलग राज्यों में माननीय मुख्यमंत्री और वहां के जो नागरिक बैठे हैं, मैं उन सबसे भी क्षमा मांगता हूं क्योंकि मुझे आज आने में थोड़ा विलंब हो गया, आपको इंतजार करना पड़ा। लेकिन इसके पीछे कारण ये था कि आज मैं द्वारका में भगवान द्वारकाधीश के दर्शन करके, उन्हें प्रणाम करके राजकोट आया हूं। द्वारका को बेट द्वारका से जोड़ने वाले सुदर्शन सेतु का लोकार्पण भी मैंने किया है। द्वारका की इस सेवा के साथ-साथ ही आज मुझे एक अद्भुत आध्यात्मिक साधना का लाभ भी मिला है। प्राचीन द्वारका, जिसके बारे में कहते हैं कि उसे खुद भगवान श्रीकृष्ण ने बसाया था, आज वो समुद्र में डूब गई है, आज मेरा सौभाग्य था कि मैं समुद्र के भीतर जाकर बहुत गहराई में चला गया और भीतर जाकर मुझे उस समुद्र में डूब चुकी श्रीकृष्‍ण वाली द्वारका, उसके दर्शन करने का और जो अवशेष हैं, उसे स्पर्श करके जीवन को धन्य बनाने का, पूजन करने का, वहां कुछ पल प्रभु श्रीकृष्ण का स्मरण करने का मुझे सौभाग्य मिला। मेरे मन में लंबे अर्से से ये इच्छा थी कि भगवान कृष्ण की बसाई उस द्वारका भले ही पानी के भीतर रही हो, कभी न कभी जाऊंगा, मत्था टेकुंगा और वो सौभाग्य आज मुझे मिला। प्राचीन ग्रंथों में द्वारका के बारे में पढ़ना, पुरातत्वविदों की खोजों को जानना, ये हमें आश्चर्य से भर देता है। आज समंदर के भीतर जाकर मैंने उसी दृश्य को अपनी आंखों से देखा, उस पवित्र भूमि को स्पर्श किया। मैंने पूजन के साथ ही वहां मोर पंख को भी अर्पित किया। उस अनुभव ने मुझे कितना भाव विभोर किया है, ये शब्दों में बताना मेरे लिए मुश्किल है। समंदर के गहरे पानी में मैं यही सोच रहा था कि हमारे भारत का वैभव, उसके विकास का स्तर कितना ऊंचा रहा है। मैं समुद्र से जब बाहर निकला, तो भगवान श्रीकृष्ण के आशीर्वाद के साथ-साथ मैं द्वारका की प्रेरणा भी अपने साथ लेकर लाया हूं। विकास और विरासत के मेरे संकल्पों को आज एक नई ताकत मिली है, नई ऊर्जा मिली है, विकसित भारत के मेरे लक्ष्य से आज दैवीय विश्वास उसके साथ जुड़ गया है।

साथियों,

आज भी यहां 48 हज़ार करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स आपको, पूरे देश को मिले हैं। आज न्यू मुंद्रा-पानीपत पाइपलाइन प्रोजेक्ट का शिलान्यास हुआ है। इससे गुजरात से कच्चा तेल सीधे हरियाणा की रिफाइनरी तक पाइप से पहुंचेगा। आज राजकोट सहित पूरे सौराष्ट्र को रोड, उसके bridges, रेल लाइन के दोहरीकरण, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित अनेक सुविधाएं भी मिली हैं। इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाद, अब एम्स भी राजकोट को समर्पित है और इसके लिए राजकोट को, पूरे सौराष्‍ट्र को, पूरे गुजरात को बहुत-बहुत बधाई! और देश में जिन-जिन स्‍थानों पर आज ये एम्स समर्पित हो रहा है, वहां के भी सब नागरिक भाई-बहनों को मेरी तरफ से बहुत-बहुत बधाई।

साथियों,

आज का दिन सिर्फ राजकोट और गुजरात के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए भी ऐतिहासिक है। दुनिया की 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था का हेल्थ सेक्टर कैसा होना चाहिए? विकसित भारत में स्वास्थ्य सुविधाओं का स्तर कैसा होगा? इसकी एक झलक आज हम राजकोट में देख रहे हैं। आज़ादी के 50 सालों तक देश में सिर्फ एक एम्स था और भी दिल्ली में। आज़ादी के 7 दशकें में सिर्फ 7 एम्स को मंजूरी दी गई, लेकिन वो भी कभी पूरे नहीं बन पाए। और आज देखिए, बीते सिर्फ 10 दिन में, 10 दिन के भीतर-भीतर, 7 नए एम्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इसलिए ही मैं कहता हूं कि जो 6-7 दशकों में नहीं हुआ, उससे कई गुना तेजी से हम देश का विकास करके, देश की जनता के चरणों में समर्पित कर रहे हैं। आज 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 200 से अधिक हेल्थ केयर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का भी शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इनमें मेडिकल कॉलेज हैं, बड़े अस्पतालों के सैटेलाइट सेंटर हैं, गंभीर बीमारियों के लिए इलाज से जुड़े बड़े अस्पताल हैं।

साथियों,

आज देश कह रहा है, मोदी की गारंटी यानि गारंटी पूरा होने की गारंटी। मोदी की गारंटी पर ये अटूट भरोसा क्यों है, इसका जवाब भी एम्स में मिलेगा। मैंने राजकोट को गुजरात के पहले एम्स की गारंटी दी थी। 3 साल पहले शिलान्यास किया और आज लोकार्पण किया- आपके सेवक ने गारंटी पूरी की। मैंने पंजाब को अपने एम्स की गारंटी दी थी, भटिंडा एम्स का शिलान्यास भी मैंने किया था और आज लोकार्पण भी मैं ही कर रहा हूं- आपके सेवक ने गारंटी पूरी की। मैंने यूपी के रायबरेली को एम्स की गारंटी दी थी। कांग्रेस के शाही परिवार ने रायबरेली में सिर्फ राजनीति की, काम मोदी ने किया। मैंने रायबरेली एम्स का 5 साल पहले शिलान्यास किया और आज लोकार्पण किया। आपके इस सेवक ने गारंटी पूरी की। मैंने पश्चिम बंगाल को पहले एम्स की गारंटी दी थी, आज कल्याणी एम्स का लोकार्पण भी हुआ-आपके सेवक ने गारंटी पूरी कर दी। मैंने आंध्र प्रदेश को पहले एम्स की गारंटी दी थी, आज मंगलगिरी एम्स का लोकार्पण हुआ- आपके सेवक ने वो गारंटी भी पूरी कर दी। मैंने हरियाणा के रेवाड़ी को एम्स की गारंटी दी थी, कुछ दिन पहले ही, 16 फरवरी को उसकी आधारशिला रखी गई है। यानि आपके सेवक ने ये गारंटी भी पूरी की। बीते 10 वर्षों में हमारी सरकार ने 10 नए एम्स देश के अलग-अलग राज्यों में स्वीकृत किए हैं। कभी राज्यों के लोग केंद्र सरकार से एम्स की मांग करते-करते थक जाते थे। आज एक के बाद एक देश में एम्स जैसे आधुनिक अस्पताल और मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। तभी तो देश कहता है- जहां दूसरों से उम्मीद खत्म हो जाती है, मोदी की गारंटी वहीं से शुरू हो जाती है।

साथियों,

भारत ने कोरोना को कैसे हराया, इसकी चर्चा आज पूरी दुनिया में होती है। हम ये इसलिए कर पाए, क्योंकि बीते 10 वर्षों में भारत का हेल्थ केयर सिस्टम पूरी तरह से बदल गया है। बीते दशक में एम्स, मेडिकल कॉलेज और क्रिटिकल केयर इंफ्रास्ट्रक्चर के नेटवर्क का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। हमने छोटी-छोटी बीमारियों के लिए गांव-गांव में डेढ़ लाख से ज्यादा आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए हैं, डेढ़ लाख से ज्यादा। 10 साल पहले देश में करीब-करीब 380-390 मेडिकल कॉलेज थे, आज 706 मेडिकल कॉलेज हैं। 10 साल पहले MBBS की सीटें लगभग 50 हज़ार थीं, आज 1 लाख से अधिक हैं। 10 साल पहले मेडिकल की पोस्ट ग्रेजुएट सीटें करीब 30 हज़ार थीं, आज 70 हज़ार से अधिक हैं। आने वाले कुछ वर्षों में भारत में जितने युवा डॉक्टर बनने जा रहे हैं, उतने आजादी के बाद 70 साल में भी नहीं बने। आज देश में 64 हज़ार करोड़ रुपए का आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन चल रहा है। आज भी यहां अनेक मेडिकल कॉलेज, टीबी के इलाज से जुड़े अस्पताल और रिसर्च सेंटर, PGI के सैटेलाइट सेंटर, क्रिटिकल केयर ब्लॉक्स, ऐसे अनेक प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया है। आज ESIC के दर्जनों अस्पताल भी राज्यों को मिले हैं।

साथियों,

हमारी सरकार की प्राथमिकता, बीमारी से बचाव और बीमारी से लड़ने की क्षमता बढ़ाने की भी है। हमने पोषण पर बल दिया है, योग-आयुष और स्वच्छता पर बल दिया है, ताकि बीमारी से बचाव हो। हमने पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति और आधुनिक चिकित्सा, दोनों को बढ़ावा दिया है। आज ही महाराष्ट्र और हरियाणा में योग और नेचुरोपैथी से जुड़े दो बड़े अस्पताल और रिसर्च सेंटर का भी उद्घाटन हुआ है। यहां गुजरात में ही पारंपरिक चिकित्सा पद्धति से जुड़ा WHO का वैश्विक सेंटर भी बन रहा है।

साथियों,

हमारी सरकार का ये निरंतर प्रयास है कि गरीब हो या मध्यम वर्ग, उसको बेहतर इलाज भी मिले और उसकी बचत भी हो। आयुष्मान भारत योजना की वजह से गरीबों के एक लाख करोड़ रुपए खर्च होने से बचे हैं। जन औषधि केंद्रों में 80 परसेंट डिस्काउंट पर दवा मिलने से गरीबों और मध्यम वर्ग के 30 हजार करोड़ रुपए खर्च होने से बचे हैं। यानि सरकार ने जीवन तो बचाया, इतना बोझ भी गरीब और मिडिल क्लास पर पड़ने से बचाया है। उज्ज्वला योजना से भी गरीब परिवारों को 70 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक की बचत हो चुकी है। हमारी सरकार ने जो डेटा सस्ता किया है, उसकी वजह से हर मोबाइल इस्तेमाल करने वाले के करीब-करीब 4 हजार रुपए हर महीने बच रहे हैं। टैक्स से जुड़े जो रिफॉर्म्स हुए हैं, उसके कारण भी टैक्सपेयर्स को लगभग ढाई लाख करोड़ रुपए की बचत हुई है।

साथियों,

अब हमारी सरकार एक और ऐसी योजना लेकर आई है, जिससे आने वाले वर्षों में अनेक परिवारों की बचत और बढ़ेगी। हम बिजली का बिल ज़ीरो करने में जुटे हैं और बिजली से परिवारों को कमाई का भी इंतजाम कर रहे हैं। पीएम सूर्य घर- मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से हम देश के लोगों की बचत भी कराएंगे और कमाई भी कराएंगे। इस योजना से जुड़ने वाले लोगों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी और बाकी बिजली सरकार खरीदेगी, आपको पैसे देगी।

साथियों,

एक तरफ हम हर परिवार को सौर ऊर्जा का उत्पादक बना रहे हैं, तो वहीं सूर्य और पवन ऊर्जा के बड़े प्लांट भी लगा रहे हैं। आज ही कच्छ में दो बड़े सोलर प्रोजेक्ट और एक विंड एनर्जी प्रोजेक्ट का शिलान्यास हुआ है। इससे रिन्यूएबल एनर्जी के उत्पादन में गुजरात की क्षमता का और विस्तार होगा।

साथियों,

हमारा राजकोट, उद्यमियों का, श्रमिकों, कारीगरों का शहर है। ये वो साथी हैं जो आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में बहुत बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। इनमें से अनेक साथी हैं, जिन्हें पहली बार मोदी ने पूछा है, मोदी ने पूजा है। हमारे विश्वकर्मा साथियों के लिए देश के इतिहास में पहली बार एक राष्ट्रव्यापी योजना बनी है। 13 हज़ार करोड़ रुपए की पीएम विश्वकर्मा योजना से अभी तक लाखों लोग जुड़ चुके हैं। इसके तहत उन्हें अपने हुनर को निखारने और अपने व्यापार को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। इस योजना की मदद से गुजरात में 20 हजार से ज्यादा लोगों की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। इनमें से प्रत्येक विश्वकर्मा लाभार्थी को 15 हजार रुपए तक की मदद भी मिल चुकी है।

साथियों,

आप तो जानते हैं कि हमारे राजकोट में, हमारे यहाँ सोनार का काम कितना बड़ा काम है। इस विश्वकर्मा योजना का लाभ इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी मिला है।

साथियों,

हमारे लाखों रेहड़ी-ठेले वाले साथियों के लिए पहली बार पीएम स्वनिधि योजना बनी है। अभी तक इस योजना के तहत लगभग 10 हज़ार करोड़ रुपए की मदद इन साथियों को दी जा चुकी है। यहां गुजरात में भी रेहड़ी-पटरी-ठेले वाले भाइयों को करीब 800 करोड़ रुपए की मदद मिली है। आप कल्पना कर सकते हैं कि जिन रेहड़ी-पटरी वालों को पहले दुत्कार दिया जाता था, उन्हें भाजपा किस तरह सम्मानित कर रही है। यहां राजकोट में भी पीएम स्वनिधि योजना के तहत 30 हजार से ज्यादा लोन दिए गए हैं।

साथियों,

जब हमारे ये साथी सशक्त होते हैं, तो विकसित भारत का मिशन सशक्त होता है। जब मोदी भारत को तीसरे नंबर की आर्थिक महाशक्ति बनाने की गारंटी देता है, तो उसका लक्ष्य ही, सबका आरोग्य और सबकी समृद्धि है। आज जो ये प्रोजेक्ट देश को मिले हैं, ये हमारे इस संकल्प को पूरा करेंगे, इसी कामना के साथ आपने जो भव्‍य स्‍वागत किया, एयरपोर्ट से यहां तक आने में पूरे रास्ते पर और यहां भी बीच में आकर के आप के दर्शन करने का अवसर मिला। पुराने कई साथियों के चेहरे आज बहुत सालों के बाद देखे हैं, सबको नमस्ते किया, प्रणाम किया। मुझे बहुत अच्छा लगा। मैं बीजेपी के राजकोट के साथियों का हृदय से अभिनंदन करता हूं। इतना बड़ा भव्य कार्यक्रम करने के लिए और फिर एक बार इन सारे विकास कामों के लिए और विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए हम सब मिलजुल करके आगे बढ़ें। आप सबको बहुत-बहुत बधाई। मेरे साथ बोलिए- भारत माता की जय! भारत माता की जय! भारत माता की जय!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

डिस्क्लेमर: प्रधानमंत्री के भाषण का कुछ अंश कहीं-कहीं पर गुजराती भाषा में भी है, जिसका यहाँ भावानुवाद किया गया है।