For decades, Congress stalled the development of Vidarbha & Marathwada: PM Modi
The land of Nanded reflects the purity of India's Sikh Gurus: PM Modi
The I.N.D.I alliance only believe in vote-bank politics: PM Modi

छत्रपति शिवाजी महाराज की जय,
श्री संत सेवालाल महाराज की जय,
हर हर महादेव

सर्वल्ला राम-राम
नांदेड आणि हिंगोलीकरांना माझा नमस्कार.
26 एप्रिलची तयारी झाली ना? खरैच।

मैं सबसे पहले मराठवाड़ा की महान धरती से हुजूर साहिब को, गुरुगोविंद सिंह जी को प्रणाम करता हूं। मैं रेणुका माता और दत्त भगवान के चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं बाबासाहेब आंबेडकर और नानाजी देशमुख दोनों भारत रत्न जैसे राष्ट्रपुरुषों को नमन करता हूँ।

साथियों,

कल देश में पहले चरण का मतदान संपन्न हुआ है। मैं वोटिंग करने वाले सभी लोगों को और विशेषकर हमारे फर्स्ट टाइम वोटर्स को बहुत-बहुत बधाई देता हूं और उनका आभार व्यक्त करता हूं। मतदान के बाद अलग-अलग लोगों ने बूथ लेबल तक का जो एनालिसिस किया। और जो जानकारियां मिल रही हैं, उससे ये विश्वास पक्का हो रहा है कि पहले चरण में NDA के पक्ष में एकतरफा मतदान हुआ है। लेकिन मैं देशवासियों से आग्रह करूंगा, एनडीए की जीत आप पक्की कर रहे हैं। मैं सर झुकाकर आपका आभार व्यक्त करता हूं। लेकिन जो लोग मतदान नहीं कर रहे पहले चरण में, लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत होता है। आप किसी को भी वोट दें। लेकिन वोट जरूर दें। हमें वोट में कभी भी उदासीनता नहीं करनी चाहिए। और ये बात सही है। गर्मी बहुत है। दिक्कतें भी हैं। शादियां भी हैं। कुछ इलाके हैं जहां किसान भी काम में हैं। फिर भी जब हम देश के जवान की तरफ देखते हैं, कोई भी मौसम हो सीमा पर कितनी ही ठंड हो, बर्फ गिरती हो, कितना ही गर्मी हो, वो डटा रहता है क्यों, देश के लिए। मैं मानता हूं कि मतदाताओं के मन में भी ये भाव होना चाहिए कि मैं मतदान किसी भी उपकार नहीं करता हूं। मैं मतदान करके मेरे देश का भविष्य पक्का करता हूं। मेरे देश के भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए मतदान करता हूं। और इसीलिए एनडीए के भव्य विजय की पहले चरण में साफ-साफ आपका सहयोग के बावजूद भी लोकतंत्र के लिए मैं फिर आग्रह करूंगा कि भारी मतदान होना चाहिए और मैं राजनीतिक क्षेत्र के सभी दल के कार्यकर्ताओं से कहूंगा। भले आपको लगता हो कि भई अब चुनाव हारने वाले हैं, क्यों मेहनत करें। मैं उनको भी कहता हूं। लोकतंत्र के लिए मेहनत कीजिए। अरे आज नहीं तो कल, कल नहीं तो परसों, परसों नहीं तो नरसों, अरे कभी तो मौका आएगा। ऐसे निराश होकर क्या बैठ गए हो। और इसीलिए, इसलिए जिनकी हार सुनिश्चित है, उनके कार्यकर्ताओं का भी हौसला बुलंद करते हुए मैं कहना चाहता हूं कि आप मतदाताओं को जरूर मतदान करने के लिए प्रेरित कीजिए। क्योंकि दुनिया के लोगों को, दुनिया में वोटिंग परसेंटेज बहुत कम होता है। भारत में जब इतना सारा वोटिंग परसेंटेज होता है, उसका विश्व में प्रभाव होता है। भारत के लोकतंत्र की ताकत का एक मजबूत उदाहरण बनता है। दुनिया को भी भारत को समझने के लिए अधिकतम वोटिंग बहुत जरूरी होता है। और आने वाले 25 साल तो विश्व में भारत के महात्म्य के वर्ष है। और इसलिए अधिक मतदान हमारी लोकतंत्र की ताकत का परिचय देता है।

साथियों,

वोटर भी देख रहे हैं कि कैसे इंडी एलायंस के लोग अपने स्वार्थ में अपने भ्रष्टाचार को बचाने के लिए एक साथ आए हैं। और इसलिए खबरें यही है कि पहले चरण में वोटर्स ने इंडी एलायंस को पूरी तरह नकार दिया है, क्योंकि मतदाता जब मतदान करने जाता है, सोचता है भई, ये इंडी अलायंस वालों आखिर देश किसके हाथ में सौंपना है? कोई तो चेहरा बताओ। इतना बड़ा देश हम किसको सुपुर्द करे। कुछ तो बताओ। वो बता ही नहीं पा रहे। ये लोग दावे जो करें, लेकिन सच्चाई यही है कि चुनाव की घोषणा से पहले से ही कांग्रेस के नेता अपनी हार मान चुके हैं और इसलिए कुछ नेता जो लगातार लोकसभा में जीतकर के आते थे। इस बार आपने देखा है, वो लोकसभा का चुनाव छोड़ करके राज्यसभा के रास्ते से अंदर जाकर बैठ गए हैं। चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं रही है जी। हालात यह है इंडी अलायंस वालों को इस चुनाव में लड़ने के लिए उम्मीदवार तक नहीं मिल रहे हैं। ज्यादातर सीटों पर इनके नेता प्रचार ही नहीं करने जा रहे हैं। और आप जान कर के हैरान हो जाएंगे। इस देश की करीब-करीब 25 प्रतिशत सीटें ऐसी हैं, 25 प्रतिशत। जहां कि यह इंडी अलायंस के लोग अंदर-अंदर एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। अब वो किस प्रकार की बातें करते हैं जी। कोई कल्पना कर सकता है। चलो भई एकआध दो में गड़बड़ हो जाए, वो तो समझ सकते हैं। 25 परसेंट सीटें ऐसी हैं इस देश की लोकसभा की, जिसमें यह जो अपनेआप का गठबंधन का क्लेम करते हैं, वो आपस में चुनाव लड़ रहे हैं। आपस में वो एक-दूसरे को जेल में डालने की बातें कर रहे हैं। आपस में एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। क्या ऐसे लोगों पर भरोसा कर सकते हैं क्या? ऐसे लोगों पर भरोसा कर सकते हैं? जो अंदर-अंदर भरोसा नहीं कर सकते हैं, उस पर आप भरोसा कर सकते हैं क्या? देश भरोसा कर सकता है? जो आज साथ होने के बाद भी 25 प्रतिशत सीटों पर लड़ते हैं तो अगर उनको थोड़ी सीटें पार्लियामेंट में मिल गई तो अंदर भी वह तूफान करेंगे। और इसलिए इस चुनाव में इनको सबक सिखाना बहुत जरूरी है।

भाइयों,

और देखिए कांग्रेस के जो शहजादे हैं, उन्हें भी वायनाड में संकट दिख रहा है। शहजादे और उनकी टोली 26 अप्रैल को वायनाड में वोटिंग का इंतजार कर रही है। जैसे ही 26 को वायनाड में वोटिंग पूरा हो जाएगा, यह शहजादे के लिए एक और सुरक्षित सीट घोषित कर देंगे और कहीं और से फिर से लड़ाना पड़ेगा उनको। क्योंकि उनके अलायंस के साथी भी एक-दूसरे को गालियां दे रहे हैं। कल आपने उनके साथी केरल के मुख्यमंत्री ने जो शहजादे को सुनाई है, मैं भी कभी ऐसी भाषा नहीं बोलता हूं, ऐसी भाषा बोली है उन्होंने साथी को। यह हाल है उनका। अब जैसे इन्होंने अमेठी से भागना पड़ा। अमेठी छोड़ा, अब मान के चलिए वो वायनाड भी छोड़ेंगे। आप कांग्रेस का यह परिवार, आपको आश्चर्य होगा आजादी के पहली बार स्थिति ऐसी बन रही है कि कांग्रेस का परिवार इस चुनाव में कांग्रेस को वोट नहीं देगा। खुद, खुद कांग्रेस को वोट नहीं देगा। यह हाल है इनका, क्योंकि जहां वह रहते हैं वहां कांग्रेस का उम्मीदवार ही नहीं है। अब ये, ऐसी स्थिति कभी सोची है आपने कांग्रेस की, कि जिस परिवार के भरोसे कांग्रेस चलती है वो परिवार खुद कांग्रेस को वोट नहीं दे पाएगा।


साथियों

आप देखिएगा, 4 जून के बाद इंडी गठबंधन आज जो 25 परसेंट सीटों पर बिखरा है। लड़ाई अंदर-अंदर लड़ रहा है। चार जून के बाद वो शत-प्रतिशत एक-दूसरे के कपड़े फाड़ने वाले हैं। एक-दूसरे के बाल नोचने वाले हैं। इसलिए यह इंडी अगाड़ी के लिए, मुझे बताइए कोई भी समझदार नागरिक इनके लिए वोट बर्बाद करेगा क्या? कभी भी वोट बर्बाद करेगा क्या? और मैं तो मतदाताओं कहता हूं आइए, जी भर करके एनडीए को वोट दीजिए। पूरी ताकत से वोट दीजिए। एनडीए को वोट करना है, विकसित भारत के लिए वोट करना है। और इसलिए ही आज पूरा देश कह रहा है- फिर एक बार, मोदी सरकार। फिर एक बार, मोदी सरकार। फिर एक बार, मोदी सरकार।

साथियों,

काँग्रेस गरीब, दलित, वंचित, मजदूर, किसान के विकास के सामने हमेशा दीवार बनकर खड़ी है। आज भी NDA सरकार गरीब के लिए कोई काम करती है तो काँग्रेस उसका मजाक उड़ाती है। आजादी के 6 दशकों बाद पहली बार हमने करोड़ों गरीब महिलाओं को शौचालय देने का अभियान शुरू किया। तब काँग्रेस और इंडी अघाड़ी वाले लोग उसका मज़ाक उड़ाते थे। मैंने 50 करोड़ से ज्यादा गरीबों के पहली बार बैंक खाते खुलवाए। तब ये लोग कहते थे कि गरीब बैंक खाते का क्या करेगा? हम देश में डिजिटल इंडिया और UPI जैसी टेक्नोलॉजी लेकर आए। तब काँग्रेस सरकार के एक बड़े मंत्री रहे हुए व्यक्ति कहते थे कि डिजिटल लेन-देन अनपढ़-गरीबों के बस की बात नहीं है। जिस काँग्रेस पार्टी की सोच ही ऐसी हो, जिसको देश की जनता पर भरोसा ही न हो, उससे आप देश के विकास की उम्मीद कभी कर सकते हैं क्या? उनपर भरोसा कर सकते हैं क्या? ये लोग महाराष्ट्र और मराठावाड़ा की समस्याओं का कभी भी समाधान कर सकते हैं क्या? आपकी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं क्या?

साथियों,

काँग्रेस ने दशकों तक महाराष्ट्र और खासकर विदर्भ और मराठावाड़ा के विकास का दम घोंटने का काम किया है। इस क्षेत्र में सूखे की स्थिति, पानी का संकट एक दिन में नहीं पैदा हुआ है! काँग्रेस के रवैये के कारण यहाँ किसान गरीब होते गए। यहाँ उद्योगों से जुड़ी संभावनाएं सूखती चली गईं। मराठावाड़ा के लाखों युवाओं को पलायन करना पड़ा। आपको इस स्थिति से निकालने के लिए NDA सरकार प्रतिबद्ध है। यहां एकनाथ शिंदे जी, देवेंद्र फडणवीस जी और अजीत पवार जी मिलकर किसानों के हित में काम कर रहे हैं। और अब तो इस क्षेत्र में और खुशी की बात है। अशोक जी भी हमारे साथ आ गए हैं। और मुझे याद है मैं जब राजनीति में भी नहीं था। और मुझे कभी लगता भी नहीं था कभी मैं राजनीति में जाऊंगा। उस समय ऊटपटी साईंबाबा ने मुझे उनके पिताजी से परिचय करवाया। साईंबाबा का मुझपर बहुत प्रेम रहता था। और मैं उनके पिताजी के साथ लंबे अरसे, वहां समय था तो काफी देर बैठा। इतने उच्च पदों पर रहने के बावजूद भी राजनीतिक जीवन में इतना लंबा सफल करियर रहने के बाद मैंने उनकी जो नम्रता, मैं तो बहुत छोटी आयु का था। सामान्य मेरे राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था। लेकिन जिस प्रकार से प्यार से उनसे बातें करने का सौभाग्य मुझे मिला, वो मैं कभी भी भूल नहीं सकता हूं। मैं हमेशा उनके व्यवहार में से आज भी कुछ न कुछ सीखने की कोशिश करता हूं। और उनका पूरा परिवार आज हमारे साथ है।

साथियों,

अब नांदेड़ के 80 प्रतिशत से ज्यादा घरों में नल से जल आने लगा है। सिंचाई की समस्या के समाधान के लिए अपर पैनगंगा प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। यहाँ के किसानों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा। हमारी सरकार ने फसल बीमा योजना के तहत किसानों को प्रीमियम से 5 गुना ज्यादा क्लेम दिलवाया है। किसान सम्मान निधि के तहत अकेले नांदेड़ के किसानों को ही 1300 करोड़ रुपये से ज्यादा मिले हैं। इस क्षेत्र में तो ज्वार-बाजरा बहुत होता है। हमारी सरकार ने इस मोटे अनाज को पूरे देश में एक पहचान दी है। उसके लिए पहचान दी है- श्रीअन्न। चाहे ज्वार हो, बाजरा हो, वो श्रीअन्न के साथ पहचाने जाएं। और जब से ये काम शुरू किया है, दुनिया भर में लोगों का ध्यान हमारे श्रीअन्न पर गया है। सुपर फूड के रूप में गया है। और न्यूट्रीशन की दृष्टि से बहुत बड़ा ताकतवर संदेश गया है। और इसका भी बड़ा लाभ नांदेड़ के किसानों को मिलना तय है।

साथियों,

काँग्रेस के दिये हर जख्म का इलाज करना, ये मोदी की गारंटी है। इस क्षेत्र को शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे और समृद्धि महामार्ग जैसी वर्ल्ड क्लास रोड्स मिली हैं। लातूर की रेल कोच फैक्ट्री का लोकार्पण करने का सौभाग्य मुझे ही मिला था। उड़ान योजना के तहत नांदेड़ एयरपोर्ट को भी फिर से शुरू कर दिया गया है। पीएम आवास योजना के तहत यहाँ हजारों गरीबों को पक्के घर भी मिले हैं। आयुष्मान योजना के जरिए 3 लाख से ज्यादा लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिली है। लेकिन, इन 10 वर्षों में जो काम हुआ है, वो तो अभी केवल ट्रेलर है। अभी तो हमारा बहुत समय काँग्रेस के गड्ढों को भरने में गया है। अगले 5 वर्षों में हमें मराठावाड़ा और महाराष्ट्र को बहुत आगे लेकर जाना है।

साथियों,

नांदेड़ की ये धरती, सिख गुरुओं के चरणों से पवित्र हुई है। खालसा पंथ की गुरु परंपरा और गुरु गोबिंद सिंह की सीख हमेशा हमारी सरकार के लिए प्रेरणा रही है। बीते 10 वर्षों में हमने ‘सरबत दा भला’ के रास्ते को मानकर लोक कल्याण के लिए काम किया है। हमारी सरकार को गुरुनानक देव जी का 550वां प्रकाशोत्सव बनाने का... गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व मनाने का... गुरु गोविंद सिंह का 350वां प्रकाश पर्व मनाने का सौभाग्य मिला। करतारपुर कॉरिडोर का काम पूरा होने के बाद लाखों श्रद्धालुओं को वहां के दर्शन में मदद मिल रही है। लंगर को टैक्स फ्री करने का निर्णय हो या हरमिंदर साहिब के लिए FCRA की अनुमति हो। हुजूर साहिब और हेमकुंड साहिब के दरबार तक बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का इंतजाम करना हो। NDA सरकार ने सिख परंपरा से जुड़े हर तीर्थ के विकास के लिए पूरी शक्ति और पूरी भक्ति से काम किया है। ये हमारी ही सरकार है जो अफगानिस्तान से, वहां जब संकट आया। निर्दोष लोगों की हत्याएं होने लगीं। हमारे धर्म स्थानों पर हमले होने लगे। तब अफगानिस्तान से गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूपों को पूरी सुरक्षा और मान-मर्यादा के साथ हम अफगानिस्तान से भारत ले आए। ये हमारी ही सरकार है जो बंटवारे के पीड़ितों के लिए CAA लेकर आई। CAA ना होता तो हमारे सिख भाई-बहनों का क्या हुआ होता? जो अफगानिस्तान से आए हैं उनका क्या गुनाह है? लेकिन कांग्रेस इसका भी विरोध कर रही है। ऐसा लगता है कि 84 का बदला कांग्रेस सिखों से अब तक ले रही है।

साथियों,

हमारी सरकार जो कहती है, वो करके दिखाती है। मोदी की गारंटी यानी, गारंटी पूरी होने की गारंटी। मोदी ने गारंटी दी थी- कश्मीर को आर्टिकल-370 से मुक्ति मिलेगी। आर्टिकल-370 आज इतिहास बन चुका है। मोदी ने गारंटी दी थी- तीन तलाक खत्म होगा। आज मुस्लिम बहनों को तीन तलाक से मुक्ति मिल चुकी है। मोदी ने गारंटी दी थी- देश की अर्थव्यवस्था को गड्ढे से निकालेंगे। आज भारत दुनिया की पाँचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। अब मोदी की गारंटी है, भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। और आप सब देख रहे हैं-आज अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर बनकर तैयार है। लेकिन ये इंडी अघाड़ी वाले क्या कर रहे हैं? लेकिन ये इंडी अघाड़ी वाले क्या कर रहे हैं? ये लोग सनातन को गाली दे रहे हैं। ये लोग राममंदिर प्राणप्रतिष्ठा का बहिष्कार करने को सही ठहरा रहे हैं। ये लोग राममंदिर में पूजा-अर्चना को पाखंड बताकर हमारी आस्था का अपमान कर रहे हैं। क्या ये माफ करने योग्य है क्या? ऐसे लोगों को माफ किया जा सकता है क्या?

साथियों,

मराठावाड़ा केवल एक इलाका नहीं, ये हमारे भारत का सुरक्षा कवच है। मुगल आए, अंग्रेज आए, लेकिन मराठा शौर्य ने ये सिद्ध किया कि भारत हमेशा रहने वाला है। आज एक बार फिर, विकसित महाराष्ट्र और विकसित भारत के लिए विकसित मराठावाड़ा के लिए हमें सबसे आगे खड़ा होना दिखता है। आने वाली 26 अप्रैल को आपको मराठावाड़ा के विकास के लिए नांदेड लोकसभा से प्रताप राव पाटिल और हिंगोली लोकसभा से बाबूराव कोहलीकर इनको रिकॉर्ड वोट से जिताकर मुझे मजबूती करनी है। ये दोनों उम्मीदवार आपके सांसद बनकर संसद में मोदी को ताकत देंगे। और इसके लिए आपको कुछ काम करना है। करेंगे। आपको कुछ काम करना है। करेंगे। एक, आपके बूथ में मतदान के पुराने सारे रिकॉर्ड टूटने चाहिए। ज्यादा से ज्यादा मतदान करना है। करेंगे। बूथ में ज्यादा से ज्यादा मतदान पक्का करेंगे। दूसरा, हमें पोलिंग बूथ जीतना है। पोलिंग बूथ जीतेंगे। पोलिंग बूथ जीतेंगे। हर पोलिंग बूथ जीतेंगे। सभी मतदाताओं से मेरा आग्रह है हर पोलिंग बूथ जीतना है। अच्छा मेरा एक और काम करना है, करेंगे। करेंगे। देखिए, महाराष्ट्र के घर-घर जाना। और हर परिवार में जाकर के मोदी का प्रणाम पहुंचाना। मेरे प्रणाम पहुंचाएंगे। हर घर में पहुंचाएंगे। बोलिए…
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बहुत बहुत धन्यवाद।

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PM to release the Autobiography of Former President Shri Ram Nath Kovind on 12 August
August 11, 2026
Title of the Autobiography: “Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles”

Prime Minister Shri Narendra Modi will release the autobiography of former President of India, Shri Ram Nath Kovind, titled “Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles”, on 12 August, 2026, at 9:30 AM at Vigyan Bhavan, New Delhi. Prime Minister will also address the gathering on the occasion.

The release of the autobiography by the Prime Minister will mark a significant occasion celebrating the life and contributions of one of India’s most distinguished public figures. The autobiography offers a deeply personal account of Shri Ram Nath Kovind’s remarkable life journey, tracing his experiences, struggles and achievements from his early years to his distinguished public life and eventual service as the 14th President of India. The book provides insights into the values, experiences and circumstances that shaped his journey and public service.