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Wishing all the Chowkidars a happy and colour filled Holi; the Chowkidars play an important role in making these colours look beautiful: PM Modi
As a Chowkidar, committed towards the safety, security and development of the country: PM Modi
The entire nation is proud of the armed forces and their strong decisive action against the perpetrators of Pulwama attack: Prime Minister Modi

हेलो, आज होलिका दहन का दिन है, कुछ ही घंटों में देश के हर कोने में होलिका दहन होगा और कल, होली का पावन पर्व। सबसे पहले तो आप सबको होली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। रंगों का ये त्योहार हम सब के जीवन में खुशियों के रंग घोले।

साथियो, होली का ये त्योहार खुशियों के अनेक रंग लेकर आता है लेकिन इस रंग को और खूबसूरत बनाने में बड़ी भूमिका मेरे चौकीदार साथियों की भी होती है। आपकी मुस्तैदी ही दूसरों की खुशियों की गारंटी बन जाती है। आप सभी को मेरा बहुत-बहुत नमन, बहुत प्रणाम। चौकीदारों के साथ होली मनाकर मैं अपने आप को बहुत भाग्यशाली महसूस कर रहा हूं। आज कल आपने देखा होगा कि हर जगह आप ही की चर्चा है, टीवी हो या ट्विटर हो, देश हो या विदेश हो, गांव हो या शहर हो हर जगह चौकीदार की ही धूम है। दुनिया की अधिकतर भाषाओं ने भी चौकीदार शब्द को समझ लिया है, ऐसा लगता है शायद स्वीकार कर लिया है। आज पूरा देश चौकीदार होने की शपथ ले रहा है, हर हिन्दुस्तानी कह रहा है, मैं भी चौकीदार हूं।
लोग अपनी जिम्मेदारियों को, अपने दायित्वों को आप सभी की प्रेरणा से निरंतर निभाने की शपथ ले रहे हैं। आप देश के करोड़ों लोगों को आतंक से, भ्रष्टाचार से, बेईमानी से, बीमारी से, गंदगी से, वंशवाद से यानी हर बुराई के खिलाफ पूरी ताकत के साथ लड़ने की और चौकीदारी करने की प्रेरणा दे रहे हैं।

साथियो, मैं सच्चे दिल से आप सब को सैल्यूट करता हूं, गांव हो, शहर हो कोई भी मौसम हो सर्दी, गर्मी, बरसात जैसी भी परिस्थिति हो आप अपने काम जुटे रहते हैं, डटे रहते हैं। घर में कितना ही बड़ा कार्यक्रम क्यों ना हो बच्चों का जन्मदिन हो, मां-बाप के लिए कोई आवश्यकता हो तब भी आप हमेशा अपनी ड्यूटी निभाते हैं। आप सभी का दायित्व ऐसा है कि ड्यूटी ही त्योहार बन जाती है। आप लोग हैं तभी कोई समाज स्वयं को सुरक्षित महसूस करता है। संभव है कि आप जिस सोसाइटी में, जिस फैक्ट्री में ड्यूटी देते हैं। वहां रहने वाले, वहां काम करने वाले भी, आपका नाम भी नहीं जानते या शक्ल से पहचानते भी नहीं हों लेकिन फिर भी आप दूसरों की रक्षा-सुरक्षा के दायित्व को निभाते चलते हैं। आप लोगों की कड़ी मेहनत को मैं सलाम करता हूं।

रेणु फर्रुखाबाद उत्तर प्रदेश का सवाल : सर जय हिन्द, मैं चार साल से सुरक्षाकर्मी के पद पर कार्यरत हूं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी : रेनू जी सबसे पहले तो आपको बधाई क्योंकि एक महिला जब सब की सुरक्षा करती है तो हिन्दुस्तान का गर्व बढ़ जाता है।

रेणु - फर्रुखाबाद उत्तर प्रदेश- सर मुझे भी बहुत गर्व महसूस हो रहा है। सर मेरा एक सवाल था आपसे, हम गांव के गरीब परिवार से आते हैं, इज्जत ही हमारी पूंजी है, कई वर्षों की मेहनत से चौकीदार इज्जत और भरोसा कमाता है। राजनीति के चलते हम लोगों को चोर कहा गया, हम लोग जहां काम करते हैं, वहां पर हम लोगों को शक की नजर से देखा जा रहा है। देश के जवान भी एक चौकीदार हैं, क्या वह भी चोर हैं? सर मन बहुत दुखी हो रहा है सोच-सोच कर इसी लिए आप से यह सवाल किया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी- आपकी भावना मैं समझ सकता हूं और जो भावना आपने प्रकट की है, वह हिन्दुस्तान की सुरक्षा में लगे सभी जवानों के मन में भी भरी है। चौकीदार के रूप में काम करने वालों के मन में भी भरी है लेकिन सबसे पहले देश में चौकीदारी का काम करने वाले, चाहे सेना के जवान हों, पुलिस के जवान हों, सुरक्षाबल के जवान हों और आप जैसे दिन-रात मेहनत करने वाले लोग हों। मैं सबसे पहले तो आप सब से माफी मांगता हूं, क्योंकि माफी मैं इसलिए मांगता हूं कि कुछ लोगों ने अपने निजी स्वार्थ के लिए पिछले कुछ महीनों से बिना सोचे-समझे अनाप-शनाप गाली-गलौज करना शुरू किया और उसमे उन्होंने चौकीदार को चोर कह दिया। एक प्रकार से हर चौकीदार के जीवन के सामने, उसकी तपस्या के सामने उन्होंने सवालिया निशान खड़ा कर दिया। वो मेरे नाम से गाली देते, मेरा नाम कह कर के कुछ भी बोलते तो शायद ये आपका नुकसान नहीं होता, लेकिन उनकी वो हिम्मत नहीं थी और इसलिए उन्होंने चौकीदार को ही चोर कहने का रास्ता चुना। इस देश का दुर्भाग्य है कि ऐसे लोगों की भाषा आप सब को पीड़ित कर रही है और मैं आपको बताऊं ये बात यहां अटकने वाली नहीं है। हताशा-निराशा के गर्त में डूबे हुए ऐसे कुछ लोग आगे भी यही करने वाले हैं। वो नई-नई चीजें खोजेंगे, कहीं पर किसी चौकीदार के ऊपर आरोप लग गया होगा तो उसी को उछालेंगे कि देखिए उस चौकीदार ने चोरी की। ये करने वाले हैं, चौकीदार को बदनाम करने के लिए शायद अब नए-नए तरीके ढूंढने वाले हैं और इसलिए हमने पूरे धैर्य के साथ, जो भी चौकीदारी करने की हमारी जिम्मेदारी है उसे निभाना है, चौकन्ने हो कर के निभाना है।

साथियो, दूसरी तरफ देखिए कि चारों तरफ माहौल बन गया है और उस पर तो आपको भी गर्व होगा, आज पूरा देश चौकीदार होने की शपथ ले रहा है। आज चौकीदार शब्द देशभक्ति का पर्याय बन गया है, ईमानदारी से काम करने का पर्याय बन चुका है और मैं आपको बताऊं कि यह पहली बार नहीं हुआ है। ये नामदारों की फितरत ही है, नामदारों की आदत होती है कामगारों के प्रति नफरत फैलाना। असहिष्णुता, ये उनके स्वभाव में है और ये इतना जल्दी जाने वाला भी नहीं है। कामगार कुछ भी कर ले, अगर कोई कामगार प्रधानमंत्री भी बन जाए तो भी ये लोग उसे ऐसे ही अपमानित करते रहेंगे।

साथियो, मेरा मानना है कि कोई नाम से बड़ा नहीं होता है बल्कि अपने काम से होता है, देश के प्रति अपनी निष्ठा से, अपने समर्पण से, अपने योगदान से होता है और इसलिए मैं तो यही कहूंगा मेरे सभी चौकीदार साथियों को, देशवासियों को भी, हमें बहुत आगे बढ़ना है, अपने बच्चों को बहुत बड़ा बनाना है। उन्हें डॉक्टर भी बनाना है, इंजीनियर भी बनाना है, सेना का जवान भी बनाना है, देश का प्रधानमंत्री भी बनाना है लेकिन हम सब को हमारे बच्चों के भीतर भी उस चौकीदार के संस्कार बनाए रखना है, उसके भीतर का चौकीदार जिंदा रखना है। वह जहां भी हो, जिस काम को करता हो, जैसे भी करता हो लेकिन देश के चौकीदार का काम वो कभी छोड़ेगा नहीं, हर हिन्दुस्तानी के भीतर चौकीदार जिंदा रहना चाहिए।

मैं बहुत आभारी हूं आपका, आपकी भावनाओं को जानकर के। धन्यवाद।

संतोष कुमार- ओडिशा : जय हिन्द सर।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी - जय जगन्नाथ, जय हिन्द संतोष जी।

संतोष कुमार- ओडिशा : साहब मैं संतोष कुमार बोल रहा हूं, मैं अंजुम जी के प्रदेश का ओडिशा का रहने वाला हूं, साहब मैं 13 साल से सुरक्षाकर्मी के पद पर कटक में कार्यरत हूं, साहब मेरा आपसे एक सवाल है जो व्यक्त करना चाहता हूं। आपने पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया, हमारी फौज ने पराक्रम कर दिया, इसके बाद मेरे मन में कोई प्रश्न बचा ही नहीं था, आपने हम सब देशवासियों की छाती चौड़ी कर दी, आपने चौकीदारों की इज्जत बढ़ा दी। मैं हर रोज कई लोगों से मिलता हूं, आपके पास बातें नहीं पहुंचती होंगी लेकिन नीचे गजब का माहौल है। आप किसी की परवाह ना करें, हम आपके साथ हैं, पूरा देश आपके साथ है साहब, यही आपसे कहना चाहता हूं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी- संतोष जी आपकी बातें सुनकर मुझे बहुत संतोष हुआ और मैं आपका आभारी हूं कि आप रोजमर्रा में जो बातें सुनते हैं उसको अपने शब्दों में मुझे पहुंचाने का प्रयास किया। हम सब देशवासियों को हमारी सेना पर गर्व होना चाहिए, हमारी फौज पर गर्व होना चाहिए, जिन्होंने जान की बाजी लगाकर के हमारे लिए कितना बड़ा पराक्रम किया। देश के वीर-शहीदों का किस प्रकार से उन्होंने चुन-चुन कर हिसाब चुकता किया और आपने पूरे देश की भावनाओं को मेरे साथ शेयर किया है। आज हर देशवासी को गर्व है, उसका सीना आत्मविश्वास से चौड़ा है। दूसरी ओर देश ने विपक्षी पार्टियों का जो रवैया देखा है उससे हर कोई हैरान है, दुखी है, परेशान है। दरअसल, टुकड़े-टुकड़े गैंग को समर्थन देने वाले ये लोग इस बात को हजम ही नहीं कर पा रहे हैं कि हमारी सेना ने किस प्रकार पाकिस्तान के सीने पर जाकर बम बरसा दिए और परिस्थिति देखिए, आप भी अनुभव करते होंगे कि बम तो गिरे पाकिस्तान में, चोट लगी पाकिस्तान में लेकिन चीख रहे हिन्दुस्तान में, दर्द हो रहा हिन्दुस्तान में। ये देश को समझना होगा, ऐसे लोगों को पहचानना होगा और यह भी आपने देखा होगा, वे पाकिस्तान के टीवी पर, वहां के रेडियो पर, वहां के अखबारों में, वहां की पार्लियामेंट में हमारे देश में जो लोग चीख रहे थे, चिल्ला रहे थे उनकी आवाज वहां सुनाई दे रही है, उनकी बातें छप रही हैं उनकी बातें बताई जाती हैं, उनके शब्दों को कोट किया जाता है। ये देश के लिए अजूबा है कि वार पाकिस्तान पर हो और बीमार कोई हिन्दुस्तान में हो, ये बात देश के गले नहीं उतरती है लेकिन देश, मैं नहीं मानता इनको भी भूलेगा, ना देश सेना के पराक्रम को भूलेगा और ना ही देश, देश की सेना को ऐसे सवाल पूछने वालों को भी नहीं भूलेगा।

संतोष जी मैं आपका आभारी हूं, और ओडिशा वासियों को मेरा प्रणाम, जय जगन्नाथ।

षणमुखा - आंध्र प्रदेश: भारत माता की जय।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी - भारत माता की जय।
षणमुखा - आंध्र प्रदेश: मैं पिछले बीस वर्षों से सुरक्षाकर्मी का काम कर रहा हूं और मैं चौकीदार होने पर खुद पर गर्व महसूस कर रहा हूं, आप देश के लिए ऐसे काम कर रहे हैं। मेरा अहोभाग्य है कि मुझे आपसे एक प्रश्न करने का मौका मिला है। मेरा प्रश्न है, मैं भी चौकीदार-आप भी चौकीदार, हम भी कड़ी मेहनत करते हैं और आप भी कड़ी मेहनत करते हैं, हम दोनों दिन रात काम करते हैं, मैं ये जानना चाहता हूं इसे लेकर आपको कैसा लगता है?

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी- देखिए सबसे पहले तो आपकी यह बात सुनकर के मुझे इतना आनंद हुआ, जब आपने कहा कि आप भी चौकीदार, मैं भी चौकीदार तो मैं और आप बराबर हैं। जो आप हैं वही मैं हूं, जो मैं हूं वही आप हैं। देश के प्रधानमंत्री और देश के सामान्य नागरिक के बीच जब दूरी मिट जाती है, उससे स्वर्णिम कोई अवसर नहीं होता है। आज मेरे लिए आपके शब्द, एक स्वर्णिम सौगात है और इसलिए मैं इसको कभी-भी भूल नहीं सकता। देखिए काम हमें करना है, जी-जान से करना है और मैं तो मानता हूं इस देश के लिए जो भी जीते हैं, देश की, समाज की भलाई के लिए जो भी काम करते हैं, दूसरे के सपनों को सुरक्षित रखने का काम करते हैं, दूसरे के सपनों को सजाने का काम करते हैं वे सारे चौकीदार हैं। एक शिक्षक, बच्चे के भविष्य को संवारता है वो सबसे बड़ा चौकीदार है, एक डॉक्टर किसी बीमार की जिंदगी बचा लेता है वो भी सबसे बड़ा चौकीदार है। एक सेना का जवान पूरी भारत माता की रक्षा करता है वो भी बड़ा चौकीदार है तो जैसे आप अपनी चौकीदारी की जिम्मेदारी को चौकन्नी परिस्थिति में निभाते रहते हैं, मैं भी अपने आपको एक चौकीदार मानता हूं। हम लोगों का काम भी एक जैसा है आप भी समाज की चौकीदारी कर रहे हो और पीएम को भी अपनी चौकीदारी का जिम्मा सौंपा है और हमें मिलकर ही बाधाओं को चीरते हुए देश को विकास के स्तर पर आगे बढ़ाना है। आज जब मुझे देश भर के लाखों चौकीदारों से संवाद करने का अवसर मिला है तो मैं आपको बताना चाहता हूं कि हमारी सरकार ने गरीबों के कल्याण के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखी है। गरीबों का जीवन बेहतर हो परिवारों में खुशहाली आए, इसके लिए हमने कई कदम उठाए हैं, लगातार इस दिशा में काम कर रहे हैं। कुछ दिन पहले की स्थिति को याद कीजिए। जब एक गरीब परिवार बीमारी के समय ही इलाज के खर्च के बारे में सोच कर ही भयभीत हो जाता था वो आज पूरे स्वाभिमान के साथ अस्पताल जा कर अपना इलाज करवा रहा है।

आयुष्मान भारत से इस योजना ने देश के 50 करोड़ लोगों को बीमारी से लड़ने की एक नई हिम्मत दी है, बीमारी से मुक्ति का सपना वो देखने लगा है और यही तो एक चौकीदार का काम है, अब गरीबों को किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना पड़ेगा। इसके लिए हाल ही में हमने प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन पेंशन स्कीम भी शुरू की है। इससे करोड़ों गरीबों को सम्मान का जीवन जीने का अवसर मिला है। देश के गरीब किसानों के लिए हमने आर्थिक मदद की ऐतिहासिक पहल की है, इससे किसानों को खाद, बीज, कीटनाशक और दूसरी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। इसके अलावा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन-ज्योति बीमा योजना ने गरीब परिवारों में नया विश्वास और भरोसा कायम किया है। पहले की सरकारें मानती थीं कि आखिर गरीबों को बैंक से क्या लेना-देना, लेकिन जन-धन योजना की सफलता ने इस हौसले को पैदा किया कि अब गरीब भी अपनी गरीबी से बाहर निकलने को तत्पर है और वह सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर के चल पा रहे हैं। आज मैं आपको पूरी ईमानदारी के साथ कहना चाहूंगा कि आप आश्वस्त रहिए, 5 साल में हमने इतने कदम उठाए हैं कि आज विकास का सूरज उग चुका है और गरीबी के अस्त होने तक हम चैन से नहीं बैठेंगे, चौकीदार चैन से नहीं बैठेगा। आने वाले दिनों में इसके लिए हम मेहनत की पराकाष्ठा करेंगे, जी-तोड़ परिश्रम करेंगे। मेरा काम भी आप लोगों की तरह 24 घंटे चौकन्ना रहने का है। अब जैसे भ्रष्टाचारी और बिचौलिए देश की व्यवस्था पर हमला करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। जरा भी नजर हटी या ढील दी तो मौके का लाभ उठाते हैं।

इस देश का चौकीदार चौकन्ना रहेगा तो ऐसे लोगों पर लगाम लग जाती है और इसलिए 2014 से पहले और 2014 के बाद, अंतर चौकीदारी का ही आया है वरना दफ्तर तो वही है, व्यवस्था भी वही है। दफ्तर वही, अफसर वही, साजो-सामान भी वही, तब स्थिति ये थी कि बिचौलिए, गड़बड़ करने वाले, घोटालेबाज कहां-कहां पहुंच जाते थे तब अगर चौकीदार को सम्मान दिया होता, चौकीदार को मान दिया होता, लाखों-करोड़ों का नुकसान देश का नहीं हुआ होता। देश का पैसा, देश के नागरिकों के काम आया होता।

सुरक्षा के क्षेत्र में जुड़े हुए मेरे प्यारे चौकीदार साथियो, एक चौकीदार को आज होली के पावन पर्व पर बात करने का मौका मिला लेकिन मैंने देखा कि आपकी बातों में मेरे प्रति प्रेम भी है, अपने कार्य के प्रति निष्ठा भी है लेकिन एक गहरा दर्द भी है। आपके दिल में ये बार-बार चौकीदार को चोट पहुंचा कर के, चौकीदार को चोर कह कर के जिस प्रकार से आप को अपमानित किया गया है, उसका दर्द आपके दिल में है लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूं। मैंने अपने जीवन में एक मंत्र बना लिया है, मैं हर गाली को गहना बना लेता हूं गाली को ही गहना बना कर के मैं गर्व के साथ पूरी निष्ठा और सामयिकता से आगे बढ़ता हूं।

मेरे चौकीदार साथियो, कोई कितना ही हमें चोर कह कर के चिल्लाएं, हमें डरने की जरूरत नहीं है, हम भी गाली को गहने बना देंगे और सम्मान के साथ जीवन जिएं। यही मेरी आप सब से प्रार्थना है। मैं फिर एक बार होली के पावन पर्व की शुभकामनाएं देता हूं और सवा सौ करोड़ देशवासी चौकीदारी निभाएं, चौकीदारी का काम करें, देश की प्रगति को कोई रोक नहीं पाएगा। सामान्य नागरिक के हितों की रक्षाओं को कोई नहीं रोक पाएगा।

इसी विश्वास के साथ आइए, मैं विदाई लेता हूं, बहुत-बहुत धन्यवाद आप सबका, धन्यवाद।

ଦାନ
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PM’s Meeting with Mr. Tony Abbott, Former Prime Minister of Australia
November 20, 2019
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Prime Minister Shri Narendra Modi met Mr Tony Abbott, Former Prime Minister of Australia today.

The Prime Minister conveyed his condolences on the loss of life and property in the recent bushfires along the eastern coast of Australia.

The Prime Minister expressed happiness at the visit of Mr. Tony Abbott to India, including to the Golden Temple on the 550th year of Guru Nanak Dev Ji’s Prakash Parv.

The Prime Minister fondly recalled his visit to Australia in November 2014 for G-20 Summit in Brisbane, productive bilateral engagements in Canberra, Sydney and Melbourne and his address to the Joint Session of the Australian Parliament.

The Prime Minister also warmly acknowledged the role of Mr. Tony Abbott in strengthening India-Australia relations.