A well organised and highly attended event,
As
hadhi Bij Mahotsav is celebrated as New Year of Kutchchi people. Chief Minister Shri Narendrabhai Modi shared the glory of celebrations. Addressing the concluding session of celebrations, he said, “Kutchcha is going to emerge as a solar energy hub of state. New era of solar energy has begun. Kutchcha is also witnessing a development tide in the recent time. Soon it would find a new identity by carving out a development niche for itself.”
Vishva Kutchchi Ashadhi-Bij Mahotsav Samitee has been celebrating the festival since last ten days.

When the
Badshah of Sindh attacked Kutchcha in 1762, around one lakh ‘Kutchci-Madus' gave supreme sacrifice, they had laid down their lives safeguarding our motherland. In the fond memory of martyrs, people gather at the memorial to pay tributes to the martyrs
. On the occasion, Chief Minister invited family members and heirs of the martyrs, and also the martyrs of first battle for freedom -1857 -to honour them.

On the
Veer-Bhoomi, people of Kutchcha, belonging to all the communities had displayed admirable strength of unity. They gave supreme sacrifices for cause of motherland.

Shri Narendrabhai Modi dedicated 71 check-dams. On the occasion, Chief Minister enumerated sacrifices of great leaders and freedom fighters. Freedom fighters gave everything they had; they laid down their lives to attain freedom, during freedom struggle from 1857 to 1947. People of Kutchcha are very dynamic. They can contribute a lot in nation building and in its development, added C.M.

Cultural identity and spirit of Kutchcha is really admirable. To avoid distressed migration, State government has taken concrete measures. State has involved people of the region, residing any part of the world to join hands with government in its development initiatives. Chief Minister presented the theme of development.

In ancient age, Kutchcha used to enjoy eminence in agriculture, commerce and ports. Chief Minister stressed that we should not disown our historic legacy and cultural roots. He had also highlighted the development taking place in the region. Farmers have adopted drip irrigation methods. Since 2002, Gujarat has been No-1 in agricultural with consistent growth rate of 9.6% per annum. We have created history in water conservation, by launching a drive for blue revolution, constructing number of check-dams.

C.M.awarded prizes to the winners of the programme.

Finance Minister of Madhya Pradesh government and son of Kutchchi soil, Shri Raghavjibhai Savala, First Woman pilot Pujaben Aahir, Shri Vijaybhai Chheda of Sarvoday Trust-Bidada- Vinishbhai Soni- Prabhaben Popat-Rameshbhai Daru- Dilavarsinh Rathod, Muljibhai Pindoriya of Hindu Council-Kenya, Haji Sale Mohammad, Arjanbhai Vekariya, and family members who took part in 1857 freedom struggle were honoured by Chief Minister. Heir of Bahadurshah Jafar, Ashrafkhan Ullaskhan of Navabshana family, Hargovind Dhingara of Madanlal Dhingara family, Member of Nana Saheb Peshwa family, Arunaji Zansivala from Rani Lakshmibai family, Himali Savarkar from Shahid Savarkar family, Yadavendrasinh from Bhagatsinh family, Mahendrasinh Tiwari, Thakur Hargovindsinhaji from Nara, Punjaji Thakor, Lodhiajee from Mohammad Lodhiajee family, Satyandresinhji –Vinzan Jagirdar are among those who were felicitated by C.M.

Minister Shri Narottambhai Patel, Minister of State Shri Vasanbhai Aahir, M.P. Punamben Jat, Former M.P. P.S.Gadhvi, and MLA s were among the others who attended the ceremony. Chairman celebration committee Shri Anantbhai Dave felicitated the Chief Minister. MLA Shri Jentibhai Bhanushali delivered welcome address. Taluka Panchayat President, Anitaben Shah proposed vote of thanks. President- District BJP, Shri Tarachandbhai Chheda presented a memento to the Chief Minister.

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Text of PM’s address at the launch of various projects in Sindri, Jharkhand
March 01, 2024
Dedicates to nation the Hindustan Urvarak & Rasayan Ltd (HURL) Sindri Fertiliser Plant
Lays foundation stone and dedicates to nation and for several rail projects worth more than Rs 17,600 crore in Jharkhand
Flags off three trains namely Deoghar – Dibrugarh train service, MEMU Train Service between Tatanagar and Badampahar (Daily) and long-haul freight train from Shivpur station
Dedicates to nation Unit 1 (660 MW) of North Karanpura Super Thermal Power Project (STPP), Chatra
Dedicate projects related to the coal sector in Jharkhand
“Sindri Plant was Modi ki Guarantee and today this guarantee has been fulfilled”
“5 plants revived and being revived will produce 60 lakh metric tonnes of urea rapidly taking India towards aatamnirbharta in this critical area”
“The Government has worked for Jharkhand by prioritizing the development of the tribal community, the poor, the youth and women in the last 10 years”
“Land of Bhagwan Birsa Munda will become the source of energy for the resolutions of Viksit Bharat”

झारखंड के राज्यपाल श्री सीपी राधाकृष्णन जी, मुख्यमंत्री श्री चंपई सोरेन जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगी अर्जुन मुंडा जी, विधानसभा में विपक्ष के नेता, अन्य महानुभाव, और झारखंड के भाइयों और बहनों, जोहार ! आज झारखंड को 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का उपहार मिला है। मैं अपने किसान भाइयों को, मेरे आदिवासी समाज के लोगों को और झाऱखंड की जनता को इन योजनाओं के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हू

साथियों,

आज यहां सिंदरी उर्वरक कारखाने का लोकार्पण किया गया है। मैंने संकल्प लिया था कि सिंदरी के इस खाद कारखाने को जरूर शुरू करवाउंगा। ये मोदी की गारंटी थी और आज ये गारंटी पूरी हुई है। मैं 2018 में इस फर्टिलाइजर प्लांट का शिलान्यास करने आया था। आज सिर्फ सिंदरी कारखाने की ही शुरुआत नहीं हुई है बल्कि मेरे देश के, मेरे झारखंड के नौजवानों के लिए रोजगार के हजारों नए अवसरों की शुरुआत हुई है। इस खाद कारखाने के लोकार्पण के साथ ही आज भारत ने आत्मनिर्भरता की ओर भी एक बड़ा कदम उठाया है। हर वर्ष भारत में करीब-करीब 360 लाख मीट्रिक टन यूरिया की जरूरत होती है। 2014 में जब हमारी सरकार बनी तो उस समय देश में 225 लाख मीट्रिक टन यूरिया का ही उत्पादन होता था। इस बड़े गैप को भरने के लिए भारत में बड़ी मात्रा में यूरिया का आयात करना पड़ता था। इसलिए हमने संकल्प लिया कि देश को यूरिया के मामले में आत्मनिर्भर बनाएंगे। हमारी सरकार के प्रयासों से बीते 10 वर्षों में यूरिया का उत्पादन बढ़कर 310 लाख मीट्रिक टन हो गया है। बीते 10 वर्षों में हमारी सरकार ने रामागुंडम, गोरखपुर, बरौनी, इन फर्टिलाइजर प्लांट फिर से शुरू करवाए। अब आज इसमें सिंदरी का नाम भी जुड़ गया है। तालचेर फर्टिलाइजर प्लांट भी अगले एक डेढ़ साल में शुरू होने जा रहा है। और मुझे पक्का भरोसा है, देश की जनता पर भरोसा है, कि उसके उद्घाटन के लिए भी मैं जरूर पहुंचुंगा। इन पांचो प्लांट से भारत 60 लाख मीट्रिक टन से भी ज्यादा यूरिया का उत्पादन कर पाएगा। यानि भारत तेजी से यूरिया के मामले में आत्मनिर्भर होने की तरफ बढ़ रहा है। इससे ना सिर्फ विदेशी मुद्रा की बचत होगी बल्कि वो पैसा किसानों के हित में खर्च हो होगा।

साथियों,

आज का दिन झारखंड में रेल क्रांति का एक नया अध्याय भी लिख रहा है। नई रेलवे लाइन की शुरुआत से लेकर मौजूदा रेलवे लाइन के दोहरीकरण और कई अन्य प्रोजेक्ट्स आज यहां शुरू हुए हैं। धनबाद-चन्द्रपुरा रेल लाइन का शिलान्यास होने से इन क्षेत्रों में भूमिगत आग से सुरक्षित एक नया रूट उपलब्ध होगा। इसके अलावा देवघर-डिब्रूगढ़ ट्रेन के शुरू होने से बाबा वैद्यनाथ का मंदिर और माता कामाख्या की शक्तिपीठ एक साथ जुड़ जाएगी। कुछ दिन पहले ही मैंने वाराणसी में वाराणसी-कोलकाता रांची एक्सप्रेसवे की आधारशिला रखी है। ये एक्सप्रेसवे चतरा, हजारीबाग, रामगढ़ और बोकारो समेत पूरे झारखंड में आने-जाने की स्पीड को कई गुना बढ़ाने वाला है। इसके अलावा हमारे किसान भाई-बहनों को चाहे फसल की बात हो, हमारे खाद्यानों में कोयले की बात हो कोयला, हमारे कारखानों में सीमेंट जैसे उत्पाद हों, पूर्वी भारत से देश के हर कोने में भेजने में बड़ी सहूलियत भी होने वाली है। इन प्रोजेक्ट से झारखंड की रीजनल कनेक्टिविटी और बेहतर होगी, यहां के आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

साथियों,

बीते 10 वर्षों में हमने जनजातीय समाज, गरीबों, युवाओं और महिलाओं को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाकर झारखंड के लिए काम किया है।

साथियों,

हमें 2047 से पहले अपने देश को विकसित बनाना है। आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था वाले देशों में है। आपने देखा होगा कल ही अर्थव्यवस्था के जो आंकड़े आए हैं, वो बहुत ही उत्साह से भरने वाले हैं। भारत ने सारे अनुमानों से और बेहतर प्रदर्शन करते हुए अक्टूबर से दिसंबर के क्वार्टर में 8.4 प्रतिशत की विकास दर हासिल करके दिखाई है। ये दिखाता है कि भारत का सामर्थ्य कितनी तेजी से बढ़ रहा है। इसी गति से आगे बढ़ते हुए ही हमारा देश विकसित बनेगा। और विकसित भारत के लिए झारखंड को भी विकसित बनाना उतना ही जरूरी है। केंद्र सरकार इस दिशा में हर तरह से झारखंड को सहयोग कर रही है। मुझे विश्वास है कि भगवान बिरसा मुंडा की यह धरती, विकसित भारत के संकल्पों की ऊर्जा शक्ति बनेगी।

साथियों,

यहां मैं अपनी बात बहुत कम शब्दों में रखकर के आपका धन्यवाद करके अब जाऊंगा धनबाद तो वहां मैदान भी जरा खुला होगा, माहौल भी बड़ा गर्मागरम होगा, सपने भी मजबूत होंगे, संकल्प भी तगड़े होंगे, और इसलिए मैं जल्द से जल्द आधे घंटे के भीतर-भीतर जाकर के वहां से झारखंड को और देश को अनेकों और बातें भी बताऊंगा। एक बार फिर आज की सभी योजनाओं के लिए आप सभी को मेरी ढेर सारी शुभकामनाएं। बहुत बहुत धन्यवाद। जोहार।