MP Government charts a promising future for the state as it is focused on self-reliance, youth and women empowerment, and holistic development: PM Modi
The BJP’s manifesto is dedicated to strengthening every individual in the family, ensuring inclusive development: PM Modi in MP
Congress has always overlooked and never cared about the tribal community, whereas BJP worked to enhance the dignity of the tribal community: PM Modi in MP
‘Congress Aayi, Tabaahi Laayi’ says PM Modi, contrasting the BJP’s commitment to delivering promises with unfulfilled assurances by Congress

भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की...

नर्मदा मात की... हर हर.....नर्मदे! मां बिजासन देवी की.... जय! नागलवाड़ी के भीलट देव बाबा की...जय ! बावन गजा प्रसिद्ध जैन देव स्थान को भी मैं श्रद्धापूर्वक प्रणाम करता हूं। मारा गांव-गांव सी,
पहाड़ जंगल सी आय रिया, आखा आदिवासी भायसो ऐने बहनसो, काजे राम-राम आने जिंदाबाद !

साथियों,
आज बडवानी आया हूं तो मैं सबसे पहले मध्य प्रदेश भाजपा को बधाई देना चाहता हूं। एमपी भाजपा ने जो संकल्प पत्र जारी किया है, वो मध्य प्रदेश को नई ऊंचाई पर ले जाने वाला है। बीजेपी का संकल्प पत्र मध्य प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने वाला है। आप सबसे मेरी प्रार्थना है। इतनी बड़ी तादाद में आप का यहां आना, मेरे आदिवासी भाई बहनों का आना और उनका आशीर्वाद पाना, इससे बड़ा कोई सौभाग्य नहीं होता है। लेकिन मेरी नौजवानों से प्रार्थना है। आप जहां हैं वहीं रहिये। कोई जगह ही नहीं कहां जाओगे। आप आगे आने की कोशिश मत करो, भाई। अरे, आप को सुनन है। ये मीडिया के लोगों को उनका काम करने दीजिये, उनको आप बिठाने के चक्कर में मत पड़िए। मीडिया वाले अपनी दुनिया में मस्त रहते हैं, उनको रहने दीजिए। अब ये मोबाइल वाले मीडिया वाले नीचे आओगे तो अच्छा रहेगा। आप नीचे आइए दोनों महापुरुष। यहां मीडिया के लोग बहुत अच्छे है वरना वे तो मानते ही नहीं है। आप लोग तो मानते है। भाई, उधर वो कैमरा जब आता है तो आपको उछलने की जरूरत नहीं है। वो पीछे देख रहा है आपकी तरफ नहीं देख रहा है। बोलिये भारत माता की... भारत माता की... मैं आप सबको बता रहा था। बीजेपी का संकल्प पत्र। युवाओं, महिलाओं को और सशक्त बनाने वाला है। बीजेपी का संकल्प पत्र आदिवासियों, पिछड़ों। दलितों गरीबों को नया संबल देने वाला है। बीजेपी का संकल्प पत्र मेरे परिवार के आप सभी लोगों को मजबूत जिंदगी देने वाला है। और ये भाजपा का ट्रैक रिकॉर्ड है कि भाजपा जो कहती है वो करके दिखाती है। आप से किए हर वादे, ये मेरे शब्द लिख लीजिए, आप से किए हर वादे पूरे होंगे, यह मोदी की गारंटी है।

साथियों,
आज से दो दिन बाद। यानी 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा का जन्मदिवस है। ये भाजपा सरकार का गौरव हैं कि इस पुण्य दिन को हमें जनजातीय गौरव दिवस के रूप में घोषित करने का अवसर मिला। सैकड़ों वर्षों से हमारे आदिवासी समाज ने भारत को कैसे सशक्त बनाया, भारत की संस्कृति को कैसे संरक्षित और समृद्ध किया। आजादी के आंदोलन आदिवासी वीर वीरांगनाओं और सेनानियों का कितना बड़ा योगदान रहा। जनजातीय गौरव दिवस इसे याद करने का बहुत बड़ा दिन बन चुका। जिस आदिवासी समाज को कांग्रेस ने हमेशा नज़रअंदाज किया, जिस आदिवासी समाज की कांग्रेस ने कभी परवाह नहीं की उस आदिवासी समाज का गौरव बढ़ाने का सामाजिक न्याय दिलाने का काम भाजपा ने किया है। और ये मेरा एक और सौभाग्य है कि परसों मैं झारखंड में भगवान बिरसा मुंडा के गांव जा रहा हूं। वहां से पूरे देश के आदिवासी समाज के लिए बहुत बड़ी योजना की शुरुआत होने वाली है। भारत के इतिहास में आदिवासी योगदान को बड़वानी से बेहतर मालवा-निमाड़ से बेहतर और कौन जान सकता है? ये भूमि, जनजातीय महापुरुष भीमा नायक, खज्या नायक और टंटया मामा की प्रेरणा स्थली रही है। मैं इस भूमि को नमन करता हूं। आप सभी को भी, इतनी तादाद में आशीर्वाद देने आए हैं, मैं सर झुकाकर आपको भी प्रणाम करता हूँ।

मेरे परिवारजनों,
मध्य प्रदेश के ये चुनाव, सिर्फ भाजपा और कांग्रेस के बीच के नहीं हैं। ये चुनाव, मध्य प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य को तय करने वाले चुनाव हैं। कांग्रेस के नेता हैं, जो एमपी को अंधेरे कुएं में धकेलने के जिम्मेदार हैं, वहीं दूसरी तरफ भाजपा है, जो एमपी को अंधकार से बाहर निकालकर लाई है। एक तरफ कांग्रेस है, जो सिर्फ और सिर्फ अपनी खाली तिजोरी को भरने के लिए मध्य प्रदेश में अपना कब्जा जमाना चाहती है। आप छत्तीसगढ़ और राजस्थान में देखिए, कैसे कांग्रेस की काली कमाई से कमाए गए नोटों के ढेर निकल रहे हैं। देखते हैं ना टीवी में नोटों के ढेर। ये क्या मेहनत की कमाई है क्या? ये ईमान की कमाई है क्या? गद्दे के नीचे छिपा ना क्यों पड़ता है भाई? ये चोरी का माल है कि नहीं है? ये मोदी उसको पकड़ता है, सही करता है, गलत करता है? पकड़ना चाहिए कि नहीं पकड़ना चाहिए? और इसीलिए आप इतना प्यार करते हैं और वो उतनी गाली देते है। लेकिन, वो कितनी ही गालियां दे दे? आपका प्यार उनकी गालियों को चूर-चूर कर देता है। एक तरफ कांग्रेस का ये चरित्र है, दूसरी तरफ भाजपा है। जो सेवा के संकल्प को राष्ट्र प्रथम के अपने मिशन को आगे बढ़ाना चाहती है। देखिये हमारी प्राथमिकता देखिये, इतना बड़ा चुनाव चल रहा है। अनेक जगह पर मुझे जाना है। लेकिन कल दिवाली मनाने के लिए मैं कहाँ चला गया? सीमा पर देश के जवानों के पास। इतनी बड़ी चुनाव के आखिरी दिन है, लेकिन दो दिन के बाद कहां जा रहा हूं? झारखंड में भगवान बिरसा मुंडा के गांव में मत्था टेकने के लिए जा रहा हूं। ये हमारी प्राथमिकताएं देखिए। आज आप देख रहे है आज भारत को विश्व पटल पर नई बुलंदी मिली है। आज दुनिया में भारत का जय जयकार हो रह है कि नहीं हो रहा है? आज चारों तरफ भारत की वाहवाही है कि नहीं है? अमेरिका में भारत की वाहवाही हो रही है कि नहीं हो रही है? जर्मनी में भी हो रही है कि नहीं हो रही है? कनाडा में भी हो रही है कि नहीं हो रही है? कहीं पर भी जाइये, आज हिंदुस्तान का जय जयकार हो रहा है कि नहीं हो रहा है? किसके कारण? किसके कारण? ये जय जयकार किसके कारण हो रहा है? ये मोदी के कारण नहीं हो रहा है। ये आपके एक वोट के कारण हो रहा है। आपने वोट देकर मोदी को मजबूत बनाया, देश की सरकार मजबूत बनाई। आज जब मोदी दुनिया के किसी बड़े-बड़े दिग्गज को मिलता है ना। ये वो हाथ मिलाता है ना? मोदी अकेला नहीं होता है, 140 करोड़ देशवासी मेरे साथ खड़े होते हैं। 140 करोड़ देशवासी मेरे साथ खड़े होते हैं और तब जाकर के दुनिया में जय जयकार होता है। हमारा मध्य प्रदेश का भी जय जयकार होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए? पूरे हिंदुस्तान में मध्य प्रदेश का जय जयकार होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए? पूरे हिंदुस्तान में मध्य प्रदेश का माथा ऊंचा होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए? आपका वोट ये कर सकता है करोगे? करोगे, आप मुझे मजबूत बना दीजिए मध्यप्रदेश मजबूत बन जाएगा। भारतीय जनता पार्टी भारत को विकसित बनाने के संकल्प के साथ निकली है और विकसित भारत का ये संकल्प एमपी के विकसित भविष्य से ही जुड़ा है। इसलिए, आज पूरा मध्य प्रदेश एक स्वर में कह रहा है। गांव गांव से एक ही स्वर है फिर एक बार... फिर एक बार... फिर एक बार भाजपा सरकार... फिर एक बार... फिर एक बार... ।

मेरे परिवारजनों,
आजकल एमपी में एक और नारा गूंज रहा है। और ये नारा लोगों के दिलों से निकला है, दशकों के अनुभव से निकला है। आंखो से जो देखा उससे ये नारा निकला है। और क्या नारा चल रहा है? सुन लीजिए... ये नारा ये चल रहा है... कांग्रेस आई तबाही लाई। कांग्रेस आई... कांग्रेस आई... कांग्रेस आई... और मध्यप्रदेश ने तो इसको भुगता है। बीते वर्षों के अनुभव कहते हैं कि जहाँ जहाँ से कांग्रेस साफ हुई है, वहाँ खुशहाली आई है। और जहां-जहां कांग्रेस की फिर सरकार आई है वहाँ समृद्ध से समृद्ध राज़ भी संकटों में घिर गए हैं। कांग्रेस ने हिमाचल के किसानों को, वहाँ की माताओं बहनों को, वहाँ के कर्मचारियों को, चाँद तारे तोड़कर लाने का वादा किया था। वहां कांग्रेस सरकार बनी, ऐसे झूठे लॉलीपॉप पकड़ा-पकड़ा के? खेल तो कर लिया। और आज स्थिति ये है कि वहाँ पेट्रोल डीजल महंगा कर दिया। किसानों को अपनी सेब की उपज पानी में बहानी पड़ी भगानी पड़ी। कांग्रेस से वहाँ कर्मचारियों और युवाओं के लिए बड़े बड़े वादे किए थे। कर्मचारियों को भी वहाँ कांग्रेस ने सिर्फ धोखा ही दिया धोखा। साथियों यही स्थिति देश के समृद्ध राज्य जैसे कर्नाटक को भी करके रखी हुई है। कांग्रेस सरकार बनते ही उन्होंने रातोंरात बिजली महंगी कर दी। बच्चों को जो दूध मिलता था वो दूध महंगा कर दिया। इससे सामान्य परिवार, किसान और छोटे बड़े सब परेशान ही परेशान है। कर्नाटक में विकास ठप हो गया है। ऐसी बर्बादी अगर समृद्ध कर्नाटक में कांग्रेस ला सकती है तो सोचिए यह हमारे मध्य प्रदेश का हाल क्या करेंगे? अभी तो जैसे-तैसे कुर्सी पाने के लिए कांग्रेस मध्य प्रदेश के लोगों को सोने का महल बनाने का भी वादा कर सकती है। अब ये सोना कौन सा लाएंगे? आलू वाला? कोई भरोसा नहीं, सोने का महल नहीं है और फिर कहेंगे आलू से सोना निकालूंगा तब बनाऊंगा। लेकिन सत्ता मिलते ही कांग्रेस आप को भूलकर, लूट का कारोबार शुरू कर देगा। इसलिए मध्य प्रदेश के लोगों को, नौजवानों को, पहली बार बूट डालने जा रहे युवाओं को बहुत सतर्क रहने की जरूरत है।

मेरे परिवारजनों,
कांग्रेस की एक और पहचान है जो यहां के युवाओं को समझना बहुत जरूरी है। जहां-जहां कांग्रेस आती है वहां अपराध चरम पर पहुंच जाते हैं। कांग्रेस सरकार में दंगे फसाद आम हो जाते हैं। कांग्रेस सरकार में बहनों, बेटियों के साथ अत्याचार चरम पर पहुंच जाता है। लोगों के लिए अपने तीज त्योहार मनाना तक मुश्किल हो जाता। आप पड़ोस में राजस्थान में देखिए बीते पांच वर्षों में क्या-क्या नहीं हुआ? क्या हम कल्पना भी कर सकते थे? कि भारत में हम कभी सर तन से जुड़ा.. ऐसे नारे सुनेंगे। लेकिन कांग्रेस के कुशासन में वीरधरा राजस्थान में कैमरा के सामने हुआ।

मेरे परिवारजनों,
हमें राजस्थान तो बचाना ही बचाना है, लेकिन मध्य प्रदेश को किसी भी हालत में ये बर्बादी की तरफ जाने नहीं देना है। कांग्रेस की बातों और कांग्रेस के वादों पर आज। देश बिल्कुल परोसा नहीं कर रहा है। इसका कारण है, इनका ट्रैक रिकॉर्ड। कांग्रेस ने 60 साल तक पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक उन्हीं की सरकार चलती थी, उन्हीं का झंडा था। लेकिन इस दौरान कांग्रेस ने आदिवासियों को न विकास दिया। और नहीं मान सम्मान दिया। जब केंद्र में भाजपा की सरकार बनी। तो पहली बार मेरे आदिवासी भाई बहनों को वो सम्मान मिलना शुरू हुआ, जिसके वह हकदार है। आप मुझे बताइये भाई, क्या ये आदिवासी समाज मोदी प्रधानमंत्री बना, उसके बाद पैदा हुआ है क्या? ज़रा जवाब दो। क्या मोदी आया उसके बाद आदिवासी समाज पैदा हुआ है क्या? क्या आदिवासी समाज देश आजाद हुआ तब था कि नहीं था। ज़रा आप सब मिलकर जवाब दीजिए। आदिवासी समाज जब देश आजाद हुआ तब था कि नहीं था? आदिवासी समाज जब भगवान रामचंद्र थे तब था कि नहीं था? लेकिन कांग्रेस वालों को पता ही नहीं था। जो आपको पता है वो कांग्रेस वालों को नहीं था। आप कल्पना कीजिए आजादी के बाद देश में आदिवासी समाज के लिए अलग मंत्रालय ही नहीं था। अलग बजट नहीं था, अलग व्यवस्था नहीं थी। सालों-साल कितने ही प्रधानमंत्री आके गए, बस चलता रहा। ये अटल बिहारी वाजपेयी जी जब आए, उनकी सरकार बनी तब देश में पहली बार आदिवासी समाज के कल्याण के लिए अलग मंत्रालय बनाया, अलग बजट दिया। क्या ऐसी कांग्रेस को माफ कर सकते हो क्या? ऐसी कांग्रेस को बात कर सकते हो क्या? सड़क, बिजली, पानी ये सब सुविधाएं आदिवासी गांवों में अब भाजपा सरकार पहुंचा रही है। कांग्रेस जब सत्ता में थी तब आदिवासी मंत्रालय का बजट बहुत ही कम था। आज आदिवासी विकास के लिए भाजपा सरकार का बजट। मेरे पहले 10 साल वो थे ना? उनकी रिमोट सरकार चलती थी। याद है न? उस समय बजट बहुत कम था। लगभग 1,25,000 करोड़ रुपए का आज बजट है। हमने एकलव्य मॉडल स्कूलों की संख्या में पांच गुणा से अधिक बढ़ाई है। हमने लाखों आदिवासी छात्रों को मिलने वाली स्कॉलरशिप में भी बड़ी वृद्धि की है।

साथियों,
भाजपा के डबल इंजन सरकार से एमपी के आदिवासी परिवारों को डबल लाभ हुआ है। देश भर में हमने अपने सेवाकाल में आदिवासी परिवारों को 8 लाख से अधिक पट्टे दिए हैं। यहां भी हजारों परिवारों को पट्टे मिले हैं। यहां पेशा का लाभ भी लाखों लोगों को मिला है। साथियों, देश में कांग्रेस की सरकार जब थी तो भूख से मौतों की खबरें सबसे अधिक आदिवासी क्षेत्रों से ही आती थी। मैंने तय किया कि आदिवासी परिवारों की चिंता हमेशा-हमेशा के लिए दूर होगी। और इसलिए मैंने जब कोरोना का कठिन काल था, चारो तरफ मौत मंडरा रहा था तब मैंने तय किया था किसी गरीब के घर का चूल्हा बूझने नहीं दूंगा। किसी बच्चे को भूखा सोने नहीं दूंगा, किसी मां को आंसू बहाने पड़े, ऐसी नौबत नहीं आने दूंगा और इसलिए मैंने मुफ्त राशन की योजना शुरू की। मुफ्त राशन मिले, आप भी यहां बहुत से लोग होंगे जिनको आज भी मुक्त राशन मिलता होगा। अब ये 3 दिसंबर को समाप्त हो रहा है, लेकिन मेरी आत्मा कहती है। ये तो पुण्य का काम है इसको बंद नहीं कर सकते। और इसलिए, आप मुझे बताइए कि ये कभी गरीब को खाना खिलाएं तो पुण्य का काम मानते हैं कि नहीं मानते है? मानते हैं कि नहीं मानते है? गरीब की सेवा करने से पुण्य मिलता है, ऐसा मानते हैं कि नहीं मानते है? आज पिछले 3 साल से गरीब को मुफ्त में अनाज मिलता है तो उसका पुण्य मिलेगा कि नहीं मिलेगा? ज़रा सब बताइए, पुण्य मिलेगा कि नहीं मिलेगा? आप मुझे बताइए पुण्य किसको मिलेगा? किसको मिलेगा? किसको मिलेगा? किसको मिलेगा? अरे ये पुण्य आपको मिलेगा क्योंकि आपने एक वोट मोदी को दिया उसके कारण मोदी ये गरीबों की सेवा करता है। ये पुण्य के हकदार आप हैं, और इसलिए आगे भी पुण्य मिलता रहे इसलिए मोदी का निश्चय है, मोदी का संकल्प है, कि दिसंबर में ये योजना बंद नहीं करूँगा, 5 साल और बढ़ा दूंगा। यहां एमपी की भाजपा सरकार राशन आप के ग्राम योजना के तहत गांव-गांव राशन पहुंचाने में जुटी है। यहां भाजपा सरकार सैकड़ों आदिवासी युवाओं को हर वर्ष प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ट्रेनिंग देती है। आपने पीएम विश्वकर्मा योजना के बारे में भी जरूर सुना होगा। जो साथी हाथ के शिल्प से जुड़े हैं राजमिस्त्री है, बढ़ई हैं, खिलौने बनाते हैं, टोकड़ियां बनाते हैं, कपड़े सिलते हैं, कपड़े धोते है, ऐसे हर साथी के लिए 13 हजार करोड़ रुपये की योजना हमारी सरकार ने बनाई है।

साथियों,
कांग्रेस सरकार जब थी तब आदिवासी बच्चों का टीकाकरण भी बहुत कम होता था। आज मिशन इंद्रधनुष के तहत टीकाकरण का दायरा बहुत अधिक बढ़ा है। आज पीएम मातृ वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती बेटियों के लिए सीधे उनके खाते में पैसा भेजा जाता है। शिवराज जी की सरकार भी लाडली बहना और लाडली लक्ष्मी योजना के तहत एमपी के लाखों बहनों को मदद दे रहे हैं। आदिवासी परिवार की बहनों को भी विशेष सहायता दी जाती है। ये भी भाजपा सरकार ही है, जिसने पहली बार सिकल सेल बीमारी दूर करने के लिए राष्ट्रीय अभियान शुरू किया है।

मेरे परिवारजनों,
कांग्रेस तो सिर्फ सात-आठ वन उपजों पर समर्थन मूल्य देती थी। आज भाजपा सरकार 90 से अधिक वन उपजों पर एमएसपी देती है। ये भाजपा सरकार है जो वन धन योजना लेकर आई है। आज एम पी की हजारों आदिवासी बहनें इस योजना की मदद से अपनी आय बढ़ा रही है। साथियों, कांग्रेस ने हमेशा किसानों के नाम पर सिर्फ अपने लोगों की तिजोरी भरी है। भाजपा ने कपास हो, गेहूं हो, सोयाबिन हो ऐसी फसलों का एमएसपी भी लागत का दोगुना दिया है। अब भाजपा सरकार मक्का सहित आपके मोटे अनाज को बढ़ावा दे रही है। हम मोटे अनाज को श्री हनन के नाम से दुनिया भर में बाजारों में पहुंचाने वाले है। यहां का अदरक आज वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रॉडक्ट योजना के तहत देश भर में पहुंच रहा है। बड़वानी के मिर्च किसानों को भी सही दाम और सही सम्मान भाजपा ही दे सकती है। मेरे परिवारजनों आजादी से पहले बड़वानी को निमाड़ का पेरिस कहा जाता था। भाजपा सरकार अब इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी को और बढ़ाने के लिए तेजी से काम कर रही है। अगर यहाँ गलती से भी रोड़े अटकाने वाली कांग्रेस को मौका मिला तो ये मुझे, जो दिल्ली से मैं मध्य प्रदेश के लिए काम करना चाहता हूँ, वो यहाँ पर सारे रोड ब्लॉक कर देंगे। मैं भी आपकी सेवा नहीं कर पाऊंगा, इसलिए ऐसे लोगों को बीच में मत आने देना।

मेरे परिवारजनों,
चुनाव का दिन अब ज्यादा दूर नहीं है। मैं जानता हूँ कि मध्यप्रदेश भाजपा का हर कार्यकर्ता, अपने अपने बूथ पर बहुत परिश्रम कर रहा है। भाजपा के हर कार्यकर्ता मेरी ताकत। और मेरा सौभाग्य है कि मुझे किसी समय मध्य प्रदेश में संगठन का काम मिला था। कई वर्षों तक। मैं आपके सभी पूरे क्षेत्र में दौरा करता था। शायद ही कोई तहसील होगा जहां मैं गया नहीं हूं। तो मैं मध्य प्रदेश को भलीभांति परिचित हूं जानता हूं और मैं यहाँ के कार्यकर्ताओं की ताकत को भी जानता हूं। यहाँ की संगठन की शक्ति को भी जानता हूं। कुशाभाऊ ठाकरे जैसे लोगों की तपस्या का परिणाम यहां पर है। और इसलिए मुझे पूरा भरोसा है कि आप मेहनत में कोई कमी नहीं करोगे, लेकिन इस बार मैं कहना चाहता हूँ मेरी बहने भी हर बूथ में आज भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में जब काम कर रही हैं तो मुझे और गर्व होता है। बहनें जीस प्रकार से मैदान में उतरी है, बहनें जीस प्रकार से मेहनत कर रही है, वह हिंदुस्तान की हर पॉलिटिकल पार्टियों को ईर्ष्या आ रही है और इसीलिए कांग्रेस की तो नींद ही उड़ गई। बहनों को देखकर ही डर जाते हैं। उनको तो लगता है कि मोदी की फौज आ गई। कांग्रेस ने खुद को भाग्य के भरोसे छोड़ दिया है, लेकिन आपको पूरी मेहनत करनी है। भले कांग्रेस दिखे ना दिखे, हमें तो घर-घर जाना अपना कर्तव्य है। हर बूथ में कमल खिलाना अपना जिम्मेवारी-है करोगे? घर-घर जाओगे? हर बूथ से कमल निकलेगा? सिर्फ और सिर्फ कमल जीतेगा? एक भी बूथ हारेंगे नहीं? पक्का करेंगे? माता नर्मदा के किनारे पर बैठे हैं। करोगे ना? पक्का करोगे? अच्छा एक मेरा काम करना है, करोगे? क्यों भाई आवाज दब गई? मेरा काम करोगे? ये चुनाव वाला काम नहीं है, मेरा निजी काम है। और आप सबकी मदद मिलेगी तभी पूरा होगा, करोगे? सच्चे मन से करोगे? जी-जान से करोगे? पूरी मेहनत करोगे? ये चुनाव का काम नहीं है तो भी करोगे? मोदी के लिए करोगे? अच्छा तो देखिए काम मैं बताता हूँ बताऊं? ज़रा हाथ ऊपर करके बताओ, बताऊँ? करेंगे ना? ज़रा आपका मोबाइल फ़ोन की लाइट चालू करो, मैं देखूं कि कितने लोग कहते हैं करेंगे। ज़रा मुझे बताइए। आपके मोबाइल फ़ोन के प्लैश लाइक चालू कीजिये? चालू रखिए सबलोग, चालू रखिए, मुझे बताइए आप लोग करेंगे? आप लोग करेंगे? अच्छा मेरी बात सुन लीजिये बराबर, शाबाश, दूर दूर तक लोग दिखाई दे रहे हैं। देखिए काम क्या करना है मैं बताता हूँ। घर घर जाना है, जाओगे? घर-घर जाना है, जाओगे? और जाकर के कहना, आपने मोदी जी बड़वानी आए थे। और मोदी जी ने आपको प्रणाम भेजा है। ये इतनी मेरी बात पहुंचा देंगे? ये सब को बता देंगे? देखिए, आप जब मेरा प्रणाम पहुंचा देंगे ना तो हर कोई मुझे आशीर्वाद देगा। और जब हर परिवार से मुझे आशीर्वाद मिलेगा तो मेरी ताकत बढ़ जाएगी, मेरा काम करने का हौसला मजबूत हो जाएगा। जी-जान से जुटने की ताकत आ जाएगी और ये आपने दिया जला करके आशीर्वाद दिए हैं। मेरे साथ बोलिए... भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की... बहुत बहुत धन्यवाद।

 

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How India is changing the approach from reactive treatment to proactive detection
May 24, 2026

India’s health system is undergoing a stable and decisive transformation under Prime Minister Narendra Modi. For decades, the system was built largely around treatment after illness had already advanced.
Today, it is increasingly structured around prevention, early detection, and timely intervention. This shift matters because India’s heaviest disease burden such as Tuberculiosis, anaemia and other communicable and non communicable diseases , has always fallen on those least able to absorb it, that is, the poor, the undernourished, and those who reach care too late.
Through large-scale screening programmes, nutrition support, and more accessible treatment pathways, the government is ensuring that the disease is detected earlier, treated sooner, and prevented from becoming a greater social and economic burden.

Holistic approach to TB

In 2014, India accounted for more TB cases and deaths than any other country in the world, with an incidence rate of 237 per lakh, with an estimated 15 lakh patients missing entirely from the system. By 2024, that rate had fallen to 187 per lakh.
According to the WHO’s Global Tuberculosis Report 2025, this represents a 21% decline, the steepest among high-burden countries, and nearly double the global average reduction of 12%, with treatment coverage rising from 53% to 92% in the same decade.
What drove this was not only better medicines but mass detection. Under TB Mukt Bharat Abhiyan (2024), 20 crore people were screened, 28 lakh active TB patients were identified, and 9 lakh asymptomatic cases were found who were carrying the disease without knowing it, undetected and untreated. The act of finding them was itself a public health intervention.
This identification led to a better intervention. The BPaLM regimen further reduced drug-resistant TB treatment from 20 months to 6 months, with treatment success rates among MDR-TB patients reaching 87%, as documented in a 2025 Science Direct study on India’s TB Elimination Programme.
Yet the clinical evidence is emphatic about one point: medicines alone are not sufficient. A 2025 study published in PLOS Global Public Health by Cornell University found that TB patients carry a “metabolic scar” with disrupted metabolic patterns persisting after the infection clears and that nutritional care must be integral to TB management, not supplementary.
Under PM Modi’s initiative, Ni-Kshay Poshan Yojana operationalises this challenge directly. The government doubled the monthly nutritional support for TB patients from Rs. 500 to Rs. 1,000, disbursing nearly Rs. 4,500 crores to 1.38 crore patients through Direct Benefit Transfer since 2018.
These interventions resulted in over 46 thousand Gram Panchayats being certified TB-free, a community-level confirmation that a combined medical and nutritional approach is producing results beyond facility walls.

Anaemia

Anaemia presents a different scale of burden. NFHS-5 (2019-21) data show that 57% of women aged 15-49, 67% of children under five, 52.2% of pregnant women, and 59.1% of adolescent girls are anaemic.
Its consequences extend far beyond fatigue, presenting as developmental impairment in children, poor pregnancy outcomes, and long-term reductions in cognitive and physical productivity, which are all well-documented downstream effects.
To address this disease burden, the PM Modi government started the Anaemia Mukt Bharat (AMB) programme, which includes deworming and iron-folic acid (IFA) supplements as interventions. And under Pradhan Mantri Poshan Shakti Nirman, fortified rice has been mandated through the PDS, midday meal programmes, and ICDS.
This has shown a profound impact on anaemia reduction. A landmark study published in The Lancet Global Health, conducted across India, found that IFA supplementation cured approximately 85% of children with mild anaemia and 75% with moderate anaemia within 90 days, making combined IFA the most efficient single intervention for India’s profile.
Adding rice fortification addresses what supplementation programmes alone cannot reach, where populations that will not consistently attend health facilities.
A 2024 GiveWell meta-analysis in India, drawing on six controlled trials, found that iron-fortified rice reduced the prevalence of anaemia by 29%.
Together, these measures have shown that sustained intervention against anaemia, focusing on prevention, nutrition, and delivery systems that reach people before the condition becomes severe.

Screening: Prevention as Policy

Non-communicable diseases (NCD) share TB and anaemia’s central problem: they cause the most harm before producing symptoms. In 2025, the Ministry of Health launched an Intensified NCD Screening Campaign to achieve 100% coverage for all individuals aged 30 and above, delivered through nearly 1.85 lakh Ayushman Arogya Mandirs (AAM).
Cumulatively, more than 55.50 crore people have been screened for hypertension, and 48.5 for diabetes, 57.74 crore screened for oral cancer, breast cancer and cervical cancer in AAM reducing the burden of NCDs through early management, reaching nearly 90% of its target by the end of 2025.
Taken together, these initiatives show how, under Prime Minister Modi, India is becoming a healthier nation through a balanced mix of preventive, diagnostic, and curative solutions.
The significance lies not only in the scale of the programmes but also in the way they reach citizens at the community level and change health outcomes before disease becomes irreversible.
The same community infrastructure, through grassroots intervention by ASHA workers, Ayushman Arogya Mandirs, the Ni-Kshay platform, is simultaneously addressing TB, anaemia, and other chronic diseases.
This is the larger reform of the public health system, moving from isolated interventions to a more integrated model of care, steadily strengthening the nation’s health map.