PM Narendra Modi announces various development projects in Arrah, Bihar
PM Narendra Modi announces a package of Rs. 1.25 lakh crore for Bihar
The development projects in Bihar would transform the face of the state: PM
India's East must develop for development of entire Nation: PM Modi
If Bihar requires industry then Bihar also requires power. We have taken up the movement to provide electricity: PM
Welfare of farmers is essential for agriculture to develop: PM Modi

मंच पर विराजमान बिहार प्रदेश के नये राज्‍यपाल श्रीमान रामनाथ कोविन्द जी, राजपाल पद पर धारण करने के बाद आदरणीय रामनाथ जी का पटना के बाहर यह पहला सार्वजनिक कार्यक्रम आरा में हो रहा है। श्रीमानरामनाथ कोविन्द जी जीवनभर दलित, पीडि़त, शोषित, वंचित, उपेक्षित, पिछड़े,अति पिछड़े उनके कल्‍याण के लिए वो अपना जीवन खपा चुके हैं। पूरा जीवन.. समाज कैसे पीडि़तों शोषितों के लिए जिन्‍होंने अपना जीवन खपा दिया ऐसे श्रीमान रामनाथ कोविन्द जी आज राजपाल के रूप में बिहार जनता की सेवा के लिए हमें उपलब्‍ध हुए हैं। मैं सार्वजनिक रूप से आपका हृदय से स्‍वागत करता हूं, आपका अभिनंदन करता हूं।

मंच पर विराजमान मंत्रिपरिषद के मेरे साथी और जिन्‍होंने भारत के कौने-कौने में उत्‍तम से उत्‍तम से रास्‍ते  बनाने का ठान लिया है और नितीन गडकरी  जी वो व्‍यक्ति है जब महाराष्‍ट्र  में सरकार में मंत्री के रूप में बैठे थे, उनकी पहचान बन गई थी flyover minister. पूरे महाराष्‍ट्रमें उन्‍होंने रास्‍तों की ऐसा जाल बिछा दी थी। आधुनिक flyover का concept श्रीमान नीतिन जी लाए थे। आज वे बिहार के कौने-कौने को हिंदुस्‍तान के हर कौने से जोड़ने के लिए रास्‍तों की योजना लेकर के आए हैं।

मंच पर‍ विराजमान मंत्रिपरिषद के मेरे साथी, श्रीमान रामविलास पासवान जी, श्री रविशंकर जी, श्रीमान राधा मोहन सिंह जी, श्रीमान राजीव प्रताप रूढ़ी जी, श्रीमान धर्मेंद प्रधान जी, श्रीमान राजीव रंजन सिंह जी, बिहार सरकार के मंत्री महोदय, श्रीमान राम कृपाल यादव जी, श्रीमान गिरीराजसिंह जी,श्रीमान उपेंद्र कुशवाहा जी, श्रीमान नंद किशोर यादव जी, श्रीमान सुशील कुमार मोदी जी, श्रीमान अश्‍विनी कुमार चौबे जी और आरा के जागृत सांसद मेरे मित्र श्रीमान आर.के. सिंह जी,यहां के विधायम श्रीमान अमेंद्र प्रताप सिंह जी,रउरा सर्व लोके हमार प्रणम लोकसभा चुनाव के बाद हम भोजपुर आएल बानी, बाबू वीर कुंवर सिंह के धरती पर रउरा लोकानके बहुत-बहुत अभिनंदन।

भाईयों और बहनों, आज बहुत ही जल्‍दी सवेरे-सवेरे मैं  दुबई से आया, और  अब आपके पास पहंच गया। मेरे जो कार्यक्रम बनाते हैं, वो मुझे समझा रहे थे कि साहब! इतना जल्‍दी-जल्‍दी  कैसे जाएंगे। पूरी रात प्रवास करके आएंगे और फिर चल पड़ेंगे। हमारे अफसरों को चिंता थी, लेकिन आपने पुकारा और हम चले आए। भाईयों बहनों यह सरकार का कार्यक्रम है और अनेक महत्‍वपूर्ण योजनाओं का आज शिलान्‍यास हो रहा है। अनेक योजनाओं का लोकार्पण हो रहा है।

 भाईयों बहनों skill development की बात हो, महिलाओं के लिए प्रशिक्षण केंद्र की चर्चा हो, या बिहार के कौने-कौने में गांव-गांव तक रास्‍तों की जाल बिछाने का काम हो, आज ऐसे कामों का शिलान्‍यास हो रहा है, जो आने वाले दिनों में बिहार की शक्‍ल-सूरत बदल देंगे, बिहार के भाग्‍य को बदल देंगे औबिहार के नौजवान को एक नया बिहार बनाने की एक अद्भुत क्षमता देंगे, अद्भुत ताकत देंगे।

मेरे मित्र श्रीमान राजीव प्रताप रूढ़ी जी, देश के कोटि-कोटि जवानों को हुनर सिखाने  का पीढ़ा  उठाकर  के चल पढ़े। मैं आज उनको अभिनंदन करता हूं पूरे देश का तो एक खाका बनाया ही है। लेकिन आज उन्‍होंने बिहार में जो इतनी बड़ी तादाद में नौजवान है उनको हुनर कैसे सिखाया जाए,skill development कैसे किया जाए, रोजी-रोटी के लिए सक्षम कैसे बनाया जाए इसका पूरा खाका एक किताब बना करके आपके सामने प्रस्‍तुत कर दिया है।

भाईयों बहनों आने वाले दिनों में skill development किस प्रकार से देश का भाग्‍य बदलने वाला है और दिल्‍ली में जो सरकार है ना वो टुकड़ों में नहीं सोचती है और न ही टुकड़े फैंक करके देश को विकास की नई ऊंचाईयों पर ले जाया जा सकता है। जब तक हम एक comprehensive योजना न बनाए, तब तक परिणाम नहीं मिलता है। घर में भी अगर हम बच्‍चों  को एक दिन कहें कि लो चावल खा लो,दूसरे दिन  कहें कि लो यह नमक-मिर्च खा लो, तीसरे दिन कहें कि यह दाल खा लो, चौ‍थे दिन कहें कि यह चपाती खा लो, हफ्तेभर में सब चीज़ पेट में जाने के बाद भी न खाने का संतोष होता है, न शरीर बनने की संभावना होती है। सारा का सारा बेकार चला  जाता है। लेकिन थोड़ा-थोड़ा क्‍यों न, लेकिन एक ही थाली में परोसा जाए तो बालक कितने प्‍यार से खाता है, कितने चाव से खाता है, शरीर में रक्‍त बनना शुरू होता है, मांस बनना शुरू होता है, हड्डियां मजबूत होना शुरू हो जाता है और इसलिए हम टुकड़ों में काम करना नहीं चाहते। हमने पहले कहा Make in India हमने दुनिया को कहा कि आइए भारत में पूंजी लगाएइये, कारखाने लगाइये, नई-नई चीजें बनाए, दुनियाभर के लोगों को समझाने की कोशिश की और आज मुझे खुशी है कि विश्‍वभर से लोग उत्‍पादन के लिए कारखाने लगाने के लिए भारत में आने के लिए तैयार बैठे हैं, उत्‍सुक बैठे हैं।

कल मैं अमीरात गया था। अबुधाबी से बयान देखा होगा आपने। मैं तो अभी आज अखबार देख नहीं पाया हूं। न टीवी देख पाया हूं, लेकिन आपने देखा होगा कि अबुधाबी की सरकार ने भारत में साढ़े चार लाख करोड़ रुपया की पूंजी लगाने का निर्णय घोषित किया है। भाईयों बहनों कारखाने लगेंगे, लेकिन अगर मेरे नौजवान काskill develop नहीं हुआ होगा, तो ये कारखाने उसके काम कहां से आएंगे? और इसलिए एक तरफ Make in India तो दूसरी तरफ skill development का कार्यक्रम चलाया है। ताकि एक तरफ कारखाने लगें, दूसरी तरफ नौजवान को रोजगार मिले। कोई  कारखाना लगाने के लिए तो आएगा लेकिन बिजली नहीं होगी तो कारखाना लगेगा क्‍या? कारखाना चलेगा क्‍या? कोई रूकेगा क्‍या? अगर बिहार में हमें उद्योग लाना है तो बिहार में बिजली चाहिए कि नहीं चाहिए, बिजली के कारखाने लगने चाहिए कि नहीं चाहिए तो हमने अभियान उठाया है बिजली के कारखाने लगाओ, बिजली पैदा करो, ताकि जब कारखाना तैयार हो जाए, तो बिजली मिल जाए, बिजली मिल जाए तो skill वाला नौजवान मिल  जाए और विकास की दिशा में आगे बढ़े।

भाईयों बहनों अभी 15 अगस्‍त को लाल किले की प्राची से हमने कहा था Start-up India, Stand-up India. अभी हमारे देश में यह शब्‍द ऊपर की सतह पर ही परिचित है। नीचे तक परिचित नहीं है। भाईयों  बहनों हमारे हर गांव  में 5-10 तो ऐसे नौजवान होते हैं कि जो कुछ कर दिखाने  का माद्दारखते हैं, करने  की ताकत रखते हैं लेकिन उनको अवसर नहीं मिलता है। वो भी सोचते हैं कि मैं भी एक छोटा कारखाना क्‍यों न लगाऊं, मैं भी छोटी  फैक्‍ट्री क्‍यों न लगाऊं,भले मेरे फैक्‍ट्री में 10 लोग, 15 लोग, 50 लोग काम नहीं करते  होंगे, दो लोगों को लगाऊंगा लेकिन मैं काम शुरू करना चाहता हूं। इसे start-up कहते हैं हरेक व्‍यक्ति दो-चार लोगों को रोजगार दे सकता है, नई चीजों का निर्माण कर सकता है और अपने इलाके की उपयोगिता को पूरी कर सकता है। हमने आने वाले दिनों में start-up के लिए एक बड़ी योजना पूरे देश में लगाने का निर्णय किया है। लेकिन मैंने पूरे देश में आर्थिक मदद करने वाली बैंकों,financial Institute,हिंदुस्‍तान के नौजवानों को start-up के लिए मदद करे यह तो कहा ही है लेकिन साथ-साथ मैंने एक विशेष बात कही है कि आप हर बैंक में से 50 नौज्‍वानों को दें, 100 नौजवानों को दें 25 नौजवान को दें जो भी कर सकते हैं करें। लेकिन हर बैंक कम से कम अपनी एक बैंक के पैसों से एक दलित पीडि़त को start-up के लिए पैसे दें। उसको उद्योगकार बनाए और मेरा एक दलित मां का बेटा, एक मेरा आदिवासी मां का बेटा अगर छोटा सा भी एक कारखाना लगा देता है। एक-दो लोगों को रोजगार देता है, तो मेरे पिछड़े हुए भाईयों को फिर कभी भी किसी की सूरत देखने के लिए जाना नहीं पड़ेगा। और इसलिए भाईयों-बहनों, सिर्फ Skill Development नहीं, एक सम्‍पूर्ण चक्र उसको ले करके हम काम कर रहे हैं।

आपने देखा होगा आजादी के 60 साल से भी अधिक समय हो गया, 70 साल पर के हम दरवाजे पर दस्‍तक देने वाले हैं। हमने कृषि विकास, ज्‍यादा अन्‍न कैसे पैदा हो, ज्‍यादा अन्‍न कैसे उपजाऊ करें इस विषय की तो चर्चा बहुत की, लेकिन मेरे किसान का हाल क्‍या है इस पर तो कभी सोचा नहीं। कृषि की तो चिन्‍ता की, किसान छूट गया। मुझे बताइए भाईयों-बहनों, किसान का कल्‍याण किए बिना कृषि का कल्‍याण हो सकता है? कृषि के कल्‍याण के बिना किसान का कल्‍याण हो सकता है? दोनों का होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए? आजादी के इतने सालों के बाद पहली बार हमारी सरकार ने फैसला किया है, और ये ही बिहार की धरती के सपूत श्रीमान राधामोहन जी के नेतृत्‍व में हम एक नया अभियान आरंभ करने जा रहे हैं जिसमें कृषि का तो कल्‍याण हो, किसान का भी कल्‍याण हो, और इसलिए कृषि और किसान कल्‍याण इस रूप से अब नया विभाग काम करेगा। मैं मानता हूं देशभर के किसानों के लिए आजादी के बाद इतनी उत्‍तम खबर इसके पहले कभी नहीं आई है।

भाईयों-बहनों, मैं पिछले दिनों बिहार आया था और मैंने कहा था कि बिहार की गिनती BIMARUराज्‍य में होती है, उसको हमने बाहर निकालना है, तो यहां के हमारे मुख्‍यमंत्री जी बहुत नाराज हो गए, उनको बहुत गुस्‍सा आया, ये मोदी होता क्‍या है जो बिहार को BIMARU राज्‍य कहें और उन्‍होंने डंके की चोट पर कहा कि अब बिहार BIMARUराज्‍य नहीं है। मान्‍य मुख्‍यमंत्री जी, आपके मुंह में घी-शक्‍कर, मैं आपकी इस बात को स्‍वीकार करता हूं और अगर बिहार BIMARUसे बाहर आ गया है तो सबसे ज्‍यादा खुशी मुझे होगी, पूरे हिन्‍दुस्‍तान को होगी भाई, और इसलिए मैं फिर एक बार कहता हूं माननीय मुख्‍यमंत्री जी ने जो कहा है कि बिहार BIMARU राज्‍य नहीं है, अब वो BIMARU नहीं रहा है, इस बात का मैं स्‍वागत करता हूं।

मेरे बिहार के भइयों-बहनों, जिसको sharp intellect कहें, तेजस्विता कहें, जितनी शायद ‍बिहार के लोगों में है, और जगह पर उसको खोजना पड़ता है। परमात्‍मा ने आपको ये ताकत दी है। आप विलक्षण हैं तभी तो चाणक्‍य यहां पैदा हुए थे। आप तेजस्‍वी हैं।

भाइयों, बहनों मैं आपसे पूछना चाहता हूं, जिसने पेट भर खाना खाया हो, हर प्रकार की मिठाई मिल गई हो या हर प्रकार की चीजें मिल गई हों, पसन्‍द का हर खाना मिल गया हो, पेट भरा हो, तो कोई खाना मांगने के लिए जाएगा क्‍या? जरा बताइए ना कोई जाएगा क्‍या? अगर आपका पेट भरा है तो खाना मांगेंगे क्‍या? कोई व्‍यक्ति तंदुरूस्‍त है, बीमारी का नामो-निशान नहीं है, बहुत अच्‍छी नींद आती है, बहुत अच्‍छा खाना खाता है, ढेर सारा काम कर सकता है। जो तंदुरूस्‍त है वो कभी डॉक्‍टर के पास जाएगा क्‍या? बीमारी के लिए जाएगा क्‍या? जो बीमार होगा वही डॉक्‍टर के पास जाएगा ना? जो बीमार नहीं है वो कभी डॉक्‍टर के पास नहीं जाएगा ना? नहीं जाएगा ना?

भाईयों-बहनों, मैं हैरान हूं, एक तरफ तो कहते हैं हम BIMARUनहीं हैं दूसरी तरफ कहते हैं हमें ये तो, हमें वो दो, हमें ये चाहिए, हमें वो चाहिए। बिहार की जनता तय करे, बिहार की जनता तय करे।

भाईयों-बहनों, मैं पहले दिन से कह रहा हूं अगर हिन्‍दुस्‍तान को आगे बढ़ना है तो सिर्फ हिन्‍दुस्‍तान के पश्चिमी राज्‍यों के विकास से देश आगे नहीं बढ़ सकता। देश को आगे बढ़ना है, तो हिन्‍दुस्‍तान के पूर्वी इलाकों को आगे बढ़ाना ही होगा। चाहे पूर्वी उत्‍तर प्रदेश हो, चाहे बिहार हो, चाहे पश्चिम बंगाल हो, चाहे आसाम हो, चाहे नॉर्थ-ईस्‍ट हो, चाहे उड़ीसा हो, जब तक इन राज्‍यों का भला नहीं होगा देश का कभी भला नहीं होने वाला।

भाईयों-बहनों, अब तक बिहार को दो पैकेज मिल चुके हैं। ज‍ब बिहार ओर झारखंड अलग हुए, तब अटल बिहारी वाजपेयी जी ने उस विभाजन के कारण, उस विभाजन के कारण जो आवश्‍यकताएं थीं उसको ध्‍यान में रख करके 2003 में दस हजार करोड़ रुपयों का पैकेज दिया था,लेकिन भाईयों-बहनों, बाद में दिल्‍ली में सरकार बदल गई, हालात बदल गए और ये मुझे ऐसा सत्‍य कहना पड़ रहा है, ऐसा कड़वा सत्‍य कहना पड़ रहा है जो बिहार के लोगों को जानना जरूरी है। अटल बिहार वाजपेयी जी ने जो दस हजार करोड़ रुपयों का पैकेज घोषित किया था, 2013 तक दस हजार करोड़ रुपयों का खर्चा भी बिहार नहीं कर पाया था। एक हजार करोड़ रुपया उसमें बच गया था, सिर्फ नौ हजार करोड़ रुपये का खर्चा कर पाए थे। उसके बाद पिछले कुछ समय के पहले बिहार के अंदर एक राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया, क्‍या हुआ उसकी बात मैं कहना नहीं चाहता हूं। उस समय के यहां के मुख्‍यमंत्री इस राजनीतिक तूफान के बाद दिल्‍ली पहुंचे, दिल्‍ली में कौन सी सरकार थी आपको मालूम है, वहां पर बिहार के स्‍वाभिमान को दांव पर लगा दिया गया। राजनीतिक आश्रय के लेने के लिए बिहार के स्‍वाभिमान को छोड़ करके दिल्‍ली दरबार में गए, गिडि़गिड़ाए, इज्‍जत की खातिर कुछ दे दो, दे दो भईया दे दो। दिल्‍ली सरकार ने उस समय बिहार के साथ क्‍या किया वो मैं बताना चाहता हूं, मेरे भाईयों-बहनों। बिहार का स्‍वाभिमान क्‍या होता है, बिहार का आत्‍म-सम्‍मान क्‍या होता है, बिहार का गौरव क्‍या होता है। भाईयों-बहनों, दिल्‍ली सरकार ने उनको खुश रखने के लिए,अपने घर में भी कोई ज्‍यादा रोता है तो चॉकलेट दे देते हैं, बिस्किट दे देते हैं और वो भी जाकर के कह जाता है आ.. नहीं-नहीं मुझे चॉकलेट मिल गया, मुझे चॉकलेट मिल गया। दिल्‍ली सरकार ने इतने बड़े बिहार के स्‍वाभिमान के साथ खिलवाड़ किया और क्‍या दिया, सिर्फ 12 हजार करोड़ रुपया। कितना? 12 हजार करोड़ रुपया। उसमें भी एक हजार करोड़ रुपया,जो अटल जी के समय के लटके पड़े थे, वो भी जोड़ दिया। मतलब दिया सिर्फ 11 हजार करोड़। और वो भी दिया नहीं, कागज के पकड़ा दिया गया कि लो।

भाईयों-बहनों, ये हिसाब इस सरकार का कार्यक्रम है, जनता-जनार्दन को देना मेरा दायित्‍व बनता है। मुझे कहना चाहिए कि नहीं कहना चाहिए? आपके हक की बात आपको बतानी चाहिए कि नहीं बतानी चाहिए? सत्‍य लोगों के सामने रखना चाहिए कि नहीं रखना चाहिए? 1 हजार अटल जी वाले 11 उनके, 12 हजार करोड़ की घोषणा हुई और मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है, कि इसमें से अब तक सिर्फ 4 हजार करोड़ रुपया खर्च हुआ। 12 हजार में से कितना? कितना?भाईयों-बहनों, ये 4 हजार में भी 2013 में, 2014 में मामूली खर्चा हुआ। इन 11 हजार करोड़ का खर्चा भी दिल्‍ली में आपने मुझे जिम्‍मेवारी दी, उसके बाद ज्‍यादा खर्चा हुआ, उसके पहले वो भी नहीं हुआ था। और उस समय का भी 8 हजार करोड़ रुपया अभी भी डब्‍बे में पड़ा, बंद पड़ा है जी। मुझे बताइए ये ऐसी कैसी सरकार है?8 हजार करोड़ रुपया अभी भी खर्च नहीं कर पाई है और इसलिए भाईयों-बहनों, अब तक दो पैकेज मिले हैं, एक 10 हजार करोड़ का, एक 12 हजार करोड़ का, और उसको भी खर्च नहीं कर पाए हैं।

लेकिन आज, आज मैं आपको मेरा वायदा निभाने आया हूं। जब मैं लोकसभा के चुनाव में आया था, तब मैंने वायदा किया था कि बिहार को 50 हजार करोड़ रुपये का पैकेज दिया जाएगा। मैं पिछले दिनों बिहार आया, लेकिन मैं अपनी बात बता नहीं पाया था क्‍योंकि पार्लियामेंट चल रही थी। संसद की एक गरिमा होती है। हर सरकार के लिए संसद की गरिमा को बरकरार रखना उसका दायित्‍व होता है और मैंने अपनी वो संवैधानिक जिम्‍मेदारी निभाते हुए चुप रहना पंसद किया था। आया, कुछ बताए बिना चला गया। इसके लिए भी मेरे बाल नोच लिए गए, मेरे बाल नोच लिए गए। यहां तक कह दिया के ये कारण झूठा है, ये जनता की आंख में धूल झोंकने वाली बात है। भाईयों-बहनों, अभी तो चार दिन पहले संसद का सत्र समाप्‍त हुआ है, और आज मैं आरा की धरती से बिहार की जनता को मैं अपना वो वायदा पूरा करने आया हूं।

भाईयों-बहनों, जब मैंने जिम्‍मेवारी ली थी, उसके पहले मैं चुनाव में आया था, दिल्‍ली के कारोबार का मुझे पता नहीं था, बारीकियां मुझे मालूम नहीं थीं, लेकिन मैंने आ करके बारीकियों को देखा। मेरे बिहार का भला करने के लिए क्‍या करना चाहिए, एक-एक चीज को छान मारा और मुझे लगा 50 हजार करोड़ से कुछ नहीं होगा। और आज मेरे बिहार के भाईयों-बहनों, आज मैं आरा की धरती सेभाईयों-बहनों, आज मैं बाबू वीर कुंवर सिंह की पवित्र धरती से, जयप्रकाश नारायण जी के आशीर्वाद से राजनीतिक जीवन के हमने संस्‍कार पाए हैं। उस परिप्रेक्ष्‍य में जब आज में खड़ा हूं तब मैं आज बिहार के पैकेज की घोषणा यही से करना चाहता हूं। करूं, करूं, 50 हजार करूं कि ज्‍यादा करूं, 60 हजार करूं कि ज्‍यादा करूं, 70 हजार करूं कि ज्‍यादा करूं, 75 हजार करूं कि ज्‍यादा करूं 80 हजार करूं कि ज्‍यादा करूं, 90 हजार करूं कि ज्‍यादा करूं। मैरे भाईयों-बहनों मैं आज वादा करता हूं दिल्‍ली सरकार.. कान बराबर ठीक रख करके सुन लीजिए, दिल्‍ली सरकार सवा लाख करोड़ रुपये का पैकेज देगी। सवा लाख करोड़ रुपया बिहार का भाग्‍य बदलने के लिए, सवा लाख करोड़ रुपये मेरे भाईयों-बहनों मैं आपका मिज़ाज देख रहा हूं। हर कोई  खड़ा हो गया है। आप मुझे आशीर्वाद दीजिए, आप मुझे आशीर्वाद दीजिए मेरे भाईयों-बहनों। सवा लाख करोड़ रुपया, बिहार का भाग्‍य बदलने के लिए।

भाईयों-बहनों बात यहीं पर रूकेगी नहीं। मेरे भाईयों-बहनों यह सवा लाख करोड़ का तो पैकेज दिया जाएगा, लेकिन जो कुछ काम चल रहे हैं, जो काम शुरू हो चुके हैं लेकिन जिसमें अभी खर्चा नहीं हुआ है, हुआ है तो बहुत कम हुआ है। जैसे मैंने कहा था पुरानी सरकार का 12 हजार करोड़ का पैकेज था। उसमें 8,282 करोड़ रुपया, करीब-करीब 8000 करोड़ रुपये से भी ज्‍यादा वो अभी बाकी पड़ा है। राष्‍ट्रीय राजमार्गों में बनाने में 12 हजार करोड़  रुपये  के काम चल रहे हैं। बाका में public private बिजली का कारखाना  लगने वाला है। 20,000 करोड़  रुपया  से अगर मैं इनको  जोंडू, तो वो रकम बनती है 40,657 करोड़  रुपया और इसलिए सवा लाख करोड़  के अतिरिक्‍त, सवा लाख करोड़  के उपरांत यह 40,000 करोड़ रुपया भी बिहार के विकास के लिए जोड़ा  जाएगा। सवा लाख plus 40,000 करोड़ और हो गया total 1,65,000 करोड़ रुपया मेरे भाईयों-बहनों। 1,65,000 करोड़ रुपया। अब मुझे बताइये न दिल्‍ली की सरकार पहले थी, उनमें धरती पर काम करने की ताकत थी, न बिहार को मिला पैसा उपयोग कर पाएं। मैं आपको वादा करता हूं मैं इसको लागू करके रहूंगा मेरे भाईयों बहनों, लागू करके रहूंगा।

भाईयों-बहनों हमारे देश को अगर समस्‍याओं से मुक्‍त करना है, तो विकास के रास्‍ते से ही किया जा सकता है। नौजवान को रोजगार देना है तो विकास से ही मिलेगा, किसान का भला करना है तो विकास से होगा, गांव का भला  करना है तो विकास से होगा, हमारे देश से गरीबी से मुक्ति करनी है तो विकास से ही होगा और इसलिए मेरे भाइयों-बहनों विकास के लिए बिहार को एक नई ताकत मिले, बिहार विकास की नई ऊंचाईयों को पार करें। पूर्वी हिंदुस्‍तान को आगे बढ़ाने में बिहार एक अहम भूमिका निभाएं इसलिए पुरानों में से 40,000 करोड़ और नये में से सवा लाख करोड़, 1 लाख 65 हजार करोड़ आज आपके चरणों में घोषित करते हुए मुझे आनंद होता है। बहुत-बहुत धन्‍यवाद।

 पूरी मुट्ठी से बंद करके बोलिए भारत माता की जय। आज तो ताकत जोरों में होनी चाहिए। होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए?

भारत माता की जय। भारत माता की जय। भारत माता की जय।

बहुत-बहुत धन्‍यवाद।

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भारत माता की जय !!!

भारत माता की जय !!!

भारत माता की जय !!!

जो लोग मुझे देख नहीं पाते हैं, उनसे मेरी प्रार्थना है कि आप जहां हैं, वहीं से सुन लीजिए। किसी को आगे-पीछे करने के चक्कर में मत पड़िए।

भारत माता की जय !!!

भारत माता की जय !!!

आज का ये दिन ऐतिहासिक है...अभूतपूर्व है। जब वर्षों की साधना...सिद्धि में बदलती है...तो चेहरे पर जो खुशी होती है...वो खुशी आज मैं देशभर के भाजपा के कार्यकर्ता के चेहरे पर देख रहा हूं। आप वो तस्वीर नीचे रखिए। पीछे लोगों को परेशानी हो रही है। नीचे रखिए। नीचे रखिए। एक कार्यकर्ता होने के नाते...मैं भाजपा के हर कार्यकर्ता की खुशी में शामिल हूं।

साथियों,

आज का ये दिवस कई मायनों में खास है, विशेष है। ये देश के उज्ज्वल भविष्य की उद्घोषणा का दिन है। ये भरोसे का दिन है। भरोसा...भारत के महान लोकतंत्र पर...भरोसा...परफॉर्मेंस की पॉलिटिक्स पर। भरोसा...स्थिरता के संकल्प पर... भरोसा...एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना पर।

साथियों,

मैं बंगाल की जनता का...असम की जनता का...पुडुचेरी की जनता का… तमिलनाडु और केरलम् की जनता का आज आदरपूर्वक नमन करता हूं। मैं उन सबको वंदन करता हूं। मैं आज बीजेपी के कोटि-कोटि कार्यकर्ताओं का भी हृदय से अभिनंदन करता हूं...भाजपा के हर छोटे-बड़े कार्यकर्ता ने एक बार फिर से, कमाल कर दिया है। कमल खिला दिया है। आपने नया इतिहास रच दिया है।

साथियों,

भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष श्री नितिन नबीन जी द्वारा अध्यक्ष पद संभालने के बाद..ये पहले विधानसभा चुनाव थे। इन चुनावों में पार्टी कार्यकर्ताओं को हर कार्यकर्ता को मिला उनका मार्गदर्शन है, वो मार्गदर्शन इस विजय में बहुमूल्य रहा है।

साथियों,

आज विभिन्न उपचुनावों के परिणाम भी अत्यंत उत्साहजनक रहे हैं। महाराष्ट्र, गुजरात, नागालैंड और त्रिपुरा में जो उप चुनाव हुए, उसमें हमारे उम्मीदवारों को जनता-जनार्दन ने आशीर्वाद दिया और इन राज्यों में भी जीत गए। एनडीए की नेता, महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार जी ने भी बड़ी जीत दर्ज की है। मैं इन सभी राज्यों की जनता का उनके समर्थन के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।


साथियों,

जय-पराजय, लोकतंत्र और चुनावी राजनीति का एक स्वाभाविक हिस्सा होता है। लेकिन पांच प्रदेशों की जनता ने पूरे विश्व को दिखाया है...कि ये हमारा भारत मदर ऑफ डेमोक्रेसी क्यों है? लोकतंत्र...डेमोक्रेसी...हमारे लिए सिर्फ एक तंत्र नहीं है... ये हमारी रगों में दौड़ता हुआ संस्कार है, हमारे रगों की संस्कार सरिता है। और आज सिर्फ भारत का लोकतंत्र ही नहीं जीता है... और आज सिर्फ भारत का लोकतंत्र ही नहीं जीता है, आज भारत का संविधान भी जीता है...हमारी संवैधानिक संस्थाएं जीती हैं...हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं जीती हैं।

पश्चिम बंगाल में करीब 93 परसेंट मतदान होना अपने आप में ऐतिहासिक रहा है। असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरलम् में भी मतदान के नए रिकॉर्ड बने हैं। इसमें भी महिलाओं की भागीदारी अधिक रही है। ये भारतीय लोकतंत्र की सबसे उजली तस्वीर बन रही है।

साथियों,

मैं आज चुनाव आयोग को, चुनाव आयोग के सभी कर्मचारी भाई-बहनों को, जो भी मतदान से जुड़े प्रक्रिया के सारे कर्मी थे... साथ-साथ विशेषतौर पर सुरक्षाबलों का भी...मैं आज बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं। भारत के लोकतंत्र की गरिमाओं को बनाए रखने में आप सबका योगदान इतिहास हमेशा-हमेशा याद रखेगा।


साथियों,

पिछले साल...14 नवंबर को जब बिहार चुनाव के नतीजे आए थे...तब मैंने यहीं, इसी जगह से बीजेपी मुख्यालय से आप सबको कहा था...गंगा जी बिहार से आगे बहते हुए गंगासागर तक जाती हैं। और आज बंगाल की जीत के साथ...गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक...कमल ही कमल खिला हुआ है... उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और अब पश्चिम बंगाल... आज मां गंगा के इर्द-गिर्द बसे इन राज्यों में बीजेपी-NDA सरकार है।

साथियों,

2013 में जब भारतीय जनता पार्टी ने मुझे प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के रूप में भी काम दिया। और जब में काशी में अपना नामांकन भरने गया और पत्रकारों ने मुझे घेर लिया। तो स्वाभाविक रूप से मेरे हृदय से एक ध्वनि निकली थी और मैंने कहा था- ना मैं आया हूं, ना मुझे किसी ने भेजा है, मां गंगा ने मुझे बुलाया है। और आज मैं हर पल अनुभव कर रहा हूं कि मां गंगा के आशीर्वाद निरंतर हम सब पर अपनी कृपा बरसा रहे हैं।

साथियों,

गंगा जी के साथ-साथ ब्रह्मपुत्र का भी हम पर बहुत आशीर्वाद रहा है। मां कामाख्या का आशीर्वाद रहा है। असम की जनता ने लगातार तीसरी बार, बीजेपी-NDA पर भरोसा किया है, हैट्रिक तीसरी बार। ये असम के इतिहास की बहुत बड़ी घटना है। असम के टी-गार्डन्स वाले क्षेत्रों में भी बीजेपी को अभूतपूर्व समर्थन मिला है। श्रीमंत शंकरदेव जी...महायोद्धा लसित बोरफूकन जी...बोडोफा उपेंद्रनाथ ब्रह्मा जी...भूपेन हजारिका जी...ऐसे अनेक महान व्यक्तित्वों से प्रेरणा लेते हुए असम अपने विकास की रफ्तार अब और बढ़ाएगा।

साथियों,

साल 2021 में हमने पुडुचेरी की जनता के सामने BEST Puducherry का विजन रखा था। पुडुचेरी की जनता ने उस विजन पर विश्वास जताया, हमें अपना आशीर्वाद दिया था। पिछले पांच वर्षों में हमारी एनडीए सरकार ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ इस विजन को गति देने का काम किया। और आज…एक बार फिर पुडुचेरी की जनता ने एनडीए पर अपना विश्वास व्यक्त किया है। मैं पुडुचेरी के युवाओं को, मेहनती फिशरमेन साथियों को भी विश्वास दिलाता हूं…एनडीए सरकार आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर काम करती रहेगी। पुडुचेरी के हर परिवार की समृद्धि…यही हमारा संकल्प है।

साथियों,

आज देश के 20 से ज्यादा राज्यों में भाजपा-एनडीए की सरकारें हैं। हमारा मंत्र है- नागरिक देवो भव...हम जनता की सेवा में जुटे हुए हैं। और इसलिए जनता भाजपा पर ज्यादा से ज्यादा भरोसा कर रही है। जनता साफ देख रही है- जहां भाजपा वहां गुड गवर्नेंस...जहां भाजपा वहां विकास। आप बीते 2 साल के ट्रेंड को देखिए...हरियाणा में लगातार तीसरी बार बीजेपी सरकार बनी...महाराष्ट्र में बीजेपी की जोरदार विजय हुई। दिल्ली में अभूतपूर्व जीत हासिल हुई...बिहार में भी हमें पहले से बड़ी विजय मिली। और ये सफलता सिर्फ राज्यों के चुनाव में ही नहीं दिखी...ये सफलता लोकल गवर्नेंस के चुनाव में भी दिख रही है।

साथियों,

अभी दस दिन पहले गुजरात के स्थानीय निकायों के परिणाम आए हैं। वहां बीजेपी, ढाई-तीन दशक से जनता की सेवा निरंतर कर रही है। और हर चुनाव में जनता...बीजेपी को आशीर्वाद के नए रिकॉर्ड बना रही है। गुजरात में इस बार बीजेपी को अब तक का highest वोट शेयर मिला है। ये भाजपा की गुड गवर्नेंस नीतियों की सफलता का बहुत बड़ा उदाहरण है।


साथियों,

आज भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में...मेरे मन में बार-बार एक और बात आ रही है...और वो बात ये है कि डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आत्मा को आज कितनी शांति मिली होगी। उन्होंने 1951 में उन्होंने जनसंघ की स्थापना करके...प्रत्येक कार्यकर्ता को ये संदेश दिया था कि देश के लिए जीना है और देश के लिए ही मरना है। उन्होंने अपने जीवन से साबित किया कि राष्ट्र सर्वोपरि का मंत्र लेकर चलने वाले...अपना जीवन देने में एक पल का भी संकोच नहीं करते।

साथियों,

डॉक्टर मुखर्जी जी ने पश्चिम बंगाल को भारत का हिस्सा बनाए रखने के लिए, एक बड़ी लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने जिस सशक्त और समृद्ध बंगाल का सपना देखा था...वो सपना कई दशकों से पूरा होने का इंतजार कर रहा था। आज 4 मई, 2026 को...बंगाल की जनता ने हम भाजपा कार्यकर्ताओं को वो अवसर दिया है।

साथियों,

बंगाल के भाग्य में आज से एक नया अध्याय जुड़ गया है। आज से बंगाल भयमुक्त हुआ है...विकास के भरोसे से युक्त हुआ है। बांग्लाय पोरिबोर्तोन होए गेछे...

साथियों,

इस जीत के साथ-साथ...वंदे मातरम् के डेढ़ सौवें वर्ष में भारत माता को... और ऋषि बंकिम जी को...बंगाल के लोगों ने अपना सादर नमन प्रेषित किया है। योगिराज श्री अरबिन्दो को भी मतदाताओं ने ऐतिहासिक श्रद्धांजलि दी है।

साथियों,

बंगाल में हमारे कितने ही कार्यकर्ताओं ने अपना जीवन इस जीत के लिए समर्पित किया है...भाजपा की कितनी ही महिला कार्यकर्ताओं को तमाम अत्याचार सहने पड़े हैं...आप कल्पना नहीं कर सकते कि केरलम और बंगाल में भाजपा के हर कार्यकर्ता को कितनी मुसीबतें झेलनी पड़ी हैं, उन पर कितने जुल्म हुए हैं, कितने अत्याचार हुए हैं। मैं आज बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सफलता का श्रेय ऐसे सभी कार्यकर्ताओं को...उनके परिवारों को देता हूं। मैं ये जीत...बंगाल की जनता को समर्पित करता हूं।

साथियों,

अभी 4 मई की यह शाम भले ही ढल रही हो..लेकिन बंगाल की पावन धरा पर आज एक नया सूर्योदय हुआ है...एक ऐसा सवेरा, एक ऐसा सवेरा जिसका इंतजार पीढ़ियों ने किया है..भाजपा ने जितनी सीटें जीतीं...वो महज एक चुनावी आंकड़ा नहीं है। ये उस अडिग विश्वास की हुंकार है...जिसने डर, तुष्टीकरण और हिंसा की राजनीति को जड़ से उखाड़ फेंका है।

साथियों,

आज से बंगाल के भविष्य की एक ऐसी यात्रा शुरू हो रही है...जहां विकास, अटूट विश्वास और नई उम्मीदें...कदम से कदम मिलाकर चलेंगी...। मैं आज हर बंगाल वासी को, हर बंगालवासी को भरोसा देता हूं..बंगाल के बेहतर भविष्य के लिए भाजपा दिन-रात एक कर देगी। बंगाल में अब महिलाओं को सुरक्षा का माहौल मिलेगा...युवाओं को रोजगार मिलेगा...पलायन रुकेगा... पहली कैबिनेट में आयुष्मान भारत योजना को हरी झंडी दिखाई जाएगी। और, और घुसपैठियों के खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।

साथियों,

इस महाविजय की दहलीज पर खड़े होकर हम गुरुदेव टैगोर को भी याद कर रहे हैं। पोच्चीसो बैइशाख...9 मई का दिन दूर नहीं है। हमारा संकल्प भी वही होना चाहिए, जो उनका स्वप्न था.. एक ऐसा परिवेश जहां मन भयमुक्त हो और सिर ऊंचा हो। और बीजेपी... बंगाल में ऐसा भयमुक्त वातावरण बनाकर दिखाएगी...ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

बंगाल के ये चुनाव एक और वजह से बहुत खास रहे हैं। आप याद कीजिए बंगाल चुनाव के समय कैसी खबरें आती थीं? हिंसा… डर… और निर्दोष लोगों की मौतें। लेकिन इस बार पूरे देश ने एक नई खबर सुनी…पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान हुआ! पहली बार ऐसा हुआ कि चुनावी हिंसा में... एक भी निर्दोष नागरिक की जान नहीं गई। लोकतंत्र के इस महापर्व में बंदूक की आवाज नहीं... जनता-जनार्दन की आवाज गूँजी। पहली बार डर नहीं, लोकतंत्र जीता है।

साथियों,

आज जब बंगाल ने परिवर्तन के नए दौर में प्रवेश किया है...तो मैं बंगाल के हर राजनीतिक दल से एक आग्रह भी करना चाहता हूं। बंगाल में बीते दशकों में राजनीतिक हिंसा की वजह से न जाने कितनी ज़िंदगियाँ बर्बाद हो चुकी हैं।
मेरा स्पष्ट मानना है कि...आज से बंगाल की इस चुनावी जो आदतें फैली हुई हैं, उसमें बदलाव आना चाहिए। आज जब भाजपा जीती है, आज जब भाजपा जीती है तो...“बदला” नहीं, “बदलाव” की बात होनी चाहिए। भय नहीं भविष्य की बात होनी चाहिए। मेरी सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं से अपील है...आइए, हिंसा के इस अंतहीन चक्र को हमेशा के लिए खत्म करें। किसने किसे वोट दिया...किसे नहीं दिया...उससे ऊपर उठकर बंगाल की सेवा के लिए काम करें।


साथियों,

इन राज्यों में चुनाव और उसके नतीजों की...राजनीतिक एक्सपर्ट अपने-अपने तरीके से समीक्षा कर रहे हैं...लेकिन इन नतीजों की एक और बहुत अहम बात है...इनकी टाइमिंग। आप देख रहे हैं कि जब इन राज्यों में जनता वोट डाल रही थी...तो इसी दौरान विश्व में क्या कुछ नहीं चल रहा था। जगह-जगह युद्ध के सायरन बज रहे थे...अस्थिरता और अराजकता का माहौल रहा...वैश्विक अर्थ-व्यवस्थाएं संकट में दिखीं...और उस दौरान..भारत का जन-जन स्थिरता के लिए वोट दे रहा था।

साथियों,

आज पश्चिमी एशिया में चल रहे संकट का पूरे विश्व पर बुरा असर पड़ा है। लेकिन भारत, पूरे सामर्थ्य से इस संकट का सामना कर रहा है। इस चुनाव परिणाम ने भी दिखाया है कि भारत इस चुनौती में भी एकजुट है, एकमत है, एक लक्ष्य से संकल्पित है। और वो लक्ष्य है, विकसित भारत। विकसित भारत का लक्ष्य लेकर के हम निकले हैं।

साथियों,

विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में...पूर्वोद्य का बहुत बड़ा महत्व है। जब भारत समृद्ध था... आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक सामर्थ्य के चरम पर था...तब उसके तीन मजबूत स्तंभ थे। ये स्तंभ थे...अंग यानि आज का बिहार... बंग यानि आज का बंगाल...और कलिंग...यानि आज का ओडिशा...कलिंग उस समय हिंद महासागर के समुद्री व्यापार का एकछत्र सम्राट था। कलिंग के बंदरगाह...पूरे एशिया तक भारत के उत्पादों को पहुँचाते थे। वहीं...अंग... सूत, रेशम और अन्य व्यापार के साथ-साथ...नालंदा और विक्रमशिला जैसे एजुकेशन सेंटर्स का भी हब था। और बंग...वो सांस्कृतिक धरती थी जहाँ से भारत की आत्मा की आवाज उठती थी।

साथियों,

गुलामी के कालखंड में जैसे-जैसे, समृद्ध भारत के ये मजबूत पिलर कमजोर होते गए...भारत का सामर्थ्य भी क्षीण होता गया। इसलिए, विकसित भारत के निर्माण के लिए इन तीनों स्तंभों का फिर से मजबूत होना बहुत आवश्यक है। और मुझे बहुत गर्व है...कि अंग, बंग और कलिंग ने इस महाअभियान के लिए बीजेपी को चुन लिया है, NDA पर भरोसा किया है।

साथियों,

विकसित भारत के निर्माण का एक और महत्वपूर्ण पिलर...भारत की नारीशक्ति है। नारीशक्ति अब विकसित भारत के निर्माण में तेजी से आगे बढ़ रही है। लेकिन नारीशक्ति की इस रफ्तार को कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने कुछ दिन पहले रोकने का काम किया है। इन नारी विरोधी दलों ने संसद में नारीशक्ति वंदन संशोधन को पास नहीं होने दिया। और इसलिए मैंने कुछ दिन पहले कहा भी था...कि महिलाओं के आरक्षण का विरोध करने वाले ऐसे दलों को महिलाओं का आक्रोश झेलना पड़ेगा। आज कांग्रेस, टीएमसी और DMK को...बहनों-बेटियों ने सजा दी है। केरलम में लेफ्ट के 10 सालों के कुशासन का फायदा कांग्रेस को जरूर मिला है...लेकिन मुझे विश्वास है...केरलम् की बहनें भी अगले चुनावों में कांग्रेस को जरूर सबक सिखाएंगी।

साथियों,

जिस समाजवादी पार्टी ने संसद में महिला आरक्षण को रोका है...उसे भी यूपी की महिलाओं का आक्रोश सहना पड़ेगा। महिला विरोधी समाजवादी पार्टी कुछ भी करके अपने पाप को कभी धुल नहीं पाएगी।

साथियों,

आज हम भारत की राजनीति में एक और बड़ा बदलाव देख रहे हैं। आज पूरे देश में एक भी राज्य ऐसा नहीं है जहां कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार हो। एक भी नहीं है। ये सिर्फ, ये सिर्फ सियासत का बदलाव नहीं है, ये सोच का बदलाव है। ये बताता है कि विकसित होता हुआ भारत...किस दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। आज का भारत अवसर चाहता है, विकास चाहता है, विश्वास चाहता है। आज का भारत प्रगति चाहता है, स्थिरता चाहता है। और आज का भारत ऐसी राजनीति चाहता है जो देश को आगे बढ़ाए।

लेकिन साथियों,

दुर्भाग्य से आज की कांग्रेस...बिल्कुल विपरीत दिशा में चल पड़ी है। ऐसे समय में, जब पूरा देश कम्युनिज़्म से किनारा कर चुका है...कांग्रेस, उसी विचारधारा को अपनाने में लगी है जिसे देश ने ठुकरा दिया है। जो माओवाद जंगलों में समाप्त हो रहा है...वो अब कांग्रेस में अपनी जड़ें मजबूत कर चुका है। इसलिए कांग्रेस...अर्बन नक्सलियों का गिरोह बनती जा रही है। कांग्रेस को एक बात नहीं भूलनी चाहिए..जिस विचार को जनता ने ठुकराया...उसे जो अपनाएगा…जनता उसे भी ठुकराएगी।

साथियों,

आज देश का हर राज्य भी एक दूसरे से लड़कर नहीं....एक दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहता है। इन चुनावों ने इस संदेश को भी बहुत स्पष्ट किया है। बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में जिन तीन सरकारों को जनता ने सत्ता से बाहर किया...उनकी एक समान पहचान थी...विभाजन की राजनीति। यही उनकी पहचान थी। उनकी राजनीति जोड़ने की नहीं, तोड़ने की थी। कभी भाषा के नाम पर विवाद खड़ा किया गया, कभी खाने-पीने की आदतों को लेकर समाज को बाँटने की कोशिश हुई, और कभी अपने ही देश के लोगों को “बाहरी” तक कहा गया। लेकिन भारत की जनता ने इस राजनीति को साफ जवाब दिया है। देश ने बता दिया है कि उसे विवाद नहीं, विकास चाहिए…विभाजन नहीं, विश्वास चाहिए…।

साथियों,

आजादी के बाद कांग्रेस ने देश के करीब-करीब हर राज्य में सरकारें बनाईं। ये आजादी के आंदोलन का जो इमोशन था, उसका उनको लाभ मिला था, उसमें से उपजा जनादेश था। लेकिन जैसे-जैसे आजादी के आंदोलन का इमोशन से आगे निकलकर के देश... धरातल के काम पर लौटा... वैसे-वैसे कांग्रेस जनता का भरोसा खोती चली गई। बीते दशकों में... देश ने युवाओं की अनेक पीढ़ियां जोड़ी हैं। लेकिन कांग्रेस घटती ही चली गई है। कांग्रेस देश की संस्कृति को नहीं समझ पाई, देश की संवेदनाओं को समझ नहीं पाई। कांग्रेस एस्पिरेशन्स की राजनीति जानती ही नहीं है।

साथियों,

बीजेपी के लिए भारत और भारतीयता के भाव से बड़ा और कुछ भी नहीं है। हमारे लिए भारत सब कुछ है। भारतीयता सब कुछ है। और बीजेपी, सिर्फ नेशनल पार्टी है, इतना ही नहीं है...ये रीजनल एस्पिरेशन्स से नेशनल एंबिशन्स को पूरा करने वाली पार्टी है। इसलिए...बीजेपी, अपने विचार, विजन और विकास के विश्वास पर खरा उतरकर देश की पसंद बन रही है। जनता जनार्दन के आशीर्वाद प्राप्त कर रही है। भाजपा, परिवार की नहीं, ज़मीन से जुड़ी राजनीति करती है। इसलिए, आज नॉर्थ ईस्ट भाजपा से जुड़ता है। इसलिए, आज पूरा आदिवासी अंचल बीजेपी को इतना प्रचंड जनादेश दे रहा है। इसलिए, देश के मछुआरों का अभूतपूर्व समर्थन बीजेपी के साथ है। इसलिए, देश के किसानों की पसंद बीजेपी है।

साथियों,

लोकतंत्र में जनता की आकांक्षा सर्वोपरि है। तमिननाडु की जनता ने एक नया प्रयोग किया है। मैं यूडीएफ को भी बधाई देता हूं। मैं तमिलनाडु और केरलम की जनता को विश्वास दिलाता हूं कि भारत सरकार इन राज्यों के विकास के लिए भी कंधे से कंधा मिलाकर चलेगी।

साथियों,

हम बंगाल, असम और पुडुचेरी की जनता की हर उम्मीद, हर अपेक्षा को अपनी सेवा से पूरा करेंगे। इसी विश्वास के साथ बंगाल, असम और पुडुचेरी में बीजेपी-एनडीए को विजयी बनाने के लिए, लोकतंत्र को विजयी बनाने के लिए मैं सभी नागरिकों का, सभी मतदाताओं का और सभी देशवासियों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं और सिर झुका करके उनका ऋण स्वीकार करता हूं। मेरे साथ बोलिए

भारत माता की जय!!

भारत माता की जय!!

भारत माता की जय!!

वंदे मातरम, वंदे मातरम, वंदे मातरम, वंदे मातरम, वंदे मातरम।