Congress and TRS are playing a friendly match in Telangana: PM Modi

Published By : Admin | November 27, 2018 | 12:08 IST
We believe in 'Sabka Saath, Sabka Vikas'. We do not believe in vote-bank politics: PM Modi
Congress as well as TRS, both the parties believe in dynastic politics, they appease the minority, believe in vote-bank politics and do not have internal democracy: PM
Through 'telephone-banking' Congress got loans cleared for the cronies: PM Modi
Congress' seventy years of misrule at Centre and TRS' five years of mis-governance in Telangana are responsible for the distress farmers are facing: PM
Congress does not think about welfare of farmers but shed crocodile tears. Despite the Swaminathan Commission report, they did not implement MSP: PM Modi
The CM in Telangana had promised to give homes to poor. But what happened to that promise? Where are the houses? Were his promises false or not: PM Modi

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्रीमान मुरलीधर राव, हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेता, केंद्र के भूतपूर्व मंत्री संसद में मेरे साथी श्रीमान बंडारू दत्तात्रेय जी, प्रदेश के महामंत्री श्री प्रेमेंदर रेड्डी जी, निजामाबाद के जिलाध्यक्ष पल्ले गंगा रेड्डी जी, श्रीमान एल भूपति रेड्डी जी, श्रीमान वेंकट रमानी जी, श्रीमान दुग्याला प्रदीप कुमार जी, डॉ वी मुरलीधर गौड़ जी, श्रीमान बज्जो जी भास्कर जी और इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी…निजामाबाद शहर से श्रीमान इंडाला लक्ष्मीनारायणा, निजामाबाद ग्रामीण से श्रीमान गद्दम आनंद रेड्डी, येल्ला रेड्डी से श्रीमान बनाला लक्ष्मा रेड्डी, बोधन से श्रीमान अल्जापुर श्रीनिवास, निर्मल से डॉ ए स्वर्णा रेड्डी, मुधोल से डॉ पी रमादेवी, कामारेड्डी से श्रीमान वेंकट रमन्ना रेड्डी, जुक्कल से सुश्री अरुणा थारा, बांसवाड़ा से श्रीमान नायडू प्रकाश, जगतियाल से श्रीमान एम रवीन्द्र रेड्डी, कोरूतला से डॉ जी वेंकट, अरमूर से श्रीमान पोदूतुरी विनय रेड्डी, बालकोंडा से श्रीमान राजेश्वर और विशाल संख्या में पधारे हुए मेरे प्यारे भाइयो और बहनो...आप सबको आज ऐसी गर्मी में इतनी बड़ी संख्या में...आप मुझे आशीर्वाद देने आए, हमारे उम्मीदवारों को आशीर्वाद देने आए, इसके लिए मैं हृदय से आपका आभार व्यक्त करता हूं। 

आज मैं जब निजामाबाद की धरती पर आया हूं, तो मैं सबसे पहले उस युवा शक्ति का स्मरण करना चाहूंगा...आज जिस बेटी के नाम से देश गौरव ले रहा है, दुनिया के अंदर जिसने अपना नाम प्रस्थापित किया है, इसी क्षेत्र की हमारी आदिवासी बेटी मालावत पूर्णा, जिसने बहुत छोटी आयु में एवरेस्ट विजय प्राप्त की। मैं उसको बधाई देता हूं...और दूसरा भाई मोहम्मद हसमुद्दीन जिन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स के अंदर भारत को मेडल दिला कर के भारत का सम्मान बढ़ाया है। और ये हमारे देश की युवाशक्ति की पहचान है, हमारे न्यू इंडिया की पहचान है, भारत के नए आत्मविश्वास का रणटंकार है।  

पांच राज्यों में चुनाव चल रहे हैं। अब तक मुझे चार राज्यों में जाने का अवसर मिला, आज पांचवें राज्य में भी आने का मौका मिला है। मुझे जहां-जहां जाने का अवसर मिला है, मैंने ऐसा ही उमंग और उत्साह देखा है, ऐसा ही वातावरण देखा है।  

जिनका विकास में विश्वास है, जिनका नया तेलंगाना बनाने में विश्वास है, जिनका नया भारत बनाने में विश्वास है, ये विकास में विश्वास रखने वाले लोग आज भारतीय जनता पार्टी पर अधिकतम विश्वास रख कर के देश को आगे ले जाने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर भाजपा के साथ चल रहे हैं। भाइयो-बहनो, ये हमारा तेलंगाना ऐसे ही नहीं बना है। अनेक वर्षों के संघर्ष से बना है। अनेक नौजवानों के बलिदान से बना है और इसीलिए यहां की सरकार को उस बलिदान को बर्बाद करने का कोई अधिकार नहीं है। तेलंगाना की जनता ने जो सपने देखे थे उन सपनों पर जरा सा भी खिलवाड़ करने का हक यहां के किसी राजनीतिक दल को, किसी राजनीतिक नेता को और किसी सरकार को नहीं है। लेकिन, साथियो, तेलंगाना को साढ़े चार साल हो गए, ये सरकार साढ़े चार साल से उसने क्या काम किया, ये चुनाव सरकार से पाई-पाई का, पल-पल का हिसाब मांगने का चुनाव है। जिन्होंने यहां के नौजवानों को, यहां के किसानों को, यहां के दलित, पीड़ित, शोषित, वंचितों को, आदिवासियों को तेज गति से विकास का भरोसा दिया था, वो अपने वायदों पर खरे नहीं उतरे हैं। उन्हें इस चुनाव में ये जनता जनार्दन ने सबक सिखाना चाहिए। 

यहां के मुख्यमंत्री और उनका पूरा परिवार ऐसा मानता है कि इस देश में कांग्रेस ने कभी विकास किया नहीं, फिर भी 50-55 साल तक वो चुनाव जीतते रहे...तो यहां के मुख्यमंत्री और उनके परिवार को लगता है, अगर कांग्रेस कुछ किए बिना जीत सकती है, तो वो भी जीत जाएंगे, कुछ करने की जरूरत नहीं है। और इसीलिए वो कांग्रेस से सीख कर के चल रहे हैं, कांग्रेस की आदतों को ही लेकर के चल रहे हैं, कांग्रेस के तौरतरीकों को ही लेकर चल रहे हैं। लेकिन मुख्यमंत्री जी ये वक्त बदल चुका है, ये देश नौजवानों का है। कांग्रेस ने 50-55 साल तक कुछ ना करते हुए राज किया लेकिन अब देश की कोई पॉलिटिकल पार्टी 50 महीने भी कुछ किए बिना फिर से चुनाव नहीं जीत सकती है। मुख्यमंत्री जी कहते थे कि मैं निजामाबाद को लंदन बनाऊंगा, स्मार्ट बनाऊंगा, लेकिन यहां तो बिजली, पानी, सड़क ऐसी सुविधाओं के लिए भी ये निजामाबाद के लोग तरस रहे हैं और जब उन्होंने कहा था लंदन बनाऊंगा तो मैंने आज मेरे हेलिकॉप्टर के पायलट से कहा कि आओ जरा चक्कर काटके आते हैं, देखें क्या किया है, मैं देख करके आया हूं। अरे हिन्दुस्तान के जहां आर्थिक स्थिति कमजोर है, ऐसे राज्यों की भी, ऐसे शहरों की हालत इससे ज्यादा अच्छी है। लंदन कैसा है...जरा मुख्यमंत्री जी एकाध-पांच साल वहीं रह कर के आ जाओ, बहुत हो गया यहां। आपके यहां जो अंडरग्राउंड ड्रेनेज बन रही है, ये ड्रेनेज बन रही है कि डैमेज का काम चल रहा है, इसका निर्णय आपको करना है। ये मुख्यमंत्री ऐसे हैं उनकी पार्टी ऐसी है, आधी-अधूरी बातें, आधे-अधूरे वादे, आधे-अधूरे कार्य, आधी-अधूरी योजनाएं, ये आधी-अधूरी सरकार भी निकाल दी उन्होंने, वो भी पांच साल पूरा नहीं किया। ऐसे लोगों पे भरोसा करोगे क्या? 

भाइयो-बहनो, अच्छा हुआ उन्होंने कुछ समय पहले चुनाव घोषित कर दिया। इससे कम से कम कुछ महीने पहले आपको मुसीबतों से मुक्ति की संभावना आ गई। यहां के लोग पानी के लिए तरसते हैं। पांच साल हो गए, पीने का पानी नहीं पहुंचा रहे। और उन्होंने कहा था, घर-घर गोदावरी का जल नहीं पहुंचाऊंगा तो वोट मांगने नहीं आऊंगा। वो वोट मांगने के लिए आए कि नहीं आए? उन्होंने झूठा वादा किया था कि नहीं किया था...वो आपको गुमराह करने वाले नेता हैं कि नहीं हैं...ऐसे नेता की विदाई होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए...उनको सजा होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए? अरे जो पानी नहीं पिला सकता है ऐसे व्यक्ति को सरकार नहीं दी जा सकती है। भाइयो-बहनो, सरकार गरीब के लिए होती है। अगर कोई अमीर बीमार हो जाए तो 10 डॉक्टर उसके घर कतार लगा करके खड़े हो जाते हैं, अगर उसको बड़े अस्पताल जाना है तो स्पेशल प्लेन में पहुंच जाता है, लेकिन अगर गरीब बीमार हो जाए, तो उसके लिए सरकारी अस्पताल के सिवा कोई चारा नहीं होता है। उसके लिए तो वही आसरा होता है। लेकिन भाइयो-बहनो, ये तेलंगाना में अस्पताल का हाल क्या है, गरीबों का क्या हाल होता होगा इसका ये जीता-जागता नमूना है। यहां के मेडिकल कॉलेज का हाल क्या है वो छात्रों को पूछोगे तो पता चलेगा। उसकी बजाय गांव के हॉस्टल अच्छे होते हैं, ये काम इन्होंने करके रखा है। ये मुख्यमंत्री अपने आप को इतना असुरक्षित महसूस करते हैं, खुद पर विश्वास का नामोनिशान नहीं है। इसीलिए या तो ज्योतिष पे भरोसा करते हैं या पूजा पाठ पे भरोसा करते हैं या तो नींबू-मिर्ची बांध करके गुजारा करते हैं। इतना अपने आप को असुरक्षित मानते हैं कि हमने एक आयुष्मान भारत योजना बनाई, प्रधानमंत्री पीएमजे योजना, इस देश के 50 करोड़ से ज्यादा लोगों को... अगर गंभीर बीमारी किसी को हो जाए, किडनी की, हार्ट की, कैंसर की अगर गंभीर बीमारी हो जाए तो ये गरीब बेचारा मध्यम वर्ग का व्यक्ति कहां अस्पताल में खर्चा करेगा। मोदी सरकार ने योजना बनाई, मोदी केयर की। पांच लाख रुपया साल भर में उस परिवार को खर्चा होगा तो वो भारत सरकार देगी। भाइयो-बहनो, ये इतने असुरक्षित हैं, इतने असुरक्षित हैं कि मोदी के नाम की योजना आ जाएगी तो यहां कोई उनको पूछेगा नहीं तो उन्होंने इस योजना से जुड़ने से मना कर दिया। यहां के गरीबों के साथ उन्होंने अन्याय किया है, गरीबों का नुकसान किया है। 

साथियो, ये आयुष्मान भारत योजना को दो महीने हुए हैं। दो महीने में तीन लाख परिवारों ने इसका फायदा उठाया है। गंभीर प्रकार के उनके ऑपरेशन हुए हैं। उनकी जिंदगी बच गई है। भाइयो-बहनो, इसमें तेलंगाना का एक भी नहीं हैं और इसके लिए जिम्मेवार ये आपके मुख्यमंत्री हैं, उनकी सरकार है, इनकी पार्टी जिम्मेवार है। भाइयो-बहनो, भारतीय जनता पार्टी का एक ही मंत्र है सबका साथ, सबका विकास। हमें सबका साथ भी चाहिए और हम सबका विकास भी करना चाहिए। वोट बैंक की राजनीति ने देश को तबाह कर दिया है। वोट बैंक की राजनीति ने विकास की यात्रा में दीमक लगा दी है... दीमक और उसके कारण वोट बैंक का ही ख्याल रखने की सरकारों की आदत हो गई है। और इसीलिए जहां वोट बैंक की राजनीति फली-फूली है, जातिवाद की राजनीति फली-फूली है, परिवारवाद की राजनीति फली-फूली है, भाई-भतीजावाद की राजनीति फली-फूली है, वहां पर विकास पूरी तरह खत्म हो चुका है। 

भाइयो-बहनो, विकास की यात्रा में भारतीय जनता पार्टी ने रास्ता चुना है वो पंचतत्व का रास्ता है। पंचतत्व के रास्ते पर हम देश को समस्याओं से मुक्ति दिला करके देश के सामान्य मानवी का सशक्तिकरण चाहते हैं। हमारे पंचतत्व हैं- बेटे-बेटी की पढ़ाई, युवा की कमाई, बुजुर्गों को दवाई, किसान को सिंचाई और जन-जन की सुनवाई। ये पंचतत्व लेकर के हम, विकास का रास्ता लेकर के आगे बढ़ रहे हैं। आपका प्यार मेरे सर आंखों पर, आपका ये उत्साह, ये दिल्ली में बैठे लोगों को भी दिखाई देता होगा। लेकिन मेरी आपसे प्रार्थना है कि मुझे शांति से बोलने दीजिए...मैं आपके प्यार को सलाम करता हूं, आपके उत्साह को सलाम करता हूं। अरे चुनाव के लेखा-जोखा करने वाले लोग, ये जरा यहां आकर के नजारा देख लें, हवा का रुख किस तरफ जा रहा है। भाइयो-बहनो, ये कांग्रेस पार्टी...ये यूपीए...और ये आपके मुख्यमंत्री यूपीए सरकार में मंत्री थे, मैडम की जब रिमोट कंट्रोल वाली सरकार चलती थी। भाइयो-बहनो, जिन्होंने यूपीए सरकार का नमक खाया है, जिन्होंने मैडम के अंडर में काम किया है, जिन्होंने यूपीए सरकार में मंत्री पद संभाला है, वे यहां पर फ्रेंडली मैच कर रहे हैं कांग्रेस के साथ। कांग्रेस...कांग्रेस इनकी विरोधी पार्टी नहीं है। अगर तेलंगाना में सच्चे अर्थ में जनता जनार्दन के लिए लड़ने-मरने वाली पार्टी है, तो वो सिर्फ भारतीय जनता पार्टी है। वो दोनों की तो मिलीभगत है. और इनके फ्रेंडली मैच देखो, इनका फ्रेंडली मैच कैसा चल रहा है। 

अभी मैडम सोनिया जी तेलंगाना आई थीं, बगल में उनके सुपुत्र विराजमान थे, मां-बेटे दोनों मंच पे कब्जा करके बैठे थे और इस सदी का सबसे बड़ा जोक देखिए, सबसे बड़ा मजाक देखिए...उस सभा में जहां बेटा बगल में बैठा है वहां मां कह रही हैं कि ये परिवारवादी पार्टी है टीआरएस, ये चंद्रशेखर राव ये मुख्यमंत्री ये परिवारवादी है। आप मुझे बताइए ये दोनों परिवारवादी हैं कि नहीं हैं। आप मुझे बताइए, कांग्रेस के चरित्र में और ये टीआरएस के चरित्र में ये दोनों पार्टियों में कोई फर्क है? कांग्रेस भी परिवारवादी है, ये भी परिवारवादी है, कांग्रेस में भी अंदरूनी लोकतंत्र नहीं है, इनके अंदर भी अदरूनी लोकतंत्र नहीं है, कांग्रेस भी वोटबैंक की राजनीति करती है, ये भी वोटबैंक की राजनीति करती है, कांग्रेस भी माइनॉरिटी का अपीजमेंट करती है, ये भी माइनॉरिटी का अपीजमेंट करते हैं। हर प्रकार से दोनों एक ही सिक्के के बाजू हैं, दोनों चक्के-बक्के हैं। भाइयो-बहनो, दोनों पार्टी झूठ बोलने में कॉम्पिटिशन कर रही है, कौन ज्यादा झूठ बोलता है इसकी स्पर्धा चल रही है। 

भाइयो-बहनो, विकास कैसे होता है, सामान्य मानवी की जिंदगी कैसे बदलती है, हमने चार साल में दिखा दिया है। आप वो दिन याद कीजिए जब 2013-14 में चुनाव चल रहा था। कांग्रेस पार्टी क्या एजेंडा लेके आई थी कि अगर हम दोबारा जीत करके आएंगे तो जो घर में गैस का सिलिंडर मिलता है वो आज 9 मिलता है, हम आएंगे तो 12 देंगे। 12 सिलिंडर का वादा देकर के वो सरकार बनाने के लिए वोट मांगते थे। कांग्रेस के जमाने में एमपी को 25 कूपन देते थे, 25 कूपन गैस के कनेक्शन के लिए और एमपी के घर में लोग लाइन लगा के खड़े रहते थे कि मुझे कूपन दे दो, मुझे गैस का कनेक्शन चाहिए। किसी की सिफारिश लानी पड़ती थी, कभी ब्लैक का पैसा खर्च करना पड़ता था, कभी करप्शन करना पड़ता था, तब जा कर के गैस का कनेक्शन मिलता था। ये 2014 तक उनकी सरकार का कारोबार था। भाइयो-बहनो, एक मां जब लकड़ी का चूल्हा जला करके खाना पकाती है, तो उसके शरीर में 400 सिगरेट का धुआं जाता है और घर में जो बच्चे खेलते हैं, वो बचपन से ही बीमारी में पलते हैं। भाइयो-बहनो, मैंने गरीबी देखी है, मैं गरीबी जी करके आया हूं। मेरी मां लकड़ी के चूल्हे से जब खाना पकाती थी, पूरा घर धुएं से भर जाता था, आंख में से पानी निकलता रहता था, वो पीड़ा मैंने देखी है। प्रधानमंत्री बनने के बाद मैंने तय किया, मैं हर माता को इस पीड़ा से मुक्त करुंगा। हर मेरी गरीब मां को लकड़ी के चूल्हे से खाना पकाने से मुक्ति दिलाऊंगा। घर-घर गैस का कनेक्शन दूंगा। अब तक 6 करोड़ परिवारों में मुफ्त गैस का कनेक्शन दे दिया है। भाइयो-बहनो, हमारे तेलंगाना में भी 5 लाख परिवारों को इसका लाभ मिला है। 

भाइयो-बहनो, 21वीं सदी में गरीब से गरीब के घर में भी बिजली का कनेक्शन होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए, बिजली का लट्टू होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए, उसके बच्चों की पढ़ाई के लिए प्रबंध होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए? ये दोनों सरकारें 50-55 साल तक कांग्रेस ने राज किया और साढ़े चार साल से वो महाशय यहां बैठे हैं लेकिन भाइयो-बहनो, यहां भी...आज भी लाखों परिवार ऐसे हैं जिसके घर में बिजली का कनेक्शन नहीं है। मैंने सौभाग्य योजना का बीड़ा उठाया है और तेलंगाना में 4 लाख घरों में सामने से जाकर के भारत सरकार ने बिजली का कनेक्शन दे दिया। अकेले निजामाबाद में 15 हजार गरीब परिवारों में बिजली का कनेक्शन देने का काम कर दिया। भाइयो-बहनो, मैंने चुनाव में आपको वादा किया था, मैं इस देश को लूटने नहीं दूंगा, बिचौलियों को बचने नहीं दूंगा, ये मैंने वादा किया था और आज मैं गर्व के साथ कहता हूं कि हमने सामान्य मानवी के हक को उसके बैंक के खाते तक पहुंचा दिया है। पहले स्कॉलरशिप लेनी थी, बिचौलियों को कमीशन देना पड़ता था. पेंशन लेना है, बिचौलियों को कमीशन, मनरेगा का पैसा, बिचौलियों को कमीशन, विधवा पेंशन, बिचौलियों को कमीशन, राशन कार्ड में खाना, बिचौलियों को कमीशन...मैंने तय किया, ये सारा मैं सीधा बैंक के खाते में जमा कर दूंगा। लोगों के जन धन अकाउंट में खाते खोल दिए। 

भाइयो-बहनो, 6 करोड़ लोग...आप हैरान हो जाओगे जो बच्चा पैदा नहीं हुआ उसके नाम स्कॉलरशिप जाती थी, जो बेटी पैदा नहीं हुई, वो विधवा हो जाती थी और उसको पेंशन मिलता था। चोरी और लूट चलती थी। 6 करोड़ ऐसे झूठे भूतिया लोग थे, मैंने निकाल दिया और देश का 90 हजार करोड़ रुपया बचा लिया भाइयो। भाइयो-बहनो, देश आजाद हुआ, तब से जो बैंकों से लोगों को कर्ज मिलता था और बैंको का राष्ट्रीयकरण होने के बाद तब से लेकर के 2008 तक इस देश के धनपतियों को बैंको से जो कर्ज मिलता था...अचानक 2008 से 2014 में...जितना 40 साल में कर्ज मिला था उतने ही रुपये बैंकों से लुटा दिए गए और धन्ना सेठों के हाथों में दे दिए गए। लाखों-करोड़ों रुपये दे दिए गए। 2014 में आकर के मैंने गेटवे बंद कर दिया तो ये सारे बैंको को लूटने वाले परेशान हो गए। 2008 से 2014 तक जो ये बैंकों के रुपये लुटा दिए गए हैं,  लाखों-करोड़ो रुपये लुटा दिए, ये पैसे आपके हैं। उन्होंने टेलीफोन बैंकिंग चलाया था। नामदार का फोन चला जाए उसको पैसे मिल जाते थे और वे मौज करते थे। मोदी ने आकर के हिसाब मांगा तो भागे-भागे फिरने लगे, भागने लगे। भाइयो-बहनो, हमने सुना था दो आंखें, बारह हाथ, एक फिल्म का नाम सुना था...दो आंखें, बारह हाथ। ये जो बैंक से रुपये मारने वाले लोग हैं ना, उसमें सबसे ज्यादा पूंजी 70-75% ये 12 लोगों ने ही मारा है, 12 लोगों ने। और नामदार की दो आंखें ये 12 हाथ लुटेरे...ये ही फिल्म चलती रही...दो आंखें, बारह हाथ। नामदार की दो आंखें बराबर देखती थीं कि लूट चल रही है कि नहीं और ये बारह लोग बैंकों से लूट गए। हमने आके कानून बदल दिया। वो भले भाग गए हों उसमें से दो-चार, जो कुछ यहां बचे हैं, कानून बदल दिया और अब तक 40-45 हजार करोड़ रुपये की उनकी संपत्ति जब्त कर ली है। हमने कानून बनाया है, विदेशों में भी उनकी संपत्ति अब हिन्दुस्तान जब्त कर लेगा भाइयो। 

भाइयो-बहनो, अब ये तेलंगाना, क्या इसमें कांग्रेस को घुसने देंगे, जिस कांग्रेस ने हमारे नौजवानों को गोलियों से भून दिया, तेलंगाना मांग करने वाले नौजवानों को मौत के घाट उतार दिया। सालों तक तेलंगाना को जिसके लिए लड़ना पड़ा, क्या आप ऐसी कांग्रेस को माफ कर-कर के तेलंगाना में घुसने देंगे? भाइयो-बहनो, आप मुझे जवाब देंगे...तेलंगाना बनने के बाद चन्द्रशेखर राव की सरकार ने तेलंगाना को बर्बाद किया है कि नहीं किया है...बर्बाद किया है कि नहीं किया है? इसका कारण क्या है मालूम है? क्योंकि चंद्रशेखर राव की अप्रेंटिसशिप कांग्रेस में हुई है, उनकी सारी शिक्षा-दीक्षा कांग्रेस में हुई है...उनकी सारी शिक्षा-दीक्षा कांग्रेस में हुई। अब ये उनके विद्यार्थी रहे, वहां से ही सब सीख के आए, और उन्होंने बर्बाद किया। अब मान लीजिए जिन्होंने उनको सिखाया है वो तो इसमें पीएचडी किया है, अगर वो आ जाएंगे, इन्होंने जितना बर्बाद किया, वो इससे 100 गुना ज्यादा बर्बाद करेंगे। और इसीलिए आप उधर गिरो तो कुआं, इधर गिरो तो खाई और इसीलिए तेलंगाना के लिए एक ही रास्ता बचा है भाजपा। भाइयो-बहनो, ये कांग्रेस पार्टी 55 साल तक देश पर राज किया है...गली से लेकर दिल्ली तक उनका राज था...पंचायत से पार्लियामेंट तक उन्हीं का कारोबार था...चार-चार पीढ़ी ने राज किया, चार-चार पीढ़ी ने, लेकिन विकास की चर्चा करने की बजाय इस चुनाव में चर्चा क्या कर रहे हैं...मोदी की जाति कौन सी है, मोदी की मां की उम्र क्या है, मोदी के बाप का नाम क्या है? क्या भाइयो-बहनो, क्या ये चुनाव के मुद्दे हैं क्या? ऐसे मुद्दों पर चुनाव लड़े जाते हैं क्या? और इसीलिए भाइयो-बहनो, मैं कहना चाहता हूं, इस देश को जिन्होंने बर्बाद किया उनको दोबारा कभी घुसने मत दीजिए।

हिन्दुस्तान में जिन-जिन राज्यों ने कांग्रेस को निकाला है दुबारा कभी कांग्रेस को घुसने नहीं दिया। उत्तर प्रदेश...मायावती चलेगी, मुलायम चलेगा लेकिन कांग्रेस नहीं चलेगी। ये उत्तर प्रदेश ने दिखा दिया है। बिहार...लालू चलेगा लेकिन कांग्रेस नहीं चलेगी, कांग्रेस को घुसने नहीं दिया। बंगाल देख लीजिए, कम्युनिस्ट चलेगा, ममता की गलतियां चलेंगी लेकिन कांग्रेस को घुसने नहीं देंगे। हिन्दुस्तान में तमिलनाडु देख लीजिए, हिन्दुस्तान में मध्य प्रदेश देख लीजिए, झारखंड देख लीजिए, गुजरात देख लीजिए...जहां से कांग्रेस जाती है वहां की जनता दोबारा कांग्रेस को घुसने नहीं देती है। मैं तेलंगाना के लोगों से आग्रह करता हूं, आप कांग्रेस के एक भी व्यक्ति को जीतने मत दीजिए वरना वो सुधरेंगे नहीं। मैं आपसे आग्रह करता हूं, भारतीय जनता पार्टी को मौका दीजिए। तेलंगाना में कमल छाप इंजन लगाइए, दिल्ली का कमल छाप इंजन है, दो इंजन लग जाएंगे अरे तेलंगाना को मैं कहां से कहां पहुंचा दूंगा। भाइयो-बहनो, 7 तारीख को कमल के निशान पर बटन दबा कर के भारतीय जनता पार्टी को अभूतपूर्व विजय दिलाइए। हमारे सभी साथी, सारे उम्मीदवार आगे आ जाएं, उम्मीदवार सारे आगे आ जाएं, सारे उम्मीदवार आगे आ जाएं। हमारे इन सभी उम्मीदवारों को दोनों हाथ ऊपर कर के, मुट्ठी बंद करके भारत मां की जय बोल करके आशीर्वाद दीजिए। भारत माता की...जय। भारत माता की...जय। भारत माता की...जय। बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Prime Minister congratulates Indian Junior Men’s Hockey Team on winning Asia Cup
September 13, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, has congratulated the Indian Junior Men’s Hockey Team on winning the Asia Cup with an emphatic 4-1 victory in the final.

The Prime Minister described the achievement as remarkable and said that the feat reflects the immense talent of the young players.

Shri Modi extended his best wishes to the entire team.

The Prime Minister wrote on X;

“Congratulations to our Junior Men’s Hockey Team on winning the Asia Cup with an emphatic 4-1 win in the final. It is indeed a remarkable achievement.

This feat reflects the immense talent of our young players. Best wishes to the entire team!”