Published By : Admin |
October 9, 2025 | 09:55 IST
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ಅಮೆರಿಕ ಅಧ್ಯಕ್ಷರಾದ ಡೊನಾಲ್ಡ್ ಟ್ರಂಪ್ ಅವರ ಶಾಂತಿ ಯೋಜನೆಯ ಮೊದಲ ಹಂತದ ಒಪ್ಪಂದವನ್ನು ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ಶ್ರೀ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ ಅವರು ಸ್ವಾಗತಿಸಿದ್ದಾರೆ.
ಈ ಬೆಳವಣಿಗೆಯು ಇಸ್ರೇಲ್ ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ಬೆಂಜಮಿನ್ ನೆತನ್ಯಾಹು ಅವರ ಸದೃಢ ನಾಯಕತ್ವವನ್ನು ಪ್ರತಿಬಿಂಬಿಸುತ್ತದೆ ಎಂದು ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ಹೇಳಿದ್ದಾರೆ. ಒತ್ತೆಯಾಳುಗಳ ಬಿಡುಗಡೆ ಮತ್ತು ಗಾಜಾ ಜನರಿಗೆ ಹೆಚ್ಚಿನ ಮಾನವೀಯ ನೆರವು ನೀಡುವುದರಿಂದ ಅತ್ಯಗತ್ಯವಾದ ಪರಿಹಾರ ದೊರೆಯಲಿದೆ ಮತ್ತು ಇದು ಈ ಪ್ರದೇಶದಲ್ಲಿ ಶಾಶ್ವತ ಶಾಂತಿಗೆ ದಾರಿ ಮಾಡಿಕೊಡಲಿದೆ ಎಂದು ಅವರು ಆಶಯ ವ್ಯಕ್ತಪಡಿಸಿದ್ದಾರೆ.
ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ಅವರು ಎಕ್ಸ್ ಪೋಸ್ಟ್ ನಲ್ಲಿ ಹೀಗೆ ಹೇಳಿದ್ದಾರೆ:
"ಅಮೆರಿಕ ಅಧ್ಯಕ್ಷ ಟ್ರಂಪ್ ಅವರ ಶಾಂತಿ ಯೋಜನೆಯ ಮೊದಲ ಹಂತದ ಒಪ್ಪಂದವನ್ನು ನಾವು ಸ್ವಾಗತಿಸುತ್ತೇವೆ. ಇದು ಇಸ್ರೇಲ್ ಪ್ರಧಾನಿ ನೆತನ್ಯಾಹು ಅವರ ಬಲವಾದ ನಾಯಕತ್ವದ ಪ್ರತಿಬಿಂಬವೂ ಆಗಿದೆ.
ಒತ್ತೆಯಾಳುಗಳ ಬಿಡುಗಡೆ ಮತ್ತು ಗಾಜಾದ ಜನರಿಗೆ ಹೆಚ್ಚಿನ ಮಾನವೀಯ ನೆರವು ನೀಡಿದಲ್ಲಿ ಅವರಿಗೆ ಅಗತ್ಯವಿರುವ ನಿರಾಳತೆ ದೊರೆತು, ಇದು ಶಾಶ್ವತ ಶಾಂತಿಗೆ ದಾರಿ ಮಾಡಿಕೊಡಲಿ ಎಂದು ನಾವು ಆಶಿಸುತ್ತೇವೆ.
@potus
@realDonaldTrump
@netanyahu”
We welcome the agreement on the first phase of President Trump's peace plan. This is also a reflection of the strong leadership of PM Netanyahu.
We hope the release of hostages and enhanced humanitarian assistance to the people of Gaza will bring respite to them and pave the way…
Press statement by the Prime Minister during the joint press statement with the Chancellor of Austria
April 16, 2026
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Your Excellency, चांसलर स्टॉकर
दोनों देशों के delegates,
मीडिया के साथियों,
नमस्कार!
ग्रूस गॉट
चांसलर स्टॉकर, आपकी पहली भारत यात्रा पर मैं आपका हार्दिक स्वागत करता हूँ। हमे बहुत खुशी है कि आपने यूरोप के बाहर अपनी पहली यात्रा के लिए भारत को चुना। यह आपके विज़न और भारत-ऑस्ट्रीया संबंधों के प्रति आपकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
चार दशकों के बाद ऑस्ट्रिया के चांसलर की भारत यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्ष 2026 के ऐतिहासिक भारत -यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड अग्रीमन्ट के बाद, भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच संबंधों में एक नए सुनहरे अध्याय की शुरुआत हुई है। चांसलर स्टॉकर की विज़िट से, हम भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को भी एक नए कालखंड में ले जा रहे हैं।
Friends,
इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और सस्टेनिबिलिटी में भारत और ऑस्ट्रिया भरोसेमंद साझेदार रहे हैं। दिल्ली मेट्रो हो या हिमालय पर दस हजार फीट की ऊँचाई पर बना अटल टनल, ऑस्ट्रिया की टनलिंग एक्स्पर्टीज़ ने अपनी मजबूत छाप छोड़ी है।
इतना ही नहीं, रेल्वे प्रोजेक्ट्स से लेकर गुजरात के गिरनार रोपवे तक, क्लीन एनर्जी से लेकर urban डेवलपमेंट तक, भारत के कई इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स में ऑस्ट्रियन कंपनियाँ सक्रिय भागीदार रही हैं।
Friends,
चांसलर स्टॉकर की यह यात्रा ट्रेड और इनवेस्टमेंट में नई ऊर्जा लाएगी। हमे बहुत खुशी है, कि वे एक बड़े vision और बड़े बिजनस delegation के साथ भारत आए हैं।
हम ऑस्ट्रिया की एक्स्पर्टीज़, और भारत की स्पीड और स्केल को जोड़कर, पूरे विश्व के लिए reliable टेक्नॉलजी और supply chain सुनिश्चित करेंगे। हम डिफेन्स, सेमीकन्डक्टर, quantum, और bio-टेक्नॉलजी में भी अपनी पार्ट्नर्शिप को सुदृढ़ करेंगे।
साथ ही, हम इंजीनियरिंग और टेक्निकल एजुकेशन सहयोग को भी और मजबूत करेंगे। IIT दिल्ली और ऑस्ट्रिया की मोंटान यूनिवर्सिटी के बीच आज साइन किया जा रहा MOU, इस knowledge एक्सचेंज का एक उज्ज्वल उदाहरण है।
Friends,
भारत का टैलेंट, ऑस्ट्रिया की innovation और productivity को बढ़ाने की क्षमता रखता है।
2023 में हमने ऑस्ट्रिया के साथ एक व्यापक माइग्रेशन एण्ड मोबिलिटी अग्रीमन्ट किया। अब इस अग्रीमन्ट के अंतर्गत, हम nursing सेक्टर में भी मोबिलिटी को आगे बढ़ाएंगे।
हम जॉइन्ट रिसर्च और start-up सहयोग को भी और मजबूत करेंगे। यूथ एक्सचेंज को प्रमोट करने के लिए, हम आज भारत-ऑस्ट्रिया वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम भी लॉन्च कर रहें हैं।
Friends,
आज पूरा विश्व एक बहुत ही गंभीर और तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहा है। और इसका प्रभाव हम सभी पर पड़ रहा है। ऐसे तनावपूर्ण वैश्विक माहौल में, भारत और ऑस्ट्रिया, हम एकमत हैं कि, मिलिटरी कॉन्फ्लिक्ट से समस्याओं का समाधान नहीं निकल सकता। यूक्रेन हो या वेस्ट एशिया, हम एक stable, सस्टेनबल और lasting peace का समर्थन करते हैं।
हम इस बात पर भी एकमत हैं, कि बढ़ते ग्लोबल challenges के समाधान के लिए Global institutions का रिफॉर्म अनिवार्य है। और आतंकवाद को जड़ से मिटाना, हमारी साझी प्रतिबद्धता है।
Your Excellency,
2024 में मेरी ऑस्ट्रिया की यात्रा भी, चार दशकों बाद हुई थी। उस विज़िट के बाद आज भारत में आपका स्वागत करना, हमारे लिए बहुत गर्व और खुशी की बात है। आइए, हम भारत-ऑस्ट्रिया साझेदारी को इनोवेशन centric और फ्यूचर रेडी बनाएं।
बहुत-बहुत धन्यवाद।
वर्ष 2026 के ऐतिहासिक भारत-यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड अग्रीमन्ट के बाद, भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच संबंधों में एक नए सुनहरे अध्याय की शुरुआत हुई है: PM @narendramodi