Published By : Admin |
October 9, 2024 | 15:56 IST
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ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ಶ್ರೀ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ ಅವರ ಅಧ್ಯಕ್ಷತೆಯಲ್ಲಿ ನಡೆದ ಕೇಂದ್ರ ಸಚಿವ ಸಂಪುಟವು, ಗುಜರಾತ್ ನ ಲೋಥಾಲ್ ನಲ್ಲಿರುವ ರಾಷ್ಟ್ರೀಯ ಸಾಗರ ಪರಂಪರೆಯ ಸಂಕೀರ್ಣ (ಎನ್.ಎಂ.ಹೆಚ್.ಸಿ) ಅಭಿವೃದ್ಧಿಗೆ ಅನುಮೋದನೆ ನೀಡಿದೆ. ಈ ಯೋಜನೆಯು ಎರಡು ಹಂತಗಳಲ್ಲಿ ಪೂರ್ಣಗೊಳ್ಳಲಿದೆ.
ಸ್ವಯಂಪ್ರೇರಿತ ಸಂಪನ್ಮೂಲಗಳು / ಕೊಡುಗೆಗಳ ಮೂಲಕ ನಿಧಿಯನ್ನು ಸಂಗ್ರಹಿಸುವ ಮೂಲಕ ಮತ್ತು ನಿಧಿಯನ್ನು ಸಂಗ್ರಹಿಸಿದ ನಂತರ ಅವುಗಳನ್ನು ಕಾರ್ಯಗತಗೊಳಿಸುವ ಮೂಲಕ ಮಾಸ್ಟರ್ ಪ್ಲಾನ್ ಪ್ರಕಾರ ಹಂತ 1ಬಿ ಮತ್ತು ಹಂತ 2 ಕ್ಕೆ ಸಹ ಕೇಂದ್ರ ಸಚಿವ ಸಂಪುಟ ತಾತ್ವಿಕ ಅನುಮೋದನೆಯನ್ನು ನೀಡಿದೆ.
ಹಂತ 1ಬಿ ಅಡಿಯಲ್ಲಿ ಲೈಟ್ ಹೌಸ್ ಮ್ಯೂಸಿಯಂ ನಿರ್ಮಾಣಕ್ಕೆ ಡೈರೆಕ್ಟರೇಟ್ ಜನರಲ್ ಆಫ್ ಲೈಟ್ ಹೌಸ್ ಮತ್ತು ಲೈಟ್ ಶಿಪ್ ಗಳು (ಡಿ.ಜಿ.ಎಲ್.ಎಲ.) ಧನಸಹಾಯ ನೀಡಲಿವೆ.
ಗುಜರಾತ್ ನ ಲೋಥಾಲ್ ನಲ್ಲಿ ಎನ್.ಎಂ.ಹೆಚ್.ಸಿ.ಯಲ್ಲಿ ಈ ಯೋಜನೆಯ ಅನುಷ್ಠಾನ, ಅಭಿವೃದ್ಧಿ, ನಿರ್ವಹಣೆ ಮತ್ತು ಕಾರ್ಯಾಚರಣೆಗಾಗಿ ಕೇಂದ್ರ ಬಂದರುಗಳು, ಶಿಪ್ಪಿಂಗ್ ಮತ್ತು ಜಲಮಾರ್ಗಗಳ ಸಚಿವರ ನೇತೃತ್ವದ ಆಡಳಿತ ಮಂಡಳಿಯಿಂದ ಆಡಳಿತ ನಡೆಸಲು ಹಾಗೂ ಭವಿಷ್ಯದ ಹಂತಗಳ ಅಭಿವೃದ್ಧಿಗಾಗಿ 1860 ರ ಸೊಸೈಟೀಸ್ ನೋಂದಣಿ ಕಾಯಿದೆ ಅಡಿಯಲ್ಲಿ ಪ್ರತ್ಯೇಕ ಸೊಸೈಟಿಯನ್ನು ಸ್ಥಾಪಿಸಲಾಗುವುದು.
ಯೋಜನೆಯ 1ಎ ಹಂತವು 60% ಕ್ಕಿಂತ ಹೆಚ್ಚು ಭೌತಿಕ ಪ್ರಗತಿಯೊಂದಿಗೆ ಅನುಷ್ಠಾನದಲ್ಲಿದೆ ಮತ್ತು 2025 ರ ವೇಳೆಗೆ ಪೂರ್ಣಗೊಳ್ಳಲು ಕಾರ್ಯಯೋಜನೆಗಳನ್ನು ಯೋಜಿಸಲಾಗಿದೆ. ಎನ್.ಎಂ.ಹೆಚ್.ಸಿ.ಯ ವಿಶ್ವ ದರ್ಜೆಯ ಪರಂಪರೆಯ ವಸ್ತುಸಂಗ್ರಹಾಲಯವಾಗಿ ಸ್ಥಾಪಿಸಲು, 1ಎ ಮತ್ತು 1ಬಿ ಹಂತಗಳನ್ನು ಇ.ಎಫ್.ಸಿ ರೀತಿಯಲ್ಲಿ ಅಭಿವೃದ್ಧಿಪಡಿಸಲಾಗುವುದು, ಮತ್ತು ಯೋಜನೆಯ 2 ನೇ ಹಂತವನ್ನು ಭೂ ಗುತ್ತಿಗೆಯ /ಪಿಪಿಪಿ ಮೂಲಕ ಅಭಿವೃದ್ಧಿಪಡಿಸಲಾಗುವುದು.
ಉದ್ಯೋಗ ಸೃಷ್ಟಿ ಸಾಮರ್ಥ್ಯ ಸೇರಿದಂತೆ ಪ್ರಮುಖ ಪ್ರಯೋಜನಗಳು:
ಎನ್.ಎಂ.ಹೆಚ್.ಸಿ. ಯೋಜನೆಯ ಅಭಿವೃದ್ಧಿಯಲ್ಲಿ 15,000 ನೇರ ಉದ್ಯೋಗ ಮತ್ತು 7,000 ಪರೋಕ್ಷ ಉದ್ಯೋಗಗಳು ಸೇರಿದಂತೆ ಸುಮಾರು 22,000 ಉದ್ಯೋಗಗಳು ಸೃಷ್ಟಿಯಾಗುವ ನಿರೀಕ್ಷೆಯಿದೆ.
ಫಲಾನುಭವಿಗಳ ಸಂಖ್ಯೆ:
ಎನ್.ಎಂ.ಹೆಚ್.ಸಿ. ಯೋಜನೆಯ ಅನುಷ್ಠಾನವು ಪರಿಸರದಲ್ಲಿ ಆರ್ಥಿಕ ಬೆಳವಣಿಗೆಯನ್ನು ಹೆಚ್ಚಿಸುತ್ತದೆ ಮತ್ತು ಇದರ ಜೊತೆಗೆ, ಸ್ಥಳೀಯ ಸಮುದಾಯಗಳು, ಪ್ರವಾಸಿಗರು ಮತ್ತು ಸಂದರ್ಶಕರು, ಸಂಶೋಧಕರು ಮತ್ತು ವಿದ್ವಾಂಸರು, ಸರ್ಕಾರಿ ಸಂಸ್ಥೆಗಳು, ಶಿಕ್ಷಣ ಸಂಸ್ಥೆಗಳು, ಸಾಂಸ್ಕೃತಿಕ ಸಂಸ್ಥೆಗಳು, ಪರಿಸರ ತಂಡಗಳು ಮತ್ತು ಸಂರಕ್ಷಣಾ ಗುಂಪುಗಳು, ವ್ಯವಹಾರಗಳಿಗೆ ಅಪಾರವಾಗಿ ಸಹಾಯ ಆಗಲಿದೆ.
ಹಿನ್ನೆಲೆ:
ಭಾರತದ 4,500 ವರ್ಷಗಳ ಹಳೆಯ ಕಡಲ ಪರಂಪರೆಯನ್ನು ಅತ್ಯುತ್ತಮ ರೀತಿಯಲ್ಲಿ ಸದುಪಯೋಗ ಪಡಿಸಿಕೊಳ್ಳುವ ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿಯವರ ದೂರದೃಷ್ಟಿಯ ಪ್ರಕಾರ, ಕೇಂದ್ರ ಬಂದರುಗಳು, ಶಿಪ್ಪಿಂಗ್ ಮತ್ತು ಜಲಮಾರ್ಗ ಸಚಿವಾಲಯ (ಎಂ.ಒ.ಪಿ.ಎಸ್.ಡಬ್ಲ್ಯೂ) ಗುಜರಾತ್ ನ ಲೋಥಾಲ್ ನಲ್ಲಿ ವಿಶ್ವ ದರ್ಜೆಯ ರಾಷ್ಟ್ರೀಯ ಸಾಗರ ಪರಂಪರೆ ಸಂಕೀರ್ಣವನ್ನು (ಎನ್.ಎಂ.ಹೆಚ್.ಸಿ.) ಸ್ಥಾಪಿಸುತ್ತಿದೆ.
ಎನ್.ಎಂ.ಹೆಚ್.ಸಿ. ಯೋಜನೆಯ ಮಾಸ್ಟರ್ ಪ್ಲಾನ್ ಅನ್ನು ಹೆಸರಾಂತ ಆರ್ಕಿಟೆಕ್ಚರ್ ಸಂಸ್ಥೆ “ ಆರ್ಕಿಟೆಕ್ಟ್ ಹಫೀಜ್ “ ಗುತ್ತಿಗೆದಾರರಾಗಿ ಸಿದ್ಧಪಡಿಸಲಿದ್ದಾರೆ ಮತ್ತು ಹಂತ 1ಎ ನಿರ್ಮಾಣವನ್ನು “ಟಾಟಾ ಪ್ರಾಜೆಕ್ಟ್ಸ್ ಲಿಮಿಟೆಡ್”ಗೆ ವಹಿಸಲಾಗಿದೆ.
ಎನ್.ಎಂ.ಹೆಚ್.ಸಿ. ಯೋಜನೆಯನ್ನು ವಿವಿಧ ಹಂತಗಳಲ್ಲಿ ಅಭಿವೃದ್ಧಿಪಡಿಸಲು ಯೋಜಿಸಲಾಗಿದೆ, ಇದರಲ್ಲಿ:
• ಹಂತ 1ರಲ್ಲಿ 6 ಗ್ಯಾಲರಿಗಳೊಂದಿಗೆ ಎನ್.ಎಂ.ಹೆಚ್.ಸಿ. ಮ್ಯೂಸಿಯಂ ಅನ್ನು ಹೊಂದಿರುತ್ತದೆ, ಇದು ಭಾರತೀಯ ನೌಕಾಪಡೆ ಮತ್ತು ಕೋಸ್ಟ್ ಗಾರ್ಡ್ ಗ್ಯಾಲರಿಯನ್ನು ಒಳಗೊಂಡಿರುತ್ತದೆ, ಇದು ಬಾಹ್ಯ ನೌಕಾ ಕಲಾಕೃತಿಗಳೊಂದಿಗೆ (ಐ.ಎನ್.ಎಸ್. ನಿಶಾಂಕ್, ಸೀ ಹ್ಯಾರಿಯರ್ ಯುದ್ಧ ವಿಮಾನ, ಯುಹೆಚ್ 3 ಹೆಲಿಕಾಪ್ಟರ್ ಇತ್ಯಾದಿ) ದೇಶದ ಅತಿದೊಡ್ಡ ಗ್ಯಾಲರಿಗಳಲ್ಲಿ ಒಂದಾಗಿದೆ. ಮಾದರಿಯು ತೆರೆದ ಜಲವಾಸಿ ಗ್ಯಾಲರಿ ಮತ್ತು ಜೆಟ್ಟಿ ವಾಕ್ ವೇ ಯಿಂದ ಆವೃತವಾಗಿರುವ ರೀತಿಯ ಗುಜರಾತ್ ನ ಲೋಥಾಲ್ ಈ ಟೌನ್ಶಿಪ್ ಸಿದ್ದವಾಗಲಿದೆ.
• ಹಂತ 1ಬಿ ಎನ್.ಎಂ.ಹೆಚ್.ಸಿ. ಮ್ಯೂಸಿಯಂ ಅನ್ನು ಇನ್ನೂ 8 ಗ್ಯಾಲರಿಗಳೊಂದಿಗೆ ಹೊಂದಿರುತ್ತದೆ, ಲೈಟ್ ಹೌಸ್ ಮ್ಯೂಸಿಯಂ ಅನ್ನು ವಿಶ್ವದ ಅತಿ ಎತ್ತರದ ಯೋಜನೆಯಾಗಿ ರೂಪಿಸಲಾಗಿದೆ. (ಸುಮಾರು 1500 ಕಾರುಗಳಿಗೆ ಕಾರ್ ಪಾರ್ಕಿಂಗ್ ಸೌಲಭ್ಯ, ಆಹಾರ ಹಾಲ್, ವೈದ್ಯಕೀಯ ಕೇಂದ್ರ, ಇತ್ಯಾದಿ.) ಸೌಲಭ್ಯಗಳ ಹೂದೋಟ(ಬಗಿಚಾ) ಸಂಕೀರ್ಣ ಸಿದ್ದವಾಗಲಿದೆ.
• ಹಂತ 2 ಕರಾವಳಿ ರಾಜ್ಯಗಳ ಪೆವಿಲಿಯನ್ಗಳನ್ನು (ಆಯಾ ಕರಾವಳಿ ರಾಜ್ಯಗಳು ಮತ್ತು ಕೇಂದ್ರಾಡಳಿತ ಪ್ರದೇಶಗಳಿಂದ ಅಭಿವೃದ್ಧಿಪಡಿಸಲಾಗುವುದು), ಹಾಸ್ಪಿಟಾಲಿಟಿ ವಲಯ (ಸಾಗರ ಥೀಮ್ ಇಕೋ ರೆಸಾರ್ಟ್ ಮತ್ತು ಮ್ಯೂಸಿಯೊಟೆಲ್ಗಳೊಂದಿಗೆ), (ಕಡಲ ಮತ್ತು ನೌಕಾ ಥೀಮ್ ಪಾರ್ಕ್, ಹವಾಮಾನ ಬದಲಾವಣೆ ಥೀಮ್ ಪಾರ್ಕ್, ಸ್ಮಾರಕಗಳ ಪಾರ್ಕ್ ಮತ್ತು ಸಾಹಸ ಮತ್ತು ಅಮ್ಯೂಸ್ಮೆಂಟ್ ಪಾರ್ಕ್) ನೈಜ ಸಮಯದ ಲೋಥಲ್ ಸಿಟಿ, ಮಾರಿಟೈಮ್ ಇನ್ಸ್ಟಿಟ್ಯೂಟ್ ಮತ್ತು ಹಾಸ್ಟೆಲ್ ಮತ್ತು 4 ಥೀಮ್ ಆಧಾರಿತ ಉದ್ಯಾನವನಗಳನ್ನು ಕೂಡಾ ಹೊಂದಿರುತ್ತದೆ.
Text of PM’s interaction with India's CWG champions
August 10, 2026
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प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।
प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?
खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।
प्रधानमंत्री – पक्का।
खिलाड़ी – हाँ जी।
खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।
प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।
खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।
प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया
प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।
खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।
प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।
खिलाड़ी – हाँ सर।
प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?
खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।
प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।
खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।
प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?
खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।
प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।
खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।
प्रधानमंत्री – हाँ
खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।
प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।
खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।
प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।
खिलाड़ी – पर..
प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।
खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?
प्रधानमंत्री – हाँ
खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।
खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।
प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।
प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?
खिलाड़ी – जी सर।
प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?
खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।
प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?
खिलाड़ी – जी सर।
प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?
खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।
प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।
खिलाड़ी – जी सर।
प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।
खिलाड़ी – जी सर।
प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।
खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।
प्रधानमंत्री – ठीक है।
खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।
प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।
खिलाड़ी – थैंक यू सर।
प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।
खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…