मित्रों,

पिछले सप्ताह अमरीका में घटी एक महत्वपूर्ण घटना की ओर किसी भी देशभक्त नागरिक का ध्यान आकर्षित हो, यह स्वाभाविक बात है। इस घटना से खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान की जासूसी संस्था आईएसआई भारत के तथाकथित बुद्धिजीवियों को किस तरह और किस हद तक प्रभावित कर सकती है।

इस अतिगंभीर मामले को लेकर अमेरिका को गुलाम नबी फाई को गिरफ्तार तक करना पड़ा। लेकिन भारत की ओर से पाक विदेश मंत्री के साथ वार्तालाप में इस मुद्दे के उठाए जाने की जानकारी देश को नहीं है।

भारत में आए दिन किसी भी मामले को लेकर उपदेश देने की आदत से मजबूर इन तथाकथित बौद्धिक बाबाओं को दिल्ली की यूपीए सरकार बचाने की कोशिश कर रही है, देश की जनता को ऐसा लगना स्वाभाविक है।

पिछले सप्ताह पढ़े कुछ लेख आंखें खोलने वाले हैं। आप भी इसे पढ़ें और अपने मित्रों को भी पढ़ाएं, इसी उद्देश्य से इन्हें यहां आपके साथ बाँट रहा हूं। अपने विचारों को भी यहाँ लिखे ताकि इस संवाद से पूरा राष्ट्र इस विषय में जागरूक हो सके |

लेखो के लिंक:

1) Fai has exposed them - S. Gurumurthy, The express buzz

2) Fai's ISI link was known to all - B Raman, The pioneer

3) The truth behind ‘Pseudo Secular Intellectuals’ reveled- Suresh Chiplunkar on Blog

4) Junketing on the ISI's money - Kanchan Gupta, The Pioneer

आपका,