"Shri Narendra Modi addressed a massive rally at Srirampur in West Bengal"
"I am coming to you after traveling all over UP. This land is very special to me. It is a Tirth Bhumi for me: Shri Modi in WB"
"Mamata Didi Kahan Gayi Aapki Mamata. Bengal had such hopes from you but what has happened: Shri Modi to Bengal CM"
"Mamata ji times have changed. You cannot use police to make cases against people. This is not the right path: Shri Modi to Bengal CM"
"I assure those who lost money in Sharda Chit Fund Scam that after forming the government there will be tough investigation on it: Shri Modi in WB"
"WB has been ruined for 40 years by these parties. Generations have been ruined. Do you also want to get ruined: Shri Modi in WB"
"Vote bank politics has put the future of our youth in darkness: Shri Modi"
"People from Odisha, Bihar are outsiders for you but Bangladeshis come and see the shine on your face: Shri Modi to Bengal CM"
"Congress, Left and TMC they are one only: Shri Modi in WB"
"Subhas Babu said give me blood I will give you freedom. With folded hands I say give me your support & I will give Surajya: Shri Modi in WB"

श्री नरेन्द्र मोदी ने 27 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के श्रीरामपुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए जन कल्याण के प्रति राज्य सरकार की उदासीनता की कड़ी निंदा की और वोट देकर सत्ता में पहुंचाने वाले लोगों का ही तिरस्कार करने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री की आलोचना की। श्री मोदी ने राज्य‍ में विकास के अभाव से लेकर विघ्नंकारी नीतियों की चर्चा की जिनसे जनता बरबाद हुई है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के पतन का जिक्र किया तथा लोगों से राज्य को इस दुर्गति से बाहर लाने और भाजपा को वोट देने का आग्रह किया।

श्री मोदी ने पश्चिम बंगाल की पूर्ववर्ती सरकारों की निंदा भी की और बताया कि किस तरह उनकी विघ्नमकारी नीतियों के चलते राज्य बरबाद हुआ है। श्री मोदी ने कहा, “कांग्रेस, वामदल और तृणमूल कांग्रेस तीनों एक ही हैं। इन दलों ने 40 साल तक पश्चिम बंगाल को बरबाद किया है। कई पीडि़यां बरबाद हो गयी हैं।”

राज्य में कुशासन पर चिंता व्यक्तं करते हुए श्री मोदी ने लोगों की प्रगति सुनिश्चित करने में राज्य सरकार की दयनीय असफलता के बारे में पश्चिम बंगाल की मुख्य मंत्री से सवाल भी किया। श्री मोदी ने कहा, “ममता दीदी आपकी ममता कहां गयी। बंगाल को आपसे काफी उम्मी दें थीं लेकिन अब क्या हो गया। ममताजी लोगों को बेहतरी की उम्मीद थी। मैं हमेशा आपका सम्मान करता हूं लेकिन बंगाल की जनता के सपने टूट गये हैं। ममताजी आप भी वही सब कर रही हैं, जो वाम दलों ने किया।”

West Bangal

शारदा चिट फंड घोटाले में हजारों लोगों की मेहनत की कमाई लूटे जाने पर असंतोष प्रकट करते हुए श्री मोदी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यामंत्री और वित्तक मंत्री पी चिदंबरम से सवाल किया कि इस घोटाले की जांच से बचाकर वे किसकी मदद कर रहे हैं।

भाजपा के सत्ताह में आने पर षड़यंत्रकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कहते हुए श्री मोदी ने कहा, “मैं शारदा चिट फंड घोटाले में धन गंवाने वालों का आश्वशस्त करता हूं कि सरकार बनने के बाद इसकी सघन जांच की जायेगी।”

बंगाल की मुख्य्मंत्री के कला के प्रति लगाव जो कि उनकी बनायी कलाकृतियों से झलकता है, का जिक्र करते हुए श्री मोदी ने जनता का ध्यान उनकी एक कलाकृति की ओर दिलाया जो कि हाल में एक करोड़ रुपये से अधिक में बिकी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि आखिर उनकी कलाकृतियों का इतना बड़ा प्रसंशक कौन है। श्री मोदी ने अपने अंदाज में कटाक्ष करते हुए बंगाल की मुख्य्मंत्री से गैर-कानूनी राजनीति छोड़कर जनता की तरक्की के लिए काम करने का आग्रह किया। श्री मोदी ने कहा, “ममताजी बंगाल के बारे में कम, अपनी कुर्सी के बारे में अधिक चिंतित हैं। ममताजी अब आप मुख्यमंत्री हैं और आन्दोलन के दिन अब लद चुके हैं। ममताजी वक्त आ बदल चुका है। ममताजी आप लोगों के खिलाफ मामले बनाने के लिए राजनीति का इस्ते‍माल नहीं कर सकतीं। यह सही रास्ताे नहीं है।”

श्री मोदी ने बंगाल की मुख्यमंत्री की विभाजनकारी राजनीति की भी कड़ी आलोचना की और बंगाल आने वाले भारतीयों के तिरस्कार तथा बांग्लाीदेशी घुसपैठियों के स्वागत की उनकी रीति की भर्त्सतना भी की। ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ पर भाजपा के फोकस की चर्चा करते हुए श्री मोदी ने कहा कि दिल्ली में सत्ता में आने के बाद पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि घुषपैठिये देश से बाहर चले जायें और यहां हालात सुधरें और विकास के लिए बराबर का मौका मिले।

श्री मोदी ने यह भी कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का एकमात्र ध्यान मोदी को रोकना है न कि देश के विकास पर जोर देना। श्री मोदी ने कहा कि यह भय इसलिए है क्यों कि उन्हें मालूम है कि 16 मई के बाद उनका स्थान कहां है। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि अगर वे तीसरे मोर्चा को स्वीकारने को तैयार हैं तो वे चुनाव क्यों लड़ रहे हैं। कांग्रेस की गैर-जवाबदेही के बारे में चर्चा करते हुए श्री मोदी ने कहा कि उन्हें पिछले दशक में उनके द्वारा किये गये कार्यों का हिसाब देने की चिंता नहीं है। उन्होंंने गरीबों की अनदेखी करने की उसकी रीति की भर्त्सेना की और कहा कि किस तरह उसे गरीबों की याद चुनाव से पहले आती है। श्री मोदी ने गरीबी, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महंगाई और किसान आत्महत्या जैसे राष्ट्रीय मुद्दों को हल करने में केंद्र सरकार की नाकामी को भी उजागर किया। उन्होंने इन मुद्दों पर गुजरात की नवीनतम रीतियों का उदाहरण दिया और बताया‍ कि बीते दशक में राज्य किस तरह निवेश हव के तौर पर उभरा है।

श्री मोदी ने डा. श्यारमा प्रसाद मुखर्जी और सुभाष चंद्र बोस के बहुमूल्य योगदान को याद किया और बताया कि पश्चिम बंगाल उनकी ‘तीर्थभूमि’ है। उन्होंने सुभाष चंद्र बोस के नारे को याद करते हुए कहा, “सुभाष बाबू ने कहा था आप मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा। मैं करबद्ध प्रार्थना करता हूं कि आप मुझे समर्थन दो और मैं आपको सुराज्य दूंगा।”

उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव परिणाम राजनीतिक विश्लेधषकों के सभी अनुमानों को गलत साबित करेंगे क्योंकि ये चुनाव अंकगणित के बारे में नहीं बल्कि 125 करोड़ भारतीयों की कैमिस्ट्री के बारे में हैं। उन्होंने लोगों से भाजपा को वोट देने और केंद्र में ऐसी सरकार के गठन का आग्रह किया जो लोगों के सशक्तिकरण और देश की प्रगति पर ध्यान केंद्रित करे।

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आज दुनिया संसाधनों की कमी से नहीं, बल्कि भरोसे की कमी से जूझ रही है: G7 समिट में पीएम मोदी
June 16, 2026

राष्ट्रपति मैक्रों,
Your Excellencies,

नमस्कार!

G-7 समिट में हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक inter-connected और inter-dependent है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। Mobility, data, capital, technology, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

ऐसे समय में Partnerships का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो। आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।

विश्वास कि टेक्नॉलजी और supply chains को हथियार के रूप में नहीं, global good के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वास कि विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे। विश्वास कि वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे।

Friends,

पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुज़रना पड़ा। अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी trust ही था।

किन्तु अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि trust और solidarity के दावे कितने खोखले थे।

Today the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust. And the future of our partnerships depends on building this trust.

अमेरिका के राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था: Trust but Verify. यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप trusted rules based order का निर्माण करें।

Friends,

भारत ने सदैव विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। हमारे सभी प्रयास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं।

भारत का अनुभव दिखाता है कि विकास सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का भी आधार है। इसी सोच के साथ भारत ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस, Mission LiFE, और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी वैश्विक पहलों को आगे बढ़ाया है।

संकट के समय भारत ने First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और vaccines उपलब्ध कराईं।

श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोज़ाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव "Humanity First" के सिद्धांत पर कार्य किया है। हमारी विकास साझेदारियाँ भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करती हैं। हमारे प्रयास पार्टनर देशों में capacity building और कौशल विकास पर केन्द्रित रहे हैं।

भारत का मानना है: The true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.

Friends,

आज ग्लोबल साउथ की विश्व समुदाय से बहुत उम्मीदें हैं। किन्तु उनकी अपेक्षा सहारे की नहीं, साथ की है। वे वैश्विक विकास के लाभार्थी नहीं, उसके भागीदार बनना चाहते हैं।

हमें donor–recipient की सोच से आगे बढ़कर, equal पार्टनर्स के रूप में काम करना होगा। उनके पास-पास नहीं, साथ-साथ चलना होगा। साझेदारी को dependency के बजाय, dignity से जोड़ना होगा। इन प्रयासों से हम भावी पीढ़ियों के सतत विकास की मजबूत नींव रख सकेंगे।

Friends,

अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें। भारत का दृढ विश्वास है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान dialogue, diplomacy और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है।

हम west asia में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से west asia में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी। Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।

Friends,

भारत इन विषयों पर सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।