Published By : Admin |
October 9, 2012 | 17:06 IST
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Shri Modi addresses public meetings in Tharad and Dhanera
English speaking political pundits who do not believe in politics of development will be proven wrong yet again in Gujarat elections
It has become a fashion to defame Gujarat: Shri Modi
Mrs. Sonia Gandhi came here with lot of advice. Would she do the same with regard to Haryana where instances of rapes are happening everyday? Asks Shri Modi
Vivekananda Yuva Vikas Yatra under the leadership of Shri Narendra Modi covered parts of Banaskantha District on Tuesday 9th October 2012. Shri Modi addressed meetings at Tharad and Dhanera. There were record number of people from different age groups and communities who gathered at various venues to support Shri Modi and the Yatra. Shri Modi stated that North Gujarat is his home and he has come among his own people to seek their blessings to take Gujarat to newer heights of development.
Shri Modi affirmed that there is a belief among English-speaking political pundits that development cannot win elections but in 2002 and 2007 the people of Gujarat demonstrated the opposite and in 2012 too development and progress are the issues. He stated that English speaking political pundits who do not believe in politics of development would be proven wrong yet again in the upcoming Gujarat elections.
The Chief Minister said it has become a fashion to defame Gujarat and asked political pundits till when would they continue to defame Gujarat and negate the path of development. Shri Modi affirmed that it is this development that ensured that the waters of the Narmada and Mahi River reach North Gujarat. He spoke about the refusal of the Prime Minister to give permission to construct gates on the Narmada and said this is the Disha of the Congress- let Narmada waters go to the sea but it should not reach the people.
The Chief Minister said that Congress President Mrs. Sonia Gandhi visited Jind, Haryana, a state from where there is news of an instance of rape everyday. He shared that the latest case of rape involved a women from the Dalit community. He wondered if the same Mrs. Gandhi who came here with plenty of advice would do the same to her own party’s Government?
Speaking about the development in North Gujarat, Shri Modi declared that the land was known for frequent dust storms is has now been transformed and farmers from Banaskantha are cultivating tomatoes! This is the development that has taken place. He urged the people to wipe the Congress out of North Gujarat in the coming elections.
Vivekananda Yuva Vikas Yatra at Dhanera; unprecedented response to the Yatra and support to Shri Modi
In Dhanera, Banaskantha District, Shri Modi spoke about the development initiatives in the state in the last 11 years. He said that during the Congress rule in 1996-97 the overall Budget for irrigation was Rs. 600 crore, which is even less than the budget for dams for Narmada waters to reach Dhanera which stands at Rs. 750 crore!
He thanked the people for their good wishes and said that the reason why the people have given him the honour to serve them for 11 years is because he is contently toiling for the people of Gujarat and their well-being. Shri Modi spoke about the political stability in Gujarat and contrasted it with Maharashtra where Chief Ministers have changed frequently.
National BJP Vice President Shri Purushottam Rupala spoke on the occasions. Many other dignitaries were present.
‘रोजगार मेले’ नए अवसरों के साथ युवाशक्ति को सशक्त बनाने की हमारी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं: पीएम मोदी
May 23, 2026
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India’s youth are playing a vital role in accelerating the journey towards a Viksit Bharat: PM
Rozgar Mela reflects our Government’s commitment to empowering the Yuva Shakti with new opportunities: PM
भारत के युवाओं और टेक्नोलॉजिकल प्रोग्रेस को लेकर पूरी दुनिया उत्साहित है और आज ग्लोबल कम्युनिटी भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनना चाहती है: पीएम
क्लीन एनर्जी, क्रिटिकल मिनरल्स, ग्रीन हाइड्रोजन और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और इन क्षेत्रों में बन रही पार्टनरशिप नए अवसर पैदा कर रही हैं: पीएम मोदी
हर भारतीय 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है: रोजगार मेले में पीएम मोदी
Today, Rapid transformation is clearly visible even in rural areas; Enhanced connectivity has opened new avenues for farmers, small traders, and students: PM
‘विकसित भारत’ का निर्माण ऐसे युवाओं के प्रयासों से होगा, जो अपने काम को देशसेवा का माध्यम मानते हैं: पीएम मोदी
साथियों,
आज देशभर के हजारों युवाओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिवस है। आज 51 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र मिला है। आज आप सभी देश की विकास यात्रा में अहम भागीदार बन रहे हैं, जिम्मेदार भागीदार बन रहे हैं। रेलवे, बैंकिंग, डिफेंस, हेल्थ, एजूकेशन और दूसरे कई क्षेत्रों में आप सभी नई जिम्मेदारियां संभालने जा रहे हैं। आने वाले वर्षों में विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने में आप सभी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं।
साथियों,
यहां तक पहुंचने के लिए आप सभी ने लंबी तैयारी और कड़ा परिश्रम जरूर किया होगा। इस उपलब्धि के लिए मैं आपको भी और आपके परिवारजनों को भी बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आपको यहां तक पहुंचाने में आपके माता-पिता और परिवार का योगदान कम नहीं होता है। लेकिन इतना भी नहीं है, कि जैसे परिवार का योगदान होता है, समाज का भी बहुत बड़ा योगदान होता है, हमें यहां पहुंचाने के लिए। हम सिर्फ अपने कारण नहीं पहुंचते, सिर्फ अपने परिवार के कारण नहीं पहुंचते। इस विशाल देश के 140 करोड़ के नागरिकों के योगदान का भी बहुत बड़ा महत्व होता है। और इसलिए हमारा दायित्व खुद के प्रति, खुद के परिवार के प्रति, वैसे ही संपूर्ण समाज के प्रति भी रहता है। और मुझे विश्वास है कि इन सभी कामों के लिए आप अपने आप को और अधिक योग्य बनाएंगे। मैं आपको बहुत शुभकामनाएं देता हूं।
साथियों,
आप सबको पता है अभी दो दिन पहले ही मैं 5 देशों की यात्रा करके लौटा हूं। कहने को तो ये सिर्फ पांच देशों की यात्रा थी, लेकिन इस दौरान मेरी दर्जनों देशों की बड़ी-बड़ी कंपनियों के लीडर्स से बातें हुईं, विस्तार से चर्चा हुई, मुलाकात हुई, और हर जगह मैंने एक बात समान रूप से महसूस की है। दुनिया, भारत के युवाओं और भारत की टेक्नोलोजिक्ल प्रोग्रेस को लेकर बहुत उत्साहित है। आज दुनिया भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनना चाहती है। भारत भी दुनिया के अलग-अलग देशों के साथ पार्टनरशिप कर रहा है। इसका उद्देश्य यही है कि भारत के युवाओं को अवसर मिले, रोजगार मिले, उनका सामर्थ्य खिल उठे। साक्षात मैं चाहता हूं मेरे देश के नौजवानों को ग्लोबल एक्सपोजर भी मिले। इस यात्रा के दौरान, अब जैसे नीदरलैंड्स की मैं बात करूं, तो नीदरलैंड्स के साथ सेमीकंडक्टर्स, वॉटर, एग्रीकल्चर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग पर चर्चा हुई - स्वीडन के साथ आर्टिफ़िशियल (एआई) और डिजिटल इनोवेशन, उस पर सहयोग की बहुत सारी बातें हुई, - नॉर्वे के साथ ग्रीन टेक्नॉलॉजी और मेरिटाइम कोऑपरेशन की बात आगे बढ़ी है, UAE के साथ स्ट्रैटेजिक एनर्जी और टेक्नॉलॉजी पार्टनरशिप्स पर महत्वपूर्ण समझौते हुए, इटली के साथ डिफेंस, क्रिटिकल मिनरल्स, science & technology ऐसे अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पार्टनरशिप्स पर एग्रीमेंट हुए।
साथियों,
इन सारे एग्रीमेंट्स का सीधा लाभ भारत के युवाओं को मिलने वाला है। और आपने देखा होगा, ये सारे विषय एक उज्जवल समर्थ भारत के भविष्य की गारंटी लेकर के आते हैं। क्योंकि हर नया निवेश, हर टेक्नॉलॉजी पार्टनरशिप, हर इंडस्ट्रियल कोलैबोरेशन, भारत के युवाओं के लिए नई अपॉरचुनिटीज तो लेकर के आता ही है, लेकिन अनगिनत नए अवसर तैयार करता है।
मेरे नौजवान साथियों,
हमें याद रखना है, ये वो सेक्टर्स हैं जिनमें आने वाला इंवेस्टमेंट और पार्टनरशिप, आने वाले 3-4 दशक की ग्लोबल ग्रोथ को ये शेप करने वाली इंडस्ट्रीज तैयार करेंगी। और निश्चित तौर पर भारत के युवाओँ की इसमें बहुत बड़ी भूमिका होगी।
साथियों,
भारत किस तरह दुनिया का एक भरोसेमंद सप्लाई चेन पार्टनर बन रहा है, इसका मैं आपको एक उदाहरण देता हूं। जैसे नीदरलैंड्स की सेमीकंडक्टर कंपनी, आपमें से बहुत लोग इस नाम से परिचित होंगे ASML, ASMLके साथ भारत की टाटा कंपनी का एग्रीमेंट है। भारत, दुनिया के कुछ ही देशों में से एक है जिसके साथ इस कंपनी ने समझौता किया है। ASML-टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच ये अकेला समझौता ही भारत में रोजगार के अनगिनत नए मौके बनाएगा, और भारत को एक नेक्स्ट जनरेशन टेक्नोलॉजी में प्रवेश द्वार खोल देगा। ऐसे ही स्वीडन के साथ टेक्नॉलॉजी और AI पार्टनरशिप्स, UAE के साथ सुपरकंप्यूटिंग कोऑपरेशन, भारत की टेक्नॉलॉजी क्षमता को बहुत मजबूत करने वाले हैं। इन एग्रीमेंट्स से युवाओं के लिए नए अवसर तो होंगे ही होंगे।
साथियों,
आज क्लीन एनर्जी, क्रिटिकल मिनरल्स, ग्रीन हाइड्रोजन और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े सेक्टर्स भी बहुत तेजी से ग्रो कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं। इनसे जुड़ी पार्टनरशिप एक नई इकोनॉमी के, new opportunities के दरवाजे खोल रही हैं। स्वीडन, नॉर्वे और इटली जैसे देशों के साथ, ग्रीन ट्रांजिशन और सस्टेनेबल टेक्नॉलॉजी में भी सहयोग बढ़ रहा है। ये भारत को क्लीन मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी फ्यूचर इंडस्ट्रीज में मजबूत करेगा। इसके अलावा भारत ने पोर्ट्स, शिपिंग और मेरिटाइम इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े एग्रीमेंट्स पर तेजी से काम किया है। UAE और नॉर्वे के साथ पार्टनरशिप से भारत का शिपबिल्डिंग इकोसिस्टम मजबूत होगा। और आप तो जानते हैं शिपबिल्डिंग यानी, स्किल मेनपावर की बहुत जरूरत पड़ती है। यानी भारत के इंजीनियर्स, टेक्नीशियन्स और स्किल्ड वर्कर्स के लिए इतनी मांग बढ़ने वाली है, जिसकी आप कल्पना नहीं कर सकते हैं, इतने अवसर तैयार होंगे।
साथियों,
हर नई पार्टनरशिप के साथ हम भारतीय स्टार्टअप्स, रिसर्चर्स और यंग प्रोफेशनल्स के लिए दुनिया से जुड़ने के नए रास्ते बना रहे हैं। इससे भारतीय युवाओं को एडवांस्ड एक्सपर्टीज, ग्लोबल मार्केट्स और ग्रोथ के नए मौके भी मिलेंगे। आज दुनिया उन देशों का सम्मान करती है, जो इनोवेट करते हैं, जो बिल्ड करते हैं, और जो बड़े स्तर पर डिलीवरी कर सकते हैं। भारत आज इन तीनों दिशाओं में तेजी से आगे बढ़ रहा है, और इस परिवर्तन की सबसे बड़ी ताकत आप सब मेरे नौजवान साथी हैं, भारत का युवा है, और मैं दुनिया में जहां भी जाता हूं, मैं काफी समय चर्चा में भारत की युवाशक्ति की चर्चा करता हूं।
साथियों,
आज हर भारतीय, एक बड़े संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। ये संकल्प, 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आज देश अलग-अलग सेक्टर्स में निवेश कर रहा है। और इस निवेश से देश के युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर बन रहे हैं। जैसे, आज भारत में सेमीकंडक्टर मैन्यूफैक्चरिंग की पूरी सप्लाई चेन तैयार की जा रही है। आने वाले समय में भारत की 10 बड़ी सेमीकंडक्टर यूनिट्स, दुनिया में अपना परचम लहराएंगी। इनमें बड़ी संख्या में भारत के नौजवानों का सामर्थ्य होगा, भारत के नौजवानों की बुद्धि प्रतिभा होगी, भारत के नौजवानों का कमिटमेंट होगा और स्वाभाविक है रोजगार तो है ही है। भारत आज शिप-बिल्डिंग से लेकर शिप रिपेयरिंग और ओवरहॉलिंग का भी इकोसिस्टम विकसित कर रहा है। इसके लिए करीब 75 हजार करोड़ रुपए, Seventy Five Thousand Crore Rupees का निवेश किया जा रहा है। इसी तरह भारत में ही हम पूरा MRO इकोसिस्टम, यानी मेंटेनेंस, ओवरहॉल और रिपेयर फेसिलिटीज तैयार कर रहे हैं। इससे देश के एविएशन सेक्टर को बहुत मदद मिलने वाली है, और भारत के युवाओं के लिए रोजगार का नया सेक्टर तो खुलना ही खुलना है।
साथियों,
भारत आज एक बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफेक्चरर है। और हम इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी कंप्लीट वैल्यू चेन, भारत में ही बना रहे हैं। इसके लिए जो PLI स्कीम चल रही है, उससे देश में रिकॉर्ड इलेक्ट्रॉनिक्स प्रॉडक्शन हो रहा है, और युवाओं को लाखों की संख्या में Jobs भी मिल रही हैं।
साथियों,
ऐसे अनेकों अभियानों पर भारत का पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर मिलकर बहुत बड़ा निवेश कर रहा है। ये निवेश देश के युवाओं को देश में ही- Jobs दे रहा है, उनके सपने पूरे कर रहा है। एक सरकारी कर्मचारी होने के नाते, जोकि आज नियुक्ति पत्र के भरने के बाद आपकी पहचान बनने वाली है, कि आप एक सरकारी कर्मचारी हैं। तो उस नाते आपको भी हमेशा ये ध्यान रखना है कि Ease of Doing Business देश की कितनी बड़ी प्राथमिकता है।
साथियों,
भारत की ग्रोथ स्टोरी और इंप्लॉयमेंट जनरेशन, इसमें ये मानी हुई बात है, आप भी जानते हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर, इसकी बहुत बड़ी भूमिका होती है। जब गांव, छोटे शहर और दूर-दराज के इलाके विकास से जुड़ते हैं, तभी देश की प्रगति का लाभ ज्यादा लोगों तक पहुंचता है। पिछले 12 वर्षों में रेलवे, हाईवे, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, पोर्ट्स, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर कल्पनाभर का तेज गति से विस्तार हुआ है, विकास हुआ है, हर स्तर पर काम हुआ है। आज आप अपने क्षेत्र में, किसी की भी दिशा में 100 किलोमीटर अगर जाएंगे, तो भारत सरकार द्वारा कोई न कोई काम चलता हुआ नजर आएगा आपको। आज गांवों में भी बदलाव तेजी से दिखाई दे रहा है। कनेक्टिविटी बढ़ने से किसानों, छोटे व्यापारियों, विद्यार्थियों के लिए नए रास्ते खुले हैं। आज करोड़ों परिवारों को पक्का घर मिला है। यानी दुनिया के कई देश हैं, जिनके पास टोटल घर होते हैं, उससे अनेक गुणा घर हम नए बनाते हैं। इतना ही नहीं, जो मेरा स्वच्छता का अभियान है, उसको तो मैं कभी भी भूलने नहीं देता हूं लोगों को, और न ही मैं भी भूलता हूं, उसमें शौचालय की बहुत बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका है, हम उस पर भी बल दे रहे हैं। करोड़ों घरों तक आज बिजली पहुंची है। रूफटॉप सोलर एनर्जी, कितने नए-नए वेंडर्स मैदान में आए हैं। अब देखिए जल जीवन मिशन से, नल से जल पहुंचाना, मैं अभी देख रहा था, कि मैं चाहता था कि शहरों में पीएनजी के कनेक्शन बढ़ें, तो मुझे पलम्बर नहीं मिल रहे थे, कमी पड़ रही थी, क्योंकि जल जीवन के मिशन में कई सारी बड़ी संख्या में पलम्बर वहां लगे हुए थे। अब इधर मुझे एनर्जी के लिए बड़े शहरों में पीएनजी के कनेक्शन तेजी से बढ़ाने थे, तो आप कल्पना कर सकते हैं कि कभी-कभी लोगों की जरूरत पड़े तो लोग कम पड़ जाते हैं।
साथियों,
इन बदलावों का असर सिर्फ सामान्य नागरिकों की सुविधाओं तक सीमित नहीं रहता। गांव तक सड़क पहुंची, तो मार्केट तक आना-जाना आसान हुआ। बिजली की सुविधा बेहतर हुई, तो छोटे उद्योग-धंधे आगे बढ़ने लगे। गांव में भी एग्रीकल्चर में वेल्यु एडिशन होने लगा। पहले अगर वो लाल मिर्ची बेचते थे, अब बिजली आई तो लाल मिर्ची का पाउडर बनाते हैं, पाउडर बनाकर के पैकेट बनाते हैं, पैकेट बनाकर के बेचते हैं। तो गांव में भी छोटे -छोटे-छोटे-छोटे उद्योग इसके कारण बढ़ते जाते हैं। डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ी, तो गांव के लोग भी पूरे विश्व के साथ जुड़ रहे हैं, आधुनिकता से जुड़ रहे हैं। शहर और गांव का फर्क मिटता चला जा रहा है। और इससे अर्थव्यवस्था की गति तेज हुई है। और इन सबका पॉजिटिव प्रभाव देश के नौजवानों के उज्जवल भविष्य की गारंटी बन जाता है। रोजगार तो निर्माण होते ही होते हैं, लेकिन राष्ट्र भी एक नए स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ जाता है, लाखों लोगों को नए मौके भी मिल जाते हैं।
साथियों,
आज भारत के युवा के पास जिस तरह से आगे बढ़ने के, अपने सपने पूरा करने के मौके हैं, ऐसा अवसर पहले नहीं मिला है, मैं किसी का दोष नहीं कर रहा हूं, लेकिन ये हकीकत है कि आज बहुत तेज गति से सब हो रहा है, विशाल फलक पर हो रहा है, विविधताओं से भरा हो रहा है। आज मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नॉलॉजी, स्टार्टअप, डिजिटल सर्विसेज, रेलवे, डिफेंस, इतना ही नहीं स्पेस, ऐसे अनेक क्षेत्रों में अनगिनत अवसर हमारा इंतजार कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा युवा नए अवसरों का लाभ उठा सकें, और देश के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा मौका मिले। इसलिए, स्किल डेवलपमेंट, industry-linked education और फ्यूचर टेक्नॉलजी पर लगातार जोर दिया जा रहा है। ITIs को modern बनाया जा रहा है। National Skill Training Institutes को मजबूत किया जा रहा है। PM SETU जैसे अभियान इसी दिशा में काम कर रहे हैं।
साथियों,
पिछले कुछ वर्षों में देश में self-employment और entreprenurship की एक नई संस्कृति विकसित हुई है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। देश में 2 लाख 30 हजार से ज्यादा , ये आंकड़ा याद रखिये, 2 लाख 30 हजार से ज्यादा recognised startups हैं। और उसमें भी दो चार-दो चार नौजवान भी जुड़े हुए होते हैं। अहम बात ये है कि ये बदलाव सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है और मुझे इसका सबसे ज्यादा आनंद है। आजकल तो टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवा भी, बहुत बड़ी संख्या में स्टार्टअप और इनोवेशन की दुनिया में अपनी ताकत दिखा रहे हैं, उनके सामर्थ्य की note लेनी पड़ रही है। ये परिवर्तन अब देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस बदलाव में हमारी नारीशक्ति की भूमिका भी लगातार बढ़ रही है। आज बड़ी संख्या में women-led start-ups, ये जब सुनते हैं ना मन गर्व से भर जाता है, मैं तो दुनिया के लोगों को बताता हूं कि हमारे यहां स्टार्टअप में महिलाओं की बहुत बड़ी भूमिका बढ़ रही है, बहुत बड़ी मात्रा में महिलाएं आगे आ रही हैं। मुद्रा योजना के तहत करोड़ों महिलाओं को फाइनेंशियल सपोर्ट मिला है। पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं ने भी लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। आज गांवों में, छोटे शहरों में, पहले से ज्यादा महिलाएं अपने दम पर नए काम शुरू कर रही हैं।
साथियों,
नीतियों और निर्णयों के इस अभियान के बीच, आपको एक और बात याद रखनी है। किसी भी व्यवस्था की असली ताकत उसके लोग होते हैं। जनता जनार्दन की शक्ति होती है, जन शक्ति होती है और जनशक्ति ही तो राष्ट्रशक्ति बनती है। आप सभी जिस व्यवस्था का हिस्सा बनने जा रहे हैं, उसका सीधा संबंध करोड़ों-करोड़ों देशवासियों के जीवन से है, करोड़ों-करोड़ों देशवासियों की आशा-आकांक्षाओं से है। सरकारी नौकरी लोगों के जीवन को आसान बनाने का माध्यम ही होती है। आप जिस भी विभाग में काम करेंगे, वहां आपके व्यवहार, संवेदनशीलता और काम करने के तरीके का बहुत महत्व होगा। देश ने आप पर भरोसा किया है। अब ये जिम्मेदारी आपकी है कि आप अपने काम से, अपने आचरण से, अपनी वाणी से, अपने व्यवहार से, उस भरोसे को और मजबूती देंगे। देशवासियों के हृदय में एक नया विश्वास भर जाएगा, आपको मिलते ही वो नई आशा के साथ आगे बढ़ेगा, इसलिए हर युवा कर्मयोगी अपने काम को जिम्मेदारी की तरह देखे। और मेरे लिए तो आप बहुत कुछ हैं। पहले जमाने में जब हम सुनते थे ना – सहस्त्रबाहु बाले फलाने, सहस्त्रबाहु बाले ढिकने। आज सरकार के बाहु आप ही हैं, सरकार का सामर्थ्य आप ही हैं, जो पहले से सरकार में हैं वो भी हैं, जो नए आ रहे हैं वो भी हैं। आज भारत के लोगों की आकांक्षाएं बहुत बढ़ रही हैं, और मैं इसे विकास की पोजिटिव साइन मानता हूं। हमें अपने देश के लोगों की Aspirations को समझना भी है और उसके हिसाब से उतनी ही तेज गति से काम भी करना है। ऐसे में पब्लिक सर्विस में आने वाले युवाओं की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो गई है। आपको लगातार सीखते रहना होगा। खुद को नई टेक्नॉलजी, नए सिस्टम और नई जरूरतों के हिसाब से तैयार करना होगा। इसमें आपको iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म से बहुत मदद मिलेगी। कर्मयोगी प्रारंभ जैसे मॉड्यूल से आपको अपनी जिम्मेदारियां समझने में बहुत सहूलियत होगी। मेरा आपसे आग्रह है कि इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाएं।
साथियों,
आज भारत का युवा दुनिया के हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहा है। यही स्पिरिट, यही ऊर्जा public service में भी दिखाई देनी चाहिए। विकसित भारत ऐसे ही युवाओं के प्रयास से बनेगा, जो अपने काम को देशसेवा का माध्यम मानते हैं, जनसेवा का माध्यम मानते हैं, और हमारे यहां तो कहा गया है – जनसेवा ही प्रभुसेवा। मुझे पूरा विश्वास है, आज नियुक्ति पत्र पाने वाले हमारे युवा साथी, भारत की विकास यात्रा को नई गति देंगे। आपके काम, आपके फैसलों से विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि होगी, और आपको वो मंत्र कभी भूलना नहीं है, हमारा मंत्र है – नागरिक देवो भव। नागरिक देवो भव। नागरिक का कल्याण ही हमारा कर्तव्य है। मैं एक बार फिर आज नियुक्ति पत्र पाने वाले सभी युवाओं को आगे के जीवन के लिए, देशसेवा के इस अवसर को निभाने के लिए, अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं। आप सबको बहुत-बहुत धन्यवाद।