प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 15 मई 2026 को संयुक्त अरब अमीरात की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे, जहां वह यूएई के राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं को द्विपक्षीय मुद्दों, विशेष रूप से ऊर्जा सहयोग, तथा आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिलेगा। दोनों नेता मजबूत राजनीतिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और लोगों के आपसी संबंधों पर आधारित द्विपक्षीय कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा करेंगे। यह यात्रा दोनों देशों के बीच मजबूत व्यापार और निवेश संबंधों को और प्रोत्साहित करेगी। यूएई; भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापार साझेदार और पिछले 25 वर्षों में निवेश का सातवां सबसे बड़ा स्रोत रहा है। यूएई में 45 लाख से अधिक भारतीय समुदाय के रहने के कारण यह यात्रा उनके कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का भी महत्वपूर्ण अवसर होगी।

यात्रा के दूसरे चरण में, नीदरलैंड के प्रधानमंत्री महामहिम श्री रॉब जेटन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 15 से 17 मई 2026 तक नीदरलैंड की आधिकारिक यात्रा करेंगे। 2017 की यात्रा के बाद यह प्रधानमंत्री की दूसरी नीदरलैंड यात्रा होगी। इस दौरान प्रधानमंत्री महामहिम किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से मुलाकात करेंगे तथा प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ वार्ता करेंगे। प्रधानमंत्री की यह यात्रा डिफेंस, सिक्योरिटी, इनोवेशन, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और जल क्षेत्र में स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप सहित विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग और उच्चस्तरीय संपर्कों को नई गति देगी। नई सरकार के कार्यकाल की शुरुआत में हो रही यह यात्रा दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों को और गहरा तथा विस्तारित करने का महत्वपूर्ण अवसर होगी। नीदरलैंड यूरोप में भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है, जहां 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार 27.8 अरब डॉलर रहा, जबकि 55.6 अरब डॉलर के समग्र FDI के साथ वह भारत का चौथा सबसे बड़ा निवेशक है।

यात्रा के तीसरे चरण में, स्वीडन के प्रधानमंत्री महामहिम श्री उल्फ क्रिस्टरसन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 17-18 मई 2026 को स्वीडन के गोथेनबर्ग शहर की यात्रा करेंगे। प्रधानमंत्री इससे पहले 2018 में पहले भारत-नॉर्डिक समिट में भाग लेने के लिए स्वीडन गए थे। पीएम मोदी प्रधानमंत्री क्रिस्टरसन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे और सहयोग के नए क्षेत्रों की तलाश करेंगे। दोनों नेता द्विपक्षीय व्यापार को और मजबूत बनाने पर चर्चा करेंगे, जो 2025 में 7.75 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। साथ ही 2000 से 2025 के बीच भारत में 2.825 अरब डॉलर के स्वीडिश FDI, ग्रीन ट्रांजिशन, AI, इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप्स, मजबूत सप्लाई चेन, डिफेंस, स्पेस, क्लाइमेट एक्शन और लोगों के बीच संबंधों में सहयोग बढ़ाने पर भी बातचीत होगी। दोनों प्रधानमंत्री यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री को भी संबोधित करेंगे, जो यूरोप के प्रमुख बिजनेस लीडर्स का मंच है।

अपनी यात्रा के चौथे चरण में प्रधानमंत्री 18 से 19 मई 2026 तक तीसरे भारत-नॉर्डिक समिट और द्विपक्षीय कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए नॉर्वे की आधिकारिक यात्रा करेंगे। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहली नॉर्वे यात्रा होगी और 43 वर्षों में भारत से किसी प्रधानमंत्री की पहली नॉर्वे यात्रा भी होगी। प्रधानमंत्री महामहिम किंग हेराल्ड पंचम और क्वीन सोन्या से मुलाकात करेंगे तथा प्रधानमंत्री महामहिम श्री जोनास गार स्टोरे के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। प्रधानमंत्री नॉर्वे के प्रधानमंत्री के साथ भारत-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट को भी संबोधित करेंगे। यह यात्रा भारत-नॉर्वे संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा करने और व्यापार एवं निवेश, भारत-EFTA व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते, क्लीन एवं ग्रीन टेक तथा ब्लू इकॉनमी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के नए अवसर तलाशने का महत्वपूर्ण मौका होगी। यह यात्रा 2024 में लगभग 2.73 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार और भारत के पूंजी बाजार में नॉर्वे के गवर्नमेंट पेंशन फंड (GPFG) के करीब 28 अरब डॉलर के निवेश को नई गति देने का अवसर भी प्रदान करेगी।

तीसरा भारत-नॉर्डिक समिट 19 मई 2026 को ओस्लो में आयोजित होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ नॉर्वे के प्रधानमंत्री महामहिम श्री जोनास गार स्टोरे, डेनमार्क की प्रधानमंत्री महामहिम सुश्री मेटे फ्रेडरिकसन, फिनलैंड के प्रधानमंत्री महामहिम श्री पेट्टेरी ऑर्पो, आइसलैंड की प्रधानमंत्री सुश्री क्रिस्ट्रून फ्रोस्टाडोटिर और स्वीडन के प्रधानमंत्री श्री उल्फ क्रिस्टरसन इस समिट में शामिल होंगे। यह समिट अप्रैल 2018 में स्टॉकहोम और मई 2022 में कोपेनहेगन में आयोजित पिछले दो समिट्स को आगे बढ़ाते हुए भारत और नॉर्डिक देशों के संबंधों को अधिक रणनीतिक आयाम देगा, खासकर टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, ग्रीन ट्रांजिशन और रिन्यूएबल एनर्जी, सस्टेनेबिलिटी, ब्लू इकॉनमी, डिफेंस, स्पेस और आर्कटिक जैसे क्षेत्रों में। यह यात्रा नॉर्डिक देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय व्यापार, जो 2024 में 19 अरब डॉलर रहा, तथा निवेश संबंधों को नई गति देने के साथ-साथ भारत-यूरोपियन यूनियन FTA और भारत-EFTA TEPA के बाद मजबूत सप्लाई चेन तैयार करने में भी मदद करेगी।

यात्रा के अंतिम चरण में, इटली गणराज्य की प्रधानमंत्री महामहिम सुश्री जॉर्जिया मेलोनी के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री 19 से 20 मई 2026 तक इटली की आधिकारिक यात्रा करेंगे। प्रधानमंत्री इससे पहले जून 2024 में G7 समिट में भाग लेने के लिए इटली गए थे। इस दौरान वह इटली गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री सर्जियो मातारेला से मुलाकात करेंगे और प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ वार्ता करेंगे। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में मजबूत गति देखने को मिल रही है और दोनों पक्ष जॉइंट स्ट्रैटेजिक एक्शन प्लान 2025-2029 को सक्रिय रूप से लागू कर रहे हैं। यह विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का व्यापक रोडमैप है, जिसमें द्विपक्षीय व्यापार भी शामिल है, जो 2025 में 16.77 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इसके साथ ही निवेश बढ़ाने, अप्रैल 2000 से सितंबर 2025 तक 3.66 अरब डॉलर के कुल FDI, डिफेंस और सिक्योरिटी, क्लीन-एनर्जी, इनोवेशन, साइंस और टेक्नोलॉजी तथा लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर भी फोकस रहेगा।

प्रधानमंत्री की आगामी यात्रा विभिन्न क्षेत्रों में, विशेष रूप से हाल ही में संपन्न भारत-यूरोपियन यूनियन FTA के परिप्रेक्ष्य में, व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करते हुए यूरोप के साथ भारत की साझेदारी को और गहरा करेगी।

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आपने सिर्फ पदकों की संख्या ही नहीं बढ़ाई, बल्कि पूरी पीढ़ी को तैयार किया: CWG चैंपियंस से पीएम मोदी
August 10, 2026

प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।

प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?

खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।

प्रधानमंत्री – पक्का।

खिलाड़ी – हाँ जी।

खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।

प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।

खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।

प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया

प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।

प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।

खिलाड़ी – हाँ सर।

प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?

खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।

प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।

खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।

प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?

खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।

प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।

खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।

खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।

प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।

खिलाड़ी – पर..

प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।

खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।

खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।

प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।

प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?

खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।

प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?

खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।

प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।

खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।

प्रधानमंत्री – ठीक है।

खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।

प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।

खिलाड़ी – थैंक यू सर।

प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।

खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…

प्रधानमंत्री – बहुत बधाई वाह।

प्रधानमंत्री – मुस्कुराओ यार ।

प्रधानमंत्री – जो खेलेगा वो खिलेगा।