मुंबई के विकसित भारत एंबेसडर्स ने साउथ मुंबई के लोढ़ा वर्ल्ड वन में 'विकसित भारत-विकसित मुंबई' मीटअप का आयोजन किया, जिसमें 200 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों, डॉक्टरों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और पेशेवरों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय रेलवे, कम्युनिकेशन और आईटी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव की गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की गई, जिन्होंने रेलवे और टेलीकम्युनिकेशन के क्षेत्र में भारत की महत्वपूर्ण प्रगति पर प्रकाश डाला।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में महत्वपूर्ण प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि देश में रेलवे नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में भारत ने अपने रेलवे नेटवर्क में 5,300 किलोमीटर का इजाफा किया, जो स्विट्जरलैंड के पूरे रेलवे नेटवर्क के बराबर है। पिछले दशक में, भारत ने 31,000 किलोमीटर रेलवे ट्रैक जोड़ा है, जो जर्मनी के कुल रेलवे नेटवर्क की लंबाई के बराबर है।

विद्युतीकरण और आधुनिकीकरण के प्रयासों के बारे में, वैष्णव ने जोर देकर कहा कि मोदी सरकार में पिछले दशक में 44,000 किलोमीटर रेलवे नेटवर्क का विद्युतीकरण किया गया है, जबकि कांग्रेस शासन के पिछले 60 वर्षों में केवल 20,000 किलोमीटर का विद्युतीकरण हुआ था। उन्होंने भारतीय रेलवे के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण को प्राप्त करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

वैष्णव ने बताया कि पिछली सरकारों की उपेक्षा और अनदेखी के कारण रेलवे निराशाजनक स्थिति में थी। उन्होंने कहा कि मीटर गेज से ब्रॉड गेज नेटवर्क में परिवर्तन जैसी पहल, जो 1950 और 1960 के दशकों में की जानी चाहिए थी, उन्हें एनडीए सरकार के कार्यकाल के दौरान पूरा किया गया।

मंत्री ने भारत में रेलवे स्टेशनों के नवीनीकरण और आधुनिक ट्रेनों के निर्माण के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देशभर में 300 से अधिक रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के प्रयास जारी हैं, जिनमें सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। वैष्णव ने महाराष्ट्र के छत्रपति शिवाजी महाराज रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक मॉडल के प्रमुख उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।


इसके अलावा, उन्होंने भारत के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को उन्नत बनाने में वंदे भारत और बुलेट ट्रेन जैसी परियोजनाओं के महत्व पर जोर दिया।

वैष्णव ने विकसित अर्थव्यवस्थाओं से आयात पर निर्भर रहने के बजाय वंदे भारत ट्रेनों जैसे स्वदेशी समाधान विकसित करने की सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

उन्होंने यात्रा को सुखद और आसान बनाने के लिए वंदे मेट्रो, वंदे चेयर कार और वंदे स्लीपर ट्रेनों को लाने की योजना बताई। साथ ही, उन्होंने मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारत को सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और टेलीकम्युनिकेशन सर्विस में ग्लोबल हब बनाने के सरकार के लक्ष्य का भी जिक्र किया।

विकसित भारत का विजन: 140 करोड़ सपने, एक उद्देश्य

विकसित भारत एंबेसडर अभियान का लक्ष्य नागरिकों को भारत के विकास में योगदान करने की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए देश के विभिन्न भागों में VBA मीटिंग्स और इवेंट्स आयोजित किए जा रहे हैं। ये आयोजन प्रतिभागियों को सकारात्मक चर्चाओं में शामिल होने, विचारों का आदान-प्रदान करने और अभियान में योगदान के लिए व्यावहारिक रणनीतियों का पता लगाने के लिए एक मंच प्रदान करते हैं।

NaMo App के माध्यम से विकसित भारत एंबेसडर अभियान का हिस्सा बनें:

https://www.narendramodi.in/ViksitBharatAmbassador

दूरियों को मिटाता NaMo App

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ऐप, NaMo App एक डिजिटल ब्रिज है जो नागरिकों को विकसित भारत एंबेसडर अभियान में भाग लेने के लिए सशक्त बनाता है। NaMo App नागरिकों के लिए वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करता है:

उद्देश्य में भागीदार बनें: साइन अप करें और विकसित भारत एंबेसडर बनें तथा 10 अन्य लोगों को प्रेरित करें

डेवलपमेंट स्टोरीज का प्रसार: अभियान से संबंधित अपडेट, न्यूज और रिसोर्सेज तक पहुंच।

इवेंट बनाएं/शामिल हों: लोकल इवेंट्स, मीटिंग्स और वॉलंटियर्स ऑपर्च्यूनिटीज का पता लगाएं और उनमें भाग लें।

कनेक्ट/नेटवर्क: विकसित भारत के लक्ष्य के लिए समर्पित लोगों को ढूंढें और उनके साथ मिलकर काम करें।

 

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प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष के संदर्भ में स्थिति और राहत उपायों की समीक्षा के लिए CCS बैठक की अध्यक्षता की
March 22, 2026
आवश्यक वस्तुओं की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई
किसानों के लिए उर्वरकों के वैकल्पिक स्रोतों पर भी चर्चा की गई ताकि भविष्य में इनकी लगातार उपलब्धता सुनिश्चित हो सके
रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए आवश्यक आयात के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कई उपायों पर चर्चा की गई
भारतीय सामानों को बढ़ावा देने के लिए निकट भविष्य में नए निर्यात स्थलों को विकसित किया जाएगा
प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि सरकार के सभी अंग मिलकर काम करें ताकि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो
मंत्रियों और सचिवों का समूह बनाया जाए जो 'संपूर्ण सरकार' दृष्टिकोण के साथ पूरी लगन से काम करे: प्रधानमंत्री का निर्देश
क्षेत्रीय समूह सभी हितधारकों के परामर्श से काम करें: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों के साथ उचित समन्वय सुनिश्चित करने को कहा ताकि ज़रूरी वस्तुओं की कालाबाज़ारी और जमाखोरी न हो

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष के संदर्भ में स्थिति और चल रहे तथा प्रस्तावित राहत उपायों की समीक्षा के लिए मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों कीसमिति (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता की।

कैबिनेट सचिव ने वैश्विक स्थिति और भारत सरकार के सभी संबंधित मंत्रालयों/विभागों द्वारा अब तक उठाए गए तथा नियोजित राहत उपायों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, एमएसएमई, निर्यातक, शिपिंग, व्यापार, वित्त, आपूर्ति श्रृंखला और अन्य सभी प्रभावित क्षेत्रों में अपेक्षित प्रभाव और उससे निपटने के लिए उठाए गए उपायों पर चर्चा की गई। देश में समग्र वृहद-आर्थिक परिदृश्य और आगे किए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा की गई।

पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा। बैठक में भारत पर इसके प्रभाव का आकलन किया गया और तत्काल तथा दीर्घकालिक, दोनों तरह के जवाबी उपायों पर चर्चा की गई।

भोजन, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा सहित आम आदमी के लिए आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता का विस्तृत आकलन किया गया। आवश्यक वस्तुओं की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। किसानों पर पड़ने वाले असर और खरीफ मौसम के लिए उनकी खाद की ज़रूरतों का आकलन किया गया। पिछले कुछ वर्षों में खाद का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के लिए जो कदम उठाए गए हैं, उनसे समय पर खाद की उपलब्धता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी। भविष्य में खाद की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद के वैकल्पिक स्रोतों पर भी चर्चा की गई।

यह भी तय किया गया कि सभी बिजली संयंत्रों में कोयले का पर्याप्त भंडार होने से भारत में बिजली की कोई कमी नहीं होगी।

केमिकल्स, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए ज़रूरी आयात के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कई उपायों पर चर्चा की गई। इसी तरह, भारतीय सामानों को बढ़ावा देने के लिए निकट भविष्य में निर्यात के नए गंतव्य विकसित किए जाएंगे।

विभिन्न मंत्रालयों द्वारा प्रस्तावित कई उपायों को सभी हितधारकों से परामर्श के बाद आने वाले दिनों में तैयार और लागू किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि मंत्रियों और सचिवों का समूह बनाया जाए, जो 'संपूर्ण सरकार' दृष्टिकोण के तहत पूरी लगन से काम करे। प्रधानमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि क्षेत्रीय समूह सभी हितधारकों के साथ परामर्श से काम करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संघर्ष लगातार बदलती हुई स्थिति है और इससे पूरी दुनिया किसी न किसी रूप में प्रभावित है। ऐसी स्थिति में, नागरिकों को इस संघर्ष के प्रभाव से बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि सरकार के सभी अंग मिलकर काम करें, ताकि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो। प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों के साथ उचित समन्वय सुनिश्चित करने के लिए भी कहा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाज़ारी और जमाखोरी न हो।