प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले विभिन्न उपहारों एवं स्मृति चिह्नों की तीन दिवसीय (18, 19 और 20 फरवरी) प्रदर्शनी एवं नीलामी 20 फ़रवरी को शाम 5 बजे समाप्त हुई। नीलामी से प्राप्त धन स्वच्छ गंगा कोष में दी जाएगी जिसका उपयोग गंगा की सफाई के लिए किया जाएगा। कुल 460 उपहार सामग्री प्रदर्शन और नीलामी के लिए रखी गई थी।

तीन दिवसीय प्रदर्शनी और नीलामी में सभी क्षेत्रों के लोग शामिल हुए और इसमें जबर्दस्त उत्साह देखने को मिला

पिछले तीन दिनों में 4631 से अधिक समूह और लोग इस प्रदर्शनी में आये। इन तीन दिनों में कुल मिला कर लगभग 9400 लोग प्रदर्शनी में आये। विभिन्न गणमान्य लोग, शहर के मेयर श्री निरंजन जहंझमेरा, सांसद श्रीमती दर्शनाबेन जरदोश, सांसद श्री सी. आर. पाटिल, विधान सभा के कई सदस्य और देश भर से बड़ी संख्या में व्यवसायी, मीडिया कर्मी, कई एनआरआई और विभिन्न क्षेत्रों के लोग इस प्रदर्शनी में शामिल हुए।

बोली प्रक्रिया बंद होने तक प्रधानमंत्री को मिले 460 उपहारों के लिए कुल 1852 बोलियां लगीं। इससे संबंधित विवरण इसके साथ संलग्न अनुबंध में दिया गया है।

नीलामी में इस तरह का अभूतपूर्व उत्साह यह दिखाता है कि प्रधानमंत्री द्वारा स्वयं को मिले उपहारों की नीलामी करने एवं उससे प्राप्त धन को एक नेक काम के लिए दान करने की पहल का लोगों ने जबर्दस्त समर्थन किया। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में भी श्री नरेन्द्र मोदी ने एक ऐसी ही पहल की थी एवं कन्या केलवणी निधि में पैसे दान किये थे। मुख्यमंत्री के रूप में अपने 13 वर्षों में उन्होंने बालिका शिक्षा के लिए लगभग 95 करोड़ रुपए की राशि इकट्ठा की थी। कई बालिकाओं और उनके परिवारों को उनकी इस पहल से लाभ मिला।

श्री मोदी की इस पहल से गंगा नदी की सफाई की आवश्यकता संबंधी जागरूकता को भी बल मिलेगा। गंगा की सफाई के लिए केन्द्र सरकार पहले से ही मिशन मोड स्तर पर कार्य कर रही है।


