29 मार्च को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित विकसित भारत एंबेसडर सम्मेलन में स्टूडेंट्स, इंडस्ट्री लीडर्स, CII, FICCI, LMA, IIA जैसे संगठनों के प्रोफेशनल्स, वकीलों और शहर के उद्यमियों सहित 1,500 से अधिक लोगों ने भाग लिया। यह आयोजन बेहद सफल रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साह दिखाया और भारत की प्रगति में योगदान देने एवं उसे बढ़ाने के लिए साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने कार्यक्रम में सभी का स्वागत किया और सामाजिक-आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देने वाली पहलों के लिए सरकार के समर्थन पर प्रकाश डाला।

केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने लखनऊ में विकसित भारत एंबेसडर सम्मेलन को संबोधित किया और मोदी सरकार के नेतृत्व में भारत द्वारा की गई बदलावकारी यात्रा पर जोर दिया। उन्होंने सरकार के तीन प्रमुख मंत्रों - 'Reform, Perform, & Transform' पर प्रकाश डाला, जिन्होंने प्रत्येक नागरिक को लाभ पहुंचाने पर फोकस करते हुए इस विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने पिछले दशक में हुए महत्वपूर्ण बदलावों के लिए मोदी सरकार के निर्णायक नेतृत्व को श्रेय दिया। उन्होंने ‘कमजोर पांच' अर्थव्यवस्थाओं में संघर्षरत भारत के एक संपन्न अर्थव्यवस्था में बदलने और 25 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर आने को उल्लेखनीय उपलब्धियों के तौर पर रेखांकित किया।

श्री ठाकुर ने अतीत पर रोशनी डालते हुए यूपीए शासनकाल की तुलना मौजूदा सरकार के कार्यकाल से की। जहां यूपीए दौर भ्रष्टाचार, घोटालों और रिमोट कंट्रोल शासन में लिप्त था, वहीं मौजूदा सरकार का फोकस पारदर्शी और प्रो-एक्टिव अप्रोच के साथ जन-केंद्रित गवर्नेंस पर है। उन्होंने भारत की तेज ग्रोथ की राह और आने वाले वर्षों में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी के रूप में इसकी क्षमता जैसे अहम इकोनॉमिक इंडीकेटर्स की ओर इशारा किया। मंत्री ने महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुफ्त एलपीजी सिलेंडर, स्वच्छता सुविधाएं, मातृत्व लाभ और स्किल ट्रेनिंग पहल जैसी विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करके महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने के लिए सरकार के समर्पण पर भी बल दिया।

श्री अनुराग ठाकुर ने भारत के विकास में योगदान के लिए उत्तर प्रदेश की सराहना की और भारत के विकसित राष्ट्र के विजन को प्राप्त करने में राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने राज्य में बोइंग और एयरबस जैसे प्रमुख एयरक्राफ्ट मेकर्स द्वारा बेस स्थापित करने सहित विभिन्न क्षेत्रों में इसकी प्रगति पर प्रकाश डाला, जहां उत्तर प्रदेश डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर में अग्रणी बना हुआ है। उन्होंने इंटरनेशनल एयरपोर्ट डेवलपमेंट की योजनाओं के साथ राज्य के बढ़ते एविएशन सेक्टर का भी उल्लेख किया।

मंत्री अनुराग ठाकुर ने श्रीरामलला के मंदिर को 500 साल पुराने सपने का साकार रूप बताया। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, कई नए क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था को गति देने और धार्मिक स्थलों के पुनरुत्थान करने के लिए लगातार और निरंतर प्रयास किए हैं।

During the event, he encouraged the attendees to become Viksit Bharat Ambassadors and help achieve the Viksit Bharat 2047 objective. He asked them to spread the word about the various 'growth markers' and encourage their fellow citizens to join India's journey towards becoming a developed nation.


The Viksit Bharat Ambassador Lucknow meet-up served as a platform to celebrate India's achievements, discuss ongoing initiatives, and rally support for the nation's continued progress towards a developed and empowered India by 2047.

कार्यक्रम के दौरान, उन्होंने उपस्थित लोगों को विकसित भारत के एंबेसडर बनने और विकसित भारत-2047 लक्ष्य को प्राप्त करने में आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने उनसे सरकार की विभिन्न उपलब्धियों के बारे में प्रचार करने और अपने साथी नागरिकों को एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में भारत की यात्रा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा।

लखनऊ के विकसित भारत एंबेसडर सम्मेलन ने, भारत की उपलब्धियों को सेलिब्रेट करने, जारी पहलों पर चर्चा करने और 2047 तक एक विकसित और सशक्त भारत की दिशा में, देश की निरंतर प्रगति के लिए समर्थन जुटाने हेतु एक मंच के रूप में कार्य किया।

विकसित भारत का विजन: 140 करोड़ सपने, एक उद्देश्य

विकसित भारत एंबेसडर अभियान, नागरिकों को भारत के विकास में योगदान देने की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित करता है। विकसित भारत एंबेसडर मीटिंग्स और इवेंट्स के माध्यम से नागरिक, रचनात्मक चर्चाओं में संलग्न हो सकते हैं, विचारों का आदान-प्रदान कर सकते हैं और इस नेक काम में योगदान करने में मदद करने के लिए व्यावहारिक रणनीतियों का पता लगा सकते हैं।

NaMo App के माध्यम से विकसित भारत एंबेसडर अभियान का हिस्सा बनें:

 https://www.narendramodi.in/ViksitBharatAmbassador

दूरियों को मिटाता NaMo App

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ऐप, NaMo App एक डिजिटल ब्रिज है जो नागरिकों को विकसित भारत एंबेसडर अभियान में भाग लेने के लिए सशक्त बनाता है। NaMo App नागरिकों के लिए वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करता है:

• उद्देश्य में भागीदार बनें: साइन अप करें और एक विकसित भारत एंबेसडर बनें तथा 10 अन्य लोगों को बनाएं।
• विकास की कहानियों का प्रसार: अभियान से संबंधित अपडेट, न्यूज और रिसोर्सेज तक पहुंच।
• इवेंट बनाएं/शामिल हों: लोकल कार्यक्रम, मीटअप और वॉलंटियर्स ऑपर्च्यूनिटीज बनाएं और खोजें।
• कनेक्ट/नेटवर्क: समान विचारधारा वाले व्यक्तियों को खोजें और उनके साथ बातचीत करें, जो एक विकसित भारत के विजन को शेयर करते हैं।

NaMo ऐप के ‘वॉलंटियर मॉड्यूल' के 'ऑनग्राउंड टास्क' टैब में 'VBA इवेंट' सेक्शन, यूजर्स को तमाम विकसित भारत एंबेसडर इवेंट के साथ अपडेट रहने में सक्षम बनाता है।

कार्यक्रम के दौरान, ब्लूक्राफ्ट डिजिटल फाउंडेशन के CEO श्री अखिलेश मिश्रा ने नमो ऐप के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ जनता के लिए उपलब्ध डायरेक्ट कम्युनिकेशन चैनल पर प्रकाश डाला।

मुंबई भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री हितेश जैन ने राष्ट्रीय विकास में सक्रिय भागीदारी के अवसरों पर प्रकाश डालते हुए लोगों को विकसित भारत एंबेसडर के रूप में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया।

लखनऊ में विकसित भारत एंबेसडर सम्मेलन में एक प्रतिभागी ने कहा कि सरकार की पहल लोगों तक पहुंचने में वास्तविक प्रगति कर रही है, जिससे भारत अपने 2047 के लक्ष्यों के करीब पहुंच रहा है।

एक अन्य प्रतिभागी ने आशावाद व्यक्त करते हुए कहा कि विकास की वर्तमान गति भारत को 2047 की अपनी आकांक्षाओं की ओर तेज़ी से आगे बढ़ा रही है।

एक अन्य प्रतिभागी ने आशावाद व्यक्त करते हुए कहा कि विकास की वर्तमान गति भारत को 2047 की अपनी आकांक्षाओं की ओर तेज़ी से आगे बढ़ा रही है।

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पीएम ने 53वीं प्रगति बैठक की अध्यक्षता की
August 25, 2026
प्रधानमंत्री कार्यालयपीएम ने रेलवे, सड़क और ऊर्जा क्षेत्र की छह अहम ढ़ांचागत परियोजनाओं की समीक्षा की
समीक्षा किए गए प्रोजेक्ट्स 9 राज्यों में फैले हैं और इनमें कुल ₹30,000 करोड़ से ज़्यादा का निवेश किया गया है
पीएम ने कहा, ढ़ांचागत परियोजनाओं को अलग-अलग हिस्सों या पैकेज के बजाय एकीकृत प्रयास के तौर पर देखा जाना चाहिए
पीएम ने परियोजनाओं को लागू करने के सभी चरणों में लगातार सुधार और मंत्रालयों तथा राज्यों में सक्रियता से काम करने की संस्कृति पर ज़ोर दिया
पीएम ने कहा, रफ्तार के साथ-साथ गुणवत्ता भी ज़रूरी है
एग्रीस्टैक की समीक्षा करते हुए, पीएम ने कृषि डेटा से ज़्यादा फायदा उठाने के लिए एआई समेत नवीन डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया
साइबर फ्रॉड और 'डिजिटल अरेस्ट' के मामले में, पीएम ने प्रशिक्षण, जन-जागरूकता, साइबर-सुरक्षा से जुड़ी शिक्षा और आपसी तालमेल के साथ कार्रवाई करने पर ज़ोर दिया

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सक्रिय शासन और समय पर काम पूरा करने के लिए बनाए गए आईसीटी-आधारित, मल्टी-मॉडल प्लेटफॉर्म प्रगति की 53वीं बैठक की आज सेवा तीर्थ में अध्यक्षता की।

बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री ने रेलवे, सड़क और ऊर्जा क्षेत्रों से जुड़ी छह प्रमुख बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं की समीक्षा की। ये परियोजनाएं नौ राज्यों में फैली हुई हैं और इनकी कुल लागत ₹30,000 करोड़ से अधिक है। संपर्क को मजबूत करने, औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार के लिए महत्वपूर्ण इन परियोजनाओं की समीक्षा करते वक्त समय-सीमा का पालन, अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल, लंबित मुद्दों के समाधान और काम को तेजी से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ढ़ांचागत परियोजनाओं में देरी से सिर्फ़ लागत ही नहीं बढ़ती, बल्कि नागरिकों, व्यवसायों और अर्थव्यवस्था को मिलने वाले लाभ भी टल जाते हैं। उन्होंने कहा कि ढ़ांचागत परियोजनाओं को अलग-अलग हिस्सों, टुकड़ों या पैकेजों के बजाय एक एकीकृत इकाई के तौर पर देखा और उनकी निगरानी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग पैकेजों में हो रही प्रगति का नतीजा आखिर में संपूर्ण परियोजना के वक्त पर पूरा होने और उसके चालू होने के रूप में निकलना चाहिए। इसलिए मंत्रालयों और राज्यों से कहा गया कि वे काम को शुरू से लेकर अंत तक पूरा करने का नज़रिया अपनाएं और उन अहम कमियों को दूर करें, जिनसे पूरे प्रोजेक्ट के चालू होने और फ़ायदे मिलने में देरी हो सकती है। उन्होंने मंत्रालयों और राज्य सरकारों में सक्रिय कार्य-संस्कृति को बढ़ावा देने और परियोजनाओं को लागू करने के हर स्तर पर ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने खास तौर पर बड़े परिवहन और ढ़ांचागत परियोजनाओं की योजना बनाते समय, जहाँ भी संभव हो, ढ़ांचागत सेवाओं के लिए कॉमन यूटिलिटी कॉरिडोर की संभावना तलाशने पर ज़ोर दिया। उन्होंने मंत्रालयों और राज्यों से कहा कि वे योजना बनाने के चरण में ही ऐसी एकीकृत कार्यप्रणालियों पर विचार करें और उनकी तकनीकी व आर्थिक व्यवहार्यता को ध्यान में रखें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि काम को तेज़ी से पूरा करने के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मंत्रालयों, राज्यों और काम को लागू करने वाली एजेंसियों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने और हर चरण पर गुणवत्ता सुनिश्चित करने व निगरानी को मज़बूत करने का आह्वान किया।

डिजिटल कृषि मिशन के तहत एग्रीस्टैक की समीक्षा करते हुए, प्रधानमंत्री ने कृषि डेटा से ज़्यादा फ़ायदा उठाने के लिए एआई जैसी नई डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल करने की ज़रूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इनपुट प्लानिंग से लेकर प्रोसेसिंग तक, पूरी कृषि मूल्य श्रृंखला में डेटा इकोसिस्टम का असरदार ढंग से इस्तेमाल किया जाना चाहिए, ताकि बेहतर जानकारी के आधार पर कदम उठाए जा सकें, सही लोगों तक मदद पहुंचाई जा सके और डेटा के आधार पर फ़ैसले लिए जा सकें। उन्होंने एग्रीस्टैक व्यवस्था बनाने में राज्यों और केंद्र सरकार की कोशिशों की तारीफ की और किसानों के लिए बेहतर नतीजे पाने के लिए इसके इस्तेमाल को और मज़बूत करने का आह्वान किया।

साइबर धोखाधड़ी के मामलों, जिनमें डिजिटल अरेस्ट की घटनाएं भी शामिल हैं, की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण, जागरूकता और शिक्षा पर लगातार ध्यान देकर ऐसे मामलों की रोकथाम को मज़बूत किया जाना चाहिए। उन्होंने लगातार और खास तौर पर बुज़ुर्गों, युवाओं और कमज़ोर वर्गों के लिए जागरूकता अभियान चलाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, ताकि उन्हें धोखाधड़ी के आम तरीकों, चेतावनी के संकेतों और सुरक्षित डिजिटल तौर-तरीकों के बारे में जानकारी दी जा सके। उन्होंने इससे जुड़े कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए नियमित ट्रेनिंग की भी बात कही, ताकि साइबर धोखाधड़ी के नए तरीकों की पहचान की जा सके और उन पर तेज़ी से कार्रवाई की जा सके।