प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया:
“देशाचारान् समयाञ्जातिधर्मान् बुभूषते यस्तु परावरज्ञः।
स तत्र तत्राधिगतः सदैव महाजनस्याधिपत्यं करोति॥"
यह सुभाषितम दर्शाता है कि विश्व की विविध संस्कृतियों का सम्मान करने से लोगों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना बढ़ती है और आपसी समझ तथा भाईचारा मजबूत होता है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा:
दुनिया की अलग-अलग संस्कृतियों का सम्मान करने से लोगों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना बढ़ती है। इससे आपसी समझ और भाईचारा और मजबूत होता है।
देशाचारान् समयाञ्जातिधर्मान् बुभूषते यस्तु परावरज्ञः।
स तत्र तत्राधिगतः सदैव महाजनस्याधिपत्यं करोति॥
दुनिया की अलग-अलग संस्कृतियों का सम्मान करने से लोगों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना बढ़ती है। इससे आपसी समझ और भाईचारा और मजबूत होता है।
— Narendra Modi (@narendramodi) June 29, 2026
देशाचारान् समयाञ्जातिधर्मान् बुभूषते यस्तु परावरज्ञः।
स तत्र तत्राधिगतः सदैव महाजनस्याधिपत्यं करोति॥ pic.twitter.com/sPpJlYZbAM


