द वर्ल्ड दिस वीक ऑन इंडिया

Published By : Admin | March 20, 2025 | 12:22 IST

आसमान से सागर तक, AI से लेकर प्राचीन शिल्प तक, इस सप्ताह भारत की कहानी; विस्तार, सफलताओं और साहसिक कदमों से लैस है। एक तेजी से बढ़ती एविएशन इंडस्ट्री, हिंद महासागर में एक वैज्ञानिक खोज, एक ऐतिहासिक सैटेलाइट लॉन्च और AI जॉब्स में उछाल; भारत आत्मविश्वास के साथ भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहा है। इसके साथ ही, आर्मेनिया के साथ संबंध गहरे हो रहे हैं, एक प्रमुख एयरोस्पेस फर्म भारत की ओर देख रही है, और कारीगर पारंपरिक खिलौना निर्माण को नया जीवन दे रहे हैं। आइए, उन कहानियों को जानें, जो भारत की लगातार बढ़ती प्रगति को दर्शाती हैं।

टेक ऑफ: भारत का एविएशन बूम और पायलट्स की भारी डिमांड

1,700 से अधिक एयरक्राफ्ट ऑर्डर के साथ, भारत का एविएशन उद्योग अभूतपूर्व विस्तार के लिए तैयार हो रहा है। 800 से अधिक विमानों का मौजूदा फ्लीट बढ़ने वाला है, और इसके साथ ही एक दबावपूर्ण मांग भी है: अगले दो दशकों में  30,000 पायलट्स की आवश्यकता है। सिविल एविएशन मिनिस्ट्री पायलट ट्रेनिंग के इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए काम कर रही है, जिससे भारत फ्लाइट ट्रेनिंग के लिए ग्लोबल हब के रूप में स्थापित हो सके। आसमान में हलचल बढ़ रही है, और भारत इसके लिए तैयार है।

AI में उछाल: भारत के टेक वर्कफोर्स के सामने एक बड़ा अवसर

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें 2027 तक 2.3 मिलियन जॉब्स के अवसर उपलब्ध होने का अनुमान है। वैश्विक स्तर पर, AI जॉब पोस्टिंग में सालाना 21% की वृद्धि हुई है, जबकि इस सेक्टर में वेतन हर साल 11% की दर से बढ़ रहा है। हालाँकि, टैलेंट की कमी बनी रहने की उम्मीद है, जिसे भारत द्वारा भरा जा सकता है, जो न केवल AI को अपना रहा है बल्कि ग्लोबल AI वर्कफोर्स को भी आकार दे रहा है।

भारत के साथ मजबूत संबंधों की तलाश में आर्मेनिया

अर्मेनियाई विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान ने एक महत्वपूर्ण बयान में भारत के बढ़ते कूटनीतिक प्रभाव को रेखांकित करते हुए दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों का आह्वान किया। पारंपरिक साझेदारी से परे भारत के बढ़ते प्रभाव को मजबूत करते हुए उन्होंने कहा, "हम भारत के साथ संबंध बनाने के लिए उत्सुक हैं ताकि आने वाले दशकों और सदियों में हमारे दोनों देशों के लोगों को लाभ हो।"

NISAR सैटेलाइट: ग्लोबल एग्रीकल्चर के लिए एक गेम-चेंजर

NASA-ISRO का जॉइंट मिशन, NISAR सैटेलाइट दुनिया भर में खेती में क्रांति लाने वाला है। यह अत्याधुनिक तकनीक फसल की वृद्धि, पौधों के स्वास्थ्य और मिट्टी की नमी के स्तर के बारे में बेजोड़ जानकारी प्रदान करेगी, जिससे किसानों और नीति-निर्माताओं को रियल टाइम डेटा के साथ सशक्त बनाया जा सकेगा। सटीक कृषि अब भविष्य नहीं है - यह वर्तमान है, और भारत इस दिशा में अग्रणी है।

हिंद महासागर के ग्रेविटी होल का रहस्य - सुलझा!

दशकों से, हिंद महासागर में एक विचित्र ग्रेविटी विसंगति ने वैज्ञानिकों को हैरान कर रखा था: ग्लोबल एवरेज से 106 मीटर नीचे सी-लेवल। अब, भारतीय वैज्ञानिकों ने इस  रहस्य को सुलझा लिया है- यह पृथ्वी को अंदर से आकार देने वाली डीपसीटेड मेंटल डायनमिक का परिणाम है। यह खोज न केवल एक जियोलॉजिकल पहेली को सुलझाती है बल्कि पृथ्वी की आंतरिक शक्तियों के बारे में हमारी समझ को भी बढ़ाती है।

फिर से चैंपियंस! भारत ने जीती ICC ट्रॉफी

टीम इंडिया द्वारा चैंपियंस ट्रॉफी जीतने पर देश भर के क्रिकेट प्रशंसक खुशी से झूम उठे, जिससे उनकी विरासत में एक और माइलस्टोन जुड़ गया।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई दी और उनकी दृढ़ता तथा कौशल की सराहना की। T20 वर्ल्ड कप की जीत से लेकर इस हालिया जीत तक, भारतीय क्रिकेट अपनी मजबूत पहचान बनाए हुए है।

भारत ने 300 नागरिकों को साइबरक्राइम सिंडिकेट्स से बचाया

करीब 300 भारतीय नागरिक, जिन्हें फेक जॉब ऑफर के साथ साउथ-ईस्ट एशिया भेजा गया था, साइबर अपराध गिरोहों में फंस गए। भारत सरकार की कार्रवाई ने उन्हें रिहा करवाया, जिसमें  म्यांमार और थाईलैंड में राजनयिक मिशनों ने अहम भूमिका निभाई। यह अभियान विदेश में अपने लोगों की सुरक्षा के लिए भारत की प्रतिबद्धता को पुख्ता करता है। (रॉयटर्स)

Mubadala की Sanad की नजर भारत के एयरोस्पेस मार्केट पर

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में अग्रणी नाम, UAE बेस्ड Mubadala की Sanad ने 2024 में 4.92 बिलियन दिरहम के रिकॉर्ड रेवेन्यू के बाद  भारत पर अपनी नजरें टिकाई हैं। यह कदम ग्लोबल एविएशन और एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग में भारत की बढ़ती प्रमुखता को दर्शाता है।

Bessemer का भारत के स्टार्टअप्स पर 350 मिलियन डॉलर का निवेश

Bessemer का भारत के स्टार्टअप्स पर 350 मिलियन डॉलर का निवेश 350 मिलियन डॉलर के फंड, के साथ निवेश दोगुना कर रहा है, जिसका लक्ष्य SaaS, फिनटेक, साइबरसिक्यूरिटी और डिजिटल हेल्थ स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना है। यह भारत के बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम को दर्शाता है, जो इसकी इनोवेशन क्षमता का लाभ उठाने के लिए उत्सुक प्रमुख ग्लोबल इन्वेस्टर्स को आकर्षित करता है

विरासत को जीवित रखते भारत के खिलौना कारीगर

बड़े पैमाने पर उत्पादित प्लास्टिक के खिलौनों की बाढ़ के बीच, भारतीय कारीगर पारंपरिक लकड़ी के खिलौने बनाने की कला को जीवित रख रहे हैं। पीढ़ियों से चली आ रही इस कला में नए सिरे से दिलचस्पी देखी जा रही है। सरकार ने भारत को हस्तनिर्मित खिलौनों के लिए एक ग्लोबल हब बनाने की पहल की है, जिसमें परंपरा को आधुनिक बाज़ारों के साथ जोड़ा गया है।

विकास की राह पर देश

इस सप्ताह भारत की कहानी; महत्वाकांक्षा, लचीलेपन और वैश्विक नेतृत्व की है। चाहे वह वैज्ञानिक रहस्यों को सुलझाना हो, AI के भविष्य को आकार देना हो, अपने एयरोस्पेस फुटप्रिंट का विस्तार करना हो, या अपने नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी के गिरोहों से बचाना हो, भारत दुनिया भर में हलचल मचा रहा है। मोमेंटम को नकारा नहीं जा सकता - और यह तो बस शुरुआत है।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
PSBs post record ₹1.98 trillion net profit in FY26 amid robust growth

Media Coverage

PSBs post record ₹1.98 trillion net profit in FY26 amid robust growth
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने शक्ति और क्षमता के सामंजस्य पर बल देने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
May 13, 2026
प्रधानमंत्री ने 1998 के परमाणु परीक्षणों को हमारे राष्ट्र के संकल्प का निर्णायक क्षण बताया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज मई 1998 में पोखरण में भारत द्वारा किए गए ऐतिहासिक परमाणु परीक्षणों को याद करते हुए उन्हें हमारे राष्ट्र के संकल्प का निर्णायक क्षण बताया। श्री मोदी ने कहा, “11 मई के परीक्षणों के बाद, पूरी दुनिया ने भारत पर दबाव बनाया, लेकिन हमने यह सिद्ध कर दिया कि कोई भी शक्ति भारत को झुका नहीं सकती।”

प्रधानमंत्री ने संस्कृत का एक श्लोक साझा किया-

“एवं परस्परापेक्षा शक्तिशक्तिमतोः स्थिता ।

न शिवेन विना शक्तिर्न शक्त्या विना शिवः।।”

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पोस्‍ट पर लिखा;

“1998 में इसी दिन भारत ने जो परमाणु परीक्षण किए थे, उनसे दुनिया को पता चला कि हमारे देश की इच्छाशक्ति कितनी अटल है! 11 मई के टेस्ट के बाद पूरी दुनिया का दबाव भारत पर था, लेकिन हमने दिखाया कि कोई भी ताकत भारत को झुका नहीं सकती।

एवं परस्परापेक्षा शक्तिशक्तिमतोः स्थिता ।

न शिवेन विना शक्तिर्न शक्त्या विना शिवः।।”