कोविड-19 महामारी के प्रकोप से पैदा हुई चुनौतियों और एक वैश्विक समन्वित कदम पर चर्चा के लिए 26 मार्च 2020 को एक असाधारण वर्चुअल जी20 नेताओं का शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ। इससे पहले प्रधानमंत्री ने इसी विषय पर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस के साथ टेलिफोन पर बातचीत की थी। कोविड-19 महामारी पर असाधारण जी20 सम्मेलन वित्त मंत्रियों और सेंट्रल बैंक गवर्नरों की बैठक और जी20 शेरपा मीटिंग की परिणति थी।

बैठक के दौरान, जी20 के नेताओं ने महामारी को रोकने और लोगों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करने पर सहमति जताई। उन्होंने चिकित्सा आपूर्तियों की पहुंच, डायग्नोस्टिक उपकरण, इलाज, दवाएं और टीके समेत महामारी के खिलाफ लड़ाई में डब्लूएचओ के अधिकार को और मजबूत करने का समर्थन किया।

नेताओं ने महामारी से आर्थिक और सामाजिक नुकसान को कम करने और वैश्विक विकास, बाजार की स्थिरता और संकट से उबरने की क्षमता को मजबूत करने के लिए उपलब्ध सभी नीतिगत साधनों के इस्तेमाल पर भी प्रतिबद्धता जताई। कोविड-19 के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव का मुकाबला करने के लिए जी20 देशों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में 5 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा देने पर प्रतिबद्धता जताई। स्वैच्छिक आधार पर नेता डब्लूएचओ के नेतृत्व वाले कोविड-19 एकजुटता प्रतिक्रिया कोष में योगदान देने पर भी सहमत हुए।

जी20 का यह असाधारण सत्र आयोजित करने के लिए प्रधानमंत्री ने सऊदी अरब के किंग का शुक्रिया अदा किया। अपने संबोधन में पीएम ने महामारी से खतरनाक सामाजिक और आर्थिक नुकसान का उल्लेख किया। उन्होंने आगे कहा कि जी20 देशों की वैश्विक जीडीपी में 80 फीसदी और दुनिया की आबादी में 60 फीसदी हिस्सेदारी है और कोविड-19 के 90 फीसदी मामले और 88 फीसदी मौतें जी20 देशों में ही हुई हैं। उन्होंने वैश्विक महामारी से लड़ने के लिए जी20 से एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने का आह्नान किया।

पीएम ने वैश्विक समृद्धि और सहयोग के हमारे दृष्टिकोण के केंद्र में इंसानों को रखने की जरूरत पर बल दिया। इसके साथ ही उन्होंने सहयोग, स्वतंत्र और खुले तौर पर चिकित्सा अनुसंधान और विकास के लाभ को साझा करने, अनुकूल, तेजी से काम करने वाली मानव स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियां विकसित करने, एक दूसरे से जुड़े वैश्विक गांव के लिए नए संकट प्रबंधन प्रोटोकॉल और प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने, डब्लूएचओ जैसे अंतर सरकारी संगठनों में सुधार और उसे मजबूत करने और कोविड-19 से खासतौर से आर्थिक रूप से कमजोरों के लिए पैदा हुई आर्थिक कठिनाइयों को कम करने के लिए साथ मिलकर काम करने की बात कही।

पीएम ने मानव जाति की सामूहिक भलाई के लिए नए वैश्वीकरण में नेताओं की मदद का आह्वान किया और कहा कि साझा मानवीय हितों को बढ़ावा देने के लिए बहुपक्षीय मंचों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।

शिखर सम्मेलन के अंत में जी20 नेताओं का एक बयान जारी किया गया, जिसमें महामारी से लड़ने के लिए एक समन्वित वैश्विक प्रतिक्रिया, वैश्विक अर्थव्यवस्था की रक्षा के उपायों को अपनाने, कारोबार में बाधाओं को कम करने और वैश्विक सहयोग को बढ़ाने के लिए कदम उठाने का आह्वान किया गया।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India remains fastest-growing major economy, domestic investors power market resilience

Media Coverage

India remains fastest-growing major economy, domestic investors power market resilience
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
सोशल मीडिया कॉर्नर 15 मार्च 2026
March 15, 2026

Empowering Bharat: From Loans to Global Leadership Under PM Modi