Published By : Admin |
August 5, 2020 | 13:25 IST
अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने कई राष्ट्रों का उल्लेख किया, जहाँ राम पूजनीय हैं। पीएम मोदी ने कहा कि राम का प्रभाव वैश्विक है और अयोध्या में भव्य राम मंदिर विश्व में भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, "विश्व की सर्वाधिक मुस्लिम जनसंख्या जिस देश में है, वो है इंडोनेशिया। वहां हमारे देश की ही तरह ‘काकाविन’ रामायण, स्वर्णद्वीप रामायण, योगेश्वर रामायण जैसी कई अनूठी रामायणें हैं। राम आज भी वहां पूजनीय हैं। कंबोडिया में ‘रमकेर’ रामायण है, लाओ में ‘फ्रा लाक फ्रा लाम’ रामायण है, मलेशिया में ‘हिकायत सेरी राम’ तो थाईलैंड में ‘रामाकेन’ है। आपको ईरान और चीन में भी राम के प्रसंग तथा राम कथाओं का विवरण मिलेगा। श्रीलंका में रामायण की कथा जानकीहरण के नाम सुनाई जाती है, और नेपाल का तो राम से आत्मीय संबंध, माता जानकी से जुड़ा है।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भी भारत के बाहर दर्जनों ऐसे देश हैं जहां, वहां की भाषा में रामकथा, आज भी प्रचलित है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि आज इन देशों में भी करोड़ों लोगों को राम मंदिर के निर्माण का काम शुरू होने से बहुत सुखद अनुभूति हो रही होगी।
पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि यहां निर्मित होने वाला राममंदिर अनंतकाल तक पूरी मानवता को प्रेरणा देगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश में भगवान राम के चरण जहां जहां पड़े, वहाँ राम सर्किट का निर्माण किया जा रहा है।
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प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य, दीर्घायु और राष्ट्र सेवा के आशीर्वाद की प्रार्थना करते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया
February 06, 2026
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए एक प्रार्थना का संदर्भ दिया, जो राष्ट्र की स्वास्थ्य, दीर्घायु और सेवा के प्रति समर्पण की सामूहिक आकांक्षा को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत की उस भावना को दर्शाता करता है, जिसमें धरती के प्रति आदर, लोक कल्याण के प्रति समर्पण और सेवा का भाव राष्ट्रीय विकास के मूल स्तंभ बने हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने प्राचीन संस्कृत श्लोक का हवाला देते हुए लिखा:
“उपस्थास्ते अनमीवा अयक्ष्मा अस्मभ्यं सन्तु पृथिवि प्रसूताः।
दीर्घं न आयुः प्रतिबुध्यमाना वयं तुभ्यं बलिहृतः स्याम॥”
उपस्थास्ते अनमीवा अयक्ष्मा अस्मभ्यं सन्तु पृथिवि प्रसूताः।
— Narendra Modi (@narendramodi) February 6, 2026
दीर्घं न आयुः प्रतिबुध्यमाना वयं तुभ्यं बलिहृतः स्याम॥ pic.twitter.com/VBPacr8tbj


