मैं फ्रांस की जनता के प्रति एकजुटता व्‍यक्‍त करते हुए अपनी बात प्रारम्‍भ करना चाहता हूं, जो जघन्‍य आतंकवादी हमले से हुई क्षति के कारण शोकाकुल है। आतंकवाद दुनियाभर में पांव पसार रहा है, ऐसे में आइये, हम सभी मिलकर इसका मुकाबला करने का संकल्‍प लें, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आतंकवादी उस जीवन, जिसके निर्माण के लिए हम सभी यहां एकत्र हुए हैं और उन मूल्‍यों, जिनके हम पक्षधर हैं,  के खिलाफ इस जंग में दोबारा कामयाब नहीं हो।

भारत की जनता और अपनी ओर से, मैं आप सभी का इस सम्‍मेलन में स्‍वागत करता हूं। जनवरी 2013 में, छठे सम्‍मेलन के समापन के अवसर पर मैंने आप सभी को आज के इस आयोजन के लिए आमंत्रित किया था। आपका उत्‍साह शानदार रहा है। यहां आपका स्‍वागत करते हुए मुझे अपार प्रसन्‍नता हो रही है।

 इस अवसर पर, मैं इस आयोजन के पुराने भागीदारों- देशों और संगठनों का, आभार व्‍यक्‍त करना चाहता हूं। इनमें जापान और कनाडा शामिल हैं। उनके सहयोग के बिना यह आयोजन इस मुकाम तक नहीं पहुंच सकता था।

मैं अमरीका, ब्रिटेन, नीदरलैंड, ऑस्‍ट्रेलिया, सिंगापुर और दक्षिण अफ्रीका जैसे नए भागीदारों का भी गर्मजोशी से  स्‍वागत करता हूं और इस आयोजन में शामिल होने के लिए उनका आभार प्रकट करता हूं। मैं संयुक्‍त राष्‍ट्र के महासचिव और विश्‍व बैंक के अध्‍यक्ष को शामिल होने के लिए विशेष तौर पर धन्‍यवाद देता हूं। यहां उनकी मौजूदगी उभरती अर्थव्‍यवस्‍थाओं की प्रगति और समृद्धि के लिए उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

आपकी भागीदारी ने छह करोड़ गुजरातियों की उद्यमी भावना को प्रोत्‍साहन दिया है, जिसने 1.2 बिलियन भारतवासियों का मनोबल को बढ़ा है। यह आयोजन सम्‍भवत: दुनिया का सबसे बड़ा सम्‍मेलन है, जहां उभरते उद्यमी के पास विश्‍व बैंक के अध्‍यक्ष से मिलने का अवसर है और जहां खाद्य प्रसंस्‍करण इकाई लगाने का ख्‍वाब देखने वाला कोई युवा किसान खाद्य सुरक्षा जैसे मामलों पर संयुक्‍त राष्‍ट्र महासचिव के विचारों को जान सकता है। इसलिये पिछले एक आयोजन के दौरान मैंने इसे ‘दावोस इन एक्‍शन’ करार दिया था।

मित्रों!भारत में हम सदैव पूरे विश्‍व को परिवार (वसुधैव कटुम्‍बकम) मानते आये हैं। बहुत कम लोगों ने इसे व्‍यवहार में देखा है। मुझे बताया गया है कि इस आयोजन में सौ से ज्‍यादा देश भाग ले रहे हैं।

हम यहां सिर्फ स्‍थान के संदर्भ में ही परिवार नहीं हैं, बल्कि इसलिये परिवार हैं ,क्‍योंकि हमारा मानना है कि :

  • किसी के सपने किसी के निर्देशों पर निर्भर करते हैं,
  • किसी की सफलता किसी के सहयोग पर निर्भर करती है,
  • किसी की जिज्ञासा किसी की देखभाल पर निर्भर करती है,

परिवार भी ऐसा ही करता है। अंतिम उद्देश्‍य सभी का कल्‍याण है। लोक समस्‍त सुखिन: भवन्‍तु।

मुझे यकीन है कि संयुक्‍त राष्‍ट्र महासचिव से लेकर विश्‍व बैंक के अध्‍यक्ष तक,हम सभी, सशक्‍त अर्थव्‍यवस्‍थाओं के नेताओं से लेकर छोटे देशों के शिष्‍टमंडलों तक, फार्चून 500 कम्‍पनियों के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारियों से लेकर नवोदित उद्यमियों तक, सभी चाहते हैं कि धरती रहने की बेहतर जगह बनें।

इसलिए यहां हमारी बैठक मात्र-

  • हाथों का मिलन भर नहीं, बल्कि दिलों का मिलन है,
  • विचारों का मिलन भर नहीं, बल्कि आकांक्षाओं का मिलन है

इस पारिवारिक समारोह का मेजबान होने के नाते,

यहां तैरते हजारों ख्‍वाबों का रखवाला होने के नाते

मैं एक बार फिर आप सभी का स्‍वागत करता हूं।

मैं आशा करता हूं कि यहां आपका प्रवास सुविधाजनक हो। मुझे यकीन है कि आपको हमारी मेजबानी अच्‍छी लगेगी। गुजरात में यह पतंग महोत्‍सव की बेला है। यह त्‍योहार हमें उमंग और उत्‍साह का संदेश देता है। आप भी इसमें अवश्‍य भाग लीजिये।

मित्रों! प्रधानमंत्री बनने के बाद, मैंने भारत के दूरदराज के इलाकों और दुनिया के विभिन्‍न हिस्‍सों की यात्रा की है। मैंने संयुक्‍त राष्‍ट्र, ब्रिक्‍स, आसियान,पूर्वी एशियाई देशों के शिखर सम्‍मेलन, जी-20 और सार्क शिखर सम्‍मेलनों में शिरकत की है। कुछ समान चिंताएं सभी जगहों पर व्‍यक्‍त की गईं। सबसे बड़ी चिंता वैश्विक अर्थव्‍यवस्‍था को लेकर है। हमें इसकी स्थिरता और बहाली के तरीके तलाश करने होंगे। हमें निरंतर और समावेशी वृद्धि के लिए भी काम करना होगा।

हमारा मानना है कि समस्‍याएं हमें मजबूत, अनुशासित बनने और कुछ नया करने का अवसर देती है।

मेरी सरकार विश्‍वास जगाने का प्रयास कर रही है। हमने मजबूत भविष्‍य सुनिश्‍चित करने के लिए एक टीम तैयार की है। हमारा मानना है कि बदलाव की शुरूआत सोच बदलने से होती है।

मित्रों! आज यह हमारे लिए बहुत गर्व का विषय है कि भारत को लेकर काफी दिलचस्‍पी जगी है कई देश हमारे साथ मिलकर काम करने के लिए आगे आ रहे हैं। बेशक इसकी वजह से हमसे अपेक्षाएं भी जगी हैं।

भारत के वर्तमान और साथ ही साथ उसके समृद्ध अतीत को वैश्‍विक मान्‍यता मिल रही है। मैं योग को औपचारिक अंतरराष्‍ट्रीय दर्जा प्रदान करने के लिए संयुक्‍त राष्‍ट्र महासचिव का आभार व्‍यक्‍त करता हूं। 177 की रिकॉर्ड संख्‍या में देशों ने भारत के प्रस्‍ताव को समर्थन दिया। योग, इंसान के जीवन को बेहतर बनाने का विज्ञान एवं कला दोनों हैं। आज की दुनिया में, यह हमें विपरीत परिस्थितियों में भी शांत रहने की शिक्षा देता है।

मित्रों,जब वैश्‍विक अर्थव्‍यवस्‍था की स्‍थिति बहुत निराशाजनक थी उस समय इस आयोजन के 2009 संस्‍करण ने जीवंतता उत्पन्‍न की। वर्ष 2011 और 2013 के सम्‍मेलन निवेशकों का भरोसा मजबूत करने में सफल रहे।

लगातार सकारात्‍मकता बने रहने की वजह से ही गुजरात सरकार का यह आयोजन पूरे देश का आयोजन बन गया है। यह मंच इतना विस्‍तृत हो गया है कि अन्‍य राज्‍य भी इसका लाभ उठा सकते हैं। आज,बहुत से अन्‍य राज्‍यों ने भी यही दृष्टिकोण अपनाया है। भारत सरकार किसी भी राज्‍य की इस प्रकार की पहल को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मित्रों!हमें समस्‍याओं से निपटने के तरीके में बदलाव लाना होगा। मंदी को अक्‍सर व्‍यापार और उद्योग के संदर्भ में ही देखा जाता रहा है।

क्‍या हमने कभी मंदी को उन देशों में कम प्रति व्‍यक्ति आय के परिणाम के तौर पर देखा है, जहां दुनिया की आबादी का बहुसंख्‍य हिस्‍सा रहता है?

आम लोगों की रोजगार योग्‍यता, आय और क्रय शक्ति बढ़ाने के लिहाज से क्या हमने कभी इसका समाधान करने की बात सोची है?  भारत में यह सबसे बड़ा काम है, जो हमें करना है। गांधी जी ने अंतिम व्यक्ति की जो बात कही थी, वह एकदम सही है। गांधी जी का संदेश इस बारे में हमें रास्ता दिखा सकता है। इसलिए यह उचित है कि इस सम्मेलन का आयोजन महात्मा मंदिर में किया जा रहा है।

नजदीक ही दांडी कु‍टीर में महात्मा गांधी के जीवन के बारे में एक शानदार मल्टीमीडिया प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। इसमें गांधी जी की संक्षेप्‍त जीवन यात्रा चित्रित की गयी है। इसके अलावा यहां से कुछ कदम की दूरी पर एक विश्व स्तयरीय विशाल प्रदर्शनी लगायी गयी है, जिसमें भारत और विदेशी कंपनियों के उत्पादों और सेवाओं को दर्शाया गया है। मुझे यकीन है कि आप इन शानदार प्रदर्शनियों को देखने का अवसर नहीं गवांयेंगे।

मेरे लिए इस समारोह का सबसे बड़ा नतीजा उन समुदायों का समावेशन और भागीदारी है जिन्हें देखभाल और विकास की आवश्यकता है।

इस तरहइस समारोह निम्नांकित लक्ष्य है-

  • बड़े के साथ छोटे का समावेशन;
  • अमीर के साथ निर्धन का समावेशन;
  • परिपक्व  विचारों के साथ मन की भावनाओं का समावेशन;

मैं इस वैश्विक मंच को विश्वास दिलाता हूं कि भारत वैश्विक नेतृत्व के साथ काम करने का इच्छुक है। चाहे गरीबी की समस्या हो या पारिस्थितिकी के मुद्दे हों, भारत विश्व समुदाय के कल्याण के लिए योगदान करना चाहता है। हम जानते हैं कि दुनिया की आबादी का छठा हिस्सा होने के नाते हमारी गतिविधियों का वैश्विक असर पड़ेगा। हम सीखने और इस प्रभाव को सकारात्मक बनाने के लिए तैयार हैं।

परन्तु, भारत को अलग दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता है। यह सिर्फ एक आधुनिक राष्ट्र नहीं है बल्कि एक प्राचीन सभ्य्ता भी है। यह सिर्फ कुछ शहरों का देश नहीं है, यह हजारों कस्बों  और लाखों गांवों का देश है। यह विविध समुदायों का देश है। अत: अनेक ज्वलंत समस्याओं का समाधान स्वयं भारत के पास है।

  • हमारा दर्शन संरक्षण का दर्शन है;
  • हमारी संस्कृति प्रकृति को पोषित करने की शिक्षा देती है;
  • हमारी जीवन पद्धति सदुपयोग की पद्धति है;

ऐसे विचार और पद्धतियां भारत में सदियों से विद्यमान रही हैं। अत: हम जो कुछ करते हैं वह हमारी संस्कृति, लोकाचार और विश्वासों के साथ जुड़ा होता है। चूंकि हम जानते हैं कि भारत में यही सार्थक होगा।

मित्रो, हमारे पिछले राष्ट्रीय चुनाव भारतीय लोकतंत्र में एक ऐतिहासिक मोड़ को दर्शाते हैं। चुनाव ने हमारी जनता की उच्च आकांक्षाओं को व्‍यक्त किया है। मतदाताओें की चुनाव में रिकॉर्ड भागीदारी और तीस वर्षों के अंतराल के बाद किसी एक राजनीतिक पार्टी के पक्ष में स्पष्ट बहुमत से यह बात उचित परि‍लक्षित होती है।

मेरी सरकार जीवन की गुणवत्‍ता सहित भारत की आर्थिक और सामाजिक स्थितियों में बदलाव और सुधार लाने के प्रति वचनबद्ध है।

सात महीने की अल्‍पावधि में हम निराशा और अनिश्चितता का माहौल बदलने में सक्षम रहे हैं। पहले दिन से ही मेरी सरकार अर्थव्‍यवस्‍था में गति लाने के लिए सक्रिय होकर काम कर रही है। मेरी सरकार एक ऐसा नीतिगत वातावरण बनाने के प्रति बचनबद्ध है जो विश्‍वसनीय, पारदर्शी और निष्‍पक्ष हो।

मित्रों हम परिवर्तन के मार्ग पर अग्रसर हैं। इस प्रक्रिया को गति देने के लिए हम कार्य संस्‍कृति में बदलाव लाने के प्रयास कर रहे हैं। हमें अपने संस्‍थानों और वितरण प्रणालियों को सुदृढ़ करने की आवश्‍यकता है। इस बदलाव को सशक्‍त रूप देने के लिए हमने हाल ही में योजना आयोग का पुर्नगठन किया है। अब इसे नीति आयोग के रूप में जाना जायेगा।

हम देश में सहकारिता पर आधारित संघवाद को प्रोत्‍साहित करना चाहते हैं। इसके साथ ही हम राज्‍यों के बीच एक प्रतिस्‍पर्धा की भावना पैदा करना चाहते हैं ताकि वे आवश्‍यक चीजें सृजित और स्‍थापित करने के प्रति आकर्षित हों। मैं संघवाद के इस नए रूप को सहकारिता और प्रतिस्‍पर्धा वाले संघवाद  का नाम देता हूं।

आपको ज्ञात होगा कि हमारी आर्थिक वृद्धि दर पिछले कुछ वर्षों में नीचे चली गयी थी। मेरी सरकार तीव्र और समावेशी विकास सुनिश्चित करने के हर संभव प्रयास कर रही है। प्रारंभिक नतीजे उत्‍साहजनक रहे हैं।

आर्थिक मार्चे पर, प्रथम दो तिमाहियों में हमने पिछले वर्ष की तुलना में एक प्रतिशत अधिक वृद्धि दर हासिल की है। अंतर्राष्‍ट्रीय मुद्राकोष का आकलन है कि भारत की अर्थव्‍यवस्‍था आगामी वर्षों में दूसरी सबसे तीव्र वृदधि वाली अर्थव्‍यवस्‍था होगी।

ओईसीडी के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, विश्‍व की शीर्ष अर्थव्‍यवस्‍थाओं में भारत मात्र एक ऐसा देश होगा जिसकी वृद्धि दर में इस वर्ष इजाफा होगा। एचएसबीसी की ताजा रिपोर्ट में भारत की पहचान दुनिया के सर्वाधिक विकासशील निर्यातक के रूप में की गयी है। उम्‍मीद है कि 2030 तक सबसे बड़े निर्यातक देशों की सूची में भारत का स्‍थान 14 से घटकर पांच पर आ जायेगा।

राजनीतिक मोर्चे पर भी हाल के विधानसभा चुनावों में विभिन्‍न राज्‍यों के लोगों ने हमारा समर्थन किया है।

इससे हमें विश्‍वास हुआ है कि हम सही दिशा में आगे जा रहे हैं। मैं आपको संक्षेप में बताना चाहूंगा कि हम क्‍या कर रहे हैं और कहां पहुंचना चाहते हैं।

मित्रों हम सिर्फ वायदे करने और घोषणाएं करने तक सीमित नहीं हैं। हम नीति और व्‍यवहार के स्‍तर पर ठोस कार्य भी कर रहे हैं। उदाहरण के लिए मैंने एक वित्‍तीय समावेशन कार्यक्रम की घोषणा की थी। चार महीनों में हमने दस करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले हैं।

हम विश्‍वस्‍तरीय सुविधाओं वाले स्‍मार्ट शहर बनाने की योजनाएं बना रहे हैं। इस प्रयोजन के लिए हमने निर्माण क्षेत्र में प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश की नीति को और उदार बनाया है।

 मैंने घोषणा की है कि हाई स्‍पीड रेलों सहित एक आधुनिक रेल प्रणाली कायम की जायेगी। हमने तत्‍काल रेलवे में शत-प्रतिशत एफडीआई की अनुमति प्रदान की। मैंने घोषणा की थी कि देश में रक्षा उत्‍पादन को बढ़ावा दिया जायेगा। अगला कदम रक्षा क्षेत्र में 49 प्रतिशत तक एफडीआई की अनुमति देना था। हमने कई अन्‍य क्षेत्रों में ऐसे कदम उठाये हैं। बीमा क्षेत्र में 49 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति देना भी इनमें शामिल है। चिकित्‍सा उपकरणों के विनिर्माण के लिए एफडीआई नियमों में उदारता लाना भी इन उपायों में शामिल हैं।

 इसके साथ ही प्रशासनिक स्‍तर पर हम नीति संचालित शासन प्रदान करने की दिशा में सक्रिय कार्य कर रहे हैं। हमने महत्‍वपूर्ण प्राकृतिक संसाधनों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए दूरगामी निर्णय किए हैं। इनमें कोयला, लौह अयस्‍क और अन्‍य खनिज शामिल हैं। भूमि की उपलब्‍धता को सुगम बनाने के लिए हमने कानूनी प्रावधानों में संशोधन भी किए हैं। इनका उद्देश्‍य दूर-दराज के क्षत्रों में विकास को बढ़ावा देना और कृषक समुदाय के लाभ में वृद्धि सुनिश्चित करना है।

 हम आर्थिक सुधारों के चक्र को पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। हम यह भी देखना चाहते हैं कि हमारी नीतियां भरोसेमंद हो। हमारी स्‍पष्‍ट धारणा है कि हमारी कर व्‍यवस्‍था स्थिर होनी चाहिए। पिछले कुछ महीनों में हमने इस दिशा में कई निर्णय किए हैं।

 हमने सरकारी और निजी निवेश के जरिये ढांचा खड़ा करने पर ध्‍यान केन्द्रित किया है। इसके अंतर्गत राष्‍ट्रीय सड़कों, राष्‍ट्रीय गैस ग्रिडों, विद्युत और बिजली जैसी चीजों को शामिल किया गया है। इसमें ग्रामीण ढांचा निर्माण, 24x7 विद्युत आपूर्ति, कृषि सिंचाई और नदियों की सफाई जैसे प्रयास शामिल हैं।

बुनियादी ढांचा योजना के कार्यान्‍वयन के लिए एक फास्‍ट ट्रैक सरकारी निजी भागीदारी व्‍यवस्‍था कायम की जा रही है।

बंदरगाह आधारित विकास सुनिश्चित करने के लिए हम सागरमाला परियोजना शुरू करने जा रहे हैं। मौजूदा बंदरगाहों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। भारतीय तटों के साथ नए विश्‍वस्‍तरीय बंदरगाह विकसित किए जायेंगे। बंदरगाहों को मुख्‍य भूमि के साथ सड़क और रेल मार्ग से बेहतर ढंग से जोड़ा जायेगा। प्रमुख परिवहन मार्गों के रूप में अंतरदेशीय और तटवर्ती जलमार्गों का विकास किया जायेगा। क्षेत्रीय संपर्क में सुधार लाने, विशेषकर द्वितीय स्‍तर के शहरों और आर्थिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्‍वपूर्ण स्‍थानों के साथ संपर्क बढ़ाने के लिए कम लागत वाले हवाई अड्डे बनाने पर विचार किया जा रहा है।

हम अगली पीढ़ी के ढांचे की दिशा में भी सुधार के इच्‍छुक हैं। हमें जितनी राजमार्गों की आवश्‍यकता है, उतनी ही आवश्‍यकता प्रौद्योगिकी मार्गों (आई-वेज) की भी है। डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत, सेवा वितरण और कार्यक्रम कार्यान्‍वयन में सुधार के लिए सरकारी प्रक्रियाओं में आईटी का इस्‍तेमाल किया जायेगा। गांवों में ब्रॉडबैंड संपर्क स्‍थापित किया जायेगा।

विनिर्माण ढांचे को उन्‍नत बनाने के लिए हम प्रतिबद्ध माल ढुलाई मार्गों और औद्योगिक गलियारों के साथ विश्‍व स्‍तरीय निवेश और औद्योगिक क्षेत्रों की स्‍थापना कर रहे हैं। भारत सरकार संघीय और राज्‍यों के स्‍तर पर सिंगल विन्‍डो यानी एकल खिड़की अनुमोदन व्‍यवस्‍था कायम करने की दिशा में काम कर रही है।

चार महीने पहले हमने देश में विनिर्माण क्षेत्र के विकास के लिए मेक इन इंडिया कार्यक्रम शुरू किया था। हम भारत को एक वैश्विक विनिर्माण केन्‍द्र बनाने के लिए कठिन परिश्रम कर रहे हैं। हम विशेष रूप से श्रम बहुल विनिर्माण को प्रोत्‍साहित कर रहे हैं।

मैंने ये सभी कार्यक्रम एक अभियान के रूप में शुरू किए हैं ताकि वे सरकार को तेजी से सुधारों के लिए काम करने की दिशा में बाघ्‍य करें। वह हमें लालफीता शाही से दूर रहने और सक्रिय होकर काम करने की चुनौती देते हैं। इस प्रयोजन के लिए हमारे अनुप्रयोग और प्रक्रियाएं तेजी से ऑनलाइन की जा रही हैं।

भारत में व्‍यापार करना आसान हो, यह सबकी स्‍वाभाविक चिंता है। मैं आपको आश्‍वासन देता हूं कि हम इन मुद्दों पर गंभीरता पूर्वक विचार कर रहे हैं। हम उन्‍हें:

  • न केवल सरलतम बल्कि शीघ्रतम;
  • न केवल अन्‍यों से सरल
  • बल्कि, सबसे सरल बनाना चाहते हैं।

मित्रों आप में से अनेक यह जानना चाहते होंगे कि आखिर भारत में ही निवेश क्‍यों ?

भारत में तीन चीजें हैं- लोकतंत्र, जन सांख्यिकी और मांग। यही वे चीजें हैं जो आप चाहते हैं।

और मैं आपको विश्‍वास दिलाता हूं कि आप ये सभी चीजें एक साथ किसी अन्‍य लक्ष्‍य पर नहीं पायेंगे। भारत आपको कम लागत के विनिर्माण की संभावनाएं प्रदान करता है। भारत में कम लागत और उच्‍च गुणवत्‍ता वाली श्रम शक्ति है। हमारी जनसंख्‍या में 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु वालों की है। हम बेहतर प्रबंधन और बेहतर शासन के जरिये इन ताकतों को और बढ़ाना चाहते हैं।

हाल में प्रारंभ किए गए मंगल आर्बिटर मिशन में हरेक वस्‍तु देश में बनी थी। वास्‍तव में मिशन से सम्‍बन्धित ज्‍यादातर कल पुर्जे अत्‍यंत लघु फैक्‍टरियों में बने थे।

मित्रों हमारे पास काम करने के लिए बड़ी संख्‍या में श्रमबल हैं। हमारे पास सपने भी असंख्‍य हैं जिन्‍हें पूरा करना है। अत: विनिर्माण, कृषि आधारित उद्योगों, पर्यटन और सेवाओं को प्रोत्‍साहित करते हुए रोजगार के अवसरों को बढ़ावा दिया जा रहा है। हमने उद्यमों को प्रोत्‍साहित करने के लिए श्रम सुधार शुरू किए हैं ताकि हमारे युवाओं के लिए रोजगार के व्‍यापक बाजार का निर्माण किया जा सके।

मैं हमेशा कहता हूं कि विकास प्रक्रिया का लाभ व्‍यापार क्षेत्र के साथ साथ सामान्‍य जन को भी होना चाहिए।

इसलिए मेरी सरकार ने कौशल विकास के लिए नए मंत्रालय का गठन किया है। इसका लक्ष्‍य अपनी मानव संसाधन क्षमता में बढ़ोतरी करना है। इसके लिए हम ज्ञान,प्रौद्योगिकी, नवाचार और अनुसंधान एवं विकास पर समान रूप से बल दे रहे हैं। इन प्रयासों में शासन और संसाधान प्रबंधन में सुधार के लिए आईसीटी यानी सूचना संचार प्रौद्योगिकी का इस्‍तेमाल भी शामिल है। मैं यह भलिभांति समझता हूं क्‍योंकि मैं स्‍वयं संचार के आधुनिक उपकरणों का इस्‍तेमाल करता हूं।

मित्रों आज भारत अवसरों की भूमि है। हमने फास्‍ट ट्रैक सड़क और रेल मार्गों का निर्माण किया है। हमें घरों और फैक्‍टरियों को नियमित रूप से बिजली प्रदान करनी है। हमें अपने शहरों के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण करना होगा, जहां लगभग हमारी आधी आबादी रहती है। हमें आधुनिक सुविधाओं का लाभ प्रत्‍येक गांव तक पहुंचाना होगा। हमें प्राकृतिक संसाधनों और कृषि उत्‍पादों में मूल्‍य संवर्धन के जरिये विकास की गति को तेज करना होगा। हमें अपने लोगों के लिए विश्‍वस्‍तरीय सेवाएं प्रदान करनी होगी। इसके साथ ही समूचा विश्‍व भी कुछ सेवाओं की मांग कर रहा है। यदि हमारे मानव संसाधन कौशल और प्रौद्योगिकी से युक्‍त होंगे तो हम अनेक क्षेत्रों में विश्‍व को सेवाएं प्रदान कर सकेंगे।

स प्रकार भारत में वैश्विक निवेशकों के लिए विपुल संभावनाएं हैं। विकास की जो प्रक्रिया अभी तक अपनायी गयी है, वह वृद्धिशील नहीं है। हम एक बड़ी छलांग लगाने की कोशिश कर रहे हैं। यह केवल एक सैक्‍टर या क्षेत्र तक सीमित नहीं है। यह वास्‍तव में असीमित है और हम इसे स्‍वच्‍छ और हरित तरीके से करना चाहते हैं। हम जानकारी, निवेश, और नवाचार प्राप्‍त करने का प्रस्‍ताव करते हैं।

   मित्रों

  • हमने अपने लोगों से वायदे किए हैं
  • हमने स्‍वयं से वायदे किए हैं
  • हमने भारत के महान भविष्‍य के लिए वायदे किए हैं
  • हमें अपनी नयी नियति तय करनी होगी
  • और हमें बहुत कम समय में इसे लिखना होगा

हम जानते हैं कि ऐसा करने के लिए हमें एक सक्षम नीति फ्रेमवर्क तैयार करने की आवश्‍यकता है। हम इसमें और सुधार के लिए निरंतर काम कर रहे हैं।

परन्‍तु, मैं विश्‍वास के साथ कह सकता हूं कि आज भी भारतीय लोकतंत्र की शक्ति और हमारी न्‍याय प्रणाली की स्‍वतंत्रता दीर्घावधि के व्‍यापार के लिए समान अवसर प्रदान करती है।

मैं निम्‍नांकित शब्‍दों में सार रूप में कहना चाहता हूं कि

  • हम बड़े सपने देख रहे हैं;
  • और हमारे सपने असंख्‍य हैं;
  • हमारे सपने हमारी वृद्धि के बीज मंत्र बन सकते हैं;
  • हमारी आकांक्षाएं आपकी महत्‍वाकांक्षाओं को बल प्रदान कर सकती हैं;

मित्रों सरकार की ओर से मैं आपको एक आश्‍वासन देना चाहता हूं। हम आपको यकीन दिलाते हैं कि जब भी जरूरत पड़ेगी हम आपकी मदद के लिए मौजूद रहेंगे। अपनी यात्रा में आप हमेशा हमें साथ पायेंगे। यदि आप एक कदम चलेंगे तो हम आपके लिए दो कदम आगे बढ़ेगें।

अंत में मैं आपसे अपील करता हूं कि आप स्‍वयं देखें और महसूस करें कि-

  • भारत तेजी से बदल रहा है;
  • भारत तेजी से विकसित हो रहा है;
  • भारत उम्‍मीद से अधिक तेजी से आगे बढ़ रहा है;
  • भारत अधिक तीव्र गति से सीख रहा है;
  • भारत पहले की तुलना में अधिक तैयार है;

आइए हम हाथ मिलाएं, प्रगति, समृद्धि, और शांति के लिए मिल कर काम करें।

धन्‍यवाद।

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आज उत्तर प्रदेश और पूरा देश वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर के नए दौर का गवाह बन रहा है: मेरठ में पीएम मोदी
February 22, 2026
आज उत्तर प्रदेश और पूरा देश विश्व स्तरीय अवसंरचना के एक नए युग का साक्षी बन रहा है: प्रधानमंत्री
मेरठ मेट्रो, नमो भारत ट्रेन और RRTS के नए सेक्शन के उद्घाटन से NCR में लोगों की जिंदगी और भी आसान, सुगम और सुविधाजनक हो जाएगी: पीएम
हमारी कार्य संस्कृति ऐसी है कि एक बार किसी कार्य की नींव रख दी जाए, तो उसे पूरा करने के लिए दिन-रात काम किया जाता है, यही कारण है कि अब परियोजनाएं पहले की तरह लंबित नहीं रहती: प्रधानमंत्री
चाहे नमो भारत हो या मेट्रो सेवा, मुझे दोनों की नींव रखने का अवसर मिला और आज मुझे इनका उद्घाटन करने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ है: प्रधानमंत्री
देश में पहली बार ऐसा हो रहा है कि नमो भारत और मेट्रो रेल एक ही स्टेशन और एक ही ट्रैक पर चलेंगी: प्रधानमंत्री
एक ही प्लेटफॉर्म से शहर के भीतर यात्रा की जा सकेगी और उसी स्टेशन से दिल्ली से आने-जाने की सीधी सुविधा भी उपलब्ध होगी: प्रधानमंत्री
आज विश्व के कई विकसित देश भारत के साथ व्यापार समझौते कर रहे हैं: प्रधानमंत्री
आज विकसित देश भारत के साथ साझेदारी करने के लिए उत्सुक हैं, ऐसा इसलिए है क्योंकि वे भारत के विकास में अपना भविष्य देखते हैं और भारत की युवा शक्ति में आशा देखते हैं: प्रधानमंत्री
आज, विश्व को लगता है कि भारत वह शक्ति है जो 21वीं सदी की चुनौतियों का समाधान प्रदान कर सकती है: प्रधानमंत्री
मेरठ-हापुड़ क्षेत्र लंबे समय से चौधरी चरण सिंह जी के विजन का गवाह रहा है। उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करना हमारी सरकार का सौभाग्य रहा है: पीएम

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथी पंकज चौधरी जी, जयंत चौधरी जी, उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक जी, यूपी सरकार के मंत्रीगण, सांसद में मेरे साथीगण, विधायकगण, और विशाल संख्या में आए हुए मेरे प्यारे भाइयों और बहनों!

बाबा औघड़नाथ की इस पावन धरती पर, मेरठ की क्रांतिधरा पर, आज विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत, इसके लिए नई क्रांति को ऊर्जा मिल रही है। आज पहली बार, एक ही मंच से नमो भारत रैपिड रेल और मेट्रो सेवा का, एक ही दिन शुभारंभ हो रहा है। विकसित भारत की कनेक्टिविटी कैसी होगी, ये उसकी एक शानदार झांकी है। शहर के भीतर के लिए मेट्रो, और ट्विन सिटीज के विजन को गति देने के लिए नमो भारत जैसी आधुनिक ट्रेन, मुझे संतोष है, ये काम उत्तर प्रदेश में हुआ है।

भाइयों और बहनों,

आज का ये कार्यक्रम, भाजपा की डबल इंजन सरकार की कार्य-संस्कृति को भी दर्शाता है। और हमारी कार्य संस्कृति क्या है? हमारी कार्य संस्कृति है कि जिस काम का शिलान्यास किया जाए, उसे पूरा करने के लिए, दिन रात एक कर दिया जाए। और इसलिए अब परियोजनाएं पहले की तरह लटकती, भटकती नहीं हैं। नमो भारत या मेट्रो सेवा, दोनों का शिलान्यास करने का अवसर आप सबने मुझे दिया था। और आज मुझे ही इनके लोकार्पण का भी सौभाग्य मिला है।

साथियों,

थोड़ी देर पहले मैंने मेरठ मेट्रो में सफर किया है। इस दौरान मेरी स्कूल-कॉलेज के अनेक युवाओं से और अन्य यात्रियों से बातचीत हुई है। सबका यही कहना था, कि इतने शानदार काम की उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। और सब के सब लोग, वो पुराने दिनों को याद कर रहे थे। और खासतौर पर बहनों-बेटियों ने मुझे बताया, कुछ साल पहले तक शाम होते ही, पूरे रूट में सन्नाटा छा जाता था। यहां डर और भय का माहौल होता था। अब एक तरफ कानून-व्यवस्था भी सुधरी है और दूसरी तरफ, लोगों को सुविधापूर्ण और सुरक्षित यात्रा का भी माध्यम मिला है।

और साथियों,

मुझे खुशी है कि ये नमो भारत रैपिड रेल से, ये नारी-शक्ति के सामर्थ्य का प्रतीक भी बनी है। इसमें ट्रेन ऑपरेटर, स्टेशन कंट्रोल स्टाफ, ऐसे अधिकतर काम में हमारी बेटियां ही कार्यरत हैं, बेटियां ही नेतृत्व कर रही हैं। मैं आप सभी को, उत्तर प्रदेश को, और दिल्ली वासियों को देश की पहली नमो भारत रैपिड रेल सेवा और मेरठ मेट्रो के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

मेरठ की इस धरती से मेरा भी एक विशेष नाता रहा है। जब 2014 के चुनाव हुए, 2019 के चुनाव हुए और 2024 के लोकसभा चुनाव हुए, तो मेरठ से ही मेरी चुनावी सभाओं की शुरुआत हुई। मेरठ के आप लोगों ने, यहां के किसानों ने, उद्यमियों ने, लघु उद्योगों से जुड़े श्रमिकों ने, कारीगरों ने, दुकानदारों ने, मुझे हमेशा बहुत आशीर्वाद दिया है।

और साथियों,

मैंने तब भी कांग्रेस और सपा-बसपा को कहा था कि अपनी जहरीली राजनीति छोड़िए और आइए, विकास के मुद्दे पर मुकाबला करके देखते हैं।

साथियों,

इन दलों ने तो अपनी जहरीली राजनीति नहीं बदली, लेकिन भाजपा ने विकास और अपनी नीति रीति, अपनी नीयत में अगर एक बात को सर्वोपरि रखा, तो वो है विकास, देश का विकास। इसका एक उदाहरण हमारी मेट्रो भी है, मेरठ मेट्रो भी है।

साथियों,

2014 से पहले भारत में मेट्रो का विस्तार, बहुत ही धीमी गति से हो रहा था। हालत ये थी कि कांग्रेस सरकार के समय में देश के सिर्फ 5 शहरों में ही मेट्रो चल पाई थी। जबकि आज भाजपा सरकार में देश के 25 से ज्यादा शहरों में मेट्रो चलने लगी है। आज भारत, मेट्रो के मामले में दुनिया का तीसरा बड़ा नेटवर्क बन चुका है। यूपी में मेरठ के अलावा भी कई सारे शहरों में मेट्रो पर काम चल रहा है।

साथियों,

बीते 11 वर्षों में देश के दर्जनों शहरों तक मेट्रो पहुंची, क्योंकि भाजपा सरकार देश की जनता को सुविधा देना चाहती है, देशवासियों को हाई-स्पीड, जाम और प्रदूषण से मुक्त सुविधा, ऐसे हर प्रकार की व्यवस्था देना चाहती है। इसलिए, आज नमो भारत जैसी आधुनिक सेमी-हाईस्पीड ट्रेन चल रही है, वंदे भारत ट्रेन चल रही है।

साथियों,

कांग्रेस-सपा की जब दिल्ली में सरकार थी, तब ये सब संभव ही नहीं था। क्योंकि तब इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट्स घोटालों में ही गुम हो जाते थे। मेट्रो जैसे और उससे जुड़ी अधिकतर टेक्नॉलॉजी भी हमें विदेशों से आयात करनी पड़ती थी। हमने घोटाले भी बंद किए, और देश को आत्मनिर्भरता के रास्ते पर भी आगे बढ़ाया। क्योंकि भाजपा की प्राथमिकता, देश का विकास है, देशवासियों की सुविधा और समृद्धि है। आप यहीं देखिए, मेरठ वासियों का, पश्चिम यूपी वासियों का जीवन कैसे बदलने वाला है। सराय काले खां, आनंद विहार, गाज़ियाबाद और मेरठ, इन स्टेशनों पर भारतीय रेल, मेट्रो और बस अड्डों को आपस में जोड़ा गया है। देश में ये पहली बार हो रहा है, जब एक ही स्टेशन, एक ही ट्रैक पर नमो भारत और मेट्रो रेल चलेगी। यानी एक ही प्लेटफॉर्म से आप शहर के भीतर भी यात्रा कर पाएंगे, और उसी स्टेशन से सीधे दिल्ली भी आ-जा सकते हैं। इससे मेरठ के आप जैसे हजारों साथियों को फायदा होगा, जो पढ़ाई के लिए, नौकरी के लिए, अन्य कामकाज के लिए, रोज़ाना दिल्ली आते-जाते हैं। जो लोग दिल्ली में नौकरी करते हैं और जिनका घर मेरठ में है, उनके लिए अब दिल्ली में किराए के घर में रहने की मजबूरी भी खत्म हुई है।

साथियों,

आज भाजपा की डबल इंजन सरकार, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर जो इतना सारा पैसा खर्च कर रहा है, उससे आपका पैसा भी बचता है और युवाओं को रोजगार भी मिलता है। यहां पश्चिम यूपी में ही देखिए, कैसे नए-नए एक्सप्रेसवे बन रहे हैं, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बन रहे हैं, जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन रहा है, ये प्रोजेक्ट जब बनते हैं तब भी रोजगार मिलते हैं, और बाद में नए उद्योग लगते हैं, नए कारोबार आते हैं, उससे भी रोजगार पैदा होते हैं।

साथियों,

उत्तर प्रदेश की ये धरती तो श्रम की धरती है, ये सृजन की धरती है। यहां के किसान हों, पशुपालक हों, छोटे-लघु उद्यमी हों, बुनकर-शिल्पकार हों, ये सभी विरासत और विकास के मंत्र को साकार कर रहे हैं। ऐसे में जब भारत का सामर्थ्य बढ़ता है, तो उत्तर प्रदेश के इन सभी साथियों को भी फायदा होता है।

साथियों,

आप आजकल देख रहे हैं कि दुनिया के प्रति और दुनिया के लोगों के मन में भारत के प्रति कितनी आस्था है, लोग कितने आशावान हैं। दुनिया के अनेक विकसित देश, आज भारत के साथ व्यापारिक समझौते कर रहे हैं। एक समय था, जब कांग्रेस की सरकार चाहकर भी विकसित देशों के साथ समझौते नहीं कर पाती थी। क्योंकि तब घोटालों के लिए बदनाम कांग्रेस सरकार से समझौते करने में दुनिया को हिचक होती थी। लेकिन आज विकसित देश, भारत के साथ जुड़ने के लिए उत्सुक हैं। क्योंकि उनको भारत के विकास में अपना भविष्य दिखता है, उनको भारत की युवाशक्ति में उम्मीद दिखती है। आज दुनिया को लगता है, कि भारत वो ताकत है, जो इक्कीसवीं सदी की चुनौतियों का समाधान दे सकता है।

साथियों,

बीते वर्षों में भाजपा की सरकार ने जो वैश्विक समझौते किए हैं, उससे लघु और कुटीर उद्योगों से जुड़े लोगों को भी बहुत फायदा होगा। इसका फायदा, मेरठ के स्पोर्ट्स का सामान बनाने वालों को होगा, मेरठ की ही कैंची, खुर्जा की क्रॉकरी, मुरादाबाद का पीतल, बागपत का होम फर्निशिंग उद्योग, सहारनपुर की लकड़ी की नक्काशी, लैदर, टेक्स्टाइल, ज्वैलरी से जुड़े उद्योग, ऐसे हर लघु और कुटीर उद्योगों को इन समझौतों का बहुत बड़ा लाभ होने वाला है। भाजपा की प्राथमिकता, देश के छोटे-बड़े शहरों के सामर्थ्य को, दुनिया के कोने-कोने तक ले जाना है, यूपी के अलग-अलग जिलों की पहचान बढ़ाना है।

साथियों,

हमारा मेरठ और ये पूरा क्षेत्र, लघु उद्योगों का, MSMEs का बहुत बड़ा सेंटर है। इस वर्ष जो केंद्र सरकार का बजट आया है, उसमें हमने लघु उद्योगों के लिए 10 हजार करोड़ रुपए के विशेष फंड की घोषणा की है। इससे यूपी के MSMEs को लोन मिलना बहुत आसान हो जाएगा। बजट में हमने कपड़ा उद्योग के लिए, बुनकर समाज के लिए, महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना की घोषणा की है। इससे खादी, हैंडलूम, हस्तशिल्प को विश्व बाज़ार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

साथियों,

पहले छोटे कारीगर केवल 10 लाख रुपए तक का सामान कूरियर से भेज सकते थे। अब यह सीमा पूरी तरह हटा दी गई है। इससे मेरठ सहित, यूपी के सभी बुनकर, और अन्य छोटे उद्यमी, ऑनलाइन ऐप के ज़रिए, अमेरिका या यूरोप के ग्राहकों को भी अपने प्रोडक्ट आसानी से भेज पाएंगे।

साथियों,

मेरठ-हापुड़ और आसपास के इस क्षेत्र ने, चौधरी चरण सिंह जी के विजन को शुरुआती दिनों से देखा है। ये हमारी सरकार का सौभाग्य रहा, कि हमें चौधरी चरण सिंह जी को भारत रत्न देने का सौभाग्य मिला। भाजपा की डबल इंजन सरकार, उनके विजन पर चलते हुए किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसके लिए फूड-प्रोसेसिंग पर बहुत बल दिया जा रहा है। पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा भी छोटे किसानों के बहुत काम आ रहा है। अब तक यूपी के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के तहत, लगभग 95 हज़ार करोड़ रुपए मिल चुके हैं। इसमें मेरठ के किसानों को भी लगभग 800 करोड़ रुपए मिले हैं।

भाइयों और बहनों,

एक तरफ आज देशवासी, भारत को विकसित बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। लेकिन देश में ही कुछ राजनीतिक दल हैं, जो भारत की इस सफलता को पचा नहीं पा रहे। अभी आपने देखा, भारत में दुनिया का सबसे बड़ा AI सम्मेलन हुआ। दुनियाभर के 80 से अधिक देशों से प्रतिनिधि दिल्ली आए। दुनिया के करीब 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष भारत आए, लाखों लोग हिन्दुस्तान के कोने-कोने से दिल्ली में जुटे थे। दुनिया के विकासशील देशों में ऐसा सम्मेलन आज तक कभी नहीं हुआ। मैं जरा मेरठ के लोगों को पूछना चाहता हूं, ये जो एआई सम्मेलन हुआ, आपको गर्व हुआ की नहीं हुआ? पूरी ताकत से बातइये, आपको गर्व हुआ की नहीं हुआ? आपका माथा ऊंचा हुआ कि नहीं हुआ? आपका सीना चौड़ा हुआ कि नहीं हुआ, ये काम भारत के लिए हुआ कि नहीं हुआ है? भारत के युवाओं के लिए हुआ कि नहीं हुआ है? भारत के भाग्य को बदलने के लिए हुआ है कि नहीं हुआ है? 21वीं सदी में लीडरशिप लेने के लिए हुआ है कि नहीं हुआ है? पूरा देश गर्व से भर गया। लेकिन कांग्रेस और इसके इकोसिस्टम ने क्या किया?

साथियों,

कांग्रेस ने भारत के एक वैश्विक आयोजन को, अपनी गंदी और नंगी राजनीति का अखाड़ा बना दिया। समारोह स्थल पर विदेशी अतिथियों के सामने कांग्रेस के नेता कपड़े उतारकर पहुंच गए, मैं कांग्रेस वालों को पूछता हूं, देश तो जानता है आप पहले से ही नंगे हो, फिर कपड़े उतारने की जरूरत क्या पड़ी। कांग्रेस के नेताओं ने वहां जो कुछ किया, वो दिखाता है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी, वैचारिक रूप से कितनी दिवालिया हो गई है, कितनी दरिद्र हो गई है।

साथियों,

कोई कल्पना नहीं कर सकता है, हम तो वो लोग हैं, जो गांव में किसी के यहां शादी ब्याह होता है, तो पूरा गांव उसे सफल बनाने में जी-जान से जुट जाता है। ताकि मेहमान, गांव की एक अच्छी छवि लेकर जाएं। कांग्रेस तो अपने ही देश को बदनाम करने में जुटी है।

साथियों,

कांग्रेस के नेताओं को मोदी से नफरत है, ये लोग मेरी कब्र खोदना चाहते हैं, मेरी मां को गाली देने से भी उनको कोई परहेज नहीं है, उन्हें भाजपा से विरोध है, उन्हें एनडीए से विरोध है, ठीक है आपकी राजनीति में यही करना जरूरी है, चलो भई समझ सकते हैं, हम इसको भी सहन कर लेंगे। लेकिन कांग्रेस को याद रखना चाहिए था, कि AI ग्लोबल समिट, ये बीजेपी का समारोह नहीं था और न ही उस समय बीजेपी का कोई नेता वहां मौजूद था, ये देश का कार्यक्रम था, देश के सम्मान का कार्यक्रम था, देश के लोगों के पसीने से, लेकिन कांग्रेस ने परसो सारी मर्यादाएं तोड़ दीं। और पूरा देश, कांग्रेस की इस रीति नीति पर थू-थू हो रही है। लेकिन दुर्भाग्य देखिए, इतनी पुरानी पार्टी के नेता लाजने के बजाय गाजते हैं, बेशर्मी के साथ देश की बेज्जती करने वालों का जयकारा कर रहे हैं। और ये मामला कांग्रेस की हरकतों का लगातार चल रहा है। पार्लियामेंट में क्या किया, पार्लियामेंट में खुद परफोर्म कर नहीं पा रहे, तो अपने साथी दलों को भी बोलने का मौका नहीं देते, पार्लियामेंट को चलने नहीं देते। और उसका सबसे बड़ा नुकसान, कांग्रेस के जो साथी दल है ना उनको हो रहा है, अब वो समझ गए हैं। ये अभी दिल्ली में जो उन्होंने नंगापन दिखाया, उनके सारे साथी दल चौंक गए हैं, सबने किनारा कर लिया, और मैं नम्रता पूर्वक देश के मीडिया को भी एक रिक्वेस्ट करना चाहता हूं, वैसे मैं मीडिया को हर प्रकार से झेलने के लिए ईश्वर मुझे शक्ति दे, प्रार्थना करता रहता हूं। लेकिन आज मैं उनको प्रार्थना कर रहा हूं कि कृपा करके हम जब इस प्रकार की हरकतों की आलोचना करें, तो आप ये हेडलाइन मत बनाइये, कि मोदी ने विपक्ष को धो डाला, आप कांग्रेस को बचाने की ये चालाकियां बंद कीजिए। ये विपक्ष – विपक्ष करके आप कांग्रेस को बचा रहे हैं और विपक्ष में जो और साथी बैठे हैं, वो भी समझ गए हैं कि पाप कांग्रेस करती है और भुगतना उनको पड़ता है, और कांग्रेस की इकोसिस्टम हर बार बचकर निकलने का ये खेल खेलती है, कि पाप कांग्रेस करे, आलोचना कांग्रेस की हो, गुस्सा कांग्रेस पर हो, लेकिन मीडिया में कांग्रेस नहीं दिखती, विपक्ष शब्द दिखता है, क्यों भई, क्यों कांग्रेस को बचा रहे हो। ऐसा करने से आप न कांग्रेस को बचा पाते हो, न कांग्रेस को सुधरने के लिए मजबूर करते हो। अगर आप एक बार छापना शुरू कर दोगे, बोलना शुरू कर दोगे, ये जनरल विपक्ष का दोष नहीं, और देखिए दिल्ली में जो हुआ, क्या उसमें कोई टीएमसी के लोगों ने पाप किया है, नहीं किया है, डीएमके के लोगों ने पाप किया है, नहीं किया है, बसपा के लोगों ने पाप किया है, नहीं किया है, फारूख अब्दुल्ला जी की पार्टी ने पाप किया है, नहीं किया है, सिर्फ और सिर्फ, सरफिरे नेता, कांग्रेस के बेलगाम नेता, देश को तबाह करने पर तुले हुए हैं। अगर आपको प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठना है, तो पहले आपको जनता के दिल जीतने पड़ेंगे। महिला एमपीओं को भेजकर के सीट पर कब्जा करने से आप प्रधानमंत्री नहीं बन सकते हो, और माताओं-बहनों को इस प्रकार से आगे करने की क्या मजबूरी है आपकी, क्या इतने खोखले हो गए हो आप लोग।

साथियों,

कांग्रेस देश के लिए बोझ बन गई है, और मुझे इस बात का संतोष है कि दिल्ली में जो घटना घटी, कांग्रेस के सभी साथी दलों ने, कांग्रेस की भरपूर आलोचना करने की हिम्मत दिखाई है। मैं विपक्ष के इन साथियों का सच्चाई के साथ और देश के गौरव के साथ खड़े रहने के लिए, उनका मैं सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

भाजपा सरकार के लिए देश का विकास, यूपी का विकास सर्वोपरि है। लेकिन आप याद करिए, 10 साल पहले तक, यूपी की चर्चा किन बातों के लिए होती थी? हर किसी को, मेरठ के दंगे, पश्चिम यूपी में क्रिमिनलों की गैंग, खराब सड़कें, बिजली की कटौती और पिछड़ेपन की परिस्थितियां, यही कुछ चर्चा में रहता था। पश्चिमी यूपी के अपराध पर फिल्में बनती थीं, फिल्में। सपा सरकार ने यूपी का ये हाल करके रखा था। लेकिन आज यूपी को विकास के लिए जाना जा रहा है। आज हमारे यूपी को, ब्रह्मोस के लिए, मोबाइल फोन बनाने और एयरपोर्ट के लिए, पर्यटकों की सुविधा लगातार बढ़ती संख्या के लिए जाना जाता है। यूपी, स्पोर्टिंग इकोसिस्टम में भी अपनी पहचान बढ़ा रहा है। मेरठ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है।

साथियों,

सपा राज में जो अपराधी बेखौफ घूमा करते थे, वो आज योगी जी की सरकार में जेलों में दिन बिता रहे हैं। आज किसी की हिम्मत नहीं है, कि कॉलेज से पढ़कर निकल रही हमारी किसी बेटी का अपमान कर सके।

साथियों,

जब कानून व्यवस्था सुधरती है, तो व्यापार-कारोबार और दुकानदारी के लिए भी माहौल बनता है। इसलिए आज यूपी की अर्थव्यवस्था में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। योगी जी के नेतृत्व में यूपी देश का बड़ा मैन्यूफैक्चरिंग हब बन रहा है। कल ही मुझे यूपी की पहली सेमीकंडक्टर फैक्ट्री का शिलान्यास करने का अवसर मिला है। इस सेमी-कंडक्टर फैक्ट्री के बनने से यूपी का सामर्थ्य और ज्यादा बढ़ जाएगा। इससे यहां नए निवेश, नए रोजगार के लिए अद्भुत संभावनाएं बनेंगी। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, भाजपा की डबल इंजन सरकार, ऐसे ही यूपी को देश की सबसे बड़ी इकॉनॉमी बनाने के लिए काम करती रहेगी। यूपी विकसित होगा, तो ही भारत विकसित होगा। एक बार फिर आप सभी को नमो भारत ट्रेन और मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। ये वंदे मातरम के 150 वर्ष मना रहे हैं। मेरे साथ बोलिये-

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् !