भारत और आसियान आशावाद के प्रतीक: प्रधानमंत्री मोदी
भारत आज दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था में प्रमुख; विकास दर करीब 7.5% है एवं इसके आगे और बढ़ने की संभावना है: प्रधानमंत्री
भारत में परिवर्तन का पैमाने बहुत बड़ा है और इसलिए भारत में आर्थिक अवसर भी बहुत हैं: प्रधानमंत्री मोदी
आसियान की अर्थव्यवस्था गतिशीलता और ताक़त के साथ आगे बढ़ रही है: प्रधानमंत्री मोदी
हम आसियान-भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विकास निधि को मौजूदा 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर करेंगे: प्रधानमंत्री
भारत की स्वच्छ ऊर्जा की महत्वाकांक्षी योजना है - 2022 तक अक्षय ऊर्जा की 175 गीगावॉट की अतिरिक्त क्षमता: प्रधानमंत्री मोदी
हम 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन के माध्यम से 40% ऊर्जा के उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त करना चाहते हैं: प्रधानमंत्री मोदी
हम सीओपी-21 के दौरान 122 सौर-संपन्न देशों के अंतर्राष्ट्रीय सौर एलायंस का शुभारंभ करेंगे: प्रधानमंत्री मोदी
भारत जल्द ही सभी 10 आसियान देशों के लिए इलेक्ट्रॉनिक-वीजा की सुविधा उपलब्ध करायेगा: प्रधानमंत्री मोदी
हमें समुद्री सुरक्षा, समुद्री चोरी रोकने और मानवीय तथा आपदा राहत में सहयोग की विशेष योजना बनानी चाहिए: प्रधानमंत्री
आतंकवाद एक प्रमुख वैश्विक चुनौती के रूप में उभरा है: प्रधानमंत्री मोदी
हमें अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर एक व्यापक सम्मेलन आयोजित करना चाहिए: प्रधानमंत्री मोदी

महामहिम प्रधानमंत्री श्री मोहम्मद नज़ीब बिन तुन अब्दुल रज्जाक,

महामहिम,

प्रधानमंत्री महोदय इस शिखर सम्मेलन की मेज़बानी के लिए धन्यवाद। मैं इस उत्कृष्ट व्यवस्था और आतिथ्य के साथ-साथ आसियान-पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में आपके नेतृत्व की अत्यंत सराहना करता हूँ।

एक दोहरी त्रासदी से उबरते हुए मलेशिया ने अपने को मज़बूती से वापस लौटने और संकल्प का प्रदर्शन किया है।

कुआलालंपुर एशियाई पुनरूत्थान और क्षेत्र के उज्जवल भविष्य का प्रतीक है।

आसियान समुदाय के जन्म के एक ऐतिहासिक अवसर पर शुभकामनाएं ।

हमेशा कि तरह, आसियान क्षेत्रीय सहयोग और अखण्डता के लिए प्रेरणा और नेतृत्व दोनों प्रदान कर रहा है, और भारत के दृष्टिकोण से एशिया और प्रशांत क्षेत्र में एकीकरण के लिए आसियान के मूल्य और नेतृत्व केन्द्र बिन्दु बने रहेंगे।

महामहिम मुझे दूसरे आसियान-भारत शिखर सम्मेलन मैं पुनः आने पर प्रसन्नता है। मैं ने.पी.ताव में पिछले शिखर सम्मेलन में मैंने हमारे संबंधों की शक्ति और साझेदारी की क्षमता को देखा और इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण था। भारत-आसियान सामरिक भागीदारी के प्रति आपके द्वारा जताई गयी वचनबद्धता और विश्वास।

हम बहुल वैश्विक चुनौतियों, आर्थिक अनिश्चिताओं, राजनीतिक अशान्ति और सुरक्षा खतरों के समय मिल रहे हैं।

इस कठिन घड़ी में, भारत-आसियान आशा के दो उज्जवल स्वरूप है।

भारत आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ रही अर्थव्यवस्थाओं में प्रमुख है। विकास दर 7.5 प्रतिशत को छू रही है और इसके बढ़ने की संभावना है। हमारी मुद्रास्फ्रीति के साथ-साथ हमारे वित्तीय और विदेशी घाटे में भी कमी आई है। हमारे व्यापार और अंतर्राष्ट्रीय विश्वास में तेज़ी से वृद्धि हुई है।

भारत में परिवर्तन का पैमाना विशाल है इसलिए भारत में आर्थिक अवसरों का आकार भी व्यापक है।

और अब हमारे पास खुला और स्वागत करता एक माहौल भी है। यह विश्व बैंक के व्यापार को आसान बनाने की नीति में भारत की श्रेणी को तेज़ी से आगे लाने को भी प्रतिबिम्बित करता है और हम गति और साहस के साथ अपने सुधारों को जारी रखेंगे।

आसियान देशों की अर्थव्यवस्था का गतिशीलता और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ना जारी है। निसंदेह हम अपने 1.9 अरब लोगों की समृद्धी को सुदृढ़ करेगें।

महामहिम,

मुझे प्रसन्नता है कि एक स्थायी गिरावट के बाद हमारा व्यापार 2014-15 में करीब 760.5 बिलियन अमरिकी डॉलर तक बढ़ा है और इसी गति में निवेश भी आसियान आतंरिक और बाह्य दोनों मामलों में सबसे बड़ा निवेश सहभागी बना हुआ है। हालांकि आर्थिक साझेदारी के लिए बहुत सी क्षमताओँ से लाभ लिया जाना बाकी हैं। मुझे विश्वास है कि जैसे हमारी अर्थव्यवस्थाओँ ने वृद्धि की है वैसे ही हमारे व्यापार और निवेश भी व्यापक होंगे।

महामहिम,

मैं सहयोग के अपने प्रारूप की प्रगति के प्रति भी आश्वस्त हूं। इस संदर्भ में जुलाई 2015 में सेवाओँ और निवेश में समझौते हमारे व्यापार के लिए एक प्रमुख आगामी कदम है। हम एक संतुलित और महत्वकांक्षी क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते के लिए वार्ता की दिशा में प्रगति के प्रति भी आशान्वित हैं जिसमें माल और सेवाओं के साथ-साथ निवेश भी शामिल होगा।

साझा समृद्धि के लिए संपर्क एक प्रमुख मार्ग है। त्रिपक्षीय राजमार्ग परियोजना अच्छी प्रगति कर रही है और इसे 2018 तक पूर्ण कर लिया जाना चाहिए। हम भारत और आसियान के बीच भौतिक डिजिटल संपर्क को प्रोस्ताहित करने वाली परियोजनाओं के लिए 1.0 बिलियन अमरीकी डॉलर की ऋण सहायता के लिए प्रतिबद्ध होने का भी प्रस्ताव करते हैँ।

जैसा कि अतीत में हमने कंबोडिया, लाओस, म्यामांर और वियतनाम के साथ अपनी साझेदारी पर विशेष बल दिया।

क्षमता संवर्धन परियोजनाओँ के क्षेत्र में हमारी साझेदारी इनमें विस्तार करेगी। इसके अलावा सीएलएमवी देशों में विनिर्माण केन्द्रों को विकसित करने के लिए हमारा एक परियोजना विकास कोष के गठन का इरादा है।

महामहिम, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और अभिनव हमारे सहयोग और हमारी आर्थिक साझेदारियों को समर्थन देने में एक मज़बूत स्तंभ का कार्य करते हैं। हम आसियान-भारत और विज्ञान और प्रौद्योगिकी विकास कोष को वर्तमान एक मिलियन अमरिकी डॉलर से बढ़ाकर 5 मिलियन अमरिकी डॉलर करेंगे। हम न्यून लागत तकनीकियों के व्यवसायीकरण, तकनीकी हस्तांतरण और अनुसंधान और विकास परियोजनाओं को सुविधा देने के लिए एक आसियान-भारत अभिनव मंच के गठन का भी इरादा रखते हैं।

वियतनाम में अंतरिक्ष के क्षेत्र में हमारी सहयोगी परियोजना मज़बूत प्रगति की ओर है। मैं इसके शीघ्र पूर्ण होने का आपको विश्वास दिलाता हूँ। भारत ने स्वदेश में निर्मित जीपीएस सहायता प्राप्त भू संवर्धित नेविगेशन अथवा गगन सेवाओँ का भी आसियान पेशकश की है, जो सूचना सुविधाओं और स्थिति निर्धारण की सहायता के मामले में उन्नत नेविगेशन तकनीक प्रदान करती है।

मैं महासागर अथवा नील अर्थव्यवस्था के दीर्घकालिक विकास में सहयोग का भी प्रस्ताव रखता हूँ। यह हमारी भविष्य गत अर्थव्यवस्था को बढाने में एक महत्वपूर्ण संचालक के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा, चिकित्‍सा और स्‍वच्‍छ ऊर्जा का एक स्रोत होगा। भारत बहुत से महासागरीय देशों के साथ सहयोग संबंध स्‍थापित कर चुका है।

महामहिम, हमारे अनुसंधान और अभिनव प्रयासों में समान चुनौतियों, व्‍यापक शहरीकरण और बड़े शहरों के साथ-साथ भविष्‍य के कौशल, खादय सुरक्षा, जल और वहनीय स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं को भी शामिल होना चाहिए।

जलवायु परिवर्तन एक वैश्विक चिंता का मुद्दा है। भारत ने महत्वकांक्षी स्वच्छ ऊर्जा योजनाएं तैयार की हैं, जिनमें 2022 तक अक्षय ऊर्जा की 175 गीगावॉट अतिरिक्त क्षमता और 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन के माध्यम से ऊर्जा के 40 प्रतिशत भाग को प्राप्त करना शामिल हैं।

महामहिम, हमें अपने संस्थानों में अक्षय ऊर्जा के 100 से अधिक कार्यशालाओं की पेशकश करने पर भी प्रसन्नता होगी।

मैंने 122 सौर समृद्ध देशों के एक अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन का भी प्रस्ताव दिया है जिसका शुभारंभ 30 नवंबर को पेरिस में मैं, और फ्रांस के राष्ट्रपति ओलांद करेंगे। हम इस गठबंधन में आपकी भागीदारी के प्रति भी आशान्वित हैं।

महामहिम,

मैं हमारे संबंधों के सांस्कृतिक स्तम्भों को पुनः और मज़बूत बनाने के सामूहिक प्रयासों को भी बेहद महत्व देता हूँ। आसियान-भारत सांस्कृतिक संबंधों पर नई दिल्ली में जुलाई में एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया था। हम पूर्व की ओर अपने गेटवे शिलोंग में उत्तर-पूर्वी विश्वविद्यालय में एक आसियान अध्ययन केन्द्र खोलने का प्रस्ताव कर रहे हैं। मुझे प्रसन्नता है कि भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के लिए इस वर्ष गठित हुए प्रतिष्ठित पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता आसियान के महासचिव महामहिम ले.लूओंग.मिन्ह के लिए प्रसन्नता व्यक्त करता हूँ।

भारत जल्द ही सभी दस आसियान देशों को इलेक्ट्रॉनिक वीज़ा सुविधा का विस्तार करेगा।

महामहिम,

हमारी भविष्य की समृद्धि हमारे क्षेत्र, महासागरों, अंतरिक्ष और साइबर विश्व की सुरक्षा और स्थिरता की नींव पर टिकी है। जनवरी 2015 में हमने प्रथम आसियान-भारत साइबर सुरक्षा सम्मेलन का आयोजन किया। जो इस क्षेत्र में सहयोग का एक महत्वपूर्ण आधार होगा।

भारत समुद्र के कानून पर 1982 संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन सहित अंतर्राष्ट्रीय कानून के स्वीकृत सिद्धांतों के अनुरूप बे-रोक-टोक व्यापार और नेविगेशन की आज़ादी के प्रति प्रतिबद्धता में आसियान के साथ है। क्षेत्रीय विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से हल किया जाना चाहिए।

भारत को आशा है कि दक्षिण चीन सागर में विवाद से जुड़े सभी पक्ष आचरण पर घोषणा के कार्यान्वयन के लिए तय दिशा-निर्देशों का पालन करेंगे और इस मामले में एक आम सहमति बनाने के लिए आचार संहिता को शीघ्र अपनाने के लिए अपने प्रयासों को दोगुना करेंगे।

हमें समुद्री सुरक्षा, समुद्री डकैती से मुकाबला, मानवीय और आपदा राहत में सहयोग की विशेष योजनाओं को भी विकसित करना चाहिए।

आतंकवाद हम सबके समक्ष एक प्रमुख वैश्विक चुनौती बनकर उभरा है। हम आसियान सदस्यों के साथ उत्कृष्ट द्विपक्षीय सहयोग रखते हैं और हमें यह देखना चाहिए कि हम क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद से निपटने के लिए अपने सहयोगों को कैसे बढ़ा सकते हैं। इसके लिए हमें अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर एक व्यापक कन्वेंशन को स्वीकारने का समर्थन देना चाहिए।

महामहिम, तेज़ी से बदल रही क्षेत्रीय व्यवस्थाओं और अनिश्चित समय के इस दौर में एक शान्तिपूर्ण और समृद्ध भविष्य के लिए हम क्षेत्र की रूपरेखा को निर्धारित करने के मामले में आसियान के नेतृत्व को लेकर आशान्वित हैं।

महामहिम आपकी उपस्थिति में धन्यवाद के साथ मैं भारत की इस प्रतिबद्धता को दोहराते हुए अपने संबोधन का समापन करना चाहूंगा कि भारत इस साझेदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और इसके लिए हमने जकार्ता में आसियान हेतू एक स्थायी मिशन का शुभारंभ कर दिया है।

अपने सहयोगी एजेंडें को भविष्य में किस प्रकार से विकसित कर सकते हैं इस विषय पर मैं आपके विचार सुनने के लिए तत्पर हूँ।

धन्यवाद

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नॉर्थ ईस्ट का एक बड़ा लॉजिस्टिक्स और ट्रेड हब बनेगी बराक वैली: असम के सिलचर में पीएम मोदी
March 14, 2026
Today, North-East India is the center of India’s Act East Policy; It is becoming a bridge that connects India with South-East Asia: PM
बराक वैली के किसानों और चाय बागान श्रमिकों का असम के विकास में बहुत बड़ा योगदान है; डबल इंजन सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कदम उठा रही है: प्रधानमंत्री
हम बॉर्डर के गांवों को देश के पहले गांव मानते हैं; कछार जिले से ही वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का अगला चरण शुरु किया था, इससे बराक वैली के अनेक गांवों में भी सुधार होना तय हो गया है: प्रधानमंत्री

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

प्रानोप्रिय बोराक उपत्यकार, सम्मानित नागरिकवृंद, आपनादेर शोबाई के आमार प्रोणाम जानाई।

राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे साथी सर्बानंद सोनोवाल जी, उपस्थित राज्य सरकार के मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण और मेरे प्यारे भाईयों और बहनों।

संस्कृति, साहस और जीवंतता से भरपूर बराक वैली के आप सभी परिवारजनों के बीच आना बहुत विशेष अनुभव रहता है। सिलचर को तो बराक घाटी का गेटवे कहा जाता है। ये वो जगह है जहां इतिहास, भाषा, संस्कृति और उद्यम ने मिलकर अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। यहां बांग्ला बोली जाती है, असमिया की गूँज सुनाई देती है और अन्य जनजातीय परंपराएं भी फुलती-फलती हैं। यहां इतनी विविधता को अपनी ताकत बनाकर आप सभी भाईचारे के साथ, सद्भाव के साथ, इस पूरे क्षेत्र का विकास कर रहे हैं। ये बराक वैली का बहुत बड़ा सामर्थ्य है

साथियों,

बराक नदी के उपजाऊ मैंदानों ने, यहां के चाय बागानों ने, यहां के किसानों को, यहां के ट्रेड रूट्स को, एजुकेशन सेंटर्स को हमेशा प्रोत्साहित किया है। ये क्षेत्र असम ही नहीं, पूरे नॉर्थ ईस्ट और पश्चिम बंगाल को भी कनेक्ट करता है। बराक घाटी के इसी महत्व को 21वीं सदी में और अधिक सशक्त करने के लिए मैं आज आपके बीच आया हूं, आपके आशीर्वाद लेने आया हूं। थोड़ी देर पहले यहां बराक वैली की कनेक्टिविटी से जुड़े, नॉर्थ ईस्ट की कनेक्टिविटी से जुड़े, हजारों करोड़ रूपये के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। रोड़ हो, रेल हो, एग्रीकल्चर कॉलेज हो, ऐसे हर प्रोजेक्ट्स से बराक वैली नॉर्थ ईस्ट का एक बड़ा लॉजिस्टिक और ट्रेड हब बनने जा रहा है। इससे यहां के नौजवानों के लिए रोजगार के, स्वरोजगार के अनगिनत, अनगिनत अवसर बनने जा रहे हैं। मैं आप सभी को इन सभी विकास परियोजाओं के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आजादी के अनेक दशकों तक कांग्रेस की सरकारों ने नॉर्थ ईस्ट को दिल्ली से और दिल से, दोनों से ही दूर रखा। कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट को एक प्रकार से भुला दिया था। लेकिन बीजेपी की डबल इंजन सरकार ने नॉर्थ ईस्ट को ऐसे कनेक्ट किया है कि आज हर तरफ इसकी चर्चा है। आज नॉर्थ ईस्ट भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का केंद्र है, दक्षिण पूर्व एशिया के साथ भारत को जोड़ने वाला सेतु बन रहा है।

लेकिन साथियों,

जैसे कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट को अपने हाल पर छोड़ दिया था, ठीक वैसे ही बराक वैली को भी बेहाल करने में कांग्रेस की बहुत बड़ी भूमिका रही है। जब देश आज़ाद हुआ, तो कांग्रेस ने ऐसी बाउंड्री खींचने दी, जिससे बराक घाटी का समंदर से संपर्क ही कट गया। जो बराक वैली कभी ट्रेड रूट के रूप में, एक औद्योगिक केंद्र के रूप में जानी जाती थी, उस बराक वैली से उसकी ताकत ही छीन ली गई। आज़ादी के बाद भी दशकों तक कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन बराक घाटी के विकास के लिए कुछ खास नहीं हुआ।

साथियों,

बीजेपी की डबल इंजन सरकार, इस स्थिति को बदल रही है। हम बराक घाटी को फिर से व्यापार कारोबार का बड़ा हब बनाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। आज इस दिशा में एक बहुत बड़ा और अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। आज करीब 24 हजार करोड़ रुपए के शिलांग-सिलचर हाई-स्पीड कॉरिडोर का भूमि पूजन हुआ है, 24 हजार करोड़ रुपए, कितने? कितने? 24 हजार करोड़ रुपए। कितने? कितने? कितने? ये जरा कांग्रेस वालों को पूछना, जरा कागज पेन देना और उनको कहना कि जरा कागज पर 24 हजार करोड़ लिखो तो, कितने, कितने जीरो लगते हैं, आएगा नहीं उनको। ये कांग्रेस वालों के दिमाग का ताला जहां बंद हो जाता है ना, वहां हमारा काम शुरू हो जाता है। यह नॉर्थ-ईस्ट का पहला Access Controlled High-Speed Corridor होगा।

साथियों,

ये सिर्फ एक हाईवे प्रोजेक्ट नहीं है, ये नॉर्थ ईस्ट के लोगों के दशकों पुराने इंतजार का अंत हो रहा है। इस कॉरिडोर से सिलचर, मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा, ये सब राज्य कनेक्ट होने वाले हैं। इन तीनों राज्यों से आगे बांग्लादेश और म्यांमार हैं और फिर आगे दक्षिण-पूर्व एशिया का विशाल बाजार है। यानी बराक घाटी, एक बहुत उज्जवल भविष्य की तरफ जुड़ने का आज शिलान्यास कर रही है। इसका फायदा असम सहित पूरे नॉर्थ ईस्ट के किसानों को होगा, यहां के नौजवानों को होगा। इतनी अच्छी कनेक्टिविटी वाले ये सारा क्षेत्र बनने से, इस पूरे क्षेत्र में इंडस्ट्री को बल मिलेगा, टूरिज्म को फायदा होगा और सबसे बड़ी बात, हिन्दुस्तान का कोना-कोना आसानी से आप लोगों से जुड़ जाने वाला है।

साथियों,

आप सभी यहां सिलचर में ट्रैफिक को लेकर भी काफी परेशान रहे हैं। अब सिलचर फ्लाईओवर से ये समस्या भी कम हो जाएगी। सिल्चर मेडिकल कॉलेज, NIT सिल्चर और असम यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे युवा साथियों के लिए, ये बहुत अच्छी सुविधा हो गई है। इससे आने-जाने में उनका बहुत ही कीमती समय बचने वाला है।

साथियों,

डबल इंजन की बीजेपी सरकार, असम की रेल कनेक्टिविटी पर भी बहुत अधिक काम कर रही है। खासतौर पर रेलवे का बिजलीकरण हमारी बहुत बड़ी प्राथमिकता रहा है। अब असम का ढाई हजार किलोमीटर से अधिक का रेल नेटवर्क, अब इलेक्ट्रिफाई हो चुका है। अब यहां भी तेज़ गति से ट्रेनें चल पाएंगी, इससे बराक वैली के स्वच्छ वातावरण को भी फायदा मिलेगा।

साथियों,

बराक वैली के किसानों और यहां के चाय-बागानों में काम करने वाले श्रमिकों का असम के विकास में बहुत बड़ा योगदान है। डबल इंजन सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कदम उठा रही है। कल ही, गुवाहाटी से मैंने पीएम किसान सम्मान निधि की अगली किश्त जारी की है। अब तक पीएम किसान सम्मान निधि का देश के किसानों को लाखों करोड़ रूपया, और अकेले हमारे असम के किसानों को 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा पैसा असम के किसानों को मिल चुका है। अब आप सोचिये, हमने 10 साल में यहां के किसानों की जेब में, 20 हजार करोड़ रुपया उनकी जेब में दिया है। ये कांग्रेस वालों ने 10 साल राज किया, प्रधानमंत्री तो असम से चुनकर के गए थे, उसके बावजूद भी एक फूटी कौड़ी नहीं दी, एक फूटी कौड़ी किसानों को नहीं दी, हमने 20 हजार करोड़ रूपया दिया है। कल बराक वैली के हज़ारों किसानों के खाते में भी, ये आखिरी किस्त भी पहुंची है, ये वाली किस्त पहुंची है और फिर जब चुनाव के बाद आएगा समय, तब भी पहुंचेगी। ये पैसा खेती से जुड़ी छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में, मेरे गांव के छोटे-छोटे किसान भाई-बहनों को बहुत बड़ी मदद कर रहा है।

साथियों,

बराक वैली अब अपनी फसलों के लिए ही नहीं, बल्कि कृषि से जुड़ी पढ़ाई और रिसर्च के लिए भी जानी जाएगी। पत्थरकांडी में बराक घाटी के पहले एग्रीकल्चर कॉलेज का निर्माण कार्य आज से शुरु हो रहा है। इससे किसानों को तो फायदा होगा ही, यहां के नौजवानों को कृषि स्टार्टअप्स के लिए सहयोग, समर्थन और प्रोत्साहन मिलेगा।

साथियों,

भाजपा का मंत्र है- जो विकास की दौड़ में पीछे रह गया, उसे प्राथमिकता देना। कांग्रेस की सरकारें बॉर्डर एरिया को, देश के अंतिम गांव मानती थीं। हम बॉर्डर के गांवों को देश के पहले गांव मानते हैं। और इसलिए, बॉर्डर एरिया के विकास के लिए, कछार जिले से ही वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का अगला चरण शुरु किया था। इससे बराक वैली के अनेक गांवों में भी सुधार होना तय हो गया है।

साथियों,

यहां बड़ी संख्या में चाय-बागानों में कार्य करने वाले साथी भी हैं। असम सरकार ने, चाय-बगानों से जुड़े हजारों परिवारों को, उनकी जमीन का अधिकार देने का ऐतिहासिक काम किया है, वो इन परिवारों के भविष्य को बदलने की एक बड़ी शुरुआत है। जमीन के पट्टे मिलने से, इन परिवारों को सुरक्षा मिली है, उन्हें सम्मान का जीवन मिलना सुनिश्चित हुआ है।

साथियों,

आप जरा वहां से दूर रहिए, अब जगह नहीं है, आगे नहीं आ सकते हैं। देखिए वहां से जरा दूर रखिये उनको, अब आगे नहीं आ सकते भईया, अरे हमारे असम के भाई-बहन तो बड़े समझदार हैं। आपका से प्यार, आपका आशीर्वाद, ये इतनी बड़ी ताकत है, कृपा करके आप।

साथियों,

मैं हेमंता जी की सरकार को बधाई देता हूं, चाय-बागानों में करीब 200 सालों से सेवा दे रही अनेक पीढ़ियों के संघर्ष को आपने आज सम्मान दिया है। देखिए मेरी इस बात पर बादल भी गरजने लग गए। मुझे खुशी है कि जिनको पहले की सरकारों ने अपने हाल पर छोड़ दिया था, उनकी सुध बीजेपी सरकार ने ली है।

साथियों,

ये सिर्फ भूमि पर कानूनी अधिकार का ही मामला नहीं है। इससे ये लाखों परिवार, केंद्र और राज्य सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाओं से भी तेज़ी से जुड़ेंगे। पक्के घर की योजना हो, बिजली, पानी और गैस की योजनाएं हों, इन सब स्कीम्स का पूरा फायदा अब इन परिवारों को मिलना संभव होगा।

साथियों,

बीते सालों में बीजेपी सरकार ने चाय-बागानों में अनेक स्कूल खोले हैं, बच्चों को स्कॉलरशिप्स दिए हैं। सरकारी नौकरियों के लिए भी रास्ते खोले गए हैं। ऐसे प्रयासों से चाय-बागानों के युवाओं के लिए सुनहरे भविष्य के द्वार खुल रहे हैं।

साथियों,

बीजेपी की डबल इंजन सरकार के लिए शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य सुविधाएं बहुत बड़ी प्राथमिकताएं रही हैं। असम ने तो शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर कांग्रेस की उपेक्षा को बहुत लंबे समय तक भुगता है। आज असम शिक्षा और स्वास्थ्य का बहुत बड़ा हब बनकर सामने आ रहा है। इसका बहुत अधिक फायदा बराक वैली को मिला है। आज यहां शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े अनेक बड़े संस्थान बन चुके हैं।

साथियों,

कांग्रेस ने असम के युवाओं को सिर्फ हिंसा और आतंकवाद के कुचक्र में ही उलझाए रखा था। कांग्रेस ने असम को फूट डालो और राज करो की नीति की प्रयोगशाला बनाया। आज असम के युवाओं के सामने अवसरों का खुला आसमान है। आज असम भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर का अहम हिस्सा बन रहा है। यहां नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नॉलॉजी से जुड़ा इकोसिस्टम और टैलेंट तैयार हो रहा है। यहां IIT और IIM जैसे संस्थान बन रहे हैं। मेडिकल कॉलेज, एम्स और कैंसर अस्पतालों का सशक्त नेटवर्क बन रहा है। शांति और प्रगति का ये नया दौर, अनेक बलिदानों और अनेक प्रयासों से आया है। अब ऐसी हर ताकत को मुंहतोड़ जवाब देना है, जो असम को पुराने दौर में धकेलने की कोशिश करती है।

साथियों,

आज मैं सिलचर से असम को सावधान-सतर्क भी करना चाहता हूं। आपने कांग्रेस को असम से बाहर किया। आज देश का हर राज्य कांग्रेस को सबक सिखा रहा है। कांग्रेस एक के बाद एक चुनाव हार रही है। अब निकट भविष्य में, कांग्रेस खुद के पराजय के इतिहास की सेंचूरी मारने वाला है। हार की हताशा से भरी कांग्रेस ने देश के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के नेता देश को बदनाम करने में जुट गए हैं, आपने देखा है, दिल्ली में इतनी बड़ी AI समिट हुई। आज पूरी दुनिया जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, AI को लेकर बहुत ही उत्सुक है। दिल्ली में सफलतापूर्वक विश्व की एक नई आशा पैदा करने वाला AI समिट हुआ। दुनियाभर के नेता, दुनियाभर की टेक्नॉलॉजी कंपनियां, टेक्नॉलॉजी के बड़े-बड़े लीडर दिल्ली आए थे। कांग्रेस ने इस समिट को बदनाम करने के लिए कपड़ा फाड़ प्रदर्शन किया। अब कांग्रेस के पास खुद के कपड़े फाड़ने के सिवा कुछ नहीं बचा है। पूरे देश ने कांग्रेस के इस भौंडे और भद्दे प्रदर्शन की आलोचना की। लेकिन दिल्ली में जो कांग्रेस का शाही परिवार है, वो इस कांड को भी अपना मेडल बता रहा है, देश को बदनाम करने वालों की वाहवाही कर रहा है। ऐसी कांग्रेस, जो देश की विरोधी हो, वो किसी राज्य का भला नहीं कर सकती, वो असम के युवाओं का कभी भला नहीं सोच सकती।

साथियों,

आजकल दुनिया में चारों तरफ और हमारे तो अड़ोस पड़ोस में ही युद्ध के हालात और आप सब भलिभांति युद्ध कि क्या भयानकता है, वो रोजमर्रा देख रहे हो। युद्ध से जो स्थितियां बनी हैं, हमारी सरकार उनसे निपटने के लिए, हमारे देश के नागरिकों को कम से कम मुसीबत आए इसलिए हो सके उतने सारे प्रयास कर रही है। हमारा प्रयास है कि देश के नागरिकों पर युद्ध का कम से कम प्रभाव पड़े। इस समय कांग्रेस से उम्मीद थी कि वो एक जिम्मेदार राजनीतिक दल की भूमिका निभाए, लेकिन कांग्रेस देश हित के इस महत्वपूर्ण काम में भी फिर एक बार फेल हो गई। कांग्रेस पूरी कोशिश कर रही है कि देश में पैनिक क्रिएट हो, देश मुश्किल में फंस जाए। और उसके बाद कांग्रेस भर-भर कर मोदी को गाली दे।

साथियों,

कांग्रेस के लिए और कांग्रेस असम के लिए, देश के लिए कांग्रेस का कोई विजन ही नहीं है, इसलिए, इन्होंने अफवाहों को, झूठ-प्रपंच को ही, और जैसे झूठे रील बनाने की इंडस्ट्री खोलकर रखी है, उसी को हथियार बना दिया है। दुनिया में जो ताकतें भारत के तेज़ विकास को नहीं पचा पा रहीं हैं, जिन विदेशी ताकतों को देश की प्रगति रास नहीं आ रही, कांग्रेस देश का दुर्भाग्य देखिए, कांग्रेस उनके हाथ की कठपुतली बनती जा रही है। इसलिए, असम के हर नागरिक को, हर नौजवान को कांग्रेस से सावधान रहना है।

साथियों,

असम हो, बराक वैली हो, अब ये विकास के पथ पर बढ़ चुका है। बराक वैली, अपनी भाषा, अपने साहित्य, अपनी संस्कृति के लिए जानी जाती है। वो दिन दूर नहीं, जब बराक वैली को विकास के नए सेंटर के रूप में पहचान मिलेगी।

साथियों,

आप इतनी बड़ी तादाद में हमें आशीर्वाद देने आए हैं। जो राजनीति के भविष्य की रेखाएं अंकित करने वाले लोग हैं, वो भांति-भांति की जो संभावनाएं तलाशते रहते हैं, वे आज बराक वैली का ये दृश्य, कल बोड़ो समुदाय का वो दृश्य, टी गार्डन वालों के समूह का दृश्य, ये साफ-साफ बता रहा है कि, इस चुनाव का नतीजा भी क्या होने वाला है। और आप इतनी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने के लिए आए हैं, मैं आपका हृदय से आभारत व्यक्त करता हूं और आप सभी को फिर से विकास परियोजनाओं की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!