मंत्री परिषद के मेरे साथी श्रीमान राजनाथ सिंह जी, Northeast के सभी आदरणीय मुख्य मंत्री, श्री किरन रिजिजू जी, विभाग के सभी अधिकारी और पुलिस बेड़े के सभी leaders.आज जिन लोगों का सम्माीन हुआ है, उन सबको मैं हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

चाणक्य के समय से हम लोग पढ़ते आए है कि किसी भी राष्ट्र रक्षा के भीतर जितना सामर्थ्य शस्त्र में होता है, उससे ज्यादा सामर्थ्य यह शस्त्र किसके पास है उस पर निर्भर रहता है और उससे भी आगे, शस्त्र भी हो, शस्र् धारी भी हो,लेकिन राष्ट्र रक्षा की सफलता की मूलधारा तो गुप्ताचर तंत्र के सहारे ही चलती है। जिस व्यवस्था के पास उत्तम प्रकार की गुप्त चर व्यवस्था होती है। उस व्यवस्था को कभी भी, न शस्त्रधारी की जरूरत पड़ती है न कभी शस्त्र की जरूरत पड़ती है और शस्त्र के उपयोग की तो कभी आवश्याकता ही नहीं रहती है और इसलिए रक्षा के क्षेत्र में सुरक्षा के विषय पर सर्वाधिक महत्वरपूर्ण कोई ईकाई होती है, तो वो होता है गुप्त चर तंत्र। और उस क्षेत्र में सेवा करने वाले उन अधिकारियों का सम्मा्न करने का मुझे अवसर मिला है। मैं फिर एक बार उनकी इस उत्तम सेवा के लिए हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं, बंधाई देता हूं।

सबको आश्चर्य हो रहा है कि इतने सालों से जो परंपरा चल रही थी। उसे तोड़कर के दिल्ली के बाहर, गुवाहाटी क्यों। ले जाया गया। लेकिन आपने देखा होगा दिल्ली में मीटिंग होती है तो आप अपनी भी बहुत व्यस्तताएं लेकर के आते हैं। आपको लगता है कि आए हैं तो चार काम और भी कर लें। Ministry में चले जाए, Secretaries को मिल लें। राज्ये के सवालों पर थोड़ा-थोड़ा ध्यान केंद्रित करें। दिल्ली के बाहर जाने के कारण आप जब से आएं हो तब से पूरी तरह एक-दूसरे में घुल-मिल गए होंगे। यहां कोई और activity नहीं है इसलिए पूरा Focus यहां की activity पर आया होगा। और सबसे ज्यादा लाभ Northeast में यहां के जो लोग हैं उनका इतना उत्साह बढ़ा होगा, यहां के पुलिस बेड़े का इतना उत्साजह बढ़ा होगा, तो अपने आप में यह थोड़ा-सा ही बदलाव कितने बड़े परिणाम ला सकता है यह अनुभव आप भी करते होंगे। हो सकता है आगे जाकर के आप भी करेंगे। एक शुभ शुरूआत है। आगे भी हम चाहेंगे कि इस प्रकार के Event दिल्ली के बाहर हुआ करें और राज्योंं में जाते-जाते कभी दिल्लीे की भी बारी आएगी ऐसा तो नहीं कि दिल्ली में नहीं आएगी। लेकिन दिल्लीभ में जब कार्यक्रम होता है तो दिल्ली पुलिस का कोई Role ही नहीं होता है। वो भारत सरकार और एक विज्ञान भवन रेडिमेड रहता है और आप अपने भवनों में रहते हैं और चले आते हैं। यह एक बदलाव है और यह बदलाव व्यवस्था में प्राण बहुत आवश्यडक होते हैं। Roboticव्येवस्थाडएं नहीं चलती हैं। व्यवस्थाएं जीवंत होनी चाहिए, व्य्वस्थाेएं प्राणवान होनी चाहिए। व्यवस्थाओं में से प्राणशक्ति में इजाफा होना चाहिए और यह बदलाव आपको उस दिशा में ले जाएगा। आप भी अपने राज्य में इसी प्रकार के प्रयोगों की ओर जाएंगे ऐसा मुझे विश्वाेस है।

कल से आप लोग बैठे हैं कुछ Serious Nature की बातें, कुछ हल्की -फुल्कीआ बातें लेकिन एक अच्छे माहौल में हुआ है। मैं भी आज दोपहर तक आपके बीच रहने वाला हूं। मैं ज्याoदा समय आपको सुनने में लगाना चाहता हूं। लेकिन एक दो विषय है जो आज मैं बताना चाहता हूं। देश आजाद होने के बाद 33 thousand पुलिस के जवान देश की रक्षा के लिए शहीद हो जाएं, नागरिकों की सुख-सुविधा के लिए शहीद हो जाएं,यह घटना छोटी नहीं है। लेकिन क्याु पुलिस बेड़े के लोगों को पता है कि अपने साथियों ने 33 हजार लोगों ने भारत के नागरिकों की रक्षा के लिए अपने प्राण दे दिए हैं। सामान्यर नागरिक को तो पता होने का सवाल ही नहीं उठता है। मुझे पहली आवश्यककता लगती है, यह 33 हजार बलिदान व्यदर्थ नहीं जाने चाहिए। समाज में उनके प्रति सम्मालन कैसे बढ़े? वो भी तो किसी मां का लाल था। और Duty के लिए मरा है वो, लेकिन पता नहीं क्योंल किसी न किसी हालात के कारण इसके प्रति एक उदासीनता बरती गई है। मैं चाहूंगा कि आपमें से एक छोटा सा Taskforce बने। कुछ सीनियर अनुभवी लोगों का बने। हम इस बलिदान की विरासत को ऐसी कौन सी चीजों को Incorporate करे ताकि यह हमेशा-हमेशा के लिए हमारी प्रेरणा का कारण बने। हम ऐसे Protocol कैसे तय करे। जिन Protocol के कारण,जो शहीद पुलिस है उसके शरीर की अंत्ये ष्टि की सारी क्रिया का एक Protocol कैसे हो, ताकि उसके सम्मा न की ओर कोई व्यीवस्थाc विकसित हो। हर राज्य। की अपनी एक पुलिस अकादमी होती है। वहां New Recruits की training होती है। क्यात उनके अंदर एक Syllabus, एक किताब उस राज्य के जितने भी पुलिस बेड़े के जवान शहीद हुए हैं, उनके जीवन पर लिखी हुई एक किताब हो सकती है क्याी? हर राज्यह की अपनी एक किताब होनी चाहिए। Official Government Book होनी चाहिए। जिसने प्राण दिया है, किस अवसर पर दिया, कैसे दिया, कैसा साहस दिखाया, कितनो की जिंदगी बचाई। जो नई पीढ़ी की पुलिस आएगी, नया Constable की भर्ती होगी और चीज सीखेगा। इस किताब को भी उसको पढ़ना होगा। इस किताब पर Exam देना होगा। उसको अपने आपको पता लगेगा, मेरे बेड़े में मेरे पहले इतने लोग बलि चढ़ चुके थे। यह अपने में पीढ़ी दर पीढ़ी जुड़ता चला जाएगा। हर साल किताब की नई Edition निकले क्या। हम अभी तय कर सकते हैं कि हर राज्यक एक E-book निकालें। जिस E-book में इन 33 thousand बलिदानी लोगों के बारे में सबकी फोटो शायद संभव न भी हो। उस परिवार के पास हो तो लेनी चाहिए। लेकिन एक E-book हो। वो जिस प्रदेश में बलिदान हुआ, उस प्रदेश की भाषा में भी हो और National Languages में भी हो। प्रकल्पआ छोटा होगा, लेकिन प्रेरणा अपरम्पारर होगी। उसी प्रकार से मैंने देखा है कि Police Welfare के लिए कई छोटे-बड़े कार्यक्रम पुलिस डिपार्टमेंट करता रहता है। Cine कलाकार आते हैं, नृत्यर-नाटक का भी कार्यक्रम करते हैं। मुंबई वाले तो ज्यादा ही करते हैं। उस समय एक Souvenir भी निकालते हैं। उसमें एक Advertisement लेते हैं Fund Collect होता है। उसकी बारीकियों में तो मैं गया नहीं हूं, जाना भी नहीं चाहता हूं, लेकिन क्यात हम यह तय कर सकते हैं कि साल में जब ऐसा Souvenir निकलेगा, उस Souvenir की मुख्य। विभीषाएं उस वर्ष के उस राज्य के बलिदान हुए पुलिसों की जीवन गाथा ही उसमें छपेगी। हमें तय करना होगा। उनके जीवन को ऐसे खत्म नहीं होने देना चाहिए। वो शरीर से रहा या न रहा हो लेकिन पुलिस बेड़े के लिए और समाज के लिए वो कभी मरना नहीं चाहिए। यह हमारा दायित्वस है। आगे हुआ हो या न हुआ उसकी मुझे चर्चा करने का कोई कारण नहीं बनता है, लेकिन आगे हो इस पर भी तो हम सोच सकते हैं और मैं मानता हूं कि इन चीजों का बहुत बड़ा लाभ होगा।

दूसरी बात है पुलिस वेलफेयर मैं जानता हूं कि सबसे ज्यादा, तनाव भरी जिंदगी अगर किसी की है, तो पुलिस बेड़े की है। वो अपने जीवन को दांव पर लगाता है। अगर उसके परिवार में सुख, शांति और संतोष नहीं होगा, तो वो Duty नहीं कर पाएगा। वो कितना ही त्या गी, तपस्वीन, बलिदानी अफसर होगा तो भी परिवार की बैचेनी उसको बैचेन बनाती है। यह सरकार का और हम सबका दायित्वव है कि हम पुलिस परिवार के वेलफयेर के लिए कोई Systematic व्यववस्थााएं विकसित कर सकते हैं ? जैसे उनका अपने परिवार का Medical Check up कैसे हो, Including पुलिस के लोग, उनके बच्चों की शिक्षा-दीक्षा के संबंध में क्याो हो। ज्या दातर जो नीचे तबके के जो पुलिस के जवान है, उनके रहने की सुविधाएं कैसी है। उस पर हम कोई ध्या न दे सकते हैं? ऐसा नहीं है कि ये सब होता नहीं है। अब हमारे लिए एक अच्छा है कि हमारे जो गृहमंत्री जी है, वो हिंदुस्ता न के सबसे बड़े राज्यध के मुख्यममंत्री रहे हैं और सफल मुख्यृमंत्री रहे हैं। और इसलिए उनको इन विषयों की बहुत बारीकियों का ज्ञान है। उनका मार्गदर्शन आने वाले दिनों में हमें बहुत काम आने वाला है। मेरा भी सौभाग्यक रहा कि मैं लम्बे् अर्से तक मुख्यममंत्री रहा तो Home Department अपने पास होने से उसकी बारीकियों से मैं परिचित हूं। धरती पर क्याe चल रहा है, उससे मैं जानकार हूं। और इस कारण यह संभावना है कि हमारी यह Priority हैं। हम चाहते हैं कि हमारे पुलिस वेलफेयर के काम को हम वैज्ञानिक तरीके से विकसित करें और Minimum इतना तो होना ही चाहिए। यह अगर हम करेंगे, तो देखिए बहुत बड़ा परिवर्तन आएगा, बहुत बड़ा बदलाव आएगा।

कभी-कभार हम पुलिस के लोगों का मुश्किल क्या होता है जी, सामान्या मानव के दिमाग में आप, की Movies ने पता नहीं इसको ऐसा Paint करके रखा हुआ है। मैंने अभी बहुत कम ऐसी Movies देखी कि जहां पुलिस के त्याग और तपस्याी की कोई कथाल आई हो। और उसके कारण जन-मानस पर ऐसी छवि बन गई है। हमें Special Efforts करने चाहिए। भारत सरकार ने कोई PR Agency करके इन सारे Film Producer से मिलना चाहिए। उनको बताना चाहिए कि भाई यह क्याक कर रहे हो आप लोग। अगर हम समाज की रक्षा करने वाली इतनी बड़ी शक्ति का सम्माअन और गौरव नहीं बढांएगे, तो उनकी बुराईयां भी कम नहीं होगी। हम परिवार में भी एक बच्चा् गलती करता है तो बार-बार गलती, गलती, गलती, गलती दोहरा करके उसकी गलती ठीक नहीं करते। उसकी गलती ध्यान में रखते हैं लेकिन अच्छाईयों की ओर ले जाते हैं, तो अच्छाल अपने आप बनना शुरू हो जाता है। कमियां होगी, किसमें नहीं है। लेकिन कमियों को दूर करने का रास्ताह भी तो होता है और समाज के सहयोग के बिना नहीं होताऔर मैं चाहता हूं कि एक लम्बीी दूरी की सोच के साथ भारत के पुलिस के संबंध में लोगों की सोच बदली जा सकती है और धरती की हकीकत के द्वारा उसको किया जा सकता है। कभी-कभार क्या होता है पुलिस से जुड़ी हुई एक Negative खबर इतने दिनों तक Media में छाई रहती है, लेकिन उसी कालखंड में सैकड़ों अच्छीत चीजें हुई होती हैं, वो कभी भी उजागर नहीं होती हैं।

जब मैं गुजरात में था, मैंने तो एक छोटा प्रयोग किया था, अगर आप लोगों को उचित लगे तो आप उस प्रयोग पर सोचिए। मेरे गुजरात छोड़ने के बाद क्याग हुआ, मुझे मालूम नहीं है। उसमें कुछ काम हो रहा है या नहीं हो रहा है। लेकिन मैंने एक आग्रह किया था। हर पुलिस थाने की अपनी वेबसाइट हो,पुलिस थाने की वेबसाइट। और वो पुलिस थाना, उस पुलिस थाने में उस Week में जो अच्छीे से अच्छीए समाज की सेवा की कोई गतिविधि हुई हो, कोई दुखी आया उसको बहुत अच्छे ढंग से Treat किया हो, किसी का बहुत नुकसान होना था पुलिस पहुंचकर बचा लिया। मदद कर दी। हजारों घटनाएं कम नहीं है। हजारों घटनाएं कम नहीं है जी। अब निराश मत होना आपके माध्यम से देश के बहुत अच्छे काम हो रहे हैं। लेकिन आप ही उसको उजागर नहीं करते। क्याो पुलिस थाने की अपनी वेबसाइट हो और हर हफ्ता एक सच्ची and100 Percent सच्ची होनी चाहिए। Positive story हम Online रखे। आप फिर कभी उसको देखिए आपको ध्यान आयेगा कितनी लाखों सकारात्मक चीजें पुलिस के माध्य म से हो रही है जो समाज का फायदा कर सकती है। आर्टिफिशल कुछ भी करने की जरूरत नहीं है। है, धरती पर है। हर आदमी आपको मिलेगा और कहेगा कि हां भाई मेरे जीवन में तो मुझे एक-आध बार पुलिस की अच्छी मदद मिल गई। कोई न कोई मिल जाएगा आपको। लेकिन Collectively ये चीजें लोगों के सामने नही आती है।मैं चाहूंगा कि आप उस दिशा में कुछ सक्रियता से सोचें और सक्रियता से सोचकर के उसको कैसे आगे बढ़ाया जाए, कैसे किया जाए। जब मिलेंगे तो इन विषयों में विस्तार से बात करेंगे।

एक मेरे मन में है smart police का मेरे मन में concept है। smart police, smart police,smart police बेड़ा। इसको लेकर के हम किस प्रकार से काम कर सकते हैं। और जब मैं smart police की बात करता हूं तबS –Strict लेकिन साथ-साथ S for Sensitivity, Police Strict भी हो Police –Sensitive भी हो। M- Modern हो और Mobility हो, stagnancy नही होनी चाहिए, A – Alert भी हो Accountable भी हो, R–Reliable हो Responsive भी हो, T – Techno Savvy हो Trained हो। Smart Police - S for Strict and Sensible, M for Modern and Mobility, A for Alert and Accountable R for Reliable and Responsive, T for Techno Savvy and Trained इन पांच बिंदुओं को लेकर हम आगे बढ़े। मुझे विश्वाvस है हम पूरे पुलिस बेड़े में एक नई जान भर सकते हैं। एक नई चेतना भर सकते हैं।

फिर एक बार आज जिनको मुझे सम्मान करने का अवसर मिला है। उन सबको मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आगे भी इस प्रकार के पराक्रमों से भरा हुआ हमारा पुलिस बेड़ा सामान्य नागरिक की सेवा करने में, उसको सुरक्षा देने में और सबसे बड़ी बात उसमें विश्वा स पैदा करने में हम सफल होंगे। बाकी हम जब मिलेंगे तब विस्तार से बातें करेंगे।

बहुत-बहुत शुभकामनाएं, धन्यसवाद।

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आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

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‘Paltano Dorkar!’ PM Modi Predicts TMC Rout In Bengal, Says ‘Goons Won’t Find Space To Hide After May 4’

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TMC के संरक्षण में रहे अपराधियों को सजा मिलेगी: जादवपुर,पश्चिम बंगाल में पीएम मोदी
April 24, 2026
मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि बंगाल में बीजेपी सरकार बनने के बाद महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए जाएंगे: पीएम मोदी
TMC ने बंगाल की पहचान को नष्ट कर दिया है, यहाँ घुसपैठियों को बसाया जा रहा है, वे जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं और लोगों का रोजगार छीन रहे हैं: जादवपुर में पीएम मोदी
आप हमें आशीर्वाद दीजिए, हम आपको TMC के भय से आजादी दिलाएंगे: जादवपुर में पीएम मोदी ने नेताजी के विचारों को दोहराया

भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की...

मैं अपना भाषण प्रारंभ करूं उससे पहले... मैं देख रहा हूं छोटे-छोटे कलाकार बालक कुछ चित्र बनाकर ले आए हैं। ये तो बड़ी अमृत टोकड़ी लेकर के आए हैं...लगता है आपका ये प्यार मेरी बहुत बड़ी अमानत है। आप अगर पीछे एड्रेस लिखा होगा तो मैं आपको धन्यवाद की चिट्ठी भेजूंगा। आप जो भी लाए हैं मेरे एसपीजी के साथियों को दे दीजिए.. मैं आपको जरूर पत्र भेजूंगा। वहां दो बालक एकदम दूर खड़े हैं... उनसे ले लीजिए... बढ़िया-बढ़िया ड्रॉइंग बनाकर ले आए हैं आप लोग। मेरा सौभाग्य है आपका इतना प्यार...

भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की..

मैं भाषण शुरू करूं उससे पहले यहां के जो कैंडिडेट्स हैं... उनसे आग्रह करता हूं कि जरा आगे आ जाएं... जो ये चुनाव में कैंडिडेट है वो जरा आगे आ जाएं... मैं एक बार उनसे मिलकर के आता हूं आप लगातार भारत माता की जय बोलते रहिए... बोलिए भारत माता की... जय सत्य नारायण। जय राधा - माधव, जय मां दयामयी काली.... जादवपुर बासी, केमोन आछेन सबाइ?

सबसे पहले मैं शिबानी पीठ की मां काली… और विशालाक्षी माता को प्रणाम करता हूं। मैं चैतन्य महाप्रभु के चरणों में भी नमन करता हूँ।

भाइयों बहनों, सबसे पहले तो मैं आप सबसे क्षमा मांगता हूं... क्योंकि आप लंबे समय से धूप में खड़े हैं... हमारी योजना ये सारी बेकार हो गई पंडाल छोटा पड़ गया, लेकिन आपका प्यार बढ़ता ही जा रहा है। मैं आप सबसे क्षमा चाहता हूं कि हम पूरी व्यवस्था नहीं कर पाए और उसके कारण आपको इतनी भयंकर गर्मी में भरी दुपहरी में तपना पड़ रहा है। लेकिन मैं आपको विश्वास दिलाता हूं आप जो धूप में तप कर रहे है ना मैं आपका तप बेकार नहीं जाने, मैं आपके इस तप को ब्याज समेत लौटाऊंगा, आपके इस प्यार को ब्याज समेत लौटाऊंगा इस क्षेत्र का विकास कर के।

भाइयों-बहनों,

बंगाल के पहले चरण का मतदान हो चुका है...और बंपर मतदान हुआ है...जबरदस्त मतदान हुआ है। देश आजाद होने के बाद देश ने कभी ऐसा देखा नहीं जो इस बार बंगाल के लोगों ने कर के दिखाया है। हर तरफ यही चर्चा है कि बीजेपी को कितना बड़ा समर्थन बंगाल में मिला है...आज बंगाल के छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारी... भयमुक्त होकर बीजेपी के साथ हैं। आज बंगाल के टैक्सी वालों से लेकर रिक्शा चलाने वाले तक... भयमुक्त होकर बीजेपी की सरकार के लिए समर्थन दे रहे हैं। आज नाव चलाने वालों हो या नाम कमाने वाले हो हर कोई खुलेआम परिवर्तन के लिए भाजपा के भरोसे पर बंगाल का भाग्य बनाने के लिए तैयार है। आज बंगाल के सरकारी कर्मचारी से लेकर बंगाल के पुलिस कर्मी तक...भयमुक्त होकर उज्ज्वल बंगाल के लिए मैंदान में आए हैं। बंगाल के शिक्षक...यहां के वकील, यहां के डॉक्टर...हर प्रोफेशन के लोग बीजेपी के समर्थन में उतरे हुए हैं। हर कोई कह रहा है… चारों तरफ से ही गूंज रही है एक ही नारा सुनाई दे रहा है एक ही आवाज आ रही है पाल्टानो दोरकार... पाल्टानो दोरकार... पाल्टानो दोरकार... पाल्टानो दोरकार... पाल्टानो दोरकार...

साथियों,

पहले चरण के मतदान ने ये पक्का कर दिया है कि कई जिलों में TMC का खाता भी नहीं खुलेगा। अब दूसरे चरण में आपको TMC की करारी हार पर...और विकसित बंगाल के संकल्प पर पक्की मुहर लगानी है। लगाओगे... ज्यादा से ज्यादा मतदान करोगे... ये कल जो हुआ है उसका रिकॉर्ड तोड़ोगे... ये कल जिन्होंने मतदान किया है.. उन्होंने आपके लिए चुनौती खड़ी कर दी है... करोगे मतदान इतना। साथियों- बीजेपी की विजय विशाल और निर्णायक हो...बंगाल में विकास का नया युग पूरी ताकत से आए...अब 29 अप्रैल को, ये काम आपको करना है। ये बंगाल के सामने बहुत बड़ा मौका है। और इसलिए एक भी वोट छूटना नहीं चाहिए। मेरा आपसे आग्रह है... बीजेपी के सभी प्रत्याशियों को भारी बहुमत से जिताकर भेजिए...

साथियों,

पिछले 15 वर्षों में TMC ने बंगाल को केवल और केवल लूटने का काम किया है। ऐसा कोई काम नहीं जहां टीएमसी का करप्शन नही.. इसलिए बंगाल की जनता कह रही है भर्ती घोटाला चोलबे ना.. भर्ती घोटाला..भर्ती घोटाला… पूरी ताकत से बोलिए… भर्ती घोटाला… भर्ती घोटाला… . चिटफंड घोटाला… चिटफंड घोटाला… कोयला खनन घोटाला… कोयला खनन घोटाला… बालू के खनन में घोटाला… पूरी ताकत से बोलिए आप मेरे से भी आपकी ताकत ज्यादा होनी चाहिए… गरीबों के राशन की लूट… चोलबे ना.. गरीबों के राशन की लूट…तस्करों को छूट… कटमनी… कमीशन…

साथियों,

पिछले 15 वर्षों में टीएमसी की सरकार ने बंगाल की पहचान को तहस-नहस कर दिया है। बंगाल में घुसपैठियों को लाकर बसाया जा रहा है। यहां घुसपैठिए बंगाल की जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं, यहां के लोगों का रोजगार छीन रहे हैं। एक ओर टीएमसी का करप्शन दूसरी ओर घुसपैठियों का दबाव बंगाल के युवाओं को अपना घर छोड़कर....रोजगार की तलाश में पलायन करना पड़ रहा है।इस समस्या का समाधान तभी होगा, जब TMC पूरी तरह जाएगी और बीजेपी पूरी शक्ति से आएगी। इसलिए, करप्शन और घोटालों से मुक्ति के लिएस पोल्टानो दोरकार,.. पोल्टानो दोरकार,.. युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए-पोल्टानो दोरकार, बंगाल की सुरक्षा और सम्मान के लिए-पोल्टानो दोरकार,

साथियों,

भाजपा का विश्वास है कि बेटी सशक्त होगी, तो समाज सशक्त होगा।

इसीलिए, हम हर योजना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना चाहते हैं।

हम चाहते हैं, कि बंगाल की हर बहन आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने। उसके पास आगे बढ़ने के लिए अवसरों की कमी ना हो। लेकिन आपने देखा, कुछ दिन पहले देश की संसद में कैसे टीएमसी और उसके साथियों ने महिला आरक्षण का विरोध किया। देश चाहता है कि राजनीति में बेटियों की भागीदारी बढ़े, लेकिन टीएमसी नहीं चाहती। भाजपा चाहती है कि देश की नारी शक्ति सशक्त हो, लेकिन टीएमसी इसके विरोध में खड़ी हो गई है। आज बंगाल में हमारे साथी घर-घर जाकर मातृशक्ति भोरशा कार्ड दे रहे हैं। हर बहन को हर महीने तीन हजार रुपए का भरोसा मिल रहा है। यानि 36 हजार रुपया.. मैं आपको विश्वास दिलाता हूं....बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी....उसके बाद, महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई और कदम उठाए जाएंगे। जिन अपराधियों और गुंडों को TMC सरकार में पाला गया है.... महिलाओं के खिलाफ बलात्कार जैसी घटनाओं के जो दोषी हैं... ऐसे हर अपराधी को.... ऐसे हर अपराधी को कानून सजा देगा। और हम सजा दिलवाकर रहेंगे। TMC राज में यहाँ बेटियाँ सुरक्षित नहीं हैं। लेकिन, बीजेपी राज में एक भी बलात्कारी, एक भी क्रिमिनल सुरक्षित नहीं रहेगा। सबका हिसाब होगा। और ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

जादवपुर में सिंडिकेट ने यहां के विकास को अपना बंधक बना लिया है। यहां बालू, ईंट और सीमेंट की सप्लाई पर किसका कब्ज़ा है? क्या ये किसी से छिपा है? बीते वर्षों में अवैध निर्माण के मामले कई गुना बढ़ गए हैं। जो लोग खुद को जादवपुर का शुभचिंतक कहते हैं, वो जमीनों पर अवैध कब्ज़ा कर रहे हैं। जादवपुर के वेटलैंड्स को देख लीजिए .. यहां लैंड माफिया कैसे पर्यावरण को निगल रहे हैं। क्या ये सब बिना निर्मम सरकार की मिलीभगत के हो सकता है? और अगर कोई अपनी जमीन पर घर बनाने की कोशिश करे, तो उन्हें सिंडिकेट वालों को प्रोटेक्शन मनी देनी पड़ती है। ऐसे हालात को हमें बदलना ही होगा।

साथियों,

जादवपुर यूनिवर्सिटी का नाम दुनिया भर में सम्मान से लिया जाता था। इस कैंपस की नींव ही राष्ट्रवाद पर रखी गई थी। लेकिन आज यहाँ की स्थिति देखिए। कैंपस के अंदर धमकियां दी जा रही हैं, दीवारों पर देशविरोधी बातें लिखी जा रही हैं... और छात्र अपनी पढ़ाई के बजाय सड़कों पर प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। हम यहाँ अराजकता नहीं, academic माहौल चाहते हैं.. हम यहाँ धमकियां नहीं, संवाद चाहते हैं। जो सरकार अपने ही राज्य के सबसे बड़े शिक्षण संस्थान को नहीं बचा सकती, वो बंगाल का भविष्य क्या बचाएगी? बंगाल के नौजवानों का भविष्य क्या बचाएगी…

साथियों,

देश जब अंग्रेज़ों के अत्याचार से, अंग्रेज़ों दमन से तंग आ चुका था...

तब नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने आज़ादी की आस जगाई थी...उन्होंने पूरे देश आह्वान किया थी... तुम मुझे खून दो...मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा। आज बंगाल...15 साल के महा-जंगलराज से परेशान है। 15 सालों के महा-जंगलराज में...यहां बहुत खून बहाया गया है। लेकिन अब बंगाल में नई क्रांति का आरंभ हो रहा है। इस क्रांति के मूल में आप हैं, जनता-जनार्दन है… यहां को नौजवान है… यहां बहनें हैं बेटियां हैं , यहां का किसान है, यहां का मजदूर है… और ये क्रांति आने का रास्ता क्या है

भारत के संविधान से आपको मिली एक वोट की ताकत है। एक वोट की ताकत है। इसलिए, मैं आप सभी से एक विनम्र आग्रह करने आया हूं… भाई ये चित्र ले लो इस बेटी से… एक मिनट बेटा ले लेते हैं...कितनी मेहनत करोगे.. दे दीजिए... धन्यवाद... धन्यवाद बेटा...नेताजी सुभाष बाबू ने कहा था तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा। बंगाल के मेरे भाइयों बहनोंं आप हमें आशीर्वाद दीजिए, हम आपको आज़ादी देंगे।… आप हमें आशीर्वाद दीजिए, हम आपको आज़ादी देंगे। आज़ादी...TMC के भॉय से। आज़ादी...TMC के भ्रष्टाचार से। आज़ादी...TMC के सिंडिकेट से। आज़ादी...बेटियों पर अत्याचार से। आज़ादी...पलायन की मजबूरी से। आज़ादी...बेरोजगारी और बेकारी से। आज़ादी...घुसपैठियों के कब्ज़े से।

साथियों,

कमल छाप पर दिया आपका हर वोट...पढ़ाई, कमाई, दवाई, सिंचाई और सुनवाई... हर चीज़ की आज़ादी देगा। कमल छाप पर दिया, आपका हर वोट...उस सोच से आज़ादी देगा...जो बंगाल में हिंसा और रक्तपात को बढ़ावा देती है। कमल छाप पर दिया आपका हर वोट...आपके सपनों को उड़ान देगा...बंगाल को फिर से भारत का नंबर वन स्टेट बनाएगा।

कमल छाप पर दिया आपका हर वोट...बंगाल को...डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों का बंगाल बनाएगा।

साथियों,

जादवपुर और साउथ 24 परगना में बड़ी संख्या में हमारे दलित-वंचित वर्ग के लोग रहते हैं। बंगाल में TMC की सरकार है। लेकिन, हमारे इन दलित भाई-बहनों को पिछड़े भाई-बहनों को इस समाज की सेवा वो नहीं किए. मैं आपको वादा करता हूं कि हम करके रहेंगे , हम आप की सेवा के लिए खप जाएंगे। हमने उज्ज्वला योजना में इस जिले में 11 लाख गैस सिलिंडर दिये हैं। इनमें से लगभग 3 लाख गैस कनेक्शन SC/ST परिवारों को मिले हैं। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत यहां साढ़े चार लाख किसानों को मदद मिल रही है। इन्हें यहां अब तक 1000 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी जा चुकी है। इनमें बड़ी संख्या में छोटे और सीमांत किसान वर्ग से आते हैं। ऐसी कितनी ही योजनाएँ केंद्र सरकार इस वर्ग के लिए चला रही है। लेकिन भाइयों बहनों, यहाँ बैठी TMC सरकार खुद तो दलित-वंचित वर्ग के खिलाफ है ही...वो केंद्र सरकार की दलितों के लिए वंचितों के लिए जो योजनाएं हैं, उनमें भी अड़ंगे लगा रही है। आप मुझे बताइये...बीजेपी सरकार गरीबों को मुफ्त इलाज की सुविधा देना चाहती है। इसके लिए, हम आयुष्मान भारत योजना चला रहे हैं। गरीब परिवारों के 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज का खर्च मोदी सरकार उठाती है। लेकिन TMC ने इस योजना को बंगाल में रोक रखा है। पीएम आवास योजना में भी टीएमसी सरकार घपला कर रही है। सही लाभार्थी को पक्के घर मिलने नहीं दिए जा रहे हैं।

साथियों,

ये जादवपुर का सुभाषग्राम, कोडालिया... ये क्षेत्र नेताजी सुभाष की विरासत से जुड़ा है। इतना गौरवशाली क्षेत्र...लेकिन, आज यहाँ लोग साफ पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। आर्सेनिक की वजह से कई जगह पानी जहरीला हो रहा है। गरीब, दलित, वंचित समाज के लोगों का जीवन दांव पर लगा है। लेकिन, TMC सरकार ने इसका कोई ठोस समाधान नहीं दिया है। हमारी केंद्र सरकार ने हर घर नल से साफ जल पहुंचाने के लिए जलजीवन मिशन शुरू किया है। लेकिन, TMC ने उसे भी अपने भ्रष्टाचार का शिकार बना लिया है।

भाइयों बहनों,

इन समस्याओं का समाधान अब दूर नहीं है। 4 मई के बाद बीजेपी की सरकार बनेगी। भारी बहुमत से बनेगी। इसी के साथ, बंगाल की परेशानियों का अंत भी शुरू हो जाएगा। बंगाल के लोगों को, यहाँ के एससी-एसटी समाज को केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ भी मिलने लगेगा। आप याद रखिएगा... पीएम-सीएम, एक शाथे… पीएम-सीएम, एक शाथे, उन्नोयोन होबे दिने-राते!

साथियों,

कमल के बटन को दबाकर मेरे इन सभी साथियों को मेरे सभी उम्मीदवारों को आप विजयी बनाएं। मुझे विश्वास है बंगाल की माताएं बहने और बेटियां बंगाल में बदलाव के सबसे बड़ी शक्ति बनेगी। आप इतनी बड़ी संख्या में अपना आशीर्वाद देने यहां आए इसके लिए मैं आपका बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।

दोनों हाथ ऊपर उठाकर के मुट्ठी बंद कर के पूरी ताकत से बोलिए भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की...

वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे...