आज मैं यहाँ उपस्थित होकर गर्व महसूस कर रहा हूँ। और जो देश से आपने अँधेरा भागने का सपना देखा है। (अस्पष्ट)………बिजली उत्‍पादन करने की संभावना आज पूरा विश्‍व global warming की चर्चा कर रही है ऐसे समय में भारत के लिए renewal energy के क्षेत्र में जाना environment friendly development को बल देना यह हमारी प्राथमिकता है और इसलिए आने वाले दिनों में भी सर्वाधिक hydro project को हम harness कर पायें उसकी प्राथमिकता के साथ हम आगे बढ़ना चाहते हैं। जम्‍मू कश्‍मीर में भी करीब तेरह चौदह हजार मेगावाट बिजली के उत्‍पादन की संभावनाएं है hydel project में। इसको हम कैसे सबसे ज्‍यादा उपयोग में लें और पानी के स्रोत से ही जम्‍मू कश्‍मीर के इकॉनॉमी को कितना बल मिल सकता है। अभी मैं कुछ दिन पहले भूटान में था, भूटान की पूरी इकॉनॉमी बिजली पर केंद्रित हो गई है और पानी के जरिए economy को आगे बढ़ा रहे हैं। जम्‍मू कश्‍मीर में भी वो ताकत है आज का ये प्रोजेक्‍ट एक काम हमारा कारगिल में भी चल रहा है लद्धाख में भी चल रहा है इसके साथ एक सबसे बड़ी आवश्‍यकता है Transmission Line की अगर समय रहते उस काम को बल दिया गया होता तो शायद बहुत बड़ी मात्रा में उसका लाभ हुआ होता। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के मॉडल पर सर्वाधिक investment Transmission क्षेत्र में भी आये उसको भी हम बल दें। Infrastructure जल्‍दी बने उस दिशा में हमारा प्रयास है 

मैं आज जब उरी आया हूं मेरे ध्‍यान पर लाया गया यहां के स्‍थानीय नागरिकों की तरफ से आज कि उरी में एक कें‍द्रीय विद्यालय है। ये उरी का केंद्रीय विद्यालय सिर्फ दसवीं कक्षा तक है और मुझे खुशी हुई कि उरी के नागरिकों ने मांग की कि हमारे बच्‍चों के लिए कें‍द्रीय विद्यालय में इलेवन और टवेल्‍थ चालू किया जाय। किसी भी देश में अगर कोई नागरिक शिक्षा के लिए मांग करता है उसका मतलब उस देश का भविष्‍य उज्‍जवल है। उस परिवार को समझ आता है भावी पीढ़ी के लिए क्‍या जरूरत है और इसलिए मैं सबसे पहले उरी के नागरिकों का अभिनंदन करता हूं उन्‍होंने मुझे मैसेज दिया कि हमारे कें‍द्रीय वि़द्यालय को Eleventh और Twelfth शुरू करवाइए वरना हमारे बच्‍चों को श्रीनगर तक जाना पड़ता है। मैं आज उरी आया हूं मैं उरी के नागरिकों को और जम्‍मू कश्‍मीर के नागरिकों को आश्वासन देने का आनंद व्‍यक्‍त करता हूं कि इसी जुलाई महीने में उरी में Eleventh के लिए एडमीशन शुरू हो जाएंगे उरी के केंद्रीय विद्यालय को Eleventh और Twelfth दोनों क्‍लासेज शुरू हो जाएंगे और मैंने यहां इतना बड़ा पावर प्रोजेक्‍ट लगाया तो ये NTPC वाले तो यहीं बसेरा करने वाले हैं उनको भी मैंने कहा है कि इसमें थोड़ा हाथ बटाइए और इस योजना के अंदर शरीक होइए 

मैं उरी के नागरिकों को देश को एक पॉवर प्रोजेक्‍ट तो मिल ही रहा है अँधेरा भगाने में जम्‍मू कश्‍मीर का योगदान हो रहा है उरी के लिए ज्ञान का सूरज उग रहा है Eleventh और Twelfth केंद्रीय विद्यालय यहां प्रारंभ होगा यह एक प्रकार से और मैं आज सुबह कटरा में था वहाँ रेलवे का आरंभ किया और मैंने कहा था जम्‍मू कश्‍मीर को गति भी चाहिए जम्‍मू कश्‍मीर को उर्जा भी चाहिए आज सुबह गति का प्रदर्शन था शाम को उर्जा का प्रदर्शन था। गति और उर्जा जम्‍मू कश्‍मीर को एक नई ताकत देंगे इससे वे नई उंचाइयों को प्राप्‍त करेगा। मैं जम्‍मू कश्‍मीर के नागरिकों को बहुत बहुत शुभकामनाएं देता हूं और देशवासियों को सुदूर सुदूर सीमावर्ती जगह पर निर्माण हुआ ये 240 मेगावाट का पावर प्‍लांट राष्‍ट्र को समर्पित करता हूं 

बहुत बहुत धन्‍यवाद। 

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आइए हम भारत-ऑस्ट्रिया साझेदारी को इनोवेशन सेंट्रिक और फ्यूचर रेडी बनाएं: भारत-ऑस्ट्रिया जॉइंट प्रेस मीट में पीएम मोदी
April 16, 2026

Your Excellency, चांसलर स्टॉकर

दोनों देशों के delegates,

मीडिया के साथियों,

नमस्कार!

ग्रूस गॉट

चांसलर स्टॉकर, आपकी पहली भारत यात्रा पर मैं आपका हार्दिक स्वागत करता हूँ। हमे बहुत खुशी है कि आपने यूरोप के बाहर अपनी पहली यात्रा के लिए भारत को चुना। यह आपके विज़न और भारत-ऑस्ट्रीया संबंधों के प्रति आपकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

चार दशकों के बाद ऑस्ट्रिया के चांसलर की भारत यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्ष 2026 के ऐतिहासिक भारत -यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड अग्रीमन्ट के बाद, भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच संबंधों में एक नए सुनहरे अध्याय की शुरुआत हुई है। चांसलर स्टॉकर की विज़िट से, हम भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को भी एक नए कालखंड में ले जा रहे हैं।

Friends,

इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और सस्टेनिबिलिटी में भारत और ऑस्ट्रिया भरोसेमंद साझेदार रहे हैं। दिल्ली मेट्रो हो या हिमालय पर दस हजार फीट की ऊँचाई पर बना अटल टनल, ऑस्ट्रिया की टनलिंग एक्स्पर्टीज़ ने अपनी मजबूत छाप छोड़ी है।

इतना ही नहीं, रेल्वे प्रोजेक्ट्स से लेकर गुजरात के गिरनार रोपवे तक, क्लीन एनर्जी से लेकर urban डेवलपमेंट तक, भारत के कई इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स में ऑस्ट्रियन कंपनियाँ सक्रिय भागीदार रही हैं।

Friends,

चांसलर स्टॉकर की यह यात्रा ट्रेड और इनवेस्टमेंट में नई ऊर्जा लाएगी। हमे बहुत खुशी है, कि वे एक बड़े vision और बड़े बिजनस delegation के साथ भारत आए हैं।

हम ऑस्ट्रिया की एक्स्पर्टीज़, और भारत की स्पीड और स्केल को जोड़कर, पूरे विश्व के लिए reliable टेक्नॉलजी और supply chain सुनिश्चित करेंगे। हम डिफेन्स, सेमीकन्डक्टर, quantum, और bio-टेक्नॉलजी में भी अपनी पार्ट्नर्शिप को सुदृढ़ करेंगे।

साथ ही, हम इंजीनियरिंग और टेक्निकल एजुकेशन सहयोग को भी और मजबूत करेंगे। IIT दिल्ली और ऑस्ट्रिया की मोंटान यूनिवर्सिटी के बीच आज साइन किया जा रहा MOU, इस knowledge एक्सचेंज का एक उज्ज्वल उदाहरण है।

Friends,

भारत का टैलेंट, ऑस्ट्रिया की innovation और productivity को बढ़ाने की क्षमता रखता है।

2023 में हमने ऑस्ट्रिया के साथ एक व्यापक माइग्रेशन एण्ड मोबिलिटी अग्रीमन्ट किया। अब इस अग्रीमन्ट के अंतर्गत, हम nursing सेक्टर में भी मोबिलिटी को आगे बढ़ाएंगे।

हम जॉइन्ट रिसर्च और start-up सहयोग को भी और मजबूत करेंगे। यूथ एक्सचेंज को प्रमोट करने के लिए, हम आज भारत-ऑस्ट्रिया वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम भी लॉन्च कर रहें हैं।

Friends,

आज पूरा विश्व एक बहुत ही गंभीर और तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहा है। और इसका प्रभाव हम सभी पर पड़ रहा है। ऐसे तनावपूर्ण वैश्विक माहौल में, भारत और ऑस्ट्रिया, हम एकमत हैं कि, मिलिटरी कॉन्फ्लिक्ट से समस्याओं का समाधान नहीं निकल सकता। यूक्रेन हो या वेस्ट एशिया, हम एक stable, सस्टेनबल और lasting peace का समर्थन करते हैं।

हम इस बात पर भी एकमत हैं, कि बढ़ते ग्लोबल challenges के समाधान के लिए Global institutions का रिफॉर्म अनिवार्य है। और आतंकवाद को जड़ से मिटाना, हमारी साझी प्रतिबद्धता है।

Your Excellency,

2024 में मेरी ऑस्ट्रिया की यात्रा भी, चार दशकों बाद हुई थी। उस विज़िट के बाद आज भारत में आपका स्वागत करना, हमारे लिए बहुत गर्व और खुशी की बात है। आइए, हम भारत-ऑस्ट्रिया साझेदारी को इनोवेशन centric और फ्यूचर रेडी बनाएं।

बहुत-बहुत धन्यवाद।