कश्मीर से कन्याकुमारी तक यह तय हो चुका है कि 'फिर एक बार मोदी सरकार': जालंधर में पीएम मोदी
हमने साहिबजादों की स्मृति में 26 दिसंबर को वीर बालदिवस मनाने की शुरुआत की: जालंधर में पीएम मोदी
झाड़ू पार्टी ने कांग्रेस से आपातकाल का पाठ भी अच्छे से सीख लिया है: जालंधर में पीएम मोदी

श्री वाहेगुरु जी का खालसा... मैं मां त्रिपुर मालिनी और गुरुद्वारा तलहण साहिब को प्रणाम करता हूं। जालंधर और पंजाब की ये धरती ये शौर्य और सेवा की धरती है। हमारे गुरुद्वारे, हमारे मंदिर, ये राधा स्वामी डेरा के हमारे संत, कोरोना के मुश्किल समय में आप सबने सेवा के प्रतिमान गड़े थे। मैं राधा स्वामी डेरा की संत परंपरा को भी प्रणाम करता हूं।

साथियों,

जालंधर मेरे लिए नया नहीं है। लंबे अरसे तक पंजाब में काम करा, कई बार जलंधर के साथियों के साथ सुख-दुख बांटे। हमारे विनोद शर्मा जी, सुभाष सूत जी, ऐसे कई साथी मैंने जिनके साथ काम किया और जब जालंधर आए तो जालंधर के कुलचे और कैंट के पकोड़ा जालंधर के उस प्यार का कर्ज आज भी मेरे ऊपर है।

भाइयों और बहनों,

हमारे जालंधर के लोग बड़ी संख्या में मेरे बनारस भी आते रहते हैं। इस बार भी संत रविदास जी के स्थान, शीर गोवर्धनपुर में कई विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करने का मुझे अवसर मिला था। वहां मुझे जालंधर और पंजाब के श्रद्धालुओं को नमन करने का सौभाग्य मिला था।

साथियों,

देश में पांच चरणों का चुनाव हो चुका है। छठे चरण का चुनाव भी कल होने जा रहा है। उसका भी प्रचार थम चुका है। जो लोग कल तक बीजेपी के खिलाफ गुब्बारा फुला रहे थे, उनका गुब्बारा भी फूट चुका है। अब कांग्रेस और इंडी गठबंधन वालों को कोई वोट देना नहीं चाहता। आप अगर जालंधर में चौक में खड़े रहिए, 100 लोगों को पूछिए किसकी सरकार बनेगी? किसकी सरकार बनेगी? आप जालंधर के चौक में जाकर के पूछिए 100 में से 90 लोग कहेंगे कि मोदी की सरकार फिर से बनेगी। जब ये पक्का है, ईश्वर रूपी जनता जनार्दन ने फिर एक बार मोदी सरकार बनाना तय कर लिया है। तो कौन ऐसी गलती करेगा कि जो किसी और को वोट दे। क्या कोई कोई अपना वोट बर्बाद करना चाहेगा क्या? कोई चाहेगा कि उसका वोट खराब हो? हर कोई चाहेगा ना कि मैं वोट सरकार बनाने के लिए देता हूं और इसलिए इस बार जब चारों तरफ ये पक्का हो चुका है कश्मीर से कन्याकुमारी, गुजरात से लेकर के कोहिमा तक जब ये पक्का हो चुका है कि फिर एक बार... फिर एक बार... फिर एक बार...

साथियों,

पिछले 10 साल में पहली बार देश ने एक नया दौर देखा है। कांग्रेस के समय में नई-नई समस्याएं पैदा होती थी। मोदी ने पहली बार समस्याओं के हल निकाले हैं। कांग्रेस के समय में गरीबी का संकट गहराता जा रहा था। मोदी के समय में आज 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। कांग्रेस के दौर में अर्थव्यवस्था संकट में थी। आज पहली बार भारत विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। पहले देश में आतंकवाद का खतरा बढ़ता जा रहा था। आज मोदी सरकार ने देश में आतंकवाद की कमर तोड़कर रख दी है। पहले पाकिस्तान की हिम्मत बढ़ती जा रही थी मोदी ने जब से घर में घुस मारा तब से पाकिस्तान भी कुछ भी करने से पहले 100 बार सोचता है। पाकिस्तान को पता है लेने के देने पड़ जाएंगे। आज देश भी समझ रहा है जब तक कांग्रेस है समस्याएं, समस्याएं, समस्याएं यही उसका सिलसिला है। जहां कांग्रेस है वहां समस्याएं हैं और जहां बीजेपी है वहां समाधान है और इसलिए पूरा देश एक स्वर से कह रहा है, देश ने नारा बुलंद किया है 4 जून... 4 जून... 4 जून...

साथियों,

पंजाब हमारे भारत की पहचान है। ये हमारे गुरुओं की पवित्र भूमि है लेकिन कांग्रेस ने पंजाब को कभी भी जमीन के टुकड़े से ज्यादा माना नहीं। कांग्रेस ने सन 47 में अपने परिवार को सत्ता दिलाने के लिए पंजाब को बांट दिया। हमारा करतारपुर साहिब देश की सीमा के ठीक बगल में लेकिन कांग्रेस ने उसे पाकिस्तान को सौंप दिया था, जिसे गुरु नानक देव में आस्था होगी। क्या वो कभी भी ऐसा कर सकता है क्या? 71 की जंग में भारत ने पाकिस्तान के 90 हजार से ज्यादा जवान बंधक बनाए थे। अरे उन बंधकों को रिहा करने के बदले ही करतारपुर साहब मांग लेते, लेकिन एक परिवार की वाहवाई और एक वोट बैंक को खुश करने के लिए कांग्रेस ने वो भी नहीं किया।

साथियों,

ये भाजपा सरकार है जिसने आपकी भावनाओं की परवाह की। हमारी सरकार ने करतारपुर कॉरिडोर बनवाया। हमने दर्शन करने, शीश नवाने के लिए रास्ता खोला। पहले श्री हरविंदर साहिब में विदेशों से चंदे पर रोक थी वो रोक मोदी ने हटाई। हमारी सरकार ने गुरुओं के प्रकाश पर्व को पूरी श्रद्धा से देश-विदेश में मनाया।

भाइयो और बहनों,

तुष्टिकरण के खेल में डूबी कांग्रेस ये काम नहीं करती थी। कांग्रेस की प्राथमिकता उसका वोट बैंक है, कांग्रेस ने अपने चहेते इतिहासकारों से जो इतिहास की किताबें लिखवाई उसमें दो परिवारों का जिक्र रहा। एक अपने परिवार का और दूसरा मुगल परिवारों का, नतीजा ये हुआ कि देश की कितनी पीड़ियां हमारे साहिबजादों के बलिदान से सही से परिचित नहीं हो पाई। कांग्रेस को लगता था कि साहिबजादों की बात करेंगे तो वोट बैंक नाराज हो सकता है, इतिहास के हर आहम पड़ाव पर कांग्रेस ने अपने वोट बैंक की करतूतों को छिपाया। पंजाब ने इतनी बड़ी विभाजन की ताबदी जली लेकिन इसे भी हमारे बच्चों को गहराई से नहीं पढ़ाया गया। कांग्रेस को लगा कि उसके पाप सामने आ जाएंगे, उसके वोट बैंक को अच्छा नहीं लगेगा।

साथियों,

ये बीजेपी है जो सीना ठोक कर विरासत पर गर्व की बात करती है। हमने साहिबजादों की स्मृति में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाने की शुरुआत की। हमने 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका दिवस मनाने की शुरुआत की। हमने आजादी का अमृतोस्व मनाया, तो ऐसे हर पड़ाव को नई पीढ़ी तक पहुंचाया।

 
साथियों,

विभाजन में जो हमारे हिंदू सिख भाई-बहन उधर छूट गए, वो भी हमारे अपने ही है। बीजेपी एनडीए सरकार ने उन्हें भारत में नागरिकता देने के लिए सीएए कानून बनाया लेकिन कांग्रेस को उससे भी परेशानी हो गई। कांग्रेस कह रही है वो सत्ता में आएगी तो सीएए कानून रद्द कर देगी। विभाजन के पीड़ित हमारे हिंदू भाई-बहन हमारे सिख भाई-बहनों को नागरिकता नहीं मिलने देंगे।

 
साथियों,

हमारा पंजाब देश का सीमावर्ती राज्य है। हमें इसे दोबारा से संकट में नहीं जाने देना है। कांग्रेस ने दशकों तक जो पाप यहां किए थे अब झाड़ू पार्टी कांग्रेस की उसी विष बेल को खाद पानी दे रही है। आप याद करिए इन्होंने क्या वादे किए थे? इन्होंने कहा था दो महीने में नशे का कारोबार बंद करेंगे, कहा था कि नहीं कहा था? उन्होंने वादा किया था कि नहीं किया था? लेकिन आज ड्रग्स डीलरों को पंजाब में फ्री लाइसेंस मिला हुआ है। परिवार के परिवार बर्बाद हो रहे हैं, पंजाब के लोग भी समझ गए हैं झाड़ू पार्टी वाले ये तो खुद नशे के होलसेल व्यापारी है। जिन्होंने इतना बड़ा शराब घोटाला किया हो वो पंजाब में ड्रग्स की काली कमाई में डुबकी कैसे नहीं लगाएंगे।

 
साथियों,

झाडू पार्टी ने कांग्रेस से आपातकाल का पाठ भी अच्छे से सीख लिया है। ये कांग्रेस की फोटोकॉपी पार्टी जो मीडिया हाउस इनकी धमकी के आगे झुक नहीं रहा, उस पर ये मुकदमे करवा रहे हैं। यही इनकी असलियत है और मैं हमारे प्रदेश अध्यक्ष जी का अभिनंदन करता हूं, उन्होंने बीड़ा उठाया है कि भारतीय जनता पार्टी फ्रीडम ऑफ प्रेस के खिलाफ ये झाड़ू वालों की कोई बेईमानी नहीं चलने देगी।


भाइयो बहनों,

पंजाब में बर्बादी की ये फसल, ये कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों की साझी खेती है। यहां ये लोग एक दूसरे को गाली देते हैं। दिल्ली में दोनों गलबहियां करते हैं इसलिए किसी एक को भी वोट देना यानि पंजाब के खिलाफ वोट देना।

साथियों,

बीजेपी के बलिए पंजाब हमारी आस्था है। पंजाब की प्रगति ये मोदी की गारंटी है। हमारा जालंधर स्पोर्ट्स इंडस्ट्री का इतना बड़ा सेंटर रहा है, पाइप फिटिंग और हैंड टूल इंडस्ट्री का इतना बड़ा आधार रहा है, लेकिन इंडी गठबंधन वालों के कारण यहां उद्योग भी परेशानी में है। हमारा संकल्प है पंजाब में इंडस्ट्री को बढ़ावा मिले, हमारे पंजाब के युवाओं को पिंड में ही काम मिले। इसके लिए हम विकास कहने को काम कर रहे हैं। हमारी सरकार में आदमपुर में एयरपोर्ट बना है। यहां फ्लाइट की संख्या बढ़े हम इसके लिए काम करेंगे। आज जालंधर को वंदे भारत ट्रेन भी मिली है, जालंधर और फिलोर रेलवे स्टेशनों का विकास हो रहा है, कटरा अमृतसर नई दिल्ली नेशनल हाईवे से पूरे क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर हो रही है। अगले पांच साल में ये विकास और गति पकड़ेगा। ये मोदी की गारंटी है।


साथियों,

मोदी के तीसरे कार्यकाल में देश नई ऊंचाइयों को छुएगा और एक वायदा मैं पंजाब के बुजुर्गों से करना चाहता हूं। यहां 70 साल से अधिक उम्र के जितने भी हमारे सीनियर सिटीजन्स है, हमारे परिवार के बुजुर्ग माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी जो भी है। अब 70 साल की आयु होने के बाद कोई न कोई बीमारी तो आती ही है और जो बेटे-बेटी मेहनत करके कमाई करते हैं उनके तरफ सामने अनेक जिम्मेवार होती है। एक तो रोजमर्रा की जिंदगी का गुजारा करना, बच्चों की आशा अपेक्षाओं को आगे बढ़ाना और बुजुर्गों की चिंता करना और उसमें भी अगर कोई बीमारी आ गई तो जो बेटे-बेटी कमा रहे हैं उन पर बहुत बोझ पड़ जाता है। बच्चों के लिए करने वाले काम रुक जाते हैं और इसलिए मोदी ने तय किया है अब आपको ये चिंता नहीं करनी है। 70 साल से ऊपर के आपके परिवार-जनों के बीमारी में इलाज का खर्चा ये मोदी करेगा। ये मोदी की गारंटी है।


भाइयो-बहनों,

पंजाब में बीजेपी की जीत पंजाब के विकास की गारंटी बनेगी। मेरा आग्रह है जालंधर से हमारे साथी सुशील कुमार रिंकू जी, लुधियाना से मेरे मित्र रवनीत सिंह बिट्टू जी, फिरोजपुर से राणा गुरमत सिंह सोड़ी जी और खडूर साहिब से मनजीत सिंह मन्ना जी, इन्हें भारी बहुमत से विजय बनाए। उनको आप जब वोट देंगे, कमल के निशान पर बटन दबाएंगे वो वोट सीधा-सीधा मोदी के खाते में जाने वाला है और इसलिए मेरा आप से आग्रह है, गर्मी कितनी ही क्यों ना हो हमें मतदान के रिकॉर्ड तोड़ने चाहिए। तोड़ेंगे? ज्यादा से ज्यादा मतदान होगा? हमें चुनाव जीतने के लिए भी सब पोलिंग बूथ जीतने हैं। क्या पोलिंग बूथ जीतेंगे? सभी पोलिंग बूथ जीतेंगे? मेरे साथ बोलिए भारत माता की...

भारत माता की...

बहुत-बहुत धन्यवाद,

बोले सो निहाल...

बोले सो निहाल...

बहुत-बहुत धन्यवाद... 

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पीएम ने 53वीं प्रगति बैठक की अध्यक्षता की
August 25, 2026
प्रधानमंत्री कार्यालयपीएम ने रेलवे, सड़क और ऊर्जा क्षेत्र की छह अहम ढ़ांचागत परियोजनाओं की समीक्षा की
समीक्षा किए गए प्रोजेक्ट्स 9 राज्यों में फैले हैं और इनमें कुल ₹30,000 करोड़ से ज़्यादा का निवेश किया गया है
पीएम ने कहा, ढ़ांचागत परियोजनाओं को अलग-अलग हिस्सों या पैकेज के बजाय एकीकृत प्रयास के तौर पर देखा जाना चाहिए
पीएम ने परियोजनाओं को लागू करने के सभी चरणों में लगातार सुधार और मंत्रालयों तथा राज्यों में सक्रियता से काम करने की संस्कृति पर ज़ोर दिया
पीएम ने कहा, रफ्तार के साथ-साथ गुणवत्ता भी ज़रूरी है
एग्रीस्टैक की समीक्षा करते हुए, पीएम ने कृषि डेटा से ज़्यादा फायदा उठाने के लिए एआई समेत नवीन डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया
साइबर फ्रॉड और 'डिजिटल अरेस्ट' के मामले में, पीएम ने प्रशिक्षण, जन-जागरूकता, साइबर-सुरक्षा से जुड़ी शिक्षा और आपसी तालमेल के साथ कार्रवाई करने पर ज़ोर दिया

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सक्रिय शासन और समय पर काम पूरा करने के लिए बनाए गए आईसीटी-आधारित, मल्टी-मॉडल प्लेटफॉर्म प्रगति की 53वीं बैठक की आज सेवा तीर्थ में अध्यक्षता की।

बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री ने रेलवे, सड़क और ऊर्जा क्षेत्रों से जुड़ी छह प्रमुख बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं की समीक्षा की। ये परियोजनाएं नौ राज्यों में फैली हुई हैं और इनकी कुल लागत ₹30,000 करोड़ से अधिक है। संपर्क को मजबूत करने, औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार के लिए महत्वपूर्ण इन परियोजनाओं की समीक्षा करते वक्त समय-सीमा का पालन, अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल, लंबित मुद्दों के समाधान और काम को तेजी से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ढ़ांचागत परियोजनाओं में देरी से सिर्फ़ लागत ही नहीं बढ़ती, बल्कि नागरिकों, व्यवसायों और अर्थव्यवस्था को मिलने वाले लाभ भी टल जाते हैं। उन्होंने कहा कि ढ़ांचागत परियोजनाओं को अलग-अलग हिस्सों, टुकड़ों या पैकेजों के बजाय एक एकीकृत इकाई के तौर पर देखा और उनकी निगरानी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग पैकेजों में हो रही प्रगति का नतीजा आखिर में संपूर्ण परियोजना के वक्त पर पूरा होने और उसके चालू होने के रूप में निकलना चाहिए। इसलिए मंत्रालयों और राज्यों से कहा गया कि वे काम को शुरू से लेकर अंत तक पूरा करने का नज़रिया अपनाएं और उन अहम कमियों को दूर करें, जिनसे पूरे प्रोजेक्ट के चालू होने और फ़ायदे मिलने में देरी हो सकती है। उन्होंने मंत्रालयों और राज्य सरकारों में सक्रिय कार्य-संस्कृति को बढ़ावा देने और परियोजनाओं को लागू करने के हर स्तर पर ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने खास तौर पर बड़े परिवहन और ढ़ांचागत परियोजनाओं की योजना बनाते समय, जहाँ भी संभव हो, ढ़ांचागत सेवाओं के लिए कॉमन यूटिलिटी कॉरिडोर की संभावना तलाशने पर ज़ोर दिया। उन्होंने मंत्रालयों और राज्यों से कहा कि वे योजना बनाने के चरण में ही ऐसी एकीकृत कार्यप्रणालियों पर विचार करें और उनकी तकनीकी व आर्थिक व्यवहार्यता को ध्यान में रखें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि काम को तेज़ी से पूरा करने के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मंत्रालयों, राज्यों और काम को लागू करने वाली एजेंसियों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने और हर चरण पर गुणवत्ता सुनिश्चित करने व निगरानी को मज़बूत करने का आह्वान किया।

डिजिटल कृषि मिशन के तहत एग्रीस्टैक की समीक्षा करते हुए, प्रधानमंत्री ने कृषि डेटा से ज़्यादा फ़ायदा उठाने के लिए एआई जैसी नई डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल करने की ज़रूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इनपुट प्लानिंग से लेकर प्रोसेसिंग तक, पूरी कृषि मूल्य श्रृंखला में डेटा इकोसिस्टम का असरदार ढंग से इस्तेमाल किया जाना चाहिए, ताकि बेहतर जानकारी के आधार पर कदम उठाए जा सकें, सही लोगों तक मदद पहुंचाई जा सके और डेटा के आधार पर फ़ैसले लिए जा सकें। उन्होंने एग्रीस्टैक व्यवस्था बनाने में राज्यों और केंद्र सरकार की कोशिशों की तारीफ की और किसानों के लिए बेहतर नतीजे पाने के लिए इसके इस्तेमाल को और मज़बूत करने का आह्वान किया।

साइबर धोखाधड़ी के मामलों, जिनमें डिजिटल अरेस्ट की घटनाएं भी शामिल हैं, की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण, जागरूकता और शिक्षा पर लगातार ध्यान देकर ऐसे मामलों की रोकथाम को मज़बूत किया जाना चाहिए। उन्होंने लगातार और खास तौर पर बुज़ुर्गों, युवाओं और कमज़ोर वर्गों के लिए जागरूकता अभियान चलाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, ताकि उन्हें धोखाधड़ी के आम तरीकों, चेतावनी के संकेतों और सुरक्षित डिजिटल तौर-तरीकों के बारे में जानकारी दी जा सके। उन्होंने इससे जुड़े कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए नियमित ट्रेनिंग की भी बात कही, ताकि साइबर धोखाधड़ी के नए तरीकों की पहचान की जा सके और उन पर तेज़ी से कार्रवाई की जा सके।