कांग्रेस और उसके साथियों ने मिलकर देश के 60 साल बर्बाद कर दिए: पूर्वी चंपारण, बिहार में पीएम मोदी
हर चुनाव में जनता कांग्रेस-आरजेडी जैसे दलों पर जोरदार प्रहार कर रही है: पूर्वी चंपारण, बिहार में पीएम मोदी

रउआ लोगन के हमार प्रणाम पहुंचे!

चंपारण की ये धरती प्रेरणा की धरती है। आपका ये स्नेह...आपका ये उत्साह...ये आशीर्वाद...ये दिखा रहा है कि छठे और सातवें चरण में देश में क्या होने जा रहा है। अभी कल ही पहले पांच चरण का चुनाव पूरा हुआ है। पहले चरण में इंडी गठबंधन पस्त हो गया था। इसके बाद के चरणों में इंडी गठबंधन ध्वस्त हुआ...और अब कल...इंडी गठबंधन पूरी तरह परास्त हो चुका है। खुद को जनता का माई-बाप समझने वाले...इन्हें जनता ऐसी करारी हार देगी...कि दुनिया देखती रह जाएगी।

साथियों,

21वीं सदी का भारत, इंडी गठबंधन के पापों के साथ आगे नहीं बढ़ सकता। इसलिए, हर चुनाव में कांग्रेस-RJD जैसे दलों पर जनता जोर का प्रहार कर रही है। 4 जून को इंडी वालों के इरादों पर सबसे बड़ा प्रहार होगा...ये प्रहार होगा...देश में भ्रष्टाचार पर... ये प्रहार होगा...तुष्टीकरण की राजनीति पर...ये प्रहार होगा...टुकड़े-टुकड़े गैंग पर... ये प्रहार होगा...समाज को लड़ाने वाली गंदी सोच पर... ये प्रहार होगा...सनातन को गाली देने वाली विकृत मानसिकता पर...ये प्रहार होगा...अपराधी माफिया, जंगलराज पर...ये प्रहार होगा...महिला विरोधी मानसिकता पर।

साथियों,

यहां चंपारण में पूज्य बापू ने सत्याग्रह और स्वच्छाग्रह का प्रयोग किया था। आजादी के बाद इसी से प्रेरणा लेकर कांग्रेस को देश में सफाई के लिए आंदोलन शुरू करना चाहिए था। पुज्य बापू की स्वच्छता को लेकर जो अपेक्षा थी, देश में स्वच्छता एक संस्कार बना कर बापू को सबसे बड़ी श्रद्धआंजलि देने का उनलोगों को अवसर मिला था। लेकिन उन्होंने सत्ता में आने के पहले दिन ही बापू को पूरी तरह छोड़ दिया। बापू के विचारों को छोड़ दिया। बापू के आचारों को छोड़ दिया। बापू के आदर्शों को छोड़ दिया। उन्होंने अपना सारा ध्यान सिर्फ और सिर्फ एक परिवार को बढ़ाने पर लगा दिया। कांग्रेस और उसके साथियों ने मिलकर देश के 60 साल बर्बाद कर दिए। तीन-तीन, चार-चार पीढ़ियों का जीवन तबाह कर दिया। आजादी के 60-70 साल बाद जब आपने एक गरीब मां के बेटे को आपकी सेवा करने का अवसर दिया। और 60-70 साल बाद जब मोदी आया...तब घर-घर शौचालय पहुंचा...मैं गरीब मां का बेटा हूं, इसलिए मुझे पता है शौचालय जैसी सुविधा ना होने से कैसे दिन काटना पड़ता था। या तो सुबह सुर्योदय के पहले जाओ या तो सूरज ढलने तक इंतजार करो और इसके कारण मेरी माताओं-बहनों के शरीर के स्वास्थ्य पर बहुत गंभीर परिणाम होते थे। लेकिन उनको शौचालय की जरूरत गरीब को क्यों है ? शौचालय की जरूरत मेरी मां बहन को क्यों है, इसकी समझ तक नहीं थी भाइयों। आजादी के 60-70 साल बाद जब मोदी आया...तब हर घर में बिजली पहुंची...ये मोदी है जिसने हर घर में गैस पहुंचाने का बीड़ा उठाया...ये मोदी है जो हर घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए इतनी मेहनत कर रहा है। कांग्रेस और RJD जैसे उसके साथियों ने आपको सिर्फ तरसा कर रखा। गरीब और गरीब होता रहा। इन 60 सालों में इन लोगों ने बड़े-बड़े महल बना लिए। स्विस बैंक में अकाउंट खुल गए। आपके पास पेट भरने को अन्न नहीं था। लेकिन इन लोगों की तिजोरी में नोटों की गड्डियों की गड्डियां, नोटों के पहाड़...उनकी अलमारियां नोटों से भरी रहती हैं। आपके बच्चों के पास पढ़ने के लिए स्कूल नहीं था...लेकिन इनके बच्चे विदेशों में जाकर पढ़ते रहे...गरीब परेशानी में था, मुश्किल में था...लेकिन इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता था।

साथियों,

देश में गरीब की पूछ तब शुरू हुई...जब गरीब का ये बेटा प्रधानमंत्री बना। पिछले 10 साल में मोदी का बहुत समय पिछली सरकारों के गड्ढे भरने में निकला है। जो काम 10 वर्षों में हुआ है, अब उससे ज्यादा काम अगले 5 साल में होगा और ये मोदी की गारंटी है। और इसलिए साथियों, मुझे केंद्र में एक बहुत मजबूत सरकार चाहिए और मजबूत सरकार...मोदी और उसके परिवार को मजबूत बनाने के लिए नहीं, मजबूत सरकार आपके बच्चों के भविष्य के लिए, मजबूत सरकार, आपके सपनों को पूरा करने के लिए...इसलिए मैं पुज्य बापू की जन्मभूमि गुजरात से...पुज्य बापू की कर्मभूमि में आपसे आशीर्वाद मांगने आया हूं। तो फिर मेरे साथ बोलिए...फिर एक बार...मोदी सरकार !

साथियों,

मैं हिंदुस्तान के कोने-कोने में जा रहा हूं। जनता-जनार्दन के दर्शन करने के लिए जा रहा हूं। 10 साल के मेरे कामकाज का हिसाब देने जा रहा हूं। और जहां भी गया हूं, एक ही स्वर सुनाई दे रहा है। एक ही मंत्र सुनाई दे रहा है। एक ही गूंज सुनाई दे रही है- फिर एक बार... फिर एक बार... फिर एक बार...अबकी बार... अबकी बार...4 जून.....

भाइयों और बहनों,

जो लोग चांदी का चम्मच लेकर पैदा होते हैं...उन्हें पता नहीं होता कि मेहनत क्या होती है। मैंने सुना है...कि यहां कोई घूम-घूम कर कह रहा है...कि 4 जून के बाद मोदी को bed rest देगा। मैं तो परमात्मा से यही प्रार्थना करता हूं। मेरी तो ये कामना है कि देश के किसी भी नागरिक के जीवन में bed rest की नौबत नहीं आनी चाहिए। देश का हर नागरिक ऊर्जा से भरा हुआ हो और उत्सव से भरी जिंदगी जीता हो। लेकिन जंगलराज के वारिस से और अपेक्षा भी क्या की जा सकती है? और ये सब ऐसे ही आपने देखा होगा की कांग्रेस वाले क्या कहते हैं, मोदी तेरी कब्र खुदेगी। मोदी तेरी कब्र खुदेगी। इनका एक काउंटर पार्ट है उत्तर प्रदेश में...उत्तर प्रदेश का शहजादा क्या कहता है। अब मोदी के आखिरी दिन बनारस में इसलिए उन्होंने बनारस में अंतिम गृह की व्यवस्था की है।

साथियों,

इस चुनाव में इन लोगों के पास मोदी को गाली देने के सिवाय कोई मुद्दा ही नहीं है। कोई कह रहा है कि मोदी की कब्र खोदेंगे...कोई कह रहा है कि मोदी को गाड़ देंगे...कांग्रेस के शहजादे मोदी की आंखों में आंसू देखना चाहते हैं। अरे इंडी वालों! अपनी मनमानी से, आपकी इच्छा से अब देश नहीं चलता। इंडी वालों की आंखों में भले ही मोदी खटकता हो...लेकिन देश के दिल में मोदी है...हर दिल में मोदी है ! और हर दिल एक ही बात कह रहा है- फिर एक बार मोदी सरकार। फिर एक बार मोदी सरकार। फिर एक बार मोदी सरकार।

भाइयों और बहनों,

4 जून को हार सामने देख, इंडी गठबंधन वालों की बौखलाहट बढ़ती जा रही है। अब ये मोदी की योजनाओं पर सवाल उठा रहे हैं...मोदी गरीबों को मुफ्त राशन क्यों दे रहा है?

भाइयों-बहनों

इन लोगों ने भारत देखा ही नहीं है। मैं हिंदुस्तान के अनेक जिलों में रात्रि मुकाम करके आया हूं। मैंने हिंदुस्तान का कोना कोना छाना हुआ है। और मैंने तय किया है कि गरीब के घर का चूल्हा कभी बुझने नहीं दुंगा। रात को जब बच्चे भूखे पेट सोते हैं तो उस मां पर क्या बीतती है। इसका मुझे पता है और इसलिए मोदी गरीब को मुफ्त राशन देता है, देता रहेगा। ये कहते हैं, मोदी गरीब मां को पक्के घर क्यों दे रहा है? वो तो पीढ़ियों से ऐसे रहते ही थे भाई। मोदी गरीबों को मुफ्त इलाज की सुविधा क्यों दे रहा है?

भाइयों और बहनों,

मैं जानता हूं, गरीब के परिवार में...मध्यम वर्ग...के परिवार में जब कोई मां बीमार हो जाती है। तो परिवार में किसी को पता नहीं चलने देती की उसे पीड़ा हो रही है, उसे दर्द हो रहा है। वो छिपाती है क्यों...क्योंकि उसके मन में रहता है कि कहीं डॉक्टर से पास जाऊं और खर्चा बड़ा हो जाए। और बच्चों पर कर्ज आ जाए, तो मुझे ये नहीं करना है, मैं पीड़ा सह लूंगी, कुछ दिन में अपने आप ठीक हो जाएगा। और नहीं हुआ तो जिंदगी कितनी जीनी है। हमारे देश में माताएं-बहनें बीमारी में दर्द सहती हैं, परिवार को भी बताती नहीं हैं। क्यों...क्योंकि कहीं बीमारी का खर्च बच्चों को कर्ज में डूबो ना दे। मोदी हर मां की उस पीड़ा को जानता है, मोदी हर मां की उस भावना को समझता है। इसलिए मोदी ने तय किया कि अब मेरे देश की किसी मां बहन को दर्द छिपाने की जरूरत नहीं है। अस्पताल के बिल की चिंता मत करो मां…तुम्हारा एक बेटा दिल्ली में बैठा है। तुम्हारी बीमारी का खर्च अब तुम्हारा बेटा उठाएगा। अरे भाई...मोदी तो गरीब की सेवा के लिए ही तो पैदा हुआ है...मोदी, गरीब के लिए ही तो काम करेगा।

भाइयों और बहनों,

जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाना हो...राम मंदिर का निर्माण हो...अब ये कैसे लोग हैं ।प्रभु राम लला का प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम, भव्य राम मंदिर का निर्माण, ये मंदिर वालों ने उनके घर जाकर निमंत्रण दिया, उन्होंने निमंत्रण ठुकरा दिया। ये ऐसे लोग हैं कि एक इंसान जिसपर अदालत ने चोरी करने के गुनाह में सजा की है। जो जेल काट रहा है। बीमारी के कारण घर आने का अवसर मिला है। उसके घर जाकर के बढ़िया-बढ़िया खाना पकाकर खाने की फुर्सत है और राम लला के यहां जाने की फुर्सत नहीं है। मोदी ने दशकों-सदियों के मुद्दे खत्म किए हैं...समाधान दिए हैं। मोदी इन लोगों की तरह नहीं है जो गरीब के साथ विश्वासघात करे। मैं तो जहां जाता हूं अपने काम का रिपोर्ट कार्ड देता हूं...मैं इंडी गठबंधन वालों से पूछता हूं...भई ये बताओ, तुम्हारा रिकॉर्ड क्या है? जो लोग...नौकरी के बदले जम़ीन अपने नाम लिखवा लें...वो युवाओं के बारे में सोच सकते हैं क्या? वो युवाओं का भविष्य बना सकते हैं क्या। जिनके जंगलराज में सिर्फ बम-बारूद और कट्टों का कारोबार फला-फूला...जिनके जंगलराज में भू-माफिया ही फले-फूले...जिन्होंने बिहार को अपहरण और फिरौती की इंडस्ट्री दी...वो कभी बिहार का भला नहीं कर सकते। नीतीश जी ने जिस मेहनत से बिहार को उन स्थितियों से बाहर निकाला है...वो बहुत सराहनीय है। आज हमारे मित्र सुशील मोदी जी, हमारे बीच नहीं हैं...इतिहास जब अवलोकन करेगा तो नीतीश जी और सुशील जी का नाम जंगलराज को समाप्त करने वालों में गिना जाएगा।

साथियों,

बिहार ने दशकों तक पलायन का दौर देखा है। लेकिन NDA सरकार के प्रयासों से अब पलायन रुक रहा है...बिहार के युवाओं को यहीं पर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। आप मुझे बताइए...चंपारण में केंद्रीय विश्वविद्यालय बना है...खेती के लिए रिसर्च सेंटर बना है...सरदार पटेल सहकारी प्रशिक्षण संस्थान बना है...सिलेंडर का प्लांट लगा है...इफ्को बाजार बने हैं...ये सबकुछ क्या अपने आप चल रहे हैं। इनमें रोजगार नहीं मिला? यहां इतना बड़ा डेयरी प्लांट बना है। इससे हज़ारों पशुपालकों की, माताओं-बहनों की आय बढ़ी है। इसमें किसी को रोजगार नहीं मिला है क्या? ये जो पुल बन रहे हैं...हाईवे बन रहे हैं...रेलवे स्टेशन आधुनिक हो रहे हैं...ये बिना किसी को रोज़गार दिए बन रहे हैं? क्या जादुई चिराग से बनते हैं क्या।

भाइयों और बहनों,

जंगलराज वालों ने आजकल आरक्षण और संविधान पर जबरदस्त झूठ बोलने का अभियान चलाया है। सच्चाई ये है कि बाबासाहेब अम्बेडकर न होते तो नेहरू जी, SC/ST को आरक्षण नहीं मिलने देते। उन्होंने तो मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिख कर विरोध किया था, नेहरू जी ने...नेहरू जी से लेकर राजीव जी तक...इस परिवार के जितने प्रधानमंत्री हुए...सबने ओबीसी आरक्षण का विरोध किया। कांग्रेस ने गरीब-SC/ST/OBC, महिला हर किसी को धोखा दिया है। इसलिए आज सिर्फ एक ही वोट बैंक उनके पास बचा है।अब इस वोट बैंक को खुश करने के लिए...SC/ST/OBC का आरक्षण, धर्म के आधार पर आपसे छीन करके वोट जिहाद वालों को देना चाहते हैं। संविधान क्योंकि इसकी इजाजत नहीं देता...इसलिए ये संविधान बदलना चाहते हैं।

साथियों,

मोदी का ट्रैक रिकॉर्ड आपके सामने है। 10 साल में करीब-करीब 400 सांसदों का समर्थन हमारे साथ रहा है। मोदी ने इसका उपयोग, गरीब, दलित, पिछड़े, वंचित को सशक्त करने के लिए किया। NDA ने पहले दलित के बेटे को...और फिर आदिवासी बेटी को संविधान के सर्वोच्च पद यानि राष्ट्रपति पद पर बिठाया। हमारी ही सरकार ने पिछड़ा आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया। पहले केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और सैनिक स्कूलों में OBC आरक्षण नहीं था। मोदी सरकार ने ही ये आरक्षण लागू किया। मेडिकल की पढ़ाई में भी केंद्रीय कोटे में पहली बार ओबीसी आरक्षण हमने लागू किया। SC/ST/OBC का हित अगर कहीं सबसे ज्यादा सुरक्षित है, तो वो BJP में है, NDA में है।

साथियों,

सामाजिक न्याय की ऐसी हर गारंटी को पूरा करने के लिए आपको केंद्र में मोदी की मजबूत सरकार बनानी है। घर-घर जाएंगे... घर-घर जाएंगे...ज्यादा से ज्यादा मतदान कराएंगे, हर पोलिंग बूथ जीतेंगे।

पूर्वी चंपारण से श्रीमान राधामोहन सिंह जी...पश्चिमी चंपारण से संजय जायसवाल जी.. वाल्मीकि नगर से सुनील कुमार जी...शिवहर से बहन लवली आनंद जी को भारी मतों से विजयी बनाना है। मेरा एक और काम करिएगा। जरा हाथ ऊपर करके बताइए करेंगे। ऐसे नहीं, पूरी ताकत से बताइए करेंगे। यहां से जाने के बाद ज्यादा से ज्यादा घरों में जाइए, ज्यादा से ज्यादा परिवार में जाइए और जाकर के कहिएगा। मोदी जी आए थे, मोदी जी ने परिवार में सबको राम राम कहा है। मेरा राम-राम कह देंगे। हर घर में मेरा राम-राम पहुंचा देंगे। बोलिए...
भारत माता की जय

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रधानमंत्री ने विभाजन पीड़ितों के साहस को किया याद
August 14, 2026
प्रधानमंत्री ने परिश्रम और पुरुषार्थ के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हम विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास का वह एक ऐसा क्षण था जिसने कई जिंदगियां तबाह कर दीं, लोगों के परिवार उजड़ गए, कई लोगों को अपनों को खोना पड़ा और लोगों ने अत्यधिक पीड़ा झेली।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में भी लोगों ने शून्य से शुरू कर अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपरीत परिस्थितियों को उपलब्धियों में बदला और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों का जीवन सभी को मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाता है। श्री मोदी ने उम्मीद जताई कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने तथा विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।

प्रधानमंत्री ने उस भयावह दौर से उबरकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान देने वाले सभी देशवासियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अपने साहस और क्षमता से उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को साकार करने का उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री मोदी ने सभी से सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि परिश्रम, उद्यम और समर्पित प्रयासों से ही विविध कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प तथा नवाचार विकसित होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसलिए, किसी को भाग्य के भरोसे नहीं बैठना चाहिए बल्कि साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर दृढ़ता से अग्रसर रहना चाहिए क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर श्रृंखलाबद्ध पोस्ट में लिखा:

आज हम #PartitionHorrorsRemembranceDay मना रहे हैं। विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को हम याद करते हैं। इतिहास का वह क्षण कई जिंदगियों को तहस-नहस कर देने वाला था…परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खोया और असहनीय पीड़ा सहनी पड़ी।
इन सब पर विजय प्राप्त करते हुए, लोगों ने शून्य से अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपत्ति को सफलता में परिवर्तित किया और राष्ट्र की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उनकी जीवन यात्राएं हमें मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाती हैं। आशा है कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा और हम सब मिलकर एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.