विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नवनियुक्त भर्तियों के लिए 70,000 से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए गए
"सरकार द्वारा भर्ती किए जाने के लिए आज से बेहतर समय नहीं हो सकता"
"आपका एक छोटा सा प्रयास किसी के जीवन में बहुत बड़ा परिवर्तन ला सकता है"
"आज भारत उन देशों में से है जिनका बैंकिंग सिस्टम सबसे मजबूत माना जाता है"
"घाटे और एनपीए के लिए विख्यात बैंकों की चर्चा अब रिकॉर्ड मुनाफे के लिए हो रही है"
"बैंकिंग सेक्टर के लोगों ने मुझे या मेरे विजन को कभी भी निराश नहीं किया"
“सामूहिक प्रयासों से भारत से निर्धनता पूरी तरह समाप्त की जा सकती है। और इसमें देश के हर सरकारी कर्मचारी की बहुत बड़ी भूमिका है”

नमस्कार।

आज जिन युवा साथियों को नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं, उनके लिए भी यह एक यादगार दिन है, लेकिन साथ-साथ देश के लिए भी ये बहुत ऐतिहासिक दिवस है। 1947 में आज के ही दिन, यानि 22 जुलाई को तिरंगे को संविधान सभा द्वारा वर्तमान स्वरूप में स्वीकार किया गया था। इस महत्वपूर्ण दिन, आप सभी को सरकारी सेवा के लिए ज्वाइनिंग लेटर मिलना, ये अपने आप में बहुत बड़ी प्रेरणा है। सरकारी सेवा में रहते हुए आपको हमेशा तिरंगे की आन-बान-शान बढ़ाने के लिए काम करना है, देश का नाम रोशन करके दिखाना है। आजादी के अमृत महोत्सव में, जब देश विकसित होने के लक्ष्य पर काम कर रहा है, आपका सरकारी नौकरी में आना, ये बहुत बड़ा अवसर है। ये आपके परिश्रम का परिणाम है। मैं नियुक्ति पत्र पाने वाले सभी युवाओं को और आपके परिवारजनों को भी बहुत-बहुत बधाई देता हूं, बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

आजादी के इस अमृतकाल में सभी देशवासियों ने अगले 25 वर्ष में भारत को विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। आप सभी के साथ ही भारत के लिए भी ये अगले 25 साल, जैसे आपके जीवन में अगले 25 साल महत्वपूर्ण है, वैसे ही भारत के लिए अगले 25 साल बहुत ही अहम हैं। आज दुनिया में भारत के प्रति जो विश्वास बना है, भारत के प्रति जो आकर्षण बना है, आज भारत की महत्ता बनी है, हम सबको मिलकर के इसका पूरा लाभ उठाना है। आपने देखा है कि भारत सिर्फ 9 वर्षों में दुनिया की 10वें नंबर की अर्थव्यवस्था से 5वें नंबर की अर्थव्यवस्था बन गया है। आज हर एक्सपर्ट ये कह रहा है कुछ ही वर्षों में भारत, दुनिया की टॉप-थ्री इकॉनॉमी में आ जाएगा, टॉप-थ्री इकॉनॉमी में पहुंचना ये भारत के लिए असामान्य सिद्धी बनने वाला है। यानि हर सेक्टर में रोजगार के अवसर भी बढ़ने वाले हैं और सामान्य नागरिक की आय भी बढ़ने वाली है। हर सरकारी कर्मचारी के लिए भी इससे बड़ा कोई अवसर नहीं हो सकता है, इससे बड़ा कोई महत्वपूर्ण समय नहीं हो सकता है। आपके फैसले, आपके निर्णय, देशहित में, देश के विकास को गति देने वाले होंगे ही, ये मेरा विश्वास है लेकिन ये मौका, ये चुनौती, ये अवसर सबकुछ आपके सामने है। आपको इस अमृतकाल में देशसेवा का बहुत बड़ा, वाकई बड़ा अभूतपूर्व अवसर मिला है। देश के लोगों का जीवन आसान हो, उनके जीवन से मुश्किलें समाप्त हों, ये आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। आप जिस भी विभाग में नियुक्त हों, जिस भी शहर या गांव में हों, हमेशा इस बात का ध्यान रखिएगा कि आपके कार्यों से जन सामान्य की कठिनाइयां कम हो, मुसीबतें दूर हो, Ease of Living बढ़े और साथ-साथ 25 साल के अंदर-अंदर देश को विकसित भारत बनाने के सपने के भी अनुकूल हो। कई बार आपका एक छोटा सा प्रयास, किसी के लिए कई महीनों का इंतजार समाप्त कर सकता है, उसका कोई बिगड़ा काम बना सकता है। और आप मेरी एक बात जरूर याद रखिएगा। जनता जनार्दन ईश्वर का ही रूप होती है। जनता से मिलने वाला आशीर्वाद, गरीब से मिलने वाला आशीर्वाद, भगवान के आशीर्वाद के बराबर ही होता है। इसलिए आप दूसरों की मदद की भावना से, दूसरों की सेवा की भावना से काम करेंगे तो आपका यश भी बढ़ेगा और जीवन की जो सबसे बड़ी पूंजी होती है संतोष, वो संतोष वहीं से मिलने वाला है।

साथियों,

आज के इस कार्यक्रम में बैंकिंग सेक्टर के काफी लोगों को नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं। अर्थव्यवस्था के विस्तार में हमारे बैंकिंग सेक्टर की बहुत बड़ी भूमिका होती है। आज भारत उन देशों में से एक है, जहां का बैंकिंग सेक्टर सबसे मजबूत माना जाता है। लेकिन 9 वर्ष पहले ऐसी स्थिति नहीं थी। जब सत्ता का स्वार्थ राष्ट्रहित पर हावी होता है, तब कैसी बर्बादी होती है, कैसा विनाश होता है, देश में कई उदाहरण है, ये हमारे बैंकिंग सेक्टर ने तो पिछली सरकार के दौरान इस बर्बादी को देखा है, झेला है, अनुभव किया है। आप लोग आजकल तो डिजिटल युग है ,मोबाइल फोन से बैकिंग सेवाएं लेते है, फोन बैंकिंग करते हैं, लेकिन आज से 9 साल पहले जो सरकार थी, ना उस समय ये फोन बैंकिंग की कल्पना ही अलग थी, रिवाज ही अलग था, तरीके अलग थे, इरादे अलग थे। उस जमाने में उस सरकार में ये फोन बैंकिंग मेरे, आपके जैसे सामान्य नागरिकों के लिए नहीं था, देश के 140 करोड़ देशवासियों के लिए नहीं था। उस समय एक खास परिवार के करीबी कुछ ताकतवर नेता, बैंकों को फोन करके अपने चहेतों को हजारों करोड़ रुपए का लोन दिलवाया करते थे। ये लोन कभी चुकाया नहीं जाता था और कागजी कार्यवाही होती थी। एक लोन को चुकाने के लिए फिर बैंक से फोन करके दूसरा लोन, दूसरा लोन चुकाने के लिए, फिर तीसरा लोन दिलवाना। ये फोन बैंकिंग घोटाला, पहले की सरकार के, पिछली सरकार के सबसे बड़े घोटालों में एक था। पहले की सरकार के इस घोटाले की वजह से देश की बैंकिंग व्यवस्था की कमर टूट गई थी। 2014 में आप सबने हमें सरकार में आकर के देश की सेवा करने का मौका दिया। 2014 में सरकार में आने के बाद हमने इस स्थिति से बैंकिंग सेक्टर और देश को मुसीबतों से निकालना एक के बाद एक कदम उठाकर के काम शुरू किया। हमने सरकारी बैंकों के मैंनेजमेंट को सशक्त किया, professionalism पर बल दिया। हमने देश में छोटे-छोटे बैंकों को जोड़कर बड़े बैंकों का निर्माण किया। हमने सुनिश्चित किया कि बैंक में सामान्य नागरिक की 5 लाख रुपए तक की राशि कभी ना डूबे। क्योंकि बैंकों के प्रति सामान्य नागरिक का विश्वास पक्का करना बहुत जरूरी हो गया था। क्योंकि कई कॉपरेटिव बैंक डूबने लगी थी। सामान्य मानवी की मेहनत का पैसा डूब रहा था और इसलिए हमने 1 लाख से उसको सीमा 5 लाख कर दी ताकि 99% नागरिकों को उनकी मेहनत की कमाई का पैसा वापिस मिल सके। सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया बैंकरप्सी कोड जैसे कानून बनाए ताकि अगर कोई कंपनी किसी न किसी कारण से बंद होती है तो बैंकों को कम से कम नुकसान हो। इसके साथ ही हमने गलत काम करने वालों पर शिकंजा भी कसा, बैंकों को लूटने वालों की संपत्ति जब्त कर ली। आज परिणाम आपके सामने है। जिन सरकारी बैंकों की चर्चा हज़ारों करोड़ के नुकसान के लिए होती थी, NPA के लिए होती थी, आज उन बैंको की चर्चा रिकॉर्ड प्रॉफिट के लिए हो रही है।

साथियों,

भारत का मजबूत बैंकिंग सिस्टम और बैंक के प्रत्येक कर्मचारी, उनका काम पिछले 9 साल में सरकार के vision के अनुकूल जो उन्होंने काम किया है वो हम सभी के लिए गर्व का विषय हैं। बैंक में काम करने वाले सभी मेरे कर्मचारी भाई-बहनों ने इतनी मेहनत की, इतनी मेहनत की, संकट में से बैंकों को बाहर लाए, देश के अर्थतंत्र के विकास में अग्रसर होकर के भूमिका निभाई और इन बैंक कर्मचारियों ने, बैंक के लोगों ने कभी भी मुझे और मेरे vision को ना नकारा, ना निराश किया। मुझे याद है, जब जनधन योजना शुरू हुई तो जो पुरानी सोच वाले लोग थे वो मुझे सवाल पूछते थे, गरीब के पास तो पैसा नहीं, वह बैंक खाता खोलकर क्या करेंगे? बैंको पर burden बढ़ जाएगा, बैंक का कर्मचारी कैसे काम करेगा। भांति-भांति की निराशा फैलाई गई थी। लेकिन बैंक के मेरे साथियों ने गरीब का जनधन खाता खुले, इसके लिए दिन-रात एक कर दिया, झुग्गी-झोपड़ी में जाते थे, बैंक के कर्मचारी, लोगों के बैंक के खाते खुलवाते थे। अगर आज देश में करीब 50 करोड़ जनधन बैंक खाते खुले हैं, तो इसके पीछे बैंक में काम करने वाले हमारे कर्मियों का परिश्रम है, उनका सेवाभाव है। ये बैंक कर्मियों की ही मेहनत है जिसकी वजह से सरकार, कोरोना काल में करोड़ों महिलाओं के बैंक खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर कर पाई।

साथियों,

कुछ लोग पहले ये भी गलत आरोप लगाते है, और लगाते रहे कि हमारे बैंकिंग सैक्टर में असंगठित क्षेत्र के लोगों को मदद करने के लिए कोई व्यवस्था ही नहीं है। पहले के सरकारों में क्या हुआ वो तो आप भली-भांति जानते हैं। लेकिन 2014 के बाद स्थिति ऐसी नहीं है। जब सरकार ने मुद्रा योजना के माध्यम से नौजवानों को बिना गारंटी लोन देने की ठानी, तो बैंक के लोगों ने इस योजना को आगे बढ़ाया। जब सरकार ने महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप्स के लिए लोन अमाउंट को डबल कर दिया, तो ये बैंक के कर्मचारी ही थे, जिन्होंने ज्यादा से ज्यादा सेल्फ हेल्प ग्रुप को आर्थिक मदद पहुंचाई। जब सरकार ने कोविड काल में MSME सेक्टर को मदद करने का फैसला लिया तो ये बैंक कर्मचारी ही थे जिन्होंने ज्यादा से ज्यादा ऋण देकर MSME सेक्टर को बचाने में मदद की और डेढ़ करोड़ से ज्यादा उद्यमियों का जिनके रोजगार जाने की संभावना थी, उन छोटे-छोट उद्योगों को बचाकर के डेढ़ करोड़ से ज्यादा लोगों का रोजगार भी बचाया। जब सरकार ने किसानों के बैंक खातों में सीधे पैसे भेजने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की, तो ये बैंककर्मी ही हैं, जिन्होंने इस योजना को technology की मदद से सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

जब सरकार ने रेहड़ी-पटरी और ठेले वालों के लिए जो फुटपाथ पर बैठकर के अपना माल बेचते है, छोटी सी लॉरी लेकर के माल बेचते हैं, उनके लिए एक स्वनिधि योजना शुरू की, तो ये हमारे बैंककर्मी ही हैं, जो अपने गरीब भाई-बहनों के लिए इतनी मेहनत कर रहे हैं और कुछ बैंक ब्रांच ने तो ऐसे लोगों को ढूंढ-ढूंढकर के, बुला-बुलाकर के, उनका हाथ पकड़कर के इन रेहड़ी-पटरी वालों को लोन देने के लिए काम किया है। आज हमारे बैंक कर्मियों की मेहनत की वजह से ही 50 लाख से ज्यादा रेहड़ी-पटरी-ठेले वालों को, उनको बैंक से मदद मिल पाई है। मैं हर बैंक कर्मचारी की सराहना करता हूं, उनका अभिनंदन करता हूं और आप लोग भी अब जब बैंकिग सेक्टर में जुड़ रहे हैं तो एक नई ऊर्जा जुड़ेगी, नया विश्वास जुड़ेगा, समाज के लिए कुछ करने की एक नई भावना पैदा होगी। पुराने लोग जो परिश्रम कर रहे हैं, उसमें आपका परिश्रम जुड़ जाएगा। और मुझे पक्का विश्वास है कि हम बैंकिग सेक्टर के माध्यम से गरीब से गरीब तबके को मजबूत बनाना चाहते हैं। उसमें आप लोग आज ये नियुक्ति पत्र के साथ ही संकल्प पत्र लेकर के जाएंगे।

साथियों,

जब सही नीयत से फैसले लिए जाते हैं, सही नीति बनाई जाती है, तो उसके परिणाम भी अद्भुत होते है, अभूतपूर्व होते हैं। इसका एक प्रमाण अभी कुछ दिन पहले ही देश ने देखा है। नीति आयोग की रिपोर्ट में आया है कि सिर्फ 5 साल के भीतर ही भारत में साढ़े 13 करोड़ भारतीय, गरीबी रेखा से ऊपर आ गए हैं। भारत की इस सफलता में, सरकारी कर्मचारियों की भी मेहनत रही है। गरीबों को पक्का घर देने की योजना हो, गरीबों के लिए शौचालय बनाने की योजना हो, गरीबों के घर में बिजली कनेक्शन देने की योजना हो, ऐसी अनेकों योजनाओं को हमारे सरकारी कर्मचारी ही गांव-गांव, घर-घर जनसामान्य तक लेकर गए हैं। जब ये योजनाएं गरीब तक पहुंचीं तो गरीबों का मनोबल भी बहुत बढ़ा, विश्वास पैदा हुआ। ये सफलता इस बात का प्रतीक है कि हम मिलकर भारत से गरीबी दूर करने के प्रयास बढ़ाएं तो भारत से गरीबी पूरी तरह से दूर हो सकती है। और इसमें निश्चित तौर पर देश के हर सरकारी कर्मचारी की बहुत बड़ी भूमिका है। गरीब कल्याण की जो भी योजनाएं हैं, आपको खुद भी उनके प्रति जागरूक रहना है और जनता को भी उनसे जोड़ना है।

साथियों,

भारत में कम होती गरीबी का एक और पक्ष है। कम होती गरीबी के बीच देश में नियो-मिडिल क्लास का लगातार विस्तार हो रहा है। इससे रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं। भारत में बढ़ते नियो-मिडिल क्लास की अपनी डिमांड्स हैं, अपनी आकांक्षाएं हैं। इस डिमांड की पूर्ति के लिए आज देश में बड़े पैमाने पर मैन्यूफैक्चरिंग हो रही है। आज जब हमारी फैक्ट्रियां, हमारे उद्योग रिकॉर्ड उत्पादन करते हैं तो उसका लाभ भी सबसे अधिक हमारे युवाओं को होता है। आजकल आप देखिए, आए दिन किसी नए रिकॉर्ड की चर्चा होती है, नए achievement की चर्चा होती है। भारत से रिकॉर्ड मोबाइल फोन एक्सपोर्ट्स हो रहे हैं। भारत में इस साल के पहले 6 महीने में जितनी कारों की बिक्री हुई है, वो भी उत्साह बढ़ाने वाली है। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की भी भारत में रिकॉर्ड बिक्री हो रही है। ये सब देश में रोजगार बढ़ा रहे हैं, रोजगार के अवसर बढ़ा रहे हैं।

साथियों,

भारत के टैलेंट पर आज पूरी दुनिया की नज़र है। दुनिया में अनेक विकसित अर्थव्यवस्थाओं में लोगों की उम्र तेज़ी से बढ़ रही है, senior citizen से दुनिया के कई देश विपुल संख्या से भरे हुए हैं युवा पीढ़ी उनके यहां कम होती जा रही है, काम करने वाली आबादी घट रही है। इसलिए ये समय भारत के युवाओं के लिए बहुत मेहनत करने का है, अपनी स्किल, अपनी क्षमताओं को बढ़ाने का है। हमने ये देखा है कि भारत के आईटी टैलेंट की, डॉक्टरों की, नर्सों की, और हमारे gulf countries में तो construction की दुनिया में काम करने वाले हमारे साथियों की कितनी डिमांड रही है। भारतीय टैलेंट की इज्ज़त, हर देश में, हर सेक्टर में लगातार बढ़ रही है। इसलिए पिछले 9 वर्षों में सरकार का बहुत बड़ा फोकस स्किल डेवलपमेंट पर रहा है। पीएम कौशल विकास योजना के तहत लगभग डेढ़ करोड़ युवाओं को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। सरकार, 30 Skill India International Centres भी स्थापित कर रही है ताकि हमारे युवा global opportunities के लिए तैयार हो सकें। आज देश भर में नए मेडिकल क़ॉलेज, नई ITI's, नई IIT, टेक्निकल इंस्टीट्यूट्स बनाने का भी अभियान जोरों पर चल रहा है। 2014 तक हमारे देश में करीब 380 मेडिकल कॉलेज ही थे। पिछले 9 वर्षों में ये संख्या 700 से अधिक हो चुकी है। इसी प्रकार नर्सिंग कॉलेजों में भी बहुत बड़ी बढ़ोतरी हुई है। ग्लोबल डिमांड को पूरा करने वाली स्किल्स, भारत के युवाओं के लिए लाखों नए अवसर बनाने जा रही है।

साथियों,

आप सभी एक बहुत ही पॉजिटिव माहौल में सरकारी सेवा में आ रहे हैं। अब आप पर भी देश की इस पॉजिटिव सोच को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है। आप सभी को अपनी आकांक्षाओं को भी विस्तार देने का प्रयास करना चाहिए। नई जिम्मेदारियों से जुड़ने के बाद भी आप सीखने और self-development की प्रक्रिया को जारी रखें। आपकी मदद के लिए सरकार ने ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म iGOT Karmayogi तैयार किया है। मेरा आप सबसे आग्रह है कि इस सुविधा का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाने का प्रयास करें। एक बार फिर, मैं आपको, आपके परिवार के लोगों को इस नई जिम्मेदारी के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं। और यह नई जिम्मेदारी एक आरंभ बिंदु है, आप भी जिंदगी की अनेक नई ऊचाइयों को प्राप्त करें। आपके माध्यम से जहां भी आपको सेवा करने का मौका मिले, देश का हर नागरिक अपने सपनों को पूरा करने के लिए आपके कारण बहुत नई ताकत को प्राप्त करे। आप अपने हर सपनों को पूरा करें, संकल्प को पूरा करें, इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाए इसके लिए मेरी तरफ से आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं है। बहुत-बहुत धन्यवाद।

 

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कैबिनेट का "महिलाओं की सुरक्षा" पर अंब्रेला स्कीम को वर्ष 2025-26 तक जारी रखने का निर्णय
February 21, 2024

The Union Cabinet chaired by Prime Minister Shri Narendra Modi approved the proposal of Ministry of Home Affairs of continuation of implementation of Umbrella Scheme on ‘Safety of Women’ at a total cost of Rs.1179.72 crore during the period from 2021-22 to 2025-26.

Out of the total project outlay of Rs.1179.72 crore, a total of Rs.885.49 crore will be provided by MHA from its own budget and Rs.294.23 crore will be funded from Nirbhaya Fund.

Safety of Women in a country is an outcome of several factors like stringent deterrence through strict laws, effective delivery of justice, redressal of complaints in a timely manner and easily accessible institutional support structures to the victims. Stringent deterrence in matters related to offences against women was provided through amendments in the Indian Penal Code, Criminal Procedure Code and the Indian Evidence Act.

In its efforts towards Women Safety, Government of India in collaboration with States and Union Territories has launched several projects. The objectives of these projects include strengthening mechanisms in States/Union Territories for ensuring timely intervention and investigation in case of crime against women and higher efficiency in investigation and crime prevention in such matters.

The Government of India has proposed to continue the following projects under the Umbrella Scheme for “Safety of Women”:

  1. 112 Emergency Response Support System (ERSS) 2.0;
  2. Upgradation of Central Forensic Sciences laboratories, including setting up of National Forensic Data Centre;
  3. Strengthening of DNA Analysis, Cyber Forensic capacities in State Forensic Science Laboratories (FSLs);
  4. Cyber Crime Prevention against Women and Children;
  5. Capacity building and training of investigators and prosecutors in handling sexual assault cases against women and children; and
  6. Women Help Desk & Anti-human Trafficking Units.