Your Majesty,

आपके भावपूर्ण शब्द, गर्मजोशी भरे स्वागत और आतिथ्य सत्कार के लिए, मैं आपको और पूरे शाही परिवार का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

सबसे पहले मैं आपको और ब्रूनेई के लोगों को आजादी की 40वी वर्षगांठ पर 140 करोड़ भारत वासियों की तरफ से हार्दिक बधाई देता हूं।

Your Majesty,

हमारे सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंध है। हमारी मित्रता का आधार हमारी यह महान सांस्कृतिक परंपरा है। आपके नेतृत्व में हमारे सम्बन्ध दिनों दिन प्रगाढ़ होते जा रहे हैं। 2018 में हमारे गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रुप में आपकी भारत यात्रा की स्मृतियां आज भी भारत के लोग बहुत गौरव के साथ याद करते हैं।

Your Majesty,

मुझे अत्यंत ख़ुशी है कि मुझे अपने तीसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही ब्रूनेई की यात्रा करने का और आपसे भविष्य के विषय में चर्चा करने का सौभाग्य मिला है। यह भी सुखद संयोग है, की इस वक़्त हम द्विपक्षीय साझेदारी की 40वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। भारत की Act East Policy और Indo-Pacific विजन में ब्रूनेई का महत्वपूर्ण साझेदार होना, ये हमारे लिए उज्जवल भविष्य की गारंटी है। हम एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हैं। मुझे विश्वास है कि मेरी इस यात्रा से और हमारी चर्चाओं से आने वाले समय के लिए हमारे संबंधों को स्ट्रैटेजिक दिशा मिलेगी। एक बार फिर इस अवसर पर मैं आपका हृदय से बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।

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पीएम मोदी ने संस्कृत सुभाषितम् के जरिए ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ का संदेश दिया
May 19, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया। इसका अर्थ है कि धरती माता समस्त मानवता को एक परिवार मानती है। श्री मोदी ने कहा कि धरती मां के लिए यह संपूर्ण विश्व एक घर के समान है, जहां प्रत्येक संस्कृति का अपना महत्व और सम्मान है।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट में लिखा:

"धरती माता पूरी मानवता को एक परिवार मानती हैं। उनके लिए यह पूरा संसार एक घर की तरह है, जहां हर संस्कृति का अपना महत्त्व और सम्मान है।

जनं बिभ्रती बहुधा विवाचसं नानाधर्माणं पृथिवी यथौकसम्।

सहस्रं धारा द्रविणस्य मे दुहां ध्रुवेव धेनुरनपस्फुरन्ती ॥"

धरती माता विभिन्न भाषाएं बोलने वाले और विभिन्न धर्मों और परंपराओं का पालन करने वाले लोगों को एक ही परिवार के सदस्य के रूप में अपनाती है। ईश्वर करे कि यह धरती मां हमारे लिए समृद्धि की हजारों धाराएं प्रवाहित करती रहे, ठीक उसी प्रकार जैसे एक शांत और स्‍नेहमयी गौ माता दूध प्रदान करती है।