Excellencies,

मैं आप सबका स्वागत करता हूँ।

Excellencies,

दूसरी Voice of Global South समिट के उद्घाटन-सत्र में, 140 करोड़ भारतवासियों की ओर से, मैं आप सभी का, हार्दिक स्वागत करता हूँ। Voice of Global South 21वीं सदी की बदलती हुई दुनिया का सबसे अनूठा मंच है। भौगोलिक रूप से Global South तो हमेशा से रहा है। लेकिन उसे इस प्रकार से Voice पहली बार मिल रही है। और ये हम सभी के साझा प्रयासों से संभव हुआ है। हम 100 से ज्यादा अलग-अलग देश हैं, लेकिन हमारे हित समान हैं, हमारी प्राथमिकताएं समान हैं।

Friends,

पिछले वर्ष दिसंबर में, जब भारत ने जी-20 की अध्यक्षता संभाली, तोह हमने इस फोरम में ग्लोबल साउथ के देशों की आवाज को आगे बढ़ाना अपना दायित्व माना। हमारी प्राथमिकता थी कि जी-20 को ग्लोबल स्केल पर समावेशी और human-centric बनाया जाए। हमारी कोशिश थी कि जी-20 का फोकस हो - development of the people, by the people and for the people. इसी उद्देश्य से हमने इस वर्ष जनवरी में, पहली बार Voice of Global South समिट का आयोजन किया। भारत के अलग-अलग राज्यों में हुई जी-20 की 200 से अधिक बैठकों में हमने ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को प्रमुखता दी।इसका नतीजा रहा कि New Delhi Leaders’ Declaration में ग्लोबल साउथ के विषयों पर हमें सबकी सहमति हासिल करने में कामयाबी मिली।

Excellencies,

जी-20 आयोजन में, ग्लोबल साउथ के हितों को ध्यान में रखकर लिए गए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय मैं बड़ी नम्रतापूर्वक, आप सबके साथ साझा करना चाहता हूँ। मैं वो ऐतिहासिक क्षण भूल नहीं सकता जब भारत के प्रयासों से African Union को नई दिल्ली समिट में जी-20 की स्थायी सदस्यता मिली। जी-20 में सबने माना कि Multilateral Development Banks में बड़े सुधार लाए जाएं, और विकासशील देशों के लिए sustainable फाइनेंस देने पर जोर दिया जाए।

Sustainable Development Goals, जो पिछले कुछ सालों में सुस्त पड़ गए थे, उनमें तेजी लाने के लिए एकaction प्लान भी बनाया गया। इससे ग्लोबल साउथ के देशों मे चल रहे poverty reduction कार्यक्रमों को बल मिलेगा। जी-20 ने इस बार climate finance पर अभूतपूर्व गंभीरता दिखाई है। ग्लोबल साउथ के देशों के लिए आसान शर्तों पर, climate transition के लिए फाइनैन्स और टेक्नॉलॉजी उपलब्ध कराए जाने पर भी सहमति बनी है। Climate action के लिए LiFE, यानि लाइफस्टाइल फॉर Environment, इसके High Level Principles को अपनाया गया। इसी समिट में ग्लोबल biofuel alliance लॉन्च किया गया है। यह ग्लोबल साउथ के देशों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। और हम आशा करते है, की आप सभी इससे जुड़ेंगे।

भारत मानता है कि नई टेक्नॉलॉजी, नॉर्थ और साउथ के बीच दूरियां बढ़ाने का नया स्रोत नहीं बनना चाहिए। आज Artificial Intelligence, AI के युग में, टेक्नॉलॉजी को responsible तरीके से उपयोग में लाने की बहुत जरूरत है। इसको आगे बढ़ाने के लिए, भारत में अगले महीने AI ग्लोबल पार्टनरशिप समिट आयोजित की जा रही है । जी-20 द्वारा डिजिटल पब्लिक infrastructure, यानि DPI, के Framework को अपनाया गया है, जिससे आवश्यक सेवाओं की last-mile delivery में सहायता मिलेगी और inclusivity बढ़ेगी। वैश्विक DPI repository बनाने पर भी सहमति बनी है। इसके अंतर्गत भारत अपनी क्षमताएं पूरे ग्लोबल साउथ के साथ साझा करने के लिए तैयार है ।

किसी भी प्राकृतिक आपदा से, ग्लोबल साउथ के देश, सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। इसके लिए भारत ने Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, यानि CDRI, शुरू किया था। अब जी-20 में Disaster risk Reduction और resilient infrastructure के लिए नया वर्किंग ग्रुप भी बनाया गया है।

भारत की पहल पर इस साल को संयुक्त राष्ट्र International year of millets के रूप में मना रहा है। जी-20 के तहत सुपरफूड millets, जिसे भारत में हमने श्रीअन्न की पहचान दी है, उन पर रिसर्च करने के लिए नया initiative लिया गया है। यह climate change और resources के अभाव से उत्पन्न होने वाली फूड सिक्युरिटी की चिंतायों से लड़ने मे , ग्लोबल साउथ को समर्थ्यवान बनाएगा।

पहली बार जी-20 में sustainable और ocean based इकॉनमी पर बल दिया गया है। ये ग्लोबल साउथ के small आइलैंड developing countries, जिन्हे मैं large ocean countries मानता हूँ, उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। समिट में ग्लोबल वैल्यू चेन mapping और डिजिटल सर्टिफिकेट को मान्यता देने के लिए, अहम फैसले लिए गए। इससे ग्लोबल साउथ के देशों में, MSME sector और व्यापार के लिए नए अवसर खुलेंगे।

Excellencies,

वैश्विक समृद्धि के लिए सबका साथ और सबका विकास जरूरी है। लेकिन हम सभी देख रहे हैं कि पश्चिम एशिया क्षेत्र की घटनाओं से नई चुनौतियाँ उभर रही हैं। भारत ने 7 अक्टूबर को, इजराइल में हुए जघन्य आतंकी हमले की निंदा की है। हमने restraint के साथ ही, डायलॉग और डिप्लोमेसी पर भी जोर दिया है। इजराइल और हमास के conflict में, civilians की मौत की हम कठोर निंदा करते हैं। राष्ट्रपति महमूद अब्बास जी से बात कर हमने फिलिस्तीन के लोगों के लिए मानवीय सहायता भी भेजी है। ये समय है जब ग्लोबल साउथ के देश greater ग्लोबल गुड के लिए एक स्वर में बात करें।

"One Earth One Family One Future” के लिए हम सब मिलकर 5-Cs, 5-Cs के साथ आगे बढ़ें, जब मैं 5-Cs की बात करता हूँ तब – consultation, cooperation, communication, creativity और capacity building।

Excellencies,

पहली Voice of ग्लोबल साउथ समिट में, मैंने ग्लोबल साउथ के लिए एक Centre of Excellence स्थापित करने का प्रस्ताव रखा था। मुझे खुशी है कि आज DAKSHIN – Development And Knowledge Sharing Initiative – ग्लोबल साउथ सेंटर ऑफ excellence का उद्घाटन हो रहा है। जी-20 समिट के दौरान, मैंने भारत की तरफ से ग्लोबल साउथ के लिए weather और climate मॉनिटरिंग के लिए Satellite लॉन्च करने का प्रस्ताव रखा है। हम इस पर तेजी से काम कर रहे हैं।

Friends,

इन विचारों के साथ मैं अपना वक्तव्य समाप्त करता हूं। अब मैं आप सभी के विचार सुनने के लिए बहुत ही उत्साहित हूं। और इतनी बड़ी मात्रा में, आप सबकी सक्रिय भागीदारी के लिए, मैं ह्रदय से आपका आभार व्यक्त करता हूं।

बहुत बहुत धन्यवाद!

Explore More
अमृतकाल में त्याग और तपस्या से आने वाले 1000 साल का हमारा स्वर्णिम इतिहास अंकुरित होने वाला है : लाल किले से पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

अमृतकाल में त्याग और तपस्या से आने वाले 1000 साल का हमारा स्वर्णिम इतिहास अंकुरित होने वाला है : लाल किले से पीएम मोदी
How India's digital public infrastructure can push inclusive global growth

Media Coverage

How India's digital public infrastructure can push inclusive global growth
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
इस चुनाव में सांसद ही नहीं बल्कि देश का उज्ज्वल भविष्य भी चुनना है: सरगुजा में पीएम मोदी
April 24, 2024
कांग्रेस का पंजा; माता-पिता से विरासत में मिलने वाली संपत्ति को भी छीनना चाहता है: पीएम मोदी
कांग्रेस का इतिहास सत्ता के लालच में देश को तबाह करने का रहा है: पीएम मोदी
कांग्रेस का मंत्र है। कांग्रेस की लूट ज़िंदगी के साथ भी, ज़िंदगी के बाद भी: पीएम मोदी
वोट बैंक की भूखी कांग्रेस ने कभी संविधान की पवित्रता और बाबा साहेब अंबेडकर के शब्दों की परवाह नहीं की: पीएम मोदी
आदिवासी समाज से आने वाले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री प्रदेश के सपनों को साकार कर रहे है: पीएम मोदी

मां महामाया माई की जय!

मां महामाया माई की जय!

हमर बहिनी, भाई, दद्दा अउ जम्मो संगवारी मन ला, मोर जय जोहार। 

भाजपा ने जब मुझे पीएम पद का उम्मीदवार बनाया था, तब अंबिकापुर में ही आपने लाल किला बनाया था। और जो कांग्रेस का इकोसिस्टम है आए दिन मोदी पर हमला करने के लिए जगह ढ़ूंढते रहते हैं। उस पूरी टोली ने उस समय मुझपर बहुत हमला बोल दिया था। ये लाल किला कैसे बनाया जा सकता है, अभी तो प्रधानमंत्री का चुनाव बाकि है, अभी ये लाल किले का दृश्य बना के वहां से सभा कर रहे हैं, कैसे कर रहे हैं। यानि तूफान मचा दिया था और बात का बवंडर बना दिया था। लेकिन आप की सोच थी वही  मोदी लाल किले में पहुंचा और राष्ट्र के नाम संदेश दिया। आज अंबिकापुर, ये क्षेत्र फिर वही आशीर्वाद दे रहा है- फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार !

साथियों, 

कुछ महीने पहले मैंने आपसे छत्तीसगढ़ से कांग्रेस का भ्रष्टाचारी पंजा हटाने के लिए आशीर्वाद मांगा था। आपने मेरी बात का मान रखा। और इस भ्रष्टाचारी पंजे को साफ कर दिया। आज देखिए, आप सबके आशीर्वाद से सरगुजा की संतान, आदिवासी समाज की संतान, आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में छत्तीसगढ़ के सपनों को साकार कर रहा है। और मेरा अनन्य साथी भाई विष्णु जी, विकास के लिए बहुत तेजी से काम कर रहे हैं। आप देखिए, अभी समय ही कितना हुआ है। लेकिन इन्होंने इतने कम समय में रॉकेट की गति से सरकार चलाई है। इन्होंने धान किसानों को दी गारंटी पूरी कर दी। अब तेंदु पत्ता संग्राहकों को भी ज्यादा पैसा मिल रहा है, तेंदू पत्ता की खरीद भी तेज़ी से हो रही है। यहां की माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना से भी लाभ हुआ है। छत्तीसगढ़ में जिस तरह कांग्रेस के घोटालेबाज़ों पर एक्शन हो रहा है, वो पूरा देश देख रहा है।

साथियों, 

मैं आज आपसे विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ के लिए आशीर्वाद मांगने के लिए आया हूं। जब मैं विकसित भारत कहता हूं, तो कांग्रेस वालों का और दुनिया में बैठी कुछ ताकतों का माथा गरम हो जाता है। अगर भारत शक्तिशाली हो गया, तो कुछ ताकतों का खेल बिगड़ जाएगा। आज अगर भारत आत्मनिर्भर बन गया, तो कुछ ताकतों की दुकान बंद हो जाएगी। इसलिए वो भारत में कांग्रेस और इंडी-गठबंधन की कमज़ोर सरकार चाहते हैं। ऐसी कांग्रेस सरकार जो आपस में लड़ती रहे, जो घोटाले करती रहे। 

साथियों,

कांग्रेस का इतिहास सत्ता के लालच में देश को तबाह करने का रहा है। देश में आतंकवाद फैला किसके कारण फैला? किसके कारण फैला? किसके कारण फैला? कांग्रेस की नीतियों के कारण फैला। देश में नक्सलवाद कैसे बढ़ा? किसके कारण बढ़ा? किसके कारण बढ़ा? कांग्रेस का कुशासन और लापरवाही यही कारण है कि देश बर्बाद होता गया। आज भाजपा सरकार, आतंकवाद और नक्सलवाद के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कर रही है। लेकिन कांग्रेस क्या कर रही है? कांग्रेस, हिंसा फैलाने वालों का समर्थन कर रही है, जो निर्दोषों को मारते हैं, जीना हराम कर देते हैं, पुलिस पर हमला करते हैं, सुरक्षा बलों पर हमला करते हैं। अगर वे मारे जाएं, तो कांग्रेस वाले उन्हें शहीद कहते हैं। अगर आप उन्हें शहीद कहते हो तो शहीदों का अपमान करते हो। इसी कांग्रेस की सबसे बड़ी नेता, आतंकवादियों के मारे जाने पर आंसू बहाती हैं। ऐसी ही करतूतों के कारण कांग्रेस देश का भरोसा खो चुकी है।

भाइयों और बहनों, 

आज जब मैं सरगुजा आया हूं, तो कांग्रेस की मुस्लिम लीगी सोच को देश के सामने रखना चाहता हूं। जब उनका मेनिफेस्टो आया उसी दिन मैंने कह दिया था। उसी दिन मैंने कहा था कि कांग्रेस के मोनिफेस्टो पर मुस्लिम लीग की छाप है। 

साथियों, 

जब संविधान बन रहा था, काफी चर्चा विचार के बाद, देश के बुद्धिमान लोगों के चिंतन मनन के बाद, बाबासाहेब अम्बेडकर के नेतृत्व में तय किया गया था कि भारत में धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होगा। आरक्षण होगा तो मेरे दलित और आदिवासी भाई-बहनों के नाम पर होगा। लेकिन धर्म के नाम पर आरक्षण नहीं होगा। लेकिन वोट बैंक की भूखी कांग्रेस ने कभी इन महापुरुषों की परवाह नहीं की। संविधान की पवित्रता की परवाह नहीं की, बाबासाहेब अम्बेडकर के शब्दों की परवाह नहीं की। कांग्रेस ने बरसों पहले आंध्र प्रदेश में धर्म के आधार पर आरक्षण देने का प्रयास किया था। फिर कांग्रेस ने इसको पूरे देश में लागू करने की योजना बनाई। इन लोग ने धर्म के आधार पर 15 प्रतिशत आरक्षण की बात कही। ये भी कहा कि SC/ST/OBC का जो कोटा है उसी में से कम करके, उसी में से चोरी करके, धर्म के आधार पर कुछ लोगों को आरक्षण दिया जाए। 2009 के अपने घोषणापत्र में कांग्रेस ने यही इरादा जताया। 2014 के घोषणापत्र में भी इन्होंने साफ-साफ कहा था कि वो इस मामले को कभी भी छोड़ेंगे नहीं। मतलब धर्म के आधार पर आरक्षण देंगे, दलितों का, आदिवासियों का आरक्षण कट करना पड़े तो करेंगे। कई साल पहले कांग्रेस ने कर्नाटका में धर्म के आधार पर आरक्षण लागू भी कर दिया था। जब वहां बीजेपी सरकार आई तो हमने संविधान के विरुद्ध, बाबासाहेब अम्बेडर की भावना के विरुद्ध कांग्रेस ने जो निर्णय किया था, उसको उखाड़ करके फेंक दिया और दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को उनका अधिकार वापस दिया। लेकिन कर्नाटक की कांग्रेस सरकार उसने एक और पाप किया मुस्लिम समुदाय की सभी जातियों को ओबीसी कोटा में शामिल कर दिया है। और ओबीसी बना दिया। यानि हमारे ओबीसी समाज को जो लाभ मिलता था, उसका बड़ा हिस्सा कट गया और वो भी वहां चला गया, यानि कांग्रेस ने समाजिक न्याय का अपमान किया, समाजिक न्याय की हत्या की। कांग्रेस ने भारत के सेक्युलरिज्म की हत्या की। कर्नाटक अपना यही मॉडल पूरे देश में लागू करना चाहती है। कांग्रेस संविधान बदलकर, SC/ST/OBC का हक अपने वोट बैंक को देना चाहती है।

भाइयों और बहनों,

ये सिर्फ आपके आरक्षण को ही लूटना नहीं चाहते, उनके तो और बहुत कारनामे हैं इसलिए हमारे दलित, आदिवासी और ओबीसी भाई-बहनों  को कहना चाहता हूं कि कांग्रेस के इरादे नेक नहीं है, संविधान और सामाजिक न्याय के अनुरूप नहीं है , भारत की बिन सांप्रदायिकता के अनुरूप नहीं है। अगर आपके आरक्षण की कोई रक्षा कर सकता है, तो सिर्फ और सिर्फ भारतीय जनता पार्टी कर सकती है। इसलिए आप भारतीय जनता पार्टी को भारी समर्थन दीजिए। ताकि कांग्रेस की एक न चले, किसी राज्य में भी वह कोई हरकत ना कर सके। इतनी ताकत आप मुझे दीजिए। ताकि मैं आपकी रक्षा कर सकूं। 

साथियों!

कांग्रेस की नजर! सिर्फ आपके आरक्षण पर ही है ऐसा नहीं है। बल्कि कांग्रेस की नज़र आपकी कमाई पर, आपके मकान-दुकान, खेत-खलिहान पर भी है। कांग्रेस के शहज़ादे का कहना है कि ये देश के हर घर, हर अलमारी, हर परिवार की संपत्ति का एक्स-रे करेंगे। हमारी माताओं-बहनों के पास जो थोड़े बहुत गहने-ज़ेवर होते हैं, कांग्रेस उनकी भी जांच कराएगी। यहां सरगुजा में तो हमारी आदिवासी बहनें, चंदवा पहनती हैं, हंसुली पहनती हैं, हमारी बहनें मंगलसूत्र पहनती हैं। कांग्रेस ये सब आपसे छीनकर, वे कहते हैं कि बराबर-बराबर डिस्ट्रिब्यूट कर देंगे। वो आपको मालूम हैं ना कि वे किसको देंगे। आपसे लूटकर के किसको देंगे मालूम है ना, मुझे कहने की जरूरत है क्या। क्या ये पाप करने देंगे आप और कहती है कांग्रेस सत्ता में आने के बाद वे ऐसे क्रांतिकारी कदम उठाएगी। अरे ये सपने मन देखो देश की जनता आपको ये मौका नहीं देगी। 

साथियों, 

कांग्रेस पार्टी के खतरनाक इरादे एक के बाद एक खुलकर सामने आ रहे हैं। शाही परिवार के शहजादे के सलाहकार, शाही परिवार के शहजादे के पिताजी के भी सलाहकार, उन्होंने  ने कुछ समय पहले कहा था और ये परिवार उन्हीं की बात मानता है कि उन्होंने कहा था कि हमारे देश का मिडिल क्लास यानि मध्यम वर्गीय लोग जो हैं, जो मेहनत करके कमाते हैं। उन्होंने कहा कि उनपर ज्यादा टैक्स लगाना चाहिए। इन्होंने पब्लिकली कहा है। अब ये लोग इससे भी एक कदम और आगे बढ़ गए हैं। अब कांग्रेस का कहना है कि वो Inheritance Tax लगाएगी, माता-पिता से मिलने वाली विरासत पर भी टैक्स लगाएगी। आप जो अपनी मेहनत से संपत्ति जुटाते हैं, वो आपके बच्चों को नहीं मिलेगी, बल्कि कांग्रेस सरकार का पंजा उसे भी आपसे छीन लेगा। यानि कांग्रेस का मंत्र है- कांग्रेस की लूट जिंदगी के साथ भी और जिंदगी के बाद भी। जब तक आप जीवित रहेंगे, कांग्रेस आपको ज्यादा टैक्स से मारेगी। और जब आप जीवित नहीं रहेंगे, तो वो आप पर Inheritance Tax का बोझ लाद देगी। जिन लोगों ने पूरी कांग्रेस पार्टी को पैतृक संपत्ति मानकर अपने बच्चों को दे दी, वो लोग नहीं चाहते कि एक सामान्य भारतीय अपने बच्चों को अपनी संपत्ति दे। 

भाईयों-बहनों, 

हमारा देश संस्कारों से संस्कृति से उपभोक्तावादी देश नहीं है। हम संचय करने में विश्वास करते हैं। संवर्धन करने में विश्वास करते हैं। संरक्षित करने में विश्वास करते हैं। आज अगर हमारी प्रकृति बची है, पर्यावरण बचा है। तो हमारे इन संस्कारों के कारण बचा है। हमारे घर में बूढ़े मां बाप होंगे, दादा-दादी होंगे। उनके पास से छोटा सा भी गहना होगा ना? अच्छी एक चीज होगी। तो संभाल करके रखेगी खुद भी पहनेगी नहीं, वो सोचती है कि जब मेरी पोती की शादी होगी तो मैं उसको यह दूंगी। मेरी नाती की शादी होगी, तो मैं उसको दूंगी। यानि तीन पीढ़ी का सोच करके वह खुद अपना हक भी नहीं भोगती,  बचा के रखती है, ताकि अपने नाती, नातिन को भी दे सके। यह मेरे देश का स्वभाव है। मेरे देश के लोग कर्ज कर करके जिंदगी जीने के शौकीन लोग नहीं हैं। मेहनत करके जरूरत के हिसाब से खर्च करते हैं। और बचाने के स्वभाव के हैं। भारत के मूलभूत चिंतन पर, भारत के मूलभूत संस्कार पर कांग्रेस पार्टी कड़ा प्रहार करने जा रही है। और उन्होंने कल यह बयान क्यों दिया है उसका एक कारण है। यह उनकी सोच बहुत पुरानी है। और जब आप पुरानी चीज खोजोगे ना? और ये जो फैक्ट चेक करने वाले हैं ना मोदी की बाल की खाल उधेड़ने में लगे रहते हैं, कांग्रेस की हर चीज देखिए। आपको हर चीज में ये बू आएगी। मोदी की बाल की खाल उधेड़ने में टाइम मत खराब करो। लेकिन मैं कहना चाहता हूं। यह कल तूफान उनके यहां क्यों मच गया,  जब मैंने कहा कि अर्बन नक्सल शहरी माओवादियों ने कांग्रेस पर कब्जा कर लिया तो उनको लगा कि कुछ अमेरिका को भी खुश करने के लिए करना चाहिए कि मोदी ने इतना बड़ा आरोप लगाया, तो बैलेंस करने के लिए वह उधर की तरफ बढ़ने का नाटक कर रहे हैं। लेकिन वह आपकी संपत्ति को लूटना चाहते हैं। आपके संतानों का हक आज ही लूट लेना चाहते हैं। क्या आपको यह मंजूर है कि आपको मंजूर है जरा पूरी ताकत से बताइए उनके कान में भी सुनाई दे। यह मंजूर है। देश ये चलने देगा। आपको लूटने देगा। आपके बच्चों की संपत्ति लूटने देगा।

साथियों,

जितने साल देश में कांग्रेस की सरकार रही, आपके हक का पैसा लूटा जाता रहा। लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद अब आपके हक का पैसा आप लोगों पर खर्च हो रहा है। इस पैसे से छत्तीसगढ़ के करीब 13 लाख परिवारों को पक्के घर मिले। इसी पैसे से, यहां लाखों परिवारों को मुफ्त राशन मिल रहा है। इसी पैसे से 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है। मोदी ने ये भी गारंटी दी है कि 4 जून के बाद छत्तीसगढ़ के हर परिवार में जो बुजुर्ग माता-पिता हैं, जिनकी आयु 70 साल हो गई है। आज आप बीमार होते हैं तो आपकी बेटे और बेटी को खर्च करना पड़ता है। अगर 70 साल की उम्र हो गई है और आप किसी पर बोझ नहीं बनना चाहते तो ये मोदी आपका बेटा है। आपका इलाज मोदी करेगा। आपके इलाज का खर्च मोदी करेगा। सरगुजा के ही करीब 1 लाख किसानों के बैंक खाते में किसान निधि के सवा 2 सौ करोड़ रुपए जमा हो चुके हैं और ये आगे भी होते रहेंगे।

साथियों, 

सरगुजा में करीब 400 बसाहटें ऐसी हैं जहां पहाड़ी कोरवा परिवार रहते हैं। पण्डो, माझी-मझवार जैसी अनेक अति पिछड़ी जनजातियां यहां रहती हैं, छत्तीसगढ़ और दूसरे राज्यों में रहती हैं। हमने पहली बार ऐसी सभी जनजातियों के लिए, 24 हज़ार करोड़ रुपए की पीएम-जनमन योजना भी बनाई है। इस योजना के तहत पक्के घर, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, ऐसी सभी सुविधाएं पिछड़ी जनजातियों के गांव पहुंचेंगी। 

साथियों, 

10 वर्षों में भांति-भांति की चुनौतियों के बावजूद, यहां रेल, सड़क, अस्तपताल, मोबाइल टावर, ऐसे अनेक काम हुए हैं। यहां एयरपोर्ट की बरसों पुरानी मांग पूरी की गई है। आपने देखा है, अंबिकापुर से दिल्ली के ट्रेन चली तो कितनी सुविधा हुई है।

साथियों,

10 साल में हमने गरीब कल्याण, आदिवासी कल्याण के लिए इतना कुछ किया। लेकिन ये तो सिर्फ ट्रेलर है। आने वाले 5 साल में बहुत कुछ करना है। सरगुजा तो ही स्वर्गजा यानि स्वर्ग की बेटी है। यहां प्राकृतिक सौंदर्य भी है, कला-संस्कृति भी है, बड़े मंदिर भी हैं। हमें इस क्षेत्र को बहुत आगे लेकर जाना है। इसलिए, आपको हर बूथ पर कमल खिलाना है। 24 के इस चुनाव में आप का ये सेवक नरेन्द्र मोदी को आपका आशीर्वाद चाहिए, मैं आपसे आशीर्वाद मांगने आया हूं। आपको केवल एक सांसद ही नहीं चुनना, बल्कि देश का उज्ज्वल भविष्य भी चुनना है। अपनी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य चुनना है। इसलिए राष्ट्र निर्माण का मौका बिल्कुल ना गंवाएं। सर्दी हो शादी ब्याह का मौसम हो, खेत में कोई काम निकला हो। रिश्तेदार के यहां जाने की जरूरत पड़ गई हो, इन सबके बावजूद भी कुछ समय आपके सेवक मोदी के लिए निकालिए। भारत के लोकतंत्र और उज्ज्वल भविष्य के लिए निकालिए। आपके बच्चों की गारंटी के लिए निकालिए और मतदान अवश्य करें। अपने बूथ में सारे रिकॉर्ड तोड़नेवाला मतदान हो। इसके लिए मैं आपसे प्रार्थना करता हूं। और आग्राह है पहले जलपान फिर मतदान। हर बूथ में मतदान का उत्सव होना चाहिए, लोकतंत्र का उत्सव होना चाहिए। गाजे-बाजे के साथ लोकतंत्र जिंदाबाद, लोकतंत्र जिंदाबाद करते करते मतदान करना चाहिए। और मैं आप को वादा करता हूं। 

भाइयों-बहनों  

मेरे लिए आपका एक-एक वोट, वोट नहीं है, ईश्वर रूपी जनता जनार्दन का आर्शीवाद है। ये आशीर्वाद परमात्मा से कम नहीं है। ये आशीर्वाद ईश्वर से कम नहीं है। इसलिए भारतीय जनता पार्टी को दिया गया एक-एक वोट, कमल के फूल को दिया गया एक-एक वोट, विकसित भारत बनाएगा ये मोदी की गारंटी है। कमल के निशान पर आप बटन दबाएंगे, कमल के फूल पर आप वोट देंगे तो वो सीधा मोदी के खाते में जाएगा। वो सीधा मोदी को मिलेगा।      

भाइयों और बहनों, 

7 मई को चिंतामणि महाराज जी को भारी मतों से जिताना है। मेरा एक और आग्रह है। आप घर-घर जाइएगा और कहिएगा मोदी जी ने जोहार कहा है, कहेंगे। मेरे साथ बोलिए...  भारत माता की जय! 

भारत माता की जय! 

भारत माता की जय!