राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, गोवा के स्थायी कैम्‍पस का उद्घाटन किया
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वॉटरस्पोर्ट्स का नया परिसर समर्पित किया
संबंधित पर्यटन गतिविधियों और 100 एमएलडी जल उपचार संयंत्र के साथ यात्री रोपवे की आधारशिला रखी
प्रति दिन 100 टन कचरा प्रबंधन सुविधा का उद्घाटन किया
रोजगार मेले के तहत विभिन्न विभागों में 1930 नई सरकारी भर्तियों को नियुक्ति आदेश वितरित किए
विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को मंजूरी पत्र सौंपे
"एक भारत, श्रेष्ठ भारत का अनुभव गोवा में किसी भी मौसम में किया जा सकता है"
"डबल इंजन सरकार के कारण गोवा तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है"
"सैचुरेशन धर्मनिरपेक्षता है, सैचुरेशन वास्तविक सामाजिक न्याय है और सैचुरेशन गोवा और देश के लिए मोदी की गारंटी है"
"डबल इंजन सरकार गरीबों के कल्याण के लिए बड़ी योजनाएं चलाने के साथ बुनियादी ढांचे पर रिकॉर्ड निवेश कर रही है"
"हमारी सरकार गोवा में कनेक्टिविटी सुधारने और इसे लॉजिस्टिक हब बनाने के लिए काम कर रही है"
"भारत में सभी प्रकार के पर्यटन एक ही देश में, एक ही वीज़ा पर उपलब्ध हैं"

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

गोवा के राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई जी, यहां के युवा मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगीगण, अन्य महानुभाव, और गोवा के मेरे प्यारे भाइयों और बहनों। समेस्त गोंयकारांक, मना-कालझा सावन नमस्कार। तुमचो मोग अनी उर्बा पूड़ोंन, म्हाका गोयांत योन सदांच खोस सता।

साथियों,

गोवा को यहां के सुंदर समुद्र तटों के लिए, प्राकृतिक सुंदरता के लिए हमारा गोवा जाना जाता है। देश-विदेश के लाखों पर्यटकों का फेवरेट Holiday Destination गोवा ही है। किसी भी सीजन में यहां एक भारत श्रेष्ठ भारत को महसूस किया जा सकता है। इसके साथ ही गोवा की एक और पहचान भी है। गोवा की इस धरती ने कई महान संतों, मशहूर कलाकारों और विद्वानों को भी जन्म दिया है। आज मैं उन्हें भी याद करना चाहता हूं। संत सोहिरोबनाथ आंबिये, आद्य नाटककार कृष्णभट्ट बांदकर, सुरश्री केसरबाई केरकर, आचार्य धर्मानंद कोसंबी, और रघुनाथ माशेलकर जैसी हस्तियों ने गोवा की पहचान को समृद्ध किया है। यहां से कुछ दूर पर स्थित मंगेशी मंदिर से भारत रत्न लता मंगेशकर जी का गहरा नाता रहा है। आज लता दीदी की पुण्य तिथि भी है। मैं उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। यहीं मडगांव के दामोदर साल में स्वामी विवेकानंद को एक नई प्रेरणा मिली थी। यहां का ऐतिहासिक लोहिया मैदान इस बात का प्रमाण है कि जब देश के लिए कुछ करने की बात आती है, तो गोवा के लोग कोई कसर बाकी नहीं छोड़ते। कन्कोलिम का चिफटेंस मेमोरियल, गोवा के शौर्य का प्रतीक है।

साथियों,

इस साल एक महत्वपूर्ण आयोजन भी होने वाला है। इसी साल सेंट फ्रांसिस जेवियर के Relics की एक्सपोजिशन, जिसे आप "गोयन्चो साइब" के नाम से जानते हैं वो भी होने वाली है। हर 2 साल में होने वाली ये एक्सपोजिशन हमें शांति और सद्भाव का संदेश देती है। मुझे याद है जॉर्जिया की क्वीन सेंट केटेवान का जिक्र तो मैं मन की बात में भी कर चुका हूं। सेंट क्वीन केटेवान के होली रेलिक्स को जब हमारे विदेश मंत्री जॉर्जिया लेकर गए थे तो वहां जैसे उनका पूरा देश सड़कों पर उतर आया था। सरकार के बड़े-बड़े प्रतिनिधि तब एयरपोर्ट पर आए थे। क्रिश्चियन कम्यूनिटी और अन्य धर्मों के लोग जिस तरह गोवा में मिल जुलकर रहते हैं, वो एक भारत-श्रेष्ठ भारत की बहुत अद्भुत मिसाल है।

साथियों,

अब से कुछ देर पहले गोवा के विकास के लिए 1300 करोड़ रुपए की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन से जुड़ी ये परियोजनाएं गोवा के विकास को और रफ्तार देंगी। आज यहां National Institute of Technology और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाटर स्पोर्ट्स के कैंपस का उद्घाटन हुआ है। इससे यहां पढ़ने और पढ़ाने वालों की सुविधा और बढ़ेगी। आज यहां जिस Integrated Waste Management Facility का उद्घाटन हुआ है, उससे गोवा को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी। आज यहां 1900 से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र दिया गया है। मैं आप सभी को इन सभी कल्याण कार्यों के लिए, बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

मेरे परिवारजनों,

गोवा क्षेत्र और आबादी के लिहाज़ से भले ही छोटा है, लेकिन सामाजिक विविधता के मामले में हमारा गोवा बहुत बड़ा है। यहां अलग-अलग समाज के लोग, अलग-अलग धर्म को मानने वाले लोग एक साथ रहते हैं, अनेक पीढ़ियों से रहते हैं। इसलिए गोवा के यही लोग जब बार-बार बीजेपी की सरकार चुनते हैं, तो इसका संदेश पूरे देश को जाता है। बीजेपी का मंत्र सबका साथ-सबका विकास का है। देश में कुछ दलों ने हमेशा डर फैलाने की, लोगों में झूठ फैलाने की राजनीति की है। लेकिन गोवा ने ऐसे दलों को करारा जवाब दिया है और बार-बार दिया है।

साथियों,

अपने इतने वर्षों के राज में गोवा की भाजपा सरकार ने सुशासन का एक मॉडल विकसित किया है। "स्वयंपूर्ण गोवा" इस अभियान को जिस प्रकार गोवा गति दे रहा है, वो वाकई अभूतपूर्व है। इसी का परिणाम है कि आज गोवा के लोगों की गिनती देश के सबसे खुशहाल लोगों में होती है। डबल इंजन की वजह से गोवा के विकास की गाड़ी तेज गति से आगे बढ़ रही है। गोवा वो राज्य है, जहां के 100 percent घरों में नल से जल पहुंच रहा है। गोवा वो राज्य है, जहां 100 percent घरों में बिजली कनेक्शन है। गोवा वो राज्य है, जहां घरेलू एलपीजी की कवरेज 100 percent हो चुकी है। गोवा वो राज्य है, जो पूरी तरह केरोसिन मुक्त है। गोवा पूरी तरह खुले में शौच से मुक्त राज्य बन गया है। केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं में से कई योजनाओं में गोवा 100 percent सैचुरेशन हासिल कर चुका है। और हम सब जानते हैं, जब सैचुरेशन होता है तो भेदभाव खत्म हो होता है। जब सैचुरेशन होता है तो हर लाभार्थी तक पूरा लाभ पहुंचता है। जब सैचुरेशन होता है तो लोगों को अपना हक पाने के लिए रिश्वत नहीं देनी होती। इसलिए मैं बार-बार कहता हूं कि सैचुरेशन ही सच्चा सेकुलरिज्म है। सैचुरेशन ही सच्चा सामाजिक न्याय है। यही सैचुरेशन, गोवा को, देश को, मोदी की गारंटी है। इसी सैचुरेशन के लक्ष्य के लिए अभी देश में विकसित भारत संकल्प यात्रा चलाई गई थी। गोवा में भी 30 हजार से ज्यादा लोग इस यात्रा से जुड़े। जो कुछ लोग सरकार की योजनाओं से अब भी वंचित रह गए थे, उन्हें भी मोदी की गारंटी वाली गाड़ी से बहुत लाभ मिला है।

भाइयों और बहनों,

कुछ दिन पहले जो बजट आया है, उसमें भी सैचुरेशन के, गरीब से गरीब की सेवा के हमारे संकल्प को मजबूती दी है। आप जानते हैं कि हमने 4 करोड़ गरीब परिवारों को पक्का मकान देने का लक्ष्य पूरा कर लिया। अब हमारी गारंटी है कि 2 करोड़ और परिवारों को घर बनाकर के देंगे। और मैं गोवा के मेरे साथियों आप से भी कहता हूं, आपके गांव में, आपके इलाके में अगर कोई परिवार पक्के घर से छूट गया हो, अगर आज भी वो झुग्गी-झोपड़ी में रहता है तो उनको बताना मोदी जी आए थे, मोदी जी ने गारंटी दी है कि आपका मकान भी पक्का बन जाएगा। इस बजट में पीएम आवास योजना के तहत इसके विस्तार की घोषणा की गई है। हमने 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा देने वाली आयुष्मान योजना का भी विस्तार किया है। अब आशा वर्कर और आंगनवाड़ी वर्कर्स को भी मुफ्त इलाज की गारंटी मिल गई है।

साथियों,

इस बजट में हमारे मछुआरे साथियों पर भी बहुत ध्यान दिया गया है। मत्स्य संपदा योजना के तहत मिलने वाली मदद अब और बढ़ाई जाएगी। इससे मछुआरों को अधिक सुविधा और साधन मिलेंगे। इससे सी-फूड के एक्सपोर्ट में बहुत बड़ी वृद्धि होगी और मछुआरों को ज्यादा पैसा मिलेगा। ऐसे प्रयासों से फिशरीज़ के सेक्टर में ही लाखों नए रोजगार बनने की संभावना है।

साथियों,

मछलीपालकों के हित में जितना काम हमारी सरकार ने किया है, उतना किसी ने पहले नहीं किया। हमने ही मछलीपालकों के लिए अलग ministry बनाई, अलग मंत्रालय बनाया। हमने ही मछलीपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा दी। हमारी सरकार ने मछलीपालकों की बीमा राशि को एक लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख कर दिया है। उनकी नावों को आधुनिक बनाने के लिए हमारी सरकार सब्सिडी भी दे रही है।

भाइयों और बहनों,

भाजपा की डबल इंजन सरकार गरीब कल्याण के लिए बड़ी योजना चलाने के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड इन्वेस्टमेंट कर रही है। आप खुद देख रहे हैं, देश में कितनी तेजी से रोड, रेल, एयरपोर्ट का विस्तार हो रहा है। इस वर्ष के बजट में इसके लिए 11 लाख करोड़ रुपए रखे गए हैं। जबकि 10 वर्ष पहले इंफ्रास्ट्रक्चर पर 2 लाख करोड़ रुपए से भी कम खर्च किया जाता था। जहां भी विकास के प्रोजेक्ट चलते हैं, वहां रोजगार की नई संभावनाएं जन्म लेती हैं। इससे हर व्यक्ति की कमाई बढ़ती है।

साथियों,

हमारी सरकार, गोवा में कनेक्टिविटी बेहतर करने के साथ ही इसे लॉजिस्टिक हब बनाने के लिए भी काम कर रही है। हमने जो गोवा में मनोहर इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाया है, उससे लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें जुड़ रही हैं। पिछले साल देश के दूसरे सबसे लंबे केबल ब्रिज- न्यू जुआरी ब्रिज का लोकार्पण किया गया है। गोवा में इंफ्रास्ट्रक्चर का तेज विकास, नई सड़कें, नए पुल, नए रेलवे रूट, नए शिक्षा संस्थान, सभी कुछ यहां के विकास को नई गति देने वाले हैं।

साथियों,

भारत हमेशा से नेचर, कल्चर और हैरिटेज की दृष्टि से समृद्ध रहा है। दुनिया में लोग अलग-अलग तरह के टूरिज्म के लिए अलग-अलग देशों में जाते हैं। भारत में हर प्रकार का टूरिज्म, एक ही देश में, एक ही वीज़ा पर उपलब्ध है। लेकिन 2014 से पहले जो सरकार देश में थी, उसने इन सभी पर इतना ध्यान नहीं दिया। पहले की सरकारों में पर्यटक स्थलों के विकास के लिए, हमारे समुद्री किनारों के विकास के लिए, द्वीपों के विकास के लिए कोई विजन नहीं था। अच्छी सड़कों, अच्छी ट्रेनों और एयरपोर्ट की कमी के कारण अनेक पर्यटक स्थल गुमनाम रहे। बीते 10 वर्षों में ये सारी कमियां हमने दूर करने का प्रयास किया है। गोवा की डबल इंजन सरकार भी, यहां पर्यटन की संभावनाओं को विस्तार दे रही है। हमारा प्रयास है कि गोवा के अंदरूनी इलाकों में इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिले। इसका फायदा सीधे उन इलाकों में रहने वाले लोगों को होगा। जब गोवा के गांवों में पर्यटक पहुचेंगे तो वहां रोजगार के ज्यादा अवसर तैयार होंगे। पणजी से रीस मगोस को जोड़ने वाला रोपवे बनने के बाद यहां पर्यटकों की संख्या और बढ़ेगी। इस प्रोजेक्ट के साथ आधुनिक सुविधाएं भी डवलप की जाएंगी। फूड कोर्ट, रेस्टोरेंट, वेटिंग रूम समेत कई तरह की सुविधाएं होने से ये गोवा में आकर्षण का नया केंद्र बन जाएगा।

साथियों,

हमारी सरकार अब गोवा को एक नए प्रकार के टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में भी विकसित कर रही है। ये है कॉन्फ्रेंस टूरिज्म। आज सुबह ही मैं इंडिया एनर्जी वीक के इवेंट में था। गोवा में G-20 की भी कई महत्वपूर्ण बैठकें हुई हैं। गोवा ने बीते सालों में बड़ी-बड़ी डिप्लोमैटिक मीटिंग्स को भी होस्ट किया है। वर्ल्ड टेबल टेनिस चैंपियनशिप, वर्ल्ड बीच वॉलीबॉल टूर, फीफा अंडर-सेवेन्टीन वुमन फुटबॉल वर्ल्ड कप...सैंतीस-वें नेशनल गेम्स...इन सभी का आयोजन भी गोवा में ही हुआ है। ऐसे हर इवेंट से पूरी दुनिया में गोवा का नाम और गोवा की पहचान पहुंच रही है। आने वाले सालों में डबल इंजन सरकार गोवा को ऐसे आयोजनों का बड़ा सेंटर बनाने जा रही है। और आप भी जानते हैं, ऐसे हर आयोजन से गोवा के लोगों को रोजगार मिलता है, यहां के लोगों की आमदनी बढ़ती है।

साथियों,

गोवा में नेशनल गेम्स के लिए जो आधुनिक स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर यहां विकसित किया गया है, वो भी यहां के स्पोर्ट्स-पर्सन्स और एथलीट्स को बहुत मदद करेगा। मुझे बताया गया है कि जब गोवा में विकसित भारत संकल्प यात्रा चल रही थी, तो उस दौरान नेशनल गेम्स में हिस्सा लेने वाले गोवा के खिलाड़ियों का सम्मान भी किया गया था। मैं गोवा के ऐसे हर युवा खिलाड़ी को फिर से बधाई देता हूं।

और साथियों,

जब खेलों की इतनी बात हो रही है तो गोवा के फुटबॉल को कौन भूल सकता है? आज भी गोवा के फुटबॉल खिलाडी, यहां के फुटबॉल क्लब, देश और दुनिया में अपनी पहचान रखते हैं। फुटबॉल जैसे खेल में अमूल्य योगदान के लिए गोवा के ही ब्रह्मानंद संखावकर जी को हमारी सरकार ने 2 साल पहले पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया था। आज हमारी सरकार खेलो इंडिया के माध्यम से यहां फुटबॉल सहित अनेक खेलों को आगे बढ़ा रही है।

साथियों,

स्पोर्ट्स और टूरिज्म के अलावा पिछले कुछ वर्षों से गोवा की एक और पहचान देशभर में बनी है। हमारी सरकार गोवा को एक बड़े एजुकेशनल हब के रूप में प्रमोट कर रही है। यहां के कई संस्थान देशभर के स्टूडेंट्स के लिए ड्रीम इंस्टीट्यूट बन गए हैं। आज जो नए संस्थान शुरू हुए हैं, वो भी गोवा के युवाओं को देश में बन रहे नए अवसरों के लिए तैयार करेंगे। युवाओं के लिए भी हमारी सरकार ने बजट में एक महत्वपूर्ण एलान किया है। रिसर्च और इनोवेशन पर 1 लाख करोड़ रुपए का फंड बनाया जाएगा। इससे टेक्नॉलॉजी के क्षेत्र में इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। और इसका फायदा इंडस्ट्री को होगा, हमारे युवाओं को होगा।

भाइयों और बहनों,

गोवा के तेज़ विकास के लिए सबका प्रयास ज़रूरी है। मुझे गोवा के सभी परिवारजनों पर पूरा भरोसा है। मुझे विश्वास है कि मोदी की गारंटी से गोवा के हर परिवार का जीवन बेहतर होगा। फिर एक बार आप सभी को इन विकास कार्यों की बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
PMAY-U Nears 1.25 Crore Homes: Top 10 States With The Highest PMAY-U Completion Rates

Media Coverage

PMAY-U Nears 1.25 Crore Homes: Top 10 States With The Highest PMAY-U Completion Rates
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
पीएम मोदी ने 52वीं PRAGATI मीटिंग की अध्यक्षता की
June 24, 2026
प्रधानमंत्री ने सड़क, बिजली, औद्योगिक कॉरिडोर और मेट्रो रेल क्षेत्रों से जुड़ी लगभग 30,000 करोड़ रुपये लागत वाले चार प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की, जो चार राज्यों में फैली हुई हैं
प्रधानमंत्री ने कुशल योजना निर्माण के लिए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उपयोग तथा पोर्टल पर परियोजनाओं, उपयोगिताओं और अवसंरचना संबंधी आंकड़ों को समय पर अपडेट करने पर जोर दिया
प्रधानमंत्री ने मंत्रालयों और राज्य सरकारों से लंबित मुद्दों का मिशन मोड में समाधान करने और उनकी कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा
प्रधानमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित नवीनतम डिजिटल प्रौद्योगिकियों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने साइबर अपराध और डिजिटल गिरफ्तारी से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की तथा समयबद्ध कार्रवाई, समन्वित प्रतिक्रिया और ई-जीरो एफआईआर पंजीकरण व्यवस्था पर जोर दिया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सेवा तीर्थ में 'प्रगति' की 52वीं बैठक की अध्यक्षता की। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) आधारित यह बहु-माध्यम मंच केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों को निर्बाध रूप से एकीकृत कर सक्रिय शासन और समयबद्ध क्रियान्वयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने सड़क, बिजली, औद्योगिक कॉरीडोर और मेट्रो रेल क्षेत्रों से संबंधित चार महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की। लगभग 30,000 करोड़ रुपये लागत वाली ये परियोजनाएं चार राज्यों में फैली हुई हैं। आर्थिक विकास, क्षेत्रीय संपर्क, औद्योगिक प्रगति और जनकल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण इन परियोजनाओं की समीक्षा समयसीमा, विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल, समस्याओं के समाधान और समय पर पूरा होने पर विशेष ध्यान देते हुए की गई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं में देरी न केवल लागत बढ़ाती है, बल्कि लोगों और उद्योगों को समय पर मिलने वाले लाभों से भी वंचित कर देती है। उन्होंने संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों को लंबित मुद्दों का मिशन मोड में समाधान करने तथा उच्चतम स्तर पर उनकी सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रभावी योजना और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने परियोजनाओं के विवरण, उपयोगिताओं, अवसंरचना परतों, स्वीकृतियों और अन्य क्षेत्रीय सूचनाओं को पोर्टल पर नियमित एवं समय पर अपडेट करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मंच पर जमीनी स्तर की नवीनतम स्थिति दिखाई देनी चाहिए ताकि रूकावटों के बारे में पहले से पता चल सके और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर हो तथा विश्वसनीय एवं वास्तविक समय के आंकड़ों के आधार पर निर्णय लिए जा सकें।

प्रधानमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित नवीनतम डिजिटल तकनीकों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जागरूकता, रोगियों के फॉलो-अप और सामुदायिक सहभागिता के लिए एनसीसी कैडेटों और ‘माय भारत’ स्वयंसेवकों की एक टीम गठित करने का सुझाव दिया।

प्रधानमंत्री ने साइबर अपराध और डिजिटल गिरफ्तारी से संबंधित शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने नागरिकों को ठगने के लिए डिजिटल मंचों के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की और कहा कि ऐसे मामलों का सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा समन्वित, संवेदनशील और समयबद्ध तरीके से निपटारा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी समस्या के समाधान के लिए एक विभाग या एजेंसी से दूसरी एजेंसी के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट जवाबदेही, त्वरित प्रतिक्रिया, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों और डिजिटल मंचों के बीच बेहतर समन्वय तथा जन-जागरूकता अभियानों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में वित्तीय नुकसान को रोकने और लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए समय पर कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी हितधारकों से रोकथाम, रिपोर्टिंग, जांच और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने के लिए मिलकर कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों को साइबर धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित पंजीकरण और प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था लागू करने की दिशा में कार्य करना चाहिए।