देश भर के 15 हवाई अड्डों के नए टर्मिनल भवनों का उद्घाटन और शिलान्यास किया
लखनऊ और रांची में लाइट हाउस प्रोजेक्ट्स (एलएचपी) का उद्घाटन किया; प्रधानमंत्री ने जनवरी 2021 में इनकी आधारशिला रखी थी
उत्तर प्रदेश में 19,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं से रेल और सड़क क्षेत्र की आधारभूत अवसंरचना को सुदृढ़ बनाया जाएगा
उत्तर प्रदेश मेंप्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई)के तहत 3700 करोड़ रुपये से अधिक की लगभग 744 ग्रामीण सड़क परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं
‘‘हमारी सरकार पूर्वी उत्तर प्रदेश और देश के परिवारों के जीवन को सुगम बनाने के लिए दिन-रात कार्य कर रही है’’
‘‘पिछड़े इलाकों में गिना जाने वाला आजमगढ़ आज विकास की नई गाथा लिख रहा है’’
‘‘जिस तरह हमारी सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को महानगरों से आगे छोटे शहरों और गांवों तक ले गई... उसी तरह हम आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का काम भी छोटे शहरों तक ले जा रहे हैं’’
‘‘उत्तर प्रदेश राजनीति के साथ-साथ देश के विकास की दिशा भी निर्धारित करता है’’
‘‘डबल इंजन सरकार से उत्तर प्रदेश की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल गई है, आज उत्तर प्रदेश केंद्रीय योजनाओं को लागू करने में सबसे सर्वोत्तम प्रदर्शन करने वाले राज्यों में से एक है’’

भारत माता की जय,
भारत माता की जय,

मंच पर उपस्थित, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्रीमान योगी आदित्यनाथ जी, उप मुख्यमंत्री श्रीमान केशव प्रसाद मौर्या, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और विधान परिषद के सदस्य श्रीमान भूपेंद्र चौधरी जी, उत्तर प्रदेश के सभी आदरणीय मंत्रिगण, सांसदगण, अन्य महानुभाव, और आजमगढ़ के मेरे प्यारे भाइयों और बहनों,

आज आजमगढ़ का सितारा चमक रहा है। एक जमाना था, जब दिल्ली से कोई कार्यक्रम हो और देश के अन्य राज्य उसके साथ जुड़ते थे। आज आजमगढ़ में कार्यक्रम हो रहा है और देश के अलग-अलग कोने से हजारों लोग हमारे साथ जुड़े हुए हैं। जो हजारों लोग जुड़े हैं, मैं उन सबका भी स्वागत करता हूं, अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज केवल आजमगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश के विकास के लिए कई विकास परियोजनाओं का यहां से शुभारंभ हो रहा है। जिस आजमगढ़ को देश के पिछड़े इलाकों में गिनते थे, आज वही देश के लिए विकास का नया अध्याय लिख रहा है। आज आजमगढ़ से कई राज्यों में करीब 34 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स, उसका लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। आजमगढ़ के साथ-साथ श्रावस्ती, मुरादाबाद, चित्रकूट, अलीगढ़, जबलपुर, ग्वालियर, लखनऊ, पुणे, कोल्हापुर, दिल्ली और आदमपुर, इतने सारे एयरपोर्ट्स पर नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन हुआ है। और इन टर्मिनल्स के लिए कितनी तेजी से काम हुआ है, इसका एक उदाहरण ग्वालियर का विजया राजे सिंधिया एयरपोर्ट भी है। ये एयरपोर्ट सिर्फ 16 महीने की अवधि में बनकर तैयार हो गया है। आज कड़प्पा, बेलागावी और हुबली, ये तीन हवाई अड्डों पर नए टर्मिनल भवनों का शिलान्यास भी किया गया है। ये सारे प्रयास, देश के सामान्य मानवी के लिए हवाई जहाज की यात्रा को औऱ ज्यादा सहज और सुलभ बनाएंगे।

लेकिन साथियों,

आप देखिए पिछले कई दिनों से मेरे समय की मर्यादा के कारण मैं एक ही स्थान पर से देश के अनेकों प्रोजेक्टस का लोकार्पण कर रहा हूं। और जब लोग सुनते हैं कि देश में एक साथ इतने एयरपोर्टस, एक साथ इतने रेलवे स्टेशन, एक साथ इतने हवाई अड्डे, एक साथ इतने IIM, एक साथ इतने AIIMS, लोग अचरज हो जा रहे हैं। और कभी कभी पुरानी जो सोच रहती थी ना तो इसको भी उसी चौखट में बिठाते हैं। और क्या कहते हैं? अरे भई ये तो सब चुनाव का मौसम है ना। अरे मेहरबान, चुनाव के मौसम में पहले क्या हुआ करता था? पहले की सरकारों में बैठे हुए लोग जनता की आंख में धूल झोंकने के लिए घोषणाएं कर देते थे। कभी-कभी तो इनकी हिम्मत इतनी होती थी कि पार्लियामेंट में भी रेलवे की नई-नई योजनाएं घोषित कर देते थे। बाद में कोई पूछने वाला नहीं, और जब मैं analysis करता था तो 30-30, 35-35 साल पहले घोषणा हुई, कभी चुनाव के पहले पत्थर गाड़ देते थे आकर के। फिर खो जाते थे, पत्थर भी खो जाते थे, नेता भी खो जाते थे। यानि सिर्फ घोषणाएं होना और मुझे याद है जब 2019 के वर्ष में, मैं कोई भी योजना घोषित करता था या शिलान्यास करता था, तो पहला हेडलाइन यही बनता था कि देखो भई ये तो चुनाव है इसलिए हो रहा है। आज देश देख रहा है, मोदी दूसरी मिट्टी का इंसान है। 2019 में भी जो हमने शिलान्यास किए वो चुनाव के लिए नहीं किए थे। आज उसको धरातल पर उतरते हुए देख सकते हैं, उदघाटन कर चुके हैं और आज 2024 में भी कोई मेहरबानी करके इसको चुनाव के चश्मे से न देखे। ये विकास की मेरी अनंत यात्रा का अभियान है और मैं 2047 तक देश को विकसित भारत बनाने के संकल्प के लिए तेज गति से दौड़ रहा हूं, तेज गति से देश को दौड़ा रहा हूं दोस्तों। आजमगढ़ का इतना प्यार, इतना स्नेह देश भर के लोग आज जुड़े हुए देख रहे हैं, आपका ये उत्साह देख रहे हैं और मैं देख रहा हूं पीछे जितने लोग अंदर पंडाल में हैं उससे ज्यादा धूप में तप रहे हैं भईया, ये प्यार अद्भुत है।

साथियों,

एयरपोर्ट, हाइवे और रेलवे से जुड़े इनफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ पढ़ाई, पानी और पर्यावरण से जुड़े विकास कार्यों को भी यहाँ नई गति मिली है। इन विकास परियोजनाओं के लिए मैं उत्तर प्रदेश और देश के सभी राज्यों की जनता को बधाई देता हूं। मैं विशेष रूप से, आज़मगढ़ के लोगों का आभार व्यक्त करता हूं वो इतनी बड़ी संख्या में हमें आशीर्वाद देने आए हैं। और आजमगढ़ के मेरे भाई-बहन मोदी की एक और गारंटी सुन लीजिए बताऊं? आजमगढ़ के प्यारे भाई-बहन, मैं आपको एक और गारंटी देता हूं, सुनाऊ? आप बताएं तो बताऊं? बताऊं? देखिए ये कल का आजमगढ़ अब वो गढ़ है, ये आजन्मगढ़ है, ये आजन्मगढ़ विकास का गढ़ रहेगा, आजन्म रहेगा, अनंत काल तक ये विकास का गढ़ बना रहेगा, ये मोदी की गारंटी है दोस्तों।

साथियों,

आज आजमगढ़ में एक नया इतिहास लिखा जा रहा है। इहां से लेकर विदेश तक, जे भी आजमगढ़ क रहे वाला हौ, सबके आज बहुत खुशी मिलत होई। इ पहली बार नाही हौ, एकरे पहिले जब हम पूर्वांचल एक्सप्रेसवे क उद्घाटन कइनीत आजमगढ़ क सब आदमी कहत रहे कि अब लखनऊ में जहाज से उतर के हमन इहां ढाई घंटा में आ जाब। अब त आजमगढ़ में आपन जहाज उतरे क ठिकाना हो गईल। एकरे अलावा मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी बने के कारण पढ़ाई और दवाई के इंतजाम के लिए भी बनारस जाए क जरूरत कम पड़ी।

साथियों,

आपका ये प्यार और आजमगढ़ का ये विकास, जातिवाद, परिवारवाद और वोटबैंक के भरोसे बैठे इंडी गठबंधन की नींद उड़ा रहा है। पूर्वांचल ने दशकों तक जातिवाद और तुष्टीकरण की राजनीति देखी है। और पिछले 10 वर्षों में ये क्षेत्र विकास की राजनीति भी देख रहा है और 7 साल से योगी जी के नेतृत्व में उसे और गति मिली है। यहाँ के लोगों ने माफियाराज और कट्टरपंथ के खतरों को भी देखा है, और अब यहाँ की जनता कानून का राज भी देख रही है। आज यूपी में अलीगढ़, मुरादाबाद, चित्रकूट और श्रावस्ती में जैसे जिन शहरों को नए एयरपोर्ट टर्मिनल्स मिले हैं, उन्हें कभी यूपी का छोटा और पिछड़ा शहर कहा जाता था। उनको कोई पूछने वाला नहीं था। अब यहाँ भी हवाई सेवाएँ शुरू हो रही हैं, क्योंकि इन शहरों में तेजी से विकास हो रहा है, यहां औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार हो रहा है। जिस तरह हमारी सरकार जन कल्याण की योजनाओं को मेट्रो शहरों से आगे बढ़ाकर छोटे शहरों और गांव-देहात तक ले गई...वैसे ही आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के काम को भी हम छोटे-छोटे शहरों तक ले जा रहे हैं। छोटे शहर भी अच्छे एयरपोर्ट, अच्छे हाईवेज के उतने ही हकदार हैं जितने ही बड़े मेट्रो शहर हैं। और भारत में जो तेजी से urbanisation हो रहा है उसका जो प्लानिंग 30 साल पहले होना चाहिए था, वो नहीं हुआ, हम उसी को ध्यान में रखते हुए आज Tier-2, Tier-3 cities उनकी ताकत बढ़ा रहे हैं ताकि urbanisation रूके नहीं और urbanisation एक अवसर बन जाए, उस दिशा में हम काम कर रहे हैं। सबका साथ-सबका विकास का यही विजन डबल इंजन की सरकार का मूल मंत्र है।

साथियों,

आज आजमगढ़, मऊ और बलिया को कई रेलवे प्रोजेक्ट्स की सौगात मिली है। इसके अलावा आजमगढ़ रेलवे स्टेशन का भी विकास किया जा रहा है। सीतापुर, शाहजहांपुर, गाजीपुर, प्रयागराज, आजमगढ़ और कई दूसरे जिलों से जुड़ी रेल परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी हुआ है। प्रयागराज-रायबरेली, प्रयागराज-चकेरी और शामली-पानीपत समेत कई हाइवेज का लोकार्पण शिलान्यास भी अभी-अभी मैंने किया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 5 हजार किलोमीटर से ज्यादा सड़कों का लोकार्पण हुआ है। ये बढ़ती हुई कनेक्टिविटी पूर्वांचल के किसानों के लिए, यहां के नौजवानों और उद्यमियों के लिए एक सुनहरा भविष्य लिखने जा रही है।

साथियों,

हमारी सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिले। आज पहले की तुलना में कई गुना बढ़ी हुई MSP दी जा रही है। गन्ना किसानो के लिए भी इस साल लाभकारी मूल्य में 8 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। अब गन्ने का लाभकारी मूल्य 315 रुपये से बढ़कर 340 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है। आजमगढ़ तो गन्ना बेल्ट में गिना जाता है। आप लोगों को याद है ना कि कैसे इसी उत्तर प्रदेश में जो सरकार चलाते थे न, वो गन्ना किसानों को कैसे तरसाते थे, कैसे रूलाते थे। उनका पैसा ही तरसा-तरसा कर दिया जाता था, और कभी-कभी तो मिलता भी नहीं था। ये भाजपा की सरकार है जिसने गन्ना किसानों का हजारों करोड़ का बकाया खत्म कराया है। आज गन्ना किसानों को सही समय पर गन्ने का मूल्य मिल रहा है। गन्ना किसानों की मदद के लिए सरकार ने और भी नए क्षेत्रों पर बल दिया है। पेट्रोल में मिलाने के लिए गन्ने से इथेनॉल बनाया जा रहा है। खेत में जो पराली है उससे बायो गैस बन रही है। इसी यूपी ने चीनी मिलों को कौड़ियों के दाम बिकते और बंद होते देखा है। अब चीनी मिलें भी शुरू हो रही हैं और गन्ना किसानों का भाग्य भी बदल रहा है। केंद्र सरकार जो पीएम किसान सम्मान निधि दे रही है, उसका लाभ भी यहां के किसानों को मिला है। अकेले आज़मगढ़ के ही करीब 8 लाख किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के 2 हजार करोड़ रुपए मिले हैं।

साथियों,

इतने बड़े स्तर पर विकास की इतनी तेज रफ्तार तभी मुमकिन होती है जब सरकार सही नियत और ईमानदारी से काम करती है। भ्रष्टाचार में डूबी परिवारवादी सरकारों में इतने बड़े पैमाने पर विकास कार्य असंभव था। पिछली सरकारों में आजमगढ़ और पूर्वांचल ने पिछड़ेपन की तकलीफ ही नहीं उठाई बल्कि उस दौर में यहाँ की छवि खराब करने में भी कोई कमी नहीं छोड़ी गई। और योगी जी ने अभी बहुत बढ़िया वर्णन किया है, इसे मैं repeat नहीं कर रहा हूं। जिस तरह पहले की सरकारों में यहां आतंक को, बाहुबल को संरक्षण दिया गया, वो पूरे देश ने देखा है। इस परिस्थिति को बदलने के लिए, यहां के युवाओं को नए अवसर देने के लिए भी डबल इंजन की सरकार लगातार काम कर रही है। हमारी सरकार में यहाँ युवाओं के लिए महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय की नींव रखी गई, उसका शुभारंभ भी किया गया। आजमगढ़ मंडल के हमारे युवाओं को लंबे समय से शिक्षा के लिए बनारस, गोरखपुर या

प्रयागराज जाना पड़ता था। बच्चों को दूसरे शहर पढ़ने के लिए भेजने पर मां-बाप पर जो आर्थिक बोझ पड़ता है, वो भी मैं समझता हूं। अब आजमगढ़ का ये विश्वविद्यालय हमारे युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के रास्ते को आसान करेगा। आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर और इसके आसपास के कई जिलों के बच्चे इस यूनिवर्सिटी से शिक्षा ग्रहण करने आ सकेंगे। आप लोग बताईं, इ यूनिवर्सिटी बन जाए से आजमगढ़, मऊ वालन के फायदा होई के ना? होई के ना?

साथियों,

उत्तर प्रदेश देश की राजनीति भी तय करता है, और उत्तर प्रदेश देश का विकास की दिशा भी तय कर रहा है। यूपी में जब से डबल इंजन सरकार आई है, यूपी की तस्वीर और तकदीर दोनों बदले हैं। आज उत्तर प्रदेश केंद्रीय योजनाओं को लागू करने में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों में है। इसलिए मैं नहीं कह रहा हूं कि मैं उत्तर प्रदेश का सांसद हूं, आंकड़ें बोल रहे हैं, हकीकत बता रही हैं कि आज उत्तर प्रदेश अग्रिम पंक्ति में आकर खड़ हो गया है। बीते वर्षों में डबल इंजन की सरकार ने उत्तर प्रदेश में लाखों करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए हैं। इससे ना सिर्फ यूपी का इंफ्रास्ट्रक्चर बदला है, बल्कि युवाओं के लिए लाखों नए अवसर बने हैं। आज यूपी की पहचान रिकॉर्ड मात्रा में आ रहे निवेश से हो रही है। आज यूपी की पहचान ग्राउंड ब्रेकिंग सेरिमनीज़ से हो रही है। आज यूपी की पहचान एक्सप्रेसवे के नेटवर्क और हाइवेज से हो रही है। यूपी की चर्चा अब बेहतर कानून व्यवस्था को लेकर हो जाती है। अयोध्या में भव्य राममंदिर का जो सदियों पुराना इंतज़ार था, वो भी पूरा हो गया है। अयोध्या, बनारस, मथुरा और कुशीनगर के विकास के इससे यूपी में पर्यटन बहुत तेजी से बढ़ा है, उसका लाभ पूरे राज्य को मिल रहा है। और यही गारंटी 10 साल पहले मोदी ने दी थी। आज आपके आशीर्वाद से वो गारंटी पूरी हो रही है।

साथियों,

उत्तर प्रदेश जैसे-जैसे विकास की बुलंदियों को छू रहा है, तुष्टिकरण का जहर भी कमजोर पड़ रहा है। पिछले चुनाव में आजमगढ़ की जनता ने भी दिखा दिया की, परिवार के लोग जहां अपना गढ़ समझते थे, वो दिनेश जैसा एक नौजवान उसे ढहा देता है। इसीलिए, परिवारवादी लोग इतने बौखलाए हुए हैं आए दिन मोदी को लगातार गाली दे रहे हैं। ये लोग कह रहे हैं कि मोदी का अपना परिवार नहीं है। ये लोग भूल जाते हैं कि मोदी का परिवार देश की 140 करोड़ की जनता, ये मोदी का परिवार है। और इसलिए आज हिन्दुस्तान के हर कोने से आवाज हो रही है, हर कोई कह रहा है- मैं हूँ मोदी का परिवार! मैं हूँ मोदी का परिवार! मैं हूँ मोदी का परिवार! मैं हूँ मोदी का परिवार! इस बार भी यूपी की पूरी सफाई में आजमगढ़ को पीछे नहीं रहना है। और मैं ये जानता हूं, मैं यह अच्छी तरह जानता हूं, कि आजमगढ़ जौन चाह जाला, उ कर लेवला। इसलिए मैं इस धरती से यह आह्वान करता हूं, जो देश कह रहा है, जो उत्तर प्रदेश कह रहा है, जो आजमगढ़ कह रहा है। उसी का मैं आह्वान करता हूं।अबकी बार.....400 पार। अबकी बार.....400 पार। अबकी बार.....400 पार। अबकी बार.....400 पार। अबकी बार आज के विकास कार्यों के लिए सभी क्षेत्रों के लोगों को मेरी ढेर सारी शुभकामनाएं। इतने सारे विकास कार्य आजमगढ़ के इतिहास की पहली घटना है। ये विकास का उत्सव है। मैं आप लोगों से एक आग्रह करता हूं, मेरी बात मानोगे, सब लोग जरा पूरी आवाज से बताईये तो मैं बताऊं। मेरी बात मानोगे? करोगे? अच्छा ऐसा करते हैं, पहले अपना मोबाइल फोन बाहर निकालिये, मोबाइल फोन बाहर निकालकर के उसकी फ्लैश लाईट चालू कीजिए, सब के सब अपने मोबाइल फोन की फ्लैश लाईट चालू करें , इधर मंच वाले भी करें अगर मोबाइल फोन रखते हैं तो, सब के सब अपने मोबाइल फोन की फ्लैश लाईट चालू कीजिए। देखिए ये विकास का उत्सव है, ये है विकास का उत्सव, ये है विकसित भारत का संकल्प, ये है विकसित आजमगढ़ के विकास का संकल्प। मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की – जय,

भारत माता की – जय,

भारत माता की – जय,

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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पीएम मोदी का 'प्रभात खबर' के साथ इंटरव्यू
May 19, 2024

प्रश्न- भाजपा का नारा है-‘अबकी बार 400 पार’, चार चरणों का चुनाव हो चुका है, अब आप भाजपा को कहां पाते हैं?

उत्तर- चार चरणों के चुनाव में भाजपा और एनडीए की सरकार को लेकर लोगों ने जो उत्साह दिखाया है, उसके आधार पर मैं कह सकता हूं कि हम 270 सीटें जीत चुके हैं. अब बाकी के तीन चरणों में हम 400 का आंकड़ा पार करने वाले हैं. 400 पार का नारा, भारत के 140 करोड़ लोगों की भावना है, जो इस रूप में व्यक्त हो रही है. दशकों तक जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 को देश ने सहन किया. लोगों के मन में यह स्वाभाविक प्रश्न था कि एक देश में दो विधान कैसे चल सकता है. जब हमें अवसर मिला, हमने आर्टिकल 370 को खत्म कर जम्मू-कश्मीर में भारत का संविधान लागू किया. इससे देश में एक अभूतपूर्व उत्साह का प्रवाह हुआ. लोगों ने तय किया कि जिस पार्टी ने आर्टिकल 370 को खत्म किया, उसे 370 सीटें देंगे. इस तरह भाजपा को 370 सीट और एनडीए को 400 सीट देने का लोगों का इरादा पक्का हुआ. मैं पूरे देश में जा रहा हूं. उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम मैंने लोगों में 400 पार नारे को सच कर दिखाने की प्रतिबद्धता देखी है. मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूं कि इस बार जनता 400 से ज्यादा सीटों पर हमारी जीत सुनिश्चित करेगी.

प्रश्न- लोग कहते हैं कि हम मोदी को वोट कर रहे हैं, प्रत्याशी के नाम पर नहीं. लोगों का इतना भरोसा है, इस भरोसे को कैसे पूरा करेंगे?

उत्तर- देश की जनता का यह विश्वास मेरी पूंजी है. यह विश्वास मुझे शक्ति देता है. यही शक्ति मुझे दिन रात काम करने को प्रेरित करती है. मेरी सरकार लगातार एक ही मंत्र पर काम कर रही है, वंचितों को वरीयता. जिन्हें किसी ने नहीं पूछा, मोदी उनको पूजता है. इसी भाव से मैं अपने आदिवासी भाई-बहनों, दलित, पिछड़े, गरीब, युवा, महिला, किसान सभी की सेवा कर रहा हूं. जनता का भरोसा मेरे लिए एक ड्राइविंग फोर्स की तरह काम करता है.

देखिए, जो संसदीय व्यवस्था है, उसमें पीएम पद का एक चेहरा होता है, लेकिन जनता सरकार बनाने के लिए एमपी को चुनती है. इस चुनाव में चाहे भाजपा का पीएम उम्मीदवार हो या एमपी उम्मीदवार, दोनों एक ही संदेश लेकर जनता के पास जा रहे हैं. विकसित भारत का संदेश. पीएम उम्मीदवार नेशनल विजन की गारंटी है, तो हमारा एमपी उम्मीदवार स्थानीय आकांक्षाओं को पूरा करने की गारंटी है.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक टीम की तरह काम करती है और इस टीम के लिए उम्मीदवारों के चयन में हमने बहुत ऊर्जा और समय खर्च किया है. हमने उम्मीदवारों के चयन का तरीका बदल दिया है. हमने किसी सीट पर उम्मीदवार के चयन में कोई समझौता नहीं किया, न ही किसी तरह के दबाव को महत्व दिया. जिसमें योग्यता है, जिसमें जनता की उम्मीदों को पूरा करने का जज्बा है, उसका चयन किया गया है. हमें मिल कर हर सीट पर कमल खिलाना है. भाजपा और एनडीए की यह टीम 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हमेशा समर्पित रहेगी.

प्रश्न- आपने 370 को हटाया, राम मंदिर बनवा दिया. अब तीसरी बार आपकी सरकार अगर लौटती है, तो कौन से वे बड़े काम हैं, जिन्हें आप पहले पूरा करना चाहेंगे?

उत्तर- जब आप चुनाव जीत कर आते हैं, तो आपके साथ जनता-जनार्दन का आशीर्वाद होता है. देश के करोड़ों लोगों की ऊर्जा होती है. जनता में उत्साह होता है. इससे आपके काम करने की गति स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है. 2024 के चुनाव में जिस तरीके से भाजपा को समर्थन मिल रहा है, ऐसे में ज्यादातर लोगों के मन में यह सवाल आ रहा है कि तीसरी बार सरकार में आने के बाद क्या बड़े काम होने वाले हैं.

यह चर्चा इसलिए भी हो रही है, क्योंकि 2014 और 2019 में चुनाव जीतने के बाद ही सरकार एक्शन मोड में आ गयी थी. 2019 में हमने पहले 100 दिन में ही आर्टिकल 370 और तीन तलाक से जुड़े फैसले लिये थे. बैंकों के विलय जैसा महत्वपूर्ण फैसला भी सरकार बनने के कुछ ही समय बाद ले लिया गया था. हालांकि इन फैसलों के लिए आधार बहुत पहले से तैयार कर लिया गया था.

इस बार भी हमारे पास अगले 100 दिनों का एक्शन प्लान है, अगले पांच वर्षों का रोडमैप है और अगले 25 वर्षों का विजन है. मुझे देशभर के युवाओं ने बहुत अच्छे सुझाव भेजे हैं. युवाओं के उत्साह को ध्यान में रखते हुए हमने 100 दिनों के एक्शन प्लान में 25 दिन और जोड़ दिये हैं. 125 में से 25 दिन भारत के युवाओं से जुड़े निर्णय के होंगे. हम आज जो भी कदम उठा रहे हैं, उसमें इस बात का ध्यान रख रहे हैं कि इससे विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करने में कैसे मदद मिल सकती है.

प्रश्न- दक्षिण पर आपने काफी ध्यान दिया है. लोकप्रियता भी बढ़ी है. वोट प्रतिशत भी बढ़ेगा, लेकिन क्या सीट जीतने लायक स्थिति साउथ में बनी है?

उत्तर- देखिए, दक्षिण भारत में बीजेपी अब भी सबसे बड़ी पार्टी है. पुद्दुचेरी में हमारी सरकार है. कर्नाटक में हम सरकार में रह चुके हैं. 2024 के चुनाव में मैंने दक्षिण के कई जिलों में रैलियां और रोड शो किये हैं. मैंने लोगों की आंखों में बीजेपी के लिए जो स्नेह और विश्वास देखा है, वह अभूतपूर्व है. इस बार दक्षिण भारत के नतीजे चौंकाने वाले होंगे.

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में हम सबसे ज्यादा सीटें जीतेंगे. लोगों ने आंध्र विधानसभा में एनडीए की सरकार बनाने के लिए वोट किया है. कर्नाटक में भाजपा एक बार फिर सभी सीटों पर जीत हासिल करेगी. मैं आपको पूरे विश्वास से कह रहा हूं कि तमिलनाडु में इस बार के परिणाम बहुत ही अप्रत्याशित होंगे और भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में होंगे.

प्रश्न- ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भाजपा को बहुत उम्मीदें हैं. भाजपा कितनी सीटें जीतने की उम्मीद करती है?

उत्तर- मैं ओडिशा और पश्चिम बंगाल में जहां भी जा रहा हूं, मुझे दो बातें हर जगह देखने को मिल रही हैं. एक तो भाजपा पर लोगों का भरोसा और दूसरा दोनों ही राज्यों में वहां की सरकार से भारी नाराजगी. लोगों की आकांक्षाओं को मार कर राज करने को सरकार चलाना नहीं कह सकते. ओडिशा और पश्चिम बंगाल में लोगों की आकांक्षाओं, भविष्य और सम्मान को कुचला गया है. पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार भ्रष्टाचार, गुंडागर्दी का दूसरा नाम बन गयी है. लोग देख रहे हैं कि कैसे वहां की सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को ताक पर रख दिया है.

संदेशखाली की पीड़ितों की आवाज दबाने की कोशिश की गयी. लोगों को अपने त्योहार मनाने से रोका जा रहा है. टीएमसी सरकार लोगों तक केंद्र की योजनाओं का फायदा नहीं पहुंचने दे रही. इसका जवाब वहां के लोग अपने वोट से देंगे. पश्चिम बंगाल के लोग भाजपा को एक उम्मीद के तौर पर देख रहे हैं. बंगाल में इस बार हम बड़ी संख्या में सीटें हासिल करेंगे. मैं ओडिशा के लोगों से कहना चाहता हूं कि उनकी तकलीफें जल्द खत्म होने वाली हैं. चुनाव नतीजों में हम ना सिर्फ लोकसभा की ज्यादा सीटें जीतेंगे, बल्कि विधानसभा में भी भाजपा की सरकार बनेगी.

पहली बार ओडिशा के लोगों को डबल इंजन की सरकार के फायदे मिलेंगे. बीजेडी की सरकार हमारी जिन योजनाओं को ओडिशा में लागू नहीं होने दे रही, हमारी सरकार बनते ही उनका फायदा लोगों तक पहुंचने लगेगा. बीजेडी ने अपने कार्यकाल में सबसे ज्यादा नुकसान उड़िया संस्कृति और भाषा का किया है. मैंने ओडिशा को भरोसा दिया है कि राज्य का अगला सीएम भाजपा का होगा, और वह व्यक्ति होगा, जो ओडिशा की मिट्टी से निकला हो, जो ओडिशा की संस्कृति, परंपरा और उड़िया लोगों की भावनाओं को समझता हो.

ये मेरी गारंटी है कि 10 जून को ओडिशा का बेटा सीएम पद की शपथ लेगा. राज्य के लोग अब एक ऐसी सरकार चाहते हैं, जो उनकी उड़िया पहचान को विश्व पटल पर ले जाए, इसलिए उनका भरोसा सिर्फ भाजपा पर है.

प्रश्न- बिहार और झारखंड में पार्टी का प्रदर्शन कैसा रहेगा, आप क्या उम्मीद करते हैं?

उत्तर- मेरा विश्वास है कि इस बार बिहार और झारखंड में भाजपा को सभी सीटों पर जीत हासिल होगी. दोनों राज्यों के लोग एक बात स्पष्ट रूप से समझ गये हैं कि इंडी गठबंधन में शामिल पार्टियों को जब भी मौका मिलेगा, तो वे भ्रष्टाचार ही करेंगे. इंडी ब्लॉक में शामिल पार्टियां परिवारवाद से आगे निकल कर देश और राज्य के विकास के बारे में सोच ही नहीं सकतीं.

झारखंड में नेताओं और उनके संबंधियों के घर से नोटों के बंडल बाहर निकल रहे हैं. यह किसका पैसा है? ये गरीब के हक का पैसा है. ये पैसा किसी गरीब का अधिकार छीन कर इकट्ठा किया गया है. अगर वहां भ्रष्टाचार पर रोक रहती, तो यह पैसा कई लोगों तक पहुंचता. उस पैसे से हजारों-लाखों लोगों का जीवन बदल सकता था, लेकिन जनता का वोट लेकर ये नेता गरीबों का ही पैसा लूटने लगे. दूसरी तरफ जनता के सामने केंद्र की भाजपा सरकार है, जिस पर 10 साल में भ्रष्टाचार का एक भी दाग नहीं लगा.

आज झारखंड में जिहादी मानसिकता वाले घुसपैठिये झुंड बना कर हमला करते हैं और झारखंड सरकार उन्हें समर्थन देती है. इन घुसपैठियों ने राज्य में हमारी बहनों-बेटियों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है. वहीं अगर बिहार की बात करें, तो जो पुराने लोग हैं, उन्हें जंगलराज याद है. जो युवा हैं, उन्होंने इसका ट्रेलर कुछ दिन पहले देखा है.

आज राजद और इंडी गठबंधन बिहार में अपने नहीं, नीतीश जी के काम पर वोट मांग रहा है. इंडी गठबंधन के नेता तुष्टीकरण में इतने डूब चुके हैं एससी-एसटी-ओबीसी का पूरा का पूरा आरक्षण मुस्लिम समाज को देना चाहते हैं. जनता इस साजिश को समझ रही है. इसलिए, भाजपा को वोट देकर इसका जवाब देगी.

प्रश्न- संपत्ति का पुनर्वितरण इन दिनों बहस का मुद्दा बना हुआ है. इस पर आपकी क्या राय है?

उत्तर- शहजादे और उनके सलाहकारों को पता है कि वे सत्ता में नहीं आने वाले. इसीलिए ऐसी बात कर रहे हैं. यह माओवादी सोच है, जो सिर्फ अराजकता को जन्म देगी. इंडी गठबंधन की परेशानी यह है कि वे तुष्टीकरण से आगे कुछ भी सोच नहीं पा रहे. वे किसी तरह एक समुदाय का वोट पाना चाहते हैं, इसलिए अनाप-शनाप बातें कर रहे हैं. लूट-खसोट की यह सोच कभी भी भारत की संस्कृति का हिस्सा नहीं रही. वे एक्सरे कराने की बात कर रहे हैं, उनका प्लान है कि एक-एक घर में जाकर लोगों की बचत, उनकी जमीन, संपत्ति और गहनों का हिसाब लिया जायेगा. कोई भी इस तरह की व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेगा. पिछले 10 वर्षों में हमारा विकास मॉडल लोगों को अपने पैरों पर खड़ा करने का है. इसके लिए हम लोगों तक वे मूलभूत सुविधाएं पहुंचा रहे हैं, जो दशकों पहले उन्हें मिल जाना चाहिए था. हम रोजगार के नये अवसर तैयार कर रहे हैं, ताकि लोग सम्मान के साथ जी सकें.

प्रश्न- भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है. भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है. आम आदमी को इसका लाभ कैसे मिलेगा?

उत्तर- यह बहुत ही अच्छा सवाल है आपका. तीसरे कार्यकाल में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगी. जब मैं यह कहता हूं कि तो इसका मतलब सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है. दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था सम्मान के साथ देशवासियों के लिए समृद्धि भी लाने वाला है. दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का मतलब है बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी का विस्तार, ज्यादा निवेश और ज्यादा अवसर. आज सरकार की योजनाओं का लाभ जितने लोगों तक पहुंच रहा है, उसका दायरा और बढ़ जायेगा.

भाजपा ने तीसरे टर्म में आयुष्मान भारत योजना का लाभ 70 वर्ष से ऊपर के सभी बुजुर्गों को देने की गारंटी दी है. हमने गरीबों के लिए तीन करोड़ और पक्के मकान बनाने का संकल्प लिया है. तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने की बात कही है. जब अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, तो हमारी योजनाओं का और विस्तार होगा और ज्यादा लोग लाभार्थी बनेंगे.

प्रश्न- आप लोकतंत्र में विपक्ष को कितना जरूरी मानते हैं और उसकी क्या भूमिका होनी चाहिए?

उत्तर- लोकतंत्र में सकारात्मक विपक्ष बहुत महत्वपूर्ण है. विपक्ष का मजबूत होना लोकतंत्र के मजबूत होने की निशानी है. इसे दुर्भाग्य ही कहेंगे कि पिछले 10 वर्षों में विपक्ष व्यक्तिगत विरोध करते-करते देश का विरोध करने लगा. विपक्ष या सत्ता पक्ष लोकतंत्र के दो पहलू हैं, आज कोई पार्टी सत्ता में है, कभी कोई और रही होगी, लेकिन आज विपक्ष सरकार के विरोध के नाम पर कभी देश की सेना को बदनाम कर रहा है, कभी सेना के प्रमुख को अपशब्द कह रहा है. कभी सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाता है, तो कभी एयरस्ट्राइक पर संदेह जताता है. सेना के सामर्थ्य पर उंगली उठा कर वे देश को कमजोर करना चाहते हैं.

आप देखिए, विपक्ष कैसे पाकिस्तान की भाषा बोलने लगा है. जिस भाषा में वहां के नेता भारत को धमकी देते थे, वही आज कांग्रेस के नेता बोलने लगे हैं. मैं इतना कह सकता हूं कि विपक्ष अपनी इस भूमिका में भी नाकाम हो गया है. वे देश के लोगों का विश्वास नहीं जीत पा रहे, इसलिए देश के खिलाफ बोल रहे हैं.

प्रश्न- झारखंड में बड़े पैमाने पर नोट पकड़े गये, भ्रष्टाचार से इस देश को कैसे मुक्ति मिलेगी?

उत्तर- देखिए, जब कोई सरकार तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के दलदल में फंस जाती है तो इस तरह की चीजें देखने को मिलती हैं. मैं आपको एक आंकड़ा देता हूं. 2014 से पहले, कांग्रेस के 10 साल के शासन में ईडी ने छापे मार कर सिर्फ 35 लाख रुपये बरामद किये थे. पिछले 10 वर्ष में इडी के छापे में 2200 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए हैं. यह अंतर बताता है कि जांच एजेंसियां अब ज्यादा सक्रियता से काम कर रही हैं.

आज देश के करोड़ों लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से सीधे खाते में पैसे भेजे जा रहे हैं. कांग्रेस के एक प्रधानमंत्री ने कहा था कि दिल्ली से भेजे गये 100 पैसे में से लाभार्थी को सिर्फ 15 पैसे मिलते हैं. बीच में 85 पैसे कांग्रेस के भ्रष्टाचार तंत्र की भेंट चढ़ जाते थे. हमने जनधन खाते खोले, उन्हें आधार और मोबाइल नंबर से लिंक किया, इसके द्वारा भ्रष्टाचार पर चोट की. डीबीटी के माध्यम से हमने लाभार्थियों तक 36 लाख करोड़ रुपये पहुंचाये हैं. अगर यह व्यवस्था नहीं होती, तो 30 लाख करोड़ रुपये बिचौलियों की जेब में चले जाते. मैंने संकल्प लिया है कि मैं देश से भ्रष्टाचार को खत्म करके रहूंगा. जो भी भ्रष्टाचारी होगा, उस पर कार्रवाई जरूर होगी. मेरे तीसरे टर्म ये कार्रवाई और तेज होगी.

प्रश्न- विपक्ष सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों- इडी और सीबीआइ के दुरुपयोग का आरोप लगा रहा है. इस पर आपका क्या कहना है?

उत्तर- आपको यूपीए का कार्यकाल याद होगा, तब भ्रष्टाचार और घोटाले की खबरें आती रहती थीं. उस स्थिति से बाहर निकलने के लिए लोगों ने भाजपा को अपना आशीर्वाद दिया, लेकिन आज इंडी गठबंधन में शामिल दलों की जहां सरकार है, वहां यही सिलसिला जारी है. फिर जब जांच एजेंसियां इन पर कार्रवाई करती हैं तो पूरा विपक्ष एकजुट होकर शोर मचाने लगता है. एक घर से अगर करोड़ों रुपये बरामद हुए हैं, तो स्पष्ट है कि वो पैसा भ्रष्टाचार करके जमा किया गया है. इस पर कार्रवाई होने से विपक्ष को दर्द क्यों हो रहा है? क्या विपक्ष अपने लिए छूट चाहता है कि वे चाहे जनता का पैसा लूटते रहें, लेकिन एजेंसियां उन पर कार्रवाई न करें.

मैं विपक्ष और उन लोगों को चुनौती देना चाहता हूं, जो कहते हैं कि सरकार किसी भी एजेंसी का दुरुपयोग कर रही है. एक भी ऐसा केस नहीं हैं जहां पर कोर्ट ने एजेंसियों की कार्रवाई को गलत ठहराया हो. भ्रष्टाचार में फंसे लोगों के लिए जमानत पाना मुश्किल हो रहा है. जो जमानत पर बाहर हैं, उन्हें फिर वापस जाना है. मैं डंके की चोट पर कहता हूं कि एजेंसियों ने सिर्फ भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्यवाही की है.

प्रश्न- विपक्ष हमेशा इवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है, आपकी क्या राय है?

उत्तर- विपक्ष को अब यह स्पष्ट हो चुका है कि उसकी हार तय है. यह भी तय हो चुका है कि जनता ने उन्हें तीसरी बार भी बुरी तरह नकार दिया है. ये लोग इवीएम के मुद्दे पर अभी-अभी सुप्रीम कोर्ट से हार कर आये हैं. ये हारी हुई मानसिकता से चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए पहले से बहाने ढूंढ कर रखा है. इनकी मजबूरी है कि ये हार के लिए शहजादे को दोष नहीं दे सकते. आप इनका पैटर्न देखिए, चुनाव शुरू होने से पहले ये इवीएम पर आरोप लगाते हैं. उससे बात नहीं तो इन्होंने मतदान प्रतिशत के आंकड़ों का मुद्दा उठाना शुरू किया है. जब मतगणना होगी तो गड़बड़ी का आरोप लगायेंगे और जब शपथ ग्रहण होगा, तो कहेंगे कि लोकतंत्र खतरे में है. चुनाव आयोग ने पत्र लिख कर खड़गे जी को जवाब दिया है, उससे इनकी बौखलाहट और बढ़ गयी है. ये लोग चाहे कितना भी शोर मचा लें, चाहे संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठा लें, जनता इनकी बहानेबाजी को समझती है. जनता को पता है कि इसी इवीएम से जीत मिलने पर कैसे उनके नरेटिव बदल जाते हैं. इवीएम पर आरोप को जनता गंभीरता से नहीं लेती.

प्रश्न- आपने आदिवासियों के विकास के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं. आप पहले प्रधानमंत्री हैं, जो भगवान बिरसा की जन्मस्थली उलिहातू भी गये. आदिवासी समाज के विकास को लेकर आपका विजन क्या है?

उत्तर- इस देश का दुर्भाग्य रहा है कि आजादी के बाद छह दशक तक जिन्हें सत्ता मिली, उन लोगों ने सिर्फ एक परिवार को ही देश की हर बात का श्रेय दिया. उनकी चले, तो वे यह भी कह दें कि आजादी की लड़ाई भी अकेले एक परिवार ने ही लड़ी थी. हमारे आदिवासी भाई-बहनों का इस देश की आजादी में, इस देश के समाज निर्माण में जो योगदान रहा, उसे भुला दिया गया. भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को ना याद करना कितना बड़ा पाप है. देश भर में ऐसे कितने ही क्रांतिकारी हैं जिन्हें इस परिवार ने भुला दिया.

जिन आदिवासी इलाकों तक कोई देखने तक नहीं जाता था, हमने वहां तक विकास पहुंचाया है. हम आदिवासी समाज के लिए लगातार काम कर रहे हैं. जनजातियों में भी जो सबसे पिछड़े हैं, उनके लिए विशेष अभियान चला कर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है. इसके लिए सरकार ने 24 हजार करोड़ रुपये की योजना बनायी है.

भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस को भाजपा सरकार ने जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया. एकलव्य विद्यालय से लेकर वन उपज तक, सिकेल सेल एनीमिया उन्मूलन से लेकर जनजातीय गौरव संग्रहालय तक, हर स्तर पर विकास कर रहे हैं. एनडीए के सहयोग से पहली बार एक आदिवासी बेटी देश की राष्ट्रपति बनी है.अगले वर्ष भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती है. भाजपा ने संकल्प लिया है कि 2025 को जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में मनाया जायेगा.

प्रश्न- देश के मुसलमानों और ईसाइयों के मन में भाजपा को लेकर एक अविश्वास का भाव है. इसे कैसे दूर करेंगे?

उत्तर- हमारी सरकार ने पिछले 10 वर्षों में एक काम भी ऐसा नहीं किया है, जिसमें कोई भेदभाव हुआ हो. पीएम आवास का घर मिला है, तो सबको बिना भेदभाव के मिला है. उज्ज्वला का गैस कनेक्शन मिला है, तो सबको मिला है. बिजली पहुंची है, तो सबके घर पहुंची है. नल से जल का कनेक्शन देने की बात आयी, तो बिना जाति, धर्म पूछे हर किसी को दी गयी. हम 100 प्रतिशत सैचुरेशन की बात करते हैं. इसका मतलब है कि सरकार की योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे, हर परिवार तक पहुंचे. यही तो सच्चा सामाजिक न्याय है.

इसके अलावा मुद्रा लोन, जनधन खाते, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, स्टार्ट अप- ये सारे काम सबके लिए हो रहे हैं. हमारी सरकार सबका साथ सबका विकास के विजन पर काम करती है. दूसरी तरफ, जब कांग्रेस को मौका मिला, तो उसने समाज में विभाजन की नीति अपनायी. दशकों तक वोटबैंक की राजनीति करके सत्ता पाती रही, लेकिन अब जनता इनकी सच्चाई समझ चुकी है.

भाजपा को लेकर अल्पसंख्यकों में अविश्वास की बातें कांग्रेसी इकोसिस्टम का गढ़ा हुआ है. कभी कहा गया कि बीजेपी शहरों की पार्टी है. फिर कहा गया कि बीजेपी ऐसी जगहों में नहीं जीत सकती, जहां पर अल्पसंख्यक अधिक हैं. आज नागालैंड सहित नॉर्थ ईस्ट के दूसरे राज्यों में हमारी सरकार है, जहां क्रिश्चियन समुदाय बहुत बड़ा है. गोवा में बार-बार भाजपा को चुना जाता है. ऐसे में अविश्वास की बात कहीं टिकती नहीं.

प्रश्न- झारखंड और बिहार के कई इलाकों में घुसपैठ बढ़ी है, यहां तक कि डेमोग्रेफी भी बदल गयी है. इस पर कैसे अंकुश लगेगा?

उत्तर- झारखंड को एक नयी समस्या का सामना करना पड़ रहा है. जेएमएम सरकार की तुष्टीकरण की नीति से वहां घुसपैठ को जम कर बढ़ावा मिल रहा है. बांग्लादेशी घुसपैठियों की वजह से वहां की आदिवासी संस्कृति को खतरा पैदा हो गया है, कई इलाकों की डेमोग्राफी तेजी से बदल रही है. बिहार के बॉर्डर इलाकों में भी यही समस्या है. झारखंड में आदिवासी समाज की महिलाओं और बेटियों को टारगेट करके लैंड जिहाद किया जा रहा है. आदिवासियों की जमीन पर कब्जे की एक खतरनाक साजिश चल रही है.

ऐसी खबरें मेरे संज्ञान में आयी हैं कि कई आदिवासी बहनें इन घुसपैठियों का शिकार बनी हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है. बच्चियों को जिंदा जलाया जा रहा है. उनकी जघन्य हत्या हो रही है. पीएफआइ सदस्यों ने संताल परगना में आदिवासी बच्चियों से शादी कर हजारों एकड़ जमीन को अपने कब्जे में ले लिया है. आदिवासियों की जमीन की सुरक्षा के लिए, आदिवासी बेटी की रक्षा के लिए, आदिवासी संस्कृति को बनाये रखने के लिए भाजपा प्रतिबद्ध है.

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स्रोत: प्रभात खबर